सागर में अब स्वस्थ रहना भी हुआ महंगा: खेल परिसर में वॉक करने वालों पर लगा शुल्क, लोगों में भारी असंतोष
तीनबत्ती न्यूज : 06 अगस्त, 2026
सागर। कहते हैं कि पैदल चलना या टहलना ,मॉर्निंग/इवनिंग वॉक आदि स्वस्थ रहने का सबसे आसान, सुलभ और प्राकृतिक तरीका है। लेकिन सागर शहर में अब सेहत बनाने का यह साधारण माध्यम भी आम नागरिकों की जेब पर भारी पड़ने वाला है। जिला खेल एवं युवा कल्याण कार्यालय, सागर द्वारा खेल परिसर (स्टेडियम) में प्रवेश और विभिन्न सुविधाओं के उपयोग के लिए नई शुल्क व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें पहली बार केवल वॉक (टहलने) आने वाले लोगों को भी शुल्क के दायरे में शामिल किया गया है। इस आदेश की शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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खेल परिसर के गेट पर लगा पर आदेश का बोर्ड
खेल परिसर के गेट पर लगाए सूचना बॉर्ड के अनुसार, कलेक्टर एवं खिलाड़ी प्रशिक्षक समिति, सागर के अध्यक्ष के अनुमोदन के बाद नई शुल्क व्यवस्था लागू की गई है। आदेश सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों, बुजुर्गों और खेल प्रेमियों में नाराजगी देखी जा रही है।
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क्या हैं नई दरें और नियम?
1 अगस्त 2026 से प्रभावी आदेश के तहत इंडोर और आउटडोर खेल परिसरों के लिए निम्न शुल्क निर्धारित किए गए हैं—
- एकमुश्त पंजीयन शुल्क: ₹500 (केवल एक बार)
- मासिक मेंटेनेंस शुल्क: ₹300 प्रति माह
- प्रवेश कार्ड शुल्क: ₹10
यह शुल्क एथलेटिक्स, बैडमिंटन, जिम्नास्टिक, बास्केटबॉल सहित अन्य खेलों का अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के साथ-साथ सिंथेटिक ट्रैक और ग्राउंड में केवल मॉर्निंग या इवनिंग वॉक करने आने वाले आम नागरिकों पर भी लागू होगा।
1 से 5 तारीख के बीच जमा करना होगा शुल्क
आदेश के अनुसार प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच मेंटेनेंस शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। बिना सदस्यता कार्ड के परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। साथ ही बाहरी जूतों के साथ प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। परिसर को नुकसान पहुंचाने या अनुशासनहीनता की स्थिति में सदस्यता निरस्त की जा सकती है।
2 हजार से अधिक लोगों पर पड़ेगा असर
सागर खेल परिसर में प्रतिदिन सुबह-शाम करीब दो हजार से अधिक बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और अन्य नागरिक मॉर्निंग वॉक, दौड़ और व्यायाम के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में खिलाड़ी नियमित अभ्यास के लिए भी स्टेडियम आते हैं। अब तक वॉक के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता था।
नई व्यवस्था के तहत ₹500 पंजीयन और ₹300 मासिक शुल्क लागू होने से मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी सामान्य गतिविधि पर शुल्क लगाना उचित नहीं है।
राहत की मांग
शहरवासियों और विभिन्न खेल संघों ने जिला प्रशासन एवं खेल विभाग से मांग की है कि—
- बुजुर्गों और केवल वॉक करने वाले नागरिकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा जाए या नाममात्र का शुल्क लिया जाए।
- आर्थिक रूप से कमजोर एवं उभरते खिलाड़ियों को शुल्क में विशेष छूट दी जाए, ताकि आर्थिक कारणों से उनकी खेल प्रतिभा प्रभावित न हो।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद मुख्य प्रवेश द्वार पर सदस्यता कार्ड की जांच को लेकर कई बार बहस और विवाद की स्थिति भी सामने आ रही है।
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फिलहाल शुल्क वसूली पर मौखिक रोक
मामले ने तूल पकड़ने के बाद कई नागरिकों और खिलाड़ियों ने जिला खेल अधिकारी शर्मिला डाबर से संपर्क किया। जिला खेल प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष संतोष दुबे ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में जिला खेल अधिकारी से चर्चा की। उनके अनुसार, जिला खेल अधिकारी वर्तमान में गुना प्रवास पर हैं और उन्होंने फिलहाल शनिवार तक इस व्यवस्था पर मौखिक रूप से रोक लगाने की बात कही है।
संतोष दुबे के अनुसार, जिला खेल अधिकारी ने कहा है कि वे सोमवार को सागर लौटने के बाद खिलाड़ियों और संबंधित पक्षों से चर्चा करेंगी तथा उसके बाद इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।