"वेस्ट टू वंडर" यानि 'कबाड़ से जुगाड़' : नगर निगम सागर बना रहा है आकर्षक कलाकृतियां
तीनबत्ती न्यूज: 13 जनवरी, 2026
सागर: "वेस्ट टू वंडर" यानि कबाड़ से जुगाड़ कर आकर्षक कलाकृतियां बना स्वच्छता और इतिहास से लोगों को जोड़ने का निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक सागर स्मार्ट सिटी राजकुमार खत्री ने अनूठा प्रयास किया है। उन्होंने काकागंज पानी टंकी के पास फायर स्टेशन परिसर में कबाड़ और स्क्रेप सामग्री से तैयार की जा रहीं कमाल की कलाकृतियों का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा की सागर शहर ही नहीं समूचे विश्व में कचरे का समुचित निपटान एक बड़ी चुनौती है स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत कचरे को कम करने और पुराने सामानों को पुनः उपयोगी बनाने हेतु बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर प्रयास किये जा रहे हैं।
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नगर निगम सागर बना रहा है कबाड़ से आकर्षक कलाकृतियां
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नगरनिगम के कबाड़ का उपयोग
ऐसे में नगर निगम के पुराने वाहनों सहित कबाड़ हो रहे अन्य सामानों (टायर, टीन, चददर, एंगिल, गाटर आदि धातु, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, ढक्कन-डिब्बे, लकड़ी, प्लास्टिक आदि) से आकर्षक और प्रेरित करने वाली कलाकृतियाँ बनाकर शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ नागरिकों को 3R-रिड्यूस (कमी), रियूज़ (पुनःप्रयोग), रिसाइकिल (पुनःचक्रण) के सिद्धांतों को अपनाने हेतु जागरूक बनाना है।उन्होंने कहा की अक्सर देखने में आता है की लोहा, लकड़ी, प्लास्टिक फाइबर, टीन डिब्बे आदि अन्य कबाड़ कचरा जो की अनुपयोगी समझकर नागरिकों द्वारा यहां वहां फेक दिया जाता है यही कचरा जल स्रोत, भूमि व हवा को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से प्रदूषत करने का कार्य करता है। जबकि इनसे आकर्षक वस्तुएँ बनाई जा सकती हैं। 3R और संसाधन क्षमता के प्रति जागरूकता के जरिये स्वच्छ जल, स्वच्छ भूमि और स्वच्छ हवा के लक्ष्य को हासिल करना आसान होगा।
निगमायुक्त राजकुमार खत्री के मार्गदर्शन में तीन मढ़िया तिराहे पर ब्लैक स्पॉट को समाप्त कर स्थापित की गईं "सागर स्वच्छता के प्रहरी" प्रतिमाओं को सब ओर सराहा जा रहा है। साफ-सफाई कर शहर की स्वच्छता में अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले सफाई मित्रों की ऐसी प्रतिक्रितियाँ शायद प्रदेश और देश में दूसरी नहीं है जहाँ लोग इनके साथ खड़े होकर सेल्फी लेते और अपने सोशल मीडिया हेंडल्स पर शान से शेयर कर अपने शहर की खूबसूरती बयां करते हैं। सफाई मित्रों के सम्मान में तैयार इस स्थल के सफल प्रयोग के बाद अब नागरिकों को स्वच्छता के साथ ही इतिहास से जोड़ने का भी प्रयास ऐसी अन्य कलाकृतियों द्वारा करने का प्रयास किया जा रहा है।
यूरिनल का निर्माण
नगर निगम के पुराने अनुपयोगी टेंकरों की ऊपरी बॉडी से आधुनिक यूरिनल का निर्माण किया जा रहा है। जो की अपने अंतिम स्वरूप में आ चुके हैं, इन यूरिनल्स को शहर में आवश्यकता अनुसार ऐसे स्थलों पर स्थापित किया जायेगा जहाँ इनकी उपयोगिता के साथ-साथ इनसे लोगों को स्वच्छता अपनाने और 3R-रिड्यूस, रियूज़, रिसाइकिल की प्रेरणा भी मिले। इन्हीं टेंकर वाहनों के निचले हिस्से का उपयोग कर ऐसी कलाकृति बनाई जा रही है जो सभी को इतिहास से रूबरू करायेगी। टेंकर के दो टायरों और फ्रेम का उपयोग कर अन्य स्क्रेप सामग्री से विशाल आकार की तोप का निर्माण किया जा रहा है। भारत के इतिहास में ऐसी कई चीजें हैं जो आज भी लोगों को अचरज में डाल देती हैं। ऐतिहासिक युद्धों में तोपों का महत्व बहुत था, खासकर दुर्गों पर कब्ज़े, सैन्य शक्ति प्रदर्शन और युद्ध के मैदान में निर्णायक प्रभाव डालने के लिए।
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3R को मिलेगा बढ़ावा
निगमायुक्त श्री खत्री की यह पहल 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत कचरे का सही उपयोग और पर्यावरण जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण होगी। इससे एक ओर शहर में 3R-रिड्यूस (कमी), रियूज़ (पुनःप्रयोग), रिसाइकिल (पुनःचक्रण) के सिद्धांतों को बढ़ावा मिलेगा वहीं दूसरी ओर इस प्रकार की कलाकृतियाँ बनाने हेतु युवा प्रेरित होकर इसे रोजगार के रूप में अपना सकेंगे। इससे शहर में उद्योगों और अन्य विभिन्न हितधारकों के एक संसाधन के रूप में कचरे के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जा सके। नये नये आइडियाज के उपयोग द्वारा कबाड़ कचरे से कलाकृतियों व प्रतिक्रितियों को बनाकर लोकप्रियता के साथ-साथ आर्थिक मजबूती पा सकेंगे।









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