Sagar News: शस्त्र से शरीर मर सकता है, व्यक्ति की प्रज्ञा और बुद्धि नहीं : सह क्षेत्र प्रचारक ▪️RSS का युवा सम्मेलन संपन्न

Sagar News: शस्त्र से शरीर मर सकता है, व्यक्ति की प्रज्ञा और बुद्धि नहीं : सह क्षेत्र प्रचारक

▪️RSS का युवा सम्मेलन संपन्न


तीनबत्ती न्यूज: 11 जनवरी, 2026 

सागर:  डॉक्टर हरि सिंह गौर स्टेडियम तहसील सागर में संघ के युवा सम्मेलन कार्यक्रम में 1700 युवा स्वयं सेवकों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम  तीन सत्र में रहा जिसमें प्रथम सत्र युवाओं का शारीरिक प्रधान कार्यक्रम, द्वितीय सत्र में युवा संवाद कार्यक्रम, तृतीय सत्र में मुख्य वक्ता का उद्बोधन प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि निशांत जी देसाई, संयोजक हर्ष जी अग्रवाल , श्री राजबाबू जी प्रांत सह महाविद्यालय प्रमुख एवं जिला महाविद्यालय प्रमुख अक्षय जी उपस्थित रहे।मुख्य वक्ता प्रेमशंकर जी सह क्षेत्र प्रचारक मध्य क्षेत्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उपस्थिति रहे।




कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निशांत देसाई द्वारा संघ की स्थापना व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। मुख्य वक्ता श् प्रेमशंकर जी सह क्षेत्र प्रचारक द्वारा राष्ट्र निर्माण में युवाओं  की भूमिका को बताया गया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद, गुरु तेग बहादुर ,भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर प्रकाश डाला । भगवान बिरसा मुंडा जो 22 वर्ष की आयु में स्वतंत्रता के  आंदोलन को जन आंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। विवेकानंद जैसे सन्यासी जिन्होंने देश को जगाने में, समाज परिवर्तन में युवाओं का महत्व तथा भगवान राम के संबंध में भी बताया। उन्होंने कहा कि युवा राम ने जी धनुष को उठाया उसे रावण जैसी बलशाली व्यक्ति भी हिला नहीं सके, युवा संन्यासी गुरु तेग बहादुर जिन्होंने अपने धर्म की रक्षा के लिए अपने तीन शिष्यों का बलिदान दिया इसी प्रकार परम पूजनीय डॉक्टर केशव बलिराम हेडगबार के जीवन वृत पर प्रकाश डाला।  मुगल काल में राष्ट्रीय एकता के प्रतीक सोमनाथ ,अयोध्या ,मथुरा मथुरा जैसी प्रतिको को तोड़ा गया अंग्रेजों ने यहां के इतिहास को बदल दिया।सह क्षेत्र प्रचारक प्रेम शंकर ने कहा कि शस्त्र से शरीर मर सकता है, लेकिन बुद्धि और प्रज्ञा नहीं मरती, और जिस राष्ट्र को मारना होता है संस्कृति को नष्ट करना होता है तो उस देश के युवाओं की बुद्धि को नष्ट करने का प्रयत्न करना पड़ता है यही कार्य अंग्रेजों ने किया और आक्रांताओं ने किया, इस देश की धर्म संस्कृति आध्यात्मिक को नष्ट करने के लिए जो जो ऐसे कार्य  थे, वे सब उन्होंने किये।उन्होंने कहा युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और राष्ट्रीयता की भावना जागृत कर समाज को संगठित होना पड़ेगा तभी देश का कल्याण होगा ।कार्यक्रम का आभार जिला महाविद्यालय प्रमुख अक्षय जी द्वारा किया गया। 

                          

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें