Sagar News: फर्नीचर क्लस्टर को शीघ्रता से विकसित कर विस्थापन की कार्यवाही करें
▪️उद्योगपतियों की समस्याओं को सूचीबद्ध कर प्राथमिकता के साथ हल किया जाएगा
▪️हवाई पट्टी विस्तार के लिए प्रयास और तेज किए जाएंगे
▪️हवाई पट्टी विस्तार के लिए प्रयास और तेज किए जाएंगे
तीनबत्ती न्यूज:20 मई 2026
सागर : फर्नीचर क्लस्टर को शीघ्रता से विकसित कर विस्थापन की कार्यवाही करें, उद्योगपतियों की समस्याओं को सूचीबद्ध कर प्राथमिकता के साथ हल किया जाएगा, औद्योगिक क्षेत्र सिद्धगुवां में बिजली, पानी, सड़क की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी, साथ ही हवाई पट्टी विस्तार के लिए प्रयास और तेज किए जाएंगे। उक्त निर्देश कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने उद्योग विभाग, एमपीआईडीसी एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर विभिन्न उद्योगों से श्री चावला, श्री अरविंद भाईजी, श्रीमती मंदाकिनी पांडे, श्री प्रमोद उपाध्याय, श्रीमती पूजा तिवारी, श्री अमरनाथ साकेत, पी.एस. बडोले सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं उद्योगपति मौजूद थे।
सागर : फर्नीचर क्लस्टर को शीघ्रता से विकसित कर विस्थापन की कार्यवाही करें, उद्योगपतियों की समस्याओं को सूचीबद्ध कर प्राथमिकता के साथ हल किया जाएगा, औद्योगिक क्षेत्र सिद्धगुवां में बिजली, पानी, सड़क की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी, साथ ही हवाई पट्टी विस्तार के लिए प्रयास और तेज किए जाएंगे। उक्त निर्देश कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने उद्योग विभाग, एमपीआईडीसी एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर विभिन्न उद्योगों से श्री चावला, श्री अरविंद भाईजी, श्रीमती मंदाकिनी पांडे, श्री प्रमोद उपाध्याय, श्रीमती पूजा तिवारी, श्री अमरनाथ साकेत, पी.एस. बडोले सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं उद्योगपति मौजूद थे।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के लिए प्रोत्साहन हेतु सभी आवश्यक प्रचार-प्रसार किया जाए एवं उद्योगपतियों को सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएं, जिससे यहां उद्योग स्थापित हो सकें। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों की समस्याओं के निराकरण के लिए उनकी समस्याओं को सूचीबद्ध करें एवं जिला स्तर पर निराकरण योग्य समस्याओं का निराकरण किया जाए तथा राज्य शासन स्तर की समस्याओं को पत्र के माध्यम से सूचित कर उनका निराकरण कराया जाए। उद्योगपतियों को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी बिजली विभाग आवश्यक प्रबंध करे।
मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के प्रबंधक श्री पी.के. उपाध्याय द्वारा विभाग की गतिविधियों के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि सागर जिले में 03 औद्योगिक क्षेत्रों मसवासी ग्रांट, तहसील सागर; करमपुर, तहसील खुरई एवं छेवला, तहसील देवरी में नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है।
औद्योगिक क्षेत्र मसवासी ग्रांट में 608.92 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर विकास किया जा रहा है। इस औद्योगिक क्षेत्र में बहुउत्पाद, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के निवेशकों द्वारा रुचि प्रदर्शित की गई है, जिसमें प्रमुख निवेशकों में यूनिक सन पावर प्रा.लि. (सूरत, गुजरात), विवग्यो इनर्जी इन्फ्राटेक प्रा.लि. (जोधपुर, राजस्थान), ए.बी. फैब्रिक्स (लुधियाना, पंजाब), गोकुलदास एंड संस (भोपाल), दावत राइस आदि शामिल हैं।
