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• सोशल मीडिया पर हथियारो के साथ फोटो ने पकड़ाया 3 करोड़
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धानुक समाज के प्रतिभावान छात्र छात्राओं को पहली बार मिला सम्मान
• धानुक समाज का बडतुआं में बनेगा भवन : विधायक प्रदीप लारिया
• धानुक समाज अध्यक्ष डॉ बृजेश बैन की अध्यक्षता में हुआ वृहद कार्यक्रम
तीनबत्ती न्यूज: 16 अगस्त ,2026
सागर। धानुक समाज सागर द्वारा रविवार को प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के सम्मान के लिए वृहद कार्यक्रम आयोजित किया गया। धानुक समाज सागर के अध्यक्ष डॉ. बृजेश बैन की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा 8वीं, 10वीं और 12वीं के प्रतिभावान विद्यार्थियों को पहली बार प्रतिभा सम्मान प्रदान किया गया। अतिथियों ने छात्र-छात्राओं को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
बढ़तुमा में बनेगा भवन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया ने धानुक समाज के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए सागर नगर से लगे बढ़तूमा में समाज के सामुदायिक भवन के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने प्रतिभावान विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज के उत्थान का सबसे बड़ा माध्यम है। आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं। समाज द्वारा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे इस प्रयास की उन्होंने सराहना की।
कार्यक्रम में कुशवाहा बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रभुदयाल पटेल, सागर विश्वविद्यालय की डीन प्रोफेसर श्रीमती चंदा बैन, डिक्की मध्यप्रदेश के चेयरमैन डॉ. अनिल सरवैया, भाजपा एससी मोर्चा के उपाध्यक्ष श्री अमित कच्छवाह सहित समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।
मां सरस्वती की पूजा से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद धानुक समाज सागर के अध्यक्ष डॉ. बृजेश बैन ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम के उद्देश्य एवं समाज की गतिविधियों की जानकारी दी।
8वीं, 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों का सम्मान
प्रतिभा सम्मान समारोह में कक्षा 8वीं, 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले धानुक समाज के छात्र-छात्राओं को अतिथियों एवं समाज अध्यक्ष के सानिध्य में ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। पहली बार आयोजित इस प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में उत्साह देखने को मिला।
शिक्षा को समाज के विकास का आधार बताया
विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि समाज के विकास और उत्थान के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने धानुक समाज और अध्यक्ष डॉ. बृजेश बैन के प्रयासों की सराहना की तथा बढ़तूमा में समाज के सामुदायिक भवन के निर्माण की घोषणा की।
कुशवाहा बोर्ड के अध्यक्ष प्रभुदयाल पटेल ने अपने संबोधन में रोजगार से संबंधित विभिन्न अवसरों की जानकारी दी और युवाओं को उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
सागर विश्वविद्यालय की डीन डॉ. चंदा बैन ने सामाजिक उत्थान में शिक्षा की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज के बच्चों को उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
वहीं डिक्की मध्यप्रदेश के चेयरमैन डॉ. अनिल सरवैया ने रोजगार एवं स्वरोजगार के छोटे-छोटे अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में बताते हुए समाज के युवाओं को इनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाली खिलाड़ी के पिता का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो खेल में रजत पदक प्राप्त करने वाली खिलाड़ी यामिनी मौर्य के पिता श्री हरिओम मौर्य का भी शाल, श्रीफल एवं सम्मान सामग्री भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर उनकी बेटी की उपलब्धि को समाज के लिए गौरवपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम के अंत में धानुक समाज के अध्यक्ष डॉ. बृजेश बैन ने सभी अतिथियों को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में लगभग 300 से 400 सामाजिक बंधुओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में धानुक समाज के पदाधिकारियों, वरिष्ठजनों, युवाओं एवं समाज के सभी बंधुओं का विशेष सहयोग रहा। प्रतिभा सम्मान और सामुदायिक भवन की घोषणा को समाज के लिए महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
