विश्व कैंसर दिवस: BMC सागर में जागरूकता शिविर; बुंदेलखंड को जल्द मिलेगी 'अत्याधुनिक कैंसर यूनिट'
▪️BMC में पिछले साल 649 नए मरीज आए : कुल 3294 मरीजों का परामर्श व उपचार हुआ
तीनबत्ती न्यूज: 03 फरवरी 2026
सागर : बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), सागर में आज विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर कैंसर विभाग द्वारा एक वृहद जागरूकता और स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। इस वर्ष 2026 की थीम “अद्वितीयता से एकजुट” (United by Unique) के तहत व्यक्तिगत देखभाल और कैंसर के शीघ्र निदान पर विशेष जोर दिया गया।
चिंताजनक आंकड़े: 2026 तक 15 लाख नए मामले संभावित
देश में कैंसर की रफ़्तार डराने वाली है। विशेषज्ञों के अनुसार, वर्ष 2026 तक भारत में नए कैंसर मामलों की संख्या 15 लाख को पार कर सकती है।
बीएमसी सागर में भी मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है
वर्ष 2025 का लेखा-जोखा:
- पिछले साल विभाग में 649 नए मरीज आए, जबकि कुल 3294 मरीजों का परामर्श व उपचार हुआ।
- कीमोथेरेपी: रिकॉर्ड 1132 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर कीमोथेरेपी प्रदान की गई।
- पुरुषों में मुंह, गले और फेफड़ों का कैंसर, जबकि महिलाओं में स्तन व बच्चेदानी (सर्वाइकल) का कैंसर सबसे ज्यादा पाया जा रहा है।
कैंसर के कारण और बचाव
कैंसर विशेषज्ञ और विभागाध्यक्ष डॉ. सुशील गौर ने बताया कि भारत में लगभग 70% कैंसर को केवल सही जीवनशैली और समय पर जांच से रोका जा सकता है।
- जोखिम के मुख्य कारण:
- तंबाकू: धूम्रपान और गुटखा फेफड़ों व मुंह के कैंसर की मुख्य वजह है।
- जीवनशैली: मोटापा, शराब का सेवन और शारीरिक निष्क्रियता।
- अन्य: आनुवंशिक कारण, वायु प्रदूषण और HPV जैसे खतरनाक संक्रमण।
- बचाव के 4 स्वर्णिम नियम:
- परहेज: तंबाकू और शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं।
- आहार: फल और सब्जियों से भरपूर संतुलित भोजन लें और नियमित व्यायाम करें।
- टीकाकरण: HPV और हेपेटाइटिस-बी के टीके लगवाएं।
- स्क्रीनिंग: नियमित अंतराल पर मैमोग्राम, पेप्स स्मीयर और कोलोनोस्कोपी कराएं।
मुफ्त इलाज और 'आयुष्मान' का सहारा
मीडिया प्रभारी डॉ सौरभ जैन ने जानकारी दी कि बीएमसी में कैंसर की सभी जांचें और उपचार पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध हैं। यहाँ मरीजों को आयुष्मान भारत योजना के तहत अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
बुंदेलखंड के लिए बड़ी सौगात
बीएमसी डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि हमारे निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि आगामी वर्ष में यहाँ पूर्णतः समर्पित कैंसर यूनिट शुरू हो जाएगी। इससे बुंदेलखंड के मरीजों को बड़े शहरों की ओर नहीं भटकना पड़ेगा और उन्हें अपने ही शहर में कैंसर का अत्याधुनिक इलाज मिल सकेगा।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें