घरौंदा आश्रम में दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचा सेवा का भाव: आदिशक्ति फाउंडेशन ने मनाया सेवा संकल्प
तीनबत्ती न्यूज: 21 सितम्बर, 2026
सागर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसेवक के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत सागर में आदिशक्ति फाउंडेशन द्वारा घरौंदा आश्रम में सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों ने दिव्यांग बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनकी जरूरतों को समझते हुए आवश्यक सामग्री भेंट की।
कार्यक्रम में सांसद डॉ. लता वानखेड़े, भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, लीगल राइट्स काउंसिल इंटरनेशनल की प्रदेश अध्यक्ष अनुश्री जैन, शिल्पी भार्गव, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मेघा दुबे, प्रतिभा तिवारी एवं ऋतू तिवारी सहित अन्य अतिथि शामिल हुए।
बच्चों से किया आत्मीय संवाद
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने घरौंदा आश्रम के दिव्यांग बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली और आदिशक्ति फाउंडेशन की सदस्यों के साथ मिलकर जरूरत के अनुसार सामग्री वितरित की।
सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 25 वर्षों के लोकसेवा के सफर में सेवा को जनकल्याण से जोड़ते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया है। सेवा संकल्प अभियान इसी भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम है।
भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 वर्षों का लोकसेवा संकल्प सेवा और समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सेवा केवल आयोजन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर उनकी आवश्यकताओं को समझना और उनके जीवन को सहज बनाने का प्रयास करना ही इसकी सार्थकता है।
अनुश्री जैन ने कहा कि सेवा का वास्तविक रूप जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में सहयोग और अपनत्व पहुंचाना है। दिव्यांग बच्चों के बीच समय बिताना और उनकी जरूरतों को समझना संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का विषय है।
शिल्पी भार्गव ने कहा कि सेवा केवल सामग्री उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। किसी जरूरतमंद के साथ आत्मीयता से कुछ समय बिताना और उसके चेहरे पर मुस्कान लाना भी बड़ी सेवा है।
कार्यक्रम का संचालन महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष वैशाली सोनी ने किया। इस अवसर पर एल्डरमैन आशा लता सिलाकारी, निशा सिंदें सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं आदिशक्ति फाउंडेशन की सदस्याएं मौजूद रहीं।


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