Editor: Vinod Arya | 94244 37885

सागर सड़क हादसा: खड़े ट्रक से टकराई बोलेरो, 2 महिलाओं की मौत, 2 गंभीर घायल

सागर में भीषण सड़क हादसा: खड़े ट्रक में घुसी तेज रफ्तार बोलेरो, 2 महिलाओं की मौत, 2 गंभीर घायल


तीनबत्ती न्यूज: 6 अगस्त 2026

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के कैंट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक सहित दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा गढ़पहरा रोड स्थित भैंसा नाका के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार बोलेरो सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई।

यह भी पढ़ेंसागर जिले के 9 शासकीय स्कूलों में शुरू होगा कृषि संकाय, सत्र 2026-27 से कृषि विषय की पढ़ाई

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कृषि उपज मंडी की ओर से आ रही बोलेरो (एमपी 15 सीए 1093) तेज गति में थी। अचानक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और बोलेरो सीधे सड़क किनारे खड़े ट्रक (एमपी 15 एचए 1077) में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए।

यह भी देखे: मध्यप्रदेश में बस आपरेटर्स की हड़ताल स्थगित : 07 अगस्त की रात से होना थी हड़ताल

दो महिलाओं की मौके पर मौत

हादसे के समय बोलेरो में कुल चार लोग सवार थे। दुर्घटना में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक समेत दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। शुक्रवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतकों में से एक महिला की पहचान नेहा बसंत निवासी शिवनगर के रूप में हुई है। पुलिस अन्य मृतक की पहचान और परिजनों की जानकारी जुटाने में लगी है। दुर्घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है।


Share:

सागर जिले के 9 शासकीय स्कूलों में शुरू होगा कृषि संकाय, सत्र 2026-27 से कृषि विषय की पढ़ाई

सागर जिले के 09 विद्यालयों में कृषि संकाय की मिली स्वीकृति: शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू होंगी कक्षाएं



तीनबत्ती न्यूज: 06 अगस्त, 2026

सागर: लोक शिक्षण संचालनालय, मध्य प्रदेश (भोपाल) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कृषि विषय (Agriculture Stream) की पढ़ाई कराने की स्वीकृति प्रदान की गई है। आदेश के अनुसार सागर जिले के कुल 9 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कृषि संकाय शुरू किया जा रहा है।

यह भी देखे: मध्यप्रदेश में बस आपरेटर्स की हड़ताल स्थगित : 07 अगस्त की रात से होना थी हड़ताल

सागर जिले के चयनित विद्यालयों और उनके विकासखण्डों की सूची:

 * शासकीय मॉडल उ.मा.वि. बण्डा (विकासखण्ड: बण्डा)

 * शासकीय उ.मा.वि. मगराधा (विकासखण्ड: बण्डा)

 * शासकीय उ.मा.वि. भानगढ़ (विकासखण्ड: बीना)

 * शासकीय पी.एम.श्री उ.मा.वि. घाना (विकासखण्ड: केसली)

 * शासकीय उ.मा.वि. (कन्या) केसली (विकासखण्ड: केसली)

 * शासकीय उ.मा.वि. खिमलासा (विकासखण्ड: खुरई)

 * शासकीय उ.मा.वि. लोंगर (विकासखण्ड: मालथौन)

यह भी पढ़ें : सागर में अब मॉर्निंग वॉक भी महंगी! खेल परिसर में वॉक करने वालों पर लगा ₹500 रजिस्ट्रेशन और ₹300 मासिक टहलना शुल्क


 * शासकीय उ.मा.वि. पीपरा (विकासखण्ड: राहतगढ़)

 * शासकीय उ.मा.वि. बरायठा (विकासखण्ड: शाहगढ़)


----------------

वीडियो देखने क्लिक करे

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल का सेंट्रलाइज किचन में औचक निरीक्षण: 83 स्कूलों के 6,540 बच्चों के मिड-डे मील की गुणवत्ता परखी, दिए सख्त निर्देश

_______________________

जिला शिक्षा अधिकारी को स्वीकृत पदों के अंतर्गत अतिशेष शिक्षकों या अतिथि शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

Share:

सागर में निगमायुक्त राजकुमार खत्री की सख्ती, बाघराज कॉलोनी के अस्थाई बिजली कनेक्शन कटे, नालों पर अतिक्रमण पर कार्रवाई

