साहित्याचार्य डॉ पन्नालाल जी के शब्दों का अनुशरण करें: डॉ सुखदेव वाजपेई

साहित्याचार्य डॉ पन्नालाल जी के शब्दों का अनुशरण करें: डॉ सुखदेव वाजपेई


सागर 5 मार्च. साहित्याचार्य पंडित डॉ. पन्नालाल जैन की 111 वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में जैन भ्रात संघ द्वारा कटरा नमक मंडी स्थित कीर्ति स्तंभ के समक्ष प्रतिमा पर आयोजित कार्यक्रम में नगरवासियों ने श्रद्धा सुमन अर्पण किए.
कार्यक्रम में जैन भ्रात संघ ट्रस्ट के अध्यक्ष अजित मलैया, संस्कृत के विद्वान डॉ, सुखदेव वाजपेई, कैलाश सिंघई, पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी, जेपीएस के प्राचार्य रजनीश जैन मंचासीन रहे. कार्यक्रम का संचालन अशोक पिड़रूआ ने किया. आभार वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ राजेश जैन ने व्यक्त किया. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ वाजपेई ने पंडित जी के व्यक्तिव एवं
कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपने जीवन दर्शन को बदलने के लिए पंडित जी की कृतियों को पढक़र लगा कि कुछ लिखना चाहिए. उनके कुछ शब्दों का अनुशरण हर किसी को करना चाहिए. ललक, जिज्ञासा और इच्छा के कारण ही उन पर लिखी जा रही पुस्तक अंतिम चरण में हैं. उन्होने कहा कि उस समय व्यक्तिव ही प्रमाण पत्र होता था. कार्यक्रम को जेपीएस के प्राचार्य श्री जैन ने भी संबोधित किया.
 
कार्यक्रम में डॉ केके सराफ, डॉ व्हीसी जैन, डॉ अरूण सराफ, डॉ महेंद्र जैन, डॉ ऋषभ जैन, मुकेश सिंघई, एमएल जैन, डीसी जैन, मुकेश जैन ढाना,डॉ अरूण सिंघई, विनीत ताले वाले, महेश जैन, अशोक जैन, राकेश जैन, संतोष रांधेलिया, अरविंद जैन, अरूण गोदरे, सुभाष जैन, अशोक वीर, राकेश जैन चच्चा जी, भागचंद जैन, राजकुमार पड़ेले, अरविंद जैन, विनीत जैन, अमित चौधरी आदि साहित्य बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे



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