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चीतों की पुनर्वसाहट का नया बसेरा बनेगा बुंदेलखंड : सीएम डॉ. यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सॉफ्ट रिलीज बोमा का किया भूमिपूजन ▪️बामनेर नदी में विमुक्त किए 14 कछुए

चीतों की पुनर्वसाहट का नया बसेरा बनेगा बुंदेलखंड : सीएम डॉ. यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सॉफ्ट रिलीज बोमा का किया भूमिपूजन

▪️बामनेर नदी में विमुक्त किए 14 कछुए


तीनबत्ती न्यूज:  25 मार्च 2026

सागर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्मदिवस के पावन अवसर पर प्रदेश के वन्यजीव प्रेमियों और बुंदेलखंड वासियों को एक ऐतिहासिक उपहार दिया है। मुख्यमंत्री ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सॉफ्ट रिलीज बोमा का विधि-विधान से भूमि पूजन किया। कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीतों के घर के रूप में विकसित किया जा रहा है। सॉफ्ट रिलीज बोमा तकनीक के तहत चीतों को नए परिवेश में ढालने के लिए एक बड़े क्षेत्र में विशेष बाड़े (बोमा) तैयार किए जाते हैं, जहाँ उन्हें शुरुआती निगरानी में रखा जाता है।




मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह परियोजना न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूती देगी, बल्कि बुंदेलखंड में इको-टूरिज्म और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का घनत्व और यहाँ के घास के मैदान चीतों के लिए बेहद अनुकूल हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि कूनो के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व चीतों की अठखेलियों का नया केंद्र बनेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार केवल थलचर ही नहीं, बल्कि नभचर और जलचर जीवों के संरक्षण की दिशा में भी मिशन मोड पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, कि जंगल की असली खूबसूरती वहाँ के जानवरों से ही होती है। यह कदम न केवल बुंदेलखंड के प्राकृतिक संतुलन और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा बल्कि यहां रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।




बामनेर नदी में विमुक्त किए 14 कछुए

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अपने 61वें जन्मदिवस के अवसर पर सागर जिले की रहली तहसील स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक नई पहल की। मुख्यमंत्री ने टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली बामनेर नदी में कुल 14 कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में विमुक्त (रिलीज) किया। इस दौरान उन्होंने पारिस्थितिकी तंत्र में कछुओं की महत्ता पर जोर देते हुए जल संरचनाओं के संरक्षण का आह्वान किया।

वन विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जिन 14 कछुओं को नदी में छोड़ा गया, वे दो विशिष्ट प्रजातियों के हैं, पहली टेरा प्रिंस प्रजाति के 06 कछुए और सुंदरी प्रजाति के 08 कछुए। विशेषज्ञों के अनुसार, ये प्रजातियाँ नदी की स्वच्छता बनाए रखने और जलीय जैव-विविधता के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा, प्रकृति और वन्यजीवों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। कछुओं का विमुक्तिकरण और चीता पुनर्वास की दिशा में बढ़ते कदम मध्य प्रदेश को वन्यजीव पर्यटन और संरक्षण के वैश्विक मानचित्र पर और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे।

बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का विस्तार 2,339 वर्ग किमी में है। यह एमपी का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों तक फैला है। इसे लैंड ऑफ वुल्व्स (भेड़ियों की धरती) भी कहा जाता है और वर्तमान में यहाँ करीब 32 बाघ निवास कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूल भूमि उपलब्ध है। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है। शीघ्र ही कूनो अभयारण्य से चीतों को लाकर यहाँ बसाया जायेगा। अभयारण्य में चिड़ियों की 240 प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति के पशु-पक्षी हैं, जिसमें टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ आदि शामिल हैं। इसके विकास के साथ वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन के साथ रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं।


मुख्यमंत्री ने जंगल सफारी का लिया आनंद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में करीब 10 किलोमीटर लंबी सफारी का आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने बामनेर नदी में कछुओं को प्राकृतिक आवास में मुक्त किया और वन्य जीव संरक्षण तथा जैव विविधता के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। डॉ. यादव ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर अभयारण्य के बाद, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व जल्द ही चीतों का तीसरा घर बनेगा। यहाँ का भू-दृश्य दक्षिण अफ्रीका के घास के मैदानों के समान है, जो चीतों के लिए अनुकूल है।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कृषक श्री हरदास के खेत पर खाट पर बैठकर  किया भोजन