हरियाली तीज एवं श्रीजी का हिंडोला उत्सव: भक्ति, ब्रज संस्कृति और उल्लास से सराबोर हुआ सागर
तीनबत्ती न्यूज: 16 अगस्त, 2026
सागर। धर्मश्री स्थित विधायक निवास में अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पूज्य पं. श्री इंद्रेश उपाध्याय जी महाराज के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर “हरियाली तीज एवं श्रीजी का हिंडोला उत्सव” का भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ किया गया। बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं श्रद्धालुओं ने आयोजन में शामिल होकर ब्रज की भक्ति, सनातन संस्कृति और तीज की पारंपरिक उमंग का आनंद लिया।
कार्यक्रम में सागर सांसद श्रीमती लता वानखेड़े एवं सागर विधायक शैलेन्द्र जैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वृंदावन से विशेष रूप से पधारे भजन गायक हर्ष भैया ने मधुर एवं आनंदमय भजनों की प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
भजन-कीर्तन के बीच हिंडोले में विराजमान श्रीजी के मनोहारी दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहे। वहीं फूलों की होली ने आयोजन में ब्रज की प्रेम और भक्ति की अनूठी छटा बिखेर दी। उपस्थित महिलाओं ने भजनों पर नृत्य कर उत्सव का आनंद लिया।
हरियाली तीज भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति : लता वानखेड़े
सागर सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने कहा कि हरियाली तीज जैसे पर्व हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति हैं। ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ समाज में प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीजी के हिंडोला उत्सव में शामिल होकर उन्हें अत्यंत आनंद और आध्यात्मिक अनुभूति हुई। सांसद ने कार्यक्रम की आयोजक श्रीमती अनुश्री जैन एवं उपस्थित मातृशक्ति को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
सनातन परंपराएं सामाजिक एकता की पहचान : शैलेन्द्र जैन
सागर विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा कि ब्रज की भक्ति, श्रीजी का हिंडोला, मधुर भजन और फूलों की होली ने आयोजन को विशेष बना दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन परंपराएं केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता की पहचान भी हैं।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से हमारी सांस्कृतिक परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंचती हैं।
मातृशक्ति को ब्रज की भक्ति और सनातन संस्कृति से जोड़ना उद्देश्य : अनुश्री जैन
कार्यक्रम की आयोजक श्रीमती अनुश्री शैलेन्द्र जैन ने कहा कि पूज्य पं. श्री इंद्रेश उपाध्याय जी महाराज के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर हरियाली तीज एवं श्रीजी का हिंडोला उत्सव आयोजित करना उनके लिए सौभाग्य और आत्मिक आनंद का विषय है।उन्होंने कहा कि आयोजन के माध्यम से सागर की मातृशक्ति को ब्रज की भक्ति, सनातन संस्कृति और तीज की पारंपरिक उमंग से जोड़ने का प्रयास किया गया। वृंदावन से आए हर्ष भैया के भजनों, श्रीजी के हिंडोला दर्शन और फूलों की होली ने उत्सव को अविस्मरणीय बना दिया।उन्होंने आयोजन में शामिल सभी मातृशक्ति, सखियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए सभी को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक उत्साह के साथ हरियाली तीज का पर्व मनाया। भक्ति संगीत, नृत्य, फूलों की होली और श्रीजी के हिंडोला दर्शन से पूरा परिसर भक्तिमय एवं आनंदमय बना रहा।
ये रही शामिल
इस अवसर पर जसवीर सोढ़ी, श्रीमती अमृता आनंद, निधि जैन, रितु तिवारी, मनीषा मिश्रा, रेखा मुखरया, गुरविंदर चावला, सरवीन चड्ढा, नम्रता पिंपलापुरे, तनुश्री भाटिया, नीलिमा पिंपलापुरे, मेघा दुबे, रितु सिंह, प्रीति शर्मा, प्रीति सिंह, वैशाली सोनी, मधु दरे, ज्योति सराफ, ममता जैन, माधुरी राजपूत, स्वाति हलवे, निशा शिंदे, वर्षा ठाकुर, रूप राज, श्वेता सराफ, कल्पना सोनी, मंजुश्री चौरसिया, सुनीता रैकवार, दीपाली राठौर, तृप्ति राठौर, मीरा चौबे, विनीता केशरवानी, श्वेता नेमा, रितु बघेल और रिमी राजौरिया सहित बड़ी संख्या में सामाजिक महिलाएं शामिल रहीं।
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा भाजपा कार्यालय, पार्थिव शिवलिंग निर्माण और रुद्राभिषेक से शिवमय हुआ परिसर
तीनबत्ती न्यूज: 16 अगस्त, 2026
सागर। पवित्र श्रावण मास के अवसर पर रविवार को धर्मश्री, अंबेडकर वार्ड स्थित संभागीय भाजपा कार्यालय में पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं रुद्राभिषेक का भव्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, शिव स्तुति, भजनों और ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।एक दिवसीय अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने अपने हाथों से पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया और विधि-विधान से रुद्राभिषेक कर भगवान भोलेनाथ से सुख, शांति, समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। इस दौरान महाशिवपुराण की लघु कथा का भी श्रद्धालुओं ने श्रवण किया।
अनुष्ठान पंडित केशव गिरी गोस्वामी के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रारंभ हुआ। भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का तिलक एवं पटका पहनाकर स्वागत किया।
कार्यक्रम में सांसद डॉ. लता वानखेड़े, विधायक शैलेंद्र कुमार जैन, नरयावली विधायक इंजी. प्रदीप लारिया, कुश समाज कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रभुदयाल पटेल, ग्रामीण जिलाध्यक्ष रानी पटेल, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, नगर पालिका अध्यक्ष मिहिलाल अहिरवार, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व विधायक सुधा जैन, पूर्व विधायक महेश राय, डॉ. विनोद पंथी, लीगल राइट्स काउंसिल इंटरनेशनल की प्रदेश अध्यक्ष अनुश्री जैन, पूर्व महापौर इंजी. अभय दरे, अनीता अहिरवार, भाजपा नेता आकाश सिंह राजपूत, अविराज सिंह, यशवंत राठौर सहित पार्षद, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
‘मस्तक पर चंदन, मुख में शिव-राम का वंदन और माता-पिता का नित्य अर्चन’
अनुष्ठान के दौरान पूज्य महाराज जी ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए धर्म को केवल पूजा-पद्धति तक सीमित न रखकर उसे दैनिक जीवन और आचरण में उतारने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि धर्म, सेवा, संस्कार और माता-पिता के प्रति श्रद्धा को जीवन में सर्वोच्च स्थान देना चाहिए। उन्होंने परिवार में बनने वाले भोजन में से गौ माता के लिए गुड़-रोटी निकालने, भगवान कन्हैया को भोग लगाने और मस्तक पर चंदन धारण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा— “मस्तक पर हो चंदन, मुख में हो शिव-राम का वंदन और घर में बैठे माता-पिता का हो नित्य अर्चन।”
सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज, संस्कृति, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति, परंपराओं और सनातन धर्म की जड़ों से जुड़ी रहे, इसके लिए ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन आवश्यक हैं । उन्होंने आयोजन के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी एवं कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि श्रावण मास भगवान भोलेनाथ की आराधना का विशेष अवसर है। इस पावन मास में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर विधि-विधान से आराधना एवं रुद्राभिषेक करने वाले श्रद्धालु पुण्य और सौभाग्य के भागीदार हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यालय में बड़ी संख्या में पार्थिव शिवलिंग निर्माण और रुद्राभिषेक से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। उन्होंने आयोजन के लिए जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी को साधुवाद दिया।
नरयावली विधायक इंजी. प्रदीप लारिया ने कहा कि धर्म मनुष्य को सकारात्मक ऊर्जा देने के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है। ऐसे आयोजन समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं। ग्रामीण जिलाध्यक्ष रानी पटेल ने भी आयोजन की सफलता के लिए जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी सहित पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं।
