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महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार व असुरक्षा की घटना को जिला कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ ने एसपी को दिया ज्ञापन

महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार व असुरक्षा की घटना को जिला कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ ने एसपी को दिया ज्ञापन


तीनबत्ती न्यूज: 11 अप्रैल, 2026

सागर : जिला महिला कांग्रेस उत्पीड़न , निवारण प्रकोष्ठ ने आज जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा को ज्ञापन सौंप कर जिले में बढ़ रहे महिला अपराधों पर रोक लगाने की मांग की ।

प्रकोष्ठ की अध्यक्ष गीता कुशवाहा ने कहा कि जिले में दुष्कर्म ,दहेज, उत्पीड़न एवं साइबर अपराध की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि हो रही है। इन घटनाओं के कारण महिलाएं भय और असुरक्षा महसूस कर रही है महिलाओं से संबंधित सभी मामलों ,का फास्ट ट्रैक कोर्ट से निराकरण हो संवेदनशील इलाकों स्कूल कॉलेज बस स्टैंड बाजारों में पुलिस ग्रस्त बढ़ाई जाए एवं महिला हेल्पलाइन 1091, 181 ,112 को और सक्रिय किया जाए गांव-गांव में आत्मरक्षा प्रशिक्षण कानूनी अधिकारों की जानकारी के साथ साथ गुड टच -बेड टच पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए । प्रकोष्ठ की अध्यक्ष गीता कुशवाहा ने कहा कि महिलाओं को आशा है कि आप इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेकर प्रभावी कदम उठाएंगे और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में सहयोग हेतु आदेशित करेंगे 


इस अवसर पर जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेश जाटव ने भी कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को लाडली बहन तो कहती है लेकिन मानती नहीं आज पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा पीड़ित महिला वर्ग ही है जो असुरक्षा भय और डर के साए में जी रही हैं जिसे निजात दिलाना बहुत आवश्यक है।  जीतू पटवारी एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रकोष्ठ प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका किरार के निर्देश पर उक्त ज्ञापन सोपा गया है। 

ये हुए शामिल

इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं जिनमें पार्षद रिचा सिंह ,पार्षद रोशनी खान, किरण लता सोनी, रेखा सोनी ,ज्योति मलैया ,रेखा अहिरवार, दमयंती अहिरवार ,संतोष रानी सेन ,शोभा रानी, रमाकांत यादव ,महेश अहिरवार, भैयन पटेल ,श्री दास रैकवार ,जितेंद्र अहिरवार ,वसीम खान ,सुंदर अहिरवार,मेघा आदि एसपी कार्यालय पर उपस्थित थे 


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सीएम डॉ मोहन यादव से जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी की अहम मुलाकात, संगठनात्मक गतिविधियों पर हुई चर्चा

सीएम डॉ मोहन यादव से जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी की अहम मुलाकात, संगठनात्मक गतिविधियों पर हुई चर्चा


तीनबत्ती न्यूज: 11 अप्रैल, 2026

सागर। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने शनिवार को भोपाल में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संगठनात्मक मजबूती, पार्टी के आगामी अभियान और कार्यक्रमों की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने सागर जिले में चल रहे संगठनात्मक कार्यों और पार्टी अभियानों की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता और कार्यक्रमों के प्रभाव की जानकारी भी साझा की।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले में चल रही गतिविधियों पर प्रसन्नता जताते हुए उन्होंने जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी और आगामी अभियानों को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।

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Sagar: पोस्टर-पंपलेट हटाने लगे संस्थान : माफीनामा भी लिखा : नगर निगम की सख्ती का दिखा असर

Sagar: पोस्टर-पंपलेट हटाने लगे संस्थान : माफीनामा भी लिखा : नगर निगम की सख्ती का दिखा असर


तीनबत्ती न्यूज: 11 अप्रैल, 2026

सागर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा शहर की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के लिए की जा रही सख्ती का असर अब नजर आने लगा है। सार्वजनिक स्थानों, दीवारों और विद्युत पोल पर अवैध रूप से पोस्टर-पंपलेट चिपकाने वाले संस्थान अब खुद आगे आकर उन्हें हटाने लगे हैं।

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नगरनिगम की सख्ती : अराईज मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट ने #पोस्टर पंपलेट हटाने का कार्य प्रारंभ कर मांगी माफी

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नगर निगम आयुक्त राज कुमार खत्री के निर्देश पर संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत ऐसे व्यक्तियों और संस्थानों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा रही है। इसी सख्ती का परिणाम है कि शहर में जागरूकता बढ़ी है और संस्थान नियमों का पालन करते हुए स्वच्छता अभियान में सहयोग कर रहे हैं।

