कलेक्टर प्रतिभा पाल का कार्यालयों का औचक निरीक्षण: लापरवाही पर कर्मचारी निलंबित, रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए एसओपी लागू

कलेक्टर ने किया कार्यालयों का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर सहायक ग्रेड-3 निलंबित

▪️नकल शाखा, अभिलेखागार और जिला पंचायत कार्यालय की व्यवस्थाओं की समीक्षा, रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए एसओपी और रोस्टर लागू करने के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज, 09 जुलाई 2026

सागर:  जिले की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने गुरुवार को नकल शाखा, अभिलेखागार एवं जिला पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों में लापरवाही और भारी पेंडेंसी पाए जाने पर उन्होंने सहायक ग्रेड-3 सुधीर शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।

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कलेक्टर ने समय-सीमा से बाहर लंबित मामलों की गहन समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन स्तरों पर प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित हैं, उनकी सूची तैयार कर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमजन को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए बनेगी एसओपी

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सभी प्रकार के रिकॉर्ड के रख-रखाव, प्राप्ति और निराकरण के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के लिए रोस्टर और कार्य-प्रणाली निर्धारित करने पर जोर दिया, ताकि प्रत्येक कार्य तय समय-सीमा में पूरा हो सके।

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दैनिक मॉनिटरिंग और उपस्थिति अनिवार्य

नकल शाखा और लोक सेवा केंद्र के बेहतर समन्वय के लिए कलेक्टर ने निर्देशित किया कि लोकसेवा ऑपरेटर अथवा रनर प्रतिदिन शाखा में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर अपनी हाजिरी दर्ज करेगा और लंबित प्रकरणों का विवरण भी रजिस्टर में अंकित करेगा।

जिला पंचायत कार्यालय में  व्यवस्थाओं की समीक्षा

इसके बाद कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिला पंचायत कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक केवी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने स्थापना, विकास, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर वहां संचालित कार्यों की समीक्षा की।


उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी हितग्राही या विभागीय कार्य की फाइल अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए। ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।



रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने के निर्देश

कलेक्टर ने कहा कि सभी शासकीय अभिलेख और रिकॉर्ड सुव्यवस्थित एवं अद्यतन होने चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर कोई भी दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत ग्रामीण विकास की धुरी है और यहां आने वाले प्रत्येक हितग्राही की समस्या का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान एडीएम श्री अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन बिसेन, एसडीएम श्री अमन मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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