सागर में निगम कमिश्नर की सख्ती: बाघराज कॉलोनी के अस्थाई बिजली कनेक्शन कटे: नालों पर अतिक्रमण करने वालों पर होगी कार्रवाई

निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने स्थाई कनेक्शन लेने के निर्देश दिए


तीनबत्ती न्यूज: 06 अगस्त, 2026

सागर। नगर निगम सागर ने शहर में अवैध विद्युत उपयोग और नालों पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री ने गुरुवार को बाघराज आवासीय कॉलोनी में पहुंचकर अस्थाई विद्युत कनेक्शन व्यवस्था को समाप्त कराया, वहीं शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर नालों पर अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

यह भी देखे: मध्यप्रदेश में बस आपरेटर्स की हड़ताल स्थगित : 07 अगस्त की रात से होना थी हड़ताल

बाघराज कॉलोनी में कटे 100-100 किलोवॉट के अस्थाई कनेक्शन

मध्यप्रदेश शासन के निर्देश पर आवासीय कॉलोनियों में अस्थाई विद्युत कनेक्शन हटाकर स्थाई कनेक्शन उपलब्ध कराने के अभियान के तहत निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री ने विद्युत विभाग और नगर निगम अमले के साथ बाघराज वार्ड स्थित आवासीय कॉलोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान कॉलोनी में नगर निगम द्वारा संचालित 100-100 किलोवॉट क्षमता के दो अस्थाई विद्युत कनेक्शन कटवा दिए गए।

निगमायुक्त ने रहवासियों से अपील की कि वे नगर निगम का बकाया बिजली शुल्क जमा कराकर विद्युत वितरण कंपनी से अपने-अपने घरों के स्थाई कनेक्शन शीघ्र लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

नगर निगम द्वारा बाघराज कॉलोनी के रहवासियों की सुविधा के लिए अस्थाई विद्युत व्यवस्था की गई थी। इसके लिए प्रत्येक अपार्टमेंट से मात्र 200 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया था, लेकिन बिजली की खपत काफी अधिक होने के कारण नगर निगम को प्रतिमाह लगभग 30 से 40 लाख रुपये का बिजली बिल भुगतान करना पड़ रहा था।

यह भी पढ़ें : सागर में अब मॉर्निंग वॉक भी महंगी! खेल परिसर में वॉक करने वालों पर लगा ₹500 रजिस्ट्रेशन और ₹300 मासिक टहलना शुल्क

हीटर और ई-रिक्शा चार्जिंग के दुरुपयोग की शिकायतें

निगमायुक्त के कॉलोनी पहुंचने पर रहवासियों ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा रियायती दर पर उपलब्ध बिजली का दुरुपयोग किया जा रहा है। शिकायतें मिलीं कि कई लोग खाना बनाने के लिए विद्युत हीटर का उपयोग कर रहे हैं, वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों की बड़े पैमाने पर चार्जिंग की जा रही है। कुछ लोगों द्वारा ई-रिक्शा चार्ज कर व्यावसायिक उपयोग किए जाने की बात भी सामने आई।

निगमायुक्त ने कहा कि शासन की सुगम विद्युत योजना के तहत स्थाई कनेक्शन लेना आसान है। रहवासी विद्युत वितरण कंपनी के पोर्टल या नजदीकी एमपीईबी कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज जमा कर स्थाई कनेक्शन प्राप्त कर सकते हैं।

निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने स्थाई कनेक्शन लेने के निर्देश दिए और शहर के नालों पर अवैध अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए।


नालों पर अतिक्रमण करने वालों पर होगी कार्रवाई

इसके साथ ही निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री ने निगमाध्यक्ष श्री वृंदावन अहिरवार के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। पगारा रोड, खुरई रोड सहित अन्य क्षेत्रों में निरीक्षण के दौरान नालों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण की जानकारी ली गई।

पगारा रोड स्थित एसटीपी प्लांट पंपिंग स्टेशन के पास नाले पर हुए अवैध निर्माण की शिकायत मिलने पर निगमायुक्त ने अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नालों और शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे जलभराव की बड़ी वजह बनते हैं। अतिक्रमण के कारण नालों की सफाई प्रभावित होती है और बारिश के समय बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो सकती है।