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कृषक हरदास रैकवार के खेत पर पहुंचे। जहां कृषक परिवार ने कलश रखकर, चंदन रोरी का तिलक लगाते हुए पारंपरिक तरीके से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री डॉ यादव ने ग्रामीण परिवेश में आम के वृक्ष की छांव में खाट पर बैठकर भोजन ग्रहण किया। भोजन के पूर्व उन्होंने गौ माता को चारा भी खिलाया। साथ में यूवी मंत्री गोपाल भार्गव ने खाना खाया।

मुख्यमंत्री ने बुन्देली भोजन की तारीफ की और कढ़ी, बिर्रा की रोटी, समां के चावल की खीर, खीचला-पापड़ आदि व्यंजनों का स्वाद चखा। इस अवसर पर उन्होंने किसान से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मिल रहे लाभ की जानकारी भी ली।किसान श्री हरदास ने बताया कि परिवार में उनकी माता, पत्नी अनीता रैकवार, चार बच्चे हैं, जिनमें दो-दो जुड़वा बच्चे शामिल हैं। परिवार के पास लगभग 1.5 एकड़ कृषि भूमि है। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, बीपीएल कार्ड, आयुष्मान कार्ड, लाड़ली बहना योजना तथा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। साथ ही उनकी माता श्रीमती शीलरानी को विधवा पेंशन प्राप्त हो रही है।

बच्चियों को काजू कतली खिलाकर मनाया जन्मदिन, प्रदान किए ड्राइविंग लायसेंस


मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के जन्मदिवस के अवसर पर रहली में उनका अभूतपूर्व स्वागत और अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री ने इस मौके को और भी खास बनाते हुए सभी बच्चियों को अपने हाथों से काजू कतली खिलाई और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने वहां मौजूद आठ बच्चियों को ड्राइविंग लाइसेंस सर्टिफिकेट भी प्रदान किये। डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बेटियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ें और प्रदेश का नाम रोशन करें।





ये रहे मौजूद

भूमिपूजन के अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री  दिलीप अहिरवार, पूर्व मंत्री एवं रहली विधायक गोपाल भार्गव, देवरी विधायक  बृज बिहारी पटेरिया, नरयावली विधायक  प्रदीप लारिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  देवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी, श्रीमती रानी कुशवाहा, प्रधान सचिव, वन विभाग, मध्यप्रदेश संदीप यादव, वन बल प्रमुख शुभरंजन सिंह सेन, संभागायुक्त अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना, पुलिस उपमहानिरीक्षक सचिंद्रनाथ चौहान, कलेक्टर संदीप जी आर, पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल, मुख्य वन संरक्षक  दीपू दमन सिंह भदौरिया, डीएफओ  रजनीश सिंह एवं  वरुण यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी मौजूद रहे।



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शिवाजी महाराज की प्रतिमा के अनावरण हेतु ज्योतिरादित्य सिंधिया को विधायक शैलेंद्र जैन व सांसद डॉ लता वानखेड़े ने दिया आमंत्रण

शिवाजी महाराज की प्रतिमा के अनावरण हेतु ज्योतिरादित्य सिंधिया को विधायक शैलेंद्र जैन व सांसद डॉ लता वानखेड़े ने दिया आमंत्रण


तीनबत्ती न्यूज: 25मार्च,2026

सागर।विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने दिल्ली प्रवास के दौरान सागर संसदीय क्षेत्र की सांसद डॉ. लता वानखेड़े के साथ केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर विधायक जैन एवं सांसद डॉ लता वानखेड़े ने मंत्री श्री सिंधिया को सागर आगमन के लिए औपचारिक आमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि सागर में हिन्दू हृदय सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा बनकर तैयार हो चुकी है। 

यह भी पढ़ेंकेंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिले विधायक शैलेंद्र जैन विकास कार्यों हेतु संसाधन उपलब्ध कराने की मांग

विधायक जैन ने  प्रतिमा के अनावरण हेतु मंत्री श्री सिंधिया से आग्रह किया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि वे शीघ्र ही सागर आकर कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह भेंट सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें सागर के विकास एवं सांस्कृतिक विरासत को और सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई।