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अविराज सिंह के शिव तांडव स्तोत्र पाठ से गूंजा परिसर
अनुष्ठान के दौरान भाजपा युवा नेता अविराज सिंह ने ओजपूर्ण स्वर में श्री शिव तांडव स्तोत्र का सस्वर पाठ किया। उनके प्रभावशाली पाठ से श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। पाठ के समापन पर पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और उपस्थित लोगों ने उनका उत्साहवर्धन किया।
आयोजन की विशेषता कार्यकर्ताओं का सेवा भाव भी रहा। भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक धोती-कुर्ता पहनकर श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। दिनभर कार्यालय परिसर में वैदिक मंत्रों, शिव स्तुति, भजनों और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष की गूंज रही।
अनुष्ठान के समापन के बाद श्रद्धालुओं ने सात्विक प्रसादी ग्रहण की। भाजपा जिला मीडिकीया प्रभारी श्रीकांत जैन ने बताया कि कार्यक्रम में पार्टी के जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता, विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा सागर जिले के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
स्वतंत्र चेतना तभी सार्थक जब व्यक्ति विचार, रूढ़ियों और पूर्वाग्रहों से मुक्त हो : गवेषणा संवाद
• स्वतंत्रता दिवस पर ‘स्वतंत्र चेतना एक जीवन मूल्य’ विषय पर विचारोत्तेजक संगोष्ठी, स्वतंत्रता के साथ दायित्वबोध और प्रज्ञा को बताया आवश्यक
तीनबत्ती न्यूज, 15 अगस्त 2026
सागर । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिली वार्ड स्थित जिज्ञासा वाचनालय एवं शोध संस्थान में संस्था ‘गवेषणा’ के तत्वावधान में ‘स्वतंत्र चेतना एक जीवन मूल्य’ विषय पर विचारोत्तेजक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ व्यक्ति के वैचारिक, मानसिक और चेतनागत रूप से स्वतंत्र होने की आवश्यकता पर विस्तार से विचार रखा।
वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छंदता नहीं है, बल्कि जागरूकता, दायित्वबोध, विवेक और सही-गलत के बीच अंतर करने की क्षमता है। व्यक्ति जब रूढ़ियों, पूर्वाग्रहों और भेदभावपूर्ण मानसिकताओं से मुक्त होकर स्वयं विचार करता है, तभी स्वतंत्रता वास्तविक जीवन-मूल्य का रूप लेती है।
राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ वैचारिक स्वतंत्रता भी जरूरी
विमर्श का संचालन करते हुए गवेषणा के अध्यक्ष एवं जिज्ञासा वाचनालय के संस्थापक डॉ. मनोहर लाल चौरसिया ने कहा कि आज राजनीतिक स्वतंत्रता सभी को प्राप्त है, लेकिन सामाजिक और वैचारिक चेतना की स्वतंत्रता पर विमर्श करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र समाज की मजबूती के लिए व्यक्ति का विचारों के स्तर पर स्वतंत्र होना जरूरी है।
गवेषणा के सदस्य सारांश गौतम ने ‘स्वतंत्र’ और ‘चेतना’ दोनों शब्दों की गहराई को समझने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने ‘स्व’ और अपनी चेतना के प्रति जागरूक होना चाहिए। कबीर के “अजहु चेत गँवार” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची स्वतंत्रता तभी संभव है, जब व्यक्ति जागरूक और चेतन हो।
गवेषणा के सचिव रमेश चौरसिया ने कहा कि चेतना अपने आप में विचार का महत्वपूर्ण विषय है। चेतना के विभिन्न स्तरों पर व्यापक अध्ययन और शोध हुआ है। यह जानना भी जरूरी है कि हम स्वयं अपनी चेतना के प्रति कितने जागरूक हैं।
दायित्वबोध से जुड़ी है स्वतंत्र चेतना
डॉ. त्रिपुरारी ने स्वतंत्र चेतना को व्यक्ति के दायित्वबोध से जोड़ते हुए कहा कि हम अपने कर्तव्यों, समाज और राष्ट्र के प्रति कितने चैतन्य हैं, यही व्यक्तिगत स्तर पर स्वतंत्र चेतना का प्रमाण है।
सामाजिक रूढ़ियों पर सवाल उठाते हुए फिजियोथेरेपिस्ट रुचि श्रीवास्तव ने ‘कन्यादान’ जैसे प्रचलित शब्दों पर प्रश्न खड़ा किया। उन्होंने कहा कि क्या कन्या कोई वस्तु है, जिसका दान किया जाए? उन्होंने कहा कि पुरातन परंपराओं में जो त्याज्य है, उसे छोड़कर ही समाज स्वतंत्र चेतना की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
