जनता की समस्याओं को निपटाने और सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने "जन दरबार

जनता की समस्याओं को निपटाने और सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने "जन दरबार

#,सागर विधानसभा क्षेत्र से काँग्रेस प्रत्याशी रहे नेवी जैन ने किया शुरू "जन दरबार"

सागर। सागर विधान सभा क्षेत्र के काँग्रेस प्रत्याशी नेवी जैन  ने प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी भावनाओ के अनुरूप शुरू किया कार्यक्रम आप की सरकार "जन-दरबार" का आयोजन बी.एस.जैन बगीचा में किया। जिसमे सागर नगर से संबंधित कई सुझाव वा समस्याएं सामने आई । जिसमे इंजीनियर फोरम के पूर्व अध्य्क्ष संजीव चौरसिया द्वारा शहर विकास के मुद्दों पर सुझाव दिये, नगरिको ने संजय ड्राईव मार्ग के निर्माण को शीघ्र पूर्ण करने की बात कही टी.एन.सी.पी.संयुक्त संचालक सागर में सम्भाग मुख्यालय पर उपलब्ध ना होना जिससे आम जन को दिक्कत होती है ।बी.एल .सी. किस्तो का ना मिलना आदि समस्याये आई जिस पर श्री नेवी जैन ने शासन एवं प्रशासन से समस्याओ को हल कराने की बात कही साथ ही यह भी कहा कि पूर्व में 15 बर्षो तक प्रदेश जो भा.जा.पा. की सरकार रही उनकी गलत नीतियों के कारण शहर विकास में दिकत्ते आ रही हैं।लेकिन हम विशवास दिलाते है, प्रदेश के कांग्रेस की कमलनाथ सरकार कटीबध्द है और आगामी समय मे आपको विकसित सागर देखने मिलेगा, शहर विकास में आ रही असुविधायो में आप संयम रखें यह आपका सागर है हम इसे मिलकर सुंदर बनाएंगे|
जन दरबार मे प्रमुख प्रदीप पांडे,मनोज पवार, नरेन्द्र मिश्रा, पवन केशरवानी, संजीव चौरसिया, रोहितजैन, अभिनय यादव , शिवा राठौर, प्रदीप सोनी, रोहित गुप्ता (सिटी मोबाइल), जितेंद्र राठौर, लालू श्रीवास्तव ,आदिल राईन, शुभम कुशवाहा, प्रदीप सोनी, जीवन प्रजापति, शैलेष अकेला,साहित अनेक लोग मोजूद थे।
प्रत्येक शनिवार को लगेगा  जन दरबार
नेवी जैन ने बताया, प्रत्येक शनीवार को जन-दरबार  12 बजे से 4 बजे तक बी.एस.जैन बगीचा में आयोजित किया जाएगा| वही प्रत्येक गुरुवार को वार्ड स्तर पर कैम्प लगकर हम लोगों की समस्याएँ जान्ने वार्डों में जाएँगे।

संस्कृति की परिचायक है मातृभाषा - डॉ चंचला दवे

संस्कृति की परिचायक है मातृभाषा - डॉ चंचला दवे
सागर ।सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोतीनगर सागर में मातृभाषा दिवस पर आययोजित समारोह में  मुख्य अतिथि डॉ चंचला दवे ने कहा कि भारत की समृद्धता संस्कार व अतिथि देवो भव पर राष्ट्र को समर्पित है जिससे भारत का मान विदेशी भूमि पर भी अमिट है। सरस्वती शिशु मंदिर में ही राष्ट्र भाषा हिंदी को प्रमुखता से अपनाया गया है कहा गया है कि संस्कृति की परिचायक है मातृभाषा  जिसे इस संस्थान में संस्कार के साथ प्रमुखता से अपनायी जा रही है 
 कार्यक्रम अध्यक्ष पं. के.के.दुबे विशिष्ट अतिथि  के.कृष्णा राव शिक्षा समिति सदस्य, राधिका प्रसाद गौतम पूर्व प्रांत समन्वयक केशव शिक्षा समिति महाकौशल प्रांत, सुलोचना जैन पूर्व आचार्या थी। अतिथियों द्वारा सर्वप्रथम मां सरस्वती, ओम्, भारत माता के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित किया। बहिन बैष्णवी साहू व उनके साथियों द्वारा वंदना प्रस्तुत की गई । अतिथियों का परिचय राजकुमार ठाकुर प्राचार्य व स्वागत बाबूलाल सेन प्रधानाचार्य ने किया । बहिनों की ओर से स्वागत भाषण मातृभाषा हिंदी में कविता के माध्यम से आपको कभी स्कूल के दिन याद आयेंगे समीक्षा रजक व वसुंधरा वर्मन ने अंग्रेजी में  अपना विचार दिया। डॉ कृष्णा राव ने अपने उद्बोधन में कहा कि भैया बहनों की प्रथम पाठशाला मां रहती है पर विद्यालय में उन्हें व्यक्तित्व सिखाने की कला विकसित की जाती है। कार्यक्रम अध्यक्ष पं.के.के.दुबे ने अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि नौनिहालों को प्रवेश दिलाने में मां की भूमिका अहम है पर विद्यालय में आचार्य अपने आप को जलाकर भैया बहिनों को उसी तरह प्रकाशमय करता है जिस तरह दीपक के नीचे अधंकार रहता है पर सभी जगह दीपक की लौ अपना प्रकाश फैलाती है । शिक्षक ही न्यायालय में न्यायाधीश तो पैरवी करने वकील वहीं देश संचालित करने राजनीतिक तो उनके लिए व्यवस्था बनाए रखने में सहायक अधिकारी को भी कोई अध्यापक बनाने का कार्य संपादित करता है। विशिष्ट अतिथि आशीष द्विवेदी ने अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि यह वह संस्थान है जो अपने नाम में ही प्रर्दशित होता है कि शिशु अर्थात भगवान व शिक्षक अर्थात भगवान मंदिर अपने में ही समाहित है ।बहिन कर्णिका तिवारी व आलिया सैफरीन लाइन ने नृत्य व सौम्या बोहरे , बैष्णवी साहू व उनके साथियों द्वारा गीत प्रस्तुत किया गया। मंच संचालन समीक्षा रजक व वसुंधरा वर्मन ने आभार प्रदर्शन रीना ज्योतिषी ने किया ।प्रधानाचार्य बाबूलाल सेन ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर में दिया जाने वाला शिक्षण व  हमारे समकक्ष विद्यालयों में दिया जाने वाला शिक्षण का तुलनात्मक अध्ययन किया जावे तो यह प्रर्दशित होता है कि शिशु मंदिर में अध्ययनरत विद्यार्थियों को स्वंय अपने विचारों को प्रर्दशित करने का ज्ञान अर्जित अधिक रहता है। प्राचार्य राजकुमार ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिशु मंदिर में राष्ट्र प्रेम की भावना को जागृत करने के साथ साथ संस्कारों को भी आत्मसात कराया जाता है । मीडिया प्रभारी मनोज नेमा ने राष्ट्र प्रेम पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जिस देश जाता में जन्म लिया बलिदान उसी पर ही हो जानें पंक्तियां को याद करते हुए बहिनों को जागृत करने का प्रयास किया व आशीष देते हुए कहा कि हमें देश, समाज व परिवार को सम्मानित करने में सफल होने के लिए आतुर होना पड़ेगा । कार्यक्रम में प्रदीप सूबेदार, मनोज नेमा, प्रदीप नामदेव, मंजू राय, संजय मोघे, अंजू देवलिया, रीना ज्योतिषी, हेमराज सिंह,शंकर क्षीरसागर, संजय चौरसिया, मनीषा चौरसिया, के.के.ठाकुर, महेश तिवारी,कौशल व आचार्य दीदियां उपस्थित थीं ।

अन्वेषण की आगामी प्रस्तुति "कुत्ते" 29 फरवरी को ,रविन्द्र भवन में होगें दो शो

अन्वेषण की आगामी प्रस्तुति "कुत्ते" 29 फरवरी को ,रविन्द्र भवन में होगें दो शो
सागर। अन्वेषण थियेटर ग्रुप अपनी अगली नाट्य प्रस्तुति के रूप में आगामी 29 फरवरी शनिवार को विजय तेंदुलकर लिखित नाटक "कुत्ते" का मंचन करेगा। स्थानीय रविन्द्र भवन में दोपहर तीन बजे एवं शाम सात बजे से दो शो आयोजित होगें। समाज में आये दिन होने वाली बलात्कार की घटनाओं के पीछे निहित विक्षिप्त मानसिकता इस नाटक की मुख्य कथा वस्तु है। नाटक का निर्देशन जगदीश शर्मा ने किया है, वे मंच कलाकारों के साथ लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के कार्य में लगे है। प्रतिदिन रिहर्सल के साथ ही मंच परे की तैयारियाँ भी जोरों पर है। नाटक में मंच पर संतोष दांगी सरस, दीपगंगा साहू, करिश्मा गुप्ता, मनोज सोनी, प्रवीण कैम्या, अतुल श्रीवास्तव, अभिनय करेंगे, एवं मंच पार्श्व की व्यवस्थाओं में सतीश साहू, राजीव जाट, कपिल नाहर, आकाश विश्व कर्मा, रिषभ सैनी, असरार पिंकी, समता झुडेले, राहुल सेन आदि कलाकार शामिल हैं।
नाटक के दोनों शो का मंचन 29 फरवरी को अपने निर्धारित समय पर शुरू होगा। अन्वेषण ग्रुप ने नगर के सभी सुधि दर्शकों से समय पर उपस्थित होने की अपील की है।

खराब रोड के कारण 108 एंबुलेंस में हुआ प्रसव,जच्चा बच्चा दोनो स्वस्थ्य

खराब रोड के कारण 108 एंबुलेंस में हुआ प्रसव,जच्चा बच्चा दोनो स्वस्थ्य

सागर। सड़क खराब होने के कारण अस्पताल पहुचने में देरी लगने के कारण 108 एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराने का मामला सामने आया है। सागर जिले की बांदरी 108 एम्बुलेंस पायलट रामकृष्ण राय ने बताया कि  मोतीनगर थाना अंतर्गत पागारा रोड पर  ईट के भट्टे पर काम कर रही महिला आरती अहिरवाल २४वर्ष निवासी लिंप (जैसीनगर) गर्भवती महिला को पगारा से जिला अस्पताल ले जाना था। तभी रोड खराब और ट्रैफिक होने के कारण
अस्पताल ले पहुंचने में समय लग रहा था।
और गर्भवती महिला की पीड़ा बढ़ती जा रही थी।स्थिति को देखते हुए 108 के डॉक्टर शेख अजहर ने एम्बुलेंस में ही महिला का प्रसव कराया और मां और बच्चे को सुरक्षित जिला अस्पताल में भर्ती कराया। 

प्रो. कांति कुमार जैन को "मान बहादुर सिंह लहक सम्मान" से होंगे संम्मानित

प्रो. कांति कुमार जैन को "मान बहादुर सिंह लहक सम्मान" से होंगे संम्मानित
सागर।कलकत्ता से नियमित प्रकाशित होने वाली मासिक पत्रिका "लहक" द्वारा इस वर्ष का प्रतिष्ठित "मान बहादुर सिंह लहक सम्मान" सागर के वरिष्ठ लेखक एवं संस्मरण लेखन के लिए प्रसिद्ध हिंदी विभाग केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व डीन प्रोफेसर कांति कुमार जैन को दिया जाएगा। यह सम्मान उन्हें सागर में ही उनके निवास पर आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में दिया जाएगा जिसके संयोजक शायर अशोक मिज़ाज बद्र और दुनिया इन दिनों होंगे। अशोक मिज़ाज ने बताया कि इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री हरेराम समीप,दिल्ली करेंगे।मुख्य अतिथि श्री कर्ण सिंह चौहान होंगे।संचालन, सुधीर सक्सेना जी करेंगे। श्री उमाशंकर सिंह परिमार के बीज वक्तव्य के साथ साथ नासिर अहमद सिकंदर,प्रज्ञा रावत,विमलेश,रामगोपाल पारीक,सिद्धार्थ वल्लभ,महेश कटारे, भी वक्तव्य देंगे। यह अतिविशिष्ट कार्यक्रम दिनांक 15 मार्च 2020 को प्रोफेसर कांति कुमार जैन के विद्यापुरम स्थित निवास के पास दोपहर 4 बजे से आयोजित है।लहक के संपादक श्री निर्भय देव्यान्स एवं देश के साहित्यकारों ने  प्रो कान्ति कुमार जैन को बधाई प्रेषित की है।

सहकारी समितियों के उचित मूल्य दुकान विक्रेता लंबित राशि जमा करें,अन्यथा पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज

सहकारी समितियों के उचित मूल्य दुकान विक्रेता लंबित राशि जमा करें,अन्यथा पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज
सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रीति मैथिल नायक के निर्देषानुसार उपायुक्त सहकारिता जिला सागर ने द्वार प्रदाय योजनांतर्गत क्रेडिट पर प्रदायित खाद्यान्न की लंबित राषि की वसूली हेतु वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक, सहकारी निरीक्षक, उप अंकेक्षक जिला सागर को निर्देषित किया है।
उन्होंने जिले के विकासखण्डा सागर, खुरई, मालथौन, बण्डा, जैसीनगर, केसली, शाहगढ़, रहली, बीना, देवरी एवं राहतगढ़ के अंतर्गत जिन जिला सहाकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शाखाओं में खाद्यान्न की लंबित राषि है उनकी वसूली के संबंध में समितियों की उचित मूल्य की दुकानों के विक्रेताओं से द्वार प्रदाय योजना की राषि 7 दिवस में जमा करवाने के निर्देष भी दिए है। साथ ही यदि विक्रेताओं द्वारा राषि जमा नहीं की जाती है, तो उनके विरूद्ध पुलिस में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देष दिए है

डॉ गौर विवि का हुआ है विकास,विरोध दुर्भाग्यपूर्ण पूर्व सांसद यादव,और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुशील तिवारी और मोकलपुर आये मैदान में

