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योगाचार्य विष्णु आर्य सहित सात वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को "अटल कार्यकर्ता " सम्मान

योगाचार्य विष्णु आर्य सहित सात वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को "अटल कार्यकर्ता " सम्मान 



तीनबत्ती न्यूज : 23 फरवरी, 2026

सागर: अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी (2025-26) के उपलक्ष्य में 'अटल स्मृति मंच के' द्वारा मध्य प्रदेश में अटल कार्यकर्ता सम्मान कार्यक्रम के तहत बीजेपी युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और अटल स्मृति समिति के प्रमुख धीरज पटेरिया ने सागर के वरिष्ठ कार्यकर्ता और योगाचार्य विष्णु आर्य, विक्रम मौर्य, गयारशी प्रसाद भट्ट राजकुमार भट्ट, कन्हैया लाल जड़िया, सूरज चौरसिया, नंद किशोर चौरसिया और राम प्रसाद विश्वकर्मा को उनके निवास पर जाकर सम्मानित किया। सम्मान पत्र का वाचन भाजपा के प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट प्रदीप राजौरिया ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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सागर: योगाचार्य विष्णु आर्य को अटल कार्यकर्ता सम्मान से नवाजा गया

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अटल स्मृति समिति के धीरज पटेरिया ने बताया कि अटल जी की जन्म शताब्दी वर्ष में अटल कार्यकर्ता सम्मान यात्रा निकाली जा रही है। जिसमें जनसंघ के समय के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, मीसाबंदियों को रजत पत्र, शाल और श्रीफल से घर-घर जाकर सम्मानित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भाजपा की विचारधारा को जीवित रखने वाले वरिष्ठों को नमन करता है।


इस मौके पर योगाचार्य विष्णु आर्य ने कहा कि यह सम्मान उनको गौरांवित करने वाला है। भाजपा अपनी पार्टी के संघर्ष से जुड़े कार्यकर्ताओं का सम्मान करने का सराहनीय प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा अटल जी के बताए मार्ग पर चल रही है ।

ये रहे शामिल

अटल कार्यकर्ता सम्मान के अवसर पर वरिष्ठ नेता रामकुमार साहू, भाजपा मंडल अध्यक्ष सौरभ केसरवानी, पार्षद याकृति जड़िया, द्वारका भट्ट, पंकज भट्ट द्वारका भट्ट,  पुष्पेंद्र सिंह यादव सहित पार्टी के कार्यकर्ता और अटल स्मृति समिति की टीम के सदस्य मौजूद रहे।

धीरज पटेरिया  के सागर आगमन पर स्वागत किया 


भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री धीरज पटेरिया के सागर आगमन पर भाजपा के प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट प्रदीप राजोरिया जी के निवास भव्य  स्वागत किया गया इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे




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खुरई, मालथौन और बांदरी के शासकीय कालेजों में नये पाठ्यक्रमों, स्टाफ व स्पोर्ट्स कांप्लेक्स पर ध्यानाकर्षण में चर्चा, उच्च शिक्षा मंत्री ने सहमति जताई

खुरई, मालथौन और बांदरी के शासकीय कालेजों में नये पाठ्यक्रमों, स्टाफ व स्पोर्ट्स कांप्लेक्स पर ध्यानाकर्षण में चर्चा, उच्च शिक्षा मंत्री ने सहमति जताई


तीनबत्ती न्यूज : 23 फरवरी। 2026

सागर। पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने आज विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से खुरई विधानसभा क्षेत्र के खुरई, मालथौन व बांदरी शासकीय महाविद्यालयों में संकाय व विषय बढ़ाने, स्टाफ बढ़ाने, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने की मांग की। उन्होंने खुरई शासकीय महाविद्यालय में विधि संकाय एवं बीएड प्रारंभ करने की मांग भी की। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अपने उत्तर में श्री भूपेन्द्र सिंह द्वारा उठाई गई ज्यादातर मांगों पर अपनी सहमति प्रदान करते हुए अगले सत्र से पाठ्यक्रम प्रारंभ करने तथा जगह की उपलब्धता होने पर जल्द ही स्पोर्ट्स कांप्लेक्स स्वीकृत करने का आश्वासन दिया है।

