रेलवे का बड़ा फैसला: कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों को सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस, सभी रूटों पर संचालन की मंजूरी

रेलवे का बड़ा फैसला: कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों को अब मिलेगा सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस, सभी रूटों पर कर सकेंगे संचालन


तीनबत्ती न्यूज: 06 अगस्त, 2026

नई दिल्ली। भारतीय रेल ने कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों (CTO) के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को बड़ा बदलाव देते हुए मॉडल कन्सेशन एग्रीमेंट (MCA) में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब ऑपरेटरों को अलग-अलग मार्ग श्रेणियों के बजाय 25 करोड़ रुपये के एकमुश्त पंजीकरण शुल्क पर सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस मिलेगा, जिससे वे भारतीय रेल नेटवर्क के सभी मार्गों पर कंटेनर ट्रेनों का संचालन कर सकेंगे।

यह नई व्यवस्था राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से लागू की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) बढ़ेगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रमुख बदलाव

  • सभी मार्गों के लिए एक ही ऑल इंडिया लाइसेंस।
  • 25 करोड़ रुपये का एकसमान और अप्रतिदेय पंजीकरण शुल्क।
  • लाइसेंस अवधि पूरी होने के बाद 20 वर्ष के विस्तार पर कोई नवीनीकरण शुल्क नहीं।
  • मौजूदा कैटेगरी-I ऑपरेटरों को नवीनीकरण पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
  • कैटेगरी-II, III और IV ऑपरेटर नई व्यवस्था में आने पर 15 करोड़ रुपये का अंतर शुल्क जमा करेंगे।

उद्योग और एमएसएमई को होगा फायदा

रेल मंत्रालय के अनुसार नई व्यवस्था से नियामकीय और अनुपालन लागत कम होगी। इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रेल आधारित माल परिवहन को गति मिलेगी। विशेष रूप से एमएसएमई को कम लागत पर माल परिवहन का विकल्प मिलेगा, जिससे उनकी लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।

पर्यावरण को भी लाभ

सरकार का मानना है कि अधिक कंटेनर यातायात सड़क से रेल की ओर स्थानांतरित होने से राष्ट्रीय राजमार्गों पर भीड़ कम होगी, ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे देश में टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल माल परिवहन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।


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