Editor: Vinod Arya | 94244 37885

बीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में ‘आरब्धि 2026’ का भव्य शुभारंभ, नवप्रवेशित विद्यार्थियों को मिला मार्गदर्शन

बीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में ‘आरब्धि 2026’ का भव्य शुभारंभ, नवप्रवेशित विद्यार्थियों को मिला मार्गदर्शन


तीनबत्ती न्यूज: 14अक्टूबर, 2026

सागर। बीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सिरोंजा परिसर में प्रथम वर्ष के बी.टेक. एवं बी.फार्मा. के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के लिए ‘आरब्धि 2026’ (Aarabdhih 2026) इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 5 अक्टूबर 2026 को महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से परिचित कराना और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह में बीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष संतोष कुमार जैन ‘घड़ी’, सचिव डॉ. सत्येंद्र जैन, रजिस्ट्रार डॉ. तरुण कुमार सिंह, बीटीआईपीएस के निदेशक (आर एंड डी) डॉ. संजय जैन, प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार जैन, बीटीआईआरटी के प्राचार्य डॉ. वीरेश कुमार फुस्केले तथा प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सलाहकार डॉ. सचिन चौधरी सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।



डिग्री के साथ कौशल और नैतिक मूल्यों पर जोर

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रानी अवंति बाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर के कुलगुरु प्रो. विनोद कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ज्ञानार्जन, नवाचार, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर समर्पण और परिश्रम के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

बीटी ग्रुप के अध्यक्ष संतोष कुमार जैन ‘घड़ी’ ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए संस्थान की शैक्षणिक परंपराओं, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने अच्छे संस्कारों, नैतिक मूल्यों और मेहनत को सफलता का आधार बताया।

संस्थान के सचिव डॉ. सत्येंद्र जैन ने नवाचार, रचनात्मकता और व्यावहारिक ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में शैक्षणिक ज्ञान के साथ तकनीकी दक्षता, संचार कौशल, टीमवर्क और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना जरूरी है।

अनुसंधान, करियर और व्यक्तित्व विकास पर मार्गदर्शन

रजिस्ट्रार डॉ. तरुण कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संस्थान के नियमों एवं अनुशासन का पालन करते हुए व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने की सलाह दी। वहीं, बीटीआईपीएस के निदेशक (आर एंड डी) डॉ. संजय जैन ने अनुसंधान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की महत्ता बताई।

प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सलाहकार डॉ. सचिन चौधरी ने विद्यार्थियों को करियर निर्माण, उद्योगों की आवश्यकताओं और रोजगारपरक कौशल के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने प्रारंभ से ही करियर के प्रति जागरूक रहने और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

बीटीआईपीएस के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार जैन ने ‘आरब्धि 2026’ को विद्यार्थियों के जीवन की नई और सकारात्मक शुरुआत बताया। नैक प्रत्यायित तकनीकी संस्थान बीटीआईआरटी के प्राचार्य डॉ. वीरेश कुमार फुस्के ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, अनुशासन और नवाचार के माध्यम से भविष्य संवारने के लिए प्रेरित किया।

पूर्व विद्यार्थी ने साझा किए अनुभव, सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मोहा मन

कार्यक्रम में आईडीएमसी लिमिटेड में कंट्रोल सिस्टम्स इंजीनियर के पद पर कार्यरत संस्थान के पूर्व विद्यार्थी विकास रैकवार ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने और उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने की सलाह दी।

इस अवसर पर प्रथम सेमेस्टर की छात्रा पूर्वी साहू ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने समारोह में सांस्कृतिक रंग भर दिए।

‘आरब्धि’ का अर्थ नई शुरुआत है। इसी भावना के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, आपसी सहयोग और शैक्षणिक एवं व्यावसायिक चुनौतियों का सामना करने की तैयारी विकसित करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने किया। अंत में डॉ. रूपसी जैन ने आभार व्यक्त किया और आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले अतिथियों, संस्थान के पदाधिकारियों, प्राध्यापकों एवं सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

Share:

सुरखी में 10 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया मंत्री-सांसद ने

सुरखी में 10 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया मंत्री-सांसद ने

तीनबत्ती न्यूज, 14 अक्टूबर 2026

सागर। सुरखी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने ग्राम सेमरा गोपालमन, चादौनी, करैया और जैसीनगर में 10 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इन कार्यों में सड़क एवं पहुंच मार्ग, पेयजल टंकी, नाली और चबूतरा निर्माण सहित ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। इस दौरान जैसीनगर में आधार केंद्र का शुभारंभ भी किया गया।