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ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि खुरई महाविद्यालय में स्नातक में 1714 तथा स्नातकोत्तर में 363 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। खुरई कालेज में स्टेडियम नहीं है, भवन में भी कठिनाई है। यहां विज्ञान संकाय में वनस्पतिशास्त्र, रसायनशास्त्र, प्राणी शास्त्र, भौतिक शास्त्र तथा कला संकाय के अंग्रेजी साहित्य विषय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम एवं वाणिज्य संकाय में स्नातक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने की आवश्यकता है। इसके अलावा विधि संकाय में नवीन पाठ्यक्रम व बीएड भी आरंभ किए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि मालथौन शासकीय महाविद्यालय में 1700 छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं जिन्हें नवीन पाठ्यक्रमों की आवश्यकता है। उन्होंने मालथौन शासकीय महाविद्यालय में हिंदी, ज्योग्राफी, राजनीति विज्ञान, इतिहास तथा विज्ञान संकाय में वनस्पति विज्ञान, दूदाजी में पोस्ट ग्रेजुएशन कक्षाओं की आवश्यकता है। बांदरी शासकीय महाविद्यालय की स्थिति बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां कुल 900 छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं जिन्हें वाणिज्य संकाय में स्नातक तथा कला संकाय में पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने की आवश्यकता है।


पूर्व गृहमंत्री खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने ध्यानाकर्षण में कहा कि मालथौन शासकीय महाविद्यालय में 15 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 10 पद रिक्त हैं तथा बांदरी महाविद्यालय में 19 स्वीकृत पदों में से 14 पद रिक्त हैं जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है जिससे उन पर आर्थिक बोझ आता है।


उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदरसिंह परमार ने उक्त बिंदुओं पर अपने उत्तर में कहा कि स्ववित्तीय योजना में सरकार या विभाग से अनुमति की जरूरत नहीं है। 2023 में इस आशय का संशोधन कर दिया गया है। प्राचार्य ही संकाय में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ कर सकते हैं। इन महाविद्यालयों में नवीन विषय, संकाय प्रारंभ करने के लिए प्राचार्य ही सक्षम है। इसके लिए प्राचार्यों को उचित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया जा रहा है। मंत्री श्री परमार ने बताया कि शासकीय महाविद्यालयों खुरई, मालथौन व बांदरी में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु कार्यवाही करते हुए वर्ष 2025 में शास महाविद्यालय खुरई में 01 सहायक प्राध्यापक, बांदरी में 01 सहायक प्राध्यापक तथा मालथौन में 02 सहायक प्राध्यापकों को पदस्थ किया गया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से प्राप्त वर्ष 2022 की 2053 अभ्यर्थियों, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल तथा क्रीड़ा अधिकारी की चयन सूचियों के आधार पर नियुक्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इन महाविद्यालयों में अधोसंरचना विकास, नये विषय एवं संकाय प्रारंभ करने तथा रिक्त पदों की पूर्ति हेतु नियमानुसार वित्तीय संसाधनों के अनुसार कार्यवाही और वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मंत्री श्री इंदरसिंह परमार ने बताया कि इन तीनों महाविद्यालयों का हमने परीक्षण करा लिया है। जो कुछ विषय यहां से शुरू कराना होगा वह यहां से कराने की तैयारी कर रहे हैं, बाकी कुछ हम स्ववित्तीय योजना से संचालित कर सकते हैं उसमें हमने प्राचार्यों को निर्देशित किया है। रिक्त पदों पर हम भर्ती कर रहे हैं लेकिन उसकी वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पूरी पात्रता रखने वाले अतिथि विद्वानों की व्यवस्था की गई है।


उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदरसिंह परमार ने अपने उत्तर में कहा कि खुरई महाविद्यालय में उपलब्ध जमीन में भवन के बाद जो खाली स्थान बचा है उसका हम परीक्षण करा रहे हैं यदि वहां स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बन सकता है तो जरूर बनाएंगे। समयावधि पर उन्होंने कहा कि जो विषय प्रारंभ करने के लिए प्राचार्यों को अधिकार हैं वह खोल सकते हैं, भोपाल से अनुमति देने की जरूरत नहीं है लेकिन प्राचार्यों ने नहीं किया है तो हम उनसे पूछेंगे। उनको कठिनाई होगी तो उनका निराकरण करेंगे, जो हम यहां से कर सकते हैं यहां से भी करेंगे। शासन स्तर से हमने काफी काम किया है उनको हम समयावधि में करेंगे ताकि अगले सत्र से वहां पर हम पाठ्यक्रम शुरू करा सकें। यदि जगह मिल गई है तो हम बहुत जल्दी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स स्वीकृत कर देंगे।



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विधानसभा :विधायक शैलेंद्र जैन ने तेंदूपत्ता उद्योग , सिटी फॉरेस्ट के मेंटेनेंस, चिड़ियाघर निर्माण,दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र ,अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रावासों का मुद्दा उठाया

विधानसभा :विधायक शैलेंद्र जैन ने तेंदूपत्ता उद्योग , सिटी फॉरेस्ट के मेंटेनेंस, चिड़ियाघर निर्माण,दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र ,अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रावासों का



मुद्दा उठाए


तीनबत्ती न्यूज: 23 फरवरी, 2026
सागर।मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने मांग संख्या 10 के तहत वन विभाग पर बोलते हुए कहा कि किसी भी राज्य की तरक्की उसकी वन संपदा से जुड़ी होती है। मध्य प्रदेश देश का वन संपदा के मामले में अग्रणी राज्य है और हमारी जिम्मेदारी भी अधिक है।

बजट का प्रावधान जरूरी

उन्होंने कहा कि सागर और अन्य शहरों के आसपास स्थित वन क्षेत्रों को "सिटी फॉरेस्ट" के रूप में उन्नत किया गया है, और प्रदेश में 94 सिटी फॉरेस्ट बनाए गए हैं, जो देश में सबसे पहले स्थान पर हैं। इन सिटी फॉरेस्ट्स का कार्य शहरों के फेफड़ों और ऑक्सीजन बैंक के रूप में होता है, लेकिन इनके मेंटेनेंस के लिए केंद्र या राज्य स्तर से बजट का कोई प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे इनका रखरखाव मुश्किल हो रहा है। विधायक श्री जैन ने इन सिटी फॉरेस्ट्स के मेंटेनेंस के लिए बजट आवंटन की मांग की।

विधायक श्री जैन ने बताया कि शासन द्वारा चिड़ियाघर निर्माण के लिए सागर और रायसेन के प्रस्ताव भेजे थे जिन्हें नेशनल जू अथॉरिटी ने इन परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है, लेकिन बजट की कमी के कारण यह काम रुक गया है। उन्होंने इसके लिए कांपा (Campa) फंड का उपयोग कर जू रेस्क्यू सेंटर बनाने का सुझाव दिया उन्होंने कहा कि इसके निर्माण से न केवल पर्यटन के क्षेत्र में विकास होगा बल्कि वन्यजीवों के रेस्क्यू सेंटर के रूप में भी एक बड़ा कार्य होगा।

तेंदूपत्ता उद्योग पर कराया ध्यान आकर्षित

इसके अलावा, विधायक जैन ने तेंदू पत्ता उद्योग के मुद्दे पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का 50% तेंदू पत्ता आपूर्ति करता है, लेकिन बीड़ी निर्माण में कमी आई है, जबकि पश्चिम बंगाल में बीड़ी निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहा है, जिससे वहां बांग्लादेश से आए हुए रोहिंग्या घुसपैठियों लोग रोजगार पा रहे हैं, जबकि मध्य प्रदेश के लोग बेरोजगारी का शिकार हो रहे हैं। इसके समाधान के लिए उद्योगपतियों को इंसेंटिव के माध्यम से प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है।

