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नगर निगम सागर की राजस्व वसूली निजी एजेंसी को देने के फैसले का विरोध, पूर्व भाजपा सांसद राजबहादुर सिंह ने की प्रस्ताव निरस्त करने की मांग : सीएम और प्रदेशाध्यक्ष को लिखा पत्र

नगर निगम सागर की राजस्व वसूली निजी एजेंसी को देने के फैसले का विरोध, पूर्व भाजपा सांसद राजबहादुर सिंह ने की प्रस्ताव निरस्त करने की मांग : सीएम और प्रदेशाध्यक्ष को लिखा पत्र

तीनबत्ती न्यूज, 11 सितंबर 2026

सागर : नगर निगम सागर की सामान्य सभा में 24 अगस्त 2026 को पारित राजस्व वसूली से संबंधित प्रस्ताव को लेकर पूर्व सांसद एवं पूर्व नगर निगम अध्यक्ष राजबहादुर सिंह ने आपत्ति जताई है। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को पत्र भेजकर प्रस्ताव क्रमांक 6 पर पुनर्विचार कर उसे निरस्त करने की मांग की है। एमएम

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राजबहादुर सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि नगर निगम के सभी 48 वार्डों में राजस्व वसूली के लिए पहले से वार्ड संग्रहक, निरीक्षक एवं राजस्व अधिकारी कार्यरत हैं। इसके बावजूद राजस्व वसूली का कार्य निजी एजेंसी को देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि निजी एजेंसी के माध्यम से वसूली कराने पर आर्थिक अनियमितताओं की संभावना बढ़ सकती है।

पहले भी शिकायतें आई

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि पूर्व में संचालित डेयरी, कर, संपत्ति कर, जल कर और यूजर चार्ज जैसी व्यवस्थाओं में भी निजी एजेंसियों के माध्यम से वसूली को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। उनका आरोप है कि एजेंसियों द्वारा उपभोक्ताओं पर फर्जी बिल, फर्जी कनेक्शन और फर्जी आईडी जनरेट करने जैसे मामलों को लेकर दबाव बनाए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।


पूर्व सांसद ने मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 189 (क) तथा 1997 में सम्मिलित प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि राजस्व वसूली के लिए निजी एजेंसी की नियुक्ति उचित नहीं है। उन्होंने निगम द्वारा जल आपूर्ति एवं वसूली के लिए टाटा एजेंसी के माध्यम से किए जा रहे कार्यों का भी पत्र में उल्लेख किया है।

परिषद के कार्यकाल पर भी जताई चिंता

राजबहादुर सिंह ने कहा कि वर्तमान नगर परिषद का कार्यकाल लगभग नौ माह शेष है और मई-जून 2027 में नगर पालिका परिषद के चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में उनके अनुसार इस प्रकार का निर्णय लेने से पहले व्यापक स्तर पर विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मांग की कि नगर निगम परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर उसे निरस्त कराया जाए। पत्र में उन्होंने कहा कि सागर नगर की समस्त जनता जनप्रतिनिधियों की ओर देख रही है और निर्णय से भविष्य में पार्टी की प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। पत्र पूर्व सांसद सागर एवं पूर्व नगर निगम अध्यक्ष राजबहादुर सिंह ने 6 सितंबर 2026 को लिखा है। पूर्व सांसद राज बहादुर सिंह ने सीएम डॉ मोहन यादव, नगरीय विकास मंत्री, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, सांसद विधायक महापौर आदि को भेजा है। 

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सागर जहरीली शराब कांड: मुख्य आरोपी रवि लखेरा मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार; CM डॉ. मोहन यादव बोले - मुख्य आरोपी का इनकाउंटर, लापरवाही बर्दाश्त नहीं • पुलिस पर चलाईं 3 गोलियां, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली

सागर जहरीली शराब कांड: मुख्य आरोपी रवि लखेरा मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार; CM डॉ. मोहन यादव बोले - मुख्य आरोपी का इनकाउंटर, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

