किसी भी युग में ब्राह्मणों का अपमान विनाशकारी साबित हुआ है - प्रेमभूषण जी महाराज
▪️केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान 6 फरवरी को शामिल होंगे श्री रामकथा में
तीनबत्ती न्यूज: 04 फरवरी ,2026
सागर: ब्राह्मणों का आवेश करोड़ों कुलों का नाश कर देता है। इनका अपमान करने का परिणाम प्रतापी राजा प्रताप भानु ने देखा था। ब्राह्मणों का अपमान कभी भी नहीं होना चाहिए। रामजी भी वाल्मीकि मुनि से यही कहते हैं कि हमारे रहने से किसी साधु, संत, तपस्वी को क्लेश ना हो ऐसा स्थान बताइए जहां मैं जाकर रहूं। मनुष्य रूप में आए भगवान ने धरती पर ब्राह्मणों का इतना मान रखा तो आज भी इसका पालन अवश्य किया जाना चाहिए, इसी में हमारा और जगत का कल्याण है। उक्त बातें मध्य प्रदेश के सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में निर्मित भव्य कथा मंडप में सप्त दिवसीय श्री राम कथा का गायन के पांचवें सत्र में पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए कहीं। कथा श्रवण हेतु आज म.प्र शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, अनेक विधायक, पूर्व विधायक, सहित विभिन्न जन प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ नेताओं का आगमन हुआ। कथा आयोजन में केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 6 फरवरी को तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल 5 फरवरी को शामिल होंगे।
श्री राम जी की कथा त्याग की कथा
सरस् श्रीराम कथा गायन के लिए लोक ख्याति प्राप्त प्रेममूर्ति प्रेमभूषण जी महाराज ने मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री एवं वर्तमान विधायक भूपेन्द्र सिंह के पावन संकल्प से आयोजित रामकथा के क्रम में भगवान की मंगल वन यात्रा के प्रसंगों का गायन करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्री राम को बताया है कि जिसके पांव अनायास ही तीर्थ यात्रा में पहुंच जाएं, आप उनके मन में निवास करते हैं। श्री राम जी की कथा त्याग की कथा है। अयोध्या जी में चक्रवर्ती जी के जाने के बाद केवल राज परिवार का ही नहीं बल्कि आम जनता में भी हम जो त्याग का भाव पाते हैं वह आज अनुकरण करने योग्य है। इस कथा में भरत चरित्र सुनने के बाद हमें भगवान का प्रेम प्राप्त करने का सूत्र मिलता है। और यह सूत्र है “रामहि केवल प्रेम पियारा।“
पूज्य पं प्रेमभूषण जी महाराज ने कहा कि भरत भैया इस प्रेम की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं जो सदा प्रभु श्रीराम के कहने में रहते हैं। यही कारण है कि बार-बार प्रभु श्रीराम लोगों को यह कहते हुए देखे जाते हैं कि आप हमें हमारे भरत भैया से भी ज्यादा प्रिय हो।मनुष्य सबसे अधिक प्रेम उसी को करता है जो व्यक्ति उसके कहने में रहता है। श्री राम कथा का श्रवण करने के समय अगर हम भरत जी के चरित्र का दर्शन करते हैं तो हमें पता चलता है कि सभी भाइयों में श्री राम जी भरत जी को सबसे ज्यादा प्यार करते हैं और उन पर ज्यादा भरोसा करते हैं।महाराज श्री ने कहा कि भगवान श्रीराम को जब भरत भैया के आगमन की सूचना मिलती है, तो वह इस बात को सोचकर निश्चिंत हो जाते हैं कि भरत भैया तो हमेशा ही मेरे कहने में ही रहते हैं इसलिए उन्हें दूसरे ही पल अपनी समस्या का समाधान भी मिल जाता है। महाराज श्री ने कहा कि सामान्य जीवन में भी वह व्यक्ति धन्य है जिसके पास कहने में रहने वाला कोई व्यक्ति मौजूद है।