----------------

वीडियो देखने क्लिक करे

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल का सेंट्रलाइज किचन में औचक निरीक्षण: 83 स्कूलों के 6,540 बच्चों के मिड-डे मील की गुणवत्ता परखी, दिए सख्त निर्देश

_______________________

निगमायुक्त ने निगम इंजीनियरों, वार्ड प्रभारियों और सफाई अमले को निर्देश दिए कि शहर के सभी आठों जोन में नालों पर हुए अवैध अतिक्रमण को चिन्हित कर नोटिस जारी किए जाएं और आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे नियमों के अनुसार ही निर्माण कार्य कराएं और नालों की सीमा का उल्लंघन न करें।


Share:

महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ निलंबित, नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में सागर संभागायुक्त की बड़ी कार्रवाई

महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ निलंबित, नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में सागर संभागायुक्त की बड़ी कार्रवाई



तीनबत्ती न्यूज: 6 अगस्त 2026

सागर। सागर संभाग के संभागायुक्त अनिल सुचारी ने छतरपुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) दिनेश कुमार दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर आंगनवाड़ी में नियुक्ति के नाम पर ₹2 लाख रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं।

संभागायुक्त कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, कलेक्टर छतरपुर द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में बताया गया कि सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार पत्रों में एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश कुमार दीक्षित कथित रूप से पैसों के लेन-देन की बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।

यह भी देखे: मध्यप्रदेश में बस आपरेटर्स की हड़ताल स्थगित : 07 अगस्त की रात से होना थी हड़ताल

वायरल हुआ था वीडियो

छतरपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पदों पर भर्ती चल रही थी। इस दौरान नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी गई। यह शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू की।जांच में सामने आया कि आरोप सही थे। अधिकारी दिनेश दीक्षित इस पूरे मामले में सीधे शामिल पाए गए। उन पर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगा।


यह भी पढ़ें : सागर में अब मॉर्निंग वॉक भी महंगी! खेल परिसर में वॉक करने वालों पर लगा ₹500 रजिस्ट्रेशन और ₹300 मासिक टहलना शुल्क

जांच के दौरान एक और बड़ी बात सामने आई। जिन कैंडिडेट्स ने रिश्वत नहीं दी, उनकी नियुक्ति रोक दी गई। ये उम्मीदवार मेरिट लिस्ट में सबसे ऊपर थे।इनके दस्तावेजों में भी हेरफेर किया गया। इसके बदले कम मेरिट वाले कैंडिडेट्स को मौका दिया गया।

-----------------

वीडियो देखने क्लिक करे

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल का सेंट्रलाइज किचन में औचक निरीक्षण: 83 स्कूलों के 6,540 बच्चों के मिड-डे मील की गुणवत्ता परखी, दिए सख्त निर्देश

_______________________

कमिश्नर ने किया सस्पेंड

प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए संभागायुक्त ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन माना और मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई करते हुए तत्काल निलंबन के आदेश जारी किए।

निलंबन अवधि के दौरान श्री दीक्षित का मुख्यालय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग, सागर संभाग निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) प्रदान किया जाएगा।


Share:

रेलवे का बड़ा फैसला: कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों को सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस, सभी रूटों पर संचालन की मंजूरी

रेलवे का बड़ा फैसला: कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों को अब मिलेगा सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस, सभी रूटों पर कर सकेंगे संचालन


तीनबत्ती न्यूज: 06 अगस्त, 2026

नई दिल्ली। भारतीय रेल ने कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों (CTO) के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को बड़ा बदलाव देते हुए मॉडल कन्सेशन एग्रीमेंट (MCA) में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब ऑपरेटरों को अलग-अलग मार्ग श्रेणियों के बजाय 25 करोड़ रुपये के एकमुश्त पंजीकरण शुल्क पर सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस मिलेगा, जिससे वे भारतीय रेल नेटवर्क के सभी मार्गों पर कंटेनर ट्रेनों का संचालन कर सकेंगे।

यह नई व्यवस्था राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से लागू की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) बढ़ेगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रमुख बदलाव

