संस्कृत के अध्येताताओं के लिए नाट्यम् और सागरिका जैसी पत्रिकाएं प्रेरणास्रोत: कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता ▪️कुलपति ने किया दोनों पत्रिकाओं का लोकार्पण

संस्कृत के अध्येताताओं के लिए नाट्यम् और सागरिका जैसी पत्रिकाएं प्रेरणास्रोत: कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता
 
▪️कुलपति ने किया दोनों पत्रिकाओं का लोकार्पण 



तीनबत्ती न्यूज : 11 अगस्त ,2023
सागर।  डा गौर केंद्रीय विश्विद्यालय सागर  के संस्कृत विभाग की दो पत्रिकाओं नाट्यम् और सागरिका का विमोचन  कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता द्वारा सम्पन्न हुआ। इनमें रंगमंच एवं सौंदर्य शास्त्र की पियर रिव्यूड  तथा यूजीसी केयर लिस्टेड शोध पत्रिका नाट्यम् और सागरिका का लोकार्पण कुलपति कार्यालय में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता द्वारा किया गया । 1983 में स्थापित नाट्यम् पत्रिका यूजीसी केयर लिस्ट में शामिल है। नाट्यम् के अंक 103-104 में देश भर के 25 विद्वानों के शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं जबकि सागरिका के अंक 50 में  आठ महत्वपूर्ण शोधपत्र संस्कृत में हैं। दोनों पत्रिकाओं की संरक्षक कुलपति प्रोफ़ेसर नीलिमा गुप्ता  हैं।


संस्कृत विभाग की इस अकादमिक उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कुलपति प्रोफ़ेसर नीलिमा गुप्ता जी ने कहा कि नाट्यम् और सागरिका का नियमित प्रकाशन संस्कृत की उन्नति के लिए आवश्यक है। ये पत्रिकाएं हमारे विश्वविद्यालय की पहचान हैं। इन पत्रिकाओं के माध्यम से संस्कृत भाषा, संस्कृत साहित्य, संस्कृत का नाट्य  वैभव, संस्कृत लेखन की परंपरा और संस्कृति का न केवल संरक्षण संभव हुआ है अपितु संस्कृत के नए अध्येताओं के लिए ये पत्रिकाएं प्रेरणा स्रोत हैं । इसके पूर्व नाट्यम् के विशेषांक महाकवि शूद्रक, रामजी उपाध्याय, भट्ट नारायण आदि पर केंद्रित रहे हैं । संस्कृत विभाग की यह रचना शीलता निरंतर जारी रहे इसके लिए जो भी आर्थिक और रचनात्मक सहयोग अपेक्षित होगा उसके लिए कुलपति जी ने अपनी सद् इच्छा जाहिर की और इन पत्रिकाओं के नियमित प्रकाशन के लिए आश्वासन प्रदान किया। इस अवसर पर संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी तथा पत्रिका के संपादक मंडल के सदस्य विभागीय शिक्षक डॉक्टर नौनिहाल गौतम, डॉक्टर संजय कुमार, डॉक्टर रामहेत गौतम, डॉक्टर शशि कुमार सिंह, डॉक्टर किरण आर्या उपस्थित रहे।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें