जल गंगा संवर्धन अभियान बना जनआंदोलन : आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प : गोविन्द राजपूत
तीनबत्ती न्यूज: 30 जून, 2026
सागर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सोमवार को सुरखी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गुरैया में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री श्री राजपूत ने ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक व्यापक जनआंदोलन है। जिले में तालाबों, कुओं, बावड़ियों एवं अन्य जल स्रोतों के संरक्षण, साफ-सफाई, गहरीकरण, वर्षा जल संचयन, वृक्षारोपण तथा जनजागरूकता जैसे कार्य बड़े पैमाने पर किए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
इस अवसर पर उन्होंने जिले में अभियान के अंतर्गत निर्धारित 34,703 लक्ष्यों के विरुद्ध 90,685 गतिविधियों का सफल क्रियान्वयन कर 261 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि लक्ष्य से 261 प्रतिशत अधिक उपलब्धि प्राप्त करना पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। इसके लिए उन्होंने कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), नगर परिषद एवं नगरीय निकायों के अधिकारियों, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं तथा आम नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से यह अभियान एक जनआंदोलन का स्वरूप ले सका है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश वाचन किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
निटर्री से अगरा मार्ग के लिए ₹4 करोड़ की लागत से रोड मंजूर की गई है, जिससे अब लंबे रास्ते और घूमकर जाने की मजबूरी खत्म होगी।, शासकीय हाई स्कूल के लिए ₹20 लाख की राशि और स्कूल भवन मरम्मत के लिए ₹5 लाख स्वीकृत किए गए हैं। गाँव में शादियों और मांगलिक कार्यों के लिए ₹25 लाख की लागत से मंगल भवन के निर्माण की घोषणा की गई।
’विभिन्न विभागों के समन्वय से बदली ग्राम पंचायतों की तस्वीर’
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले में जल संरक्षण की दिशा में हुए कार्यों के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि भले ही इस अभियान का औपचारिक समापन हो रहा है, परंतु पानी बचाने और जल स्रोतों को सहेजने का हमारा कर्तव्य कभी समाप्त नहीं होता। कलेक्टर ने बताया कि पानी रोकने का यह महाअभियान मुख्य रूप से मार्च से जून तक निरंतर चलाया गया, जिसके तहत मनरेगा के माध्यम से 8.5 हजार से ज्यादा कार्य सफलतापूर्वक किए गए हैं। इस अभियान में विभिन्न विभागों ने मिलकर सामूहिक प्रयास किए हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत गुरैया के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यहाँ जल संरचना के तहत अमृत सरोवर का बहुत अच्छा निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण एवं संवर्धन के अतिरिक्त अन्य विभागों के समन्वित प्रयास भी रंग लाए हैं। कृषि विभाग द्वारा बलराम तालाब और उद्यानिकी विभाग द्वारा माइक्रो इरिगेशन (सूक्ष्म सिंचाई) को बढ़ावा दिया गया है ताकि ऐसी खेती की जा सके जिसमें पानी कम लगे। वन विभाग द्वारा कंटूर ट्रेंच बनाकर जंगली क्षेत्रों में वर्षा के पानी को रोकने का सराहनीय कार्य किया गया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी द्वारा वॉटर सैंपलिंग का कार्य किया गया। इसी प्रकार हैंडपंपों के पास जल संचयन के लिए सोक पिट बनाए गए हैं।
ये रहे शामिल
इस अवसर पर डाॅ. वीरेन्द्र पाठक, नर्वदासिंह खोना वाले, सरवन सिंह, अरुण गौतम, राकेश राजपूत, भोलेराजा, रमेश चढ़ार, गोकल सिह, अमर सिंह, अजबसिह सरपंच, महेन्द्र सिंह, बुन्देलसिंह बंसिया मंडल अध्यक्ष, दिनेश मिश्रा, कौशल चैबे, रामराज लोधी, शिवराज सिंह, सुवोध दुवे, कमलेश पांडे, ब्रजभान सिंह, सुरेश साहू, रामबाबू तिवारी, कुंवर सिंह यादव भिलैया, गन्नी अहिरवार, बाबूसिंह राजपूत, महेन्द्र राय, अनुविभागीय अधिकारी, जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, महिला बाल विकास अधिकारी भरत सिंह ठाकुर सहित सभी प्रशासनिक जिला अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।


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