संसार की कोई वस्तु उसके साथ नहीं जाती
उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में छीन झपट करके चाहे जितना कुछ भी इकट्ठा कर ले, लेकिन संसार की कोई वस्तु उसके साथ नहीं जाती। केवल परमार्थ, सत्कर्म और पुण्य ही साथ जाता है। परमार्थ यात्रा के पथिक की ही कीर्ति का गायन होता है। उन्होंने बताया कि प्रवचन करने से सिद्धि प्राप्त नहीं होती है। मन, कर्म और वचन से समर्पित भाव रखते हुए प्रयत्न करने से ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है। स्नेह बांटने से प्राप्त होता है। भगवान की भगवत्ता एक है, रूप अनेक हैं। वही राम हैं, वही कृष्ण हैं, वही शिव हैं वही भगवती हैं। भगवान के विभिन्न स्वरूप उनके भक्तों के कारण हैं। जैसे एक ही व्यक्ति किसी का पिता होता है किसी का पुत्र होता है किसी का मामा होता है किसी का साला होता है, किसी का जीजा भी होता है और किसी का फूफा होता है।
पूज्य महाराज श्री ने बताया कि इस कलयुग में राम जी के पक्षकार भी हैं और राम जी के विरोधी भी हैं। आश्चर्य तो इस बात से होता है कि अब रावण के समर्थक भी पैदा हो गए हैं। ने जो स्वार्थ के कारण राम जी का विरोध हो तो समझ में आता है लेकिन रावण की पूजा करने वालों की बात समझ में नहीं आती है। महाराज जी ने श्रीराम के वन में निवास और भ्रमण की कथा गाते हुए अनेक मोहक भजनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। हजारों की संख्या में उपस्थित रामकथा के प्रेमी भजनों का आनन्द लेते और झूमते दिखाई दिए।
साधु संत हुए शामिल कथा में
इस आयोजन के मुख्य यजमान भूपेंद्र सिंह जी ने सपरिवार व्यास पीठ का पूजन किया और भगवान की आरती उतारी। रामायण जी की आरती में पूरा कथा पंडाल शामिल रहा। सभी श्रोताओं ने श्री हनुमान चालीसा पाठ में भी अपना स्वर मिलाया। आज भी अनेक संत महात्मा श्रीराम कथा श्रवण हेतु पहुंचे जिनमें ऋषिकेश से आए त्रिदंडी स्वामी श्रीमद् शक्ति प्रसाद शामिल रहे। जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सुरेंद्र जैन मालथौन के नेतृत्व में व्यासपीठ पर पहुंच कर पं प्रेमभूषण जी महाराज को आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का चित्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया। रूद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में नव प्राण प्रतिष्ठित दक्षिण मुखी हनुमान जी मंदिर में दर्शन हेतु आज भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। मंदिर में ध्वज चढ़ाने अनेक ग्रामों से ग्रामवासी सोबतो, भजन मंडलियों के साथ दक्षिण मुखी हनुमान जी मंदिर पधारें।
श्रीराम कथा श्रवण हेतु पधारे अतिथिगण
श्रीराम कथा के मुख्य यजमान पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह और उनके परिजनों के साथ कथा श्रवण एवं आरती में प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, विधायक शिवनारायण ज उमरिया, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, जिला पंचायत अध्यक्ष निवाड़ी श्रीमती सरोज राय, सागर जिला भाजपा प्रभारी श्यामसुंदर शर्मा विदिशा, पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, पूर्व विधायक रघुराज सिंह कंसाना, पूर्व विधायक घनश्याम पिरोनिया, पूर्व विधायक श्रीमती सुधा जैन, पूर्व विधायक हरबंस सिंह राठौर, हटा के पूर्व विधायक पीएन तंतवाय, खुरई नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष जिनेंद्र कुमार गुरहा, डॉ. सुशील तिवारी, त्रिदंडी स्वामी 108 श्रीमद् भक्तिप्रसाद ऋषिकेश, स्वामी राधारमण महाराज जी राजघाट धाम सागर, उनके उत्तराधिकारी श्री कृष्णामृत दास, सचिव श्री वसंत बाबा चौरसिया, शिवराज सिंह, हरीश अग्रवाल भोपाल, सुरेन्द्र सुहाने, श्रीमती ऋतु श्याम तिवारी, मकरोनिया नगर पालिका अध्यक्ष मिही लाल, वरिष्ठ भाजपा नेता राम अवतार पांडे, श्रीमती संध्या भार्गव, अनुराग प्यासी, योगेश पवार दैनिक भास्कर, श्रीमती प्रीति नायक बीना, दमोह पथरिया से मनीषा दुबे, संजू भाऊसाहब, रवि चौरसिया, पूर्व निगम अध्यक्ष पं. त्रिलोकी कटार,े पूर्व भूमि विकास बेंक अध्यक्ष राजेन्द्र जारोलिया, विवेक भट्ट, अमित राय तथा धर्मेन्द्र राय आरएसएस बांदरी, जनभागीदारी अध्यक्ष मनीषा मिश्रा, देशराज सिंह यादव, राजू चंदेल, राजेंद्र यादव कल्लू, अजीत सिंह आजमानी, इंद्रकुमार राय, सुनील जैन गढ़ोला, राजू समैया, भूपेंद्र सिंह सेंगर, फेरन सिंह बाहर पुर, दीपक बागले, रामजी ठाकुर, संतोष विनायठा, शैलेंद्र चौहान,सुरेंद्र जैन मालथौन, प्रमोद जैन वारदाना, राकेश बजाज, प्रदीप राय बीना, डॉ. पीएस ठाकुर, सौदान सिंह,फूल सिंह पंडा, चतुर्भुज सिंह राजपूत, रंजोर सिंह बुंदेला शाहगढ़, जगत सिंह उदयपुरा, शिवराज सिंह बड़े छापरी, बलवंत सिंह कर्रापुर, रणधीर सिंह पटना, मंगल सिंह बंडा, नत्थू सिंह सिमरिया, संजय बापट, आकाश सिंह गोदना बीना, राजेंद्र सिंह दरी, वीरेंद्र सिंह दरी, मुकेश कौशिक खुरई, पृथ्वी सिंह, परशुराम कल्याण बोर्ड के संयोजक मधुसूदन खेमरिया, प्रीति सिंह राजपूत, सतेंद्र सिंह, पूर्व महापौर मनोरमा गौर, बार एसोसिएशन अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गंभीरिया, सचिव वीरेंद्र सिंह, प्रदीप तिवारी, उत्तम सिंह बामोरा, बलवंत सिंह पार्षद, सोमेश जड़िया, पार्षद रानी अहिरवार, पार्षद याकृति जड़िया, अर्पित पांडे, प्रतीक चौकसे, संतोष दुबे, नवीन भट्ट, अभिषेक सिंह गौर, डॉ. तुषार मिश्रा, लोकेश तिवारी गड़र, मकरोनिया पार्षद राजा रिछारिया, नरेन्द्र ठाकुर, विवेक सक्सेना, गब्बर सिंह खुरई शामिल रहे, निकेश गुप्ता, विजय नीखरा, आरके अजमानी, नितिन पालीवाल, केके गोरा शामिल रहे। पार्किंग व्यवस्था में एकांश राय, नितिन यादव, संजय ठाकुर, प्रशांत मकोरया, सत्यम घोषी, समीर रैंकवार, राहुल राजपूत, के.के सिंह गुर्जर का योगदान रहा।

केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केबिनेट मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल का सागर के रुद्राक्ष धाम मंदिर आगमन
केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह श्रीराम कथा के सातवे दिवस 6 फरवरी को रूद्राक्ष धाम मंदिर सागर में आयोजित श्रीराम कथा के समापन दिवस पर आयोजन में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि समापन दिवस पर श्रीराम कथा के साथ भंडारा प्रसादी का भी आयोजन है जो 10 बजे से आरंभ हो जायेगा। छठे दिवस 5 फरवरी को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल जी कथा श्रवण एवं दक्षिण मुखी हनुमान जी मंदिर के दर्शन हतु रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में पधारेंगे।
व्यवस्था में रहा इनका योगदान-
रविन्द्र सिंह राजपूत मंडल अध्यक्ष, अरविंद सिंह बिलैया, रतनसींग लोधी, विनोद सेन वनहट, देवेन्द्र सिंह ठाकुर सुमरेरी, राजासिंह ठाकुर नरोदा, पप्पू कुशवाहा पडरई, ब्रजेन्द्र कुशवाहा, कल्याण कुशवाहा कोकलवारा (नरोदा), विजयसिंह ठाकुर, बिजेंद्र सिंह भीलोन, देवेन्द्र यादव भूसा, महेन्द्र कुर्मी सतनाई, अंकित सिंह युवा मोर्चा अध्यक्ष, शोभाराम राठौर व धर्मेन्द्र कुशवाहा तोडाकाछी, करीम खां मझेरा, श्रीमती प्रवेशरानी पटैरिया, गोरेलाल कुशवाहा बम्होरीनबाव, बलराम यादव कचनोदा, सरदार सिंह बरौदियानौनागिर, नितिन रैकवार, मोतीलाल अहिरवार बरौदियानौनागिर, रामसेवक साहू कौरासा, हरनाम सींग, अशोक कुर्मी ग्वारी, रविन्द्र सिंह ठाकुर ऐचनवारा, भैरव सिंह सिलापरी, भुजबल सिंह सरपंच, नीलेश सिंह ठाकुर बिलैया, सुनील ठाकुर किशनगढ़, रिंकू राजपूत सिलौधा, वृजभूषण सिंह कुशवाहा, माधवसिंह, अरविंद लोधी, जितेन्द्र राजपूत सिलौधा, धर्मेन्द्र कुर्मी चांदपुर, कीरत सींग गौड़ महूनाजाट, राजनारायण कुर्मी, यदुपाल यादव आसौलीघाट, रहीस यादव खजराहरचंद, जितेन्द्र सिंह कुर्मी प्यासी, हरनाम सींग ठाकुर रेंगुवा, शुभम श्रीवास्तव, विश्वनाथ अहिरवार जरवांस (खुरई), हरिशंकर कुशवाहा पूर्व मंडल अध्यक्ष, वनवारीसींग ठाकुर मुकारमपुर, भगवान दास, अनंदी कुशवाहा कुशवाहा हनौता, वनखिरिया, संजय अहिरवार घोरट, रनविजय ठाकुर बागथरी, खिलान सरपंच टीहर, खुशाल कुर्मी, सचिन कुर्मी रूसल्ला, माखन कुर्मी, सोनू कुर्मी निर्तला, नरेन्द्र कुर्मी लुहर्रा, देवराज सिंह, राजाभाईसिह गनपत, राकेश घोषी, आदित्य कुर्मी सरपंच सबदा, देवेन्द्र सिंह ठाकुर गूलर, राजपाल सिंह राजपूत खुरई, गिन्नीराजा तोमर अटाकर्नेलगढ़, सुरेन्द्र सिंह बघेल झौलसी, सुरेन्द्र सिंह बघेल झौलसी, हाकम सिंह राजपूत परसोन, नीरज राजपूत परसोन, रहीस लोधी वनहट, माधव सिंह राजपूत वनहट, सुल्तान सिंह राजपूत देवपुरा, लखन सिंह लोधी वनहट, देशराज यादव पार्षद खुरई, फूलसींग वासुदेव ढावरी, राजेन्द्र यादव खिरिया, राजकुमार सिंह बम्होरीहुड्डा का योगदान श्रीराम कथा आयोजन में उल्लेखनीय रहा।