  • सभी मार्गों के लिए एक ही ऑल इंडिया लाइसेंस।
  • 25 करोड़ रुपये का एकसमान और अप्रतिदेय पंजीकरण शुल्क।
  • लाइसेंस अवधि पूरी होने के बाद 20 वर्ष के विस्तार पर कोई नवीनीकरण शुल्क नहीं।
  • मौजूदा कैटेगरी-I ऑपरेटरों को नवीनीकरण पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
  • कैटेगरी-II, III और IV ऑपरेटर नई व्यवस्था में आने पर 15 करोड़ रुपये का अंतर शुल्क जमा करेंगे।

उद्योग और एमएसएमई को होगा फायदा

रेल मंत्रालय के अनुसार नई व्यवस्था से नियामकीय और अनुपालन लागत कम होगी। इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रेल आधारित माल परिवहन को गति मिलेगी। विशेष रूप से एमएसएमई को कम लागत पर माल परिवहन का विकल्प मिलेगा, जिससे उनकी लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।

पर्यावरण को भी लाभ

सरकार का मानना है कि अधिक कंटेनर यातायात सड़क से रेल की ओर स्थानांतरित होने से राष्ट्रीय राजमार्गों पर भीड़ कम होगी, ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे देश में टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल माल परिवहन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।


Share:

देश में 985 वन स्टॉप सेंटर संचालित, 15.20 लाख महिलाओं को मिली सहायता: सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े के सवाल पर केंद्र सरकार का जवाब

देश में 985 वन स्टॉप सेंटर संचालित, 15.20 लाख से अधिक महिलाओं को मिली सहायता



तीनबत्ती न्यूज: 06 अगस्त, 2026

नईं दिल्ली। देशभर में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से संचालित वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) योजना के तहत अब तक 985 केंद्र कार्यशील हैं, जबकि कुल 1,033 केंद्र स्वीकृत किए जा चुके हैं। 1 अप्रैल 2015 से 30 जून 2026 तक इन केंद्रों के माध्यम से 15.20 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है।

यह जानकारी लोकसभा में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने सागर सांसद डॉ. लता गुड्डू वानखेड़े द्वारा वन स्टॉप सेंटरों के विस्तार से जुड़े प्रश्न के उत्तर में दी।

-----------------

वीडियो देखने क्लिक करे

सागर में कलेक्टर प्रतिभा पाल सेंट्रलाइज किचन का निरीक्षण करते हुए, मिड-डे मील की गुणवत्ता जांचती हुईं।

__________________

महिला हेल्पलाइन से जुड़ रहे वन स्टॉप सेंटर

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वन स्टॉप सेंटरों का संचालन राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से किया जा रहा है। बेहतर समन्वय और त्वरित सहायता के लिए अब तक 657 वन स्टॉप सेंटरों को महिला हेल्पलाइन से जोड़ा जा चुका है।

यह भी पढ़ें : सागर में अब मॉर्निंग वॉक भी महंगी! खेल परिसर में वॉक करने वालों पर लगा ₹500 रजिस्ट्रेशन और ₹300 मासिक टहलना शुल्क

महिला हेल्पलाइन को ईआरएसएस-112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा अन्य सेवा तंत्रों से भी एकीकृत किया गया है, जिससे संकटग्रस्त महिलाओं को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

यह भी पढ़ें: रेल विकास कार्यों को लेकर सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने रेलवे बोर्ड अध्यक्ष से की मुलाकात, नई ट्रेनों व ओवरब्रिज सहित कई मुद्दे उठाए

शक्ति सदन योजना से मिल रही आश्रय और पुनर्वास की सुविधा

उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति के अंतर्गत पूर्व की स्वाधार गृह और उज्ज्वला गृह योजनाओं का विलय कर अब शक्ति सदन योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत महिलाओं को आश्रय, भोजन, वस्त्र, परामर्श, प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

यह भी पढ़ें: केंद्रीय संसदीय समिति में सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने उठाए ऊर्जा सुरक्षा और बीना रिफाइनरी से जुड़े अहम मुद्दे

साथ ही महिलाओं को कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण, बैंक खाता खोलने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ और रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था भी की गई है।

575 सखी निवास भी संचालित

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सखी निवास योजना के तहत कामकाजी एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। देशभर में वर्तमान में 575 सखी निवास संचालित हैं। इनमें रहने वाली महिलाओं के बच्चों के लिए डे-केयर सेंटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।

Share:

सागर: कलेक्टर प्रतिभा पाल का सेंट्रलाइज किचन पर औचक निरीक्षण, 6,540 बच्चों के मिड-डे मील की गुणवत्ता जांची

सागर: कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सेंट्रलाइज किचन का किया औचक निरीक्षण, 6,540 विद्यार्थियों के मिड-डे मील की गुणवत्ता परखी

सागर में कलेक्टर प्रतिभा पाल सेंट्रलाइज किचन का निरीक्षण करते हुए, मिड-डे मील की गुणवत्ता जांचती हुईं।


तीनबत्ती न्यूज : 6 अगस्त 2026

सागर। जिले के शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने गुरुवार सुबह नगर निगम क्षेत्र स्थित सेंट्रलाइज किचन (केंद्रीकृत किचन) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भोजन निर्माण की पूरी प्रक्रिया का जायजा लिया और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

-----------------

वीडियो देखने क्लिक करे

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल का सेंट्रलाइज किचन में औचक निरीक्षण: 83 स्कूलों के 6,540 बच्चों के मिड-डे मील की गुणवत्ता परखी, दिए सख्त निर्देश

_______________________

तिलकगंज आकांक्षा समग्र विकास समिति द्वारा संचालित इस आधुनिक सेंट्रलाइज किचन से शहर के 83 शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के 6,540 विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन भोजन तैयार किया जाता है। यहां सुबह 5 बजे से भोजन बनना शुरू होता है और लगभग 10:30 बजे तक सभी विद्यालयों के लिए गर्म एवं ताजा भोजन भेज दिया जाता है।

यह भी पढ़ें : सागर में अब मॉर्निंग वॉक भी महंगी! खेल परिसर में वॉक करने वालों पर लगा ₹500 रजिस्ट्रेशन और ₹300 मासिक टहलना शुल्क


भोजन का सैंपल सुरक्षित रखने के दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किचन परिसर, भोजन पकाने की व्यवस्था, बर्तनों की साफ-सफाई तथा उपयोग में लाई जा रही खाद्य सामग्री का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में भोजन निर्माण में प्रयुक्त तेल एवं मसाले एगमार्क गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने प्रबंधन को निर्देश दिए कि प्रतिदिन तैयार होने वाले भोजन का एक नमूना (सैंपल) अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसकी गुणवत्ता की जांच की जा सके।



सुभाष नगर स्कूल पहुंचकर देखी भोजन व्यवस्था

सेंट्रलाइज किचन के निरीक्षण के बाद कलेक्टर एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला, सुभाष नगर पहुंचीं। यहां उन्होंने विद्यार्थियों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता और उपस्थिति के अनुसार भोजन की उपलब्धता का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में निर्धारित मेनू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन वितरित होता पाया गया। व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विवेक के.वी. भी मौजूद रहे।



Share:

सागर में अब मॉर्निंग वॉक भी महंगी! खेल परिसर में वॉक करने वालों पर लगा ₹500 रजिस्ट्रेशन और ₹300 मासिक टहलना शुल्क

सागर में अब स्वस्थ रहना भी हुआ महंगा: खेल परिसर में वॉक करने वालों पर लगा शुल्क, लोगों में भारी असंतोष

तीनबत्ती न्यूज : 06 अगस्त, 2026

सागर। कहते हैं कि पैदल चलना या टहलना ,मॉर्निंग/इवनिंग वॉक आदि स्वस्थ रहने का सबसे आसान, सुलभ और प्राकृतिक तरीका है। लेकिन सागर शहर में अब सेहत बनाने का यह साधारण माध्यम भी आम नागरिकों की जेब पर भारी पड़ने वाला है। जिला खेल एवं युवा कल्याण कार्यालय, सागर द्वारा खेल परिसर (स्टेडियम) में प्रवेश और विभिन्न सुविधाओं के उपयोग के लिए नई शुल्क व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें पहली बार केवल वॉक (टहलने) आने वाले लोगों को भी शुल्क के दायरे में शामिल किया गया है। इस आदेश की शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

यह भी बढ़े : बेटियों की स्कूल कैबिनेट से मिले सीएम डॉ. मोहन यादव, बोले- AI का इस्तेमाल करें, लेकिन अपना दिमाग जरूर लगाएं