इन विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन, पेयजल आपूर्ति और जल निकासी जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। वहीं, आधार केंद्र शुरू होने से स्थानीय लोगों को आधार संबंधी सेवाओं के लिए अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध होगी।


विकास कार्यों से बदलेगी गांवों की तस्वीर : गोविंद सिंह राजपूत

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है।


उन्होंने कहा कि सुरखी विधानसभा में हो रहे विकास कार्यों से कुछ लोगों की राजनीति प्रभावित हुई है, इसलिए भ्रमित करने वाला प्रचार किया जा रहा है। लेकिन जनता विकास कार्यों को देख रही है और योजनाओं से मिल रहे लाभ को महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, आवास और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।


मंत्री राजपूत की सोच ने बदली सुरखी की तस्वीर : सांसद लता वानखेड़े

कार्यक्रम में सांसद लता वानखेड़े ने कहा कि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के प्रयासों से सुरखी विधानसभा क्षेत्र में व्यापक स्तर पर विकास कार्य हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयास क्षेत्र को अलग पहचान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री राजपूत क्षेत्र की जनता के बीच लगातार उपलब्ध रहते हैं। जनता के साथ उनका पारिवारिक जुड़ाव और विश्वास ही विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की ताकत है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के गांव-गांव में विकास कार्य दिखाई दे रहे हैं और भाजपा सरकार की नीतियों से सुरखी की तस्वीर बदल रही है।

सड़क, पेयजल और नाली निर्माण से ग्रामीणों को राहत

सुरखी विधानसभा के विभिन्न गांवों में कराए जा रहे निर्माण कार्यों को ग्रामीण जीवन की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए मंत्री ने कहा कि अच्छी सड़कें किसानों को उपज बाजार तक पहुंचाने, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में सहूलियत देती हैं।मंत्री ने कहा कि विकास की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ आम नागरिक के दैनिक जीवन में दिखाई दे। सुरखी विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को आगे भी प्राथमिकता दी जाएगी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष रामबाबू सिंह, राजा करैया, साहब सिंह सेमरा, हरनाम सिंह, धर्मेंद्र पटेल, मंडल अध्यक्ष संतोष पटेल, उमेश गढ़ेरिया, निर्भय सिंह, नारायण पटेल, हाकम सिंह, लाखन सिंह, विश्वनाथ सिंह, सिहोनी लाल सिंह, सूरज सिंह, मदन सिंह, छोटे सिंह, गोवर्धन सिंह, डब्बू आढ़तिया, पप्पू तिवारी, प्रहलाद प्रजापति, देवेंद्र दुबे, राजकुमार सिंह, हेमंत सिंह, चंद्रभान सिंह, रामराज सिंह, राजाराम प्रजापति, निर्भय गोंड और गजभान सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


Share:

सागर में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश • शाहगढ़ और बण्डा CDPO का वेतन रोकने के निर्देश, सुपरवाइजर को नोटिस

 सागर में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

• शाहगढ़ और बण्डा CDPO का वेतन रोकने के निर्देश, सुपरवाइजर को नोटिस; शत-प्रतिशत फेस रिकग्नीशन, ABHA ID, ई-केवाईसी और DBT पूर्ण करने के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज:14 अक्टूबर 2026

सागर। जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) अपनी पूर्ण क्षमता से संचालित हों और कोई भी बेड खाली न रहे। अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल NRC में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने विभागीय कार्यों में लापरवाही और मैदानी स्तर पर प्रभावी निगरानी नहीं रखने पर शाहगढ़ एवं बण्डा के बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO) का वेतन आगामी आदेश तक रोकने के निर्देश दिए। वहीं कम वजन वाले बच्चों के सही चिन्हांकन और नियमित वजन मापने के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर शाहगढ़ की सुपरवाइजर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री भरत सिंह राजपूत, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जियो फेंसिंग क्षेत्र से ही दर्ज हो ई-उपस्थिति

कलेक्टर श्रीमती पाल ने कहा कि हितग्राहियों के स्वास्थ्य एवं पोषण की निगरानी के लिए मैदानी अमला शत-प्रतिशत होम विजिट सुनिश्चित करे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि संपर्क ऐप पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ई-उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। कार्यकर्ता आंगनवाड़ी खुलने के समय निर्धारित जियो फेंसिंग क्षेत्र में रहकर ही उपस्थिति दर्ज करें। इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को उनके क्षेत्र की जियो फेंसिंग की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

