सागर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बण्डा में नकली शराब बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 37 आरोपी गिरफ्तार • 11 हजार खाली और 900 भरे क्वार्टर जब्त, डाई मशीनें आदि बरामद

सागर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बण्डा में नकली शराब बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 37 आरोपी गिरफ्तार

• 11 हजार खाली और 900 भरे क्वार्टर जब्त, डाई मशीनें आदि बरामद

तीनबत्ती न्यूज: 19 सितम्बर, 2026

सागर। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित सागर जिले के शराबकाण्ड में पुलिस ने आज बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने बण्डा क्षेत्र में "सागर गोल्ड" नाम से जहरीली और अमानक नकली शराब बनाकर बेचने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में 52 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें से 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई है। करीब 50 लोगों की पीड़ित है जिनकी आंखों की रोशनी पर असर पड़ा है। एसपी अनुराग सुजानिया, एएसपी जयवीर सिंह और नरेंद्र सोलंकी ने आज मीडिया के सामने  जहरीली अवैध शराब के कारोबार का खुलासा किया। 


कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?

6 सितंबर 2026 को सागर पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना बण्डा क्षेत्र के कुछ गांवों में संदिग्ध शराब के सेवन से लोगों की मृत्यु हुई है। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और प्रभावित लोगों से पूछताछ की। इस मामले में थाना बण्डा और थाना विनायका में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किए गए।

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मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिंह भदौरिया व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेन्द्र सोलंकी के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया।


साजिश और कार्यप्रणाली का खुलासा

पुलिस विवेचना में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:

साझेदारी और ठेकों की आड़: आरोपी चंदू राजा (चन्द्रभान) ने लाइसेंसी शराब ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा के साथ विनायका में पार्टनरशिप की थी। वहीं, अवैध शराब तस्करी में लिप्त लाइसेंसी ठेकेदार मनीष उर्फ यशवंत ठाकुर के साथ बरेठी स्थित मदिरा दुकान में अघोषित पार्टनरशिप की, ताकि लाइसेंसी दुकानों के जरिए नकली शराब खपाई जा सके।

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नकली शराब का आइडिया: शिवांजय राजपूत (छापरी) और उसके दोस्त रोहित पटेल (पिपरिया) ने मुरैना के दिनेश शिवहरे के संपर्क में आकर चंदू राजा को नकली शराब बनाने का विचार दिया। चंदू राजा के सहमति देने पर ग्राम ततरवारा स्थित उसके घर पर नकली शराब बनाने का काम शुरू हुआ।



सामग्री और परिवहन:

 दिल्ली की RN केमिकल फर्म के मालिक अनुपम गिरी ने दिल्ली से 5 ड्रम इंडस्ट्रियल स्पिरिट/थिनर सागर भेजा।

* ग्वालियर से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से खाली बोतलें, रैपर और ढक्कन पहुंचाए गए।

* मुरैना से दिनेश शिवहरे अपने साथियों के साथ बण्डा आया और ततरवारा में नकली शराब तैयार की।

 नेटवर्क और बिक्री: तैयार अमानक शराब को ततरवारा और आसपास के गांवों (नौराज, गूगरा, छापरी, जगथर, बमूराभेड़ा, पाटन आदि) के कमीशनदारों और ठेकों के जरिए बेचा गया।



मुख्य आरोपी की मौत और साथी की आंख की रोशनी गई

अमानक शराब इतनी जहरीली थी कि खुद मुख्य आरोपी दिनेश शिवहरे और उसका साथी देवा उर्फ देवेन्द्र जाटव इसकी चपेट में आ गए। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बंसल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन भांडा फूटने के डर से आरोपी उसे जबरन डिस्चार्ज कराकर मुरैना ले जाने लगे। रास्ते में दिनेश शिवहरे की मृत्यु हो गई, जबकि देवा जाटव की आंखों की रोशनी चली गई।

ग्वालियर, दिल्ली और मुरैना में पुलिस की छापेमारी

पुलिस की अलग-अलग टीमों ने अंतरराज्यीय नेटवर्क पर दबिश देकर निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया:

 * ललित उर्फ छोटू शिवहरे, विक्रम जाटव, टिंकू जाटव, राजकुमार उर्फ लल्ला जाटव (सभी निवासी मुरैना)।

 * राजू सेंगर (ग्वालियर) - इसकी निशानदेही पर 11,050 खाली बोतलें और डाई मशीनें जब्त की गईं।

 * पंकज राय (ग्वालियर) - बहोड़ापुर स्थित फैक्ट्री से 180ml बोतल बनाने वाली डाई मशीन जब्त।

 * अनुपम गिरी (कराला, नई दिल्ली) - RN केमिकल फर्म का मालिक, जिसने स्पिरिट की सप्लाई की थी।

 * रोहित पटेल (पिपरिया, गढ़ाकोटा)।



जब्त की गई सामग्री

 * 4 डाई मशीनें: बोतल बनाने की (पट्टीदार, प्लेन एवं 'बॉम्बे' लिखी हुई)।

 * 11,050 खाली बोतलें (180ml) एवं 900 तैयार शराब की बोतलें।

 * 250 प्लास्टिक कैप्सूल (कच्ची सामग्री)।

 * ढक्कन सील करने की मशीन।

अपराधिक पृष्ठभूमि

 * चंदू उर्फ चन्द्रभान: इसके खिलाफ बण्डा, देवरी, केसली और विनायका थानों में हत्या के प्रयास (307), आबकारी एक्ट एवं अन्य गंभीर धाराओं के तहत 9 मामले दर्ज हैं।

 * बंटी शर्मा (बारदाना सप्लायर): इसके खिलाफ मुरैना, ग्वालियर और शिवपुरी में अवैध शराब निर्माण के आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और पिछले अपराधों का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके।


प्रशासन की कार्यवाही जारी

सीएम डॉ मोहन यादव के सख्त कार्रवाई के निर्देश पर प्रशासन सख्ती किए है।  प्रशासन ने आरोपियों के मकानों और ठिकानों पर बुलडोजर चलाया है।छह शराब दुकानें सील की गई। आरोपियों के हथियारों के लायसेंस निरस्त किए है। पूरे जिले में अवैध शराब के ठिकानों पर छापामार कार्यवाही चल रही है। इसके अलावा आबकारी विभाग के तीन और पुलिस के तीन अधिकारी कर्मचारी सस्पेंड हो चुके है। 




बंडा में नकली सागर गोल्ड शराब बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 11 हजार से ज्यादा खाली बोतलें और मशीनें जब्त


सागर। बंडा क्षेत्र में नकली एवं अमानक शराब के निर्माण और बिक्री के मामले में सागर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नकली शराब की बोतलें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, बोतलों को सील करने की मशीन, 11,050 खाली प्लास्टिक बोतलें, बोतल बनाने के कैप्सूल सहित बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की है। मामले में अब तक 52 आरोपियों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से 37 की गिरफ्तारी की जा चुकी है।


पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिंह भदौरिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेंद्र सोलंकी के निर्देशन में अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया था।


बंडा के ततरवारा में तैयार होती थी नकली शराब


जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी नकली शराब तैयार कर उसे लाइसेंसी शराब दुकानों की आड़ में आसपास के क्षेत्रों में खपाने की योजना पर काम कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार शुदा आरोपी रवि लखेरा से पूछताछ में मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर और आशीष साहू के साथ नकली शराब बनाने की योजना सामने आई।


पूछताछ में आरोपी चंदू राजा उर्फ चंद्रभान ने भी बताया कि उसका शराब ठेकेदारों से संपर्क था और उसने विनायका क्षेत्र के लाइसेंसी शराब ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा के साथ साझेदारी की थी। वहीं बंडा निवासी लाइसेंसी ठेकेदार मनीष उर्फ यशवंत ठाकुर से संपर्क के कारण बरेठी शराब दुकान में भी अघोषित साझेदारी की बात जांच में सामने आई।


पुलिस के मुताबिक चांदपरी निवासी शिवांजय राजपूत और पिपरिया निवासी रोहित पटेल ने चंदू राजा को नकली अमानक शराब बनाने का आइडिया दिया था। इसके बाद मुरैना निवासी दिनेश शिवहरे और उसके साथियों को ग्राम ततरवारा में नकली शराब बनाने के लिए बुलाया गया। शराब की बोतलों के रैपर और अन्य सामग्री ग्वालियर से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से सागर पहुंचाई गई थी।


चंदू राजा के घर पर बनाई जा रही थी नकली शराब


पुलिस के अनुसार दिनेश शिवहरे और उसके साथियों ने ग्राम ततरवारा में चंदू राजा के घर पर नकली अमानक शराब तैयार की। तैयार शराब की पेटियां चंदू राजा ने अपने सहयोगियों के माध्यम से लाइसेंसी दुकान की आड़ में आसपास के गांवों में कमीशन पर बिकवाईं।


जांच के मुताबिक नौराज़, गूगरा, छापरी, जगथर, बमुराभेड़ा, पाटन और आसपास के गांवों में इस नकली शराब को पहुंचाया गया। इसी शराब के सेवन के बाद आरोपी दिनेश शिवहरे और उसके साथी देवा उर्फ देवेंद्र जाटव की तबीयत बिगड़ने की बात पुलिस जांच में सामने आई। दिनेश शिवहरे को इलाज के लिए बंसल अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर मुरैना ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। देवा उर्फ देवेंद्र जाटव की आंखों की रोशनी चली गई।


ग्वालियर में फैक्ट्री से भी जब्त की मशीनें


आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को ग्वालियर और मुरैना भेजा गया। वहां मुख्य आरोपी दिनेश शिवहरे के भाई ललित उर्फ छोटू शिवहरे, विक्रम जाटव, राजकुमार उर्फ लल्ला जाटव और टिंकू जाटव को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद राजू सेंगर और पंकज राय की संलिप्तता सामने आई।


राजू सेंगर की निशानदेही पर ग्वालियर के बहोड़ापुर क्षेत्र से 11,050 खाली प्लास्टिक बोतलें, एक बॉम्बे लिखी हुई डाई, एक प्लेन डाई और 250 प्लास्टिक बोतल बनाने के कैप्सूल जब्त किए गए। इसके बाद पंकज राय की निशानदेही पर ग्वालियर की राय कॉलोनी स्थित फैक्ट्री में दबिश देकर 180 एमएल की शराब की बोतल बनाने वाली दो डाई मशीनें जब्त की गईं।


दिल्ली से सागर भेजा जा रहा था शराब बनाने का केमिकल


जांच के दौरान नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले लिक्विड के परिवहन की कड़ी दिल्ली से जुड़ी मिली। पुलिस के अनुसार पांच ड्रम दिल्ली से सागर भेजे गए थे। दिल्ली पहुंची पुलिस टीम ने लॉजिस्टिक कंपनी के माध्यम से केमिकल के स्रोत की जानकारी जुटाई।


पूछताछ में दिल्ली निवासी आरएन केमिकल फर्म के मालिक/संचालक अनुपम गिरी ने बताया कि उसी के माध्यम से पांच प्लास्टिक ड्रमों में औद्योगिक स्पिरिट/थिनर दिल्ली से सागर ट्रांसपोर्ट के जरिए भेजा गया था। पुलिस ने अनुपम गिरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक इस कार्रवाई से नकली शराब बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ।


कई जिलों में पहले भी गतिविधियां करने की बात सामने आई


पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि इस तरह की अवैध शराब निर्माण की गतिविधियां पूर्व में भी अन्य लोगों के साथ मिलकर कई जिलों में की गई हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके पुराने साथियों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।


जांच में पुलिस ने यह भी कहा है कि गिरोह का उद्देश्य अधिक मुनाफा कमाना था और ऐसे स्थानों का चयन किया जाता था, जहां प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण आम लोगों तक गतिविधियों की जानकारी आसानी से नहीं पहुंच सके।


आठ आरोपी गिरफ्तार


पुलिस प्रेस नोट के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में ललित उर्फ छोटू शिवहरे, विक्रम जाटव, टिंकू उर्फ सुरेंद्र उचोड़िया जाटव, राजकुमार उर्फ लल्ला जाटव, राजू सेंगर, पंकज राय, आरएन केमिकल फर्म के संचालक अनुपम गिरी और रोहित पटेल शामिल हैं।


यह सामग्री हुई जब्त


पुलिस ने कार्रवाई में 180 एमएल की प्लास्टिक शराब बोतल बनाने वाली दो डाई मशीन, 11,050 खाली प्लास्टिक बोतलें, बॉम्बे लिखी डाई, प्लेन डाई, 250 प्लास्टिक बोतल बनाने के कैप्सूल, 900 प्लास्टिक की 180 एमएल बोतलें और शराब की बोतल सील करने वाली मशीन सहित अन्य सामग्री जब्त की है।


चंदू राजा का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया


पुलिस के अनुसार ततरवारा निवासी चंदू उर्फ चंद्रभान के खिलाफ बंडा थाने में वर्ष 2006, 2007, 2012 और 2022 सहित कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा देवरी और केसली थानों में भी उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज होने का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड में है। वर्ष 2026 के विनायका थाने के एक मामले में भी उसका नाम दर्ज है।


पुलिस ने बताया कि बारदाना सप्लाई करने वाले बंटी शर्मा के खिलाफ भी मुरैना और ग्वालियर जिले में अवैध शराब फैक्ट्री संचालन से संबंधित पूर्व के प्रकरण दर्ज हैं।

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