शिक्षकों की उच्चतम गरिमा एवं प्रतिष्ठा के साथ प्रतिभाओं को निखारने का कार्य करेगी नई शिक्षा नीति: रूचि राठौर

शिक्षकों की उच्चतम गरिमा एवं प्रतिष्ठा के साथ प्रतिभाओं को निखारने का कार्य करेगी नई शिक्षा नीति: रूचि राठौर


सागर। नई शिक्षा नीति युवाओं के भविष्य निर्माण के साथ-साथ उन्हे आत्मनिर्भर बनाने की एक सीढ़ी का काम करेगी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रेडिट सिस्टम प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में खोज परक कार्यों के लिए प्रेरित करने वाली है। यह बात विवि अनुदान आयोग के तत्वाधान में शासकीय महाविद्यालय रहली में शिक्षक पर्व के तहत आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में कही। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति विषय पर आयोजित कार्यशाला में आयोजन प्रभारी श्रीमति रूचि राठौर ने कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षकों के उत्साहवर्द्धन के साथ-साथ उनकी गरिमा एवं प्रतिष्ठा का सम्मान बढ़ाने का कार्य करेगी। 
कार्यशाला में प्राचार्य एके जैन ने कहा कि नई शिक्षा नीति देश को आत्मनिर्भर बनाने का एक ऐसा माध्यम बनने जा रही है जिसमें शिक्षा स्वरोजगारोन्मुखी बनाने के साथ-साथ युवाओं के अंदर छिपी प्रतिभा को निखारने और उभारने का कार्य करेगी। कार्यशाला में बी.एस. डामोर, डॉ. राजू सेन, श्रीमति सुशमा चौरसिया, साधना अवस्थी ने भी प्रकाश डालते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नई शिक्षा नीति को बढ़ा बदलाव बताया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व जनभागीदारी समिति अध्यक्ष मनोज जैन ने किया। इस कार्यशाला में महाविद्यालय के छात्र छात्राओं के अलावा अनेक शिक्षाविद् भी शामिल हुए। 

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