नही रहे डॉ रमेश श्रीवास्तव ,पिछले महीने मनाया था 100 वाँ जन्मदिन , पीएम नरेंद्र मोदी ने भेजा था शुभकामना सन्देश, सीएम शिवराज सिंह ने जताया शोक

नही रहे डॉ रमेश श्रीवास्तव ,पिछले महीने मनाया था 100 वाँ जन्मदिन , पीएम नरेंद्र मोदी ने भेजा था शुभकामना सन्देश


सागर। शतायु पाने वाले डॉ रमेश श्रीवास्तव का आजनिधन हो गया। चिकित्सा जिनके लिए व्यवसाय नहीं सेवा थी। उनकी सेवाओं को सदा याद किया जायेगा। कभी 2 रुपये फीस लेते थे और मौजूदा दौर में 50 रुपये लेकर व्हीलचेयर पर बैठे बैठे मरीजो का इलाज किया करते थे। पिछले महीने की 27 फरवरी को उनका 100 वाँ जन्मदिन पूरे उत्साब के साथ शहरवासियों और शुभचिंतकों ने मनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको शुभकामना सन्देश भेजा था। अब डॉ श्रीवास्तव इस दुनिया मे नही रहे । लेकिन अपने चिकित्सीय पेशा में जो पैमाना सेवा भाव का बनाया । वह हमेशा याद रखा जाएगा। 



ऐसी थी जिंदगी डॉ श्रीवास्तव की
दो मेजर सर्जरी और पैर में फ्रेक्चर होने के बाद से अब वे पूरी तरह व्हील चेयर पर रहकर अपना काम करते थे।लेकिन मरीजों के इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ते। आधुनिक मशीनों से ज्यादा खुद के क्लीनिक डायग्नोज पर भरोसा रखते हैं। चिकित्सा सेवा में हो रहे आधुनिकीकरण को समझने के लिए रोजाना आधा घंटा किताबों और इंटरनेट को देते हैं। 


डॉ. रमेश श्रीवास्तव शहर के उन चुनिंदा डॉक्टर्स में से थे, जिन्होंने सागर में चिकित्सा सेवा देने की शुरुआत की थी। इन्होंने 1945 में नागपुर मेडिकल विश्वविद्यालय से एलएमपी की डिग्री पूरी की। इसके बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ बनने के लिए चेन्नई जाने का फैसला लिया, लेकिन इसी बीच उनके पिता
लकवा ग्रस्त हो गए। घर में 2 छोटे भाई और 2 बहनों की जिम्मेदारी इनके कंधों पर आ गई। जिसके बाद वे पीजी का दाखिला छोड़कर सागर आ गए। 1946 में कटरा में अपनी क्लीनिक खोली और महज दो रुपए फीस लेकर मरीजों का इलाज शुरू किया शहर में सेवाएं देते हुए 75 साल गुजारे। कोविड के दौरान भी डॉ. श्रीवास्तव ने मरीजों को इलाज से मना नहीं किया और कई लोगों की जान बचाई। 62 साल की उम्र में किरोटिड ब्लॉक और 84 साल की उम्र में स्पाइनल सर्जरी से भी गुजरे, लेकिन इसके बाद भी काम नहीं छोड़ा। डॉ. श्रीवास्तव के बेटे दीपक और चार बेटियां देश के बड़े शहरों में हैं। लेकिन डॉ. श्रीवास्तव आज भी सागर कैंट स्थित अपने मकान में रहना पसंद
करते हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने भेजा सन्देश
डॉ रमेश श्रीवास्तव जब 100 साल के हुए तो शुभचिंतकों ने खुशियां मनाई। कई बड़े लोगो के सन्देश थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ श्रीवास्तव को शुभकामनाएं भेजी और  बेहतर जीवन की  कामना की। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने डॉ. रमेश श्रीवास्तव के निधन पर दुख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan ने सागर नगर के लोकप्रिय चिकित्सक डॉ. रमेश श्रीवास्तव के निधन पर दुख व्यक्त किया है। डॉ. श्रीवास्तव की आयु 100 वर्ष थी। उन्होंने पूरा जीवन सेवा भाव से चिकित्सा धर्म का पालन किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ईश्वर से दिवंगत डॉ. श्रीवास्तव की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजन को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

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