मध्य प्रदेश शासन द्वारा उक्त औद्योगिक क्षेत्र में 01 रुपये प्रति वर्गमीटर प्रीमियम, 01 रुपये प्रति वर्गमीटर लीज रेंट एवं विकास शुल्क 20 समान वार्षिक किस्तों में जमा करवाकर भूमि आवंटित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। उक्त औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित होने वाली इकाइयों को शासन द्वारा निर्धारित सुविधाओं के साथ-साथ 05 वर्ष तक विद्युत शुल्क में छूट एवं 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क की प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। भविष्य में इस औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार हेतु नजदीकी 05 ग्रामों बेलखादर, कुढ़ई, कुडरी, बहेरिया साहनी एवं गढ़ोलीकला में 319.19 हेक्टेयर भूमि चयनित की गई है।
औद्योगिक क्षेत्र करमपुर, तहसील खुरई में 60.00 हेक्टेयर भूमि पर विकास किया जा रहा है। उक्त औद्योगिक क्षेत्र में नाली एवं सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। करमपुर औद्योगिक क्षेत्र में कृषि उपकरण निर्माता इकाइयों एवं बहुउत्पाद से संबंधित निवेश आने की संभावना है। देवरी तहसील में ग्राम छेवला की 158.58 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है।
सागर जिले में 02 वृहद इकाइयां भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. की बीना रिफाइनरी 49000.00 करोड़ की लागत से एवं ग्राम सौरई, तहसील बंडा में मध्य भारत एग्रो प्रोडक्ट लि. 435.00 करोड़ की लागत से इकाई विस्तार हेतु निर्माणाधीन हैं।
सागर जिले में वर्तमान में एमपीआईडीसी के 02 विकसित औद्योगिक क्षेत्र सिद्धगुवां एवं आई.आई.डी. बीना स्थापित हैं, जिनमें 188.24 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश से 133 उद्योग स्थापित हैं तथा 71.30 करोड़ रुपये की लागत से 69 उद्योग स्थापनााधीन हैं।
बैठक में मसवासी ग्रांट एवं करमपुर में जल संसाधन विभाग से जल आवंटन हेतु आवश्यकता बताई गई, जिस पर कलेक्टर ने विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि जल आवंटन की कार्यवाही शीघ्र करवाई जा सके। उद्यमियों एवं उद्योग संघ के पदाधिकारियों द्वारा उद्योग संचालन में आ रही समस्याएं रखीं एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
कलेक्टर द्वारा संबंधित विभागों को इन समस्याओं के निराकरण हेतु निर्देशित किया गया तथा आदेशित किया गया कि यह समीक्षा बैठक प्रत्येक तिमाही में आयोजित की जाए, जिससे उद्यमियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही की नियमित समीक्षा सुनिश्चित हो सके।
जिले के उद्योगों का प्रतिनिधित्व श्री अरविंद भाईजी, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती; श्री देवेंद्र पाल सिंह चावला, अध्यक्ष, फ्लाई ऐश ब्रिक्स एसोसिएशन; श्री दिनेश भाई पटेल, डायरेक्टर, सागर टिम्बर एंड फर्नीचर क्लस्टर एसोसिएशन; श्री हेमंत आजाद, संभागीय समन्वयक, DICCI; श्री लक्ष्मी सोनी, मेसर्स लक्ष्मी प्लास्टिक; श्री गुलाब समैया, सचिव उद्योग संघ सिद्धगुवां; श्री प्रवीण रिछारिया; श्री सुंदर रजक, मेसर्स उषाकिरण इंटरप्राइजेज; श्री पंकज लोटवानी तथा जिले के अन्य उद्यमियों द्वारा किया गया।
बैठक में श्री सहेंद्र पाल, अग्रणी जिला प्रबंधक; श्री अरविंद सावले, क्षेत्रीय अधिकारी, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड; तथा एनआरएलएम, नगर एवं ग्राम निवेश एवं हथकरघा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के प्रबंधक श्री पी.के. उपाध्याय द्वारा विभाग की गतिविधियों के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि सागर जिले में 03 औद्योगिक क्षेत्रों मसवासी ग्रांट, तहसील सागर; करमपुर, तहसील खुरई एवं छेवला, तहसील देवरी में नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है।
औद्योगिक क्षेत्र मसवासी ग्रांट में 608.92 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर विकास किया जा रहा है। इस औद्योगिक क्षेत्र में बहुउत्पाद, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के निवेशकों द्वारा रुचि प्रदर्शित की गई है, जिसमें प्रमुख निवेशकों में यूनिक सन पावर प्रा.लि. (सूरत, गुजरात), विवग्यो इनर्जी इन्फ्राटेक प्रा.लि. (जोधपुर, राजस्थान), ए.बी. फैब्रिक्स (लुधियाना, पंजाब), गोकुलदास एंड संस (भोपाल), दावत राइस आदि शामिल हैं।
मध्य प्रदेश शासन द्वारा उक्त औद्योगिक क्षेत्र में 01 रुपये प्रति वर्गमीटर प्रीमियम, 01 रुपये प्रति वर्गमीटर लीज रेंट एवं विकास शुल्क 20 समान वार्षिक किस्तों में जमा करवाकर भूमि आवंटित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। उक्त औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित होने वाली इकाइयों को शासन द्वारा निर्धारित सुविधाओं के साथ-साथ 05 वर्ष तक विद्युत शुल्क में छूट एवं 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क की प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। भविष्य में इस औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार हेतु नजदीकी 05 ग्रामों बेलखादर, कुढ़ई, कुडरी, बहेरिया साहनी एवं गढ़ोलीकला में 319.19 हेक्टेयर भूमि चयनित की गई है।
औद्योगिक क्षेत्र करमपुर, तहसील खुरई में 60.00 हेक्टेयर भूमि पर विकास किया जा रहा है। उक्त औद्योगिक क्षेत्र में नाली एवं सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। करमपुर औद्योगिक क्षेत्र में कृषि उपकरण निर्माता इकाइयों एवं बहुउत्पाद से संबंधित निवेश आने की संभावना है। देवरी तहसील में ग्राम छेवला की 158.58 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है।
सागर जिले में 02 वृहद इकाइयां भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. की बीना रिफाइनरी 49000.00 करोड़ की लागत से एवं ग्राम सौरई, तहसील बंडा में मध्य भारत एग्रो प्रोडक्ट लि. 435.00 करोड़ की लागत से इकाई विस्तार हेतु निर्माणाधीन हैं।
सागर जिले में वर्तमान में एमपीआईडीसी के 02 विकसित औद्योगिक क्षेत्र सिद्धगुवां एवं आई.आई.डी. बीना स्थापित हैं, जिनमें 188.24 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश से 133 उद्योग स्थापित हैं तथा 71.30 करोड़ रुपये की लागत से 69 उद्योग स्थापनााधीन हैं।
बैठक में मसवासी ग्रांट एवं करमपुर में जल संसाधन विभाग से जल आवंटन हेतु आवश्यकता बताई गई, जिस पर कलेक्टर ने विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि जल आवंटन की कार्यवाही शीघ्र करवाई जा सके। उद्यमियों एवं उद्योग संघ के पदाधिकारियों द्वारा उद्योग संचालन में आ रही समस्याएं रखीं एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
कलेक्टर द्वारा संबंधित विभागों को इन समस्याओं के निराकरण हेतु निर्देशित किया गया तथा आदेशित किया गया कि यह समीक्षा बैठक प्रत्येक तिमाही में आयोजित की जाए, जिससे उद्यमियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही की नियमित समीक्षा सुनिश्चित हो सके।
जिले के उद्योगों का प्रतिनिधित्व श्री अरविंद भाईजी, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती; श्री देवेंद्र पाल सिंह चावला, अध्यक्ष, फ्लाई ऐश ब्रिक्स एसोसिएशन; श्री दिनेश भाई पटेल, डायरेक्टर, सागर टिम्बर एंड फर्नीचर क्लस्टर एसोसिएशन; श्री हेमंत आजाद, संभागीय समन्वयक, DICCI; श्री लक्ष्मी सोनी, मेसर्स लक्ष्मी प्लास्टिक; श्री गुलाब समैया, सचिव उद्योग संघ सिद्धगुवां; श्री प्रवीण रिछारिया; श्री सुंदर रजक, मेसर्स उषाकिरण इंटरप्राइजेज; श्री पंकज लोटवानी तथा जिले के अन्य उद्यमियों द्वारा किया गया।
बैठक में श्री सहेंद्र पाल, अग्रणी जिला प्रबंधक; श्री अरविंद सावले, क्षेत्रीय अधिकारी, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड; तथा एनआरएलएम, नगर एवं ग्राम निवेश एवं हथकरघा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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एडिटर : विनोद आर्य
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