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रानी अवंती बाई के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, हमें उनके जीवन का अनुसरण करना चाहिए : मंत्री प्रहलाद पटेल

रानी अवंती बाई के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, हमें उनके जीवन का अनुसरण करना चाहिए :  मंत्री प्रहलाद पटेल 


तीनबत्ती न्यूज:  20 मार्च 2026 

सागर: वीरांगना रानी अवंती बाई के बलिदान को कभी बुलाया नहीं जा सकता हमें उनके जीवन का अनुसरण करना चाहिए एवं व्यक्ति अपनी पहचान खुद बनाता है। उक्त विचार पंचायत ग्रामीण विकास एवं आवास श्रम मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने वीरांगना रानी अवंती बाई के जन्म जयंती के अवसर पर सागर में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। 


मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि 168वीं पुण्यतिथि पर आज हम सभी एकत्र हुए 27 वर्ष की उम्र में अग्रेजों से लड़ाई लड़ी और देश के लिए बलिदान दिया। रानी अवंती बाई से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। हमें उनके आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए। उनके आचरण का अनुसरण करना ही रानी अवंती बाई के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। 


मंत्री श्री पटेल ने कहा कि इतिहास को जानना, समझना, मनन करना अति आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि लोधी समाज पर हमें गर्व है। आज हम सब एक संकल्प लें कि अपने परिवार की बहू बेटियों का सम्मान करेंगे। उन्होंने कहा कि 200वीं जन्म जयंती पर लोधी समाज का एक-एक व्यक्ति कार्यक्रम में मौजूद रहेगा स्थान आप सभी तय करना। 


मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जो भी आप पर विश्वास करता है उसकी चुनौती को आप स्वीकार करें और उसकी चुनौती को दूर करें। शंकर शाह रघुनाथ शाह गौड राजा थे इन्होंने भी अपनी समाज के लिए बलिदान दिया। रानी अवंती बाई की जन्म तिथि हम सबको मालूम है लेकिन बलिदान की तिथि किसी को नहीं मालूम। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि बलिदान की परंपरा को जो सम्मान देते हैं वह आगे बढ़ते हैं ईमानदार सहयोगी का हमेशा साथ रहे और उनका अनुसरण करें।

बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि सागर की धरती पर यह आयोजन हो रहा है। वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के पद चिन्हों पर चले और उनके आदर्श को ग्रहण करें। इस अवसर पर श्री तरवर सिंह लोधी , श्री प्रद्युम्न सिंह लोधी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, श्री श्याम तिवारी, श्री प्रद्युम्न सिंह लोधी, श्री मिहीलाल अहिरवार, पूर्व विधायक श्री तरवर सिंह लोधी, श्री तृप्ति बाबू सिंह, श्री सर्वजीत सिंह, श्रीमती ज्योति पटेल, श्री वैभव सिंह कुकरेले सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में जन समुदाय मौजूद था। 



मंत्री श्री पटेल ने रानी अवंती बाई की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए 

पंचायत ग्रामीण विकास एवं आवास श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने सागर में मकरोनिया स्थित वीरांगना रानी अवंतीबाई की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया।

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हत्या के प्रकरण में पेरोल से फरार हुआ दूसरा सगा भाई 15 साल बाद गिरफ्तार : ईद पर मिलने आया था घर ▪️एक भाई हुआ था जयपुर से गिरफ्तार 15 साल बाद

हत्या के प्रकरण में पेरोल से फरार हुआ दूसरा सगा भाई 15 साल बाद गिरफ्तार : ईद पर मिलने आया था घर

▪️एक भाई हुआ था जयपुर से गिरफ्तार 15 साल बाद


तीनबत्ती न्यूज : 20 मार्च, 2026

सागर: सागर शहर की गोपालगंज थाना पुलिस ने पैरोल पर छूटने के बाद फरार हुए एक आरोपी को 15 साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी राजस्थान के जयपुर और अजमेर में छिपकर रह रहा था। ईद के मौके पर मां से मिलने सागर आया था तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2009 में कैंट थाना क्षेत्र में जयकुमार उर्फ पूरन अहिरवार की हत्या हुई थी। इस मामले में अब्दुल राशिद, अब्दुल जाहिद और एक महिला को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पुलिस ने हत्या के फरार 30 हजार के इनामी भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। 

