Editor: Vinod Arya | 94244 37885
खाद संकट लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
खाद संकट लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर रोक, स्टॉक मिलान पूरा होने तक नहीं बिकेगी अनुदानित खाद

मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर रोक, स्टॉक मिलान पूरा होने तक नहीं बिकेगी अनुदानित खाद



तीनबत्ती न्यूज : 15 अगस्त 2026

सागर। खरीफ सीजन के बीच मध्यप्रदेश सरकार ने खाद की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने 14 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर प्रदेश में 14 अगस्त की शाम 7 बजे से आगामी आदेश तक अनुदानित उर्वरक की बिक्री बंद करने के निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ें: सीएम डॉ. मोहन यादव का ताबड़तोड़ एक्शन : 1 तहसीलदार, 2 पटवारी समेत 7 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित • सीएम डॉ यादव जन विश्वास अभियान के तहत पहुंचे बड़वानी

विभाग के अनुसार यह निर्णय भारत सरकार के iFMS पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के वास्तविक स्टॉक का Reconciliation (मिलान) करने के लिए लिया गया है। स्टॉक मिलान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही खाद की बिक्री दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।



सभी खाद बिक्री केंद्रों पर लागू रहेगा आदेश

विभाग ने स्पष्ट किया है कि रोक की अवधि में विपणन संघ के बिक्री केंद्र, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां, एमपी एग्रो तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के केंद्रों से किसी भी प्रकार की अनुदानित खाद की बिक्री नहीं की जाएगी। सभी संबंधित संस्थाओं और बिक्री केंद्रों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टरों और अधिकारियों को दी जिम्मेदारी

खाद के स्टॉक का मिलान कराने और आदेश का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कलेक्टरों तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि iFMS पोर्टल पर उपलब्ध स्टॉक और विक्रेताओं के वास्तविक स्टॉक का मिलान कराया जाए।स्टॉक मिलान पूरा होने के बाद खाद की बिक्री को लेकर सरकार अगला निर्णय लेगी। फिलहाल सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मिलान की प्रक्रिया कितने समय में पूरी होगी और खाद की बिक्री दोबारा किस तारीख से शुरू होगी।


किसानों की बढ़ी चिंता

खरीफ सीजन में खाद की मांग के बीच बिक्री पर रोक लगने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खासकर धान सहित खरीफ फसलों की खेती करने वाले किसानों को खाद की आवश्यकता बनी हुई है। किसानों को अब सरकार के अगले आदेश का इंतजार है।

सरकार का कहना है कि स्टॉक का वास्तविक मिलान होने के बाद ही खाद वितरण व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि अनुदानित उर्वरक की उपलब्धता और वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

Share:

www.Teenbattinews.com

Archive