चीता प्रोजेक्ट

विधायक श्री जैन ने मध्य प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे सागर जिले के रानी दुर्गावती नौरादेही अभ्यारण्य में चीता के आगमन के बारे में भी बात की और कहा कि वहां टाइगर पहले से उपलब्ध हैं चीता के आगमन से सोने पर सुहागा होगा। इसके अलावा, उन्होंने वन समितियों को 15,608 की संख्या में बताया और कहा कि उन्हें एक बड़ा बजट उपलब्ध कराकर वन योजनाओं का पुनर्जीवन करना चाहिए।

विधायक ने यह भी कहा कि प्रदेश में सांस्कृतिक वन विस्थापन और नक्षत्र वन जैसे महत्वाकांक्षी परियोजनाएं चल रही हैं, जो प्रदेश की जैव विविधता और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा दे रही हैं।

अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रावासों का मुद्दा, सीट विस्तार व सुविधाओं को लेकर मांगी जानकारी

बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित प्रश्न क्रमांक 1576 के माध्यम से सागर विधानसभा सहित जिले में संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति बालक-बालिका छात्रावासों की व्यवस्थाओं, सीट विस्तार, प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण एवं रिक्त पदों को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।

विधायक श्री जैन ने शासन से पूछा कि क्या सागर जिले में संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों की सीट क्षमता बढ़ाने की कोई योजना है तथा यदि नहीं, तो क्या इस दिशा में विचार किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी भी मांगी।

उन्होंने यह भी जानना चाहा कि जिले के किन छात्रावासों में पुस्तकालय एवं खेल-कूद मैदान जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा जिन छात्रावासों में यह व्यवस्थाएं नहीं हैं, वहां उनकी पूर्ति के लिए शासन क्या कदम उठा रहा है। इसके अतिरिक्त छात्रावासों में स्वीकृत पदों के विरुद्ध रिक्त पदों एवं उनकी पूर्ति की कार्यवाही संबंधी जानकारी भी सदन के माध्यम से मांगी।

प्रश्न के उत्तर में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि छात्रावासों में सीट वृद्धि का निर्णय आवश्यकता एवं औचित्य स्थापित होने पर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि जनजातीय कार्य विभाग द्वारा विद्यार्थियों को JEE, NEET एवं CLAT जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु ‘आकांक्षा योजना’ संचालित की जा रही है।

मंत्री ने यह भी बताया कि छात्रावासों में पुस्तकालय, खेल मैदान एवं अन्य सुविधाओं का विस्तार आवश्यकता एवं उपलब्ध बजट के अनुसार समय-समय पर किया जाता है। वहीं छात्रावास अधीक्षक के पद प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संवर्ग के अंतर्गत आते हैं, जिनकी भर्ती कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित पात्रता परीक्षा के माध्यम से की जाती है।

दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र :का मुद्दा : 3 वर्षों में 1270 दिव्यांगों को मिला लाभ

बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग से सागर स्थित दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में दिव्यांगजनों को प्रदान की जा रही सुविधाओं, संसाधनों एवं रिक्त पदों की स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया।

विधायक श्री जैन ने जानकारी चाही कि क्या सागर स्थित दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग निर्माण एवं उनके मरम्मत/सुधार का कार्य किया जा रहा है तथा विगत तीन वर्षों में सागर विधानसभा क्षेत्र के कितने दिव्यांगों को इसका लाभ मिला है। साथ ही उन्होंने फिजियोथेरेपी, मानसिक दिव्यांगजनों की थैरेपी, स्पीच थैरेपी एवं बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी भी मांगी।

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने अपने उत्तर में बताया कि सागर स्थित दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में कृत्रिम अंगों की मरम्मत एवं सुधार का कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है। विगत तीन वर्षों में सागर विधानसभा क्षेत्र के 630 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग सुधार कार्य से लाभान्वित किया गया, जबकि कुल 1270 दिव्यांगजन विभिन्न सेवाओं से लाभान्वित हुए हैं।

मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्रों (DDRC) में कृत्रिम अंगों की मरम्मत हेतु पर्याप्त कच्चा माल एवं संसाधन उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा प्रतिवर्ष 2 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राशि के प्रस्ताव संचालनालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भारत सरकार को अनुदान प्रस्ताव भी प्रेषित किया गया है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सागर स्थित दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में वर्तमान में कुल 6 पद रिक्त हैं। इन पदों की पूर्ति जिला प्रबंधन दल (DMT) द्वारा जिला स्तर पर विज्ञप्ति जारी कर निर्धारित योग्यता के आधार पर की जाती है, जो एक सतत प्रक्रिया है।

विधानसभा में उठाए गए इस प्रश्न के माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध सेवाओं की स्थिति तथा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।

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वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में गिद्धों की संख्या का आकलन: 2536 गिद्ध मिले

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में गिद्धों की संख्या का आकलन: 2536 गिद्ध मिले


तीनबत्ती न्यूज :  23 फरवरी 2026

सागर: मध्य प्रदेश वन विभाग के निर्देशों के अनुसार, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 20 फरवरी 2026 से 22 फरवरी 2026 तक गिद्धों की संख्या का आकलन किया गया। इस आकलन का उद्देश्य टाइगर रिजर्व में गिद्धों की कुल संख्या का मूल्यांकन करना था। वर्ष 2026 के गिद्ध सर्वेक्षण के दौरान कुल सात गिद्ध प्रजातियाँ दर्ज की गईं एवं इस दौरान कुल 2536 गिद्ध संख्या दर्ज की गई। 

इनमें से सबसे अधिक संख्या भारतीय गिद्ध (लॉन्ग बिल्ड गिद्ध) की थी, उसके बाद व्हाइट रंप्ड गिद्ध की। इजिप्शियन गिद्ध की संख्या मध्यम थी, जबकि लाल सिर वाले गिद्ध की संख्या कम थी। यूरेशियन ग्रिफॉन, हिमालयन ग्रिफॉन और सिनेरियस गिद्ध जैसी प्रवासी प्रजातियाँ भी टाइगर रिजर्व में दर्ज की गईं।

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सागर की 104 कम्पोजिट शराब दुकानों के ई-टेण्डर होंगे

सागर की 104 कम्पोजिट शराब दुकानों के ई-टेण्डर होंगे


तीनबत्ती न्यूज :  23 फरवरी 2026

सागर: सहायक आयुक्त आबकारी सागर ने बताया कि मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) कमांक 45 दिनांक 20.02.2026 में प्रकाशित आबकारी ठेका व्यवस्था वर्ष 2026-27 के परिप्रेक्ष्य में सागर जिले की 104 कम्पोजिट मदिरा दुकानों का ई-टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई-टेण्डर कम ऑक्शन) के माध्यम से किया जाएगा। मदिरा दुकानों की निष्पादन प्रक्रिया में भाग लेने हेतु आवेदक का ई-आबकारी पोर्टल पर कॉट्रेक्टर माडयूल रजिस्ट्रेशन अंतर्गत पंजीयन होना अनिवार्य है। मदिरा दुकानों की निष्पादन प्रक्रिया में भाग लेने वाले आवेदक पेन कार्ड, जी.एस.टी. (जहाँ लागू हो), बैंक खाता, पहचान संबंधी दस्तावेज एवं शपथ पत्र ई-आबकारी पोर्टल पर अपलोड कर कॉट्रेक्टर रजिस्ट्रेशन हेतु आवेदन कर सकते है ।

मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दी है, जिसमें शराब दुकानों को 2 से 5 के छोटे समूहों में ई-टेंडर के माध्यम से आवंटित किया जाएगा। राजस्व बढ़ाने के लिए दुकानों की आरक्षित कीमत में 20% की बढ़ोतरी की गई है और शराब महंगी होने की संभावना है। इस वर्ष किसी नई शराब दुकान को नहीं खोला जाएगा, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में बदलाव कर सिंडिकेट को खत्म करने पर जोर दिया गया है।

मध्यप्रदेश आबकारी विभाग ठेका 2026-27 के प्रमुख बिंदु:

ई-टेंडर/ई-ऑक्शन: शराब दुकानों का आवंटन 3,553 दुकानों के लिए पारदर्शी ई-टेंडर और ई-ऑक्शन से किया जाएगा।

