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आरजीपीवी के घोषित बी.टेक परिणामों में बीटीआईआरटी के अंतिम वर्ष (8वें सेमेस्टर) का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की मोहिनी चढार ने 9.00 SGPA के साथ बनाया नया कीर्तिमान

आरजीपीवी के घोषित बी.टेक परिणामों में बीटीआईआरटी के अंतिम वर्ष (8वें सेमेस्टर) का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की मोहिनी चढार ने 9.00 SGPA के साथ बनाया नया कीर्तिमान

  • मोहिनी चढार ने 9.00 SGPA प्राप्त कर सभी शाखाओं में सर्वाधिक अंक अर्जित किए
  • CSE में श्रुति चौहान, AI&ML में भव्या चतुर्वेदी, मैकेनिकल में चंद्रभान धानक रहे टॉपर
  • बीटी ग्रुप चेयरमैन संतोष जैन 'घड़ी' ने दी बधाई

तीनबत्ती न्यूज: 02 जुलाई, 2026

सागर: बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रतिष्ठित एवं NAAC मान्यता प्राप्त तकनीकी संस्थान बाबूलाल ताराबाई इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (BTIRT), सागर के बी.टेक अंतिम वर्ष (8वें सेमेस्टर) का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा। विभिन्न ब्रांचों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए संस्थान का गौरव बढ़ाया।

इस परीक्षा परिणाम में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की छात्रा मोहिनी चढार ने 9.00 SGPA प्राप्त कर सभी शाखाओं में सर्वाधिक अंक अर्जित किए और विशेष उपलब्धि हासिल की।

विभिन्न शाखाओं के टॉपर्स

शाखा टॉपर का नाम SGPA
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) श्रुति चौहान 8.83
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग (AI & ML) भव्या चतुर्वेदी 8.33
मैकेनिकल इंजीनियरिंग चंद्रभान धानक 8.33
सिविल इंजीनियरिंग रोहित अहिरवार 8.00
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (EC) ऋतु शुक्ला 8.44
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग मोहिनी चढार 9.00

इस उत्कृष्ट परिणाम पर बीटी ग्रुप के चेयरमैन श्री संतोष जैन 'घड़ी' ने सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनकी मेहनत, अनुशासन तथा संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए निरंतर उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

संस्थान के सचिव डॉ. सत्येन्द्र जैन, रजिस्ट्रार डॉ. तरुण कुमार सिंह तथा प्राचार्य डॉ. वीरेश फुस्केले ने भी सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि BTIRT विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाओं एवं उद्योगोन्मुखी प्रशिक्षण के माध्यम से उत्कृष्ट परिणाम देने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान के विद्यार्थी भविष्य में शिक्षा, अनुसंधान एवं उद्योग जगत में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेंगे।

रिपोर्ट: तीनबत्ती न्यूज, सागर

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संभावित अल्प वर्षा पर सीएम डॉ. मोहन यादव की नजर, कहा- सभी विभाग रखें समन्वित तैयारी

संभावित अल्प वर्षा पर सीएम डॉ. मोहन की नजर, कहा- सभी विभाग रखें समन्वित तैयारी

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की पूर्व तैयारियों की समीक्षा, दिए निर्देश
  • कम पानी-कम अवधि वाली फसलें अपनाने के लिए किसानों को करें प्रेरित
  • पूर्व चेतावनी के लिए बनाए जाएंगे राज्य स्तरीय जल डैशबोर्ड

तीनबत्ती न्यूज: 02 जुलाई,2026

भोपाल: संभावित अल्पवर्षा के मद्देजनर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 जुलाई को मंत्रालय में किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जल संसाधन, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित अन्य संबंधित विभागों की पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को चुनौती नहीं, बल्कि बेहतर योजना, वैज्ञानिक खेती और समयबद्ध तैयारी के अवसर के रूप में लिया जाए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसानों को समय पर आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं, ताकि प्रदेश में कृषि उत्पादन और किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश का प्रत्येक किसान मौसम की चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच और उचित तैयारी के साथ करे। समय पर सही निर्णय और विभागों के प्रभावी समन्वय से हम संभावित अल्प वर्षा के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को कम पानी और कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों की खेती के लिए व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए। उन्होंने ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, तुअर तथा कोदो-कुटकी जैसी मोटे अनाज एवं दलहनी फसलों को अपनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि ये फसलें कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देने के साथ किसानों के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं।