डॉ गौर विवि का हुआ है विकास,विरोध दुर्भाग्यपूर्ण 
पूर्व सांसद यादव,और पूर्व छात्रसंघ  अध्यक्ष सुशील तिवारी और मोकलपुर आये मैदान में 
सागर। डॉ हरीसिंह गौर केन्द्रीय विवि सागर में हाल ही में कुलपति के कार्यकाल पर उठे विरोध के स्वरों के बीच भाजपा के तीन बड़े नेता पक्ष में उतरे है । पूर्व सांसद लक्ष्मीनारायण यादव एवं विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. सुषील तिवारी ने एक बयान में  कहा है कि वर्तमान डाॅ. हरीसिंह गौर केन्द्रीय विष्वविद्यालय विगत चार-पांच वर्षों से निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। डाॅ. गौर साहब की जन्मस्थली को नया स्वरूप् और उसके विकास के लिए जो कार्य किया गया है वह किसी से छिपा नहीं है। 
वि बयान का पूर्व मंडी अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह मोकलपुर ने भी समर्थन किया है।
जारी सयुंक्त  बयान के अनुसार विवि  मूलतः अध्ययन, अध्यापन, शोध सेमिनार के आयोजनों से प्रसिद्धि पाता है। इस संबंध में असंख्य शोध पत्रों का न केवल प्रकाषन हुआ बल्कि अधिकांष विभागों में राष्ट्रीय स्तर के शोधपरक व्याख्यान तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर के व्याख्यान भी आयोजित हुए हैं। यह विष्वविद्यालय के शैक्षणिक स्तर को षिक्षा जगत में प्रतिष्ठिापित भी करता है। विष्वविद्यालय के इतिहास में पहले कभी इतने काम नहीं हुए जो विगत चार वर्षों में हुए है। कन्या छात्रावास का निर्माण, विभिन्न विभागों का जीर्णोद्धार 7 नए भवनों का निर्माण, 77 नए पद तथा 600 सींटे बढ़ना, नए पाठ्यक्रमों का जुड़ना, कम्युनिटी काॅलेज में कौषल विकास योजना के अंतर्गत 12 पाठ्यक्रमों का आरंभ होना व डाॅ. गौर फाउन्डेषन की समिति आदि तमाम ऐसे पक्ष हैं जो शैक्षणिक विकास के स्तर को गति प्रदान करता है तथा विष्वविद्यालय के नवनिर्माण में भी नई इबारत लिख रहा है। यह सारा उपक्रम डाॅ. गौर की विरासत को समृद्ध करने में नया अध्याय भी जोड़ रहा है। 
विरोध नही स्वच्छ वातावरण बनाये
बयान में लिखा है कि  आज आवष्यकता इस बात की है कि अपने व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर विष्वविद्यालय में स्वच्छ वातावरण निर्मित करें केवल विरोध के लिए विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह पहला अवसर है जब सागर शहर और विष्वविद्यालय के बीच कुलपति ने समन्वयात्मक दृष्टिकोण अपनाया है अन्यथा पूर्व में विष्वविद्यालय अपना पृथक अस्तित्व बनाये रहता था। आज विष्वविद्यालय और शहर सह-अस्तित्व में जान जाता है। विकास को गतिषील बनाये रखने के लिये कुलपति के सक्षम नेतृत्व से संभव हुआ है।
पूर्व सांसद ने कहा कि डाॅ. गौर ने सागर के पिछड़ेपन, गरीब छात्रों को षिक्षित करने उद्देष्य से विद्या का मंदिर स्थापित किया था। इस विष्वविद्यालय में पीढ़ियों से जो लोग पढ़-लिखकर निकल चुके हैं वह ऋण हम सबके ऊपर भी है। डाॅ. गौर के ऋण को उतारने की तथा सकारात्मक सहयोग की जिम्मेदारी हम सबकी है। जो लोग अनावष्यक और तथ्यहीन विरोध कर रहे हैं वो विष्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहे हैं। मेरा मानना है कि शहर के संभ्रांत बुद्धिजीवी नागरिक स्वयं की आंखों से विष्वविद्यालय के विकास को जाकर देखें और वास्तविकता से परिचित हों। प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवष्यकता नहीं होती
पूर्व सांसद यादव ने कहा कि 1967 से दीक्षांत समारोह आयोजित नहीं हुए वर्तमान में दीक्षांत समारोह का सिलसिला आरंभ होना सुखद अनुभूति कराता है। उक्त विष्वविद्यालय को केन्द्रीय विष्वविद्यालय बनाने में आन्दोलन में सबकी भागीदारी रही है। समूचे देष-दुनिया में आज भी सागर का नाम विष्वविद्यालय के कारण ही जाना जाता है। उपरोक्त बयान के संबंध में पूर्व मंडी अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह मोकुलपुर ने भी समर्थन किया है।

धानुक समाज की उपस्थिति के बगैर कोई कार्य संपन्न नहीं होता: मंत्री हर्ष यादव

धानुक समाज की उपस्थिति के बगैर कोई कार्य संपन्न नहीं होता: मंत्री हर्ष यादव
#बुन्देलखण्ड धानुक समाज संगठन का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न
सागर । धानुक समाज की उपस्थिति के बगैर कोई कार्य संपन्न नहीं होता। उक्त विचार प्रदेष के कुटीर ग्रामोद्योग, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव ने रविन्द्र भवन में आयोजित बुन्देलखण्ड धानुक समाज संगठन का शपथ ग्रहण समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर समाज के नव-नियुक्त कार्यकारिणी को शपथ भी दिलाई गई। नव नियुक्त अध्यक्ष  बृजेश बेन, सचिव  हनी बेलिया,  बेनी प्रसाद धानुक,  महेष जाटव, सहित समाज के माते मुखिया सहित समाज जन मौजूद थे।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि बच्चे का जन्म जब होता है तब मां का स्पर्ष नवजात षिषु को बाद में किन्तु दाई मां का स्पर्ष प्रथम होता है इसलिए इस समाज की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि दाई मां का स्पर्ष भी बच्चे को नया जन्म देता है। उन्होंने कहा कि धानुक समाज की उपस्थिति जन्मकाल से लेकर मृत्युकाल तक होती है। उन्होंने कहा कि यह समाज विवादरहित समाज है और इनको समाज की मुख्यधारा में इनकों जोड़ने का कार्य हमारी सरकार कर रही है।
मंत्री श्री यादव ने सागर में बैण्ड बाजा प्रषिक्षण स्कूल खोलने के सरकार ने प्रयास शुरू कर दिए है और शीघ्र ही मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ इसकी घोषणा करेंगे। उन्होंने समाज की मांग पर पर्याप्त मात्रा में बांस उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। साथ ही समाज के लिए 5 लाख रूपये सामुदायिक भवन बनाने के लिए स्वीकृति प्रदान की। उनहोंने समाज के माते मुखियां को समाज को संगठित कर आगे बढ़ने के लिए कहा। साथ ही नव नियुक्त कार्यकारिणी को मन, वचन और कर्म से अपने दायित्वों को पूर्ण करने के लिए भी कहा। इस के पूर्व सांसद श्री आनंद अहिरवार, श्रीमती रेखा चौधरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समाज के नव नियुक्त श्री बृजेष बेन ने नव गठित कार्यकारिणी के साथ समाज के दायित्व पूर्ण करने की शपथ ली। कार्यक्रम का संचालन श्री सचिन पढ़ोले ने किया।
इस अवसर पर सागर पूर्व सांसद श्री आनंद अहिरवार, श्रीमती रेखा चौधरी, श्री संदीप सबलोक, श्रीमती चंदा बेन, श्री जतिन चौकसे, श्री मुन्ना चौबे आदि मौजूद थे।

लोटा में बम बनाकर रखने वाले आरोपी की जमानत निरस्त

लोटा में बम बनाकर रखने वाले आरोपी की जमानत निरस्त
सागर। न्यायालय- न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री शरद जोषी सागर के न्यायालय ने आरोपी रोहन पिता कलु सिंह लोधी उम्र 52 वर्ष निवासी गंभीरिया मकरोनिया जिला सागर की जमानत के आवेदन को निरस्त करने का आदेष दिया गया।  म.प्र. शासन की ओर से पक्ष सहा. जिला अभियोजन अधिकारी  किरण गुप्त ने रखा।
सहा. जिला अभियोजन अधिकारी सुश्री किरण गुप्त ने बताया कि आरोपी ने फरियादी को नुकसान कारित करने के उद्देष्य से एक पीतल के लोटे में विस्फोटक सामग्री से एक देषी बम्ब बनाया और फरियादी के घर जाकर आरोपी ने फरियादी के साथ गाली गुफ्तार कर मारपीट की और मारपीट के दौरान फरियादी के घर के दरवाजे पर देषी बम्ब फरियादी को हानी पहुचाने के उद्देष्य से रख आया। जिसकी रिपोर्ट फरियादी ने थाना बहेरिया में की थी। फरियादी की रिपोर्ट पर से धारा 294,326,506,286, भादवि एवं धारा 5 विस्फोटक अधिनियम का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। आरोपी को गिरिफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। आरोपी रोहन के अधिवक्ता ने जमानत हेतु धारा 439 दप्रस के आवेदन प्रस्तुत किया और उभय पक्ष को सुना गया।  अभियोजन के महत्वपूर्ण तर्को से सहमत होते हुए और केस डायरी का अवलोकन करने के उपरांत अपराध की गंभीरता व प्रकरण की तथ्य परिस्थितियों के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री शरद जोषी सागर के न्यायालय द्वारा आरोपी रोहन की जमानत निरस्त कर दी गयी।

सागर कमिश्नर आनंद शर्मा होँगे उज्जेन कमिश्नर

सागर कमिश्नर आनंद शर्मा होँगे उज्जेन कमिश्नर

भोपाल । प्रशासनिक तबादले जारी है । आज राज्य शासन आज सागर संभाग के कमिश्नर श्री आनंद शर्मा को उज्जैन का कमिश्नर बनाया है । उज्जैन कमिश्नर अजीत कुमार नरोन्हा प्रशासन अकादमी के संचालक होंगे।

तीन सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन ,उल्दन सिंचाई परियोजना से प्रभावितों का

तीन सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन ,उल्दन सिंचाई परियोजना से प्रभावितों का
सागर। सागर जिले के बन्डा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम उल्दन के पास वृहद सिंचाई परियोजना के तहत बांध का निर्माण किया जा रहा है। जिस कारण प्रभावित क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों ने अपने जीवन यापन एवं भविष्य निर्धारण हेतु अपनी तीन सुत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया ।
इस के बाद किसानों के द्वारा अपनी मांगों को लेकर बहरोल चौराहे पर थाने के बाजु मे शांति पूर्ण रूप से धरने पर बैठ गए वहां पर मौजूद रहे किसानों से बात की तो उन्होंने बताया कि हम लोग अपनी तीन सुत्रीय मांगों को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन कर है एवं उन्होंने बताया कि हम लोग दर दर भटक रहे हैं इन्हीं मांगों को लेकर जहां भी जाते हैं तो वहां पर सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है कि मुआवजे की राशि अच्छी दिलवाएंगे लेकिन अभी तक ना तो किसी अधिकारियों ने ना कोई जनप्रतिनिधियों मुआवजे की राशि नहीं बताई है पहले ही दिन धरना प्रदर्शन में  बहरोल कुल्ल किरौला कोटिया पिपरिया इल्लाई सेमरा नीमोन पड़वार उल्दन  आदि गांवों के पीड़ित किसान उपस्थित रहे।
ये है मांगे
 1 डूब प्रभावित क्षेत्र के अंतर्गत प्रत्येक परिवार के एक व्यक्ति को रोजगार मिले 
2 विस्थापन केवल बन्डा विकासखंड में ही किया जाए जो की शिक्षा चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं से परिपूर्ण हो 
3 मुआवजे की राशि दर्शाई जाए जो की 2013 के अनुसार पांच गुना हो

आईफा का सबसे सस्ता टिकट 7500, सबसे महंगा 2 लाख का; विजक्राफ्ट ने तीन कैटेगरी बनाईं

आईफा का सबसे सस्ता टिकट 7500, सबसे महंगा 2 लाख का; विजक्राफ्ट ने तीन कैटेगरी बनाईं
इंदौर । 28-29 मार्च को इंदौर के डेली कॉलेज में होने जा रहे आईफा अवॉर्ड के लिए आयोजक कंपनी विजक्राफ्ट ने टिकट दरें लगभग फाइनल कर दी हैं। टिकट की तीन कैटेगरी होंगी। सबसे महंगा टिकट वीआईपी क्लास का दो लाख रु. का होगा। गोल्ड क्लास 40 हजार रु., जबकि सिल्वर क्लास का टिकट 7500 रु. में मिलेगा। हालांकि आईफा या विजक्राफ्ट ने इसका आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि दरों पर सहमति बन गई है।
पिछले साल मुंबई आयोजन में सबसे महंगा टिकट 2.15 लाख रु. का था, जबकि सस्ता वाला 10 हजार रुपए में बिका था। इसके आधार पर ही यहां के रेट तय हुए हैं। दर्शकों को इसमें ये राहत रहेगी कि एक ही टिकट से दोनों दिन इंट्री हो सकेगी, पर एक टिकट पर एक ही व्यक्ति का प्रवेश होगा।  मुख्य आयोजन डेली कॉलेज के हनुमंत ओवल क्रिकेट ग्राउंड पर होगा। यहां स्टेज बनेगा,  जिस पर अवॉर्ड नाइट की प्रस्तुतियां होंगी।  
आयोजक डेली कॉलेज की खूबसूरत बिल्डिंग का उपयोग कार्यक्रम को भव्यता देने के लिए करना चाहते हैं, इसलिए स्टेज के बैक ड्रॉप के रूप में उसे दिखाएंगे। इसे खूबसूरत लेजर लाइटों से सजाया जाएगा। हनुमंत ओवल क्रिकेट ग्राउंड के पास वाले फुटबॉल ग्राउंड में ग्रीन रूम, प्रॉप रूम सहित दूसरे अस्थायी निर्माण किए जाएंगे। 
वीआईपी मुख्य द्वार से करेंगे प्रवेश
वीआईपी बैठक चूंकि स्टेज के नज़दीक होगी, इसलिए इनका प्रवेश पुलिस ट्रेनिंग स्कूल वाली सड़क पर बने डेली कॉलेज बिजनेस स्कूल के मुख्य द्वार और सात बंगले वाले हिस्से से होगा। बाकी दर्शक सेंट्रल जेल की ओर बने डेली कॉलेज के ज्ञान द्वार से आएंगे। वीआईपी पार्किंग के लिए पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के मैदान का उपयोग किया जा सकता है। बाकी दर्शकों के वाहन नेहरू स्टेडियम, उसके आसपास के खाली मैदान, जमीनों पर पार्क होंगे। इन सभी तैयारियों में जरूरत के हिसाब से बदलाव भी होंगे।
ओपन बस में घूमेंगे सितारे
आयोजन की सारी चमक-धमक आयोजन स्थल के भीतर तक सीमित रहेगी। ऐसे में आईफा अवॉर्ड को शहर की जनता से जोड़ने के लिए आयोजकों ने एक रोड शो या रैली निकालने की योजना बनाई है। सूत्रों के मुताबिक अवॉर्ड फंक्शन में आने वाले नामी सितारे ओपन लग्जरी बस में सवार होकर शहर का भ्रमण करेंगे। ये भ्रमण संभवत: डेली कॉलेज से राजबाड़ा के बीच होगा।