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सागर में निगमायुक्त के प्रयासों से बकायादारों को बड़ी राहत : 31 मार्च तक संपत्तिकर व जलकर की बकाया राशि का भुगतान करने पर अधिभार में मिलेगी लोक अदालत जैसी छूट

Sagar : निगमायुक्त के प्रयासों से बकायादारों को बड़ी राहत : 31 मार्च तक संपत्तिकर व जलकर की बकाया राशि का भुगतान करने पर अधिभार में मिलेगी लोक अदालत जैसी छूट


तीनबत्ती न्यूज:25 मार्च। 2026
सागर :  नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री के विशेष प्रयासों के फलस्वरूप नगर निगम सागर के साथ ही पूरे प्रदेश की सभी नगरीय निकायों को संपत्तिकर एवं जलकर के बकायादारों को बड़ी राहत प्रदान की गई है। शासन द्वारा 31 मार्च तक बकाया करों पर अधिभार में लोक अदालत की तर्ज पर छूट देने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
निगमायुक्त ने  बताया कि नगर निगम क्षेत्र के करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से शासन स्तर पर अधिभार में छूट प्रदान करने के लिए पहल की गई थी। इस संबंध में की गई चर्चा के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और शासन से इसकी स्वीकृति प्राप्त हो गई है। अब नगर निगम क्षेत्र के नागरिक 31 मार्च तक अपने बकाया संपत्तिकर एवं जलकर की राशि जमा कर अधिभार में विशेष छूट का लाभ ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि यह छूट लोक अदालत की तरह प्रदान की जा रही है, जिससे नागरिकों को अतिरिक्त आर्थिक भार से राहत मिलेगी और वे सरलता से अपने लंबित करों का भुगतान कर सकेंगे। यह निर्णय न केवल नागरिकों के हित में है, बल्कि नगर निगम की राजस्व वसूली को भी गति प्रदान करेगा, जिससे शहर के विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।
निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि 31 मार्च के बाद इस प्रकार की कोई छूट लागू नहीं रहेगी। निर्धारित तिथि तक बकाया संपत्तिकर जमा न करने की स्थिति में शासन के नियमों के अनुसार कर राशि दोगुनी हो सकती है, साथ ही अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। इसलिए सभी बकायादारों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे समय रहते अपने बकाया करों का भुगतान कर लें।
उन्होंने नगर निगम क्षेत्र के समस्त नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने संपत्तिकर, जलकर, कचरा प्रबंधन शुल्क, दुकानों के किराए सहित अन्य सभी करों की बकाया राशि 31 मार्च से पूर्व अनिवार्य रूप से जमा करें। इससे वे अधिभार में छूट का लाभ प्राप्त कर सकेंगे और भविष्य में होने वाली किसी भी प्रकार की  कार्रवाई से बच सकेंगे। नागरिकगण अपने बकायाकर की राशि नगर निगम कार्यालय,पं मोतीलाल नेहरू स्कूल कटरा बाजार में काउंटर पर तथा आनलाइन पोर्टल एवं एम पी ई नगर पालिका एप पर कर सकते हैं।
 निगमायुक्त ने नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि समय पर करों का भुगतान शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से ही सागर शहर को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाया जा सकता है।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 25 मार्च को सागर के वीरांगना दुर्गावती अभ्यारण में आगमन ▪️ रिजर्व में रिलीज करेंगे कछुए ▪️ कमिश्नर एवं आईजी ने कलेक्टर, एसपी के साथ किया कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण

सीएम डॉ. मोहन यादव का 25 मार्च को सागर के वीरांगना दुर्गावती अभ्यारण में आगमन

▪️ रिजर्व में रिलीज करेंगे कछुए

▪️ कमिश्नर एवं आईजी ने कलेक्टर, एसपी के साथ किया कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण



तीनबत्ती न्यूज 24 मार्च 2026
सागर 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने जन्म-दिन पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बुधवार 25 मार्च को बामनेर नदी में एक दर्जन कछुओं को रिलीज करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास के लिये सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि-पूजन भी करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 25 मार्च 2026 को प्रस्तावित सागर जिले के रहली विकासखंड अंतर्गत वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आयोजित कार्यक्रम को लेकर संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी एवं पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना ने कलेक्टर श्री संदीप जी.आर., पुलिस अधीक्षक श्री विकास सहवाल तथा मुख्य वन संरक्षक श्री दीपू दमन सिंह भदोरिया के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने हेलीपैड, भूमि पूजन स्थल तथा बामनेर नदी तट सहित अन्य स्थानों का जायजा लिया।


संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर सभी व्यवस्थाएं समय सीमा में पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि हेलीपैड स्थल सहित अन्य कार्यक्रम स्थलों का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए तथा आगंतुकों के लिए समुचित आवागमन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही पेयजल, विद्युत एवं स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ व्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग, यातायात नियंत्रण तथा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएं। साथ ही सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें।

पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार की जाए। इसके अलावा, उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई दल की तैनाती के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम के दौरान आमजन की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक श्री दीपू दमन सिंह भदोरिया, कलेक्टर श्री संदीप जी.आर., पुलिस अधीक्षक श्री विकास सहवाल, डीएफओ श्री रजनीश सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के.वी., अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो मध्यप्रदेश के 3 जिलों सागर, दमोह और नरसिंहपुर के 72 ग्रामों को जोड़ते हुए कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर का आकार लिये हुए है। मध्यप्रदेश का यह 7वाँ और भारत का 54वाँ टाइगर रिजर्व है। वर्ष 2023 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 32 टाइगर मौजूद हैं। इस अभयारण्य को मुख्य रूप से भेड़ियों की भूमि माना जाता है। यहाँ पर सर्वाधिक भेड़िये पाये जाते हैं। 

टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूल भूमि उपलब्ध है। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है। शीघ्र ही कूनो अभयारण्य से चीतों को लाकर यहाँ बसाया जायेगा। अभयारण्य में चिड़ियाँ की 240 प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति के पशु-पक्षी पाये जाते हैं, जिसमें टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ सहित पशु-पक्षी मौजूद हैं। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन के के साथ रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं।
ऐसा है टाइगर रिजर्व: 
1974 का अभ्यारण आज मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बना, 2300 स्क्वायर किलोमीटर में फैला टाइगर रिजर्व, एक टाइगर से शुरू हुआ अब ढाई दर्जन से अधिक टाइगर मौजूद 

मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतो के पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि पूजन बुधवार को करेंगे साथ में बामनेर नदी में एक दर्जन कछुआ को भी छोड़ेंगे।सॉफ्ट रिलीज बोमा के तहत एक बड़ा बेड़ा बनाया जाता है जिसमें शिफ्ट होने वाली चीजों को छोड़ा जाता है इससे शिफ्टिंग सही तरीके से हो जाती है।
वीरागाना दुर्गावती टाइगर रिजर्व 1974 का अभ्यारण आज मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनकर तैयार है यह तीन जिलों के 72 ग्रामों को जोड़ते हुए कुल 2300 स्क्वायर किलोमीटर में टाइगर रिजर्व आकर लिए हुए है। यह टाइगर रिजर्व में सबसे पहले एक टाइगर से शुरू हुआ जो अब ढाई दर्जन से अधिक टाइगर मौजूद है। 


यह टाइगर रिजर्व भेडियो की भूमि मुख्य रूप से माना जाने वाला वीरागाना दुर्गावती टाइगर रिजर्व है। तीन जिलों सागर, दमोह, नरसिंहपुर के 72 ग्रामों से टाइगर रिजर्व बना है। इसमें सैकड़ो प्रजाति के पशु पक्षी वाला पहला मध्य प्रदेश का टाइगर रिजर् है।
जानकारी के अनुसार वीराना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का पूर्व में नाम 1974 की अनुसार नौरादेही अभ्यारण था जिसको 10 वर्ष के पश्चात 1984 में वन्य प्राणी वन मंडल का नाम दिया गया इसी के साथ 2018 में इस वन्य प्रणाली वन मंडल नवरात्रि अभ्यारण में 2018 के अप्रैल माह में मादा टाइगर को छोड़ा गया जिसका नाम राधा एन वन दिया गया इसको बढ़ाते हुए 2018 के मई माह में एक नर टाइगर जिसका नाम किशन एन टू रखा गया उसको छोड़ा गया।