किसानों को अलर्ट करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को जल्दबाजी में बुआई नहीं करने के लिए भी प्रेरित किया जाए। खेतों में पर्याप्त नमी बनने के बाद ही बुआई की जाए तथा नमी संरक्षण के उपाय अपनाए जाएं। साथ ही कम समय में अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत किस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों के सुझावों को प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त फसल का चयन कर सकें। इसके लिए कृषि विस्तार तंत्र को और अधिक सक्रिय बनाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संभावित अल्प वर्षा की स्थिति पर सतत निगरानी रखे हुए है। सभी संबंधित विभाग पूर्व नियोजित कार्य योजना के अनुसार समन्वित रूप से कार्य करें और किसानों को हर संभव तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है और उनकी सुरक्षा, समृद्धि तथा कृषि उत्पादन को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार हर आवश्यक कदम उठाएगी।

अगले दो वर्षों की तैयारी

प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में वैकल्पिक स्रोतों का चिन्हांकन एवं टैंकर व्यवस्था की आकस्मिक योजना तैयार कर अमृत 2.0 के अंतर्गत जलप्रदाय योजनाओं का समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की ग्रामवार समीक्षा, बंद, अपूर्ण नल-जल योजनाओं की मरम्मत का 90 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। "जलाभिषेक 2.0" के तहत प्रदेश में पुराने तालाबों, बावड़ियों, कुओं एवं अन्य जल संरचनाओं का सर्वे एवं जीर्णोद्धार, मनरेगा अभिसरण से प्रति विकासखंड न्यूनतम 100 जल संरचनाओं का पुनर्जीवन दो वर्षों में किया जाएगा। भूजल पुनर्भरण अभियान के तहत सभी विकासखंडों में रिचार्ज शाफ्ट, चेक डैम, स्टॉप डैम एवं खेत-तालाब निर्माण का मिशन मोड कार्यक्रम; "खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में" सिद्धांत पर चलाया जाएगा। नहरों की सफाई मरम्मत रबी से पूर्व पूर्ण, टेल-एंड तक पानी पहुंचाने की जवाबदेही तय की जायेगी।

हर तरह का तैयार किया जा रहा प्लान

बैठक में बताया गया कि कम जल मांग वाली फसलों यथा दलहन, तिलहन, श्रीअन्न (मोटे अनाज) प्रोत्साहन एवं एमएसपी पर उपार्जन, ग्रीष्मकालीन धान-मूंग पर जल उपलब्धता आधारित सलाह, धान क्षेत्रों में डीएसआर (सीधी बुवाई) एवं वैकल्पिक गीला-सूखा पद्धति एवं प्रत्येक जिले के लिए कंटिन्जेंसी क्रॉप प्लान तैयार किया जा रहा है। जलविद्युत एवं जलाशय प्रबंधन के तहत सभी प्रमुख जलाशयों, इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, बाणसागर, गांधीसागर के लिए रूल कर्व का कड़ाई से पालन; जल उपयोग की प्राथमिकता दी जाएगी। पहले पेयजल, फिर सिंचाई, फिर विद्युत उत्पादन का स्पष्ट प्रोटोकॉल तय किया जा रहा है। रियल-टाइम मॉनिटरिंग एवं पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए राज्य स्तरीय जल डैशबोर्ड बनाए जाएंगे। "जल गंगा संवर्धन" की तर्ज पर जनभागीदारी आधारित सतत् अभियान चलाए जाएंगे। प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जल संकट आकस्मिक योजना बनाई जाएगी।

किसानों को किया जाएगा जागरूक

बैठक में बताया गया कि आरबीसी 6(4) के अंतर्गत क्षति सर्वे हेतु राजस्व, कृषि एवं पंचायत अमले का संयुक्त प्रशिक्षण अभी से पूर्ण; डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं सैटेलाइट इमेजरी आधारित क्षति आकलन प्रणाली का सत्यापन कराया जाएगा, ताकि सर्वे 15 दिवस में पूरा हो सके। फसल बीमा का कवरेज विस्तार एवं दावा तत्परता से हो, इस संबंध में कार्यवाही की जाएगी। राज्य स्तरीय मॉडल आकस्मिक कार्य योजना तैयार कराकर विभागीय पोर्टल पर अपलोड कराई गई हैं। विभिन्न योजनाओं में फसल प्रदर्शनों, उन्नत फसल किस्मों के बीज वितरण के लक्ष्य जिलों को जारी किए गए हैं। वर्षा जल संरक्षण हेतु बलराम तालाब अन्तर्गत जिलों को लक्ष्य जारी किए गए। सोशल मीडिया का अधिकाधिक उपयोग कर कृषकों को जागरूक किया जाएगा। मौसम के पूर्वानुमान, फसलों में मौसम अनुसार किए जाने वाले कार्यों तथा अन्य समसामयिक सलाह कृषकों को उपलब्ध कराई जा रही है। सभी जिले के कलेक्टरों को सिंचाई, जल भराव की स्थिति, जीवन रक्षक सिंचाई हेतु विद्युत की उपलब्धता, सूखे की निगरानी व्यवस्था हेतु समस्त विभागों से कार्यवाही की नियमित समीक्षा हेतु लेख किया गया है। 26 से 30 जून की अवधि में आयोजित ग्राम सभाओं में आकस्मिक कार्य योजना की चर्चा की गई।

रिपोर्ट: तीनबत्ती न्यूज, भोपाल

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सागर: गर्ल्स डिग्री कॉलेज में 'सेफ क्लिक 2.0' के तहत सैकड़ों छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी

सागर गर्ल्स डिग्री कॉलेज में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान: छात्राओं को साइबर ठगी से बचाव के टिप्स

सागर। मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए सागर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक 2.0' के अंतर्गत सोमवार को शहर के गर्ल्स डिग्री कॉलेज सागर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीएसपी प्रतिमा जैन और महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया ने छात्राओं को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी KYC अपडेट, OTP फ्रॉड और UPI धोखाधड़ी जैसे अपराधों से बचने के तरीके बताए।

सैकड़ों छात्राओं को दी गई ट्रेनिंग

सागर के गर्ल्स डिग्री कॉलेज में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में डीएसपी प्रतिमा जैन और महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया ने सैकड़ों छात्राओं को साइबर बुलिंग, ऑनलाइन निवेश ठगी, फिशिंग, सोशल मीडिया सुरक्षा और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे साइबर अपराधों की जानकारी दी। लगभग 13 हजार छात्राओं वाले इस महाविद्यालय में छात्राओं को जागरूक किया गया कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंकिंग जानकारी या पासवर्ड साझा न करें। साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

डिजिटल अरेस्ट से बचने के उपाय

डीएसपी प्रतिमा जैन ने बताया कि साइबर अपराधी खुद को पुलिस, CBI या कोर्ट का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर डरा-धमका कर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। इसे ही डिजिटल अरेस्ट कहा जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती। ऐसे किसी भी कॉल को तुरंत काट दें और 1930 पर सूचना दें।

पुलिस का संदेश: सतर्कता ही सुरक्षा

महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया ने कहा कि आज के डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। ऑनलाइन दोस्ती, लॉटरी, गिफ्ट या जॉब ऑफर के नाम पर आने वाले मैसेज से सावधान रहें। अपनी निजी जानकारी, फोटो या वीडियो किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान का उद्देश्य हर नागरिक, खासकर छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति सचेत करना है।

रिपोर्ट: तीनबत्ती न्यूज, सागर

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सागर में पेंशनरों का जल सत्याग्रह: 13 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की चेतावनी

तीनबत्ती न्यूज: 02 जुलाई, 2026

सागर में पेंशनरों का जल सत्याग्रह

सागर: आज प्रमुख पेंशनर एसोसिएशन एवं विद्युत मण्डल पेंशनर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में पूर्व घोषित जल सत्याग्रह कार्यक्रम का आयोजन कर मध्यप्रदेश शासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय पेंशनर शामिल हुए।

पहले आम सभा, फिर पानी में उतरे पेंशनर

जल सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत एक आम सभा से हुई। सभा को संबोधित करते हुए प्रमुख पेंशनर एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री/अध्यक्ष हरिओम पाण्डेय ने बताया कि इस समय पेंशनरों की 13 सूत्रीय समस्याएं शासन के समक्ष लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लंबे समय से पेंशनरों का आर्थिक नुकसान कर रही है। एसोसिएशन ज्ञापन और धरना प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को अवगत करा रही है, किन्तु सरकार हमेशा अनसुनी कर रही है।

धारा 49(6) पर सरकार को घेरा, हजारों करोड़ का एरियर्स बकाया

श्री पाण्डेय ने कहा कि राज्य बंटवारे की जिस धारा 49(6) का सहारा लेकर सरकार महंगाई राहत में खंडित तिथि से भुगतान करती है, उस धारा को मध्यप्रदेश सरकार ने स्वयं हालिया बयान में स्वीकार किया है कि दोनों सरकारों की सहमति का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए इस धारा को अंतिम सहमति मानते हुए छत्तीसगढ़ सरकार से धारा 49(6) को अंतिम सहमति देने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि हमारा एसोसिएशन विगत 5 वर्षों से अपने ज्ञापनों और सभा के माध्यम से अवगत कराता आ रहा है कि सहमति का कोई प्रावधान नहीं है। बावजूद इसके मध्यप्रदेश शासन द्वारा पेंशनरों का हजारों करोड़ रूपया एरियर्स का हजम कर दिया गया है। उन्होंने मांग की कि हमारा एरियर्स हमें वापस दिया जाए।

इन नेताओं ने भी किया संबोधित

सभा को संभागीय अध्यक्ष ब्रजबिहारी उपाध्याय, सुदामा प्रसाद रैकवार, राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश उपाध्याय, वरिष्ठ नागरिक मण्डल के अशोक तिवारी, म.प्र. विद्युत एसो. मण्डल से रामलखन श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष योगेश सिंघई, अरविंद जैन, अनिल गुप्ता ने संबोधित किया।

इनकी रही उपस्थिति, विधानसभा घेराव की चेतावनी

कार्यक्रम में प्रमुख पेंशनर एसोसिएशन से जिला सचिव अरविंद चौबे, प्रदीप श्रीवास्तव, बी.डी. साहू, राजू स्वर्णकार, शिवराज सिंह ठाकुर, बी.एस. पाण्डेय, सुदामा प्रसाद मिश्रा, देवेन्द्र पाण्डेय, अनिल भट्ट, ब्रजभूषण त्रिपाठी, रमाकांत मिश्रा, आर.एल. शुक्ल, गोविंद पाण्डेय, राज्य परिवहन पेंशन एसोसिएशन से आर.के. सोनी, रमेश पाठक, पी.आर. मिश्रा आबकारी, एम.के. रावत, मुन्नालाल सेन सहित सैकड़ों की संख्या में पेंशनरों ने उग्र प्रदर्शन कर भारी नारेबाजी की।

पेंशनरों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमारी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो भोपाल में जाकर पूरे प्रदेश के 4.50 लाख पेंशनर विधानसभा का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे।

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सागर: मर्डर या सुसाइड? डॉक्टर नहीं बता पाए, हाईकोर्ट ने पति-देवर को उम्रकैद से किया बरी

तीनबत्ती न्यूज : 02 जुलाई, 2026

तीनबत्ती न्यूज : 02 जुलाई, 2026

जबलपुर/सागर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र के एक चर्चित हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के आदेश को पलट दिया है। हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रहे मृतका के पति छतर सिंह लोधी और देवर लक्खू उर्फ लखन सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर और पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

क्या था पूरा मामला? 2021 की घटना

यह मामला 4 फरवरी 2021 का है। सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई थी। मृतका के मायके वालों ने आरोप लगाया था कि पति छतर सिंह और देवर लखन सिंह ने दहेज के लिए महिला पर केरोसिन डालकर उसे जिंदा जला दिया। पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ धारा 302 हत्या और 498-ए दहेज प्रताड़ना के तहत केस दर्ज किया था।

सेशन कोर्ट सागर ने 15 दिसंबर 2022 को दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने इसे "दहेज हत्या का जघन्य अपराध" माना था।

हाईकोर्ट में कैसे पलटा केस?

आरोपियों ने सेशन कोर्ट के फैसले को जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की डिवीजन बेंच ने पूरे मामले की सुनवाई की। बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने कहीं भी यह नहीं लिखा कि मौत होमीसाइडल यानी हत्या से हुई है।

हाईकोर्ट ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया। रिपोर्ट में डॉक्टर ने सिर्फ "मौत जलने से हुई" लिखा था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि आग खुद लगाई गई थी या लगाई गई थी। कोर्ट ने कहा कि जब डॉक्टर ही हत्या और आत्महत्या के बीच अंतर नहीं बता पाया तो सिर्फ शक के आधार पर उम्रकैद नहीं दी जा सकती।

कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा?

