डॉग बाईट्स यानी कुत्तों द्वारा बच्चों आदिको शारीरिक क्षति पहुचाने जैसी घटनाओं को लेकर मानव अधिकार आयोग कोर्ट की शरण मे

डॉग बाईट्स यानी कुत्तों द्वारा बच्चों आदिको शारीरिक क्षति पहुचाने जैसी घटनाओं को लेकर मानव अधिकार आयोग कोर्ट की शरण मे 

#मध्यप्रदेश मांनव अधिकार आयोग के अध्यक्ष ने बताया अधिकारों के लिए बजट आड़े नही आना चाहिए
# जेल/पुलिस हिरासत  में स्वास्थ्य और सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की 

सागर । मध्यप्रदेश में  डॉग बाईट्स यानि कुत्तों द्वारा बच्चों आदि  को नोचने जैसी घटनाओं डॉग बाईट को लेकर मॉनव अधिकार आयोग सख्त दिख रहा है । इन  घटनाओ में पीड़ितों को क्षतिपूर्ति राशी और सुरक्षा को लेकर  आयोग ने हाईकोर्ट की शरण ली है।
आयोग के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार जैन और सदस्य सरबजीत सिंह,रिटायर्ड आईपीएस ने सागर में आज मीडिया में चर्चा की । अध्यक्ष जैन ने कहा कि आयोग की ओर से रिट पिटीशन दायर की थी। जिसमे हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव सहित सम्बंधित अफसरो को नोटिस जारी किए है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस पर कोई ध्यान नही दिया। बजट कीकमी की  बात कही। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों के हितों के लिए बजट आड़े नही आना चाहिए।
जेल और पुलिस हिरासत में मौत पर चिंता
जेल और पुलिस हिरासत में मौत पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सरकार की जिम्मेदारी स्वास्थ्य और सुरक्षा की है । कैदियों की मौत पर आर्थिक मदद मिलना चाहिए। ऐसे प्रकरण बढ़े हैं। यदि सरकार निर्णय नही लेती है तो आयोग हाईकोर्ट का सहारा लेगा। यदि कैदी बीमार है हिरासत में मौत हो रही है तो जिम्मेदारी किसकी है।
आयोग की सुनवाई में गैरहाजिर अफसरो को नोटिस
आयोग के अध्यक्ष श्री जैन ने  बताया कि आयोग द्वारा लगातार शिकायतों की सुनवाई भोपाल मुख्यालय और जिला स्तर पर सुनावाई करके इनका निराकरण किया जा रहा है । सुनवाई में सम्बन्धित अधिकारियों को बुलाया जाता है । कई बार अनुपस्थित भी हो जाते है । इंनको नोटिस जारी करके बुलाया जा रहा है ।
अब इस पर सख्ती भी शुरू की है जिसके तहत धारा 13-2 के तहत नोटिस जारी किए जा रहे है, इसके बावजूद भी अधिकारी अगर नहीं आते तो सीपीसी के तहत वारंट जारी कर उन्हें बुलाया जा रहा है.करीब डेढ़ दर्जन को ऐसे नोटिस जारी किए गए है । ताकि पीड़ितों को जल्दी न्याय मिल सके।इसके साथ आयोग हर साल अपने कामकाज और सिफारिशों को सालाना रिपोर्ट पेश करता है  मॉर्च 2019 में यह जारी की गई थी। 
मानव अधिकार आयोग से मिलतेजुलते संगठनों पर कार्यवायी
मध्यप्रदेश में आयोग के नाम से मिलतेजुलते संगठनों के दुरुपयोग की शिकायते खूब मिल रही है । ऐसे में आयोग ने सख्त कार्यवाही करने के आदेश स्थानीय प्रशासन को दिए है । कई बार वाहनों में नेमप्लेट लगाकर अथवा विभागों में जाकर दुरुपयोग के मामले मिले । ईंन पर कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में इनके पंजीयन हो जाते है। जिस आधार पर ये राज्य में दुरुपयोग करते है ।जिनके नाम मानव अधिकार आयोग जैसे है वह दिल्ली में चैरिटेबिल ट्रस्ट के नाम से पंजीकृत है। शिकायतों पर की गई पड़ताल में यह बात सामने आयी है. दिल्ली की ऐसी ही संस्थाओं की शाखायें लोगों ने प्रदेश में खोली है।उन्होंने कहा इनका सत्यापन होना चाहिए। मॉनव अधिकार आयोग सिर्फ आयोग मित्र बनाता है । जिसका बाकायदा पंजीयन कर  उनको परिचयपत्र आदि मुहैया कराया जाता है। उन्होंने आग्रह किया कि कही भी दुरुपयोग की शिकायत  मिले तो अवगत कराएं।
आयोग ने बढाया दायरा
आयोग के अध्यक्ष श्री जैन ने बताया कि रोटी कपड़ा और मकान के साथ ही अन्य अधिकारों का हनन रोकना हमारा दायित्व है । पिछले दिनों पर्यावरण,सीनियर सिटीजन,जलाधिकार, वायु संरक्षण  लोगो की सामाजिक सुरक्षा जैसे गम्भीर मसलों पर आयोग ने काम किया है । सिर्फ पुलिस या जेल के साथ ही। दूसरे मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। दिनों वृद्ध आश्रमो का निरीक्षण भी किया गया। पर्यावरण से जुड़े मामलों और जलाधिकार परभी कार्य हुआ है ।पिछले माह ही देवास में पर्यावरण को लेकर आयोग द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया था।आने वाले समय मे ईंन सभी पर एक रिपोर्ट बनाकर सिफारिशो की सरकार को सौंपी जाएगी।
इस मौके पर सागर पुलिस अधीक्षक अमित सांघी मौजूद थे।

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