• पुलिस पर चलाईं 3 गोलियां, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली

तीनबत्ती न्यूज: 11 सितम्बर, 2026

सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में बंडा जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी और इनामी अंतरराज्यीय तस्कर रवि लखेरा को पुलिस ने मुठभेड़ (शॉर्ट एनकाउंटर) के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आज 11 सितम्बर 2026 को तड़के थाना बरायठा पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी रवि लखेरा बरायठा क्षेत्र के हनुमान टोर मंदिर के पास जंगल में मौजूद है। सूचना पर बंडा थाना प्रभारी आनंद सिंह और बरायठा थाना प्रभारी अरविंद सिंह की पुलिस टीमों ने क्षेत्र की घेराबंदी कर सर्चिंग शुरू की।

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पुलिस पर चलाईं 3 गोलियां, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली

पुलिस टीम को देखकर आरोपी रवि लखेरा ने तीन राउंड फायर कर दिए। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मुठभेड़ के दौरान अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर आरोपी के 2 अन्य साथी फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही हैं।

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कारतूस जब्त

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्नलिखित सामग्रियां जब्त की हैं:

 * 12 बोर का 1 देशी कट्टा

 * 1 जिंदा कारतूस और 3 खाली कारतूस

 * 1 मोटरसाइकिल

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देखे वीडियो

सीएम डॉ मोहन यादव बोले : आरोपी का शार्ट इनकाउंटर किया, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

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CM डॉ. मोहन यादव की कड़ी चेतावनी

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, "सागर की घटना और कानून-व्यवस्था को लेकर हमने प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शराब कांड के मुख्य आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर किया गया है। प्रदेश में नशाखोरी और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।"

31 लोगों की मौत की खबर, प्रशासन ने की 16 की पुष्टि

जहरीली शराब के सेवन से अब तक 31 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। गुरुवार को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती 3 और मरीजों ने दम तोड़ दिया, हालांकि प्रशासन द्वारा फिलहाल 16 मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि की गई है।


आरोपियों के अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर

प्रशासन की ओर से मामले में शामिल अपराधियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को 3 आरोपियों—मनीष लोधी, करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह राजपूत और आशीष साहू के 5 मकानों के अवैध हिस्सों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया।

33 पर केस, 18 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में कुल 33 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें से मुख्य आरोपी रवि लखेरा समेत 18 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि एक अन्य अस्पताल में भर्ती है। फिलहाल मामले के 13 आरोपी अब भी फरार चल रहे हैं।

25 से अधिक मामलों में दर्ज है रवि लखेरा

पुलिस के अनुसार, रवि लखेरा मूल रूप से छतरपुर जिले के महोबा का रहने वाला है और उस पर 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से अधिकांश आबकारी अधिनियम के तहत हैं। वह वर्ष 2025 में सागर के बहेरिया थाना क्षेत्र से आबकारी मामले में फरार चल रहा था और पूर्व में ललितपुर पुलिस ने भी उसे अवैध शराब फैक्ट्री के साथ गिरफ्तार किया था।

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मां नर्मदा के तट पर बनेगा ‘सागर धाम’ आश्रम, संतों और परिक्रमावासियों के लिए रहेगा सेवा केंद्र :संत केशव गिरी महराज • श्री रावतपुरा सरकार ने किया निरीक्षण

मां नर्मदा के तट पर बनेगा ‘सागर धाम’ आश्रम, संतों और परिक्रमावासियों के लिए रहेगा सेवा केंद्र :संत केशव गिरी महराज

• श्री रावतपुरा सरकार ने किया निरीक्षण


तीनबत्ती न्यूज: 10 सितम्बर, 2026

बरमान/सागर। मां नर्मदा के तट पर अब सागर जिले के नाम से ‘सागर धाम’ आश्रम बनाया जाएगा। बरमान के दक्षिण घाट तट पर करीब 2 एकड़ भूमि में प्रस्तावित यह आश्रम संतों और नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की सेवा का प्रमुख केंद्र बनेगा। आश्रम का भूमि-पूजन नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित है।

