सागर की नवनियुक्त कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल 13 अप्रैल को कार्यभार ग्रहण करेंगी
▪️सागर के इतिहास की दूसरी महिला कलेक्टर होंगी प्रतिभा पाल
तीनबत्ती न्यूज : 12 अप्रैल 2026
सागर: सागर की नवनियुक्त कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल का जन्म 15 अप्रैल 1988 को हुआ था। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2012 बैच की अधिकारी हैं और मध्य प्रदेश कैडर में तैनात हैं। उन्होंने बरेली स्थित एमजेपी रोहिलखंड विश्वविद्यालय से कला में स्नातक और इतिहास में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है।
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2012 बैच की यह अफसर अपनी सख्त कार्यशैली के साथ-साथ अपनी संवेदनशीलता के लिए भी जानी जाती हैं। डिलीवरी के महज 11 दिन बाद ड्यूटी पर लौटने वाली प्रतिभा पाल जहां फाइलों के निपटारे में कड़क हैं, वहीं फुर्सत के पलों में कविताएं लिखने का शौक रखती हैं।
सागर की नवनियुक्त कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल सागर की दूसरी महिला कलेक्टर होंगी। यह संयोग ही कहा जाएगा कि सागर की पहली महिला कलेक्टर श्रीमती प्रीति मैथिल नायक भी रीवा से सागर कलेक्टर के रूप में पदस्थ हुई थीं। श्रीमती प्रतिभा पाल सागर में 51वें कलेक्टर के रूप में कार्य करेंगी।
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उन्होंने एमजेपी रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से कला (Arts) में स्नातक और इतिहास में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है।
प्रमुख प्रशासनिक अनुभव
सागर कलेक्टर बनने से पहले उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
रीवा कलेक्टर - सागर आने से पहले वे रीवा जिले की कलेक्टर के रूप में पदस्थ थीं।
नगर निगम आयुक्त, इंदौर - उन्होंने इंदौर में निगमायुक्त के रूप में सराहनीय कार्य किया। इंदौर को स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार शीर्ष पर बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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प्रेरक प्रसंग - इंदौर में पदस्थापना के दौरान, उन्होंने 2021 में अपनी डिलीवरी के महज 11 दिन बाद काम पर लौटकर अपनी कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की थी।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की (आमतौर पर कंप्यूटर साइंस/आईटी क्षेत्र से की है)। पढ़ाई के दौरान ही उनका लक्ष्य सिविल सेवा में जाने का रहा। प्रतिभा पाल ने Union Public Service Commission (UPSC) की परीक्षा पास की। वे 2012 बैच की IAS अधिकारी हैं। अपने प्रयास और मेहनत से उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर अच्छी रैंक हासिल की।
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प्रशासनिक करियर - उन्होंने मध्य प्रदेश के कई जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है, जिसमें SDM (उप जिला मजिस्ट्रेट) – प्रारंभिक सेवा में CEO, जिला पंचायत, कलेक्टर / जिला दंडाधिकारी के रूप में कई जिलों में कार्य
प्रमुख जिलों में सेवाएं
उज्जैन यहां कलेक्टर के रूप में उन्होंने कोविड-19 प्रबंधन और विकास कार्यों में उल्लेखनीय काम किया। इंदौर नगर निगम/प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अन्य जिलों में भी उन्होंने प्रशासनिक सुधार और जनसेवा के लिए काम किया। विशेष उपलब्धियां और पहचान।
कोविड-19 के दौरान बेहतर प्रबंधन के लिए सराहना मिली।स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल प्रशासन में सक्रिय योगदान। कड़े लेकिन संवेदनशील प्रशासनिक निर्णयों के लिए जानी जाती हैं।
कार्यशैली - सख्त अनुशासन और पारदर्शिता पर जोर। आम जनता से सीधे संवाद करने की कोशिश। साथ ही नवाचार (innovation) और टेक्नोलॉजी के उपयोग को बढ़ावा।

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