सागर जहरीली शराब प्रकरण: गांव-गांव पहुंचे डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल : मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
• मृतकों और प्रभावित परिवारों से मिले उपमुख्यमंत्री, बोले- शराब माफियाओं को नहीं बख्शेंगे; 10 से अधिक आरोपी हिरासत में
तीनबत्ती न्यूज: 7 सितंबर 2026
सागर । सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध अमानक एवं अवैध शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले में शासन-प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सोमवार को प्रभावित गांवों का दौरा कर मृतकों एवं बीमार लोगों के परिजनों से मुलाकात की। वहीं कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं। बंडा में शनिवार - रविवार को जहरीली शराब के कहर से 20 से अधिक की मौत हुई। करीब 100 पीड़ित अस्पतालों में भर्ती है। पुलिस ने 30 के खिलाफ FIR दर्ज कर 10 आरोपियों को हिरासत में लिया है। आबकारी और पुलिस के 05 अफसर सस्पेंड भी हो चुके है।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बंडा-शाहगढ़ तहसील के ग्राम बमूरा भेड़ा, नौराज, गूगरा खुर्द, धुरमार, चौका, हनौती और पापेट पहुंचकर पीड़ित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।
शराब माफियाओं पर होगी कड़ी कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद हृदय विदारक है। अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन द्वारा अब तक 10 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल छोटे स्तर के आरोपियों तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और वितरण के मुख्य स्रोत तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
ग्रामीणों से नशामुक्त समाज बनाने की अपील
गांवों के भ्रमण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए क्षेत्र को पूरी तरह नशामुक्त बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करती है। अवैध नशे के कारोबार को रोकने के लिए शासन और प्रशासन पूरी गंभीरता से काम कर रहा है।
कलेक्टर ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
इधर, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रतिभा पाल ने बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अवैध शराब के सेवन से हुई घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं।
जांच के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी, जैसीनगर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसका वास्तविक कारण क्या था। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि मृतकों की मृत्यु का वास्तविक कारण अमानक या अवैध शराब का सेवन था अथवा कोई अन्य वजह।
शराब कहां बनी और किसने पहुंचाई, होगी जांच
मजिस्ट्रियल जांच में शराब के निर्माण, भंडारण और वितरण से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जाएगी। इसके अलावा संबंधित नियामकीय विभागों की भूमिका और उनके स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसकी भी जांच होगी।
जांच अधिकारी को घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी उपाय सुझाने के निर्देश दिए गए हैं। जांच प्रतिवेदन स्पष्ट अभिमत के साथ कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
इस दौरान बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष रानी कुशवाहा, कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजनिया, जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, एडिशनल एसपी जयदीप भदौरिया, बंडा एसडीएम आरती यादव, बंडा एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

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