योग प्रशिक्षक बी.डी. साहू ने कहा कि धर्म, जाति और लिंग आदि के आधार पर बने भेदभावपूर्ण विचारों से ऊपर उठे बिना वास्तविक स्वतंत्रता संभव नहीं है। मनुष्य की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली मानसिकताओं से मुक्ति भी स्वतंत्रता का आवश्यक आयाम है।
डॉ. सरिता चौरसिया ने कहा, “हम स्वतंत्र हों, स्वच्छंद नहीं।” उन्होंने कहा कि स्वतंत्र निर्णय लेते समय यह चेतना भी आवश्यक है कि हमारे निर्णयों से किसी दूसरे व्यक्ति को अनावश्यक नुकसान न पहुंचे। इसे उन्होंने चेतना के उच्च स्तर का प्रमाण बताया।
रूढ़ियों और पूर्वाग्रहों से मुक्ति जरूरी
भारतीय दर्शन के संदर्भ में दर्शनशास्त्र के विद्यार्थी डॉ. शिव कुमार यादव ने कहा कि भारतीय दर्शन में चेतना के विभिन्न स्तरों पर विशेष जोर दिया गया है। रूढ़िवाद और पूर्वाग्रहों से स्वयं को मुक्त रखना ही स्वतंत्र चेतना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. सत्यनारायण देवलिया ने सनातन परंपरा और भारतीय दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता से पहले ‘स्व’ को समझना जरूरी है। यदि व्यक्ति अपने स्व और आत्मचेतना के प्रति जागृत है, तो उसके सामाजिक दायित्व और राष्ट्र के प्रति निष्ठा अधिक प्रभावी रूप से सामने आती है।
दर्शनशास्त्र के अध्येता डॉ. अभय कुमार ने कहा कि धर्म, जाति, भाषा और लिंग के भेद से ऊपर उठकर सोचने वाला व्यक्ति ही सच्चे अर्थों में राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति का प्रहरी हो सकता है।पूर्व पार्षद कैलाश चौरसिया ने स्वतंत्रता के साथ दायित्वबोध को आवश्यक बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता की आड़ में स्वच्छंदता को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति निष्ठा भी स्वतंत्र चेतना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सेवानिवृत्त उप आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग, डॉ. शिवकुमार चौरसिया ने कहा कि स्वतंत्र चेतना का संबंध व्यक्ति की प्रज्ञा से है। इसे अराजकता या मनमाने व्यवहार के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
वनस्पति वैज्ञानिक डॉ. चंदन कुमार ने कहा कि जो व्यक्ति मन से स्वतंत्र होकर नैतिक दृष्टि से चिंतन कर सकता है, वही स्वतंत्र चेतना को जीवन-मूल्य के रूप में अपना सकता है।
युवाओं के लिए विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता जरूरी
विमर्श को युवा दृष्टिकोण देते हुए जिज्ञासा की छात्रा महिमा ने कहा कि आज के युवाओं के लिए स्वतंत्र चेतना का अर्थ यह भी है कि परिवार उन्हें अपने विचार व्यक्त करने, चीजों को समझने तथा करियर और जीवन से जुड़े निर्णय लेने की पर्याप्त स्वतंत्रता दें।
असहमति के स्वागत के साथ हुआ सार्थक विमर्श
संगोष्ठी की विशेषता यह रही कि इसमें असहमतियों का भी स्वागत करते हुए स्वतंत्र और खुले विमर्श को स्थान दिया गया। उपस्थित श्रोताओं ने विषय को समकालीन जीवन से सीधे जुड़ा हुआ बताते हुए संगोष्ठी को ज्ञानवर्धक और समय का सार्थक उपयोग बताया।
कार्यक्रम के संयोजक जिज्ञासा वाचनालय के तरुण साहू, सोनू चौरसिया, अंकुर चौरसिया अरुणा चौरसिया, शोभा चौरसिया, रामकिसन चौरसिया एवं लवकेश अहिरवार ने आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई और उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
संगोष्ठी में हुए विचार-विमर्श का मूल संदेश यही रहा कि स्वतंत्रता केवल बाहरी बंधनों से मुक्ति का नाम नहीं है। विचारों की स्वतंत्रता, रूढ़ियों और पूर्वाग्रहों से मुक्ति, विवेकपूर्ण निर्णय, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी—इन सभी के समन्वय से ही स्वतंत्र चेतना एक वास्तविक जीवन-मूल्य बन सकती है।
मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर रोक, स्टॉक मिलान पूरा होने तक नहीं बिकेगी अनुदानित खाद
तीनबत्ती न्यूज : 15 अगस्त 2026
सागर। खरीफ सीजन के बीच मध्यप्रदेश सरकार ने खाद की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने 14 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर प्रदेश में 14 अगस्त की शाम 7 बजे से आगामी आदेश तक अनुदानित उर्वरक की बिक्री बंद करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग के अनुसार यह निर्णय भारत सरकार के iFMS पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के वास्तविक स्टॉक का Reconciliation (मिलान) करने के लिए लिया गया है। स्टॉक मिलान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही खाद की बिक्री दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