हाईकोर्ट ने 42 पन्नों के फैसले में लिखा: "अभियोजन पक्ष यह साबित करने में पूरी तरह विफल रहा कि मृतका की मौत हत्या थी। मेडिकल साक्ष्य अस्पष्ट है और डॉक्टर की राय निर्णायक नहीं है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम के अनुसार, संदेह का लाभ आरोपी को मिलना चाहिए।"

कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि पुलिस ने जांच में लापरवाही बरती। घटनास्थल से केरोसिन का डिब्बा तो मिला, लेकिन उस पर आरोपियों के फिंगरप्रिंट नहीं मिले। पड़ोसियों के बयान भी विरोधाभासी थे।

अब क्या होगा? फैसले के मायने

इस फैसले के बाद दोनों भाई जेल से रिहा हो जाएंगे। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला मेडिकल जांच और पुलिस विवेचना के लिए नजीर बनेगा। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों को स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि मौत की प्रकृति क्या थी - हत्या, आत्महत्या या हादसा।

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इंदौर में वाटर हार्वेस्टिंग बना जनआंदोलन: 10% टैक्स छूट से बढ़े सिस्टम, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने किया निरीक्षण

इंदौर: वाटर हार्वेस्टिंग बना जनआंदोलन, 10% टैक्स छूट का दिखा असर


तीनबत्ती न्यूज:02 जुलाई

इंदौर। शहर में वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में नगर निगम का प्रयास अब सकारात्मक परिणाम देने लगा है। अपने घर, भवन, कार्यालय अथवा व्यावसायिक परिसर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने वाले संपत्ति स्वामियों को नगर निगम द्वारा संपत्ति कर में 10 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है।


महापौर ने किया रीगल चौराहा क्षेत्र का निरीक्षण

इसी क्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम के जोनल अधिकारियों और पार्षद पंखुड़ी डोसी के साथ रीगल चौराहा एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न आवासीय भवनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कार्यालय परिसरों में स्थापित वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का अवलोकन किया तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

जागरूक नागरिकों का महापौर ने जताया आभार

निरीक्षण के दौरान महापौर ने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने वाले भवन स्वामियों का इंदौर के जागरूक नागरिक होने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपने अनुभव साझा कर अन्य लोगों को भी वर्षा जल संचयन के लिए प्रेरित करें, ताकि अधिक से अधिक भवनों में यह व्यवस्था स्थापित हो सके।

ग्रीष्मकाल में बोरवेल सूखने से लिया था संकल्प

उल्लेखनीय है कि गत ग्रीष्मकाल में भूजल स्तर में गिरावट के कारण शहर के कई क्षेत्रों में बोरवेल सूख गए थे, जिससे पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हुई थी। इसी चुनौती को देखते हुए नगर निगम ने शहरवासियों के साथ मिलकर प्रत्येक भवन में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने का संकल्प लिया था। अब इस अभियान का प्रभाव धरातल पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है और शहर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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दमोह: जर्जर बालिका छात्रावास की छत गिरी, 8 छात्राएं घायल, वार्डन निलंबित

दमोह: जर्जर बालिका छात्रावास की छत गिरी, 8 छात्राएं घायल, वार्डन निलंबित



तीनबत्ती न्यूज|02 जुलाई 2026

दमोह : मध्यप्रदेश के दमोह जिले के पटेरा के समीप ग्राम राजाबंदी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास में बुधवार शाम बड़ा हादसा हो गया। जर्जर भवन की छत का प्लास्टर गिरने से 8 छात्राएं घायल हो गईं। 


गंभीर रूप से घायल 6 छात्राओं को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना शाम करीब 5 बजे की है जब बच्चियां कमरे में पढ़ाई कर रही थीं।


स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि भवन की जर्जर स्थिति को लेकर पहले ही प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई। यदि समय पर कार्रवाई होती तो हादसा टल सकता था।


घटना के बाद CEO जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे ने वार्डन सीता स्वामी तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सहायक वार्डन जुलेखा बी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

तहसीलदार उमेश तिवारी, SDM राकेश मरकाम सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच के आदेश दिए गए हैं।

छात्रावास में 50 छात्राएं रहती हैं। यह भवन 2010-11 का बना है। उपसरपंच दिलीप पटेल के मुताबिक मरम्मत के लिए बजट नहीं आया था। घायल छात्राएं: शिक्षा (10), ज्योति (12), काजल (12), बबली (12), लक्ष्मी (12), रश्मि (12), अनामिका (11), लक्ष्मी (11)

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सागर: महापौर की जनचौपाल में मौके पर समाधान, अधिकारियों को नोटिस

सागर: महापौर की जनचौपाल में मौके पर समाधान, अधिकारियों को नोटिस



तीनबत्ती न्यूज: 1 जुलाई 2026 सागर: नगर निगम सागर द्वारा संचालित "आपकी महापौर आपके द्वार एवं जनचैपाल" अभियान का 18वां शिविर बुधवार को संत कंवरराम एवं शास्त्री वार्ड स्थित सिंधी धर्मशाला में आयोजित किया गया। महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही पात्र हितग्राहियों के आवेदन लेकर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।

महापौर ने कहा कि नगर निगम प्रत्येक वार्ड में जनचैपाल लगाकर नागरिकों की समस्याओं का समाधान उनके क्षेत्र में ही सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने बताया कि शिविरों में वृद्धावस्था पेंशन, कल्याणी पेंशन, संबल कार्ड, समग्र आईडी, राशन पर्ची, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न योजनाओं से जुड़े मामलों का निराकरण किया जा रहा है। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट, जलप्रदाय, स्वच्छता, अतिक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई की जा रही है।


महापौर प्रतिनिधि डॉ. सुशील तिवारी ने कहा कि यह पहल प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर रही है तथा छोटी-छोटी समस्याओं का तत्काल समाधान हो रहा है। एमआईसी सदस्य शैलेन्द्र ठाकुर ने कहा कि जनचौपाल शिविर नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं और प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

शिविर में एमआईसी सदस्य शैलेन्द्र ठाकुर, श्री संगीता शैलेष जैन, श्रीमती कंचन सोमेश जड़िया,पार्षद  श्रीमती रोमा कैलाश हसानी,श्रीमती गीता संजय दुबे,  श्री कन्हैयालाल,  रामचंद्र पीपराली,चंदू बुलवानी, मनोहर मीरचंदानी, अनिल लालवानी,सन्तू पोपरानी, मुरली बजाज, जगदीश दरयानी,अशोकबुधवानी, सुरेश हसरेजा, श्रीमती कविता शर्मा ,सच्चानंद छावड़ा,अमित लालवानी, महेश राजपूत,राजस्व अधिकारी बृजेश तिवारी, उपयंत्री संयम चतुर्वेदी, योजना प्रभारी जया श्रीवास्तव, प्रकाश प्रभारी श्रीमती आसिमा तिर्की, एनयूएलएम सिटी मैनेजर विक्रम जैन, निगम सचिव मुन्नालाल रैकवार, यशवंत कोष्टी, आसिफ खान,मंगल तिवारी, स्वदेश राजा बुंदेला, राजेंद्र मलैया,संबंधित एवं नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित थे।


अनुपस्थित अधिकारियों पर सख्ती

शिविर के दौरान महापौर ने जोन प्रभारी रज्जन करोसिया के देर से पहुंचने तथा सफाई दरोगा राकेश सनकत के अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जताते हुए दोनों के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।


'सिंन्धियत जी पाठशाला' का शुभारंभ, नई पीढ़ी को सिंधी संस्कृति से जोड़ने का प्रयास

सागर में सिंधी साहित्य अकादमी, भोपाल द्वारा आयोजित "सिंन्धियत जी पाठशाला" शिविर का शुभारंभ श्री झूलेलाल हाई स्कूल, सिंधी कैंप में महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने किया।



महापौर ने कहा कि नई पीढ़ी को सिंधी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने की यह सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आयोजकों ने बताया कि यह शिविर 1 से 12 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रतिभागियों को सिंधी भाषा, सिंधी गीत, संत-महापुरुषों के जीवन-दर्शन और सिंधु संस्कृति की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में भारतीय सिंधु सभा, पूज्य सिंधी पंचायत, श्री झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट, श्री गुरुनानक मंदिर ट्रस्ट तथा सकल सिंधी समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

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