श्री राम दरबार मंदिर मकरोनिया के महंत एवं गृहस्थ संत केशव गिरी महाराज की पहल पर आश्रम का निर्माण कराया जा रहा है। वे ब्रह्मलीन गृहस्थ संत पंडित श्री देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा जी महाराज के कृपा पात्र संत माने जाते हैं।

संत रावतपुरा सरकार ने किया स्थल निरीक्षण

आश्रम के लिए प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण करने संत रावतपुरा सरकार बरमान पहुंचे। उन्होंने संत केशव गिरी महाराज के साथ पूरे क्षेत्र का अवलोकन किया। इस दौरान आश्रम के निर्माण, संतों एवं परिक्रमावासियों के लिए प्रस्तावित सुविधाओं तथा परिसर के विकास को लेकर मार्गदर्शन दिया।संत रावतपुरा सरकार के मार्गदर्शन के बाद आश्रम निर्माण की तैयारियों को आगे बढ़ाने की योजना है।

नि:शुल्क अन्न क्षेत्र और विश्राम की सुविधा

‘सागर धाम’ में नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं और संतों के लिए नि:शुल्क अन्न क्षेत्र की व्यवस्था प्रस्तावित है। यहां परिक्रमावासियों के लिए भोजन और ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों, बैठकों और साधना के लिए भी स्थान रहेगा।

आश्रम में अखंड धूनी, पूजन-पाठ की व्यवस्था के साथ परिसर को हराभरा और सुंदर बनाने के लिए बगीचा भी तैयार किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को प्राकृतिक और शांत वातावरण मिल सके।

बुंदेलखंड के संतों-महापुरुषों के नाम पर होंगे विश्राम कक्ष

आश्रम परिसर में करीब 20 विश्राम कक्ष बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इन कमरों की खासियत यह होगी कि इनके नाम बुंदेलखंड के संतों और महापुरुषों के नाम पर रखे जाएंगे।

इनमें ब्रह्मलीन संत देवप्रभाकर शास्त्री दद्दा जी महाराज के नाम पर ‘दद्दा धाम’ विश्राम कक्ष भी प्रस्तावित है। इसके अलावा दादा धूनी वाले, संत शिरोमणि आचार्य श्रीविद्यासागर जी महाराज, संत रविदास, संत नामदेव, मां कर्मा देवी और डॉ. हरिसिंह गौर सहित बुंदेलखंड की अन्य संत विभूतियों और महापुरुषों के नाम पर भी कक्षों की पहचान किए जाने की योजना है।


नर्मदा परिक्रमा मार्ग पर महत्वपूर्ण पड़ाव बनने की उम्मीद

संत केशव गिरी महाराज की इस पहल से बनने वाला ‘सागर धाम’ आश्रम नर्मदा परिक्रमा मार्ग से जुड़े संतों और श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव बनने की उम्मीद है। नवंबर-दिसंबर में भूमि-पूजन के बाद आश्रम निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद सागर में बड़ी कार्रवाई, अतिक्रमण ध्वस्त और अवैध देशी शराब जब्त

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद सागर में बड़ी कार्रवाई, अतिक्रमण ध्वस्त और अवैध देशी शराब जब्त 



तीनबत्ती न्यूज: 10 सितंबर 2026

सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद सागर जिला प्रशासन ने अवैध एवं दूषित शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के नेतृत्व में प्रशासनिक टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ढाबों की जांच, अवैध शराब की जब्ती और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।

बदौना में अवैध देशी शराब जब्त

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशन में प्रशासनिक टीमों ने भोपाल रोड स्थित पृथ्वी ढाबा क्षेत्र, बदौना और सुरखी क्षेत्र में फोरलेन किनारे संचालित ढाबों की अचानक जांच की।