यह भी पढ़ें: 15 साल से फरार हत्या का आरोपी जयपुर से गिरफ्तार : 30 हजार का इनाम था ▪️जिला अस्पताल से हुआ था फरार : जयपुर में मदन लाल नाम रखे था आरोपी अब्दुल राशिद


गोपालगंज थाना पुलिस ने वर्ष 2011 से फरार पैरोल जंपर आरोपी अब्दुल जाहिद पिता अब्दुल बाहिद निवासी शनिचरी चौगना थाना गोपालगंज, जिला सागर को आज शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। 

15 वर्षों से पुलिस को दे रहा था चकमा

आरोपी अब्दुल जाहिद वर्ष 2011 में सेंट्रल जेल सागर से पैरोल पर रिहा हुआ था, किन्तु नियत अवधि पूर्ण होने के बाद भी वह वापस जेल नहीं लौटा और तभी से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा और पुलिस को भ्रमित करता रहा।

इसी प्रकरण में उसका सगा भाई अब्दुल राशिद, जो ₹30,000 का इनामी आरोपी था, को हाल ही में गोपालगंज पुलिस द्वारा जयपुर (राजस्थान) से सुनियोजित एवं फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार किया गया था। भाई की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस आरोपी की तलाश और तेज कर दी थी।

ईद से पहले घर आने की थी सूचना

तलाश के दौरान उपनिरीक्षक नीरज जैन को  मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी ईद के पहले अपने पुराने ठिकाने शनिचरी क्षेत्र में आने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल रणनीति बनाकर क्षेत्र में गुप्त निगरानी शुरू की। हनुमान अखाड़ा क्षेत्र में निगरानी के दौरान खिन्नी के पेड़ के पास एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जो नीले रंग की शर्ट पहने और लाठी के सहारे चल रहा था। मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिये से मिलान होने पर पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए चारों ओर से घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपी ने प्रारंभ में अपनी पहचान छुपाने का प्रयास किया, किन्तु पुलिस की सख्ती से पूछताछ में अपना नाम अब्दुल जाहिद होना स्वीकार कर लिया। उसने यह भी बताया कि वह वर्ष 2011 से पैरोल जंप कर फरार है। आरोपी को गिरफ्तारी के पश्चात आरोपी को थाना लाकर हवालात में रखा गया है तथा उसकी फोटो, फिंगरप्रिंट एवं अन्य वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। आरोपी को चिकित्सीय परीक्षण हेतु भी भेजा जा रहा है एवं परिजनों को सूचना दी जा रही है।

टीम का सराहनीय योगदान

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ,उप निरीक्षक नीरज जैन कंट्रोल रूम से उप निरीक्षक आरकेएस चौहान , प्रधानआरक्षक दीपक व्यास ,अनिल प्रभाकर , गौतम , यशवंत यादव ,कैलाश सेन ,अशोक, मोहन सिंह राजपूत ,हरि ओम,जय सिंह, राधेश्याम, आरक्षक  आशीष, मनीष , हीरेंद्र ,आनंद , अंकित तिवारी,भरत अहिरवार देवेंद्र पांडे का योगदान सराहनीय रहा।


 

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बूढ़ी रानगिर में विस्फोट करने वाला आरोपी गिरफ्तार : ससुराल वाली को फंसाने रची थी साजिश : विस्फोट में तीन हुए थे घायल

बूढ़ी रानगिर में विस्फोट करने वाला आरोपी गिरफ्तार : ससुराल वाली को फंसाने रची थी साजिश : विस्फोट में तीन हुए थे घायल


