डॉ. वंदना गुप्ता को मिला “सरदार वल्लभभाई पटेल मेमोरियल अवॉर्ड 2026”
तीनबत्ती न्यूज : 24 मई 2026
सागर: पर्यावरण संरक्षण, जैविक जीवनशैली एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में विगत 32 वर्षों से सतत कार्य कर रहीं सागर की पर्यावरण संरक्षक, समाज एवं साहित्यसेवी ,भारतीय योगिनी संघ मध्यप्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष, वैचारिक स्वच्छता अभियान संस्थापक एवं द एसोसिएशन ऑफ वी क्लब्स ऑफ इंडिया की डिस्ट्रिक्ट 323 जी 2एवं जी 3 प्रांत की संस्थापक डॉ. वंदना गुप्ता को 23 मई 2026 को अहमदाबाद, गुजरात में आयोजित भव्य समारोह में “सरदार वल्लभभाई पटेल मेमोरियल अवॉर्ड 2026” से सम्मानित किया गया।
यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान रघुराज पीपल मैन फाउंडेशन द्वारा नेतृत्व, एकता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, संगठन एवं राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। समारोह ओम फिल्मसिटी,अहमदाबाद में आयोजित हुआ, जिसमें देशभर से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्व शामिल हुए।मुख्य अतिथि के रूप में आचार्य डॉ. लोकेश मुनि जी ,विशिष्ट अतिथियों में गुजरात सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री मुकेश पटेल, स्वामी कृष्णानंद पुरी महाराज, पद्मश्री राजा लखन सिंह, वरिष्ठ संघ कार्यकर्ता श्री अविनाश जायसवाल एवं डॉ गोविंद त्रिपाठी दिल्ली , प्रो. डॉ. पी.के. राजपूत पूर्व वाइस प्रेसिडेंट कैडिला फार्मा अहमदाबाद , प्रो. डॉ. समीर सूद- डायरेक्टर निफ्ट गांधीनगर , डॉ. संजीव शर्मा-कुलपति हिमाचल करियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी हिमाचल प्रदेश,मोहम्मद फैज खान - प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता एवं गो कथा वाचक,रघुराज सिंह -पीपल मैन फाउंडेशन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
32 साल से सक्रिय है डॉ वंदना
डॉ. वंदना गुप्ता पिछले 32 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण हेतु निरंतर जनजागरण एवं सेवा कार्य कर रही हैं। उनके द्वारा अब तक लगभग 20,000 पौधों का दान एवं रोपण कराया जा चुका है। वर्ष 2007 में उन्होंने हपसली गांव को गोद लेकर वहां प्रत्येक घर में लगभग 1000 फलदार पौधों का रोपण कराया। जो क्षेत्र कभी शहर के कचरे का डंपिंग यार्ड था, वहां आज स्वच्छ वातावरण एवं हरियाली का सुंदर उदाहरण देखने को मिलता है।
डॉ. गुप्ता द्वारा पीपल के पौधों के संरक्षण का विशेष अभियान भी संचालित किया जा रहा है। मकानों एवं दीवारों में उग आने वाले पीपल के पौधों को संरक्षित कर वर्षा ऋतु में सुरक्षित स्थानों पर वर्षा ऋतु में रोपित किया जाता है और फिर समय पर उनसे मुलाकात भी करने जाती है,राहतगढ़ फाल के प्रवेश द्वार पर दाहिने हाथ पर रोपित पीपल का पेड़ व चंद्रा पार्क में रोपित पीपल का पेड़ भी इसी मुहिम की पहचान है।इसके साथ ही डॉ वंदना गुप्ता ने नीम के पौधे का खेतों की मेड़ों पर सघन रोपण की भी मुहिम चला रखी है क्योंकि यह वातावरण में व्याप्त हानिकारक सूक्ष्म वायरस एवं जीवाणुओं को नष्ट करने के साथ पेड़ से खेत में गिरी नीम की पत्तियां व नीम के बीज मिट्टी को स्वस्थ रखने, फ़सलों को अनेक रोगों से बचाने में सहायक है।नीम को सबसे बड़ा वैद्य मानव के संबंध में कहा गया है।नीम की विशेषता है कि कम जल वाली भूमि में भी अपना अस्तित्व बना लेता है।इसी श्रृंखला में गौरैया गांव में 510 नीम के पौधों का रोपण पिछले दिनों डॉ वंदना गुप्ता द्वारा किया गया।
उनका सागर स्मार्ट सिटी द्वारा सम्मानित टेरेस गार्डन पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी मॉडल है, जिसमें लगभग 300 प्रजातियों के पौधे संरक्षित हैं। यह पूर्णत: ऑर्गेनिक गार्डन है, जहां घर एवं गार्डन वेस्ट से छत पर ही जैविक खाद तैयार की जाती है। उनकी नर्सरी से प्रतिदिन लगभग एक पौधे का दान भी किया जाता है।उनके यू ट्यूब पर अनेक वीडियो "मिशन पर्यावरण संरक्षण" के नाम से अपलोड हैं।डॉ. वंदना गुप्ता द्वारा समाज में जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, श्रद्धांजलि एवं अन्य अवसरों पर ब्रह्मकमल सहित सैकड़ों विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त वर्षा ऋतु में पहाड़ियों पर बीजों का छिटकाव एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के साथ पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने का कार्य भी निरंतर किया जा रहा है।
डॉ. वंदना गुप्ता को यह राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त होने पर सागर सहित मध्यप्रदेश एवं देश की सामाजिक, साहित्यिक एवं पर्यावरणीय संस्थाओं एवं नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएं दी है।
--------------
---------
एडिटर : विनोद आर्य
________









0 comments:
एक टिप्पणी भेजें