राजस्व प्रकरणों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे, लंबित मामलों का प्राथमिकता से करें निराकरण : कलेक्टर यादव
• सीएम हेल्पलाइन की कम रेटिंग पर जताई नाराजगी
• राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश, दो से पांच साल पुराने प्रकरणों की एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
तीनबत्ती न्यूज: 05 नवंबर, 2026
सागर। कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे मामलों को प्राथमिकता से निराकृत करें। आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगवाएं और सभी अधिकारी अपने दायित्वों का शत-प्रतिशत निर्वहन करें।
राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा में राजस्व न्यायालय आयोजित करें। न्यायालयों की तारीख और स्थान की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए पोस्टर लगाकर प्रचार-प्रसार भी किया जाए, ताकि लोगों को सुनवाई की जानकारी मिल सके।
दो से पांच साल पुराने प्रकरणों की एक सप्ताह में रिपोर्ट
कलेक्टर ने अनुविभाग एवं तहसील स्तर पर लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए दो से पांच वर्ष पुराने मामलों की रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरसीएमएस पोर्टल पर प्रकरणों की जानकारी और आदेश निर्धारित समय में अपलोड किए जाएं। नामांतरण के मामलों में पंजीयन की जानकारी मिलते ही उसी दिन प्रकरण दर्ज किया जाए। वहीं फौती नामांतरण में पटवारी की रिपोर्ट 15 दिन के भीतर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। देरी होने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के प्रकरणों में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने शासकीय भूमि से जुड़े मामलों का तथ्यों एवं उचित कारणों के आधार पर निराकरण करने को कहा। हाईकोर्ट के आदेश प्राप्त होने पर नियमानुसार अपील प्रस्तुत करने और न्यायालयीन प्रकरणों की साप्ताहिक मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
धनतेरस पर ग्राम पंचायतों में होंगे स्वामित्व योजना के कार्यक्रम
स्वामित्व योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि धनतेरस पर राजस्व अधिकारी ग्राम पंचायतों के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित कराएं। इनमें योजना के लाभ और पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी दी जाए। जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ा जाए।
बैठक में प्राकृतिक प्रकोप राहत प्रकरणों, फार्मर रजिस्ट्री, भू-अर्जन अधिनियम के लंबित मामलों और विकास प्राधिकरण के कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने भू-अर्जन से प्रभावित लोगों को नियमानुसार लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता से निराकरण करने के निर्देश दिए।
सीएम हेल्पलाइन की कम रेटिंग पर जताई नाराजगी
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान विभिन्न ब्लॉकों की कम रेटिंग पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करें और आवेदकों की समस्याओं का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर कलेक्टर अविनाश रावत, संयुक्त कलेक्टर रवीश श्रीवास्तव, आरती यादव, सिटी मजिस्ट्रेट शैलेष द्विवेदी सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।














