Sagar : ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में ऐतिहासिक सम्मेलन, हजारों मातृशक्ति ने किया पीएम नरेंद्र मोदी का अभिनंदन
तीनबत्ती न्यूज: 14 अप्रैल अप्रैल। 2026
सागर। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में सागर में आयोजित भव्य मातृशक्ति सम्मेलन ने ऐतिहासिक स्वरूप धारण कर लिया। हजारों की संख्या में उपस्थित महिलाओं ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनका जोरदार अभिनंदन किया।लीगल राइट्स काउंसिल इंटरनेशनल की मध्यप्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अनुश्री शैलेंद्र कुमार जैन के नेतृत्व में धर्मश्री स्थित निवास पर आयोजित इस प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े, विशिष्ट अतिथि श्रीमती ललिता यादव, डॉ. जानवी मुखारया (स्त्री रोग विशेषज्ञ) एवं मुख्य वक्ता डॉ. श्वेता नेमा उपस्थित रहीं।
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कार्यक्रम में सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं स्वयंसेवी संगठनों से जुड़ी महिलाओं की व्यापक भागीदारी ने इसे एक सशक्त जनआंदोलन का रूप दे दिया। उपस्थित मातृशक्ति का उत्साह ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के प्रति उनके अटूट विश्वास और समर्थन को स्पष्ट रूप से दर्शाता रहा।
सम्मेलन के दौरान आयोजन स्थल से धर्मश्री स्थित संविधान चौक तक भव्य पदयात्रा निकाली गई। हाथों में समर्थन के संदेश और प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करती तख्तियां लिए जब मातृशक्ति सड़कों पर उतरी, तो “नारी शक्ति का सम्मान—देश का अभिमान” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
इस अवसर पर सागर विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन एवं भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने मातृशक्ति पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। आयोजक श्रीमती अनुश्री शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा—“यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और भागीदारी का सशक्त जनसंकल्प है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।”
मुख्य अतिथि सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि वर्षों से लंबित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व का अधिकार देकर उनके राजनीतिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त किया है। यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि लंबे संघर्षों का परिणाम है और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती ललिता यादव ने कहा कि “यह अधिनियम महिलाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला क्रांतिकारी कदम है। इससे नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी।”
मुख्य वक्ता डॉ. श्वेता नेमा ने कहा कि“महिलाओं को अधिकारों के साथ अवसर और मंच देना ही वास्तविक सशक्तिकरण है। यह अधिनियम समाज में समानता और संतुलन स्थापित करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करता है।”
कार्यक्रम का संचालन निशा शिंदे (प्रदेश उपाध्यक्ष, लीगल राइट्स काउंसिल इंडिया) द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती नंदिता पाठक, प्रदेश मंत्री श्रीमती अर्चना सिंह, पूर्व विधायक श्रीमती पारुल साहू, श्रीमती ज्योति दुबे सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही।





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