पोषण ट्रैकर पर बंद दिखाई दे रहे आंगनवाड़ी केंद्रों को तत्काल खुलवाने के लिए भी निर्देशित किया गया।

NRC में कोई बेड खाली न रहे

स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से संचालित पोषण पुनर्वास केंद्रों की बेड क्षमता और वर्तमान में उपचाररत बच्चों की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि सभी NRC पूर्ण क्षमता से संचालित किए जाएं और कोई भी बेड खाली नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने अति गंभीर कुपोषित बच्चों की त्वरित पहचान कर उन्हें NRC में भर्ती कराने तथा उन्हें समय पर उपचार और पोषण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

शत-प्रतिशत बच्चों का वजन मापने के निर्देश

कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्रों के अंतर्गत आने वाले बच्चों के वजन चिन्हांकन का कवरेज तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों का नियमित एवं सही तरीके से वजन मापा जाए, ताकि SAM, MAM और अंडरवेट बच्चों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को मिलने वाले टेक होम राशन (THR) का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं 3 से 6 वर्ष के बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके हुए भोजन (HCM) की गुणवत्ता और वास्तविक मांग के अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ पोषण ट्रैकर पर इसकी शत-प्रतिशत रियल-टाइम प्रविष्टि करने को कहा गया।

ई-केवाईसी, DBT, फेस रिकग्नीशन और ABHA ID जल्द पूर्ण हों

कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के सभी हितग्राहियों की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी, DBT, फेस रिकग्नीशन और ABHA ID का कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा चाइल्ड लाइन से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए पेंडेंसी शीघ्र शून्य करने के निर्देश दिए।

50 और 100 दिन से लंबित CM हेल्पलाइन शिकायतें एक सप्ताह में बंद हों

बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को शिकायतों की निरंतर मॉनीटरिंग करने तथा 50 और 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर संतुष्टिपूर्वक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Share:

सागर में महिला मिलिट्री पुलिस अग्निवीर भर्ती रैली का समापन • 128 बेटियों ने दौड़ में हासिल की सफलता

सागर में महिला मिलिट्री पुलिस अग्निवीर भर्ती रैली का समापन

• 204 महिला अभ्यर्थियों ने लिया हिस्सा, 128 बेटियों ने दौड़ में हासिल की सफलता



तीनबत्ती न्यूज: 14 अक्टूबर 2026

सागर। सेना भर्ती कार्यालय, ग्वालियर द्वारा इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज, सागर में आयोजित वार्षिक अग्निवीर भर्ती रैली का बुधवार को तेरहवें और अंतिम दिन महिला मिलिट्री पुलिस (WMP) भर्ती के साथ समापन हो गया। रैली में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की बेटियों ने उत्साह, अनुशासन और जज्बे के साथ हिस्सा लिया।

महिला मिलिट्री पुलिस भर्ती के अंतिम दिन कुल 204 महिला अभ्यर्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। कड़ी शारीरिक परीक्षा और प्रतिस्पर्धा के बाद 128 अभ्यर्थियों ने दौड़ में सफलता हासिल की, जो कुल अभ्यर्थियों का 62.75 प्रतिशत है। सफल अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में प्रवेश करेंगी।

01 अक्टूबर से शुरू हुई यह अग्निवीर भर्ती रैली 14 अक्टूबर तक चली। जिला प्रशासन सागर और सेना भर्ती कार्यालय, ग्वालियर के संयुक्त सहयोग से आयोजित रैली को पारदर्शी, सुचारू और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया गया।


योग्यता के आधार पर होता है सेना में चयन

सेना भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से अपील की है कि भारतीय सेना में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और मेरिट आधारित है। भर्ती में किसी भी प्रकार की दलाली, बिचौलियों या अनुचित साधनों का कोई स्थान नहीं है। अभ्यर्थी किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं और भर्ती प्रक्रिया के संबंध में केवल अधिकृत माध्यमों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।

Share:

गढ़ाकोटा में बागेश्वर धाम सरकार की सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा का भव्य स्वागत, पूर्वमंत्री गोपाल भार्गव ने की अगवानी