सभी खाद बिक्री केंद्रों पर लागू रहेगा आदेश
विभाग ने स्पष्ट किया है कि रोक की अवधि में विपणन संघ के बिक्री केंद्र, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां, एमपी एग्रो तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के केंद्रों से किसी भी प्रकार की अनुदानित खाद की बिक्री नहीं की जाएगी। सभी संबंधित संस्थाओं और बिक्री केंद्रों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टरों और अधिकारियों को दी जिम्मेदारी
खाद के स्टॉक का मिलान कराने और आदेश का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कलेक्टरों तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि iFMS पोर्टल पर उपलब्ध स्टॉक और विक्रेताओं के वास्तविक स्टॉक का मिलान कराया जाए।स्टॉक मिलान पूरा होने के बाद खाद की बिक्री को लेकर सरकार अगला निर्णय लेगी। फिलहाल सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मिलान की प्रक्रिया कितने समय में पूरी होगी और खाद की बिक्री दोबारा किस तारीख से शुरू होगी।
किसानों की बढ़ी चिंता
खरीफ सीजन में खाद की मांग के बीच बिक्री पर रोक लगने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खासकर धान सहित खरीफ फसलों की खेती करने वाले किसानों को खाद की आवश्यकता बनी हुई है। किसानों को अब सरकार के अगले आदेश का इंतजार है।
सरकार का कहना है कि स्टॉक का वास्तविक मिलान होने के बाद ही खाद वितरण व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि अनुदानित उर्वरक की उपलब्धता और वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
बारिश में भीगते नंगे पैर भक्तों के द्वार पहुंचे श्री रावतपुरा सरकार: ‘एक रोटी गाय के लिए’ अभियान से दिया गौ सेवा का संदेश
तीनबत्ती न्यूज: 15 अगस्त 2026
सागर। गौ सेवा और संस्कार को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से संत श्री रावतपुरा सरकार ने मोहन नगर वार्ड में ‘एक रोटी गाय के लिए’ पुण्य अभियान चलाया। शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे महाराज जी झोली लेकर भक्तों के द्वार पहुंचे और गौ माता के लिए एक रोटी एवं गुड़ देने का आग्रह करते हुए भिक्षा मांगी।
अभियान के दौरान बारिश शुरू हो जाने के बावजूद संत श्री रावतपुरा सरकार नंगे पैर झोली लेकर लोगों के बीच पहुंचे और गौ माता के लिए ‘एक रोटी और गुड़’ देने का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को प्रेरित किया कि वे अपने भोजन में से प्रतिदिन पहली रोटी गौ माता के लिए निकालें और गौ सेवा को दैनिक संस्कार का हिस्सा बनाएं।
इन मार्गों से होकर गुजरी यात्रा
अभियान की शुरुआत रामप्याऊ गली के सामने से हुई। इसके बाद महाराज जी विद्यापीठ स्कूल के पास भक्तों से मिले। यात्रा देवालय मंदिर वाली गली, बब्बू महाराज की मढ़िया होते हुए देवेंद्र तिगड्डा, टीला, मिश्रा कुआं और मेहताजी काली (भैया जी वैद्य) वालों की गली से होकर आगे बढ़ी।
इसके बाद यात्रा बिहारी जी मंदिर गली पहुंची, जहां से संत श्री रावतपुरा सरकार ने श्री देव अटल बिहारी जी मंदिर में दर्शन किए। मंदिर दर्शन के साथ यात्रा का समापन हुआ।
रोटी और गुड़ के साथ दिया गौ सेवा का संदेश
‘एक रोटी गाय के लिए’ अभियान का उद्देश्य केवल रोटी एकत्र करना नहीं, बल्कि समाज में गौ सेवा के प्रति जिम्मेदारी, करुणा और संवेदनशीलता का भाव विकसित करना है। अभियान के माध्यम से लोगों से आग्रह किया गया कि प्रत्येक परिवार अपने भोजन की पहली रोटी गौ माता के लिए निकाले और इस छोटे से संकल्प को नियमित सेवा का रूप दे।
मोहन नगर वार्ड में आयोजित यह अभियान धार्मिक आस्था के साथ-साथ गौ सेवा, करुणा और सामाजिक संस्कार का संदेश भी देता नजर आया।
सागर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का भव्य समारोह: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किया ध्वजारोहण
तीनबत्ती न्यूज : 15 अगस्त 2026
सागर : सागर जिले में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रदेशवासियों के नाम संदेश का सजीव प्रसारण किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए प्रदेश सरकार की योजनाओं और सुशासन के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं तथा जनविश्वास को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान शुरू किया गया है।