बदौना क्षेत्र में अवैध रूप से देशी शराब बेचे जाने की सूचना पर टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में अवैध देशी शराब जब्त की गई। शराब की बिक्री के लिए बनाए गए अवैध डिब्बों और अस्थायी ढांचों को भी मौके पर ही ध्वस्त कर दिया गया। जब्त शराब को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द किया गया है।


कॉलेज के पास 10 अवैध दुकानें हटाईं

अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत सिटी मजिस्ट्रेट श्री शैलेष द्विवेदी की मौजूदगी में शासकीय आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज के पास कार्रवाई की गई। सार्वजनिक भूमि पर कब्जा कर बनाई गई 10 अवैध दुकानों को हटाया गया।

दुकानें हटाए जाने के बाद कॉलेज के आसपास लंबे समय से बाधित आवागमन सुचारू हुआ और राहगीरों को राहत मिली।



अवैध शराब और अतिक्रमण पर लगातार कार्रवाई के निर्देश

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार शासकीय एवं सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण तथा अवैध एवं दूषित शराब के कारोबार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा न करें तथा अवैध शराब अथवा किसी भी गैरकानूनी गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को दें।

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जहरीली शराब मामले के बाद सागर में बड़ा एक्शन: मुख्य आरोपी से 26 पेटी शराब, 1128 जले क्वार्टर जब्त : शराब नष्ट करने में प्रयुक्त ट्रैक्टर और पोकलेन जब्त • जिलेभर में अवैध शराब को लेकर कार्रवाई

जहरीली शराब मामले के बाद सागर में बड़ा एक्शन: मुख्य आरोपी से 26 पेटी शराब, 1128 जले क्वार्टर जब्त: शराब नष्ट करने में प्रयुक्त ट्रैक्टर और पोकलेन जब्त

• जिलेभर में अवैध शराब को लेकर कार्रवाई


तीनबत्ती न्यूज:10 सितंबर 2026

सागरबंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद  प्रशासन अब जागा है।सागर जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस और आबकारी विभाग का अभियान लगातार तेज हो गया है। गुरुवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी की निशानदेही पर बड़ी मात्रा में अवैध शराब और शराब नष्ट करने में इस्तेमाल किए जा रहे संसाधन जब्त किए। वहीं देवरी और बीना क्षेत्र में भी अलग-अलग कार्रवाई कर अवैध शराब निर्माण के ठिकानों पर कार्रवाई की गई।

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मुख्य आरोपी की निशानदेही पर 26 पेटी शराब बरामद

बंडा और विनायका थाना क्षेत्र के जहरीली शराब प्रकरण में पुलिस रिमांड पर लिए गए मुख्य आरोपी चंद्रभान उर्फ चंदू राजा पिता द्वारका राजपूत, निवासी तीतरवाड़ा से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने संबंधित स्थान पर सर्च कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान 26 पेटी अवैध शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है। मौके से 1128 जले हुए शराब के क्वार्टर भी मिले।

पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई से बचने के लिए आरोपियों द्वारा अवैध शराब के क्वार्टरों को जलाकर नष्ट करने का प्रयास किया गया था। जले हुए क्वार्टरों को पुलिस ने जांच के लिए सुरक्षित किया है।


शराब नष्ट करने में इस्तेमाल ट्रैक्टर और पोकलेन जब्त

पुलिस ने अवैध शराब को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली और पोकलेन मशीन को भी जब्त किया है। ट्रैक्टर-ट्रॉली की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये, जबकि पोकलेन मशीन की कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई में पुलिस ने अवैध शराब के साथ उसके परिवहन, भंडारण और नष्ट करने में इस्तेमाल किए जा रहे संसाधनों पर भी कार्रवाई की है।