तीनबत्ती न्यूज : 20 मार्च ,2026

सागर :  सागर के बूड़ी रानगिर मंदिर के बाहर प्रसाद की दुकान में हुए ब्लास्ट के मामले में चौंकाने वाली कहानी सामने आई है। पत्नी नूरजहां को न भेजने पर साले व ससुराल वालों को फंसाने के लिए रहली के पाटई गांव के 30 वर्षीय इमरत उर्फ गोलू पटेल ने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था। इसमें एक लड़की बुरी तरह घायल हो गई थी और दो अन्य परिजन भी घायल हुए थे। 

बूढ़ी रानगिर मंदिर के पास दुकान में हुआ था विस्फोट


थाना सुरखी को  18 मार्च ओ सूचना मिली कि बूढ़ी रानगिर मंदिर के पास स्थित एक दुकान में विस्फोट हुआ है, जिसमें तीन व्यक्ति घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया । पुलिस ने स  3/4 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, 109,(1) BNS सुसंगत धाराओं में कायमी कर थाना पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की गई एवं वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी रहली, BDDS एवं FSL टीम को मौके पर बुलाया गया, जिनके द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए गए।

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तकनीकी विश्लेषण से मिला अहम सुराग :ससुराल वालों को फंसाने रची साजिश


विवेचना के दौरान एक संदिग्ध SMS की जानकारी प्राप्त हुई, जो इस विस्फोट से जुड़ा हुआ था। तत्काल साइबर टीम को सक्रिय कर तकनीकी विश्लेषण कराया गया। प्राप्त क्लू के आधार पर संदेही गोलू उर्फ इमारत पटेल निवासी पाटई गांव को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई ।पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसकी शादी जून 2025 में नूरजहां निवासी चिंगी टोला, सिंगरौली से हुई थी। फरवरी 2026 में पारिवारिक विवाद के चलते उसकी पत्नी मायके चली गई थी और अपने भाइयों के दबाव में वापस नहीं आ रही थी। इसी कारण आरोपी ने सुनियोजित षड्यंत्र रचते हुए अपनी पत्नी के भाइयों एवं उनके परिवार जनो को झूठे प्रकरण में फंसाने की योजना बनाई।


ब्लूटूथ स्पीकर बॉक्स में विस्फोटक लगाकर दिया घटना को अंजाम

आरोपी द्वारा रानगिर मंदिर के पुजारी को भ्रामक SMS भेजकर संदेह उत्पन्न किया गया तथा एक ब्लूटूथ स्पीकर में सुतली बम एवं डेटोनेटर लगाकर, उसकी बैटरी से सर्किट पूर्ण करते हुए उसे दुकान में रख दिया गया।  जिससे विस्फोट हुआ और तीन निर्दोष लोग घायल हो गए। आरोपी को विश्वास था कि SMS के आधार पर पुलिस उसकी पत्नी के भाइयों एवं परिवार जनों को गिरफ्तार कर लेगी, जिससे वह अपनी पत्नी को वापस लाने में सफल हो जाएगा।

आरोपी गिरफ्तार, साक्ष्य जब्त

घटना में प्रयुक्त मोबाइल, ब्लूटूथ डिवाइस के टुकड़े एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य पुलिस द्वारा जप्त कर लिए गए हैं। आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है तथा प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है।

इस कार्यवाही में थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस दीपांशु , उपनिरीक्षक सत्यव्रत धाकड़, उपनिरीक्षक शिवम दुबे, प्रधान आरक्षक सौरभ रेकवार, आरक्षक हेमेन्द्र, आरक्षक विकास मिश्रा, आरक्षक उमाशंकर, आरक्षक पवन पटेल, आरक्षक आशीष यादव, आरक्षक कमलेश गुर्जर, आरक्षक रवि मिश्रा, आरक्षक प्रेम कुमरे का सराहनीय योगदान रहा ।


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क्षत्रिय समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन 20 अप्रैल को रुद्राक्षधाम में : 51 सदस्यीय आयोजन समिति का गठन

क्षत्रिय समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन 20 अप्रैल को रुद्राक्षधाम में : 51 सदस्यीय आयोजन समिति का गठन


