बीना मंडी रिश्वत कांड में दो अधिकारियों को 4-4 साल की सजा,: लोकायुक्त पुलिस सागर ने किया था ट्रैप
तीनबत्ती न्यूज : 13 मई 2026
सागर: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लंबित एक महत्वपूर्ण मामले में विशेष न्यायालय सागर ने कृषि उपज मंडी बीना के तत्कालीन सहायक ग्रेड-3 और सचिव को दोषी करार देते हुए 4-4 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
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पढ़ें पूरा रिश्वत का मामला
ट्रैप कार्यवाई का फोटो
SAGAR: बीना मंडी सचिव व क्लर्क ₹8430 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा लोकायुक्त पुलिस ने
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मामला वर्ष 2023 का है, जब आवेदक गोविन्द वल्लभ ने लोकायुक्त कार्यालय सागर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके द्वारा खरीदे गए 1686 क्विंटल गेहूं और मसूर को मंडी रिकॉर्ड में दर्ज करने तथा अनुज्ञा जारी करने के एवज में आरोपी प्रति क्विंटल 5 रुपए रिश्वत की मांग कर रहे थे।
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शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने 12 जून 2023 को कार्रवाई करते हुए आरोपी नितिन रैकवार, तत्कालीन सहायक ग्रेड-3 कृषि उपज मंडी बीना और नवल सिंह रघुवंशी, तत्कालीन सचिव कृषि उपज मंडी बीना को 8430 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था।उक्त कार्रवाई में डीएसपी राजेश खेड़े, निरीक्षक बीएम द्विवेदी, निरीक्षक रंजीत सिंह, प्रधान आरक्षक शफीक खान, प्रधान आरक्षक अजय आदि शामिल रहे थे।
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मामले की विवेचना पूरी होने के बाद अभियोग पत्र विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सागर में प्रस्तुत किया गया। विशेष न्यायाधीश ने 13 मई 2026 को सुनाए गए फैसले में आरोपी नितिन रैकवार एवं नवल सिंह रघुवंशी, तत्कालीन सचिव कृषि उपज मंडी बीना, को दोषसिद्ध पाते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत 4-4 वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया।
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एडिटर : विनोद आर्य
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