राष्ट्र उन्नयन के लिए मातृभाषा जरुरी: डाॅ. वेदप्रकाश दुबे

राष्ट्र उन्नयन के लिए मातृभाषा जरुरी: डाॅ. वेदप्रकाश दुबे
सागर। राष्ट्र के चहुमुखी विकास के लिए मातृभाषा एक माध्यम के रूप में बेहद जरुरी है। षिक्षा के सभी माध्यमों में मातृभाषा का स्थान सर्वाेपरि है। प्रत्येक भारतीय को मातृभाषा के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं को सीखने का प्रयास करना चाहिए। मातृभाषाओं के सम्मान से सामासिक संस्कृति का निर्माण होता है, जो राष्ट्र के निर्माण के लिए अत्यन्त आवष्यक है। यह बात गृह मंत्रालय, भारत सरकार के राजभाषा विभाग के पूर्व निदेषक डाॅ. वेदप्रकाश दुबे ने कही। डाॅ. दुबे ने मातृभाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए विभिन्न भारतीय भाषाओं की शब्द परम्परा और शब्द शक्तियों को नये रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी से इस अवसर पर अपनी मातृभाषा के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं के प्रति रूचि जागृति करने पर बल दिया। भारतीय संस्कृति और विभिन्न भारतीय भाषाओं की चर्चा करते हुए डाॅ. दुबे ने शब्द ब्रह्म और ब्रह्माण्ड की शक्तियों को निर्देषित करने की भारतीय भाषा परम्परा को याद दिलाया। 
कार्यक्रम में प्रभारी कुलपति प्रो. जनक दुलारी आही एवं कुलसचिव कर्नल राकेष माहेन जोशी ने भी मातृभाषा के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम की समन्वयक प्रो. चन्दा बैन ने मातृभाषा दिवस के अवसर पर अतिथियों और सभागार में उपस्थित छात्रों और विद्वानों का स्वागत करते हुए कहा कि मातृभाषा में ही हमारा जीवन और उसके सुख-दुःख की अभिव्यक्ति सहजता से हम कर पाते हैं।  
मातृभाषा दिवस के अवसर पर हिन्दी विभाग, डाॅ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में 20 फरवरी, 2020 को आयोजित निबन्ध एवं भाषण प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सान्त्वना पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थियों को प्रभारी कुलपति प्रो. जे.डी. आही, कुलसचिव कर्नल राकेश मोहन जोशी तथा विषिष्ट वक्ता डाॅ. वेदप्रकाष दुबे ने प्रमाण पत्र एवं विजयी ट्राफी प्रदान की। प्रतियोगिताओं में विजयी रहने वाले विद्यार्थी क्रमष निबन्ध प्रतियोगिता में प्रथम धीरज कुमार पटेल, द्वितीय- प्रसन्न विष्वकर्मा, तृतीय- जागृति तिवारी। इसी प्रकार भाषण प्रतियोगिता में क्रमषः विकास कुमार को प्रथम, दीक्षा कुषवाहा को द्वितीय और मनीष सोनी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा।  
पुस्तक का विमोचन
इस अवसर पर विष्वविद्यालय हिन्दी प्रकोष्ठ की पत्रिका 'भाषा भारती' और डाॅ. हरीसिंह गौर विष्वविद्यालय पाठ्यक्रम पर आधारित 'आधुनिक भारतीय भाषा हिन्दी' की पाठ्य पुस्तक का विमोचन किया गया। 
इस कार्यक्रम में विष्वविद्यालय में कार्यरत विभिन्न भारतीय भाषा-भाषी षिक्षकों ने अपनी मातृभाषा में मातृभाषा को रोचक रूप में प्रस्तुत किया, जिनमें डाॅ. बुद्ध सिंह ने पंजाबी, डाॅ. चिटटी बाबू ने तेलगू, डाॅ.शिव शंकर  जैना ने उड़िया भाषा में अपने विचार रखे। 'मातृभाषा दिवस' के अवसर के अवसर पर विषेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। हिन्दी विभाग के तत्त्वावधान में  आयोजित इस व्याख्यान का विषय था 'षैक्षिक उन्नयन में मातृभाषा की भूमिका'। 

ये रहे उपस्थित
आयोजित कार्यक्रम में शहर के गणमान्य अतिथियों के साथ विष्वविद्यालय के वभिन्न संकायों के षिक्षक तथा स्नातक एवं स्नातकोत्तर के छात्र के साथ बड़ी संख्या में शोधार्थी उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से प्रो. सुरेश आचार्य, प्रो. उदयचन्द जैन, प्रो. डी.के. नेमा, प्रो. जी.एल. पुणताम्बेकर, प्रो. ए.एन. शर्मा, प्रो. वाई.एस. ठाकुर, प्रो. अषोक अहिरवार, प्रो. राजेष गौतम, डाॅ. रितु यादव, डाॅ. विवेकानंद उपाध्याय, डाॅ. विवेक जायसवाल, प्रो. कन्हैया त्रिपाठी, डाॅ. संजय कुमार, डाॅ. आर.पी. सिंह, डाॅ. अरविन्द गौतम, डाॅ. बबलू राय, डाॅ. लक्ष्मी पाण्डेय, डाॅ. सुजाता मिश्रा, डाॅ. अवधेष कुमार, प्रदीप कुमार सौंर, कपिल कुमार गौतम, संजय कुमार, विकास कुमार पाठक, जुगुल किषोर, नताषा इन्दुस्काया, राखी वर्मा, साधना यादव, ज्योति गिरि, आकांक्षा जैन सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। 
कार्यक्रम का संचालन डाॅ. आषुतोष कुमार मिश्र ने किया तथा आभार डाॅ. राजेन्द्र यादव ने माना।

नसबन्दी का विवादित आदेश वापिस, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक का तबादला

नसबन्दी का विवादित आदेश वापिस, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक का तबादला

भोपाल । कमलनाथ सरकार ने नसबन्दी को लेकर दिया गया विवादित आदेश को वापस ले लिया है । जनसम्पर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि हम सर्कुलर को वापस ले रहे हैं. वहीं, स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट  ने कहा कि राज्य सरकार ने आदेश वापस ले लिया है. हम किसी को बाध्य नहीं करेंगे और हम आदेश का अध्ययन करेंगे। आदेश जारी करनेवाली राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन संचालक छवि भारद्वाज का तबादला कर दिया गया है। उनको सचिवालय  में ओएसडी बनाया दिया गया। भारद्वाज ने अपने आदेश में कहा था कि कर्मचारियों कोटारगेट पूरा नहीं करने पर नो-वर्क, नो-पे के आधार पर वेतन नहीं दिया जाएगा। इतना ही नहीं कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी। पूर्वमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेससरकार के इस आदेश की तुलना इमरजेंसी के दौरानसंजय गांधी के नसबंदी अभियान से की थी।आज दिनभर मीडिया खासकर सोसल मीडिया पर जमकर चर्चा रही। 
विवादित आदेश 
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मध्य प्रदेश मिशन संचालक छवि भारद्वाज की ओर से जारी आदेश को राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, जिला अधिकारियों, सीएमओ और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों को भेजा गया था. साल 2019-20 में पुरुष नसबंदी की असंतोषजनक जाहिर करते हुए छवि भारद्वाज ने आदेश में पुरुष नसबंदी की गंभीरता से समीक्षा करने की अपील की थी.
उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन के अभियान के तहत हर साल प्रदेश के जिलों को कुल आबादी के 0.6% नसबंदी ऑपरेशन का टारगेट दिया जाता है। इंदौर में यह टारगेट 22 हजार ऑपरेशन का है। कुछ जिले इसे हासिल कर भी लेते हैं, लेकिन इनमें पुरुषों की सहभागिता बहुत कम है। हाल ही में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक छवि भारद्धाज ने इस पर नाराजगी जताते हुए सभी कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को पत्र लिखा।
इस आदेश पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'मध्यप्रदेश में अघोषित आपातकाल है। क्या ये कांग्रेस का इमरजेंसी पार्ट-2 है? एमपीएचडब्ल्यू के प्रयास में कमी हो, तो सरकार कार्रवाई करे, लेकिन लक्ष्य पूरे नहीं होने पर वेतन रोकना और सेवानिवृत्त करने का निर्णय, तानाशाही है.'वहीं, कमलनाथ सरकार के इस आदेश पर बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के फैसले के इमरजेंसी की याद दिलाती है. कांग्रेस आज इसे इमरजेंसी की बात करते हैं, जबकि उनके राज्य में इमरजेंसी लगी है. मध्यप्रदेश के मंत्री अगर उनका बचाव करते है तो उनके पास इनका अनुभव है.
इसमें भारद्वाज ने कहा- प्रदेश में मात्र 0.5% पुरुष नसबंदी के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अब ‌विभाग के पुरुषकर्मियों को जागरूकता अभियान के तहत परिवार नियोजन का टारगेट दिया जाए। इस पत्र के बाद इंदौर सीएमएचओ कार्यालय ने पत्र जारी कर कर्मचारियों से कहा कि अगर टारगेट के तहत काम नहीं किया तो अनिवार्य सेवानिवृत्ति के प्रस्ताव भेजेंगे। अफसरों के मुताबिक, प्रदेश की आबादी 7 करोड़ से अधिक है, हर साल 6 से 7 लाख नसबंदी ऑपरेशन के टारगेट होते हैं, पर पिछले साल ये संख्या सिर्फ 2514 रही।
स्वास्थ्य कर्मचारीयो का विरोध
सरकार के आदेश के बाद एमपीडब्ल्यू और पुरुष सुपरवाइजरों ने विरोध शुरू कर दिया था। उनका कहना है कि वे जिले में घर-घर जागरूकता अभियान तो चला सकते हैं, लेकिन किसी का जबरदस्ती नसबंदी ऑपरेशन नहीं करवा सकते। वहीं,भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा- नसबंदी के मामले में ऐसा लग रहा है कि मप्र में आपातकाल लगा हो और संजय गांधी की चौकड़ी अपने नियम बनाकर शासन चलाने का प्रयास कर रही हो। हालांकि, कांग्रेस प्रवक्ता सैय्यद जाफर का कहना था किआदेश का मकसद सिर्फ नसबंदी के लक्ष्य को पूरा करना है। वेतन वृद्धि रोकना या नौकरी से निकाल देना मकसद नहीं है।

महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में विशेष पूजा, शुक्रवार से 44 घंटे तक खुले रहेंगे महाकाल के पट

महाशिवरात्रि  पर महाकाल मंदिर में  विशेष पूजा, शुक्रवार से 44 घंटे तक खुले रहेंगे महाकाल के पट
उज्जैन. महाकालेश्वर मंदिर में 21 व 22 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व मनेगा। इस दौरान 44 घंटे मंदिर के पट खुले रहेंगे। श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान गर्भगृह में पुजारियों का ही प्रवेश रहेगा। कोई भी श्रद्धालु, वीआईपी गर्भगृह में प्रवेश नहीं करेगा।
मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं को सुलभ दर्शन के लिए गर्भगृह में किसी का भी प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है, ताकि कतारों से आ रहे श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी तरह का व्यवधान न हो। मंदिर समिति सदस्य पं. आशीष पुजारी के अनुसार मंदिर में 20 फरवरी को भगवान का नियमित पूजन व आरती होगी। यानी तड़के 4 बजे भस्म आरती, सुबह 7 बजे, 10.30 बजे और शाम 7.30 बजे और रात 10.30 बजे आरती के बाद पट बंद होंगे। 21 फरवरी को भस्म आरती के लिए तड़के 2.30 बजे पट खुलेंगे। भस्म आरती के बाद सुबह 7 बजे, 10.30 बजे आरती होगी। भगवान का केवल चंदन शृंगार होगा। दोपहर 12 बजे शासन की ओर से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। शाम 4 बजे सिंधिया और होल्कर घराने की ओर से अभिषेक पूजन होगा, शाम 7.30 बजे आरती होगी। इस रात शयन आरती नहीं होगी। मंदिर के पट खुले रहेंगे।
रात 11 बजे से महाशिवरात्रि महापूजन होगा, जो 22 फरवरी को तड़के तक चलेगा। 22 को सुबह 6 बजे से सेहरा दर्शन होंगे। सुबह 7.30 बजे आरती होगी। 11 बजे सेहरा उतरेगा तथा दोपहर 12 बजे भस्म आरती की जाएगी। दोपहर 2 बजे भगवान की भोग आरती होगी। शाम 7.30 बजे सांध्य आरती और रात 10.30 बजे से शयन आरती के बाद मंदिर के पट बंद होंगे।

धार्मिक प्रतीकों से रंगा भूतेश्वर मंदिर परिसर,हम हैं इंसान टीम लगी भोले की बारात की तैयारियों में

धार्मिक प्रतीकों से रंगा भूतेश्वर मंदिर परिसर,हम हैं इंसान टीम लगी भोले की बारात की तैयारियों में
सागर।जाग्रत युवाओं के संगठन "हम है इंसान ग्रुप के सदस्यों  द्वारा महाशिवरात्रि पर्व की पूर्व संध्या पर नगर के प्राचीन  मंदिर श्री देव भूतेश्वर महादेव मंदिर में स्वच्छ्ता ओर सुंदरता अभियान चलाया गया , जिसमे ग्रुप के सदस्यों ने पहले मंदिर परिसर की साफ सफाई की उसके बाद  मंदिर परिसर की दीवारों पर सनातन संस्कृति से ओतप्रोत भगवान शिवजी की आकृतियों ओर मुद्राओ को उकेरा ।गौरतलब है की कल होने बाले शिवरात्रि मैले में भूतेश्वर मंदिर परिसर में नगर के सैकड़ो  श्रद्धालू दर्शन हेतु आते है , जिसमे ग्रुप के युवाओं द्वारा बनाई गयी सुंदर कलाकृतिया मंदिर परिसर में और मैले में आने वाले समस्त श्रद्धालुओं के लिए आकर्षक का केंद्र रहेगी , ग्रुप के सदस्य ने बताया की हम है इंसान ग्रुप द्वारा लगभग 5 महीनों से निरन्तर  नगर के उपेक्षित स्थानों को सँवारा जा रहा है और ग्रुप का स्वच्छ्ता और सुंदरता अभियान इसी तरह सतत जारी रहेगा। ग्रुप ने सभी शहर वासियों से अपील की है कि मंदिरों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे और अपने शहर को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दे।

गिरिजा दहार: बुन्देलखण्ड का अद्भुत जलकुंड जहा सिर्फ डूबती है पवित्र बेलपत्र

गिरिजा दहार: बुन्देलखण्ड का अद्भुत जलकुंड जहा सिर्फ डूबती है पवित्र बेलपत्र
#भगवान शंकर के धाम में एक ऐसा चमत्कारी कुंड जहाँ शिव की शक्ति से वेल पत्र अपने आप खिंचे चले आते है

सागर। पानी के ऊपर हर तरह के पत्तो को तैरते हुए देखा है पर एक कुंड ऐसा भी है ।जहाँ वेल पत्र डूब जाते है।पत्तो की पहचान करने वाले इस कुंड में ऐसी क्या खास बात है जो बाकी सभी कुंडों से इसको अलग करती है।और क्यों इसमें एक खास तरह का ही पत्ता डूबता है बाकी तमाम तरह के पत्ते सतह पर ही तैरते रहते है।शिव को प्रिय वेलपत्र डूबने के पीछे क्या शिवमहिमा है या कोई वैज्ञानिक कारण।आईये हम देखते है कि आखिर इसके पीछे क्या राज छुपा है आखिर क्यों ये चमत्कार यहाँ होता है।

एमपी के बुन्देलखण्ड अंचल के सम्भागीय मुख्यालय सागर  लाखा बंजारा झील और डॉ हरिसिंह गौर के नाम से पहचाना जाता है। सागर से चालीस किलोमीटर दूर राहतगढ़ विदिशा मार्ग पर और राहतगढ़ से 8 किलोमीटर दूर घने जंगल के बीच मे मिलता है गिरजादहार।
गिरिजा दहार जहा तैर नही पाती बेलपत्री
राहतगढ़ के पास से निकली बीना नदी के बीचो बीच एक कुंड मिलता है वो कुंड जो शिव के प्रिय बेल पत्र को तैरने नही देता और बाकी सामान्य पत्तो को डूबने नही देता।गिरजादहार के बारे में कहा जाता है और लोगो की ऐसी मान्यता भी है कि इस कुंड में भगवान शिव बिराजमान है मतलब कई वर्षों पहले यहाँ शिव लिंग था ।लेकिन आपदा विपदा के कारण ये स्थान पानी से डूब गया । इसी वजह से बेलपत्र यहाँ शिवजी को अर्पित किए जाते है और इसी वजह से नदी के खास स्थान पर बेलपत्र डालने पर डूब जाते है और यही एक बात जो बाकी कुंड से गिरजादहार को अलग करती है।बताया ये भी जाता है कि माता पार्वती ने शिव को पति रूप में पाने साधना की थी। जिसके बाद भगवान शिव ने यहाँ माता पार्वती को दर्शन दिए और यह स्थान सिद्ध हो गया। यही कारण है कि जो भी बिल्व पत्र चढ़ाए जाते हैं वह कुंड की गहराई में बने मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती को अर्पित हो जाता है। एक और बड़ी विशेषता है कि बीना नदी पश्चिम की ओर बह रही है लेकिन नदी किनारे लगे हुए वृक्ष की शाखाएं विपरीत दिशा पूरब की ओर है लोग बताते हैं कि कितनी पानी आए लेकिन इस कुंड का परिक्रमा लगाकर ही वह जल आगे जाता है इसीलिए यह शाखाएं जिस ओर से पानी आता है उस ओर ही मुड़ी हुई है। यहाँ पास ही में बने शिव पार्वती मंदिर के गिरजादहार के कुंड की शक्ति उस शिवलिंग में छुपी है जो कि 300 फ़ीट नीचे जमीन में बना हुआ है वह शक्ति बेलपत्र को तो स्वीकार कर लेती है लेकिन बाकी पत्तियों को पानी के नीचे नही जाने देती।दूर दूर से कई लोग यहाँ इस सिद्ध स्थान पर आते है और पुण्य लाभ कमाते है। 
बताते है कि यहां एक संत पुरुष भी आराधना किया करते थे। अक्सर इस कुंड में घण्टो अंदर लीन होकर शिवभक्ति किया करते थे । पर्यटन जैसा केंद्र यह बनगया है।

महाशिवरात्रि पर उमड़ेगी भीड़ श्रद्धालुयों की
महाशिवरात्रि पर यहां मेला भरता है। आसपास के क्षेत्रो और दूरदराज से श्रद्धालु यहां आते है। यह एक पर्यटन धार्मिक स्थल बन गया है । इस बीना नदी पर कुंड के पास ही डेम का काम लगा हुआ है। इस कुंड के चारो तरफ बेलपत्री डालने वालो कि कमी सामान्य दिनों में भी खूब रहती है। यहां बेलपत्री का पेड़ लगा हुआ है।  

महाशिवरात्रि :दुर्लभ मणिकांचन योग, जानें क्या है शिव आराधना का मुहूर्त, क्या करे उपाय

महाशिवरात्रि :दुर्लभ मणिकांचन योग, जानें क्या है शिव आराधना का मुहूर्त, क्या करे उपाय

भगवान शिव की आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि 21 फरवरी दिन शुक्रवार को है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को ही महाशिवरात्रि के नाम से जाना जाता है। हालांकि प्रत्येक मास की चतुर्दशी तिथि को मासिक ​शिवरात्रि मनाई जाती है। इस वर्ष महा​शिवरात्रि के दिन अद्भुत संयोग बन रहा है, ​जो भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना के लिए बहुत ही उत्तम है। आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन पूजा का मुहूर्त 
महाशिवरात्रि मुहूर्त फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 21 फरवरी दिन शुक्रवार को शाम 05 बजकर 20 मिनट से हो रहा है, जो 22 फरवरी दिन शनिवार को शाम 07 बजकर 02 मिनट तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, महाशिवरात्रि व्रत अर्धरात्रिव्यापिनी चतुर्दशी तिथि में ही करना चाहिए, इसलिए इस वर्ष महाशिवरात्रि 21 फरवरी को मनाई जाएगी। आप सभी को व्रत 21 को ही रखना चाहिए।
निशिता काल पूजा समय
निशिता काल का अ​र्थ है कि वह समय जब भगवान शिव लिंग स्वरुप में पृथ्वी पर अवतरित हुए थे। इस समय में भी आप भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं। 21 फरवरी की देर रात्रि 12 बजकर 9 मिनट से देर रात 01 बजे तक।
महाशिवरात्रि पारण समय
महाशिवरात्रि का व्रत रखने वाले लोगों को 22 फरवरी दिन शनिवार को पारण के साथ व्रत खोलना चाहिए। महाशिवरात्रि व्रत के पारण का समय 22 फरवरी को सुबह 06 बजकर 54 मिनट से दोपहर 03 बजकर 25 मिनट तक है। आप 06 बजकर 54 मिनट के बाद कभी भी पारण कर सकते हैं।
बन रहा है अद्भुत मणिकांचन योग
ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट के अनुसार, इस बार महाशिवरात्रि पर मणिकांचन योग बना है। इस बार श्रवण नक्षत्र, शुक्रवार दिन और सायंकाल में चतुदर्शी के संयोग से मणिकांचन योग बन रहा है। जब भगवान शिव का माता पार्वती से विवाह हुआ था तो उस दिन भी श्रवण नक्षत्र, शुक्रवार दिन और सायंकाल में चतुदर्शी का संयोग बना था। कई वर्षों के बाद ऐसा संयोग आया है कि महाशिवरात्रि पर यह अद्भुत मणिकांचन योग बना है।

इस बार महाशिवरात्रि पर अद्भुत संयोग बन रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बना हुआ है। सर्वार्थ सिद्धि योग 21 फरवरी को सुबह 09 बजकर 14 मिनट से बन रहा है, जो 22 फरवरी को सुबह 06 बजकर 54 मिनट तक है। वहीं, ज्योतिष के अनुसार, इस बार शिवरात्रि पर शुक्र अपनी उच्च रा​शि मीन में होगा और शनि मकर में। यह एक दुर्लभ योग है, जिसमें भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा उत्तम मानी गई है

महाशिवरात्रि में जरूर करें ये उपाय, धन-संपत्ति में होगी वृद्धि और बढ़ेगा
महाशिवरात्रि का पर्व 21 फरवरी को है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, तीनों लोकों के मालिक भगवान शिव का सबसे बड़ा त्योहार महाशिवरात्रि है। कहते हैं महाशिवरात्रि ऐसा दिन होता है जब भगवान शंकर पृथ्वी पर उनके जितने शिवलिंग हैं उन सभी में विराजमान रहते हैं।इस दिन भक्त भगवान शिव को प्रसन्न कर ले तो उसकी सारी मनोकामना पूरी हो जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि महादेव तो औढरदानी हैं बड़ी ही आसानी से खुश होकर भक्तों का निहाल कर देते हैं, ऐसे में अगर महाशिवरात्रि का संयोग हो तब तो शिव जी को खुश करना और भी सरल हो जाता है। 
अगर आपके जीवन में धन संबंधी परेशानी चल रही है या स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए चिंतित हैं तो महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर भगवान शिव को प्रसन्न करके उनसे धन और आयु वृद्घि का आशीर्वाद दिलाने वाले इन पांच उपायों को आजमा सकते हैं।
शिव जी की कृपा पाने के लिए करें यह काम
शास्त्रों में दिन को चार में बांटा गया है। महाशिवरात्रि का हर प्रहर खास होता है। शिवपुराण में महाशिवरात्रि के दिन शिव जी की चार प्रहर पूजा करने का बड़ा महत्व बताया गया है। इस दिन सुबह, दोपहर, शाम और रात इन चारों प्रहर में रुद्राष्टाध्यायी पाठ के साथ भगवान शिव का अलग-अलग पदार्थों जैसे दूध, गंगाजल, शहद, दही या घी से अभिषेक करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। अगर आप रुद्राष्टाध्यायी का पाठ नहीं कर पाते हैं तब शिव षडक्षरी मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का जप करते हुए भी शिव जी का अभिषेक कर सकते है।
महाशिवरात्रि के दिन धारण करें यह रुद्राक्ष
प्रकृति में मुख के आधार पर कई प्रकार रुद्राक्ष पाए जाते हैं। धन एवं स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जो लोग गुजर रहे हैं उन्हें 6मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग से स्पर्श करवाकर इस रुद्राक्ष को धारण करने से इसका प्रभाव जल्दी दिखने लगता है। छह मुखी रुद्राक्ष को कुमार कार्तिक का स्वरुप माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह शुक्र से प्रभावित होता है। शुक्र सुख और वैभव के दाता हैं और महामृत्युंजय मंत्र के ज्ञाता। इसलिए इस रुद्राक्ष को धारण करने से धन और स्वास्थ्य दोनों पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है।


अपराधों के निवारण हेतु साक्ष्यों से अपराध की घटना तय होना चाहिये न कि घटना से साक्ष्य :आईपीएस वी के एस कौमुदी

अपराधों के निवारण हेतु साक्ष्यों से अपराध की घटना तय होना चाहिये न कि घटना से साक्ष्य  :आईपीएस वी के एस कौमुदी