 गढ़ाकोटा में बागेश्वर धाम सरकार की सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा का भव्य स्वागत, पूर्वमंत्री गोपाल भार्गव ने की अगवानी

• जय श्रीराम और बागेश्वर बालाजी के जयकारों से गूंजा नगर, पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं ने किया पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का स्वागत


तीनबत्ती न्यूज: 13 अक्टूबर, 2026

गढ़ाकोटा/सागर, 13 अक्टूबर 2026। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में निकाली जा रही सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा 3.0 का मंगलवार को सागर जिले के गढ़ाकोटा पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। मध्यप्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष, पूर्व मंत्री एवं स्थानीय विधायक गोपाल भार्गव ने जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों के साथ यात्रा की अगवानी की। इस दौरान पूरा नगर जय श्रीराम और बागेश्वर बालाजी महाराज के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का स्वागत किया।


पुष्प वर्षा और आरती से हुआ स्वागत

सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा के गढ़ाकोटा पहुंचने पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। यात्रा मार्ग पर भगवा ध्वज, स्वागत द्वार और बैनर लगाए गए थे। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर और पुष्प वर्षा कर रथ यात्रा का स्वागत किया। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग यात्रा की एक झलक पाने के लिए एकत्रित हुए। जयकारों के बीच नगर का माहौल भक्तिमय नजर आया।




पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने की अगवानी

गढ़ाकोटा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं विधायक गोपाल भार्गव ने यात्रा का स्वागत कर अगवानी की। इस अवसर पर अभिषेक भार्गव, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज तिवारी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि दिनेश लहरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने रथ का पूजन किया और आरती उतारकर संतों का अभिनंदन किया।





सामाजिक समरसता और हिंदू एकता का संदेश

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में निकाली जा रही इस पांच दिवसीय रथ यात्रा का आयोजन 11 से 15 अक्टूबर तक किया जा रहा है। यात्रा का घोषित उद्देश्य हिंदू समाज में एकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना तथा जातिगत भेदभाव, छुआछूत और ऊंच-नीच जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति जनजागरण करना है।

यात्रा के माध्यम से सनातन परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समाज को एकजुट करने और राष्ट्रभावना को मजबूत करने का संदेश दिया जा रहा है। आयोजकों की ओर से भारत को दिव्य, भव्य और हिंदू राष्ट्र बनाने की परिकल्पना के प्रति भी जनजागरण को यात्रा के उद्देश्यों में शामिल किया गया है।

दो विशेष रथ बने आकर्षण का केंद्र

रथ यात्रा में विशेष रूप से तैयार किए गए रथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। इनमें एक रथ पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सवार थे, जबकि दूसरे रथ पर बागेश्वर बालाजी महाराज विराजमान थे। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं द्वारा धार्मिक जयकारे लगाए गए। जगह-जगह हनुमान चालीसा के पाठ और संतों के प्रवचनों के माध्यम से धार्मिक संदेश दिया गया।

रहली और ढाना की ओर बढ़ी यात्रा

गढ़ाकोटा में भव्य स्वागत के बाद सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा सागर जिले के रहली और ढाना की ओर आगे बढ़ी। यात्रा को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल रहा। बुंदेलखंड क्षेत्र में यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर स्वागत और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सनातन हिंदू एकता तथा सामाजिक समरसता का संदेश प्रसारित किया जा रहा है।

सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा के दौरान उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और जगह-जगह हुए स्वागत ने गढ़ाकोटा में धार्मिक उत्साह का माहौल बना दिया।

Share:

डॉ. गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिवम वर्मा और प्रज्ज्वल मिश्रा ने पोस्टर प्रस्तुतीकरण में हासिल किया द्वितीय स्थान

डॉ. गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिवम वर्मा और प्रज्ज्वल मिश्रा ने पोस्टर प्रस्तुतीकरण में हासिल किया द्वितीय स्थान


तीनबत्ती न्यूज: 13 अक्टूबर, 2026

सागर। डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर के विद्यार्थियों शिवम वर्मा और प्रज्ज्वल मिश्रा ने जैव प्रौद्योगिकी विषयक कार्यशाला में पोस्टर प्रस्तुतीकरण में द्वितीय स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है।

जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं अनुसंधान एवं विकास विभाग (DORD) के सहयोग से 5 से 9 अक्टूबर 2026 तक पांच दिवसीय कार्यशाला “जैव प्रौद्योगिकी में प्रायोगिक कौशल की मूलभूत जानकारी” आयोजित की गई। इसमें दोनों विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पोस्टर प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया। उनकी उपलब्धि पर उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

