टीकमगढ़ में लोकायुक्त सागर की बड़ी कार्रवाई: अस्पताल में कंप्यूटर ऑपरेटर बनाने के नाम पर मांगी रिश्वत, MPW ₹10,000 की पहली किस्त लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
तीनबत्ती न्यूज: 31 जुलाई ,2026
टीकमगढ़ / सागर: लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देशों और उप पुलिस महानिरीक्षक श्री मनोज सिंह के मार्गदर्शन में लोकायुक्त संभाग सागर की टीम ने शुक्रवार को टीकमगढ़ में एक सफल ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। लोकायुक्त पुलिस ने सीएमएचओ कार्यालय टीकमगढ़ में पदस्थ पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता (MPW) को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा।
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यह है पूरा मामला:
छतरपुर जिले के नगर परिषद वारा निवासी 23 वर्षीय अरविंद सिंह राजपूत और उनके मित्र नरेंद्र राजपूत को जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ में कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती की जानकारी मिली थी। जब दोनों फॉर्म भरने सीएमएचओ कार्यालय टीकमगढ़ पहुंचे, तो वहां आवक-जावक शाखा में अटैच एमपीडब्ल्यू देशराज सिंह घोष (55 वर्ष) से उनकी मुलाकात हुई।आरोपी देशराज सिंह घोष ने दोनों युवाओं को कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर भर्ती कराने के एवज में ₹50,000 रिश्वत की मांग की।
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शिकायत और सत्यापन:
रिश्वत मांगे जाने से परेशान होकर आवेदक अरविंद सिंह राजपूत ने 28 जुलाई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय सागर पहुंचकर पुलिस अधीक्षक के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त टीम द्वारा शिकायत की गोपनीयता से जांच और सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई।
डाकघर के सामने रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी:
शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से 31 जुलाई 2026 को ट्रैप आयोजित किया। जैसे ही आरोपी देशराज सिंह घोष ने कलेक्ट्रेट उप डाकघर टीकमगढ़ के सामने गेट पर पहली किस्त के रूप में ₹10,000 की रिश्वत राशि स्वीकार की, पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई जारी:
यह सफल ट्रैप कार्रवाई उप पुलिस अधीक्षक कमल सिंह उइके एवं निरीक्षक मंजू किरण तिर्की के नेतृत्व में लोकायुक्त पुलिस सागर के स्टाफ द्वारा की गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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