2019_ 2020 में राधा किशन टाइगर ने तीन शावकों को जन्म दिया जिनका नाम इन वन,एन टू,एन थ्री रखा गया। 2021 में एक नया अभ्यारण में टाइगर देखा जिसका नाम N3 रखा गया। सन 2022-23 में n2 किशन एवं n3 टाइगर की फाइट हुई जिसमें n3 टाइगर ने n2 किशन टाइगर को मार डाला। इसी प्रकार 2024 में अभ्यारण की डोंगरगांव रेंज में एक नर एवं एक मादा टाइगर को छोड़ा गया इस प्रकार वर्तमान में वीराना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में लगभग 32 टाइगर मौजूद है। इस अभ्यारण को मुख्य रूप से भेड़िया की भूमि माना जाता था जहां सर्वाधिक भेड़िया उपलब्ध हैं। 

वर्ष 2023 में नौरादेही अभ्यारण सागर एवं रानी दुर्गावती अभ्यारण को मिलाकर वीरागना दुर्गावती टाइगर रिजर्व बनाया गया जिसमें नौरादेही अभ्यारण की 1197 स्क्वायर किलोमीटर एवं रानी दुर्गावती अभ्यारण की 27 स्क्वायर किलोमीटर एवं अन्य बफर एरिया मिलाकर कुल 2300 स्क्वायर किलोमीटर का नया वीराना दुर्गावती टाइगर रिजर्व बनाया गया यह टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा सर्वप्रथम संपन्न एवं सभी प्रकार के पशु पक्षी इस अभ्यारण में मौजूद है। 

तीन जिलों से बना रिजर्व

इस टाइगर रिजर्व में तीन जिले सागर दमोह नरसिंहपुर की 72 ग्रामों को जोड़ा गया है जिसमें 36 ग्रामों के व्यक्तियों का विस्थापन किया जा चुका है और विस्थापन की राशि उनको प्राप्त की जाकर उनको विस्थापित किया गया है शेष 36 ग्राम का विस्थापन प्रक्रिया में है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व पर्यटन की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें पर्यटन के लिए अपार संभावनाएं हैं जिसमें बुंदेलखंड मध्य प्रदेश एवं पूरे भारत देश से पर्यटक इस टाइगर रिजर्व में आएंगे। इस टाइगर रिजर्व में शीघ्र ही चीतो भी आएगे जिसके लिए सॉफ्ट बोम्मा रिलीज तैयार किया जा रहा है जिसका भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के द्वारा किया जा रहा है। 

यह अभ्यारण मिनी सवाना के समान है जिसमें चीतो की अनुकूल यह भूमि उपलब्ध होगी। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पाई जाती है। 
इस टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति की पशु पक्षी पाए जाते हैं जिसमें टाइगर, पैंथर ,भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, नीलगाय ,जंगली सूअर ,चोसिंगा, काला हिरण ,चिंकारा ,कछुआ, मगरमच्छ, सहित अन्य और भी पशु पक्षी मौजूद हैं इसी प्रकार इस अभ्यारण में चार प्रकार की गिद्ध भी पाए जाते हैं जिसमें तीन प्रजाति की गिद्ध बाहर से आते हैं। इसी प्रकार इस अभ्यारण में 240 प्रजाति की चिड़िया भी मौजूद हैं जो की आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वीराना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन की अपार संभावनाओं के साथ रोजगार की भी अपार संभावनाएं हैं।

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केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिले विधायक शैलेंद्र जैन विकास कार्यों हेतु संसाधन उपलब्ध कराने की मांग

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिले विधायक शैलेंद्र जैन विकास कार्यों हेतु संसाधन उपलब्ध कराने की मांग


तीनबत्ती न्यूज : 24 मार्च, 2026

सागर। विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने मंगलवार को दिल्ली प्रवास के दौरान सांसद डॉ. श्रीमती लता वानखेड़े के साथ केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से सौजन्य भेंट कर सागर शहर के विकास कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की।

इस दौरान विधायक जैन ने सागर में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि कई महत्वपूर्ण विकास कार्य बजट के अभाव में अधूरे रह गए हैं। उन्होंने इन अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की मांग रखी।

विधायक जैन ने कहा कि सागर शहर के समग्र विकास के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शहरी अधोसंरचना, आधारभूत सुविधाओं एवं जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द पूर्ण कराने पर जोर दिया।

सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने भी सागर के विकास कार्यों को लेकर अपना समर्थन व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री से आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया।


केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दोनों जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि सागर के विकास से जुड़े विषयों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा और आवश्यकतानुसार सहयोग प्रदान किया जाएगा।

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विश्व क्षय रोग दिवस विशेष: "हाँ! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं": जागरूक समाज ही बनेगा टीबी मुक्त भारत का आधार ▪️डॉ सौरभ जैन

विश्व क्षय रोग दिवस विशेष: "हाँ! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं": जागरूक समाज ही बनेगा टीबी मुक्त भारत का आधार

▪️डॉ सौरभ जैन


तीनबत्ती न्यूज :24 मार्च,2026

प्रतिवर्ष 24 मार्च को दुनिया भर में 'विश्व क्षय रोग दिवस' (World Tuberculosis Day) मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “Yes! We Can End TB” (हाँ! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं) न केवल एक संकल्प है, बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी भी है। इसी क्रम में, बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (बीएमसी), सागर के पल्मोनोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने आमजन को इस गंभीर लेकिन उपचार योग्य बीमारी के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया है।

विशेषज्ञ राय: डॉ. सौरभ जैन (वरिष्ट पल्मोनोलॉजिस्ट, बीएमसी सागर)

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सौरभ जैन ने टीबी के प्रबंधन और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा "टीबी एक संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। आज के समय में टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते मरीज लक्षणों को नजरअंदाज न करे और उपचार का कोर्स बीच में न छोड़े। 'ड्रग रेजिस्टेंस' (दवा प्रतिरोध) की सबसे बड़ी वजह दवाइयों का अनियमित सेवन है। सरकार द्वारा सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और उच्च स्तरीय दवाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।"

लक्षणों को पहचानें: कब सतर्क होना जरूरी है?

डॉ. जैन के अनुसार, यदि आपको या आपके आसपास किसी को निम्नलिखित लक्षण दिखें, तो यह टीबी का संकेत हो सकते हैं:

1. मुख्य श्वसन लक्षण: लगातार खांसी: 2 सप्ताह से अधिक समय तक रहने वाली खांसी।

बलगम और खून: खांसी के साथ बलगम आना या खून (Hemoptysis) की उपस्थिति।

सीने में दर्द: सांस लेते या खांसते समय सीने में जकड़न या दर्द।

2. शारीरिक बदलाव

बुखार: हल्का लेकिन लगातार बना रहने वाला बुखार, जो विशेष रूप से शाम के समय बढ़ता है।

वजन का गिरना: बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से वजन कम होना और भूख न लगना।

रात में पसीना: सोते समय शरीर से अत्यधिक पसीना आना और कमजोरी महसूस होना।

3. एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी (फेफड़ों के बाहर)

यदि टीबी फेफड़ों के अलावा अन्य अंगों में है, तो ये लक्षण दिख सकते हैं: गर्दन या बगल में गांठों का होना (लिम्फ नोड)।हड्डियों या जोड़ों में लगातार दर्द।दिमागी टीबी की स्थिति में सिरदर्द, उल्टी या बेहोशी।

तुरंत जांच की आवश्यकता कब है?

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि 2 हफ्ते से ज्यादा की खांसी आती है, बार बार बुखार आना खांसी में खून आता है, अचानक और तेजी से वजन कम होने लगता है तो तुरन्त नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर आवश्यक जांच कराएं।

मरीज को सामाजिक रूप से अलग-थलग न करें,बल्कि उसे सही समय पर इलाज दिलाएं

डॉ सौरभ जैन ने बताया कि टीबी केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि एक सामाजिक चुनौती भी है। डॉ. जैन सहित पल्मोनोलॉजी विभाग की टीम ने अपील की है कि, मरीज को सामाजिक रूप से अलग-थलग न करें, बल्कि उसे सही समय पर इलाज दिलाने में मदद करें। याद रखें, समय पर ली गई दवा ही टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करेगी।

भविष्य की ओर बढ़ते क़दम

नई वैक्सीन का परीक्षण:  BCG वैक्सीन के बाद अब MTBVAC, M72/AS01E जैसी नई वैक्सीनों का क्लीनिकल ट्रायल अंतिम चरणों में है। यदि यह सफल रहती है, तो यह वयस्कों में टीबी संक्रमण को रोकने में गेम-चेंजर साबित होगी।