तीनबत्ती न्यूज:19 मार्च, 2026

सागर। क्षत्रिय महासभा जिला सागर द्वारा आगामी 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर्व पर रुद्राक्षधाम मंदिर प्रांगण में आयोजित क्षत्रिय समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन की 51 सदस्यीय आयोजन समिति गठित की गई है। सम्मेलन की तैयारियों के विषय में 21 मार्च की शाम 4 बजे होटल दीपाली के सभाकक्ष में आयोजन समिति की बैठक आयोजित की गई है।

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क्षत्रिय महासभा जिला सागर के अध्यक्ष श्री लखन सिंह ने बताया है कि क्षत्रिय समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर बीपीएल कार्डधारी परिवारों की ही बेटियों का विवाह समाज द्वारा किया जाएगा। इस सम्मेलन में विवाह करने वाली प्रत्येक बेटी को 51000 रु की नकद राशि तथा समाजजनों द्वारा दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की उपहार सामग्री दी जाएगी। इस सम्मेलन में सभी के भोज, टेंट पंडाल  आदि सभी व्यवस्थाएं निशुल्क की जाएंगी। जितनी अधिक राशि एवं खाद्यान्न आदि सामग्री समाज जनों के सहयोग एकत्रित होगी उसके अनुसार समाज की बेटियों का विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विवाह हेतु पंजीयन आवेदन क्षत्रिय महासभा के सागर (बामोरा) स्थित कार्यालय में जमा किए जाएंगे और पहले पंजीकृत होने वाले आवेदकों को सम्मेलन में विवाह हेतु प्राथमिकता से शामिल किया जाएगा।

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महासभा के अध्यक्ष लखन सिंह ने जानकारी दी कि गत 17 मार्च को ठाकुर बाबा मंदिर जरुआखेड़ा प्रांगण में आयोजित क्षत्रिय महासभा के मिलन समारोह में वरिष्ठ संरक्षक, पूर्व गृहमंत्री खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह के प्रस्ताव पर क्षत्रिय महासभा जिला सागर द्वारा समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। बैठप्रस्ताव पर सहमति के आधे घंटे के भीतर इस पुण्य कार्य हेतु क्षत्रिय समाज जनों द्वारा 21लाख की राशि तथा बड़ी मात्रा में खाद्यान्न व अन्य सामग्री देने की घोषणा की गई थी। उन्होंने आग्रह किया कि इस कन्यादान महादान के सम्मेलन में सभी समाज जन अपनी क्षमता अनुसार सहयोग दें व सभी स्वजातीय बंधुओं को इसके लिए प्रेरित करें। सहयोगकर्ताओं की पूरी सूची सामूहिक विवाह सम्मेलन स्थल रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में सभी को वितरित की जाएगी।

यह रही आयोजन समिति

क्षत्रिय समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन हेतु गठित की गई 51 सदस्यीय समिति में शामिल सदस्यों में सौदान सिंह राठौर रहली, राजबहादुर सिंह पूर्व सांसद सागर, साहब सिंह सागौनी, राजकुमार सिंह सुमरेरी, जगत सिंह उदयपुरा, राजेन्द्र सिंह दरी, वीरेन्द्र बहादुर सिंह रिछावर, बलवंत सिंह कर्रापुर, भूपत सिंह सेमरा दौलत, शिवराज सिंह ठाकुर छापरी, जयंत सिंह बुंदेला मालथौन, कुवंर सिंह किर्रावदा बीना, नरेन्द्र सिंह पीपरा, इंदर सिंह बीना, राजकुमार सिंह ढाना नरयावली, डॉ. पीएस ठाकुर सागर, एड. जितेन्द्र सिंह ठाकुर गंभीरिया, रणधीर सिंह मासाब पटना, रंजोर सिंह बुंदेला शाहगढ़, डॉ. शैलेन्द्र सिंह सागर, राजकुमार सिंह धनौरा सुरखी, शिवराज सिंह बरेखेड़ी, विजय सिंह नयाखेड़ा आपचंद, राहुल राजपूत चौरा (रहली), अजब सिंह ठाकुर जरूआखेड़ा, जितेन्द्र सिंह धनौरा खुरई, देवप्रशांत सिंह बंडा, अजीत सिंह परिहार चीलपहाड़ी, मदन राजपूत बीना, लोकेन्द्र सिंह देहरी, चित्तर सिंह बसाहारी, शिवराज सिंह देहरी, बलभद्र सिंह बुंदेला बीना, एड. वीरेन्द्र सिंह राजपूत दादपुर राहतगढ, इंद्राज सिंह केरबना, मंगल सिंह सागौनी, शैलेन्द्र सिंह राजपूत कर्रापुर, अभिजीत सिंह गोल्डी रहली, भूपेन्द्र सिंह सिंगदोनी बंडा, धर्मेन्द्र सिंह निर्ताला खुरई, राजू राजपूत जैसीनगर, राजा राज सिंह करैया, चंद्रप्रताप सिंह ईसरवारा खुरई, जगदीश सिंह मासाब पाटई रहली, नरेन्द्र सिंह ठाकुर पप्पू बामोरा सागर, नत्थू सिंह साब सिमरिया बंडा, लोकेन्द्र सिंह लुहारी नरयावली, कैलाश सिंह राजपूत देवरी, प्रीतम सिंह राजपूत देवरी, बलवीर सिंह राजपूत लोंगर, राघवेन्द्र भापेल शामिल हैं।



