घटिया निर्माण देखकर नाराज हुए मंत्री हर्ष यादव,बोले अधिकारी से नौकरी खा जायेंगे, ठेकेदार को भी हड़काया

घटिया निर्माण देखकर नाराज हुए मंत्री हर्ष यादव,बोले अधिकारी से  नौकरी खा जायेंगे, ठेकेदार को भी हड़काया
#प्रधानमंत्री सड़क के पुल मरम्मत में हो रही लीपापोती
सागर। सागर  जिले की  देवरीकला तहसील अंतर्गत-प्रधानमंत्री सड़क की पुल मरम्मत कार्य में घटिया निर्माण देखकरप्रदेश सरकार के केबिनेट मंत्री हर्ष यादव का पारा इस कदर चढ़ गया  कि उन्होने निर्माण स्थल पर उपस्थित ठेकेदार को जमकर लताड़ लगाई एवंदूरभाष पर विभागीय अधिकारी को फटकारते हुए ठेकेदार पर कार्रवाई न होने परनौकरी खा जाने की बात कही।
वित्त की कमी से जूझ रही प्रदेश की कमलनाथ सरकार भले ही खर्चो में कटोती करधन के दुरूपयोग को लेकर सख्ती दिखा रही हो परंतु निर्माण ऐजेंसियोंके अधिकारी सरकार की इस मंशा से सरोकार नही रखते। भ्रष्टाचार को लेकर 
कटघरें में पहुची। पिछली सरकार से सबक लेकर वर्तमान सरकार भले की फूंक फूंक
कर कदम रख रही हो परंतु विभागीय अधिकारियों के रवैये में कोई बदलाव नही
दिख रहा है।  भ्रमण के दौरान केसली विकासखण्ड के ग्राम सहजपुरपहुंचे केबिनेट मंत्री हर्ष यादव ने प्रधानमंत्री सड़क योजना की ग्राम सहजपुर से तेंदुडाबर सड़क मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। सड़क पर सहजपुर के समीप चल रहे 35 लाख लागत के पुल मरममत में पुल की अबेटमेंट बाल में नाले की काली मिट्टी भरी जा रही थी जिसमें मुरम भरकर न तो नियमानुसार वाटरिंग की जा रही थी न ही कॉपेक्शन व्यवस्थाकी गई थी। स्थल पर विभागीय यंत्री सहित अमला नदारद था जिसे देखकरमंत्री यादव आगबबूला हो गये। इस संबंध में उन्होने जब मौके पर उपस्थित पेटी
ठेकेदार से पूछताछ की तो उसने गुमराह करने का प्रयास किया जिससे नाराजमंत्री ने उसे जमकर लताड़ लगाई एवं पूछा की निर्माण का स्टीमेट एवं ड्राईंग कहाहै तुम्हे किसने ठेकेदार बना दिया। बाद में दुरभाष पर विभाग के जिम्मेदार अधिकारीको आड़े हाथों लेते हुए मंत्री यादव ने ठेकेदार पर कार्रवाई का निर्देशदिया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इस घटिया निर्माण का पेमेंट किया गयातो तुम्हारी नौकरी खा जाउंगा। मंत्री फटकार के बाद हरकत में आये विभागके सहायक प्रबंधक ए.के.मिश्रा ने कार्य का आनन फानन में निरीक्षण किया एवं
निर्माण में सुधार की बात कही है। बचाव की मुद्रा में दिखे अधिकारी ठेकेदार पर कार्रवायी से कतरा रहे है।

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