खेल परिसर के गेट पर लगा पर आदेश का बोर्ड

खेल परिसर के गेट पर  लगाए सूचना बॉर्ड के अनुसार, कलेक्टर एवं खिलाड़ी प्रशिक्षक समिति, सागर के अध्यक्ष के अनुमोदन के बाद नई शुल्क व्यवस्था लागू की गई है। आदेश सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों, बुजुर्गों और खेल प्रेमियों में नाराजगी देखी जा रही है।

यह भी पढ़ेंसागर में बहू की हत्या: रिटायर्ड पुलिसकर्मी ससुर ने पारिवारिक विवाद में की मारपीट, आरोपी हिरासत में

क्या हैं नई दरें और नियम?

1 अगस्त 2026 से प्रभावी आदेश के तहत इंडोर और आउटडोर खेल परिसरों के लिए निम्न शुल्क निर्धारित किए गए हैं—

  • एकमुश्त पंजीयन शुल्क: ₹500 (केवल एक बार)
  • मासिक मेंटेनेंस शुल्क: ₹300 प्रति माह
  • प्रवेश कार्ड शुल्क: ₹10

यह शुल्क एथलेटिक्स, बैडमिंटन, जिम्नास्टिक, बास्केटबॉल सहित अन्य खेलों का अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के साथ-साथ सिंथेटिक ट्रैक और ग्राउंड में केवल मॉर्निंग या इवनिंग वॉक करने आने वाले आम नागरिकों पर भी लागू होगा।

1 से 5 तारीख के बीच जमा करना होगा शुल्क

आदेश के अनुसार प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच मेंटेनेंस शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। बिना सदस्यता कार्ड के परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। साथ ही बाहरी जूतों के साथ प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। परिसर को नुकसान पहुंचाने या अनुशासनहीनता की स्थिति में सदस्यता निरस्त की जा सकती है।

2 हजार से अधिक लोगों पर पड़ेगा असर

सागर खेल परिसर में प्रतिदिन सुबह-शाम करीब दो हजार से अधिक बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और अन्य नागरिक मॉर्निंग वॉक, दौड़ और व्यायाम के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में खिलाड़ी नियमित अभ्यास के लिए भी स्टेडियम आते हैं। अब तक वॉक के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता था।

नई व्यवस्था के तहत ₹500 पंजीयन और ₹300 मासिक शुल्क लागू होने से मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी सामान्य गतिविधि पर शुल्क लगाना उचित नहीं है।

राहत की मांग

शहरवासियों और विभिन्न खेल संघों ने जिला प्रशासन एवं खेल विभाग से मांग की है कि—

  • बुजुर्गों और केवल वॉक करने वाले नागरिकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा जाए या नाममात्र का शुल्क लिया जाए।
  • आर्थिक रूप से कमजोर एवं उभरते खिलाड़ियों को शुल्क में विशेष छूट दी जाए, ताकि आर्थिक कारणों से उनकी खेल प्रतिभा प्रभावित न हो।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद मुख्य प्रवेश द्वार पर सदस्यता कार्ड की जांच को लेकर कई बार बहस और विवाद की स्थिति भी सामने आ रही है।

यह भी पढ़ेंहाईकोर्ट से कांग्रेस को झटका, मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत के खिलाफ दायर याचिका खारिज •कांग्रेस नेता नीरज शर्मा की रिट पर हाईकोर्ट की टिप्पणी, कहा - याचिका पूर्णतः भ्रांतिपूर्ण

फिलहाल शुल्क वसूली पर मौखिक रोक

मामले ने तूल पकड़ने के बाद कई नागरिकों और खिलाड़ियों ने जिला खेल अधिकारी शर्मिला डाबर से संपर्क किया। जिला खेल प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष संतोष दुबे ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में जिला खेल अधिकारी से चर्चा की। उनके अनुसार, जिला खेल अधिकारी वर्तमान में गुना प्रवास पर हैं और उन्होंने फिलहाल शनिवार तक इस व्यवस्था पर मौखिक रूप से रोक लगाने की बात कही है।

संतोष दुबे के अनुसार, जिला खेल अधिकारी ने कहा है कि वे सोमवार को सागर लौटने के बाद खिलाड़ियों और संबंधित पक्षों से चर्चा करेंगी तथा उसके बाद इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।



Share:

www.Teenbattinews.com

Archive