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वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत: कान्हा टाईगर रिजर्व से हुआ था शिफ्ट : सागर में दो माह में दो बाघों की मौत

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत:  कान्हा टाईगर रिजर्व से हुआ था शिफ्ट : सागर में दो माह में दो बाघों की मौत


तीनबत्ती न्यूज : 16 फरवरी ,2026

सागर:  टाइगर स्टेट मध्यप्रदेश में बाघ और चीतों की मौत का सिलसिला जारी है। सागर जिले में वीरांगना दुर्गावती टाइगर  रिजर्व के कोर क्षेत्र में एक करीब 35 माह के बाघ का शव मिला है। बाघ की मौत से हड़कंप मचा है। इसको कान्हा टाईगर रिजर्व से पिछले महीने जनवरी में शिफ्ट किया गया था। पिछले साल दिसंबर में सागर के दक्षिण वन मंडल रेंज में एक बाघ का शव मिला था । दो महीनों में दो बाघों के शव मिलने से कई सवाल व्यवस्थाओं और सुरक्षा को लेकर खड़े हो रहे है ?

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टाइगर रिजर्व में मिला बाघ का शव

वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में एक महीने पहले लाए गए करीब 35 माह उम्र के बाघ की मौत हो गई। रविवार को मोहली क्षेत्र के  मानेगांव बीट के के कक्ष क्रमांक 159 में उसका शव मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अंधेरा होने के कारण विस्तृत सर्चिग नहीं हो सकी, जिसके बाद सोमवार सुबह डॉग स्क्वॉड के साथ जांच तेज की गई। डॉक्टरों की पैनल पोस्टमार्टम कर रही है, जिससे मौत का कारण स्पष्ट होगा। शुरुआती तौर पर टेरिटरी फाइट की आशंका जताई जा रही है। इस बाघ को मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व से  वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए लाया गया था। वनमंडल अधिकारी के मुताबिक बाघ को 18-19 जनवरी 2026 को रेडियो कॉलर लगाकर रिजर्व के कोर वन क्षेत्र में मुक्त किया गया था। तब से ही मॉनिटरिंग दल उसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे।

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वनाधिकारी के अनुसार विगत दो दिवसों से बाघ की लोकेशन एक जगह ही आ रही थी। मॉनिटरिंग दल ने नजदीक जाकर देखा तो उन्हें बाघ मृत अवस्था में मिला। अंधेरा हो जाने के कारण डॉग स्क्वायड से सर्च, अन्य अन्वेषण एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ( NTCA )के प्रोटोकॉल अनुरूप पोस्टमार्टम किया जाएगा।

रेडियो कॉलर से मिली जानकारी

वनमंडल अधिकारी ने बताया कि रेडियो कॉलर से मिली जानकारी के अनुसार, बाघ की मौत की वजह का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाघ की मौत की खबर मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पहुंच गए हैं और जांच शुरू कर दी है।

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पीएम के बाद अंतिम संस्कार हुआ

डॉग स्क्वॉड के ‌द्वारा मृत बाघ के आसपास के क्षेत्र में सघन सर्च की गई साथ ही उक्त मृत बाघ के शव के करीब के जल स्रोत एवं आसपास के अन्य जल स्रोतों का भी लिटमस पेपर द्वारा पीएच वैल्यू आदि की जांच भी की गई। दोनों ही जांच में कोई परिणाम नहीं मिले इसके उपरांत राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रोटोकॉल अनुरूप पन्ना टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ वन्य प्राणी चिकित्सक डॉक्टर संजीव गुप्ता एवं रहली में पदस्थ स्थानीय पशु चिकित्सक श्री नीरज ठाकुर के द्वारा एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि डॉक्टर प्रशांत देशमुख एवं वन संरक्षक सागर श्री रिपुदमन सिंह भदोरिया के समक्ष शव का पोस्टमार्टम किया गया। बाघ की खोपड़ी बुरी तरह से छतिग्रस्त थी एवं ह‌ड्डियां टूटी हुई थी। 


तथा उन पर केनाईल के गहरे निशान भी थे। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के विशेषज्ञ डॉक्टर प्रशांत देशमुख एवं वरिष्ठ वन्य प्राणी चिकित्सक संजीव गुप्ता का अभीमत है, कि बाधों की लड़ाई में उक्त बाघ को अन्य बाघ ‌द्वारा मार डाला गया है। पोस्टमार्टम के पश्चात विशेषज्ञों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में उक्त बाघ के शव को शवदाह किया गया।


    



सागर जिले में दो महीने पहले भी मिला था नर बाघ का शव

बाघों की मौत का सिलसिला  जारी है। इसी रानी दुर्गावती टाईगर रिजर्व से दो किलो मीटर दूर सागर के दक्षिण वन मंडल के अंतर्गत आने वाले ढाना परिक्षेत्र के ग्राम हिलगन के जंगल में रविवार 28 दिसंबर 2025 को एक नर बाघ मृत अवस्था में मिला था. जिसकी करंट लगने से मौत बताई गई थी। इसकी जांच के लिए वायल्ड लाइफ़ जबलपुर और पन्ना टाईगर रिजर्व का जांचदल आया था। दो महीने में बाघों के शव मिलने से वन विभाग और टाईगर रिजर्व में हड़कंप मचा है।



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