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डॉ गौर विश्वविद्यालय : भूविज्ञान विभाग के 16 छात्र सीएसआईआर–नेट 2025 में सफल

डॉ गौर विश्वविद्यालय : भूविज्ञान विभाग के 16 छात्र सीएसआईआर–नेट 2025 में सफल


तीनबत्ती न्यूज: 19 मार्च , 2026

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर अनुप्रयुक्त भूविज्ञान विभाग के 16 छात्रों ने सीएसआईआर–यूजीसी नेट दिसंबर 2025 (CSIR UGC NET 2025 ) परीक्षा में सफलता प्राप्त कर भारत में भूविज्ञान के एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है। इनमें से 6 छात्रों, अनुरूपा मिश्रा (AIR 15), अभिश्रुति हांडिक (AIR 39), शाश्वत सिन्हा (AIR 46), आकाश चौबे (AIR 68), अंशकिता सेजल (AIR 69) और रोहित वर्मा (AIR 105) ने प्रतिष्ठित जूनियर रिसर्च फेलोशिप प्राप्त की। इसके अतिरिक्त, साक्षी पंजवानी और अनूप के. ने लेक्चरशिप के लिए योग्यता प्राप्त की। वहीं 8 अन्य छात्र, यश कुमार रजक, राकेश काले, निशांत सिन्हा, संस्कृति झा, अनंदु वीएस, हर्षवर्धन ठाकुर, हर्षित मिश्रा और अभिषेक दास पीएचडी श्रेणी में सफल रहे। यह उल्लेखनीय उपलब्धि विभाग और विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किए गए सशक्त शैक्षणिक वातावरण और समर्पित मार्गदर्शन को दर्शाती है। 

विभागाध्यक्ष संकाय सदस्यों तथा विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी सफल छात्रों को बधाई दी और कहा कि ऐसी उपलब्धियां संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता को रेखांकित करती हैं तथा भविष्य में छात्रों को प्रेरित करती रहेंगी।

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Sagar News: बीड़ी कॉलोनी : आशियानों के चार दशक..: बदलती तस्वीर ▪️रिपोर्ट : डॉ नवनीत धगट

Sagar News: बीड़ी कॉलोनी : आशियानों के चार दशक..: बदलती तस्वीर

▪️रिपोर्ट : डॉ नवनीत धगट


तीनबत्ती न्यूज: 19 मार्च ,2026

सागर: सागर शहर के तिली चौराहे  से धर्म श्री होकर मोती नगर मार्ग, राज मार्ग 14, और वार्ड है- ‘बाधराज’ । यहाँ  से गुज़रते हुए आप की नज़र सड़क के किनारे लगातार जमे पुराने टायरों के ढेरों पर पड़ती है । जगह कनेरा देव- संजय ड्राइव क्रॉस रोड पुल पास, जीपीएस लोकेशन ‘बीड़ी अस्पताल’ दिखाई देगी । पूछने पर जगह बताई जाएगी - ‘बीड़ी कॉलोनी ‘। 

