सीएम डॉ. मोहन यादव का 25 मार्च को सागर के वीरांगना दुर्गावती अभ्यारण में आगमन
▪️ रिजर्व में रिलीज करेंगे कछुए
▪️ कमिश्नर एवं आईजी ने कलेक्टर, एसपी के साथ किया कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण
तीनबत्ती न्यूज 24 मार्च 2026
सागर : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने जन्म-दिन पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बुधवार 25 मार्च को बामनेर नदी में एक दर्जन कछुओं को रिलीज करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास के लिये सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि-पूजन भी करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 25 मार्च 2026 को प्रस्तावित सागर जिले के रहली विकासखंड अंतर्गत वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आयोजित कार्यक्रम को लेकर संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी एवं पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना ने कलेक्टर श्री संदीप जी.आर., पुलिस अधीक्षक श्री विकास सहवाल तथा मुख्य वन संरक्षक श्री दीपू दमन सिंह भदोरिया के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने हेलीपैड, भूमि पूजन स्थल तथा बामनेर नदी तट सहित अन्य स्थानों का जायजा लिया।
संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर सभी व्यवस्थाएं समय सीमा में पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि हेलीपैड स्थल सहित अन्य कार्यक्रम स्थलों का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए तथा आगंतुकों के लिए समुचित आवागमन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही पेयजल, विद्युत एवं स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ व्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग, यातायात नियंत्रण तथा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएं। साथ ही सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें।
पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार की जाए। इसके अलावा, उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई दल की तैनाती के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम के दौरान आमजन की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक श्री दीपू दमन सिंह भदोरिया, कलेक्टर श्री संदीप जी.आर., पुलिस अधीक्षक श्री विकास सहवाल, डीएफओ श्री रजनीश सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के.वी., अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो मध्यप्रदेश के 3 जिलों सागर, दमोह और नरसिंहपुर के 72 ग्रामों को जोड़ते हुए कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर का आकार लिये हुए है। मध्यप्रदेश का यह 7वाँ और भारत का 54वाँ टाइगर रिजर्व है। वर्ष 2023 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 32 टाइगर मौजूद हैं। इस अभयारण्य को मुख्य रूप से भेड़ियों की भूमि माना जाता है। यहाँ पर सर्वाधिक भेड़िये पाये जाते हैं।
टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूल भूमि उपलब्ध है। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है। शीघ्र ही कूनो अभयारण्य से चीतों को लाकर यहाँ बसाया जायेगा। अभयारण्य में चिड़ियाँ की 240 प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति के पशु-पक्षी पाये जाते हैं, जिसमें टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ सहित पशु-पक्षी मौजूद हैं। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन के के साथ रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं।
ऐसा है टाइगर रिजर्व:
1974 का अभ्यारण आज मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बना, 2300 स्क्वायर किलोमीटर में फैला टाइगर रिजर्व, एक टाइगर से शुरू हुआ अब ढाई दर्जन से अधिक टाइगर मौजूद
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतो के पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि पूजन बुधवार को करेंगे साथ में बामनेर नदी में एक दर्जन कछुआ को भी छोड़ेंगे।सॉफ्ट रिलीज बोमा के तहत एक बड़ा बेड़ा बनाया जाता है जिसमें शिफ्ट होने वाली चीजों को छोड़ा जाता है इससे शिफ्टिंग सही तरीके से हो जाती है।
