नियोन नाइट मैराथन में उत्साह से शामिल हुईं महिलाएं

नियोन नाइट मैराथन में उत्साह से शामिल हुईं महिलाएं

★ 75 मिनट में महिलाओं को सिखाया गया साइकिल चलाना

सागर। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत सागर स्मार्ट सिटी द्वारा शुक्रवार को अटल पार्क में महिलाओं के लिए नियोन नाइट मैराथन का आयोजन किया गया। इसमें महिलाएं उत्साह के साथ शामिल हुईं। उन्होंने रात में साइक्लिंग और वॉक किया। इसके बाद देशभक्ति गीतों पर नृत्य भी किया। इससे पहले शाम को 75 मिनट का कैम्प लगाकर महिलाओं को साइकिल चलाना भी सिखाया गया। कार्यक्रम के दौरान मनोरंजन के उद्देश्य  से तंबोला जैसे खेल भी आयोजित किए गए। 
शुक्रवार शाम से ही अटल पार्क का माहौल उत्साह और उल्लास से परिपूर्ण रहा। शाम 6 बजे से बडी संख्या में पहुंची महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया, जबकि बहुत-सी महिलाएं पहले ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुकी थीं। गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरूआत की गई। इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अस्मिता चौहान ने कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के लिए भी समय निकालना चाहिए। सुबह-शाम 20-20 मिनट भी पैदल चल लें या साइक्लिंग कर लें तो उनके स्वास्थ्य में पर्याप्त सुधार रहेगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के इस कार्यक्रम का उद्देश्य भी यही है कि महिलाओं का स्वास्थ्य अच्छा रहे। इसके बाद नियोन नाइट मैराथन की शुरूआत की गई। श्रीमती राजश्री अहिरवार, श्रीमती स्वाति सिंह राजपूत और श्रीमती अदिति गर्ग ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया। इसके साथ ही बडी संख्या में महिलाओं ने नाइट वॉक में भाग लिया। कार्यक्रम में सैकडों की संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। नाइट वॉक के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें देशभक्ति के गीतों पर युवतियों ने नृत्य किया। 



इससे पहले शाम 4 बजे से महिलाओं के लिए साइकिल प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें भी बडी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं, जिन्हें साइकिल चलाना सिखाया गया। श्रीमती अनीता सिंह ने बताया कि बचपन में साइकिल चलाई थी, लेकिन पिछले 20 सालों में साइकिल चलाना भूल गईं थी। आज फिर सीखा तो बचपन की यादें ताजा हो गईं। अब रोज साइकिल चलाने की कोशिश करूंगी। श्रीमती उषा मिश्रा ने बताया कि डर के कारण बचपन में साइकिल चलाना नहीं सीख पाई थीं। आज कम समय में ही साइकिल चलाना सीख गईं। अब वे रोज साइकिल चलाएंगी। इस दौरान कई बच्चे भी आए थे, जो अपनी मां का उत्साह बढा रहे थे। कई महिलाओं ने स्टेज पर आकर साइकिल चलाना सीखने और बचपन में साइक्लिंग से जुडे अपने संस्मरण भी सुनाए।

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