सागर नगर निगम में राजस्व वसूली के निजीकरण के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला-बोल : संभागीय कमिश्नर को दिया ज्ञापन
तीनबत्ती न्यूज: 27 अगस्त 2026
सागर। सागर नगर निगम के सामान्य सम्मेलन में राजस्व वसूली का कार्य निजी संस्था को सौंपने के प्रस्ताव के खिलाफ जिला शहर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेताओं, नेता प्रतिपक्ष बाबू सिंह ‘बब्बू’ यादव और कांग्रेसी पार्षदों ने पीली कोठी से पैदल मार्च करते हुए संभागीय कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा और प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नगर निगम के 48 वार्डों में पहले से राजस्व कर संरक्षक कार्यरत हैं। इसके बावजूद राजस्व वसूली का काम निजी संस्था को देने का निर्णय कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। कांग्रेस नेताओं ने निजी वसूली को ‘गुंडा टैक्स’ बताते हुए आशंका जताई कि इसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ अंततः आम जनता पर पड़ेगा।
जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि जब निगम में 48 राजस्व कर संरक्षक पहले से मौजूद हैं, तो निजी कंपनी को ठेका देने की जरूरत क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। यदि पद रिक्त हैं तो सरकार को नियमित भर्ती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस फैसले का हर स्तर पर विरोध करेगी। उन्होंने नगर निगम प्रशासन पर कांग्रेसी पार्षदों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करने का आरोप भी लगाया।
नेता प्रतिपक्ष बाबू सिंह ‘बब्बू’ यादव ने कहा कि उन्होंने सदन में भी इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया है। उनके अनुसार निजीकरण का प्रस्ताव भ्रष्टाचार की आशंकाओं से घिरा हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि 48 वार्डों के राजस्व संरक्षकों का भविष्य क्या होगा। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में रोजगार की कमी के कारण कई पुरुष मजदूरी के लिए बाहर जाते हैं और महिलाएं घरों में अकेली रहती हैं। ऐसे में निजी वसूली कर्मियों के व्यवहार को लेकर भी सुरक्षा और अभद्रता की आशंका बनी रहेगी।
पूर्व विधायक सुनील जैन ने भवन-भूमि शाखा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में अवैध कॉलोनियां और नक्शा विरुद्ध बहुमंजिला निर्माण हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस दिए जा रहे हैं। कांग्रेस के अनुसार इस लापरवाही से निगम को करीब 25 करोड़ रुपये के भूमि जुर्माने की संभावित हानि हुई है। उन्होंने कहा कि पहले निगम को अपनी व्यवस्थाएं सुधारनी चाहिए, उसके बाद निजीकरण की बात करनी चाहिए।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सात दिवस के भीतर राजस्व वसूली के निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो वार्ड स्तर पर जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद पुतला दहन, धरना और नगर निगम घेराव जैसे आंदोलन किए जाएंगे। कांग्रेस ने इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होने की बात कही। ज्ञापन का वाचन संगठन महामंत्री रामकुमार पचौरी ने किया, जबकि आभार आनंद हैला ने माना। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
ये रहे शामिल
ज्ञापन सौंपने वालों में अमित रामजी दुबे, मुकुल पुरोहित, सुरेंद्र सुहाने, सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे, चक्रेश सिंघई, शिव शंकर ‘गुड्डू’ यादव, संदीप सबलोक, शैलेन्द्र तोमर, कमलेश तिवारी, अवधेश तोमर, हेमराज रजक, वीरेंद्र राजे, नरेंद्र मिश्रा, ताहिर खान, नीलेश अहिरवार, हीरालाल चौधरी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष किरण लता सोनी, रेखा सोनी, लीलाधर सूर्यवंशी, प्रदीप ‘पप्पू’ गुप्ता, समीर खान एडवोकेट, रजनी ठाकुर, ज्योति मलैया, रोशनी वसीम खान, दीनदयाल तिवारी, जाहिद ठेकेदार, नौशाद अब्बासी, डॉ. दिनेश पटेरिया, अलीम भाई जान, नरेश सनकत, शैलेश अकेला, अजय लारिया, विनोद रैकवार, प्रशांत रैकवार, चमन अंसारी, टीकाराम दीवान, कुंजीलाल लडि़या, पंकज सिंघई, जितेंद्र रोहण, सागर साहू, उवेश खान, सुनील ठाकुर, मयंक ठक्कर, रामशंकर सेन, गोपी यादव, संजय अहिरवार, खट्टू शुक्ला, कृष्णकांत अहिरवार, शरद पुरोहित सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।








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