पूर्व निर्णयों पर कार्रवाई नहीं होने से निगमायुक्त की कार्यप्रणाली पर महापौर परिषद नाराज : शासन को भेजा जाएगा पत्र : मेयर संगीता तिवारी
• महापौर परिषद के निर्णयों की लगातार हो रही अवहेलना, जनचौपाल में भी नहीं पहुंचे निगमायुक्त
तीनबत्ती न्यूज: 30 सितंबर 2026
सागर। नगर निगम सागर की महापौर परिषद की बैठक बुधवार को नवीन निगम भवन के सभाकक्ष में महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में नगर विकास, जनहित और निगम से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा के दौरान कई लंबित मामलों को लेकर महापौर परिषद ने निगमायुक्त की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई।
बैठक में पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों पर समय-सीमा में कार्रवाई नहीं होने को लेकर महापौर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पूर्व बैठकों में सात दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय में प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। महापौर ने इसे महापौर परिषद के निर्णयों की अवहेलना बताया।
महापौर ने कहा कि एमआईसी के कई महत्वपूर्ण जनहित के निर्णय अब भी लंबित हैं। पार्षदों की समस्याओं का भी अपेक्षित निराकरण नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि 'आपकी महापौर आपके द्वार' के तहत आयोजित किसी भी जनचौपाल कार्यक्रम में निगमायुक्त उपस्थित नहीं हुए।
सीएम और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा पत्र
बैठक के दौरान महापौर ने निगमायुक्त की कार्यप्रणाली पर गंभीर नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार लिए जा रहे निर्णयों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में महापौर परिषद की ओर से मुख्यमंत्री, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं आयुक्त नगरीय प्रशासन, संभागायुक्त सागर तथा कलेक्टर सागर को पत्र भेजा जाएगा।
इसके बाद महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी बैठक से बाहर चली गईं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उपस्थित एमआईसी सदस्यों ने भी इस मामले में गंभीर आपत्ति दर्ज कराई।
डेयरी विस्थापन पर भी उठे सवाल
बैठक में डेयरी विस्थापन की स्थिति की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारी ने बताया कि कुल 155 डेयरियों में से 125 को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 35 डेयरी संचालकों ने जियो टैगिंग के प्रमाण के साथ पुनः आवेदन किया है।
एमआईसी सदस्य धर्मेन्द्र खटीक ने सवाल उठाया कि अभी तक सभी डेयरियों का विस्थापन क्यों नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को भी प्लॉट आवंटित किए गए हैं, जिनके पास पशु नहीं हैं।
महापौर ने कहा कि डेयरी विस्थापन की कार्रवाई कागजों पर अधिक और धरातल पर कम दिखाई दे रही है। प्रत्येक बैठक में इस विषय पर चर्चा होती है, लेकिन अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं।
इस पर निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने 15 दिनों के भीतर अपात्र आवंटनों को निरस्त करने की कार्रवाई करने की बात कही।
राजघाट डीसिल्टिंग के लिए समिति बनाने का सुझाव
राजघाट में डीसिल्टिंग कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि बड़े क्षेत्र में डीसिल्टिंग का काम पूरा किया जा चुका है, लेकिन वर्तमान में जलस्तर बढ़ने के कारण शेष कार्य प्रभावित हुआ है।एमआईसी सदस्य धर्मेन्द्र खटीक ने राजघाट डीसिल्टिंग कार्य की समीक्षा के लिए समिति गठित करने का सुझाव दिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्र हितग्राही सूची सार्वजनिक होगी
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों की सूची सार्वजनिक करने तथा निगम कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने का निर्णय लिया गया।
महापौर ने मल्टीलेवल पार्किंग, साबूलाल मार्केट सहित बड़े प्रोजेक्टों में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछली समीक्षा बैठक में इन कार्यों के संबंध में स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई थी, जबकि बाद की बैठक में दस्तावेज उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई।
आवास योजना की हितग्राही ने पानी-बिजली की सुविधा नहीं मिलने की शिकायत की
बैठक के दौरान किशोर न्यायालय आवासीय योजना की हितग्राही स्वाति जैन ने उपस्थित होकर शिकायत की कि उन्हें आवास आवंटित हो चुका है, लेकिन आवासीय परिसर में पानी और बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
महापौर एवं एमआईसी सदस्यों ने कहा कि यदि पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी तो हितग्राही वहां रह कैसे पाएंगे।
जलभराव और हॉकर्स जोन का मुद्दा भी उठा
एमआईसी सदस्य श्रीमती संगीता जैन ने वृंदावन वार्ड के श्रीराम नगर एवं एमएलबी स्कूल के पास जलभराव की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने निगमायुक्त से समस्या के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित करने की मांग की। निगमायुक्त ने शीघ्र समस्या का निराकरण कराने का आश्वासन दिया।
सदस्य विनोद तिवारी एवं संगीता जैन ने हॉकर्स जोन में अब तक बोर्ड नहीं लगाए जाने का मुद्दा उठाया। महापौर ने कहा कि पिछली बैठक में सात दिवस के भीतर बोर्ड लगाने की बात हुई थी, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।
एनकेप के अंतर्गत किए गए कार्यों की स्वीकृति और कार्यों की जानकारी एमआईसी को नहीं दिए जाने का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।
परशुराम और लवकुश चौराहा निर्माण को लेकर भी नाराजगी
महापौर ने भगवान परशुराम चौराहा निर्माण के संबंध में अब तक कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में वापस भेजने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एमआईसी सदस्य राजकुमार पटैल ने लवकुश चौराहा निर्माण कार्य के लिए अब तक कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया। सदस्य रूपेश यादव ने टाटा पाइपलाइन डालने तथा अवैध नल कनेक्शनों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
अवैध नल कनेक्शन पर जुर्माने का प्रस्ताव
बैठक में अवैध नल कनेक्शन पाए जाने पर घरेलू कनेक्शन के लिए 25 हजार रुपये और व्यावसायिक कनेक्शन के लिए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के संबंध में चर्चा के बाद निर्णय लिया गया। संबंधित इंजीनियर ने एमआईसी को जानकारी दी कि पिछले माह 100 से अधिक अवैध नल कनेक्शन काटे गए हैं।
बीएलसी योजना की वित्तीय अनियमितताओं की जांच लंबित
बैठक में बीएलसी घटक योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला भी प्रमुखता से उठा। महापौर परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 20 दिनांक 28 जनवरी 2025 और प्रस्ताव क्रमांक 12 दिनांक 25 जून 2026 में इस मामले में कार्रवाई के लिए निगमायुक्त को अधिकृत किया गया था।
बैठक में बताया गया कि लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने के कारण 25 जून 2026 की बैठक में फिर मामले की समीक्षा की गई थी और 15 दिनों में कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई।
एमआईसी सदस्य विनोद तिवारी ने कहा कि जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है, जबकि इस मामले से जुड़े कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कुछ की मृत्यु भी हो चुकी है।
महापौर ने कहा कि निगमायुक्त द्वारा अब तक कार्रवाई से महापौर परिषद को अवगत नहीं कराया गया है और न ही मामले का उचित निराकरण किया गया है।
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सोलर एनर्जी और एनर्जी ऑडिट पर भी चर्चा
महापौर परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 15 दिनांक 25 जून 2026 के तहत नगर निगम के नवीन भवन सहित अन्य शासकीय भवनों पर पीपीपी मोड के माध्यम से सोलर एनर्जी सिस्टम लगाने की स्वीकृति दी गई थी। बैठक में इस प्रस्ताव पर अब तक कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठा। संबंधित उपयंत्री ने बताया कि ठेकेदार के टेंडर दस्तावेजों की शर्तों की समीक्षा की गई है। इसमें ठेका आवंटित होने के बाद प्रारंभिक भुगतान से संबंधित शर्त सामने आई है। निगम इस व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है।
निगमायुक्त ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार अनुबंध एमपीयूडीसी के माध्यम से किया जाएगा। महापौर ने कहा कि विद्युत बचत और निगम पर वित्तीय भार कम करने के लिए एनर्जी ऑडिट से संबंधित कई प्रस्ताव पहले भी हो चुके हैं, लेकिन लगभग एक वर्ष से इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने रीवा नगर निगम की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए सागर में भी इसी प्रकार कार्रवाई करने की बात कही। एमआईसी सदस्यों कंचन जड़िया, संगीता जैन और धर्मेन्द्र खटीक ने भी शीघ्र कार्रवाई का सुझाव दिया।
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एल्डरमेन के मानदेय सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी
बैठक में नगरीय विकास एवं आवास विभाग की अधिसूचना के अनुसार नगर निगम में पार्षद के रूप में नामनिर्दिष्ट आठ एल्डरमेन के मानदेय भुगतान संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा कर स्वीकृति प्रदान की गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मेनपानी और कनेरादेव तथा राजीव आवास योजना के पायलट प्रोजेक्ट एवं छत्रसाल आवासीय कॉलोनी बाधाराज में पंजीयन राशि 20 हजार रुपये और अंशदान राशि 2 लाख रुपये वापस किए जाने संबंधी प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इस पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुरूप उपविधि लागू करने पर भी सहमति बनी। इसके तहत नियमों का पालन नहीं करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने की दर निर्धारित होने के बाद इसे लागू किया जाएगा।बैठक में महापौर परिषद की पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों की भी समीक्षा की गई और लंबित मामलों में शीघ्र कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
ये रहे शामिल
बैठक में महापौर परिषद सदस्य पं. विनोद तिवारी, रूपेश यादव, धर्मेन्द्र खटीक, राजकुमार पटैल, श्रीमती रेखा नरेश यादव, श्रीमती कंचन सोमेश जड़िया, श्रीमती संगीता शैलेष जैन, उपायुक्त एस.एस. बघेल, कार्यपालन यंत्री जितेन्द्र गुप्ता, सहायक यंत्री संजय तिवारी, उपयंत्री संयम चतुर्वेदी, आयुष शुक्ला, शिवेन्द्र सिंह, गौरव सिंह राजपूत, निगम सचिव मुन्नालाल रैकवार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


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