यह भी पढ़ें: डॉ गौर विवि : शिक्षाशास्त्र विभाग की बड़ी उपलब्धि, दो छात्र शोध टीमों को ICSSR से मिली परियोजना

कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रयोगात्मक कौशल, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को वैज्ञानिक गतिविधियों में सहभागिता करने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और शोध संबंधी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिला।

पढ़ने क्लिक करे : केन्द्रीय विद्यालय क्र. 4, की दो छात्राओं का राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026–27 के लिए चयन

इस उपलब्धि पर फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश के. पाटिल और शोध निर्देशक डॉ. सुशील काशव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दोनों विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक एवं शोधपरक गतिविधियां विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

______

फेसबुक पर देखने क्लिक करे

डॉ गौर विश्वविद्यालय के शिवम वर्मा और प्रज्ज्वल मिश्रा ने हासिल किया दूसरा स्थान


शिवम वर्मा और प्रज्ज्वल मिश्रा की यह सफलता उनकी मेहनत, लगन और वैज्ञानिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का परिणाम है। उनकी उपलब्धि से विश्वविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी शोध एवं शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी। विश्वविद्यालय परिवार ने दोनों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Share:

डॉ गौर विवि : शिक्षाशास्त्र विभाग की बड़ी उपलब्धि, दो छात्र शोध टीमों को ICSSR से मिली परियोजना

डॉ गौर विवि :  शिक्षाशास्त्र विभाग की बड़ी उपलब्धि, दो छात्र शोध टीमों को ICSSR से मिली परियोजना

• ₹4.90 लाख की शोध परियोजनाएं स्वीकृत, ‘युवा शोध प्रतिभा योजना’ के तहत विद्यार्थियों का चयन


तीनबत्ती न्यूज: 13 अक्टूबर, 2026

सागर। डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के शिक्षाशास्त्र विभाग के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विभाग के ITEP B.Com B.Ed. सातवें सेमेस्टर की दो छात्र शोध टीमों को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), नई दिल्ली की प्रतिष्ठित ‘ICSSR युवा शोध प्रतिभा योजना: Youth and Decolonisation’ के अंतर्गत शोध परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है। दोनों परियोजनाओं के लिए कुल 4.90 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

--------

फेसबुक पर देखने क्लिक करे

डॉ गौर विश्वविद्यालय के 2 छात्र शोध दलों को ICSSR से मिली परियोजना

यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि ITEP बैच चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम के शुरुआती बैचों में शामिल है। मध्यप्रदेश में डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का इन परियोजनाओं के लिए चयन विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध अभिरुचि और नवाचार की भावना को दर्शाता है।

यह भी पढ़ें: डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के 12 शिक्षक विश्व के टॉप 2% वैज्ञानिकों में शामिल

पहली परियोजना: विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक सहभागिता पर शोध

भूमिका चौरसिया के नेतृत्व में विदि आनंद अहिरवार और प्रियंश चढ़ार की टीम को 2.50 लाख रुपये की शोध परियोजना स्वीकृत हुई है। परियोजना का शीर्षक “Indian Philosophy-Based Psychological Intervention for Enhancing Well-being, Resilience and Academic Engagement among Secondary Students” है।

इस शोध के अंतर्गत भारतीय दर्शन पर आधारित मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेप के माध्यम से माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के कल्याण, मानसिक दृढ़ता और शैक्षणिक सहभागिता को बेहतर बनाने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा।

पढ़ने क्लिक करे : केन्द्रीय विद्यालय क्र. 4, की दो छात्राओं का राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026–27 के लिए चयन

दूसरी परियोजना: पर्यावरण संरक्षण के लिए तैयार होगा शैक्षणिक मॉड्यूल

अक्षय दुबे के नेतृत्व में तरुण रिछारिया और उन्नति राज की टीम को 2.40 लाख रुपये की शोध परियोजना स्वीकृत हुई है। इस परियोजना का शीर्षक “Developing and Testing a TEK-Based Environmental Conservation Module for Secondary School Students” है।

इस शोध के अंतर्गत TEK आधारित पर्यावरण संरक्षण मॉड्यूल विकसित करने और माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच उसकी प्रभावशीलता का परीक्षण करने पर काम किया जाएगा।

कुलपति ने दी बधाई

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नागेश दुबे ने दोनों छात्र शोध टीमों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए चयनित विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय बताते हुए शिक्षाशास्त्र विभाग के संकाय सदस्यों, शोध मार्गदर्शक और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।

शिक्षाशास्त्र विभाग के अध्यक्ष एवं शैक्षिक अध्ययन शाला के अधिष्ठाता प्रो. अनिल कुमार जैन सहित विभाग के सभी संकाय सदस्यों ने चयनित विद्यार्थियों को परियोजनाओं के सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं और सहयोग का आश्वासन दिया।

दोनों शोध परियोजनाएं शिक्षाशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. प्रवीण कुमार टी. डी. के मार्गदर्शन में संचालित की जाएंगी।

विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग की यह उपलब्धि विद्यार्थियों में शोध संस्कृति, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Share:

सिविल लाइन चौराहा अब कहलाएगा परशुराम चौराहा: मेयर संगीता तिवारी • परशुराम स्तंभ का निर्माण पूरा, चौराहे पर लगेंगे फरसा, धनुष और शिलालेख; अटल पार्क में 35 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण जारी

सिविल लाइन चौराहा अब कहलाएगा परशुराम चौराहा: मेयर संगीता तिवारी

• परशुराम स्तंभ का निर्माण पूरा, चौराहे पर लगेंगे फरसा, धनुष और शिलालेख; अटल पार्क में 35 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण जारी


तीनबत्ती न्यूज:13 अक्टूबर 2026

सागर। शहर के प्रमुख सिविल लाइन चौराहे को अब परशुराम चौराहा के नाम से जाना जाएगा। महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी के प्रयासों से ब्राह्मण समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। चौराहे पर भगवान परशुराम के नाम और स्वरूप को केंद्र में रखते हुए परशुराम स्तंभ का निर्माण पूरा कर लिया गया है।

महापौर ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर निर्मित स्तंभ का निरीक्षण किया। चौराहे के चारों ओर फरसा, धनुष और शिलालेख लगाए जाएंगे। इसके साथ ही अटल पार्क में भगवान परशुराम की 35 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण भी जारी है।

समाज की मांग पर एमआईसी में रखा गया था प्रस्ताव

सिविल लाइन चौराहे का नाम भगवान परशुराम के नाम पर करने की मांग ब्राह्मण समाज द्वारा लंबे समय से की जा रही थी। इसी क्रम में राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंस्था के प्रदेश अध्यक्ष दिनकर तिवारी के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने महापौर को ज्ञापन सौंपकर चौराहे का नाम परशुराम चौराहा करने की मांग रखी थी।

महापौर ने मांग को नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) के समक्ष रखा। एमआईसी में प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से सहमति बनने के बाद नामकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

चौराहे को मिलेगा विशिष्ट स्वरूप

परशुराम स्तंभ का निर्माण पूरा होने के बाद अब चौराहे के चारों ओर फरसा, धनुष और शिलालेख स्थापित किए जाएंगे। वहीं अटल पार्क में 35 फीट ऊंची भगवान परशुराम की प्रतिमा का निर्माण कार्य चल रहा है। इन विकास कार्यों से चौराहे और आसपास के क्षेत्र को धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप देने की तैयारी है।

महापौर ने कहा कि शहर के अन्य प्रमुख स्थलों को भी चिह्नित कर उनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के अनुरूप पहचान देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सागर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता देना है।

ब्राह्मण समाज ने जताया आभार

परशुराम चौराहे के नामकरण की प्रक्रिया पूरी होने पर ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने महापौर का आभार जताया। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी और अब इसके पूरा होने से समाज में प्रसन्नता है।

ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सुशील तिवारी, एमआईसी सदस्य श्रीमती संगीता शैलेश जैन, श्रीमती कंचन सोमेश जड़िया, टप्पू चौबे, लालू तिवारी, बाटू दुबे, राकेश चौबे, सोमेश जड़िया, सुरेंद्र तिवारी, कृपाल सिंह, अनिल दुबे, अखिलेश शुक्ला, दिनकर तिवारी (प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंस्था), प्रियंक दुबे, प्रज्ज्वल भारद्वाज, शैलेश जैन, अनुराग तिवारी और राजेश पराशर सहित समाज के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Share:

www.Teenbattinews.com

Archive