AI और डिजिटल डायग्नोस्टिक्स: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चेस्ट एक्स-रे अब कुछ ही सेकंडों में फेफड़ों की टीबी का सटीक पता लगा लेते हैं। साथ ही, Handheld X-ray मशीनों की मदद से दूरदराज के गांवों में घर बैठे जांच संभव हो गई है।

मॉलिक्यूलर टेस्टिंग (CBNAAT/TrueNat): पुराने थूक परीक्षण (Sputum Test) की जगह अब अत्याधुनिक मॉलिक्यूलर मशीनों ने ले ली है, जो न केवल टीबी की पुष्टि करती हैं, बल्कि यह भी बता देती हैं कि मरीज पर कौन सी दवा असर करेगी।

डॉ. सौरभ जैन के अनुसार, टीबी के खिलाफ लड़ाई में "निक्षय मित्र" जैसी योजनाएं और पोषण संबंधी सहायता (निक्षय पोषण योजना) रीढ़ की हड्डी साबित हो रही हैं। वे कहते हैं: "अब चुनौती सिर्फ दवा की नहीं, बल्कि समय पर पहचान की है। नए आविष्कारों ने जांच को आसान बना दिया है, लेकिन समाज को कलंक (Stigma) मिटाकर आगे आना होगा।"

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सागर जिले में प्रशासनिक फेरबदल : 05 अधिकारियों का कार्य विभाजन : गगन बिसेन होंगे सिटी मजिस्ट्रेट

सागर जिले में प्रशासनिक फेरबदल : 05 अधिकारियों का कार्य विभाजन : गगन बिसेन होंगे सिटी मजिस्ट्रेट

तीनबत्ती न्यूज: 23 मार्च ,2026

सागर : कलेक्टर संदीप जी आर ने प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार कुल 5 अधिकारियों को नवीन पदस्थापना स्थल पर आगामी आदेश तक के लिए पदस्थ किया गया है।

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यह रही सूची




जारी सूची के अनुसार श्री रवीश श्रीवास्तव को अनुविभागीय अधिकारी बण्डा से अनुविभागीय अधिकारी बीना पदस्थ किया गया है। श्री गगन बिसेन को अनुविभागीय अधिकारी केसली से नगर दण्डाधिकारी सागर बनाया गया है। श्रीमती आरती यादव को जिला कार्यालय सागर से अनुविभागीय अधिकारी बण्डा पदस्थ किया गया है। श्रीमती राजनंदिनी शर्मा को जिला कार्यालय सागर से अनुविभागीय अधिकारी केसली पदस्थ किया गया है। श्री विजय कुमार डहरिया (डिप्टी कलेक्टर) को अनुविभागीय अधिकारी बीना से जिला कार्यालय सागर में पदस्थ किया गया है।

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प्रशासनिक लापरवाही व भ्रष्टाचार पर सीएम डा.मोहन यादव का जीरो टालरेंस, कलेक्टर-एसपी को हटाने का स्वागत: पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह

प्रशासनिक लापरवाही व भ्रष्टाचार पर सीएम डा.मोहन यादव का जीरो टालरेंस, कलेक्टर-एसपी को हटाने का स्वागत: पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह

तीनबत्ती न्यूज: 23 मार्च ,2026

सागर। सीधी कलेक्टर व गुना एसपी को पद से हटाए जाने की मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की सीधी कार्यवाही का पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने ऐसा करके प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के प्रति अपने जीरो टालरेंस के संकल्प को प्रमाणित किया है।

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डॉ. मोहन यादव ने प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए सीधी कलेक्टर और गुना के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को उनके पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई मैदानी स्तर पर मिल रही शिकायतों और हालिया घटनाक्रम के आधार पर की गई।

मुख्यमंत्री के इस निर्णय का पूर्व गृहमंत्री एवं विधायक भूपेन्द्र सिंह ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए इस प्रकार के कठोर फैसले जरूरी होते हैं। इससे जनता का विश्वास शासन-प्रशासन में और मजबूत होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि लापरवाही और अनियमितता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा जनहित सर्वोपरि है।



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