छोटे समूह: दुकानों को बड़े समूह की जगह 2 से 5 के छोटे समूहों में बांटा गया है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

आरक्षित मूल्य में वृद्धि: शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस में वर्तमान मूल्य से 20% तक की वृद्धि की जाएगी।

नवीनीकरण (Renewal): इस बार शराब दुकानों के नवीनीकरण की संभावना काफी कम है, और सभी को नीलामी प्रक्रिया से गुजरना होगा।

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नई परिवहन नीति के खिलाफ बस ऑपरेटरो का आंदोलन : 02 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

नई परिवहन नीति के खिलाफ बस ऑपरेटरो का आंदोलन : 02 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

तीनबत्ती न्यूज : 22 फरवरी, 2026

सागरमध्यप्रदेश में 'मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा योजना' लागू होने से पहले ही प्रदेश के निजी बस संचालकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।रविवार को सागर के कर्रापुर स्थित एक निजी होटल में प्रदेशभर के बस ऑपरेटरों का सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें अलग-अलग जिलों के बस संचालक शामिल हुए। वर्तमान में बस ऑपरेटर्स ने निर्णय लिया है कि वे अगले एक से दो दिनों में सरकार और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखेंगे और यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 2 मार्च से प्रदेश के सभी बस ऑपरेटर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

400 से अधिक प्रतिनिधि हुए शामिल

मध्यप्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के सानिध्य में प्रदेश के 55 जिलों के 400 से अधिक बस ऑपरेटर्स एवं 55 जिलों के अध्यक्ष, प्राइम रूट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा, मध्यप्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में सम्मेलन का शुभारम्भ हुआ। शासन की परिवहन नीति के ख़िलाफ़ प्रदेश से आये जिला प्रमुखों ने मुखरता से अपने विचार व्यक्त किये।सभी ने प्रशासन द्वारा लाई जा रही दमनकारी नीति का विरोध किया। शासन जो प्राइवेट बस ऑपरेटरो को मोटर मालिक से किराएदार बनाने की योजना बनना कर प्रदेश में राष्ट्रीकरण करना चाहा रहा है इससे संचालित प्राइवेट बस ऑपरेटर का व्यवसाय समाप्त हो जाएगा ।इस संबंध में उपस्थित प्रदेश के सभी ऑपरेटरो ने निर्णय लिये।


ये मांगे है

▪️दिनाक 24 दिसंबर 2025 को राजपत्र में संशोधन का प्रारूप प्रकाशित किया गया है, उसे वापस ले कर समाप्त किया जाए ।

2. दिनाक 29/01/2026 को राजपत्र में किया गया संशोधन प्रकाशित किया गया है, उसे पूर्ण रूप से समाप्त किया जाए ।

3. वर्तमान में जिस व्यवस्था के साथ प्रदेश में बस संचालन किया जा रहा है, उसे यथावत रखा जाए ।

आंदोलन होगा नीति के खिलाफ

उक्त मांगो को शीघ्र मान कर जनहित में निर्णय ले अन्यथा प्रदेश के समस्त बस ऑपरेटर अपनी यात्री बसों को खड़ी कर दिनाक 2 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जावेगे ।  सम्मेलन का संचालन जयकुमार जैन महामंत्री,वीरेंद्र साहू (जबलपुर) ने किया एवं अशोक श्रीवास्तव,अतुल दुबे ने आभार माना ।

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Sagar News: स्कूल रिसेप्शन पर यूनिफार्म मॉडल प्रदर्शित करें, ओपन मार्केट में कहीं से भी खरीदें किताब, यूनिफार्म ▪️फीस नहीं बढ़ाने स्कूल संचालकों की सहमति ▪️जिला प्रशासन और निजी स्कूल संचालकों की बैठक

Sagar News: स्कूल रिसेप्शन पर यूनिफार्म मॉडल प्रदर्शित करें, ओपन मार्केट में कहीं से भी खरीदें किताब, यूनिफार्म

▪️फीस नहीं बढ़ाने स्कूल संचालकों की सहमति 

▪️जिला प्रशासन और निजी स्कूल संचालकों की बैठक


तीनबत्ती न्यूज : 22 फरवरी, 2026

सागर: जिला प्रशासन और निजी स्कूल संचालकों के बीच हुए एक महत्वपूर्ण संवाद के बाद सागर जिले के अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बैठक में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुलभ और छात्र-हितैषी बनाने हेतु कई निर्णय लिए गए।

कहीं से भी खरीदे किताबें और यूनिफॉर्म

अक्सर अभिभावकों की शिकायत रहती है कि उन्हें विशेष दुकानों से ही महंगी किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है परंतु , अब ऐसा नहीं होगा। अभिभावक अब अपनी सुविधा अनुसार बाजार की किसी भी दुकान से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं।



डिस्प्ले मॉडल: प्रत्येक स्कूल को अपने रिसेप्शन पर यूनिफॉर्म का एक 'सैंपल मॉडल' प्रदर्शित करना होगा, ताकि अभिभावक कपड़े की गुणवत्ता और रंग का मिलान कर बाहर से उचित दाम पर सामग्री ले सकें।

'बुक एक्सचेंज' और 'पुस्तक मेला': बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण

महंगी किताबों के बोझ को कम करने के लिए जिले के स्कूलों में 'बुक एक्सचेंज प्रोग्राम' शुरू किया जाएगा। इसके अंतर्गत स्कूलों में 'पुस्तक मेलों' का आयोजन होगा, जहाँ वरिष्ठ छात्र अपनी पुरानी किताबें जूनियर छात्रों को दे सकेंगे। इससे न केवल गरीब छात्रों की मदद होगी, बल्कि कागजों की बचत के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त ऐसे विद्यार्थी जो अपनी पुस्तक किसी अन्य विद्यार्थी को भेंट या दान स्वरूप दे रहे हैं उसे विद्यालय परिवार प्रमाण पत्र या बैज आदि के माध्यम से अप्रिशिएसन लेटर  जारी कर उसका उत्साहवर्धन करें।

फीस नहीं बढ़ाने पर सहमति

बैठक में कलेक्टर  संदीप जी आर के विशेष प्रयासों और संवेदनशीलता के चलते शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों की फीस में  बढ़ोतरी नहीं करने पर  स्कूल संचालकों ने सहमति दी। बता दें कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम करने और स्कूल प्रबंधन के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री संदीप जी आर क्रमशः सभी स्टेकहोल्डर्स (हितधारकों) के साथ बैठक कर रहे हैं। 

'उड़ान योजना': स्कूल कैंपस में ही मिलेगी NEET और JEE की कोचिंग

कलेक्टर की सबसे महत्वाकांक्षी पहलों में से एक 'उड़ान योजना' है। इसके तहत जिले के मेधावी छात्रों को स्कूलों में ही नीट (NEET) और आईआईटी-जेईई (IIT-JEE) जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों के अभाव में सागर का कोई भी बच्चा अपने सपनों से पीछे न रहे।

समन्वय से होगा सुधार

बैठक के दौरान कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य स्कूल संचालकों के साथ बातचीत कर एक ऐसा वातावरण बनाना है जहाँ शिक्षा का व्यवसायीकरण रुके। उन्होंने कहा कि शिक्षक, स्कूल संचालक और अभिभावक एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जब इन सभी के बीच बेहतर तालमेल होगा, तभी हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल होगा। हम शिक्षा को सुलभ और  विद्यार्थियों के लिए एक सकारात्मक माहौल  उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

ये रहे मौजूद

बैठक में पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल, जिला पंचायत सीईओ  विवेक केवी, एसडीएम  अमन मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन, डीपीसी श्री गिरीश मिश्रा सहित समस्त निजी विद्यालयों के संचालक उपस्थित थे।

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Sagar News : राष्ट्रीय नाट्य समारोह के तीसरे दिन पारंपरिक लोकनृत्य ‘राई’ और लोकनाट्य ‘स्वांग’ की प्रस्तुति