सागर। भारतीय अपराधशास्त्र समाज के 42 राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के अवसर पर  वही एसके कौमुदी (आई.पो. एस.) डायरेक्टर जनरल, पुलिस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट, गृह मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली ने कहाहै 
कि अपराधशास्त्र का ज्ञान वर्तमान की अपराधिक घटनाओं के नियत्रण एवं निवारण हेतु नितात आवश्यक है। वर्तमान पुलिस बल को विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ अपराध विज्ञान का सैद्धान्तिक एवं व्यवाहारिक ज्ञान होना आवश्यक है। आधुनिक समय में अपराधी अपराधों के नवीन तरीके जैसे-साइबर काइम अर्थिक अपराध जाली मुद्रा तस्करी अनैतिक व्यापार मादक द्रव्य व्यापार जैसे- अपराधों को अपना रहे है जिससे अपराधों की दरों में लगातार वृद्धि हो रही है। जो पुलिस बल के लिए चुनौतीपूर्ण है।
उ होने  बताया की अपराध के निवारण हेतु साक्ष्यों से अपराध घटना का स्वरूप तय होना चाहियें न कि घटना से साक्ष्य तात्पर्य पुलिस बल को साक्ष्यो के आधार पर घटना का स्वरूप तय कर मामले के निस्तारणहेतु सबंधित न्यायलय में प्रस्तुत करना चाहिये। भारतीय अपराधशास्त्र समाज मद्रास को भविष्य में लगातार अनुदान देने हेतु अपनी वचन बद्धता प्रस्तुत की।
कल्याण के लिए अपराध शास्त्र का ज्ञान :कुलपति 
डॉ हरीसिंग गौर विश्वविद्यालय के कुलपति  प्रो. आर पी. तिवारी ने  कहा कि अपराधशास्त्र का ज्ञान सावभामिक कल्याण के लिए है इस विषय का ज्ञान विभिन्न विषयो का संगम है और यह व्यवाहारिक विज्ञान होने के कारण दैनिक व्यवहार में होने वाली घटनाओं का ज्ञान एवं विशलेषण कराता है। कुलपति  ने कहा कि मैं भूगर्भ एवं पुरापाषण का अध्येता हूँ परन्तु अपराध विज्ञान अपराधिक घटनाओं के साथ-साथ विधि अधिनियमो एवं समाजिक मूल्यों एवं आदर्शों का ज्ञान भी कराता है। इस विषय में शासकीय एवं अशासकीय सेवाओं में जाने के अवसरो में लगातार वृद्धि हो रही है। आवश्यकता है कि विद्यार्थी समर्पित भाव से वस्तुनिष्ठ विषयगत अध्ययन करें एवं अपने लक्ष्यो का प्राप्त करें।
ट्रान्जेशनल क्रिमिनोलॉजी का समय :अरविंद तिवारी
इण्यिन सोसायटी ऑफ क्रिमिनोलॉजी, मद्रास अध्यक्ष प्रो. अरविन्द तिवारी डीन स्कूल
ऑफ ला, राइड्स एण्ड गर्वेनेन्स, टाटा इस्टीट्यूट ऑफ सोसल साइंज गुम्बई ने इस अवसर
पर विगत 50 वर्षों से संचालित हो रहे भारतीय अपराधशास्त्र समाज, मद्रास का परिचय एवं
गतिविधियों से अवगत कराया एवं बताया कि वर्तमान समय में "ट्रान्जेशनल क्रिमिनोलॉजी का
समय आ गया है इससे आशय है कि वर्तमान अपराधिक न्याय व्यवस्था, अपराधशास्त्र के
ज्ञान को व्यवाहरिक रूप में अपनाकर अपराधों का निवारण एवं नियत्रण करें।
अवार्डों की घोषणा
उदघाटन सत्र में आई एस.सी. के चैयरमेन प्रो. पी माधवा सोमा सुन्दरम, मनोमेनियम
सुन्दरनार युनिवर्सिटि त्रिनोलवेली तमिलनाडू ने अपराधशास्त्र के क्षेत्र में दिये जाने वाले अवार्ड
की घोषणा की ।जिसमे उड़िसा विवि  के वाइस चान्सलर प्रो. के.डी. राव को अपराधशास्त्र
का सर्वश्रेष्ठ पुरूस्कार कुमाराप्पा रैकलेस अवार्ड प्रदान किया गया। आई.एस.सी. फेलोशिप
अवार्ड की घोषणा सयुक्त रूप से की गई जिसमें प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत, अध्यक्षसमाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग सागर विश्वविद्यालय, डॉ. नन्दनी रानी चिन्मा यूनिवर्सिटी 
वेलागबी कर्नाटक एण्ड डॉ.एम.डी. एलेन सेलवाकुमार मद्रास यूनिवर्सिटि, डॉ. स्वीकार लाम पुलिस युनिवर्सिटि जोधपुर को प्रदान किया गया।
उदघाटन सत्र में उपस्थित प्रो. आर.पी.मिश्रा, डीन स्कूल ऑफ एप्लाइड साइसेंस रागर
विश्वविद्यालय द्वारा पुरूस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये एवं कार्यक्रम में उपस्थित
मंचासीन अतिथियों का शाल श्रीफल एवं गोर प्रतिमा भेट कर सम्मानित किया गया। कर्नल
राकेश मोहन जोशी, कुलराचिव सागर विश्वविद्यालय द्वारा उदघाटन सत्र में उपस्थित
देश-विदेश से पधारे हुए विषय विशेषज्ञों का अभार ज्ञापित किया गया।
सामान्य सत्र में विषय विशेषज्ञ के  व्याख्यान 
उदघाटन सत्र के पश्चात् सामान्य  सत्र के दौरान अमेरिका से पधारे हुए प्रो. एन.प्रभा. उन्नीधान, कोलाराडो स्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका द्वारा अर्तराष्ट्रीय अपराधशास्त्र जनरल मेंशोध पत्रो का प्रकाशन कैसे किया जाये इस विषय पर अपना विषय विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने  बताया कि विद्यार्थियों को विषय ज्ञान तकनीकी ज्ञान एवं शोध विधियों काउपयोग करते हुए अपने मौलिक शोध को प्रकाशन हेतु प्रेषित करना चाहिये। 
इस सत्र में चैयरमेन प्रो. बलराज चौहान वाइस चान्सलर धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटि जबलपुर एव कोचेयर डॉ. विवेक मेहता, अपराधशास्त्र एवं न्यायिक विज्ञान विभाग, डॉ. हरीसिंह गौरविश्वविद्यालय सागर ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम के द्वितीय तकनीकी सत्र में शोध पत्रों का प्रस्तती करण किया गया जिसमें
अपराध विज्ञान उत्पीड़न विज्ञान साइबर अपराध महिलाओं के विरुद्ध अपराध विदेशी पर्यटको के विरूद्ध अपराध बाल अपराध एवं अपराधिक न्याय व्यवस्था से संबंधित विषयों पर केन्द्रित शोध पत्रों का प्रस्तुतीकरण किया गया।
प्रो. ममता पटेल विभागाध्यक्षा अपराधशारत्र एवं न्यायिक विज्ञान विभाग सागर विश्वविद्यालय एवं इस सम्मेलन की आयोजक एवं आयोजन सचिव ने बताया कि उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्य रूप से प्रो. एच.एस.गहेश्वरी प्रो. जी. एरा. बाजपेई नेशनल लॉ युनिवर्सिटी नई दिल्ली, प्रो. नागराज मदुरई प्रो. आर. एन. मंगोली, प्रो. मंसूरी धारवाड़ कर्नाटक, आई.एस.सी. सचिव डॉ. उमर मद्रास, डॉ. नन्दकिशोर भगत नागपुर युनिवर्सिटी सागर विश्वविद्यालय  से प्रो. ए.एन.शर्मा डीन एकेडमिक  अफेयर, प्रो. देवाशीष बोस, प्रो. नागेश दुबे, डॉ. विवेक मेहता, डॉ. दीपक गुप्ता. डॉ. मुकेश चौरसिया एवं विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक,छात्र-छात्रायें एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता-सूची का अंतिम प्रकाशन 26 मई को

नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता-सूची का अंतिम प्रकाशन 26 मई को
सागर।मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों के निर्वाचन के लिये फोटोयुक्त मतदाता-सूची के वार्षिक पुनरीक्षण का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। मतदाता-सूची का पुनरीक्षण एक जनवरी, 2020 की संदर्भ तारीख के आधार पर किया जायेगा। फोटोयुक्त मतदाता-सूची का अंतिम प्रकाशन 26 मई, 2020 को होगा।
सचिव मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग श्री दुर्ग विजय सिंह ने जानकारी दी है कि रजिस्ट्रीकरण और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा मास्टर-ट्रेनर्स की नियुक्ति 24 फरवरी तक की जायेगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी और मास्टर-ट्रेनर्स का राज्य-स्तरीय प्रशिक्षण 25, 26 एवं 27 फरवरी को होगा। रजिस्ट्रीकरण, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और मास्टर-ट्रेनर्स का जिला-स्तरीय प्रशिक्षण 29 फरवरी और 2 मार्च को होगा। कर्मचारियों का प्रशिक्षण विकासखण्ड एवं नगरपालिका स्तर पर 3 से 5 मार्च के बीच होगा।
फोटो-रहित प्रारूप मतदाता-सूची 16 अप्रैल को वेबसाइट पर अपलोड की जायेगी। फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता-सूची का नगरपालिका वार्ड, ग्राम पंचायत एवं अन्य विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 22 अप्रैल, 2020 को किया जायेगा।
दावा-आपत्ति 22 से 30 अप्रैल तक
दावा-आपत्ति केन्द्रों पर दावा-आपत्ति 22 से 30 अप्रैल तक (अपरान्ह 3 बजे तक) लिये जायेंगे। दावा-आपत्तियों का निराकरण 5 मई तक किया जायेगा। फोटोयुक्त अंतिम मतदाता-सूची का विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 26 मई, 2020 को होगा।

सागर संभाग में 237.38 करोड़ रूपये की लागत से 44 पुल मंजूर, 39 पुलो का निर्माण कार्य प्रगति पर

सागर संभाग में 237.38 करोड़ रूपये की लागत से  44 पुल मंजूर, 39 पुलो का निर्माण कार्य प्रगति पर
सागर। मध्यप्रदेष सरकार अधोसंरचना के विकास पर विषेष ध्यान दे रही है। सागर संभाग में लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण सागर संभाग अंतर्गत 6 जिलों में एनडीबी योजना में कुल 44 पुल निर्माण कार्य स्वीकृत हैं। जिनकी कुल लंबाई 5350.84 मीटर एवं लागत 237.38 करोड़ है। वर्तमान में 44 पुल कार्यों में से 39 पुल निर्माण कार्य प्रगति पर है एवं पांच कार्यों हेतु लेटर आफ एक्सेप्टेंस दिनांक 13 जनवरी 2020 को जारी किया गया है अनुबंध निष्पादन उपरांत शेष 5 पुल कार्यों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। यह जानकारी लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण सागर संभाग, सागर द्वारा प्रदान की गई है।
सागर जिला
सागर जिला में बन रहे पुलों में गढ़पहरा-मकरोनिया मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-26 का छूटा हुआ भाग) एवं सागर-मकरोनिया रेलखण्ड के किमी 10526-7/4 के समपार क्रमांक-28 पर आरओबी का निर्माण, बमनौरा-हीरापुर मार्ग के किमी 9/8 में बीला नदी पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग, सुरक्षा कार्य एवं एचपी क्लवर्ट कार्य,  चनौआ-हर्दी-जूना-जामघाट मार्ग के किमी 19/10 में कैथ नदी पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग, सुरक्षा कार्य एवं एचपी क्लवर्ट, बण्डा-केरवना मार्ग के किमी 10/8 में नाले पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य, बण्डा-बांदरी मार्ग में बांकुरी नाला के किमी 10/6 पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य, सागर-रहली मार्ग के किमी 36 पर स्थित नाले पर निर्मित सागर सेतु को तोड़कर नया उच्चस्तरीय पुल निर्माण पहुंचमार्ग, सुरक्षा एवं डायवर्सन कार्य, सागर-रहली मार्ग के किमी 8/8 पर स्थित नाले पर सागर निर्मित सेतु को तोड़कर नया उच्चस्तरीय पुल निर्माण पहुंचमार्ग, सुरक्षा एवं डायवर्सन कार्य, सागर-रहली मार्ग के किमी 36/6 पर स्थित नाले पर निर्मित सेतु को तोड़कर नया उच्चस्तरीय पुल निर्माण पहुंचमार्ग, सुरक्षा एवं डायवर्सन कार्य शामिल है।
दमोह जिला
दमोह जिले के हटा-सिमरिया मार्ग के किमी 66/6 में ब्यारमा नदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य, फतेहपुर-भिलौनी मार्ग के किमी 18/8 में शिवपुर नाले पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य, तेन्दूखेड़ा-तारादेही मार्ग के किमी  23/6 में गोहदर नाले पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग, सुरक्षा कार्य, फतेहपुर-भिलौनी मार्ग के किमी 8/8 में गऊघाट नाले पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य, मढ़ियादों-रजपुरा मार्ग के किमी 1/6 में कंचन नाले के चीलघाट पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य, फतेहपुर-भिलौनी-मढ़ियादो मार्ग के किमी 13/10 में बैहा (आमघाट) नाले पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य,  मढ़ियादों-वर्धा मार्ग के किमी 8/8 में पाली नाले पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग सुरक्षा कार्य सहित, विनती-मढ़ियादों मार्ग के किमी 11/6 में लोकल नाले पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य, फतेहपुर-भिलौनी-मढ़ियादों मार्ग के किमी 1/4 में पुतर नाले पर उच्चस्तरीय पुल, पहंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य। फतेहपुर-भिलौनी मार्ग के किमी 14/10 में ग्यारा नाले पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य, मडियादों-वर्धा मार्ग के किमी 2/4 में दर्रा नाले पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य, मढ़ियादों-वर्धा मार्ग के किमी 12/8 में गहरा नाले पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य, मढ़ियादों-वर्धा मार्ग के किमी 15/10 में निवास नाले पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य शामिल है।
पन्ना जिला 
पन्ना जिले के पन्ना-अमानगंज-सिमरिया मार्ग के किमी 56/8 में केन नदी पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य सहित, पवई-सलेहा मार्ग के किमी. 13/2 में केन नदी पर निर्माण कार्य उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य सहित, पर मोहेन्द्रा-रैपुरा मार्ग के किमी 17/4 में बधने नदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य शामिल है।
टीकमगढ़ जिला
टीकमगढ़ जिले के टीकमगढ़-शाहगढ़ मार्ग के किमी 32/8 में धसान नदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य, मोहनगढ़-बाबरी मार्ग के किमी 34/ 8 में रमतला नाले पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य, मंजना-दिगौड़ा मार्ग के किमी 10/4 में पराई नदी टीकमगढ़ ( परेवाघाट ) पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग एवं प्रोटेक्शन कार्य सहित, मोहनगढ़-बाबरी मार्ग के किमी 27/8 में पटेरिया नाले पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य, टीकमगढ़-ओरछा मार्ग के किमी 29/6 में स्थित पुराने जलमग्नीय पुल को तोड़कर नये उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग, सुरक्षा कार्य एवं डायवर्सन कार्य, टीकमगढ़-ओरछा मार्ग के किमी 30/2 (वास्तविक कि मी 43/2) में स्थित पुराने जलमग्नीय पुल को तोड़कर नये उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग, सुरक्षा कार्य एवं डायवर्सन कार्य, टीकमगढ़-ओरछा मार्ग के किमी 41/6 में जेवर नाले पर स्थित पुराने जलमग्नीय पुल को तोड़कर नये उच्चस्तरीय पुल पहुंचमार्ग , सुरक्षा कार्य एवं डायवर्सन कार्य, टीकमगढ़-ओरछा मार्ग के किमी 3/6 में स्थित पुराने जलमग्नीय पुल को तोड़कर नये उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग, सुरक्षा कार्य एवं डायवर्सन कार्य, टीकमगढ़-ओरछा मार्ग के किमी 31/2 में ककना पोनल नाले पर स्थित पुराने जलमग्नीय पुल को तोड़कर नये उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग, सुरक्षा कार्य एवं डायवर्सन कार्य शामिल है।
छत्तरपुर जिला
छतरपुर जिले के नौगांव-बल्देवगढ़ मार्ग के किमी 38/4 में धसान नदी (इमलीघाट) पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग एवं प्रोटेक्शन कार्य, चौका-ईशानगर-पचेर मार्ग में धसान नदी के पचेरघाट के किमी 21/6 पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य एवं एच . पी . क्लवर्ट कार्य, बिजावर-किशनगढ़ मार्ग के किमी 46/8 में ग्राम देवरा के पास बराना नदी पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग कार्य एवं सुरक्षा कार्य, बड़ामलेहरा-घुवारा मार्ग के किमी 21/8 में काठन नदी पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य सहित, गंज-देवरा मार्ग के किमी 6/8 में बन्ने नदी पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य सहित, नौगांव-मलेहरा मार्ग के किमी 8/4 में उर्मिल नदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग एवं प्रोटेक्शन कार्य सहित, बिजावर-बड़ामलहरा-घुवारा मार्ग के किमी 20/2 में श्यामरी नदी पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग कार्य एवं सुरक्षा कार्य निर्माण, बड़ा मलेहरा-घुवारा मार्ग में बछेरी नदी के किमी 46/2 पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य, छतरपुर-सटई मार्ग के किमी 24/2 में कड़वारा नाले पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंचमार्ग एवं प्रोटेक्शन कार्य सहित, बिजावर - बाजना मार्ग के किमी 19/4 में कलोथर नाले पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य सहित, नैनागिर-बक्सवाहा मार्ग के किमी 20/2 में कुहरा नाले पर उच्चस्तरीय पुल, पहुंचमार्ग एवं सुरक्षा कार्य शामिल है।            