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बुंदेलखंड को मिले सागर से पुणे व नागपुर के लिए सीधा रेल संपर्क : सांसद डॉ. लता वानखेड़े की लोकसभा में बड़ी मांग

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स्थान के इतिहास तलाशने जाऐंगे तो आप को बताया जाएगा : यह जगह पहले पिपरिया नाका कहलाती थी । तब यहाँ  वन विभाग की एक चौकी  होती थी, जिस में कोई 'ग्रंटी ' (गार्ड का अपभ्रंश ) ड्यूटी पर होता था, जो वनोपज लाते ले जाते राहगीरों से इकन्नी -दुअन्नी वसूलता । नगर पालिका,सागर  का एक कांजी हाउस भी यहीं हुआ करता था । 


बीड़ी उद्योग का सुपर दौर

सन् अस्सी के दशक  में (1980-1988) सागर का बीड़ी कुटीर गृह उद्योग अपने उच्चतम स्तर पर था ।  सागर जिले में लगभग ढाई लाख से अधिक बीड़ी मजदूर थे और सागर का बीड़ी उद्योग प्रदेश  में अव्वल नंबर पर था। देश  में समाजवादी आंदोलन मुखर था । सागर के स्व.नारायण शंकर त्रिवेदी, रधु ठाकुर और जवाहर अग्निहोत्री जैसे समाजवादी नेता असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों को संगठित कर उनके यूनियन तैयार करा रहे थे । अगरबत्ती,प्रेस, सफाई, पल्लेदार, बीड़ी सट्टेदार और सिविल डिफेंस जैसे,पच्चीसों श्रम संगठन अपने अधिकारों के लिए सक्रिय थे और संघर्ष कर रहे थे । रोटी,कपड़ा और मकान का नारा उस जमाने में प्रासंगिक था ।

बीड़ी कामगार सभा के मुहम्मद इकबाल की जुबानी



उस दौरा में इन्हीं यूनियनों में से एक थी ‘बीड़ी कामगार सभा’ । बीड़ी कॉलोनी  में रहने वाले 76 साल के बजुर्ग मुहम्मद इकबाल बताते हैं कि वे बीड़ी कामगार सभा के मंत्री थे । समाजवादी पार्टी के प्रदेश  अध्यक्ष स्व.नारायण शंकर त्रिवेदी , बीड़ी कामगार सभा के संरक्षक और एडवोकेट जवाहर अग्निहोत्री इसके अध्यक्ष थे । मुहम्मद इकबाल त्रिवेदी जी का नाम बेहद इज्जत से लेते हुए जज्बाती हो जाते हैं  ।  बताते हैं कि अस्सी के दशक में मध्य प्रदेश  के तत्कालीन मुख्य मंत्री अर्जुन सिंह जी का बीड़ी कामगार सभा ने सागर सर्किट हाउस में अपनी मांगों को लेकर घेराव किया था । 1980 के दशक में अर्जुन सिंह जी ने सागर के बीड़ी मजदूरों के लिए आवासीय कॉलोनी  के निर्माण की घोषणा  की । श्रम कल्याण  विभाग और हाउसिंग बोर्ड  ने 20 X30 फुट की प्लाट साइज़ में कुल 152 आवास  बना कर बीड़ी श्रमिकों को आवंटित किए गए थे । प्रत्येक आवास की कीमत 8000 रुपये रखी गई थी   इसमें  शासन का अनुदान 1500 रुपये था । 500 रुपयों की राशि  जमा करा के आवासों  का  सन 19 84 में अधिपत्य हितग्राही श्रमिकों को सौंपा गया था। शेष राशि  किस्तों में अदा की जानी थी । 