सागर के वीरों के योगदान को किया याद
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश एवं जिलेवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आजादी के 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा भारत अपनी 100वीं वर्षगांठ तक पूर्ण विकसित राष्ट्र के रूप में उभरेगा।
मंत्री ने सागर की ऐतिहासिक धरती को नमन करते हुए गोंड राजा संग्रामशाह, बुंदेला शासकों, मराठों तथा 1842 के बुंदेला विद्रोह से लेकर 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन तक सागर के वीरों के योगदान को याद किया। उन्होंने जिले के सर्वांगीण विकास में सभी नागरिकों से अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
आकर्षक मार्च पास्ट ने बांधा समां
समारोह में परेड कमांडर श्री रक्षित निरीक्षक एवं श्री आशीष कुमार तिवारी के नेतृत्व में सशस्त्र बल, पुलिस प्रशिक्षण शाला, एनसीसी बालक-बालिका कैडेट्स और शौर्य दल की टुकड़ियों ने आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया। वहीं लिटिल स्टार शैलेष मेमोरियल विद्यालय, सांदीपनि शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों ने समारोह में मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं लोकतंत्र सेनानियों को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जूडो में रजत पदक जीतकर सागर का नाम रोशन करने वाली खिलाड़ी यामिनी मौर्य को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा देहदान करने वाले दानदाताओं के परिजनों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों तथा सांस्कृतिक और परेड प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विजेता
स्वतंत्रता दिवस समारोह में आयोजित प्रतियोगिताओं में विभिन्न दलों ने शानदार प्रदर्शन किया।
सशस्त्र परेड श्रेणी
1. जेएनपीए सागर
2. 10वीं वाहिनी वि.स. बल सागर
3. पुलिस प्रशिक्षण शाला मकरोनिया
निशस्त्र परेड श्रेणी:
1. 11 एमपी एनसीसी बालक
2. 7 एमपी एनसीसी बालिका
3. शौर्य दल सागर
सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रेणी:
1. लिटिल स्टार शैलेष मेमोरियल विद्यालय सागर
2. सांदीपनि शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
3. शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
जिले की विकास गाथा पुस्तिका का वितरण
समारोह में जनसंपर्क संचालनालय द्वारा प्रकाशित “बदलते दौर का मध्यप्रदेश—जिले की विकास गाथा” पुस्तिका का वितरण जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और उपस्थित लोगों को किया गया। पुस्तिका में जिले के विकास कार्यों, योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की गई है।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
समारोह में सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, विधायक श्री शैलेंद्र जैन, पूर्व विधायक श्रीमती सुधा जैन, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष श्री वृंदावन अहिरवार, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सविता सिंह राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा कमिश्नर श्री अनिल सुचारी, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, डीआईजी श्री शशिंद्र चौहान, एसपी श्री अनुराग सुजानिया, जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक केवी, डीएफओ श्री वरुण यादव, नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, एसडीएम श्री रोहित वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट श्री शैलेष द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर श्री संजय जैन, सुश्री मोना दांगी सहित प्रशासनिक अधिकारी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।समारोह में देशभक्ति और राष्ट्र गौरव का उत्साह देखने को मिला। ध्वजारोहण, परेड, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह के साथ सागर में 80वां स्वतंत्रता दिवस गरिमामय ढंग से मनाया गया।
कमिश्नर अनिल सुचारी ने निवास और कार्यालय में किया ध्वजारोहण
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