इसी क्रम में शहर के प्रमुख अराईज मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट ने भी पहल करते हुए अपने द्वारा लगाए गए पोस्टर और पंपलेट हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। संस्थान के मैनेजर रोहित दीक्षित ने लिखित माफीनामा देकर भविष्य में इस तरह की गतिविधियों से दूर रहने का आश्वासन दिया है।

नगर निगम ने सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों और संगठनों से अपील की है कि वे स्वच्छ सर्वेक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं और सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर-पंपलेट न लगाएं।


निगमायुक्त श्री खत्री ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था शहर की स्वच्छता को प्रभावित करते हुए ऐसा करते पाए गए, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम का उद्देश्य सागर शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाना है, ताकि स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

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भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर ने संघर्ष, परिश्रम, दूरदृष्टि, सादगी को जीवन में अंगीकार कर देश को आगे बढ़ाने का कार्य किया : विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ▪️संघर्ष, सादगी, समर्पण के पर्यायवाची कर्पूरी ठाकुर: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री डॉ राज भूषण चौधरी ▪️शांति और क्रांति के समन्वयक थे कर्पूरी ठाकुर: राम बहादुर राय ▪️मध्य प्रदेश में भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की पहली प्रतिमा सागर में हुई स्थापित

भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर ने संघर्ष, परिश्रम, दूरदृष्टि, सादगी को जीवन में अंगीकार कर देश को आगे बढ़ाने का कार्य किया : विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर

▪️संघर्ष, सादगी, समर्पण के पर्यायवाची कर्पूरी ठाकुर: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री डॉ राज भूषण चौधरी

▪️शांति और क्रांति के समन्वयक थे कर्पूरी ठाकुर: राम बहादुर राय

▪️मध्य प्रदेश में  भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर की पहली प्रतिमा सागर में हुई स्थापित


तीनबत्ती न्यूज:  11 अप्रैल 2026 

सागर: भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर ने संघर्ष, परिश्रम, दूरदृष्टि, सादगी को जीवन में अंगीकार कर देश को आगे बढ़ाने का कार्य किया। उक्त विचार विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सागर में भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में व्यक्त किए। 

कार्यक्रम में मुख्य  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, दिल्ली रामबहादुर राय, जलशक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी, मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत, पूर्व मंत्री  भूपेन्द्र सिंह, विधायक शैलेन्द्र जैन, नरयावली विधायक  प्रदीप लारिया एवं महापौर श्रीमती संगीता तिवारी,निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।  कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर ने की

रघु ठाकुर जी मौलिक विचारक

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत रत्न श्री कर्पूरी ठाकुर जी के चरणों में अपनी ओर से श्रद्धा व्यक्त करता हूं और उनके चरणों में नमन करता हूं। इस अवसर के हम साक्षी बन पा रहे हैं, इसके लिए रघु ठाकुर जी को हृदय से बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं। रघु ठाकुर जी मौलिक विचारक हैं, राजनीतिक क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक मूल्यों के प्रति उनका समर्पण रहा। इस कारण राजनीति में पदों की दौड़ में वह बिछड़ते हुए दिखाई देते होंगे, लेकिन सम्मान की दृष्टि से रघु ठाकुर की तुलना किसी और से नहीं की जा सकती। ऐसे रघु भाई हमारे परम मित्र हैं।


महापुरुषों की जीवन शैली अपनाए

श्री राजभूषण उनके क्षेत्र की यात्रा के साक्षी रहे और उन्होंने बहुत ही प्रेरणादायक विषय हम सब लोगों के सामने रखा है। मैं समझता हूं ऐसे अवसर न सिर्फ भाषण के लिए होते हैं, न सिर्फ प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के लिए होते हैं, ऐसे अवसर प्रेरणा लेने के लिए होते हैं। इस अवसर से हम प्रेरणा लें, कर्पूरी जी के व्यक्तित्व को, कृतित्व को, उनकी साधना को, उनके संघर्ष को, उनके समर्पण को, उनकी संवेदनशीलता को, उनकी दूरदृष्टि को अपने जीवन में अगर हम अंगीकार करें तो अपने जीवन को भी सार्थक बना सकते हैं और देश के कल्याण के लिए भी निश्चित रूप से कुछ करने में योगदान देने में हमारी भूमिका हो सकती है। आज भौतिक प्रतिस्पर्धा का दौर है, इसलिए हर व्यक्ति प्रतिस्पर्धा की दौड़ में आगे निकलना चाहता है, लेकिन समय-परिस्थितियां ऐसी बन रही हैं कि प्रतिस्पर्धा के मानदंड बदलते जा रहे हैं। आज की प्रतिस्पर्धा सफलता की है, संपन्नता की है, संप्रदायता की है, यश की है और इस दौड़ में सब लोग दौड़े चले जा रहे हैं। अंजाम क्या होगा, मंजिल कहां मिलेगी, इसका किसी को मालूम नहीं है, लेकिन दौड़ने में कोई भी पीछे नहीं रहना चाहता है। लेकिन मैं इस अवसर पर कहना चाहता हूं कि मित्रों, हमारा यह देश और हमारी भारतीय संस्कृति ने कभी भी न तो हाड़-मांस के ढांचे की पूजा की और न ही पैसे की पूजा की। हमारी संस्कृति में हमेशा गुणों की पूजा हुई, नैतिकता की पूजा हुई। कोई टाटा-बिरला के बाद मानेगा या नहीं मानेगा, इसकी गारंटी नहीं है, लेकिन अगर सागर से गुजरा हुआ कोई फकीर कोई बात कह जाए तो उसकी मानने के लिए लोग विवश होते हैं। तो फकीरी में जीने वाला यह देश है, इसलिए आप स महसूस करते होंगे, एक कालखंड था जब हमारे देश में सैकड़ों रियासतें थीं, राजा-महाराजा, सुल्तान, बादशाह जगह-जगह पर थे। देश में कहीं भी चले जाओ, हर जगह राजा, सुल्तान, बादशाह की मूर्तियां और छतरियां आपको लगी हुई मिल जाएंगी। वे राजा भी थे, महाराजा भी थे, संपन्नता भी थी, आज भी संपन्नता दिखाई देती होगी, लेकिन बिना गुण के कोई उन मजारों पर पुष्प अर्पित करने और दिया जलाने नहीं जाता। जिसमें गुण था, उनकी पूजा होती है, चाहे वह महाराणा प्रताप हों, महर्षि दधीचि हों, कबीर जी हों, भक्त रविदास हों। कौन कहां का है, कौन बिरादरी का है, कौन किस मजहब का है, इससे कोई लेना-देना नहीं, लेकिन वे पूजित किए जाने वाले लोग हैं। योग्य गुणों में है, तो यह सारा समाज, सारा देश उनकी पूजा निश्चित रूप से करता है।



भारत रत्न चलकर आया

विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि मंजिल खुद आकर कदम चूम लेती है, अगर पथिक हिम्मत न हारे। कर्पूरी ठाकुर की मूर्ति बेशक दशक बाद आज लगी हो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच में, लेकिन कर्पूरी ठाकुर के व्यक्तित्व ने लोगों को प्रेरणा देने का काम किया, तो कर्पूरी ठाकुर के पास भारत रत्न भी चलकर आया और कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी हम सब लोग विवश हुए। सब कहते हैं कर्पूरी ठाकुर के पास गाड़ी नहीं थी, उनके पास बैंक बैलेंस नहीं था, उनके पास बहुत अच्छे कपड़े नहीं थे, उनके पास बड़ी जमीन-जायदाद नहीं थी, लेकिन मैंने पूर्व में भी कहा, यह देश उन सब चीजों की पूजा करता ही नहीं है। यह देश पूजा करता है मानव के अंदर फकीरी और दूसरों के लिए जीने के जज्बे की, और वह जज्बा कर्पूरी जी में था। इसलिए आज हम सब लोग यहां उनको अपना श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए एकत्रित हुए हैं।

जीवन संघर्ष, सादगी, समर्पण और परिश्रम से भरा : केंद्रीय मंत्री


इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  राजभूषण चौधरी ने कहा कि भारत रत्न श्री कर्पूरी ठाकुर का जीवन संघर्ष, सादगी, समर्पण और परिश्रम से भरा था। इसी सादगी भरे जीवन से उन्होंने दो बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर समाज उत्थान किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने गरीब एवं अभावग्रस्त व्यक्तियों के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल हुए और मेधावी छात्र थे, किंतु उन्होंने पढ़ाई छोड़कर आजादी का मार्ग चुना। उन्होंने कहा कि जब तक भारत माता परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त नहीं हो जाती, तब तक वे इस लड़ाई को लड़ते रहेंगे। उन्होंने पिछड़े वर्ग, गरीब वर्ग के लिए हमेशा संघर्ष किया। उन्होंने आठ बार विधानसभा चुनाव जीता। वे अपराजित जननायक थे। उन्होंने सत्ता के सर्वोच्च पद पर रहते हुए सभी वर्गों के लिए कार्य किया।

इंदिरा गांधी कला मंच के अध्यक्ष श्री राम बहादुर राय ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर शांति और क्रांति के समन्वयक थे। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर की कार्य शैली और सिद्धांतों पर चर्चा करते हुए बताया कि कर्पूरी ठाकुर ने कमजोर वर्ग के हितों के लिए सदैव आगे रहते थे। इसके कई उदाहरण श्री राय ने दिए। उन्होंने बताया कि  इमरजेंसी के समय  कर्पूरी ठाकुर ने नेपाल में रहकर विदेशी मीडिया और मानव अधिकार आयोग को देश के हालातों से अवगत कराया और संघर्ष की लड़ाई लड़ी।


योग्यता की कसौटी योग्यता  हो

समाजवादी चिंतक एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष रघु ठाकुर ने कहा कि तत्कालीन नगरीय प्रशासन मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह के सहयोग से इस मूर्ति के लिए नगर निगम के माध्यम से जमीन उपलब्ध हुई और आज भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की मूर्ति स्थापना हो रही है। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर में महात्मा गांधी, राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश का मिलन था, जिनके सिद्धांतों पर कर्पूरी ठाकुर ने अपने व्यक्तित्व को निखारकर आगे बढ़े। श्री कर्पूरी ठाकुर में गांधी जी के गुण थे, जिनके माध्यम से उन्होंने अनेक कार्य किए। उन्होंने कहा कि योग्यता की कसौटी योग्यता नहीं थी, योग्यता की कसौटी भाषा थी, तब जाकर बिहार में अंग्रेजी की अनिवार्यता को खत्म कराया। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार सिविल सर्विस में सी-सेट की अनिवार्यता को खत्म होना चाहिए, जिससे कि हिंदीभाषी प्रदेश के परीक्षार्थी चयनित हो सकें। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर राष्ट्रीय धरोहर हैं, हमें उनके सिद्धांतों पर चलना चाहिए।


इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने सत्ता को सेवा का केंद्र बनाया और उसी के माध्यम से जनसेवा की। उन्होंने कहा कि तपस्या, ईमानदारी, संकल्प, श्रम और परिश्रम लेकर वे हमेशा चलते थे, जिससे उनकी हमेशा विजय होती थी। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने गरीबों, पिछड़ों, जरूरतमंदों की लड़ाई लड़ी और उनको समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि कपूरी ठाकुर न केवल एक राजनेता थे बल्कि पर एक समाज सुधारक भी थे।


पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सादगी जननेता का आभूषण है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ की में एकमात्र प्रतिमा सागर ने स्थापित हो रही है। यह गौरव का विषय है। 

विधायक श्री शैलेंद्र जैन ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर राजनीति में सादगी और शुचिता के पुरोधा थे। विधायक श्री प्रदीप लारिया ने कहा कि जननायक भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर अद्भुत प्रतिभा के धनी थे।  महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर समाज के लिए एक नई ऊर्जा थे, एक अद्भुत, चमत्कारी प्रतिभा के धनी थे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उनको भारत रत्न देकर सम्मानित कर जो काम किया, वह सराहनीय है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कर्पूरी जी ठाकुर की जो प्रतिमा स्थापित हो रही है, वह पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के प्रयासों के कारण हो रही है, जिनके प्रयास से यहां अटल पार्क में जमीन उपलब्ध हुई। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर के सिद्धांतों से प्रेरणा लेकर हमें आगे बढ़ना होगा।


ये रहे शामिल

कार्यक्रम में श्री लालचंद घोसी एवं श्री राजेश्वर सेन ने प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, पूर्व सांसद श्री लक्ष्मी नारायण यादव, पूर्व सांसद  राजबहादुर सिंह,  गौरव सिरोठिया, पूर्व विधायक श्री सुनील जैन, सुशील तिवारी,  सुखदेव प्रसाद तिवारी, पार्षद शैलेन्द्र ठाकुर, बीजेपी मीडिया पैनलिस्ट रिशांक तिवारी, रुपेश यादव, पप्पू गुप्ता, डॉ बद्री भाई,राम कुमार पचौरी, विनोद तिवारी, जाहर सिंह, शिवराज ठाकुर राजेश्वर सेन,  शैलेष केशरवानी, नेवी जैन, मुकेश जैन ढाना, रफीक गनी, राहुल साहू, मुकेश साहू, अजय तिवारी,नगर निगम कमिश्नर  राजकुमार खत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन जयंत सिंह तोमर और मदन जैन ने किया।


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सागर में सनसनीखेज हत्या: खून से सने बोरे में मिला युवक का शव ढाबे के पास : हाथ में रोटी और ककड़ी का टुकड़ा

सागर में सनसनीखेज हत्या: खून से सने बोरे में मिला युवक का शव ढाबे के पास : हाथ में रोटी और ककड़ी का टुकड़ा


तीनबत्ती न्यूज: 11 अपील, 2026

सागर : सागर जिले के कर्रापुर क्षेत्र स्थित राजा ढाबा के पास शनिवार सुबह एक खून से सने बोरे में युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बोरा खोलकर शव बरामद किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।

 35-40 वर्षीय युवक का शव, सिर पर गंभीर चोटें

पुलिस के अनुसार बोरे के अंदर करीब 35-40 वर्षीय पुरुष का शव मिला है। शव के सिर और चेहरे पर गहरे चोट के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक की हत्या कुल्हाड़ी से की गई है। उसके माथे और सिर पर गंभीर वार किए गए, जबकि एक कान भी कटा हुआ मिला है।

हत्या के बाद शव बोरे में भरकर फेंका गया

आरोपियों ने हत्या के बाद शव को रस्सी से बांधकर बोरे में भर दिया और सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने मौके का मुआयना कर पंचनामा तैयार किया और जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान: भेड़ा बंडा निवासी महेंद्र अहिरवार

जांच के दौरान मृतक की पहचान महेंद्र पिता कोमल अहिरवार (उम्र 38 वर्ष) निवासी ग्राम भेड़ा बंडा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि महेंद्र शुक्रवार शाम घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। मृतक बकरी चराने का काम करता था और उसके परिवार में पत्नी व 12 वर्षीय बेटी है।

खाना खाते समय हुआ हमला!

जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। मृतक के हाथ में रोटी और ककड़ी का टुकड़ा मिला, जबकि जेब में बीड़ी और माचिस भी थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि जब वह खाना खा रहा था, उसी दौरान आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया।

हत्या का कारण अज्ञात, कई एंगल पर जांच

फिलहाल हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस मृतक के परिजनों से पूछताछ कर रही है और पुराने विवाद समेत अन्य पहलुओं पर जांच कर रही है।एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा के अनुसार पुलिस टीम मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। कई एंगलो पर छानबीन की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में भी छानबीन की जा रही है।


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असम के मुख्यमंत्री की कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे पर की गई टिप्पणी से गुस्साये कांग्रेसियों किया अर्धनग्न प्रदर्शन

असम के मुख्यमंत्री की कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे पर की गई टिप्पणी से गुस्साये कांग्रेसियों किया अर्धनग्न प्रदर्शन


तीनबत्ती न्यूज: 10 अप्रैल, 2026

सागर: असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा द्वारा राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर की गई अभद्र एवं अशोभनीय टिप्पणी से गुस्साए कांग्रेसियों ने सागर जिला युवा कांग्रेस एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सदर कैंट के संयुक्त तत्वाधान में मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी,जिला कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह मोहासा,शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव,युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष संदीप चौधरी,ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सदर कैंट के अध्यक्ष रवि उमाहिया की मुख्य उपस्थिति में स्थानीय सदर कबूला पुल के समीप भाजपा और असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुये अर्धनग्न प्रदर्शन किया। तथा प्रदर्शन स्थल पर मौजूद पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंप कर असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा पर अपराधिक प्रकरण दर्ज करनें की पुरजोर मांग उठाई।

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असम के मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर की गई टिप्पणी से गुस्साये कांग्रेसियों ने किया अर्धनग्न प्रदर्शन

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प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी पर इस्तेमाल की गई अभद्र और अशोभनीय भाषा पूरी तरह निंदनीय,शर्मनाक और अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे जी देश के एक वरिष्ठ और लोकप्रिय और जननेता हैं,उनका अनुभव,कद और प्रतिष्ठा अतुलनीय है,उनका अपमान किसी एक व्यक्ति का नहीं,बल्कि इस देश के अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के करोड़ों लोगों का भी अपमान है।जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह मोहासा ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री के बयान से बीजेपी की अनुसूचित जाति विरोधी सोच एक बार फिर सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे जी जैसे वरिष्ठ और सम्मानित नेता के खिलाफ़ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी बेहद निंदनीय है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी पर की गई टिप्पणी की जितनी कड़े शब्दों में निंदा की जाए उतनी कम है।उन्होंने कहा कि हेमंत बिस्वा सरमा के बयान से भाजपा का असली चहरा उजागर हुआ है।

ये रहे शामिल

युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष संदीप चौधरी,ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रवि उमाहिया,जिला कांग्रेस के संगठन महामंत्री आशीष ज्योतिषी,मकरोनिया ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष देवेन्द्र कुर्मी, कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक गौर,सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे, युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव द्वय आशीष चौबे,अक्षय दुबे,युवा कांग्रेस नरयावली के अध्यक्ष रोहित वर्मा,युवा कांग्रेस सुरखी के अध्यक्ष प्रणव सिंह राजपूत,युवा कांग्रेस खुरई के अध्यक्ष अमन लोधी,युवा कांग्रेस रहली के अध्यक्ष रोहित कुर्मी, कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष अरविंद बंटी पंथी आदि ने हेमंत बिस्वा सरमा के बयान पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए उन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की पुरजोर मांग उठाई।प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से वरिष्ठ कांग्रेस नेता राकेश राय,आर आर पाराशर, हेमंत लारिया,युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजा बुंदेला, हरगोविंद कुर्मी,सत्येंद्र मोहन दुबे,आई एम खान,राहुल कुशवाहा,अबरार सौदागर,पवन यादव,समीर खान,गजेंद्र पटेल,गुलाब अहिरवार,पवन जाटव,जितेंद्र अहिरवार,पवन राय आदि मौजूद थे।

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भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर : सत्ता में रहकर अपनी सादगी से सबको प्रेरित किया ▪️कर्पूरी जी के घनिष्ठ साथी रहे है रघु ठाकुर ▪️लेखक : जयंत सिंह तोमर

भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर : सत्ता में रहकर अपनी सादगी से सबको प्रेरित किया

▪️कर्पूरी जी के घनिष्ठ साथी रहे है रघु ठाकुर

▪️लेखक : जयंत सिंह तोमर 


तीनबत्ती न्यूज : 10 अप्रैल, 2026

भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर भारत के सार्वजनिक जीवन के उन नायकों में से थे जिन्होंने सत्ता में रहकर अपनी सादगी से सबको प्रेरित और आश्चर्यचकित तो किया ही , देश के वंचित और भूमिहीन समुदाय का जीवन बेहतर बनाने के लिए अथक प्रयास किए। ऐसा कहा जाता है कि अविभाजित बिहार में ऐसी कोई पगडंडी नहीं थी जिस पर होकर कर्पूरी ठाकुर न गुजरे हों।

जनवरी 1924 को बिहार में समस्तीपुर जिले के  पितौंझिया में जनमे कर्पूरी ठाकुर दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। साल 1988 में उनके निधन के बाद जब प्रसिद्ध राजनेता हेमवती नंदन बहुगुणा  पितौंझिया में उनके घर गए तो यह देखकर हैरान रह गए कि कर्पूरी ठाकुर का घर मिट्टी का बना हुआ था।जिसके उपर फूस  का छप्पर था।

यह भी पढ़ें : भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा का अनावरण 11 अप्रैल को सागर में ▪️विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री राजभूषण चौधरी सहित अनेक विशिष्टजन होंगे शामिल


केन्द्रीय मंत्री रहे यशवंत सिन्हा कभी मुख्यमंत्री कर्पूरी  ठाकुर के सचिव हुआ करते थे। उन्होंने अपने संस्मरणों में लिखा है कि एक बार जब वे मुख्यमंत्री के साथ  पितौंझिया गये तो कर्पूरी जी के पुश्तैनी घर में उन्हें बिठाने के लिए कोई कुर्सी नहीं थी। लेकिन कर्पूरी जी की पत्नी ने बड़ी आत्मीयता से उन्हें चाय बनाकर पिलाई। 

शिविर में था इंतजार उसी दिन हुआ निधन

सागर में जनमे भारत के सोशलिस्ट नायक रघु ठाकुर कर्पूरी जी के घनिष्ठ साथी रहे। जिस दिन कर्पूरी जी का निधन हुआ उसी दिन 17 फरवरी 1988 को रघु ठाकुर द्वारा छत्तीसगढ़ के अकलतरा में आयोजित एक कार्यकर्ता शिविर में कर्पूरी जी  को आना था। जब लोग उनके आने को का  इंतजार कर रहे थे तभी उनके  दुनिया से जाने की सूचना  मिली।

अंग्रेजी अच्छी जानते थे कर्पूरी जी

कर्पूरी जी बहुत अच्छी अंगरेजी बोलते थे। लेकिन वे यह भी मानते थे कि अंगरेजी और भाषाओं की तरह केवल एक भाषा है और यह बिलकुल जरूरी नहीं कि अंगरेजी जानने वाला ज्ञानी भी हो। यही कारण था कि बिहार के शिक्षामंत्री रहते हुए कर्पूरी ठाकुर ने अंगरेजी  की अनिवार्यता  समाप्त कर कमजोर विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में  पास होने  का  मार्ग प्रशस्त किया और उनके आगे बढ़ने का रास्ता साफ किया। 

डॉ लोहिया ने बिहार में जो  वैचारिक जमीन  तैयार की थी उसे कर्पूरी ठाकुर ने  आगे बढ़ाने का काम किया। यदि उन्होंने उस  जमीन  को  निरंतर आगे नहीं  बढ़ाया होता तो बिहार में पिछड़े और अति पिछड़े कभी न सत्ता में आ पाते न इस वर्ग का कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री बन पाता। कर्पूरी जी बहुत पढ़ाकू थे। हर यात्रा में किताबों का बस्ता उनके साथ रहता ही था।

परिवारवाद के विरोधी

परिवारवाद के वे विरोधी थे। जब उनके बेटे रामनाथ ठाकुर को चुनाव टिकट देने के लिए कहा गया तो कर्पूरी ठाकुर ने यह कहते हुए साफ़ मना कर दिया कि ऐसा करेंगे तो दूसरे दलों के वंशवाद और परिवारवाद की आलोचना कैसे करेंगे।

सादगी के कई किस्से प्रचलित

कर्पूरी जी की सादगी के अनेक किस्से प्रचलित हैं। बताते हैं उनके फटे कुर्ते को देखकर जब नये कुर्ते के लिए चंदा किया गया तो वह पैसा भी कर्पूरी ठाकुर ने पार्टी फंड में जमा करा दिया। वे जरूरत पड़ने पर स्टेशन पर ही अखबार बिछाकर सो लेते थे। मुख्यमंत्री रहने के बाद भी वे साइकिल, रिक्शा की सवारी में देखे जा सकते थे। एक बार जब वे रघु ठाकुर जी से मिलने सागर आये तो वापसी की बस पकड़ने की जल्दी में मोटरसाइकिल पर बैठकर गये। 

गुटनिरपेक्ष आंदोलन के नेता यूगोस्लाविया के मार्शल टीटो कर्पूरी जी को बहुत मानते थे। समाजवादी युवाओं के एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मार्शल टीटो की कर्पूरी जी से मित्रता हुई थी। एक बार टीटो उनके लिए उपहार स्वरूप एक ओवरकोट भी लाये थे।

मुख्यमंत्री बनने के बाद कर्पूरी ठाकुर ने जब देखा कि मंत्रालय में विशिष्ट लोगों और आम आदमी के लिए अलग-अलग लिफ्ट की व्यवस्था है तो तत्काल उन्होंने इस भेदभावपूर्ण व्यवस्था को समाप्त करने के निर्देश दिए। 

उनसे मिलने आने वालों का तांता लगा ही रहता था। जरूरी सरकारी कामकाज निपटाने के लिए अगर उनकी कहीं एकान्त में बैठने की व्यवस्था की जाती तब भी उनकी सहजता के कारण लोग धीरे-धीरे पता लगाकर वहां भी आ जाते। मुख्यमंत्री आवास से कार्यालय के रास्ते में कोई भी परिचित उन्हें मिलता वे अपनी गाड़ी में बैठने के लिए जरूर कहते चाहे गाड़ी में जगह हो या न हो। 

उनके समय में मुख्यमंत्री आवास के एक कोने में आटा- दाल और आलू- प्याज रखा ही रहता था जिससे गांव से आने वाले आगंतुकों को भोजन की दिक्कत न हो। 

कर्पूरी जी के मन में गरीब और पिछड़ों के प्रति गहरी करुणा थी। लेकिन ऊंची जाति के या साधन-संपन्न लोगों के प्रति कोई विद्वेष उनमें बिलकुल नहीं रहा। कर्पूरी जी के मुख्यमंत्री रहते हुए गांव  पीतौंझिया में उनके पिता के साथ ऊंची जाति के दबंगों ने दुर्व्यवहार किया था। जब प्रशासन के लोग दबंगों पर कार्रवाई के लिए पहुंचे तो कर्पूरी जी ने कहा था कि केवल मुख्यमंत्री के पिता को ही क्यों राहत मिले, अगर प्रशासन का सहयोग मिलना है तो हर गरीब को मिलना चाहिए।

गरीबों पर अत्याचार की एक घटना से द्रवित होकर कर्पूरी ठाकुर ने कमजोर समुदाय के लोगों को बंदूक का लायसेंस देने की भी व्यवस्था की थी।

बेटा सीएम लेकिन पिता ने नहीं छोड़ा पुश्तैनी काम

यह किस्सा बहुत प्रचलित है कि एक बार उनकी बिरादरी का नौजवान जब उनसे नौकरी मांगने मुख्यमंत्री निवास पहुंच गया तो कर्पूरी जी ने उसे हजामत बनाने का सामान खरीदने का पैसा दिया और कहा कि रोजगार का जो पुश्तैनी साधन है उसे क्यों छोड़ते हो। ऐसा बताते हैं कि कर्पूरी ठाकुर जब मुख्यमंत्री बन गये तब भी उनके पिता ने पितौंझिया के लोगों के बाल काटने और हजामत बनाने का काम नहीं छोड़ा था। 

कर्पूरी ठाकुर ने स्वतंत्रता संग्राम में तो भाग लिया ही था देश में जब इमर्जेंसी लगी तब भी वे भूमिगत रहकर सक्रिय थे। वेश बदलकर वे नेपाल से मद्रास तक गये। समाज के हर कमजोर वर्ग को आरक्षण का जो समावेशी फार्मूला उन्होंने दिया था उसकी सराहना आज भी सब करते हैं।

11 अप्रैल को सागर में हो रही है प्रतिमा स्थापित



कर्पूरी ठाकुर के इसी व्यक्तित्व को हमेशा याद रखने के लिए सोशलिस्ट नायक रघु ठाकुर की पहल से सागर में कर्पूरी जी की प्रतिमा लगाई गई है जिसका अनावरण ग्यारह अप्रैल को मध्यप्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सहित अनेक विशिष्ट जनों की उपस्थिति में होगा। कर्पूरी ठाकुर  की स्मृति में मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ में यह पहली प्रतिमा है जिससे आनेवाली पीढ़ियां प्रेरणा लेंगी।


लेखक : जयन्त सिंह तोमरभारत रत्न कर्पूरी ठाकुर प्रतिमा स्थापना  समिति 

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भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा का अनावरण 11 अप्रैल को सागर में ▪️विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री राजभूषण चौधरी सहित अनेक विशिष्टजन होंगे शामिल

भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा का अनावरण 11 अप्रैल को सागर में

▪️विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री राजभूषण चौधरी सहित अनेक विशिष्टजन होंगे शामिल


तीनबत्ती न्यूज: 10 अप्रैल, 2026

सागर।‌ भारतरत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा का अनावरण 11 अप्रैल 2026 को दोपहर बारह बजे सागर के अटल पार्क परिसर में होने जा रहा है। सुप्रसिद्ध सोशलिस्ट चिंतक व राजनेता रघु ठाकुर की पहल से नगरपालिका निगम सागर ने कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा स्थापना के लिए अटल पार्क में स्थान सुरक्षित किया है। प्रतिमा का अनावरण मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष व प्रसिद्ध पत्रकार रामबहादुर राय , भारत सरकार के जलशक्ति मंत्री राजभूषण चौधरी, मध्यप्रदेश शासन के मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह, विधायक शैलेन्द्र जैन, प्रदीप लारिया, महापौर संगीता तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार की उपस्थिति में होगा। समारोह की अध्यक्षता रघु ठाकुर करेंगे। दो वर्ष पहले ही भारत सरकार ने अपने सर्वोच्च सम्मान भारतरत्न से कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत सम्मानित किया था।

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कर्पूरी ठाकुर  की सादगी के बारे में पढ़ने क्लिक करे

भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर : सत्ता में रहकर अपनी सादगी से सबको प्रेरित किया ▪️कर्पूरी जी के घनिष्ठ साथी रहे है रघु ठाकुर ▪️लेखक : जयंत सिंह तोमर

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बिहार के रहे दी दफा सीएम

उल्लेखनीय है कि कर्पूरी ठाकुर दो बार बिहार के मुख्यमंत्री, लोकसभा व बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। पहले आमचुनाव से फरवरी 1988 तक निरंतर वे किसी न किसी सदन में गरीबों की आवाज को मुखरता से उठाते रहे। उनकी गणना भारत के उन सोशलिस्ट नायकों में होती है जिन्होंने समाजवाद को जमीन पर उतारा।


रघु ठाकुर उनके घनिष्ठ साथी रहे

रघु ठाकुर उनके घनिष्ठ साथी रहे और उनके निमंत्रण पर कर्पूरी ठाकुर सागर सहित देशभर में अलग अलग स्थानों पर गये। जिस दिन उनका निधन हुआ उस दिन भी रघु ठाकुर के आमंत्रण पर छत्तीसगढ़ में अकलतरा के एक शिविर में उन्हें पहुंचना था।

मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ में इकलौती प्रतिमा स्थापना


सागर में भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की जो प्रतिमा लग रही है वह समूचे मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ में इकलौती है। नगरनिगम सागर की महापौर संगीता तिवारी ने बताया कि समिति के संरक्षक श्री रघु ठाकुर ने विशेष पहल की थी। समिति के अनुरोध पर नगर निगम मेयर - इन- काउंसिल ( एम आई सी ) ने प्रस्ताव पारित कर अटल पार्क सागर में प्रतिमा स्थापना की स्वीकृति प्रदान की है। इसके बाद नगरनिगम महापरिषद ने भी इसे स्वीकृत‌ किया।सागर नगर के लिए यह गौरव की बात है कि समूचे मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ राज्य में भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर की पहली प्रतिमा सागर नगर में स्थापित हुई है। 




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