डिलोना में खंडहर मकान से 45 किलो महुआ लाहन बरामद

देवरी क्षेत्र के ग्राम डिलोना में पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध शराब निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस देवरी अरुण उइके एवं आबकारी विभाग की टीम ने गांव में एक पुराने खंडहर मकान की तलाशी ली। मकान से तीन कुप्पों में करीब 45 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद हुआ। इसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। मकान मालिक राजा भैया लोधी की तलाश की गई, लेकिन वह मौके पर नहीं मिला। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

बीना में दो अलग-अलग कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार

बीना पुलिस ने भी अवैध शराब के खिलाफ दो स्थानों पर कार्रवाई की।चंद्रशेखर वार्ड में पुलिस ने भगवानसिंह पिता बलराम सिंह लोधी की दुकान से गोवा कंपनी की 21 पाव शराब, कुल 5.5 बल्क लीटर, बरामद की। इसकी अनुमानित कीमत करीब 2,100 रुपये बताई गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।


दूसरी कार्रवाई ग्राम बम्होरी शेखटांडा में की गई। यहां पुलिस ने 70 वर्षीय दल्ला पिता खेता बंजारा के घर से हाथ भट्टी से बनी करीब 3.5 लीटर महुआ की कच्ची शराब बरामद की। पुलिस ने आरोपी के घर और आसपास के 7-8 घरों की भी जांच की। इस दौरान जमीन में छिपाकर रखे डिब्बों और ड्रमों में लाहन तथा शराब बनाने के बर्तन और भट्टियां मिलीं। पुलिस ने मौके पर ही लाहन, भट्टियों और अन्य सामग्री को नष्ट कर दिया।


अवैध शराब के नेटवर्क पर पुलिस की नजर


सागर पुलिस के मुताबिक, जिले में अवैध और जहरीली शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री से जुड़े लोगों की लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। बंडा मामले में मुख्य आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई में पुलिस टीमों की भूमिका

बंडा कार्रवाई में थाना प्रभारी आनंद सिंह, विनायका थाना प्रभारी भूपेंद्र विश्वकर्मा सहित दोनों थानों की पुलिस टीम की भूमिका रही। बीना कार्रवाई में उपनिरीक्षक लखन राज, सहायक उपनिरीक्षक धनीराम चौधरी, प्रधान आरक्षक हेमंत तिवारी सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

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बंडा शराब कांड: आरोपियों के अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया

बंडा शराब कांड के आरोपियों पर प्रशासन का बुलडोजर एक्शन, सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण जमींदोज;


तीनबत्ती न्यूज10 सितंबर 2026

सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सागर दौरे के बाद बंडा जहरीली शराब मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने बंडा क्षेत्र में शराब मामले से जुड़े मुख्य आरोपियों के सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया।

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कार्रवाई राजस्व विभाग, पुलिस और नगर परिषद बंडा की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की। प्रशासन के अनुसार जांच और राजस्व रिकॉर्ड में आरोपियों द्वारा श्मशान और पहाड़-चट्टान मद की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की पुष्टि हुई थी।


मनीष उर्फ यशवंत पर कार्रवाई

वार्ड-12 बंडा निवासी मनीष उर्फ यशवंत, पिता कोमल सिंह लोधी द्वारा शासकीय श्मशान मद की भूमि पर कब्जा कर एक मंजिला पक्का निर्माण किया गया था। प्रशासन के मुताबिक इस निर्माण का उपयोग अवैध गोदाम के रूप में किया जा रहा था। इसके अलावा गैर-आवासीय भंडारण के लिए भी एक अन्य पक्का निर्माण बनाया गया था।

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जांच में पहाड़-चट्टान मद की शासकीय भूमि पर भी अतिक्रमण पाया गया।

सरपंच चन्द्रभान सिंह का अवैध मकान ध्वस्त

ततरवारा, तहसील शाहगढ़ निवासी चन्द्रभान सिंह उर्फ चंदू, पिता द्वारका सिंह राजपूत द्वारा शासकीय भूमि पर बनाए गए एक मंजिला पक्के रिहायशी मकान को भी प्रशासन ने जमींदोज कर दिया।

