सांदीपनि विद्यालय स्कूली शिक्षा के सशक्त केंद्र बनकर उभरे : सीएम डॉ. यादव
▪️बुन्देलखंड का एक भी खेत नहीं रहेगा सिंचाई से वंचित : बहुप्रतीक्षित कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना पुनरीक्षित करने की घोषणा
▪️लगभग 63.41 करोड़ लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमि-पूजन
तीनबत्ती न्यूज: 23 अप्रैल 2026
सागर: प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नारी शक्ति केवल शब्द नहीं बल्कि समाज की आधारशिला है। जब एक महिला सशक्त होती है तो न केवल परिवार, बल्कि संपूर्ण समाज प्रगति की ओर बढ़ता है। महिलाओं के विकास से ही परिवार, समाज ओर राष्ट्र का समग्र विकास संभव है। महिलाओं के सशक्तिकरण में शिक्षा की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि सांदीपनी विद्यालय प्रदेश में शिक्षा के आदर्श और सशक्त केंद्र बनकर उभर रहे हैं। इनसे शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और प्रदेशवासियों को अपने बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा के लिए महंगे प्राइवेट विद्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा। सरकारी स्कूल प्रायवेट स्कूलों को पीछे छोड़ेंगे। राज्य सरकार सभी विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा के लिए सभी सुविधाएं दे रही है। इस बार के बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सरकारी स्कूलों ने प्राईवेट स्कूलों को पीछे छोड़ कर अच्छा प्रदर्षन किया है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज सागर जिले के नरयावली में सांदीपनि विद्यालय के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सांदीपनि विद्यालय नरयावली का लोकार्पण करते हुए लगभग 63.41 करोड़ से अधिक के अलग-अलग निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया एवं हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा 2026 की प्रावीण्य सूची में स्थान हासिल करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न और प्रमाणपत्र भेंटकर सम्मानित किया।
सांदीपनी भगवान का स्थल
मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय मात्र एक सीमेंट- कांक्रीट का भवन नहीं है, यह 5 हजार साल पुरानी भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता का स्मृति स्थल है। भगवान कृष्ण ने अपने जीवन में कदम कदम पर संघर्ष किया और गरीब और अमीर की मित्रता का उदाहरण हम सभी के समक्ष गढ़ा है। समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का उत्थान और उससे मित्रता, गरीब कल्याण और अत्योदय का भाव सरकार को भगवान कृष्ण से मिलता है।
महिला विकास को समर्पित
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उनके सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के सही मायने हैं कि महिलाओं को उनके अधिकार, अवसर और समानता प्राप्त हो ताकि वे स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकें, समाज परिवार में अपनी पूर्ण क्षमता से भागीदारी दिखा सकें। नारी शक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने महिला सशक्तिकरण का संकल्प को दोहराते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में अनेक योजना चलाई जा रही हैै। वर्तमान में प्रदेश में 17 महिलाएं कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। इसी प्रकार सागर की सांसद, महापौर, कलेक्टर और पंचायतों में महिलाएं आज जिले के विकास की कमान संभाल रही हैं।
किसान कल्याण वर्ष घोषित
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि किसानों की आय को बढ़ाने और उनके उत्थान के लिए सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। सरकार द्वारा किसानों के लिए हर क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानांे के कल्याण में कही कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखंड की धरती ने ऐंसे वीरों को पैदा किया है जिन्होंने जब भी मौका पड़ा उन्होंने अपना सर्वस्व न्यौछावर करके देश, प्रदेश का मान बढाया है। बुन्देलखंड अपने संघर्ष के लिए जाना जाता है। यहा के बुन्देलेे सब कुछ करने में सक्षम हैं, लेकिन प्राकृतिक परिस्थिति के कारण बुन्देलखंड में पानी का अभाव रहा। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कडान मध्यम सिंचाई परियोजना निर्माणधीन की पुनरीक्षत प्राक्कलन राशि 240 करोड़ की स्वीकृति की घोषणा की।

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पिछले वर्ष को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मध्यप्रदेश के साथ-साथ बुंदेलखंड क्षेत्र में भी उद्योगों की स्थापना तेजी से हो रही है तथा कई उद्योग प्रारंभ हो चुके हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सतत रूप से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसरों में निरंतर वृद्धि हुई है। प्रदेश सरकार मध्यप्रदेश को ग्लोबल निवेश हब के रूप में विकसित करने का कार्य कर रही है। सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन तथा नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। शिक्षा, विकास और समृद्धि के इस मार्ग पर प्रदेशवासियों को व्यापक लाभ मिल रहा है तथा यह सभी प्रयास मध्यप्रदेश को स्वर्णिम प्रदेश बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
नरयावली के विकास में सीएम का योगदान : प्रदीप लारिया
