बंडा शराब कांड: तीन दिन में पीड़ित परिवारों के खातों में पहुंचेगी मुआवजा राशि : मंत्री गोविंद राजपूत
• तीन मरीजों की आंखों में गंभीर परेशानी, भोपाल एम्स भेजा
तीनबत्ती न्यूज, 14 सितंबर 2026
सागर। बंडा क्षेत्र में दूषित शराब के सेवन से बीमार हुए लोगों का हाल जानने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सोमवार को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद चिकित्सकों से उपचार की स्थिति और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि बंडा की यह घटना बेहद दुखद है और सरकार पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है। पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासनिक कार्रवाई जारी
बंडा में जहरीली शराब पीने से 30 से अधिक मौतें हो चुकी है। करीब कई पीड़ितों का अभी इलाज के लिए भर्ती है। उधर प्रशासन ने 30 के खिलाफ FIR दर्ज की है। जिनमें 18 आरोपी गिरफ्तार हो चुके है। इनमें दो मुख्य आरोपियों रवि लखेरा और शिवानज्य राजपूत को शार्ट इनकाउंटर से पकड़ा। इस कांड के दो मुख्य आरोपी मनीष लोधी और मनीष साहू फरार है। शराब से हुई मौतों के बाद प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। आरोपियों के मकानों पर बुलडोज़र चला तो दो शराब दुकानों के लाइसेंस और तीन आरोपियों के शस्त्र लायसेंस और एक आरोपी की क्रेशर की लीज निरस्त की है। इसके साथ ही भारी मात्रा में अवैध शराब भी जिले भर में पकड़ी गई है। अभी तक आबकारी विभाग के तीन और पुलिस के तीन अधिकारी। सस्पेंड किए गए है। SDM, sdop सहित आधा दर्जन अधिकारियों को हटाया गया है। सीएम डॉ मोहन यादव ने सागर आकर पीड़ितो से हालचाल जाना और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है।
तीन दिन में खातों में पहुंचेगी मुआवजा राशि
गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि दूषित शराब के सेवन से जिन लोगों की मृत्यु हुई है या जो प्रभावित हुए हैं, उनके परिवारों को तीन दिन के अंदर मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन पीड़ित परिवारों के पास संबल कार्ड नहीं है, उन्हें भी नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का प्रयास है कि संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों को किसी तरह की परेशानी न हो।
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तीन मरीजों की आंखों में गंभीर परेशानी, भोपाल एम्स भेजा
बीएमसी में निरीक्षण के दौरान मंत्री को जानकारी मिली कि सुनील विश्वकर्मा, सुल्तान सिंह और गोविंद अहिरवार की आंखों में गंभीर परेशानी है। इसे गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने तीनों मरीजों को बेहतर उपचार के लिए तत्काल भोपाल भेजने की व्यवस्था कराई। मंत्री ने भोपाल एम्स के चिकित्सकों से दूरभाष पर चर्चा कर मरीजों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके बाद तीनों मरीजों को बेहतर उपचार के लिए भोपाल भेजा गया।
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राजपूत ने कहा कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और सरकार उनके इलाज का पूरा ध्यान रखेगी।
शराब माफिया पर सख्त कार्रवाई, बोले- पुलिस-प्रशासन ने कमर तोड़ दी
शराब मामले में पुलिस और प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई पर मंत्री ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस और प्रशासन पूरी ताकत के साथ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि शराब माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। दोषी चाहे कोई भी हो, उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
दिग्विजय सिंह पर पलटवार, बोले- 'ट्वीट मास्टर' हैं
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा बंडा मामले को लेकर की गई टिप्पणियों पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को उनकी पार्टी का हाईकमान और कांग्रेस गंभीरता से नहीं लेते हैं तथा प्रदेश की जनता ने उन्हें नकार दिया है। राजपूत ने कहा कि दिग्विजय सिंह की उम्र 80 वर्ष हो चुकी है और उन्हें अपनी उम्र को देखते हुए भगवान का भजन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक सुर्खियों में बने रहने के लिए वे बैठे-बैठे ट्वीट कर अनर्गल बयानबाजी करते रहते हैं।
मंत्री ने दिग्विजय सिंह को 'ट्वीट मास्टर' बताते हुए तंज कसा कि वे बिना शहद के छत्ते की तरह हैं, जिसमें शहद और मधुमक्खियां गायब हो गई हैं और अकेला छत्ता घूमता रहता है।
जीतू पटवारी को नसीहत- गंभीर मामले में राजनीति न करें
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर निशाना साधते हुए मंत्री राजपूत ने कहा कि अभी उनमें बचपना है और उन्हें राजनीति में और गंभीर होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर मामले में राजनीति करने के बजाय सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए तथा उन्हें राहत पहुंचाने की दिशा में काम करना चाहिए।
'25 साल की राजनीति में जुआ, सट्टा और शराब का साथ नहीं दिया'
अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि वह पिछले 25 वर्षों से राजनीति में हैं, लेकिन उन्होंने या उनके परिवार ने कभी जुआ, सट्टा और शराब जैसी सामाजिक बुराइयों का समर्थन नहीं किया।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को न तो संरक्षण दिया गया और न ही किसी प्रकार की मदद की गई। राजनीति में रोजाना हजारों लोग मिलते हैं। लोग माला पहनाते हैं, फूल देते हैं और फोटो खिंचवाते हैं। केवल किसी व्यक्ति के साथ फोटो होने या उसके द्वारा माला पहनाने का अर्थ यह नहीं है कि उससे किसी प्रकार की घनिष्ठता है अथवा उसे संरक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि दोषी कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है सरकार
मंत्री ने कहा कि बंडा की दुखद घटना में जिन परिवारों ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति सरकार की गहरी संवेदनाएं हैं। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता पहुंचाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि पीड़ितों को जिस भी प्रकार की मदद की आवश्यकता होगी, सरकार उसे उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी आयोजित की जाएगी।
बैठक में घटना की स्थिति, मरीजों के उपचार, पीड़ित परिवारों को दी जा रही सहायता और आरोपियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

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