आशीष का मकान और आंगन भी तोड़ा

वार्ड-11 बंडा निवासी आशीष, पिता रामप्रसाद साहू द्वारा किए गए अतिक्रमण में बने पक्के मकान और गेट लगे आंगन को भी बुलडोजर से ध्वस्त किया गया।


24 घंटे का नोटिस, जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई

प्रशासन के अनुसार कार्रवाई से पहले संबंधित निर्माणों पर 24 घंटे का नोटिस चस्पा किया गया था। निर्धारित समय में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने के बाद एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान बंडा एसडीएम संजय जैन, एसडीओपी रोहित लखेरा, तहसीलदार मोहित जैन सहित पुलिस, राजस्व और नगर परिषद का अमला मौजूद रहा।

प्रशासन ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के अनुसार अवैध शराब के कारोबार से जुड़े माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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सागर लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को 47 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया : केन-बेतवा लिंक परियोजना के मुआवजे में मांगी रिश्वत

सागर लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को 47 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया: केन-बेतवा लिंक परियोजना के मुआवजे में मांगी रिश्वत


तीनबत्ती न्यूज: 10 सितम्बर, 2026
पन्ना। केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापन और मुआवजा प्रकरण में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। लोकायुक्त सागर की टीम ने पन्ना में पटवारी संतोष चिकवा को 47 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी पर आदिवासी किसान से बढ़ी हुई मुआवजा राशि दिलाने और जरूरी दस्तावेज तैयार कराने के एवज में कुल 80 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।
बढ़े हुए मुआवजे के लिए मांगी 80 हजार की रिश्वत
जानकारी के मुताबिक केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों को पहले 1 लाख 35 हजार रुपये मुआवजा मिला था। फरियादी दयाराम आदिवासी ने बढ़ी हुई 63 हजार रुपये की मुआवजा राशि दिलाने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि पटवारी संतोष चिकवा ने मुआवजा राशि मंजूर कराने और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार कराने के एवज में 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।

फरियादी के अनुसार वह पहले ही 30 हजार रुपये पटवारी को दे चुका था। इसके बाद बाकी रकम की मांग की गई। परेशान होकर किसान ने लोकायुक्त सागर में शिकायत कर दी।

हॉस्पिटल चौक पर लोकायुक्त का ट्रैप
शिकायत का सत्यापन होने के बाद लोकायुक्त सागर की टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की। पन्ना के हॉस्पिटल चौक पर जैसे ही पटवारी संतोष चिकवा ने 47 हजार रुपये की रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम आरोपी की बाइक की डिग्गी से बरामद की गई। मामले में लोकायुक्त टीम द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
राहुल गांधी तक भी पहुंच चुका है विस्थापन का मुद्दा

केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों के मुआवजे और विस्थापन से जुड़ी शिकायतों को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी मामला उठाया जा रहा है। कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है और गड़बड़ियों की शिकायतें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तक पहुंचने का दावा किया गया है।
लोकायुक्त की ताजा कार्रवाई के बाद परियोजना के मुआवजा वितरण और प्रभावित परिवारों से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।

लोकायुक्त डीएसपी कमल सिंह न के अनुसार आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। मामले की आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
इस कार्रवाई में Dsp कमल उइके ,निरीक्षक रंजीत सिंह ,प्रधान आरक्षक शफीक खान,आरक्षक
अरविंद, निलेश, गोल्डी , प्रदीप शामिल रहे।
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45 साल के भरोसे को मिला नया रूप, बुंदेलखंड में सांची की नई ब्रांड पहचान का अनावरण

45 साल के भरोसे को मिला नया रूप, बुंदेलखंड में सांची की नई ब्रांड पहचान का अनावरण

• नई पैकेजिंग में परंपरा और आधुनिकता का संगम; अप्रैल-अगस्त में दूध संग्रह 29.8% बढ़ा