गौवंश से भरा ट्रक पकड़ाया, 50 से अधिक की जान बची, गौ रक्षा कमांडो फोर्स ने

गौवंश से भरा ट्रक पकड़ाया, 50 से अधिक की जान बची, गौ रक्षा कमांडो फोर्स ने
सागर। सागर जिले में गौ तस्करी चरम पर है। बड़े पैमाने पर सागर के आसपास के जंगलों से बड़ी मात्रा में गोवंश के उद्देश्य से रातो रात गायों को इकठ्ठा कर शहरों से बाहर दूसरे राज्यों में भेजा जाता है। देर रात धर्म रक्षा संगठन को मुखबिर से सूचना मिली कि एक कंटेनर में गोवंश से भरा ट्रक कटने की लिए महाराष्ट्र की ओर जा रहा है, जिस पर धर्म रक्षा संगठन ने ट्रक का पीछा किया। चितौरा टोल नाका के पहले ट्रक को रोकने की कोशिश की गई। ट्रक ड्राइवर रहे आरोपी ने तेज ट्रक चलाकर गाड़ी एक जगह खड़ी कर दी और वह मौके से भाग खड़ा हुआ। जैसे ही धर्म रक्षा संगठन की टीम मौके पर पहुंचे तो देखने पर गाड़ी में कोई मौजूद नहीं था। गाड़ी के अंदर देखा तो उसमें बड़ी ही क्रूरता पूर्वक 50 से 55 गायों को एक के ऊपर एक दवा पाया। मामले की जानकारी सुरखी पुलिस थाना को दी गई। 
सुरखी थाना प्रभारी आनन्द राज ने बताया कि सूचना पर पलिस मौके पर पहुची। गायों को सुरक्षित दयोदय गोशाला में पहुचाया। पुलिस ने मामला  दर्ज कर लिया है । आरोपी चालक फरार हो गया। जिसमे दो गाय मृत पाई गई।
 गॉ रक्षा कमांडो फ़ोर्स के प्रदेशाध्यक्ष सूरज सोनी ने कहा कि   गौ भक्तों ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है ।साथ ही ट्रक को राजसात करने की मांग की है। धर्म रक्षा संगठन के बताए अनुसार सागर जिले में 1 महीने के अंदर यह चौथी घटना है जहाँ गौ वंश से भरा ट्रक पकड़ा गया है। जहां एक और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश में गौशाला बनवा रहे हैं वही कसाई पूरे प्रदेश से गायों का सफाया करने में लिए लगे हुए हैं। अगर गायों की ऐसे ही तस्करी होती रही तो तो फिर गौशाला किस काम की। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

सागर की जेल, रहली में 112 रोटियां बाहर ले जाने वाला जेल प्रहरी निलंबित,सागर में पिटाई के विरोध में ज्ञापन

सागर की जेल, रहली में 112 रोटियां बाहर ले जाने वाला जेल प्रहरी निलंबित,सागर में पिटाई के  विरोध में ज्ञापन
सागर। सागर जिले में जेलों में सब कुछ ठीक नही चल रहा है। दो मामले ऐसे आये है जिनमे जेल प्रसाशन की भूमिका संदेह के घेरे में  है। सागर जिले की रहली जेल  में अवैध तरीके से बाहर रोटियां पहुचाने वाएल जेल प्रहरी निलंबित हो गया। प्रहरी ने  प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया है। वही सागर जेल में दो कैदियों की पिटाई का मामला सामने आया है । जिसके विरोध और जांच को लेकर ज्ञापन दिया गया।
112 रोटियों की कहानी रहली जेल की
 सागर जिले की उप जेल में पदस्थ एक प्रहरी को अजीबोगरीब आदेश को लेकर  किया गया निलंबन चर्चाओं में है आदेश ऐसा जिसे सुनकर लोग अचंभित भी हो सकते हैं इसमें एक जेल अधीक्षक के द्वारा प्रभारी पर जेल की रोटियां ले जाने का प्रतिवेदन एसडीएम को दिया ।जिसके बाद जेल पहरी को निलंबित कर दिया गया इस तरह का शायद यह पहला मामला होगा कि जब किसी जेल पहरी को जेल की रोटियां बाहर ले जाने के मामले में निलंबित किया गया है ।इसको लेकर केंद्रीय जेल सागर के अधीक्षक संतोष सोलंकी का कहना है कि इसको लेकर जेल अधीक्षक संतोष सोलंकी का कहना है कि सब जेल अधीक्षक द्वारा रिपोर्ट दर्ज की गई थी कि वहां के एक जेल पहरी द्वारा रोटी सहित कुछ अन्य सामग्री सप्लाई की जा रही है जिस पर एसडीएम ने जांच करते हुए जेल पहरी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया और निलंबित कर दिया ।इसको लेकर निलंबित हुए राजभान का आरोप है कि रहली उप जेल मैं चल रही अव्यवस्था  को लेकर उन्होंने एसडीएम से शिकायत की थी ।जिसके बाद उन्हें टारगेट किया गया और 112 रोटी बाहर ले जाने का आरोप लगाया और जांच के बाद एसडीएम ने एक  पक्षिय कार्यवाही करते हुए निलंबित कर दिया । इसको लेकर मेरी पत्नी कोर्ट में जा रही है। इसके साथ एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमे रहली जेल में जेलर के कहने पर पिटाई करने की बात सामने आई है।
सागर जेल में पिटाई ,विरोध में ज्ञापन

केंद्रीय जेल सागर में पिछले दिनों दो बंदियों आकाश खटीक और आकाश रैकवार के साथ जेलर नागेंद्र चोधरी पर मारपीट करने का आरोप है। पीड़ितों ने cjm कोर्ट में आवेदन दिया था। जिस पर गोपालगंज थाना पुलिस ने मुलाहजा कराया है । इसमे जेल अधीक्षक संतोष सोलंकी के अनुसार कोर्ट ने प्रतिवेदन मांगा है। इसमे एक पर पेरोल के दौरान बंदियों से मारपीट के आरोप भी है।
उधर पिटाई को लेकर हिन्दू महाकाल संगठन ने आज कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन दिया । जिसमें पिटाई की घटना की  जांच कराने की मांग की गई। ज्ञापन में जेलर नागेंद्र चोधरी और कैदियों के खिलाफ उचित कार्यवाही की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालो में भाजपा युवा मोर्चा के अर्पित पांडे,मोनू जैन और शालीन सिंह आदि शामिल है।


आंदोलन:डॉ गौर विवि में भ्रष्टाचार मिटाना है,गौर साहब की धरोहर बचाना है

आंदोलन:डॉ गौर विवि में भ्रष्टाचार मिटाना है,गौर साहब की धरोहर बचाना है
सागर । डॉ हरीसिंह गौर केंद्रीय विवि सागर में  भ्रष्टाचार और अनियमितताओ को लेकर  एक  बैठक हुई  समाजवादी व गांधीवादी विचारक रघु ठाकुर सहित शहर के कई सामाजिक व सांगठनिक कार्यकर्ता तथा बुद्धिजीवी शामिल हुए। परिचर्चा को संबोधित करते हुए रघु भाई ने कहा कि केन्द्रीय विवि बनवाने के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी गई और लंबे प्रयासों के बाद गौर साहब की विरासत को केन्द्रीय विवि का दर्जा मिला। यह इसलिए नहीं किया गया था कि यहां भ्रष्टाचार का खेल हो और मनमाने निर्णय लिये जायें व कर्मचारियों को परेशान किया जाय। हम सब यही चाहते रहे हैं कि सागर विवि का नाम दुनिया भर में हो, लेकिन आज आप लोगों से कुछ और ही सुनने को मिल रहा है। हमारा सहयोग आप लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की लड़ाई व आप सब के संघर्ष में सदैव साथ खड़ा रहूंगा।  इस सम्मेलन के संयोजक विवि कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संदीप बाल्मीकि ने शहरवासियों से अपील की थी कि विवि में भ्रष्टाचार और अनियमितता का बोलबाला है । सबको जुटकर विमर्श के द्वारा हल निकालने की जरूरत है। इस दौरान कई वक्ताओं ने अपनी बात रखी। वर्तमान विवि प्रशासन को भ्रष्टाचारी व अराजक ठहराते हुए गौर साहब की विरासत पर धब्बा बताया गया। 
मोर्चा का गठन
इस आयोजन में 'विवि बचााओ मोर्चा' का गठन किया गया। 11 सदस्यीय मोर्चे में अखिलेश केशरवानी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आरोप पत्र तैयार करने हेतु दो कमेटियों का गठन किया गया है। तैयार आरोप पत्र को विवि प्रशासन से लेकर राज्य व केन्द्र सरकार को भेजकर आरोपों की जांच करने व कार्यवाही करने की मांग की जायेगी। 
   इस आयोजन में सीसीआई के रामावतार शर्मा, सुरेन्द्र सुहाने, बद्री प्रसाद,पप्पू गुप्ता अकलेश केशरवानी , सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे,प्रकाश चौवे ,केवलचंद जैन  रफीक गनी अरविन्द भट्ट,कपिल पचौरी गौरव राजपूत अशोक मिश्रा जयंत जैन ,डॉ विंनोद तिवारी,सहित बड़ी संख्या में शहर के नागरिक व विवि के कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में गौर अध्ययन केन्द्र से तीन बत्ती स्थित गौर मूर्ति तक पैदल मार्च निकालते हुए भ्रष्टाचार मिटाना है-गौर साहब की धरोहर बचाना है, गौर साहब जिंदाबाद आदि शब्दों के सा नारेबाजी की गई व गौर साहब की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की गई

डॉ गौर विवि में भ्रष्टाचार मिटाना है,गौर साहब की धरोहर बचाना है

डॉ गौर विवि में भ्रष्टाचार मिटाना है,गौर साहब की धरोहर बचाना है
सागर । डॉ हरीसिंह गौर केंद्रीय विवि सागर में  भ्रष्टाचार और अनियमितताओ को लेकर  एक  बैठक हुई  समाजवादी व गांधीवादी विचारक रघु ठाकुर सहित शहर के कई सामाजिक व सांगठनिक कार्यकर्ता तथा बुद्धिजीवी शामिल हुए। परिचर्चा को संबोधित करते हुए रघु भाई ने कहा कि केन्द्रीय विवि बनवाने के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी गई और लंबे प्रयासों के बाद गौर साहब की विरासत को केन्द्रीय विवि का दर्जा मिला। यह इसलिए नहीं किया गया था कि यहां भ्रष्टाचार का खेल हो और मनमाने निर्णय लिये जायें व कर्मचारियों को परेशान किया जाय। हम सब यही चाहते रहे हैं कि सागर विवि का नाम दुनिया भर में हो, लेकिन आज आप लोगों से कुछ और ही सुनने को मिल रहा है। हमारा सहयोग आप लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की लड़ाई व आप सब के संघर्ष में सदैव साथ खड़ा रहूंगा।  इस सम्मेलन के संयोजक विवि कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संदीप बाल्मीकि ने शहरवासियों से अपील की थी कि विवि में भ्रष्टाचार और अनियमितता का बोलबाला है । सबको जुटकर विमर्श के द्वारा हल निकालने की जरूरत है। इस दौरान कई वक्ताओं ने अपनी बात रखी। वर्तमान विवि प्रशासन को भ्रष्टाचारी व अराजक ठहराते हुए गौर साहब की विरासत पर धब्बा बताया गया। 
मोर्चा का गठन
इस आयोजन में 'विवि बचााओ मोर्चा' का गठन किया गया। 11 सदस्यीय मोर्चे में अखिलेश केशरवानी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आरोप पत्र तैयार करने हेतु दो कमेटियों का गठन किया गया है। तैयार आरोप पत्र को विवि प्रशासन से लेकर राज्य व केन्द्र सरकार को भेजकर आरोपों की जांच करने व कार्यवाही करने की मांग की जायेगी। 
   इस आयोजन में सीसीआई के रामावतार शर्मा, सुरेन्द्र सुहाने, बद्री प्रसाद,पप्पू गुप्ता अकलेश केशरवानी अओमप्रकाश चौवे केवलचंद जैन  रफीक गनी अरविन्द भट्ट,कपिल पचौरी गौरव राजपूत अशोक मिश्रा जयंत जैन सहित बड़ी संख्या में शहर के नागरिक व विवि के कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में गौर अध्ययन केन्द्र से तीन बत्ती स्थित गौर मूर्ति तक पैदल मार्च निकालते हुए भ्रष्टाचार मिटाना है-गौर साहब की धरोहर बचाना है, गौर साहब जिंदाबाद आदि शब्दों के सा नारेबाजी की गई व गौर साहब की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की गई