वीरागाना दुर्गावती टाइगर रिजर्व 1974 का अभ्यारण आज मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनकर तैयार है यह तीन जिलों के 72 ग्रामों को जोड़ते हुए कुल 2300 स्क्वायर किलोमीटर में टाइगर रिजर्व आकर लिए हुए है। यह टाइगर रिजर्व में सबसे पहले एक टाइगर से शुरू हुआ जो अब ढाई दर्जन से अधिक टाइगर मौजूद है।
यह टाइगर रिजर्व भेडियो की भूमि मुख्य रूप से माना जाने वाला वीरागाना दुर्गावती टाइगर रिजर्व है। तीन जिलों सागर, दमोह, नरसिंहपुर के 72 ग्रामों से टाइगर रिजर्व बना है। इसमें सैकड़ो प्रजाति के पशु पक्षी वाला पहला मध्य प्रदेश का टाइगर रिजर् है।
जानकारी के अनुसार वीराना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का पूर्व में नाम 1974 की अनुसार नौरादेही अभ्यारण था जिसको 10 वर्ष के पश्चात 1984 में वन्य प्राणी वन मंडल का नाम दिया गया इसी के साथ 2018 में इस वन्य प्रणाली वन मंडल नवरात्रि अभ्यारण में 2018 के अप्रैल माह में मादा टाइगर को छोड़ा गया जिसका नाम राधा एन वन दिया गया इसको बढ़ाते हुए 2018 के मई माह में एक नर टाइगर जिसका नाम किशन एन टू रखा गया उसको छोड़ा गया।
2019_ 2020 में राधा किशन टाइगर ने तीन शावकों को जन्म दिया जिनका नाम इन वन,एन टू,एन थ्री रखा गया। 2021 में एक नया अभ्यारण में टाइगर देखा जिसका नाम N3 रखा गया। सन 2022-23 में n2 किशन एवं n3 टाइगर की फाइट हुई जिसमें n3 टाइगर ने n2 किशन टाइगर को मार डाला। इसी प्रकार 2024 में अभ्यारण की डोंगरगांव रेंज में एक नर एवं एक मादा टाइगर को छोड़ा गया इस प्रकार वर्तमान में वीराना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में लगभग 32 टाइगर मौजूद है। इस अभ्यारण को मुख्य रूप से भेड़िया की भूमि माना जाता था जहां सर्वाधिक भेड़िया उपलब्ध हैं।
वर्ष 2023 में नौरादेही अभ्यारण सागर एवं रानी दुर्गावती अभ्यारण को मिलाकर वीरागना दुर्गावती टाइगर रिजर्व बनाया गया जिसमें नौरादेही अभ्यारण की 1197 स्क्वायर किलोमीटर एवं रानी दुर्गावती अभ्यारण की 27 स्क्वायर किलोमीटर एवं अन्य बफर एरिया मिलाकर कुल 2300 स्क्वायर किलोमीटर का नया वीराना दुर्गावती टाइगर रिजर्व बनाया गया यह टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा सर्वप्रथम संपन्न एवं सभी प्रकार के पशु पक्षी इस अभ्यारण में मौजूद है।
तीन जिलों से बना रिजर्व
इस टाइगर रिजर्व में तीन जिले सागर दमोह नरसिंहपुर की 72 ग्रामों को जोड़ा गया है जिसमें 36 ग्रामों के व्यक्तियों का विस्थापन किया जा चुका है और विस्थापन की राशि उनको प्राप्त की जाकर उनको विस्थापित किया गया है शेष 36 ग्राम का विस्थापन प्रक्रिया में है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व पर्यटन की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें पर्यटन के लिए अपार संभावनाएं हैं जिसमें बुंदेलखंड मध्य प्रदेश एवं पूरे भारत देश से पर्यटक इस टाइगर रिजर्व में आएंगे। इस टाइगर रिजर्व में शीघ्र ही चीतो भी आएगे जिसके लिए सॉफ्ट बोम्मा रिलीज तैयार किया जा रहा है जिसका भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के द्वारा किया जा रहा है।
यह अभ्यारण मिनी सवाना के समान है जिसमें चीतो की अनुकूल यह भूमि उपलब्ध होगी। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पाई जाती है।
इस टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति की पशु पक्षी पाए जाते हैं जिसमें टाइगर, पैंथर ,भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, नीलगाय ,जंगली सूअर ,चोसिंगा, काला हिरण ,चिंकारा ,कछुआ, मगरमच्छ, सहित अन्य और भी पशु पक्षी मौजूद हैं इसी प्रकार इस अभ्यारण में चार प्रकार की गिद्ध भी पाए जाते हैं जिसमें तीन प्रजाति की गिद्ध बाहर से आते हैं। इसी प्रकार इस अभ्यारण में 240 प्रजाति की चिड़िया भी मौजूद हैं जो की आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वीराना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन की अपार संभावनाओं के साथ रोजगार की भी अपार संभावनाएं हैं।











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