कौशल विकास और उन्नयन से बढ़ाएं रोजगार के अवसर : गोरी शंकर बिसेन ,अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ★ जिले में पाई जाने वाली पिछडा वर्ग की सभी जातियों की सूची संधारित करने के दिए निर्देश



कौशल विकास और उन्नयन से बढ़ाएं रोजगार के अवसर : गोरी शंकर बिसेन ,अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग 

★ जिले में पाई जाने वाली  पिछडा वर्ग की सभी जातियों की सूची संधारित करने के दिए निर्देश

सागर।  पिछड़ा वर्ग के आर्थिक तथा सामाजिक विकास हेतु समन्वय के साथ  काम  करें और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पिछड़ा वर्ग के लोगों को लाभान्वित करें।  कौशल विकास और उन्नयन के माध्यम से रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं साथ ही जिले में पाई जाने वाली पिछडा वर्ग जाति की सूची संधारित करें। उक्त निर्देश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर बिसेन ने सागर में आयोजित पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की समीक्षा बैठक में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में दिए ।

इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के सदस्य श्री प्रदीप पटेल , श्रीमती कृष्णा गौर के साथ कलेक्टर श्री दीपक आर्य ,पुलिस अधीक्षक श्री तरुण नायक, पिछड़ा वर्ग आयोग के उपायुक्त श्री आरके श्रुति , डीईओ श्री अजब सिंह ठाकुर, डॉक्टर अशफाक खान सहित समस्त विभागों के अधिकारी मौजूद थे ।

पिछड़ा वर्ग आयोग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि स्कूल, कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की जानकारी कक्षा बार एवं संस्था बार तैयार करें। यह जानकारी शासकीय एवं अशासकीय कालेज एवं स्कूलों की अलग-अलग तैयार की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शालाओं से बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले ड्रॉपआउट छात्र-छात्राओं की जानकारी भी संलग्न करें साथ ही ड्रॉप आउट के कारणों से भी अवगत कराएं।

आयोग के अध्यक्ष श्री बिसेन ने कहा कि जिले में कार्यरत समस्त सामाजिक संगठनों की जानकारी भी एकत्र करें एवं शासन की योजनाओं की जानकारी उन्हें समय-समय पर प्रदान करें ।

मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर बिसेन तथा सदस्य द्वय श्री प्रदीप पटेल और श्रीमती कृष्णा गौर ने मगंलवार को जिले के प्रवास के दौरान पिछड़ा वर्ग के उत्थान हेतु संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों के अलावा आयोग के माध्यम से शासन को प्रेषित किए जाने वाले सुझाव एवं अनुशंसा की प्राप्ति हेतु आवश्यक बिन्दुओं से अवगत कराया। 

आयोग के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर  बिसेन ने पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के गठन कार्यक्षेत्र, दायित्व, उद्धेश्य, पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने पिछड़ा वर्ग के उत्थान हेतु संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों से लाभांवितों के अलावा विभिन्न विभागो में पिछड़ा वर्ग के कितने अधिकारी, कर्मचारी कार्यरत हैं, आदि जानकारी भी प्राप्त की।
आयोग के सदस्य श्री प्रदीप पटेल एवं सदस्य श्रीमती कृष्णा गौर ने बताया कि, पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग राज्य शासन को जिन बिन्दुओं पर सुझाव एवं अनुशंसा प्रस्तुत करेगा उनके संबंध में प्रत्येक जिले में बैठक आयोजित की जा रही है। नये बिंदुओं से जिलों को अवगत कराया गया है। सभी जिले इस संबंध में एक्जाई रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे ताकि आयोग के गठन के मूल उद्धेश्य एवं मंशा पर खरा उतरा जा सके। 

आयोग के सदस्य श्री पटेल ने बताया कि प्रदेश में पिछड़े वर्ग की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक स्थिति का अध्ययन, शासन के विभिन्न विभागों की संरचना एवं योजनाओं में पिछड़े वर्ग की भागीदारी की वर्तमान स्थिति का अध्ययन, राज्य की शैक्षणिक संस्थाओं में पिछडे़ वर्ग के विद्यार्थियों को मिल रहे लाभों का अध्ययन, राज्य में पिछडे़ वर्ग के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का आंकलन, तथा इसमें वृद्धि के उपाय, राज्य में पिछडे़ वर्ग के युवाओं हेतु कौशल उन्नयन कार्यक्रमों तथा प्रशिक्षण के संचालन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा, प्रदेश में पिछड़े वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक कल्याण हेतु अन्य कोई उपाय तथा अनुशंसाओं पर प्राप्त सुझावों से अवगत कराया। 

बैठक में आयोग अध्यक्ष श्री बिसेन ने सागर जिले में पिछडा वर्ग में सम्मिलित जातियों की सूची पृथक से तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में कम से कम दो गांव ऐसे चिन्हित किए जाएं जिसमें ओबीसी वर्ग में सम्मिलित सभी जाति के लोग निवासरत हों। उन्होंने योजनाओं से लाभांवित, सामाजिक संगठनों, आर्थिक कल्याण तथा जातिगत डाटा त्रुटिपूर्ण रहित तैयार करने की बात भी कही। 

बैठक में कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने जिले के विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारी, कर्मचारियों की कुल संख्या और उसमें से विभागवार पिछड़ा वर्ग के अधिकारी, कर्मचारियों की संख्या से विभागवार अवगत कराया। इसी प्रकार विभिन्न विभागों के माध्यम से क्रियान्वित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के लक्ष्यपूर्ति में पिछड़ा वर्ग का लक्ष्य कितने-कितने प्रतिशत था और उनकी पूर्ति की गई, आदि बिंदुओं से संबंधित विषयों पर जानकारी प्रस्तुत की।

आयोग द्वारा निर्देशित किया गया कि, प्रत्येक विभाग में नियमित, अस्थाई एवं आउटसोर्सेज पदों पर कुल कितने कर्मचारी कार्यरत हैं,  इनमें ओबीसी वर्ग के महिला, पुरूषों की संख्या पृथक-पृथक से निर्धारित प्रपत्र में अंकित कर प्रस्तुत करने तथा सामाजिक सर्वे हेतु निर्धारित फार्मेट में जानकारियां हां, न के प्रारुप में अंकित कराकर डांटा संकलन के निर्देश दिए हैं।


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