डॉ गौर विवि में भ्रष्टाचार मिटाना है,गौर साहब की धरोहर बचाना है

डॉ गौर विवि में भ्रष्टाचार मिटाना है,गौर साहब की धरोहर बचाना है
सागर । डॉ हरीसिंह गौर केंद्रीय विवि सागर में  भ्रष्टाचार और अनियमितताओ को लेकर  एक  बैठक हुई  समाजवादी व गांधीवादी विचारक रघु ठाकुर सहित शहर के कई सामाजिक व सांगठनिक कार्यकर्ता तथा बुद्धिजीवी शामिल हुए। परिचर्चा को संबोधित करते हुए रघु भाई ने कहा कि केन्द्रीय विवि बनवाने के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी गई और लंबे प्रयासों के बाद गौर साहब की विरासत को केन्द्रीय विवि का दर्जा मिला। यह इसलिए नहीं किया गया था कि यहां भ्रष्टाचार का खेल हो और मनमाने निर्णय लिये जायें व कर्मचारियों को परेशान किया जाय। हम सब यही चाहते रहे हैं कि सागर विवि का नाम दुनिया भर में हो, लेकिन आज आप लोगों से कुछ और ही सुनने को मिल रहा है। हमारा सहयोग आप लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की लड़ाई व आप सब के संघर्ष में सदैव साथ खड़ा रहूंगा।  इस सम्मेलन के संयोजक विवि कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संदीप बाल्मीकि ने शहरवासियों से अपील की थी कि विवि में भ्रष्टाचार और अनियमितता का बोलबाला है । सबको जुटकर विमर्श के द्वारा हल निकालने की जरूरत है। इस दौरान कई वक्ताओं ने अपनी बात रखी। वर्तमान विवि प्रशासन को भ्रष्टाचारी व अराजक ठहराते हुए गौर साहब की विरासत पर धब्बा बताया गया। 
मोर्चा का गठन
इस आयोजन में 'विवि बचााओ मोर्चा' का गठन किया गया। 11 सदस्यीय मोर्चे में अखिलेश केशरवानी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आरोप पत्र तैयार करने हेतु दो कमेटियों का गठन किया गया है। तैयार आरोप पत्र को विवि प्रशासन से लेकर राज्य व केन्द्र सरकार को भेजकर आरोपों की जांच करने व कार्यवाही करने की मांग की जायेगी। 
   इस आयोजन में सीसीआई के रामावतार शर्मा, सुरेन्द्र सुहाने, बद्री प्रसाद,पप्पू गुप्ता अकलेश केशरवानी अओमप्रकाश चौवे केवलचंद जैन  रफीक गनी अरविन्द भट्ट,कपिल पचौरी गौरव राजपूत अशोक मिश्रा जयंत जैन सहित बड़ी संख्या में शहर के नागरिक व विवि के कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में गौर अध्ययन केन्द्र से तीन बत्ती स्थित गौर मूर्ति तक पैदल मार्च निकालते हुए भ्रष्टाचार मिटाना है-गौर साहब की धरोहर बचाना है, गौर साहब जिंदाबाद आदि शब्दों के सा नारेबाजी की गई व गौर साहब की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

पिछड़ावर्ग अनुसूचित जाति व जनजाति मंच फोरम की केंद्रीय संचालक मंडल घोषित

पिछड़ावर्ग अनुसूचित जाति व जनजाति मंच फोरम की केंद्रीय संचालक मंडल घोषित

सागर ।गैर राजनैतिक संगठन " पिछड़ावर्ग अनुसूचित जाति व जनजाति मंच फोरम की कार्यसमिति ने अपने प्रथम चरण में आज चालीस सदस्यीय " केंद्रीय संचालक मण्डल " की घोषणा की है।
 मंच के संयोजक एडवोकेट बृज बिहारी चौरसिया ने बताया है कि संचालक मंडल में मुख्यालय सागर से तीन सौ एवं सभी दो सौ तीस विधानसभा क्षेत्र से दस-दस संचालकों को शामिल किया जाएगा जो लोकसभा, विधानसभा, ग्रामपंचायत और नगरीय क्षेत्र में वार्ड स्तरीय संगठन गठित कर ओबीसी, एससी व एसटी वर्गों के बीच अपना "वैचारिक-आंदोलन " गतिशील करेगा।
उन्होंने कहा कि मंच अपने पारित प्रस्ताव के परिपालन में इन वर्गों को राष्ट्रहित में राजनैतिक पार्टी कांग्रेस की विचारधारा से जोड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंच पूरी तरह गैर राजनैतिक है व इसके कांग्रेस अथवा किसी भी राजनैतिक पार्टी से कोई सम्बन्ध नहीं है।
कार्यसमिति के द्वारा आज नियुक्त किये गए केंद्रीय संचाल मण्डल में बृज बिहारी चौरसिया, एडवोकेट(प्रभारी ) शिवराजसिंह ठाकुर, सीताराम चौरसिया " लम्बरदार " रमेश कुमार बौद्ध, गोपालसिंह पटेल, इंजीनियर सुरेंद्रसिंह लोधी* *इंजीनियर संदीप कोरी, अब्दुल गनी खत्री, अनूप चौकसे, डॉ हीरालाल कोष्ठी, डॉ छतर सिंह लोधी, एडवोकेट जे पी सोनीएडवोकेट विजय सोनी, एडवोकेट पी सी चौधरी, एडवोकेट परुषोत्तम लाल सेन, संजय चौरसिया सहारा, एडवोकेट एस एल यादव, एडवोकेट महिपाल सिंह, एडवोकेट वी सी साहू, कांट्रेक्टर संजय चौरसिया, मोहनलाल साहू ओमप्रकाश नामदेव, राजेन्द्र कुमार सोनी, कृष्ण कुमार अहिरवार, कुँवर लाल कोष्ठी, एडवोकेट बी के अहिरवार, रविन्द्र यादव, मुकेश कुमार कोरी, श्रीमती कीर्ति चौकसे, श्रीमती अनिता शाक्य, मोतीलाल अहिरवार,अंसार खान, मूलचंद बौद्ध, हरभजन परोसी, एडवोकेट हेमराजसिंह राठौर, नीरज कुशवाहा, डालचंद पटेल, शिव प्रसाद पटेल, रमेश कुमार पटेल और मनु कुशवाहा शामिल है।

राजस्व मन्त्री के गृहजिले में राजस्व लोक अदालतों मे निपटे 8 हजार मामले

राजस्व मन्त्री के गृहजिले में  राजस्व लोक अदालतों मे निपटे  8 हजार मामले 
सागर ।प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों में राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिये बुधवार को लोक अदालत आयोजित की गई। सागर जिले में आयोजित राजस्व लोक अदालनतों में कुल 8 हजार 24 प्रकरणों का निराकरण किया गया। राजस्व लोक अदालतों में अविवादित नामांतरण, अविवादित बँटवारा, नक्शा बटांकन, सीमांकन, व्यपवर्तन, आर.आर.सी. वसूली, ऋण-पुस्तिकाओं का प्रदाय, भूमि बंधक दर्ज करना, भूमि बंधन निर्मुक्ति, शोध क्षमता प्रमाण-पत्र, नजूल प्रकरण, दंड प्रक्रिया के तहत कार्यवाही की गई। इस संदर्भ में न्यायालय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, सागर श्रीमती प्रीति मैथिल नायक द्वारा राजस्व लोक अदालत में आए प्रकरणों का निराकरण किया। न्यायालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा 133 प्रकरणों का निराकरण किया गया।
इसी प्रकार अपर कलेक्टर श्री मूलचंद वर्मा द्वारा राजस्व लोक अदालत में 231 प्रकरणों का निराकरण किया गया।
         राजस्व लोक अदालत में निराकृत प्रकरणों के अंतर्गत तहसीलदार खुरई राजस्व मद 193, दांडिक मद 880 कुल 1073, उपखण्ड अधिकारी बीना राजस्व मद 145, दांडिक मद 281 कुल 426, उपखण्ड अधिकारी सागर राजस्व मद 298, दांडिक मद 101 कुल 399, तहसीलदार देवरी राजस्व मद 435, दांडिक मद 8 कुल 443, तहसीलदार बण्डा राजस्व मद 345, दांडिक मद 44 कुल 389, तहसीलदार बीना राजस्व मद 339, दांडिक मद 0 कुल 339, तहसीलदार रहली राजस्व मद 303, दांडिक मद 28 कुल 331, तहसीलदार सागरी राजस्व मद 327, दांडिक मद 0 कुल 327, तहसीलदार शाहगढ़ राजस्व मद 250, दांडिक मद 75 कुल 325, नायब तहसीलदार गौरझामर राजस्व मद 285, दांडिक मद 0 कुल 285, तहसीलदार जैसीनगर राजस्व मद 267, दांडिक मद 0 कुल 267, तहसीलदार राहतगढ राजस्व मद 199, दांडिक मद 63 कुल 262, नायब तहसीलदार सैमाढ़ाना राजस्व मद 237, दांडिक मद 0 कुल 237, तहसीलदार केसली राजस्व मद 210, दांडिक मद 13 कुल 223, नायब तहसीलदार बहरोल राजस्व मद 207, दांडिक मद 0 कुल 207, नायब तहसीलदार परसोरिया राजस्व मद 155, दांडिक मद 40 कुल 195, तहसीलदार मालथौन राजस्व मद 173, दांडिक मद 0 कुल 173, नायब तहसीलदार महाराजपुर राजस्व मद 124, दांडिक मद 30 कुल 154, उपखण्ड अधिकारी बण्डा राजस्व मद 115, दांडिक मद 36 कुल 151, नायब तहसीलदार सागर-2 राजस्व मद 148, दांडिक मद 0 कुल 148, नायब तहसीलदार बादंरी राजस्व मद 147, दांडिक मद 0 कुल 147, नायब तहसीलदार सुरखी राजस्व मद 110, दांडिक मद 0 कुल 110, नायब तहसीलदार बिलेहरा राजस्व मद 108, दांडिक मद 0 कुल 108, उपखण्ड अधिकारी देवरी राजस्व मद 66, दांडिक मद 34 कुल 100, नायब तहसीलदार शहजपुर राजस्व मद 92, दांडिक मद 0 कुल 92, उपखण्ड अधिकारी खुरई राजस्व मद 64, दांडिक मद 10 कुल 74,नायब तहसीलदार बामोरा राजस्व मद 74, दांडिक मद 0 कुल 74, नायब तहसीलदार सीहोरा राजस्व मद 69, दांडिक मद 0 कुल 67, नायब तहसीलदार गढ़ौला राजस्व मद 50, दांडिक मद 0 कुल 50, नायब तहसीलदार रजवांस राजस्व मद 36, दांडिक मद 0 कुल 36, उपखण्ड अधिकारी राहतगढ राजस्व मद 25, दांडिक मद 0 कुल 25, अपर तहसीलदार बीना राजस्व मद 24, दांडिक मद 0 कुल 24, उपखण्ड अधिकारी रहली राजस्व मद 23, दांडिक मद 0 कुल 23, उपखण्ड अधिकारी मालथौन राजस्व मद 16, दांडिक मद 0 कुल 16, नायब तहसीलदार गढ़ाकोटा राजस्व मद 15, दांडिक मद 0 कुल 15, नायब तहसीलदार नरयावली राजस्व मद 15, दांडिक मद 0 कुल 15, अपर तहसीलदार नजूल जांच राजस्व मद 15, दांडिक मद 0 कुल 15, नजून अधिकारी सागर राजस्व मद 03, दांडिक मद 0 कुल 03 शामिल है

घटिया निर्माण देखकर नाराज हुए मंत्री हर्ष यादव,बोले अधिकारी से नौकरी खा जायेंगे, ठेकेदार को भी हड़काया

घटिया निर्माण देखकर नाराज हुए मंत्री हर्ष यादव,बोले अधिकारी से  नौकरी खा जायेंगे, ठेकेदार को भी हड़काया
#प्रधानमंत्री सड़क के पुल मरम्मत में हो रही लीपापोती
सागर। सागर  जिले की  देवरीकला तहसील अंतर्गत-प्रधानमंत्री सड़क की पुल मरम्मत कार्य में घटिया निर्माण देखकरप्रदेश सरकार के केबिनेट मंत्री हर्ष यादव का पारा इस कदर चढ़ गया  कि उन्होने निर्माण स्थल पर उपस्थित ठेकेदार को जमकर लताड़ लगाई एवंदूरभाष पर विभागीय अधिकारी को फटकारते हुए ठेकेदार पर कार्रवाई न होने परनौकरी खा जाने की बात कही।
वित्त की कमी से जूझ रही प्रदेश की कमलनाथ सरकार भले ही खर्चो में कटोती करधन के दुरूपयोग को लेकर सख्ती दिखा रही हो परंतु निर्माण ऐजेंसियोंके अधिकारी सरकार की इस मंशा से सरोकार नही रखते। भ्रष्टाचार को लेकर 
कटघरें में पहुची। पिछली सरकार से सबक लेकर वर्तमान सरकार भले की फूंक फूंक
कर कदम रख रही हो परंतु विभागीय अधिकारियों के रवैये में कोई बदलाव नही
दिख रहा है।  भ्रमण के दौरान केसली विकासखण्ड के ग्राम सहजपुरपहुंचे केबिनेट मंत्री हर्ष यादव ने प्रधानमंत्री सड़क योजना की ग्राम सहजपुर से तेंदुडाबर सड़क मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। सड़क पर सहजपुर के समीप चल रहे 35 लाख लागत के पुल मरममत में पुल की अबेटमेंट बाल में नाले की काली मिट्टी भरी जा रही थी जिसमें मुरम भरकर न तो नियमानुसार वाटरिंग की जा रही थी न ही कॉपेक्शन व्यवस्थाकी गई थी। स्थल पर विभागीय यंत्री सहित अमला नदारद था जिसे देखकरमंत्री यादव आगबबूला हो गये। इस संबंध में उन्होने जब मौके पर उपस्थित पेटी
ठेकेदार से पूछताछ की तो उसने गुमराह करने का प्रयास किया जिससे नाराजमंत्री ने उसे जमकर लताड़ लगाई एवं पूछा की निर्माण का स्टीमेट एवं ड्राईंग कहाहै तुम्हे किसने ठेकेदार बना दिया। बाद में दुरभाष पर विभाग के जिम्मेदार अधिकारीको आड़े हाथों लेते हुए मंत्री यादव ने ठेकेदार पर कार्रवाई का निर्देशदिया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इस घटिया निर्माण का पेमेंट किया गयातो तुम्हारी नौकरी खा जाउंगा। मंत्री फटकार के बाद हरकत में आये विभागके सहायक प्रबंधक ए.के.मिश्रा ने कार्य का आनन फानन में निरीक्षण किया एवं
निर्माण में सुधार की बात कही है। बचाव की मुद्रा में दिखे अधिकारी ठेकेदार पर कार्रवायी से कतरा रहे है।

