सांसद डॉ. लता वानखेड़े के सवाल पर केंद्र का जवाब: IEPF दावों में देरी की वजह बताई, निवेशकों की सुविधा के लिए कई कदम
तीनबत्ती न्यूज: 1 अगस्त 2026
नईं दिल्ली। सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े द्वारा लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में केंद्र सरकार ने निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण निधि (IEPF) से जुड़े दावों के निपटान में होने वाली देरी के कारणों का खुलासा किया है। साथ ही सरकार ने बताया कि निवेशकों की दावा न की गई परिसंपत्तियां वापस दिलाने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
---------------
वीडियो देखने क्लिक करे
परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज स्वयं घर-घर पहुँचे और गौमाता के लिए एक रोटी का आग्रह किया
--------------
कॉरपोरेट कार्य राज्य मंत्री ने लोकसभा में बताया कि निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण निधि प्राधिकरण (IEPFA) समय-समय पर दावों के प्रसंस्करण और निपटान की समीक्षा करता है। समीक्षा में पाया गया कि दावों के निपटान में देरी मुख्य रूप से दावेदारों द्वारा अधूरे या त्रुटिपूर्ण दस्तावेज जमा करने, कंपनी के रिकॉर्ड से निवेशक विवरण का मेल नहीं होने, कंपनियों द्वारा समय पर सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने तथा उत्तराधिकार, हस्तांतरण या कानूनी विवाद वाले मामलों में अतिरिक्त जांच की आवश्यकता के कारण होती है।
मंत्री ने बताया कि निवेशकों की सुविधा के लिए IEPF की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन सर्च सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे निवेशक अपनी दावा न की गई परिसंपत्तियों की पहचान कर ऑनलाइन दावा प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा निवेशक जागरूकता शिविरों और 'सक्षम निवेशक' अभियान के माध्यम से निवेशकों को अपने केवाईसी विवरण, बैंक मैंडेट, संपर्क जानकारी और नामांकन अपडेट करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लाभांश को सीधे बैंक खाते में पहुंचाना और भविष्य में लाभांश या शेयरों के IEPF में स्थानांतरित होने की स्थिति को कम करना है।
यह भी पढ़ें : सांसद लता वानखेड़े ने रेल मंत्री से की मुलाकात, बीना में वंदे भारत और नई रेल लाइन की उठाई मांग
सांसद डॉ. लता गुड्डू वानखेड़े ने अपने प्रश्न में पिछले पांच वर्षों के दौरान निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण कोष में दावा रहित लाभांश, शेयर और अन्य निवेशक परिसंपत्तियों के वर्षवार हस्तांतरण, प्राप्त दावों, निपटाए गए और लंबित दावों की संख्या, दावों के निपटान में लगने वाले औसत समय, देरी के कारणों की समीक्षा तथा निवेशकों की दावा न की गई परिसंपत्तियों की वापसी को आसान बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी थी।
लोकसभा में दिए गए इस जवाब के माध्यम से केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि दावों के त्वरित निपटान के लिए प्रक्रिया में लगातार सुधार किए जा रहे हैं और निवेशकों को अपनी वित्तीय जानकारी अद्यतन रखने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।







0 comments:
एक टिप्पणी भेजें