तीनबत्ती न्यूज: , 9 सितंबर 2026

सागर: मध्यप्रदेश के प्रतिष्ठित सहकारी डेयरी ब्रांड ‘सांची’ ने अपनी 45 वर्षों की विश्वसनीय विरासत को आधुनिक स्वरूप देते हुए बुंदेलखंड में अपनी नई ब्रांड पहचान और री-डिजाइन की गई पैकेजिंग का अनावरण किया। सिग्नेचर हॉल, होटल दीपाली, बुंदेलखंड में आयोजित रीब्रांडिंग समारोह में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के रीजनल हेड, वेस्ट जोन, श्री वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक श्री जयदेव बिस्वास, बुंदेलखंड दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संजय कुमार यादव तथा मध्यप्रदेश वित्त विभाग की संयुक्त संचालक सुश्री हेमलता पटेल सहित अन्य अधिकारी, वितरक एवं रिटेलर्स उपस्थित रहे।

नई ब्रांड पहचान के तहत सांची के दूध एवं अन्य दुग्ध उत्पादों की पैकेजिंग में आधुनिक रंगों, एकरूप लेआउट और आकर्षक डिजाइन को शामिल किया गया है। नई पैकेजिंग में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक एवं ग्रामीण विरासत से प्रेरित गोंड कला के तत्वों को भी प्रमुखता दी गई है। नई पहचान का उद्देश्य सांची की 45 वर्षों से अर्जित विश्वसनीयता को बरकरार रखते हुए इसे बदलते बाजार और आधुनिक उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं के अनुरूप नई पहचान देना है।

सांची मजबूत पहचान

मुख्य अतिथि श्री वी. श्रीनिवास, रीजनल हेड, वेस्ट जोन, NDDB ने कहा, “सांची मध्यप्रदेश की सहकारी डेयरी व्यवस्था की मजबूत पहचान है और पिछले 45 वर्षों में इसने उपभोक्ताओं का विश्वास अर्जित किया है। नई ब्रांड पहचान इस विरासत को आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नई पैकेजिंग में आधुनिक डिजाइन के साथ मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी स्थान दिया गया है। इससे सांची को नई पीढ़ी के उपभोक्ताओं के बीच और मजबूत पहचान बनाने में मदद मिलेगी।”

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एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक श्री जयदेव बिस्वास ने कहा, “सांची की रीब्रांडिंग केवल पैकेजिंग और डिजाइन में बदलाव नहीं है, बल्कि यह बदलते समय के साथ आगे बढ़ने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 45 वर्षों से उपभोक्ताओं का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हमारा प्रयास है कि इस भरोसे को बनाए रखते हुए सांची को आधुनिक उपभोक्ता की पसंद और बाजार की नई संभावनाओं के अनुरूप और मजबूत बनाया जाए। नई ब्रांड पहचान से सांची के उत्पादों की बाजार में दृश्यता और बिक्री को बढ़ावा मिलेगा।”

बुंदेलखंड दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संजय कुमार यादव ने कहा, “बुंदेलखंड दुग्ध संघ के लिए सांची की नई ब्रांड पहचान एक महत्वपूर्ण पहल है। नई पैकेजिंग से सांची के उत्पादों को बाजार में एकरूपता और बेहतर पहचान मिलेगी। हमारा प्रयास है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ दुग्ध उत्पादक किसानों को भी मजबूत बाजार उपलब्ध कराया जाए। नई ब्रांडिंग से सांची के प्रति उपभोक्ताओं का जुड़ाव और मजबूत होगा तथा उत्पादों की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।”

मध्यप्रदेश वित्त विभाग की संयुक्त संचालक सुश्री हेमलता पटेल ने कहा, “सांची मध्यप्रदेश की सहकारी भावना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से गहराई से जुड़ा ब्रांड है। इसकी नई पहचान परंपरा और आधुनिकता के बीच बेहतर संतुलन प्रस्तुत करती है। मुझे विश्वास है कि नया स्वरूप सांची को बदलते बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ उपभोक्ताओं और दुग्ध उत्पादक किसानों के बीच इसके जुड़ाव को और मजबूत करेगा।”

