सागर: डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय में वैचारिक स्वच्छता अभियान, कॉलेजों में लगेंगे NO ABUSE बोर्ड

डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय में ‘वैचारिक स्वच्छता अभियान’ की पहल : संबंद्ध कालेजों में लगेंगे ‘NO ABUSE’ बोर्ड


तीनबत्ती न्यूज:26 अगस्त ,2026

सागर। डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर ने सामाजिक एवं भाषायी संवेदनशीलता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘वैचारिक स्वच्छता अभियान’ को विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों तक पहुंचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। अभियान के तहत महाविद्यालय परिसरों में ‘NO ABUSE’ बोर्ड लगाए जाएंगे और विद्यार्थियों के बीच सम्मानजनक भाषा तथा महिला सम्मान को लेकर जनजागृति अभियान चलाया जाएगा।

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विश्वविद्यालय द्वारा 20 अगस्त 2026 के पत्र के संदर्भ में संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों को अभियान संबंधी पत्र भेजा गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और शैक्षणिक समुदाय में सम्मानजनक भाषा, सकारात्मक सोच, महिला सम्मान और वैचारिक स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

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प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे ‘NO ABUSE’ बोर्ड

अभियान के अंतर्गत महाविद्यालयों में प्रमुख एवं दृष्टिगोचर स्थानों पर ‘NO ABUSE’ बोर्ड लगाए जाने पर जोर दिया गया है। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को माँ, बहन और बेटी के नाम पर अपशब्दों के इस्तेमाल को सामाजिक रूप से अस्वीकार्य व्यवहार के रूप में समझाने का प्रयास किया जाएगा।


अभियान का संदेश है— “माँ-बहन-बेटी की गालियाँ अब बंद होनी चाहिए।”

अभियान के तहत 17 सितंबर को ‘NO ABUSE DAY – जनजागृति संकल्प दिवस’ के रूप में मनाने का संदेश भी विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सम्मानजनक भाषा के प्रयोग तथा महिलाओं के सम्मान की रक्षा का संकल्प दिलाने सहित विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।


UGC और शिक्षा मंत्रालय तक पहुंचेगा अभियान

अभियान की संस्थापक डॉ. वंदना गुप्ता द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों तक इस पहल को व्यापक रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र दिया गया है। विश्वविद्यालय के माध्यम से यह पत्र विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) एवं Ministry of Education, Government of India को भी प्रेषित किया गया है।

पत्र के माध्यम से उच्च शिक्षा संस्थानों में वैचारिक स्वच्छता, सम्मानजनक भाषा और माँ-बहन-बेटी की गालियों के विरुद्ध जनजागृति को संस्थागत रूप से प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित किया गया है।



शिक्षण संस्थान समाज के भविष्य का निर्माण करते हैं’


डॉ. वंदना गुप्ता ने विश्वविद्यालय की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा देने के केंद्र नहीं हैं, बल्कि समाज के भविष्य का निर्माण करते हैं। विद्यार्थियों में अध्ययन के साथ विचारों की स्वच्छता, भाषा की मर्यादा और महिलाओं के प्रति सम्मान का संस्कार विकसित किया जाए तो इसका सकारात्मक प्रभाव आने वाली पीढ़ियों और पूरे समाज पर पड़ेगा।


उन्होंने कहा कि जिस प्रकार स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से भौतिक स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप दिया गया, उसी प्रकार विचारों और भाषा की स्वच्छता को भी सामाजिक आंदोलन बनाने की आवश्यकता है।


अभियान का संकल्प


17 सितंबर – NO ABUSE DAY

जनजागृति संकल्प दिवस


“हम जीवन में कभी भी माँ, बहन, बेटी की गालियाँ न देने का संकल्प लेते हैं।”


माँ, बहन, बेटी का सम्मान — वैचारिक स्वच्छता अभियान

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