एमपी में 24 भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों के तबादले

एमपी में 24 भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों के तबादले ,राज्य शासन ने जारी किए आदेश

दिव्यांगजनों को भी आमजनों की तरह अधिकार प्राप्त हों : कमिश्नर आनंद शर्मा

दिव्यांगजनों को भी आमजनों की तरह अधिकार प्राप्त हों : कमिश्नर आनंद शर्मा

#दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 पर संभाग स्तरीय कार्यषाला संपन्न
सागर । दिव्यांगजनों के अधिकारों के संरक्षण के लिए कार्यषाला मील का पत्थर साबित होगी। दिव्यांगजनों को भी आमजन की तरह अधिकार प्राप्त हों सके ऐसा हम सब का प्रयास होना चाहिए। उक्त विचार कमिष्नर आनंद कुमार शर्मा ने सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा स्थानीय बीएमसी सागर के सभाकक्ष में मध्यप्रदेश दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 पर आयोजित संभाग स्तरीय कार्यषाला में व्यक्त किए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिव्या अषोक सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती रेखा चौधरी, निःषक्तजन कल्याण आयुक्त श्री संदीप रजक, सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण म.प्र. के संचालक श्री कृष्णगोपाल तिवारी, कलेक्टर श्रीमती प्रीति मैथिल नायक, जिला पंचायत सीईओ श्री सीएस शुक्ला, बीएमसी डीन श्री जीएस पटैल सहित संभाग के 6 जिलों के विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के अधिकारी, कर्मचारी एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।  
कमिष्नर श्री आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजनों के अधिकारों के संरक्षण के लिए मध्यप्रदेष सरकार भरसक प्रयास कर रही है। आवष्यकता है हम सबको उनके संरक्षण में मदद करने की। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन के अधिकार के संरक्षण के लिए अधिनियम-2016 पारित करके शासन ने प्रदेष में निःषक्तजनों के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया है। इस अधिनियम का पालन न करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जुर्माना के साथ सजा का प्रावधान सुनिष्चित किया गया है। 
सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण म.प्र. के संचालक श्री कृष्णगोपाल तिवारी ने कहा कि दिव्यांगजन, आमजन की तरह ही है और इनको वह समस्त अधिकार प्राप्त है जो आमजन को है। श्री तिवारी ने कहा कि दिव्यांगजन देष-दुनिया में अपनी छवि अलग प्रकार से बना रहे है और आज उंचे-उंचे पदों एवं खेलों में अपना नाम रोषन कर रहे है। प्रत्येक व्याख्यान के बाद संचालक श्री तिवारी ने प्रतिभागियों के प्रष्नों के उत्तर दिए और उनकी शंकाआें का समाधान किया।
निःषक्तजन आयुक्त संदीप रजक ने कार्यषाला में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 और विकलांगों को दिए गए विभिन्न प्रकार के अधिकारों के संरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिनियम अंतर्गत निःषक्तजनों के अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रावधान किए गए है। जिससे कि वे आम व्यक्ति की तरह अधिकार संपन्न होकर अपना जीवन जी सकें। अधिनियम में 17 अध्याय और 102 धाराएं है। उन्होंने समता और अभिवेद, सामुदायिक जीवन, क्रूरता और अमानवीय व्यवहार, हिंसा और शोषण, संरक्षण और सुरक्षा, गृह और कुटुम्ब, प्रजनन का अधिकार, न्याय तक पहुंच, मतदान तक पहुंच, विधिक हैसियत आदि विषयों पर प्रकाष डाला। उन्होंने 21 प्रकार की दिव्यांगता के बारे में बताया।          
कार्यषाला में असिस्टेंट प्रोफेसर सीआरसी भोपाल डा. गणेष अरूण जोषी ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यूआईडी कार्ड की उपयोगिता एवं उन्हें जारी किए जाने की प्रक्रिया। दृष्टि एवं श्रवण दिव्यांगताओं का आकलन एवं प्रमाणीकरण पर प्रकाष डाला। सहायक प्रोफेसर पीएमआर डिपार्टमेंट सिम्स छिंदवाड़ा डा. संदीप धोले ने लोकोमोटर दिव्यांगता के आकलन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आकलन करते समय ध्यान दिए जाने वाले बिन्दुओं के बारे में समझाया। कार्यक्रम का संचालन अरविन्द जैन ने किया।              

चैक में धोखाधडी कर राशि हड़पने वाले पंचायत सचिव को दस साल की सजा,सरपंच ने की थी शिकायत

चैक में धोखाधडी कर  राशि हड़पने वाले पंचायत सचिव को दस साल की सजा,सरपंच ने की थी शिकायत

सागर। न्यायालय हेमंत  कुमार अग्रवाल प्रथम अपर सत्र न्यायाधीष, बीना, जिला की अदालत ने आरोपी दीपक पिता जय नारायण गोस्वामी (ग्राम पंचायत सचिव) उम्र 49 वर्ष निवासी भानगढ़ जिला सागर म.प्र. को धारा 467,468,409,477 भादवि में दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड से दंडित किया। म.प्र. शासन की ओर से पैरवी सहा. जिला अभियोजन अधिकारी श्री श्याम सुन्दर गुप्ता एवं श्री एम. डी. अवस्थी , बीना ने की।लोक अभियोजन के मीडिया प्रभारी ए.डी.पी.ओ. सौरभ डिम्हा ने बताया कि फरियादी श्रीमती राधा बाई पति सुन्दरलाल कुषवाहा सरपंच ग्राम हिरंछिया ने थाना बीना से उपस्थित होकर लिखित आवेदन दिया की आरोपी ग्राम पंचायत सचिव दीपक गोस्वामी के विरूद्ध 2400 रूपये का चैक सेन्ट्रल बैंक आॅफ इंडिया शाखा बीना जिला सागर से आहरण करने हेतु दिनांक 28.10.2009 को जारी करने के पश्चात आरोपी दीपक गोस्वामी द्वारा चैक में हेरा फेरी कर एक लाख रूप्ये की रकम अपनी मर्जी से बढाकर उक्त चैक में दो हजार चार सौ की जगह एक लाख दो हजार चार सौ रूप्ये कर दिए आरोपी सचिव दीपक गोस्वामी ने दस हजार के स्थान पर शून्य एवं लाख के स्थान पर एक बना दिया। उक्त राषि आरोपी ने बैंक से आहरित कर ली। फरियादी ने जब पास बुक में इंट्री कराई तो उसे आरोपी के कृत्य का पता चला। फरियादी ने उक्त घटना की रिपोर्ट थाना बीना में कराई। जिस पर से थाना बीना, जिला  सागर ने मामले की पूरी जाॅच होने के उपरांत साक्ष्य संग्रहित कर आरोपी माननीय न्यायालय श्री मान् हेमन्त कुमार अग्रवाल प्रथम अपर सत्र न्यायाधीष, बीना, जिला की अदालत ने आरोपी दीपक गोस्वामी को धारा 467 भादवि में 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 5000 रूप्ये अर्थदण्ड, धारा 468 भादवि में 7 वर्ष सश्रम कारावास एवं 3000 रूप्ये अर्थदण्ड, धारा 409 भादवि में 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 5000 रूप्ये अर्थदण्ड तथा धारा 477 भादवि में 7 वर्ष सश्रम कारावास एवं 3000 रूप्ये अर्थदण्ड से दंडित किया।

अब पुलिस के अलावा फायर ब्रिगेड के लिये भी डायल-100

अब पुलिस के अलावा फायर ब्रिगेड के लिये भी डायल-100
भोपाल ।मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-100 सेवा के माध्यम से अब पुलिस सहायता के अलावा फायर ब्रिगेड की सेवाएँ भी उसी तर्ज पर उपलब्ध हो सकेंगी। डायल-100 सेवा में प्राप्त होने वाली सूचनाओं को अग्निशमन विभाग से एकीकृत किया जा रहा है।
प्रदेश-भर में तैनात फायर ब्रिगेड्स में लगे एंडरायड मोबाइल डाटा टर्मिनल डिवाइस स्थापित की जा रही हैं, जिससे आग लगने की सूचना तत्काल संबंधित फायर ब्रिगेड वाहन को भेज दी जायेगी। इससे आवश्यकतानुसार एक से अधिक फायर ब्रिगेड वाहन भी घटना स्थल पर भेजे जा सकेंगे। एमडीटी डिवाइस में मौजूद जीपीएस के माध्यम से फायर ब्रिगेड को घटना स्थल तक पहुँचने में आसानी होगी और कंट्रोल-रूम को सतत रूप से उसकी लोकेशन मिलती रहेगी।
एमडीटी डिवाइस को संचालित करने के लिये प्रदेश-भर के प्रत्येक फायर ब्रिगेड वाहन पर तैनात फायरमेन/चालक को पुलिस दूरसंचार मुख्यालय, भोपाल में प्रशिक्षण दिया जा रहा है

सात नगरीय निकायों में प्रशासक नियुक्त


सात नगरीय निकायों में प्रशासक नियुक्त
सागर।प्रदेश के 7 नगरीय निकायों में निर्वाचित परिषद का कार्यकाल समाप्त होने की तिथि से आम निर्वाचन सम्पन्न होने और नई परिषद/निगम के कार्यभार ग्रहण करने तक की अवधि के लिये प्रशासक नियुक्त किये गये हैं।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी आदेश के द्वारा दतिया जिले की नगर परिषद बड़ोनीखुर्द, दमोह जिले की नगर परिषद पटेरा, होशंगाबाद जिले की नगर परिषद वनखेड़ी तथा विदिशा जिले की नगर परिषद शमशाबाद में तहसीलदार को प्रशासक नियुक्त करने के लिये कलेक्टर को अधिकृत किया गया है।
इसी प्रकार नगरपालिक निगम जबलपुर, नगरपालिक निगम भोपाल और नगरपालिक निगम इंदौर में क्रमशरू संभागीय आयुक्त जबलपुर, संभागीय आयुक्त भोपाल और संभागीय आयुक्त इंदौर को प्रशासक नियुक्त किया गया है। संबंधित प्रशासक निर्वाचित परिषद का कार्यकाल समाप्त होने की तिथि से आम निर्वाचन सम्पन्न होने तथा नई नगरपालिक निगम/नगरपालिका परिषद/नगर परिषद द्वारा कार्यभार ग्रहण करने तक समस्त शक्तियों एवं कर्त्तव्यों का निर्वहन करेंगे

भविष्य की पुलिस हथियारों के बजाए प्रौद्योगिकी से सुसज्जित होगी:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री कमल नाथ का आई. पी. एस. आफिसर्स कानक्लेव 2020 में

भविष्य की पुलिस हथियारों के बजाए  प्रौद्योगिकी से सुसज्जित होगी:मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री कमल नाथ का आई. पी. एस. आफिसर्स कानक्लेव 2020 में 
भोपाल।मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग से भविष्य की पुलिस फोर्स हथियारों के बजाए प्रौद्योगिकी उपकरण से सुसज्जित होगी। इसलिए अभी से पुलिस को नई-नई प्रौद्योगिकी से परिचित होना होगा और उन्हें अपनाना सीखना होगा। राज्य सरकार पुलिस बल को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में मध्यप्रदेश की पुलिस प्रौद्योगिकी के उपयोग की दृष्टि से इतनी दक्ष होगी कि अन्य प्रदेशों के लिए आदर्श होगी।
आर्थिक अपराधों की प्रवृत्ति और प्रकृति को भी पहचाने पुलिस
मुख्यमंत्री ने मिंटो हाल में आई. पी. एस. आफिसर्स कानक्लेव 2020 को संबोधित करते हुए कहा कि आर्थिक विकास बढ़ने के साथ ही भिन्न-भिन्न आर्थिक अपराध भी सामने आ रहे हैं। पुलिस को आर्थिक अपराधों की प्रवृत्ति और प्रकृति से परिचित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण परिणाम के लिये शासन-प्रशासन के सभी अंगों में समरसता जरूरी है।
सामाजिक-आर्थिक विषमताओं के कारण पुलिस के सामने चुनौतियाँ
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक विशिष्ट देश है । मध्यप्रदेश स्वयं में विशिष्टि प्रदेश है। यह विविधताओं से भरा-पूरा प्रदेश है। विविधताओं और भिन्नताओं के बावजूद एक बने रहना इसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ सबसे बड़ा वन प्रदेश है बल्कि सबसे बड़ी जनजातीय संख्या वाला प्रदेश भी है। इसलिए सामाजिक-आर्थिक विषमताओं और विभिन्नताओं को देखते हुए मध्यप्रदेश में पुलिस के सामने भी कई चुनौतियाँ हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है। तकनीकी और प्रौद्योगिकी के कारण सामाजिक व्यवहार और नजरिये में भी बदलाव आ रहा है। इस बदलाव को पुलिस बल को पहचानना होगा।
प्रशासन का चेहरा होती है पुलिस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस प्रशासन का चेहरा होती है। पुलिस समाज को संदेश देने का काम करती है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के लिए अच्छी बात यह है कि यहाँ अपनी धरती पर जन्मा और पनपा आतंकवाद नहीं है। भारतीय समाज की इसमें बड़ी भूमिका है क्योंकि सहिष्णुता के कारण भारतीय समाज में सबको को साथ लेकर चलने की अदभुत क्षमता है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इन बदलावों को समझने और इनके अनुसार रणनीति बनाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सोच में अलगाव या बंटवारे के विचार की कोई जगह नहीं है। बंटवारे का मतलब है विनाश।
पुलिस महानिदेशक श्री वी.के. सिंह ने कहा कि बदलते हुए वैश्विक परिदृश्य और सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने में आ रहे परिवर्तनों को देखते हुए पुलिस की चुनौतीपूर्ण भूमिका को समझने और पूरी दक्षता के साथ इसे स्वीकारने तथा निभाने के तौर-तरीकों पर विचार करने की जरूरत है । उन्होने पुलिस बल के लिये आवास सुविधाओं के विस्तार और साप्ताहिक अवकाश जैसे निर्णय लेने के लिये मुख्यमंत्री का आभार जताया। आईपीएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विजय यादव ने कॉन्क्लेव के उद्देश्य की विस्तार से चर्चा की।
पुलिस महानिदेशक श्री वी.के. सिंह, आईपीएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं विशेष पुलिस निदेशक श्री विजय यादव ने आईपीएस ऑफिसर्स की ओर से मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया।