सागर में पूज्य संत राजेंद्रदास महाराज का भव्य स्वागत, 200 से अधिक श्रद्धालुओं ने ली गुरु दीक्षा

गुरुदेव भगवान: संत राजेंद्रदास महाराज का पुष्प  वर्षा कर किया भक्तों ने स्वागत :200 से अधिक भक्तों ने ली गुरु दीक्षा

• गौ वंश की रक्षा करने की मांग को लेकर  27 जुलाई को हर जिले में प्रशासन को ज्ञापन


तीनबत्ती न्यूज: 23 जुलाई, 2026

सागर। झीलों की नगरी सागर  में गुरुवार का दिन भक्तों के लिए बहुत ही खास रहा। इस दिन  मलूक पीठाधीश्वर एवं अग्रपीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित श्रीमज्जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी डॉ. राजेंद्रदास देवाचार्य जी महाराज के एक दिवसीय आगमन को लेकर भक्तों  में खूब उत्साह  रहा । शहर के प्रमुख मार्गों से संत श्री की शोभा  यात्रा निकली।जिसमें भक्तों ने गुरुदेव का पूजन कर आरती उतारी और आशीर्वाद लिया।

सागर में संत राजेंद्रदास महाराज का पुष्पवर्षा से स्वागत

गुरुदेव भगवान का स्वागत ग्राम सानोंधा से  शुरू हुआ।अनेक स्थानों पर भक्तजनों ने गुरुदेव का पूजन कर आशीर्वाद लिया।गुरु पूजन महोत्सव के इस आयोजन के दौरान संत राजेंद्रदास देवाचार्य जी महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं शामिल हुए । श्रद्धालुओ ने संतों की पुष्पवर्षा  कर आगवानी की।

इस अवसर पर इच्छुक श्रद्धालुओं को गुरु दीक्षा भी प्रदान की गई। यह आयोजन  अजब श्री सेवा समिति, अजब धाम एवं मलूक पीठ परिवार, जिला दमोह एवं सागर के तत्वावधान में आयोजित किया गया ।जिसमें विशेष  रूप से महंत श्री राम अनुग्रह दास महाराज (छोटे सरकार) का भक्तों को  सानिध्य प्राप्त हुआ।



गाय की बताई महिमा

तिली रोड स्थित रायल पैलेस होटल सभागार में उपस्थित भक्तों के बीच अग्र श्री मलूक पीठाधीश्वर संत राजेंद्र दास देवाचार्य ने गाय की महिमा का खूब बखान किया। उन्होंने कहा कि यज्ञ की अधिकारी गाय है।गाय के बिना यज्ञ संभव नहीं है।संत श्री ने सृष्टि में भगवान से ऊपर गाय की महिमा का बखान करते हुए कहा कि  गाय और गव्य पदार्थ न हो तो वेद शास्त्र केवल प्रयोग बनकर रह जाएगा। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि गाय सर्वोच्च सम्मान के पद पर प्रतिष्ठित है। भगवान के ऊपर दर्जा गाय का और ऋषियों से ऊंचा दर्जा गाय का है।




अग्र श्री मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य ने कहा कि आज देश में गौ वंश खतरे में हजारों गायों को प्रतिदिन मौत के घाट उतार दिया जाता है।इनका मांस देश और विदेश में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौ वंश की रक्षा करने की मांग को लेकर  27 जुलाई को हर जिले मुख्यालय पर शांति पूर्ण तरीके से भगवान श्रीराम का भजन करते हुए ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा जाना है। उन्होंने कहा कि सागर को गौ रक्षा के संकल्प को लेकर 5 लाख हस्ताक्षर करने का लक्ष्य है लेकिन अभी 1 लाख हुए है। उन्होंने इस कार्य में बढ़ चढ़कर भाग लेने की अपील की । उन्होंने रघुवंश कुल में जन्मे महाराजा दिलीप का वृत्तांत सुनाते हुए गाय की महिमा बताई।

संत श्री गुरु दीक्षा  का वर्णन करते हुए कहा कि  चेला बनने हड़बड़ी में दीक्षा नहीं ले।आचार,विचार और व्यवहार को शुद्ध करने के बाद ही दीक्षा ले। उन्होंने कहा कि संत श्री भक्त माली भगवान का बुन्देलखंड क्षेत्र बहुत प्रिय था।इस कारण यहाँ के भक्तों को मलूक पीठ की दीक्षा आसानी से मिल जाती है। उन्होंने कहा कि 

महंत श्री राम अनुग्रह दास महाराज (छोटे सरकार) के आग्रह पर वह सागर आए है। कथा के बाद भक्तों ने संत श्री का गुरु पूजन कर आशीर्वाद लिया।

आयोजन में अजब श्रीसेवा समिति एवं मलूक पीठ परिवार के पं. प्रमोद उपाध्याय, पं. ऐश्वर्य पाठक, पं. सचिन शुक्ला, पं. हनुमान मिश्रा, पत्रकार पं. अनिल दुबे, सुमित अग्रवाल, पं. तोषु पाण्डेय, पं. सौरभ मिश्रा, पं. मुकेश तिवारी, पं. अंकित मिश्रा, प्रमोद पटेल सहित बड़ी संख्या में शिष्य मंडल सदस्य शामिल हुए।

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