समारोह में नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि नरयावली विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए सदैव मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का सहयोग प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 600 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया गया है, जो मुख्यमंत्री की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के निर्माण में किसानों की एक इंच भी भूमि प्रभावित नहीं हुई है, जिससे क्षेत्र के कृषकों में संतोष का वातावरण है। विधायक श्री लारिया ने कहा कि कड़ान सिंचाई परियोजना के पूर्ण होने पर लगभग 30 हजार एकड़ भूमि सिंचित होगी, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, विधायक एवं पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, सागर विधायक शैलेंद्र जैन, देवरी विधायक बृज बिहारी पटेरिया, बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी, बीना विधायक श्रीमती निर्मला सप्रे, महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, जिला अध्यक्ष श्रीमती रानी कुशवाहा,नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक श्री अरुणोदय चौबे, विधायक श्री नारायण प्रसाद कबीरपंथी, श्री प्रभुदयाल कुशवाहा, कमिश्नर सागर संभाग अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश शुक्ला, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
विद्यार्थियों के प्रश्नों पर मुख्यमंत्री ने दिए प्रेरक उत्तर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले के नरयावली विधानसभा क्षेत्र स्थित सांदीपनि विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ बेवाक संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सांदीपनि आश्रम की परंपरा के अनुसार संस्कारों को जीवन में उतारना भी आवश्यक है।संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से उनके व्यक्तिगत और प्रशासनिक जीवन से जुड़े रोचक प्रश्न पूछे। कक्षा 11वीं के छात्र चौतन्य कुर्मी ने जब मुख्यमंत्री से उनके व्यस्त शेड्यूल के प्रबंधन के बारे में पूछा, तो डॉ. यादव ने सहजता से जवाब दिया। उन्होंने कहा, ष्जैसे आप स्कूल, पढ़ाई और घर के कार्यों के लिए समय निश्चित करते हैं, वैसे ही हम भी सुबह से अपनी पूरी समय सारणी तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि अनुशासन ही समय प्रबंधन की कुंजी है।
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कक्षा 10वीं की छात्रा शिवांशी साहू द्वारा विद्यालय के नामकरण पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि केवल एक नाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की शैली है। उज्जैन में महर्षि सांदीपनि के आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा ने न केवल शिक्षा बल्कि उच्च संस्कार भी प्राप्त किए थे। इसी उद्देश्य से इन विद्यालयों का नाम सांदीपनि रखा गया है।
इसी प्रकार कक्षा 11वीं के छात्र अंशुल साहू ने जब प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा जताई, तो मुख्यमंत्री ने उनके पिता के कृषि व्यवसाय की सराहना की। उन्होंने प्रेरक अंदाज में कहाकृ बेटा, किसान पूरे देश का पेट भरता है। आप प्रशासनिक अधिकारी जरूर बनें, लेकिन अपने भीतर के किसान और एक जागरूक नागरिक को भी जीवित रखें। जब समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व होगा, तभी देश का संतुलन बना रहेगा और राष्ट्र प्रगति करेगा।
मुख्यमंत्री ने विद्यालय के आधुनिक संसाधनों और शैक्षणिक वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहाँ निजी स्कूलों से भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराईं जा रहीं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने परिजनों को भी यह विद्यालय दिखाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शासन और प्रशासन हर संभव सहायता प्रदान करेगा।
नरयावली सांदीपनि विद्यालय का किया लोकार्पण
छात्रों से संवाद के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सरस्वती पूजन कर नरयावली सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया। तत्पश्चात वे दसवीं कक्षा में पहुंचे जहां विद्यार्थी कचरा प्रबंधन विषय के बारे में पढ़ रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान विषय के कुछ प्रश्न भी पूछे। उन्होंने छात्र छात्राओं से उनके करियर के बारे में भी जाना और विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं की प्रावीण्य सूची में गौरवपूर्ण स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कक्षा 12वीं के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सागर के छात्र जय को सम्मानित किया। जय ने 488 अंक प्राप्त कर प्रदेश में चौथा (4जी) स्थान हासिल किया। कक्षा दसवीं बोर्ड की प्रावीण्य सूची में 493 अंकों के साथ संयुक्त रूप से 7वाँ स्थान प्राप्त करने वाली सुप्रिया जैन पिता सुमित जैन, सरस्वती शिशु मंदिर, रहली, महिमा प्रजापति पितारू दीपचंद प्रजापति, शासकीय हाईस्कूल, पथरिया जगन, वैशाली रजक पिता महेन्द्र रजक, शासकीय सांदीपनी मॉडल उ.मा.वि., बीना को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने शासकीय सांदीपनी मॉडल स्कूल को एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान के अंतर्गत विद्यालय की शत-प्रतिशत बालिकाओं का टीकाकरण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर विशेष बधाई प्रमाण पत्र प्रदान किया। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश के विद्यार्थी हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति यह सजगता एक विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।
ढोल-नगाड़ों एवं रमतूला की गूंज से पारंपरिक अंदाज में हुआ भव्य स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आज नरयावली विधानसभा क्षेत्र आगमन पर क्षेत्रवासियों द्वारा बुन्देलखण्ड की समृद्ध लोक परंपराओं के अनुरूप भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री के आगमन पर ढोल-नगाड़ों एवं रमतूला की गूंज से पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया। कलाकारों द्वारा आकर्षक वेशभूषा पहने दुलदुल घोड़ी का आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर पारंपरिक संस्कृति की मनोहारी झलक दिखाई गई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने उपस्थित होकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर जनसमूह में विशेष उत्साह एवं उल्लास देखा गया।