मंत्री भूपेंद्र सिंह की शिकायत और कार्यो में लापरवाही बरतने पर सहायक विकासखंड प्रबंधक की सेवाएं समाप्त


मंत्री भूपेंद्र सिंह की शिकायत और कार्यो में लापरवाही बरतने पर सहायक विकासखंड प्रबंधक की सेवाएं समाप्त


सागर 7 सितंबर 2022।  जिला कलेक्टर  दीपक आर्य ने कार्यो में लापरवाही बरतने, उदासीनता दिखाने एवं कदाचार में लिप्त रहने पर सहायक विकासखंड प्रबंधक श्री रजनीश दुबे की संविदा पर ली गई सेवाओं को समाप्त कर दिया है। संयुक्त आयुक्त राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन भोपाल ने पत्र लिखकर श्री दुबे के कार्यो के प्रति लापरवाह, उदासीन होने के अलावा कदाचार मे भी लिप्त होने का उल्लेख किया था। जिस पर अपर मुख्य सचिव के द्वारा जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारों के अनुसार कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देषित किया गया था। इस पर श्री दुबे को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया था तथा 11 जून को प्राप्त प्रतिउत्तर का परीक्षण किया गया, जो कि संतोषप्रद नहीं पाया गया। जाँच मे श्री रजनीश दुबे को कार्यों की प्रति लापरवाह, उदासीन होने के अलावा कदाचार में भी लिप्त होना पाया गया था।
नगरीय विकास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह द्वारा श्री रजनीश दुबे, प्रभारी विकासखंड प्रबंधक मालथौन की शिकायत की गई थी। जिसपर राज्य स्तरीय दल द्वारा जाँच की गई थी। जॉच उपरांत संयुक्त आयुक्त राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के उल्लेखित जाँच प्रतिवेदन में पाया गया कि श्री दुबे द्वारा मालथौन दुग्ध शीतलन केन्द्र चालू कराने मे निरन्तर लापरवाही बरती गई, इस कारण दुग्ध शीतलन केन्द्र उद्घाटन पश्चात भी प्रारंभ नहीं हो सका। श्री दुबे द्वारा 536 महिलांए केन्द्र से लाभान्वित होने की जानकारी बांदरी की बताई गई किन्तु इस संख्या की पुष्टि नहीं हुई। राज्य शासन द्वारा महिलाओं के उत्थान व उनके प्रशिक्षण हेतु आजीविका भवन बनाकर उपलब्ध कराया गया, उक्त भवन मे श्री दुबे द्वारा स्व-सहायता समूहों की कोई भी गतिविधि प्रारंभ नही कराई गई।
 मिशन भवन सिलाई सेंन्टर के भ्रमण पर अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि सभी सिलाई मशीने बंद पाई गई एंव उनका कोई उपयोग नहीं हो रहा। केन्द्र स्तर पर कितनी महिलाओं द्वारा कितने-कितने वस्त्रों आदि का निर्माण और कितने का विक्रय किया गया, इसके संबंध में श्री दुबे ने कोई जानकारी उपलब्ध नही कराई, मालथौन सिलाई केन्द्र की सभी सिलाई मशीनों का कब किस निधि से व किस प्रक्रिया से उपार्जन किया गया, इसकी जानकारी व दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गये, जिससे आरोप सत्य प्रतीत हुए। श्री दुबे द्वारा केन्द्र में रखी सभी मशीनें किस संगठन की है, उनके स्वामित्व के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए श्री दुबे द्वारा गणवेश निर्माण हेतु बगैर प्रशिक्षित समूह सदस्यों का चयन किया गया, सामग्री उपार्जन प्रक्रिया की जानकारी/प्रशिक्षण समूह स्तर तक नहीं देने, प्राप्त हुए कोटेशनों की दरो का तुलनात्मक पत्रक नहीं पाया गया, सिलाई संबंधी कार्य की राशि का भुगतान किस समूह को कितना किया गया, नहीं पाया गया। ग्राम बंगेला मे 2017 से समूह की बैठक नहीं की गई, उप समितियो आजीविका पंजी व अन्य उप समितियों के बारे में किसी भी समूह को कोई जानकारी नहीं थी, ग्राम बंगेला में 2 दोना पत्तल की मशीनें खरीदी गई तथा खरीद उपरान्त मशीने चालू नहीं कराई गई, मशीने खरीदीमे क्या प्रक्रिया हुई, कितना भुगतान हुआ और किस संस्था को भुगतान किया गया, संबंधी दस्तावेज जांच मे उपलब्ध नही पाए गए थे।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें