योग दिवस : 93 की उम्र में भी कमाल की ऊर्जा: 70 वर्षों से योग साधना कर रहे योगाचार्य विष्णु आर्य, आज भी सिखा रहे स्वस्थ जीवन का मंत्र
▪️कूल्हे की हड्डी टूटने के बाद बिना ऑपरेशन हुए स्वस्थ, फिर योग सेवा में सक्रिय; वाकर से चलते है और सिखाते है योग
International Day Of Yoga 2026
तीनबत्ती न्यूज: 20 जून,2026
सागर: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को पूरी दुनिया में मनाया जायेगा। भारतीय योग संस्कृति को स्थापित करने में देश दुनिया में हजारों लोग जुट है। ऐसे है मध्यप्रदेश के सागर जिले के उम्र के 90 दशक पार कर चुके अद्भुत ऊर्जा और अनुशासन की मिसाल बने योगाचार्य विष्णु आर्य आज भी लोगों को योग सिखा रहे हैं। पिछले 70 वर्षों से योग साधना में जुटे विष्णु आर्य न केवल योग प्रशिक्षण दे रहे हैं, बल्कि योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवन की राह भी दिखा रहे हैं। सागर में स्थापित उनके ‘योग निकेतन’ में आज भी सैकड़ों लोग योग सीखने पहुंचते हैं।
कई संस्थाओं से जुड़े है
जिले के वरिष्ठ योगाचार्य विष्णु आर्य 93 साल की उम्र में भी पूरी सक्रियता के साथ योग सेवा में लगे हुए हैं। मध्यप्रदेश योग परिषद के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और मध्यप्रदेश आयुर्वेद सम्मेलन के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके विष्णु आर्य पिछले सात दशकों से योग के प्रचार-प्रसार में जुटे हैं। उन्होंने आर्मी स्कूल और पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में भी योग प्रशिक्षक के रूप में सेवाएं दी हैं।
पिछले साल टूटी कूल्हे की हड्डी : अब वाकर के सहारे योग साधना
हाल ही में दिसंबर 2025 में कूल्हे की हड्डी टूटने के कारण वे अस्वस्थ हो गए थे और करीब ढाई महीने तक बेड रेस्ट पर रहे। खास बात यह रही कि बिना ऑपरेशन के उनकी हड्डी जुड़ गई। दृढ़ इच्छाशक्ति, नियमित उपचार और योग अनुशासन के दम पर वे पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से योग साधना और प्रशिक्षण में जुट गए हैं। वाकर के सहारे चलकर संस्थान पहुंचते है और योग सिखाते है खुद भी योगाभ्यास करते है। इन दिनों अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत वे सागर स्थित योग निकेतन योग प्रशिक्षण संस्थान में लोगों को नियमित योगाभ्यास करा रहे हैं।
1968 में रखी योग निकेतन की नींव
योगाचार्य विष्णु आर्य ने वर्ष 1968 में सागर में योग निकेतन की स्थापना की थी। बिहार के मुंगेर में स्थित योग केंद्र शिवानन्द मठ की परंपरा को आगे सागर में बढ़ा रहे है। तब से यहां निरंतर योग साधना और प्रशिक्षण जारी है। वे दावा करते हैं कि योग के माध्यम से डायबिटीज, अस्थमा, सर्वाइकल, सायटिका और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं में लोगों को राहत मिलती है। उनके पास कर्नाटक, हरियाणा, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से लोग स्वास्थ्य लाभ के लिए पहुंचते हैं।
1954 से शुरू हुआ योग का सफर
विष्णु आर्य बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें योग, व्यायाम और अखाड़े का शौक था। वर्ष 1954 में आर्य समाज के संतों के संपर्क में आने के बाद योग के प्रति उनकी रुचि और बढ़ी। बाद में वर्ष 1968 में रायगढ़ में आयोजित विश्व योग सम्मेलन में स्वामी सत्यानंद सरस्वती से योग दीक्षा प्राप्त की और उनके साथ देशभर में भ्रमण कर लोगों को योग सिखाया।
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चार सीएम कर चुके पुरस्कृत
उम्र के सैकड़ा पूरा करने के इच्छुक योगाचार्य विष्णु आर्य को उनके योग के क्षेत्र में उपलब्धि परमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अर्जुन सिंह, मोतीलाल वोरा, शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सहित अनेक राजनीतिक सामाजिक संगठन सम्मानों से नवाज चुके है।
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योग सिर्फ व्यायाम नहीं, जीवन जीने की कला
योगाचार्य विष्णु आर्य का मानना है कि योग केवल आसन और प्राणायाम तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन जीने की कला और विज्ञान है। उनका कहना है कि बढ़ता मानसिक तनाव, नशे की प्रवृत्ति और बदलती जीवनशैली लोगों को बीमार बना रही है, जबकि योग मानसिक और शारीरिक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिल चुका सम्मान
योग के क्षेत्र में लंबे योगदान के लिए विष्णु आर्य को अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें मध्यप्रदेश सरकार के रामजी महाजन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा योग के क्षेत्र में घोषित स्वामी विवेकानंद योग पुरस्कार के लिए भी उनको चयनित किया गया।
पिछले वर्ष केंद्र सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय से संबद्ध संगठन Yogasana Bharat द्वारा गोवा में आयोजित राष्ट्रीय खेल महोत्सव के दौरान उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
योग दिवस को लेकर उत्साह
योगाचार्य विष्णु आर्य का कहना है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की पहल से योग को वैश्विक पहचान मिली है। उनका मानना है कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया भर में लोग योग अपनाकर स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।
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एडिटर : विनोद आर्य
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