हत्या के प्रकरण में पेरोल से फरार हुआ दूसरा सगा भाई 15 साल बाद गिरफ्तार : ईद पर मिलने आया था घर
▪️एक भाई हुआ था जयपुर से गिरफ्तार 15 साल बाद
तीनबत्ती न्यूज : 20 मार्च, 2026
सागर: सागर शहर की गोपालगंज थाना पुलिस ने पैरोल पर छूटने के बाद फरार हुए एक आरोपी को 15 साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी राजस्थान के जयपुर और अजमेर में छिपकर रह रहा था। ईद के मौके पर मां से मिलने सागर आया था तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2009 में कैंट थाना क्षेत्र में जयकुमार उर्फ पूरन अहिरवार की हत्या हुई थी। इस मामले में अब्दुल राशिद, अब्दुल जाहिद और एक महिला को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पुलिस ने हत्या के फरार 30 हजार के इनामी भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है।
गोपालगंज थाना पुलिस ने वर्ष 2011 से फरार पैरोल जंपर आरोपी अब्दुल जाहिद पिता अब्दुल बाहिद निवासी शनिचरी चौगना थाना गोपालगंज, जिला सागर को आज शुक्रवार को गिरफ्तार किया है।
15 वर्षों से पुलिस को दे रहा था चकमा
आरोपी अब्दुल जाहिद वर्ष 2011 में सेंट्रल जेल सागर से पैरोल पर रिहा हुआ था, किन्तु नियत अवधि पूर्ण होने के बाद भी वह वापस जेल नहीं लौटा और तभी से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा और पुलिस को भ्रमित करता रहा।
इसी प्रकरण में उसका सगा भाई अब्दुल राशिद, जो ₹30,000 का इनामी आरोपी था, को हाल ही में गोपालगंज पुलिस द्वारा जयपुर (राजस्थान) से सुनियोजित एवं फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार किया गया था। भाई की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस आरोपी की तलाश और तेज कर दी थी।
ईद से पहले घर आने की थी सूचना
तलाश के दौरान उपनिरीक्षक नीरज जैन को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी ईद के पहले अपने पुराने ठिकाने शनिचरी क्षेत्र में आने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल रणनीति बनाकर क्षेत्र में गुप्त निगरानी शुरू की। हनुमान अखाड़ा क्षेत्र में निगरानी के दौरान खिन्नी के पेड़ के पास एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जो नीले रंग की शर्ट पहने और लाठी के सहारे चल रहा था। मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिये से मिलान होने पर पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए चारों ओर से घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी ने प्रारंभ में अपनी पहचान छुपाने का प्रयास किया, किन्तु पुलिस की सख्ती से पूछताछ में अपना नाम अब्दुल जाहिद होना स्वीकार कर लिया। उसने यह भी बताया कि वह वर्ष 2011 से पैरोल जंप कर फरार है। आरोपी को गिरफ्तारी के पश्चात आरोपी को थाना लाकर हवालात में रखा गया है तथा उसकी फोटो, फिंगरप्रिंट एवं अन्य वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। आरोपी को चिकित्सीय परीक्षण हेतु भी भेजा जा रहा है एवं परिजनों को सूचना दी जा रही है।
टीम का सराहनीय योगदान
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ,उप निरीक्षक नीरज जैन कंट्रोल रूम से उप निरीक्षक आरकेएस चौहान , प्रधानआरक्षक दीपक व्यास ,अनिल प्रभाकर , गौतम , यशवंत यादव ,कैलाश सेन ,अशोक, मोहन सिंह राजपूत ,हरि ओम,जय सिंह, राधेश्याम, आरक्षक आशीष, मनीष , हीरेंद्र ,आनंद , अंकित तिवारी,भरत अहिरवार देवेंद्र पांडे का योगदान सराहनीय रहा।

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