सागर में 105 डेयरी संचालकों के प्लॉट आवंटन निरस्त, जमा राशि होगी राजसात: नगर निगम सागर की बड़ी कार्रवाई

सागर में 105 डेयरी संचालकों के प्लॉट आवंटन निरस्त, जमा राशि होगी राजसात

• अंतिम नोटिस के बाद भी शेड बनाकर डेयरी शुरू नहीं करने पर नगर निगम की कार्रवाई


तीनबत्ती न्यूज: 09 अक्टूबर, 2026

सागर। रतौना-हफसिली डेयरी विस्थापन परियोजना के तहत आवंटित प्लॉट पर निर्धारित समय-सीमा में शेड निर्माण कर डेयरी संचालित नहीं करने वाले 105 डेयरी संचालकों के प्लॉट आवंटन निरस्त कर दिए गए हैं। नगर निगम प्रशासन ने इन संचालकों की जमा राशि राजसात करने की कार्रवाई भी की है। यह कार्रवाई महापौर परिषद द्वारा पारित निर्णय के अनुसार नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री के निर्देश पर की गई।

नगर निगम द्वारा डेयरी विस्थापन स्थल पर संचालकों को सशर्त अस्थायी रूप से प्लॉट आवंटित किए गए थे। आवंटन की शर्तों के अनुसार 15 दिन के भीतर शेड का निर्माण कर डेयरी संचालन शुरू करना अनिवार्य था। निर्धारित समय में शर्तों का पालन नहीं करने पर नगर निगम आयुक्त ने 17 अगस्त 2026 को 155 डेयरी संचालकों को अंतिम नोटिस जारी किया था।

7 दिन का दिया गया था अंतिम मौका

अंतिम नोटिस में संबंधित डेयरी संचालकों को सात दिन के भीतर शेड निर्माण कर डेयरी शुरू करने और अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। इसके बावजूद कई संचालकों ने निर्धारित समय में शर्तों का पालन नहीं किया। कुछ ने जवाब प्रस्तुत नहीं किए, जबकि कई के जवाब असंतोषजनक पाए गए।

नगर निगम के अनुसार, जारी नोटिसों में से 118 डेयरी संचालकों की पावती प्राप्त हुई। इनमें से 46 संचालकों ने जवाब प्रस्तुत किए। जवाबों की जांच में 13 संचालकों के जवाब संतोषजनक पाए गए, जबकि 33 के जवाब असंतोषजनक रहे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत कुल 105 डेयरी संचालकों के प्लॉट आवंटन निरस्त कर जमा राशि राजसात करने की कार्रवाई की गई।

शहर की स्वच्छता और व्यवस्थित डेयरी संचालन पर जोर

नगर निगम प्रशासन के अनुसार, डेयरी विस्थापन परियोजना का उद्देश्य शहर में डेयरी संचालन को व्यवस्थित करना, शहरी क्षेत्रों में पशुपालन से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को कम करना और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करना है। इसके लिए आवंटित प्लॉट पर निर्धारित शर्तों के अनुसार शेड निर्माण और डेयरी संचालन शुरू करना जरूरी है।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि डेयरी विस्थापन परियोजना की शर्तों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें