Sagar Crime : सनसनीखेज खुलासा; कलयुगी बेटे ने खुद के अपहरण का रचा ड्रामा, गांजा तस्करी के नुकसान की भरपाई के लिए पिता से मांगी 2 लाख की फिरौती
तीनबत्ती न्यूज: 12 जून ,2026
सागर । सागर जिले की देवरी थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर अपहरण और फिरौती के एक ऐसे सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश किया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहाँ एक कलयुगी बेटे ने गांजा तस्करी में हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने के लिए अपने ही साथियों के साथ मिलकर खुद के ही अपहरण का षड्यंत्र रच डाला और अपने पिता से 2 लाख रुपये की फिरौती मांग ली। पुलिस ने इस मामले में कथित अपहृत बेटे समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता फिलहाल फरार है।
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मित्र का जन्मदिन मनाने निकला था बेटा, फिर आया फिरौती का कॉल
मामले की शुरुआत 12 जून की रात को हुई, जब ग्राम डोंगर सलैया निवासी फरियादी राजेश जाटव ने देवरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका 21 वर्षीय बेटा पवन जाटव 9 जून को दोस्त का जन्मदिन मनाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसी बीच राजेश के मोबाइल पर अज्ञात बदमाशों के फोन आने लगे, जिन्होंने पवन का अपहरण करने का दावा करते हुए उसे छोड़ने के एवज में ₹2 लाख की फिरौती मांगी। रकम न देने पर बेटे की हत्या करने की धमकी भी दी जा रही थी।
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गांजा तस्करी में हुआ था नुकसान, पिता को ठगने की बनाई योजना
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक (DIG) सागर रेंज शशीन्द्र चौहान के मार्गदर्शन और एसपी अनुराग सुजानिया के नेतृत्व में एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने जब तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी की, तो चितौरा टोल के पास से एक ऑल्टो कार (MP-15-CA-7570) को रोका गया। कार में कथित अपहृत पवन जाटव अपने साथियों के साथ सही-सलामत बैठा मिला।
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जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो चौंकाने वाली कहानी सामने आई:
- ट्रेन से फेंका था गांजा: पवन जाटव और उसका साथी बलजीत सिंह, फरार आरोपी सुनील पटेल के कहने पर ओडिशा से करीब 8 किलो गांजा लेकर आ रहे थे। कटनी के पास पुलिस चेकिंग के डर से उन्होंने गांजे का पैकेट और मोबाइल ट्रेन से नीचे फेंक दिया।
- नुकसान की भरपाई के लिए साजिश: गांजा नष्ट होने से हुए आर्थिक नुकसान और सुनील पटेल द्वारा ऑनलाइन दी गई रकम की भरपाई के लिए इन सभी ने मिलकर पवन के ही अपहरण का नाटक रचा, ताकि डरा-धमकाकर पिता से ₹2 लाख ऐंठे जा सकें।
चार आरोपी गिरफ्तार, कार और मोबाइल जब्त
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अरविंद दुबे, बलजीत सिंह, शुभम पटेल और खुद कथित पीड़ित (कलयुगी बेटे) पवन जाटव को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में इस्तेमाल ऑल्टो कार और मोबाइल भी जब्त कर लिए गए हैं। मुख्य साजिशकर्ता सुनील पटेल अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि बलजीत और सुनील पहले भी एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के मामले में गाडरवारा जेल में साथ रह चुके हैं।
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) का बयान
एडिशनल एसपी लोकेश कुमार सिन्हा और सीएसपी ललित कश्यप के निर्देशन में देवरी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर इस झूठे अपहरण कांड का पर्दाफाश किया है। पुलिस अब आरोपियों के मादक पदार्थों की तस्करी के पूरे नेटवर्क और उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि की बारीकी से जांच कर रही है।

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