बोबई जिले का पहला गाँव बना जहाँ शतप्रतिशत वैक्सीनेशन हुआ, ★ मंत्रियों सहित संभागआयुक्त, कलेक्टर ने दी बधाई

बोबई जिले का पहला गाँव बना जहाँ शतप्रतिशत वैक्सीनेशन हुआ, 

★ मंत्रियों सहित  संभागआयुक्त, कलेक्टर ने दी बधाई

★ जिला पंचायत सीईओ डॉ गढ़पाले की गोद ली गई ग्राम पंचायत हुई शत-प्रतिशत वैक्सिनेट


सागर । सागर जिले की मालथौन जनपद का बोबई गाँव जिले का पहला ऐसा गाँव बन गया है, जहाँ शतप्रतिशत पात्र लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। इस उपलब्धि पर जिला कोविड प्रभारी पीडब्ल्यूडी मंत्री श्री गोपाल भार्गव, क्षेत्रीय विधायक नगरीय प्रशासन मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह ने ट्वीट कर ग्रामीणों को बधाई दी है। संभागायुक्त श्री मुकेश शुक्ला एवं कलेक्टर श्री दीपक सिंह ने भी ग्रामीणों की जागरूकता की प्रशंसा कर सभी ग्राम वासियों सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ इच्छित गढ़पाले ,मालथौन जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमेंद्र गोविल को बधाई दी है।

टीकाकरण महाअभियान के पहले दिन यहाँ शेष बचे 71 लोगों को वैक्सीन का डोज लगते ही शतप्रतिशत पात्र लोगों का वैक्सीनेशन पूरा हो गया है। जानकारी के मुताबिक गाँव की आबादी करीब 580 है। इनमें से 353 लोग वैक्सीनेशन के लिए पात्र थे। जिनमें से 310 लोगों को वैक्सीन लग गई है। गाँव की 4 महिलाएं गर्भवती हैं, इसलिए उन्हें वैक्सीन नहीं लगाई गई है। जबकि 39 लोग गाँव से बाहर हैं। फिलहाल गाँव में रहने वाले सभी लोगों का वैक्सिनेशन पूर्ण हो गया है। जानकारी के मुताबिक गाँव में 45 साल से अधिक आयु के 113 तो 18 से 44 साल के 240 लोग वैक्सीनेशन के लिए पात्र थे। इन्हीं को जागरूक कर वैक्सीन लगवाई गई। जब गाँव में कोई भी टीके के लिए वंचित नहीं रहा तभी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव से रवाना हुई। वैक्सीन लगवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पौधे भी भेंट किए गए।

खास बात यह भी है कि बोबई ग्राम पंचायत हड़ली का गाँव है। यहाँ सभी पंच और सरपंच पदों पर महिलाएं हैं। महिलाओं ने मोर्चा संभाल कर ग्रामीणों को जागरुक किया। सरपंच लीलाबाई अहिरबार, उपसरपंच गुड्डीबाई लोधी ने सभी पंचों, साचिव व जीआरएसएस, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका व आशा कार्यकर्ताओं के साथ लोगों के घर-घर दस्तक दी और उनसे टीका लगवाने की अपील की।

जागरुक लोग 50 किलोमीटर दूर सागर तक वैक्सीन लगवाने आए, तो कईयों को मनाने में 3 माह लग गए।
पंचायत के सचिव श्री संतोष विश्वकर्मा ने बताया गांव में दो तरह के लोगों ने कार्य किया। जब 18 प्लस का वैक्सीनेशन शुरू हुआ और स्लॉट बुक नहीं हो रहे थे तब कुछ लोगों ने 50 किमी दूर सागर तक पहुंचकर वैक्सीनेशन कराया। यह अन्य लोगों के लिए उदाहरण भी बने। हालांकि कई लोग ऐसे भी थे, जिन्हें मनाने में पूरे 3 माह लग गए तब जाकर वे वैक्सीनेशन के लिए राजी हुए।

कम प्रगति देख जिला पंचायत सीईओ ने गोद ली पंचायत, समझाइश देने लोगों के घर-घर गए, उसका असर भी हुआ

जीआरएस सुश्री माधुरी तिवारी ने बताया कि , लोग वैक्सीन लगवाने से डर रहे थे और तमाम तरह की अफवाह उनमें फैली हुई थीं। बड़ी संख्या में लोग वैक्सीन से वंचित थे। कम प्रगति देख जिला पंचायत सीईओ डॉ इच्छित गढ़पाले ने हमारी पंचायत को गोद लिया, सप्ताह में दो बार वे गांव आए। उन्होंने लोगों को समझाइश दी तब जाकर लोग माने। जनपद सीईओ श्री हेमेंद्र गोविल भी लगातार गाँव आकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे थे। 

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