पांच महीनों में दूध संग्रह में करीब 30 प्रतिशत वृद्धि

बुंदेलखंड दुग्ध संघ के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान दूध संग्रह में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 29.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल-अगस्त 2025 के दौरान जहां इन पांच महीनों का कुल दैनिक औसत संग्रह 2,66,270 किलोग्राम रहा, वहीं अप्रैल-अगस्त 2026 में यह बढ़कर 3,45,623 किलोग्राम हो गया।

आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 में दूध संग्रह 56,613 किलोग्राम प्रतिदिन था, जो अप्रैल 2026 में बढ़कर 77,077 किलोग्राम हो गया। इसी तरह मई में यह 43,468 किलोग्राम से बढ़कर 63,120 किलोग्राम, जून में 43,092 से बढ़कर 58,944 किलोग्राम, जुलाई में 56,322 से बढ़कर 63,751 किलोग्राम तथा अगस्त में 66,775 से बढ़कर 82,731 किलोग्राम प्रतिदिन हो गया।

दूध संग्रह में लगातार हो रही वृद्धि क्षेत्र में सहकारी डेयरी व्यवस्था के विस्तार तथा दुग्ध उत्पादकों के बढ़ते जुड़ाव का संकेत है। यह वृद्धि सांची के लिए बढ़ते कच्चे माल के आधार और बाजार में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की संभावनाओं को भी दर्शाती है।

सांची की नई ब्रांड पहचान के तहत दूध की विभिन्न श्रेणियों के साथ दही, पनीर, छाछ, मठ्ठा, चाय तथा अन्य दुग्ध उत्पादों को भी एकरूप और आधुनिक पैकेजिंग प्रदान की गई है। इसका उद्देश्य सांची के विभिन्न उत्पादों को बाजार में आसानी से पहचान योग्य बनाना तथा उपभोक्ताओं के बीच ब्रांड की दृश्यता और आकर्षण को बढ़ाना है।

नई पैकेजिंग में मध्यप्रदेश की कला और ग्रामीण जीवन से जुड़े तत्वों को शामिल किया गया है। गोंड कला से प्रेरित डिजाइन सांची की स्थानीय जड़ों को आधुनिक ब्रांडिंग के साथ जोड़ता है। इस तरह नई पहचान में परंपरा, आधुनिकता, गुणवत्ता और सहकारिता का समन्वय दिखाई देता है।

रीब्रांडिंग का उद्देश्य केवल उत्पादों का स्वरूप बदलना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के साथ सांची के जुड़ाव को और मजबूत करना तथा आधुनिक बाजार में इसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाना है। एकरूप पैकेजिंग से उपभोक्ताओं को सांची के विभिन्न उत्पादों की पहचान करने में आसानी होगी और पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो के लिए एक मजबूत एवं सुसंगत ब्रांड पहचान विकसित होगी।

सहकारी डेयरी व्यवस्था के केंद्र में दुग्ध उत्पादक किसान हैं। किसानों से दूध का संग्रह, उचित मूल्य और समय पर भुगतान, पशु चिकित्सा सुविधाएं, संतुलित पशु आहार की जानकारी तथा वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए जाते हैं।

सांची के दूध एवं दुग्ध उत्पाद निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार कर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जाते हैं। नई ब्रांड पहचान के साथ सांची अपनी 45 वर्ष पुरानी विश्वसनीयता को आधुनिक उपभोक्ता अनुभव से जोड़ते हुए नए बाजारों और नई पीढ़ी के उपभोक्ताओं तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

‘स्वाद, सेहत, सांची’ के मूल संदेश के साथ नई ब्रांड पहचान सांची की समृद्ध विरासत को आधुनिक स्वरूप देने और इसे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।


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