Sagar News : राष्ट्रीय नाट्य समारोह के तीसरे दिन पारंपरिक लोकनृत्य ‘राई’ और लोकनाट्य ‘स्वांग’ की प्रस्तुति


तीनबत्ती न्यूज : 22 फरवरी, 2026
सागर
: डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में उत्तर-मध्यक्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, प्रयागराज, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं विश्वविद्यालय सांस्कृतिक परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 20 फरवरी से 24 फरवरी 2026 को पाँच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है । 
इस पांच दिवसीय आयोजन की परिकल्पना सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के निदेशक सुदेश शर्मा द्वारा की गई है जिसे विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक परिषद् के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया जा रहा है ।
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नाट्य समारोह के तीसरे दिन प्रातःकालीन सत्र में बुंदेली अंचल की सांस्कृतिक पहचान ‘राई’ और ‘स्वांग’ पर विशेष संवाद एवं प्रस्तुति का आयोजन किया गया । जिसमें लोक परंपराओं की ऐतिहासिकता, सामाजिक सरोकार और समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तृत चर्चा हुई। सामाजिक, सांस्कृतिक एवं रंगमंचीय संस्थान, गोरखपुर के निदेशक नारायण पाण्डेय ने लोक कलाकार संतोष पाण्डेय को स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। सागर के विख्यात राई कलाकार एवं पद्मश्री स्वर्गीय रामसहाय पाण्डेय के सुपुत्र  संतोष पाण्डेय की टीम ने लोकनृत्य ‘राई’ और लोकनाट्य ‘स्वांग’ की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में पारंपरिक वेशभूषा, लोकसंगीत और जीवंत अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया ।




कोई भी कला निम्न नहीं होती, हर कला समाज की धरोहर होती है 

कार्यक्रम के उपरांत पद्मश्री स्वर्गीय राम सहाय पांडेय के सुपुत्र संतोष पांडेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी कला निम्न नहीं होती, हर कला समाज की धरोहर होती है। उन्होंने राई लोकनृत्य की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के वंचित वर्गों ने हमारी संस्कृति को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके लिए हम सभी को उनका आभार व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने संस्कृति संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोकनृत्य ‘राई’ केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की सामाजिक चेतना और लोकजीवन की अभिव्यक्ति है। इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि सदियों पुरानी है और यह ग्रामीण जीवन, उत्सवों तथा सामाजिक परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है। 



उन्होंने बताया कि ‘स्वांग’ लोकनाट्य की एक सशक्त विधा है, जिसकी प्रस्तुति शैली संवाद, गीत और अभिनय के माध्यम से समाज को संदेश देती रही है। बदलते समय में भी इन लोक विधाओं की प्रासंगिकता बनी हुई है, आवश्यकता है कि नई पीढ़ी इन्हें समझे और संरक्षित करे। गोरखपुर से आए नाट्य कलाकारों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए लोकनृत्य और नाट्य प्रस्तुति को समृद्ध किया।



डॉ. राकेश सोनी ने राई लोकनृत्य एवं स्वांग के विषय के बारे विस्तार से बताया. डॉ. नीरज उपाध्याय ने बुन्देली लोक नाट्य और लोक नृत्य के संक्षिप्त इतिहास और उसकी समृद्ध परम्परा के बारे में जानकारी देते हुए कार्यक्रम का संचालन और संयोजन किया. लोकनृत्य की रंगारंग प्रस्तुति ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद शिक्षकों, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया। यह सत्र विद्यार्थियों, कलाकारों और संस्कृति से जुड़े लोगों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक परिषद परिसर में यह कार्यक्रम प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से आयोजित किया जा रहा है, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं। 



कार्यक्रम में डॉ. शशि कुमार सिंह, अल्ताफ मुलानी, डॉ. विवेक जायसवाल, डॉ. संजय शर्मा सहित कई शिक्षकों के साथ-साथ संगीत, पत्रकारिता, रंगमंच विभाग एवं विश्वविद्यालय के कई विभागों के विद्यार्थी उपस्थित रहे ।  कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ. राकेश सोनी एवं डॉ. नीरज उपाध्याय ने किया ।
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