चार दशकों में आ गया बदलाव

सागर शहर की घनी आबादी से श्रमिक परिवार यहाँ आ कर बस गए । गुज़रे चालीस सालों में जहाँ  बहुत कुछ बदला, जिले का बीड़ी उद्योग ढलान पर आता चला गया । बीड़ी कॉलोनी का स्वरूप भी बदला । ज्यादातार आवंटियों ने  एक कमरे के छोटे मकान को नए सिरे से बनवा लिया ।  परिवारों ने अपनी आजीविका का क्षेत्र बदला, बहुत से श्रमिक पुराने टायरों को खरीदने बेचने का काम करने लगे हैं । ये पुराने टायर, आगे जाकर  क्रम्ब रबर, डामर (एस्फाल्ट), खेल के मैदानों की सतह, रबर मैट,जिम फ्लोरिंग, बच्चों के प्ले ग्राउण्ड और-रि ट्रेडिंग आदि के काम में लिए जाते हैं । 


विधायक शैलेन्द्र जैन ने की मदद

अनेक आवंटियों की हाउसिंग बोर्ड द्वारा तय राशि भुगतान नहीं हो सकी । लगातार बकाया भुगतान पर ब्याज के कारण यह राशि अधिक हो गई । मोहम्मद इकबाल आगे बताते हैं कि नगर विधायक शैलेंद्र जैन ने मध्यस्थता और पहल कर के बकाया  राशियों का सेटलमेंट कराया है । आवंटियों ने शहरी आवासों के लिए दी जाने  वाली वर्तमान प्रधानमंत्री आवास योजना सहायता स्वीकृत करा के मकानों के पुनर्निर्माण करा लिए हैं ।  आज  बीड़ी कॉलोनी के इन आशियानों में आ कर बसने वाले लगभग डेढ़ सौ रहवासी परिवार अपने घरों की छतों के नीचे राहत की सांस लेते हैं । 

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ग्राउंड रिपोर्ट: डॉ.नवनीत धगट 

(नवनीत धगट एक रिटायर्ड अधिकारी है: कला संस्कृति और सामाजिक सरोकारों पर गहरी समझ रखते है : 9827012124 )

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सागर शहर में छोटी झील की सफाई कर "जल गंगा संवर्धन अभियान" का तीसरे चरण शुरू

सागर शहर में छोटी झील की सफाई कर "जल गंगा संवर्धन अभियान" का तीसरे चरण  शुरू


तीनबत्ती न्यूज: 19 मार्च 2026

सागर: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) के पावन दिन “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तीसरे चरण का शुभारम्भ सागर शहर में करते हुए निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक सागर स्मार्ट सिटी राजकुमार खत्री ने ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील के भाग छोटी झील की सफाई की। माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुरूप शासन के निर्देशानुसार आज 19 मार्च से 30 जून तक यानि करीब साढ़े तीन महीने तक चलने वाले इस राज्य स्तरीय अभियान अंतर्गत सागर शहर के सभी जल स्रोतों के जल को साफ स्वच्छ बनाकर इन्हें संरक्षित करने का प्रयास किया जायेगा।

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सागर शहर में छोटी झील की सफाई कर "जल गंगा संवर्धन अभियान" का तीसरे चरण शुरू

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निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने छोटी झील किनारे संजय ड्राइव रोड की ओर निर्माणधीन घाट पर जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और नगर निगम की टीम के साथ सामूहिक सफाई अभियान चलाकर धुलाई सफाई का कार्य किया। उन्होंने सभी के साथ मिलकर छोटी झील से जलकुम्भी व कचरा बाहर निकाला। नगर निगम की फायर लारियों और जैटिंग प्रेसर मशीनों की मदद से घाट और छतरियों की धुलाई की गई। घाट पर निर्मित मंदिरों में विराजमान 12 ज्योतिर्लिंग शिवलिंगों पर जलाभिषेक किया गया व मंदिरो की धुलाई की गई।

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जल, वायु, मृदा व अन्य सभी प्रदूषणों पर नियंत्रण पाकर सागर को नंबर-1 बनाने में नागरिक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं


निगमायुक्त ने कहा की जल, मिट्टी और वायु प्रदूषण सहित अन्य जो भी प्रदूषण हैं उन पर नागरिकों के महत्वपूर्ण सहयोग से हमें नियंत्रण पाते हुए सागर को नंबर-1 बनाना है। विभिन्न प्रदूषणो को कम कर नागरिकों की जीवन गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के निरंतर प्रयास निगम प्रशासन द्वारा किये जा रहे हैं। जल, वायु, मृदा व अन्य सभी प्रदूषणो पर नियंत्रण पाकर सागर को नंबर-1 बनाने में नागरिक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं और सकारात्मक सहयोग प्रदान करें। 


निगमायुक्त ने जल स्रोतों और जल के संरक्षण का दिलाया संकल्प


उन्होंने जल स्रोतों को साफ स्वच्छ रखकर जल संरक्षण में अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प दिलाते हुए कहा की प्रत्येक नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए की वह सभी प्रकार के प्रदूषणो को अपने स्तर पर कम करने में अपना शतप्रतिशत देगा। उन्होंने कहा की पूजन विसर्जन सामग्री आदि पॉलीथिन में भरकर जल स्रोतों में न डालें। जल स्रोत के आसपास बने निर्मल कुंड में विसर्जन करें। घरों से निकलने वाला गीला-सूखा कचरा डोर टू डोर कचरा कलेक्शन वाहनों में ही दें। खाद्य सामग्री या पेकिंग के रेपर आदि सड़क पर न फेकें ये उड़कर या बहकर जल स्रोतों तक पहुंचकर जल प्रदूषित करते हैं, सड़क किनारे लगे डस्टबिनों का उपयोग करें। उन्होंने कहा की सभी सागरवासी भाग्यशाली हैं की पूर्वजों ने शहर के बीच लाखा बंजारा झील जैसा लगभग 400 एकड़ में फैला विशाल जल स्रोत हमें विरासत में दिया है। इस ऐतिहासिक विरासत को भविष्य के लिए संरक्षित रखना हम सब का नैतिक दायित्व है जिम्मेदारी है। 



लाखा बंजारा झील के कायाकल्प से झील को भविष्य के लिए संरक्षित करने में मिला अभूतपूर्व सहयोग


 लाखा बंजारा झील के आकर्षक कायाकल्प ने झील के अस्तित्व को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाया है। छोटी झील में एकत्र जल को भी झील का कायाकल्प कर संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा की तिली मार्ग व संजयड्राइव रोड की ओर लगे छोटी झील के किनारों पर लाल पत्थर से निर्मित रॉयल छतरीयों को स्थापित कर इसके स्वरूप को आकर्षक बनाया जा रहा है। छोटी झील किनारे बने ब्लैक स्पॉट को समाप्त कर नागरिकों हेतु आंनद स्थल के रूप में घाट विकसित किया गया है। इस घाट को आध्यात्मिक सांस्कृतिक ऊर्जा से परिपूर्ण बनाने के लिए 12 ज्योतिर्लिंग सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रतिमाओं की स्थपना की गई है। 


स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण में सागर को प्रथम रैंक  लाने हेतु स्वच्छता अभियान का हुआ शुभारम्भ


निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री ने छोटी झील किनारे नवनिर्मित घाट पर जनप्रतिनिधियों, नागरिकों व सफाईमित्रों के साथ झाडू लगाकर व घाट की धुलाई कर स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण में सागर को प्रथम रैंक पर लाने हेतु स्वच्छता अभियान का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा की विगत स्वच्छता सर्वेक्षण में सभी सफाईमित्रों, नगर निगम की टीम और नागरिकों के सयुक्त प्रयासों से सागर ने 77वीं राष्ट्रीय रैंक से ऊपर उठकर 10वीं नेशनल रैंक प्राप्त की थी। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में हमारा लक्ष्य 10वीं रैंक से ऊपर उठकर प्रथम स्थान हासिल करना है और आप सभी के इसी जुनून और जज्बे से हमारा सागर स्वच्छता में नंबर-1 अवश्य बनेगा। स्वच्छता में अव्वल बनने हेतु आवश्य लगभग सभी आयामों पर गहनता से कार्य किया जा रहा है। नागरिकों में भी सागर को अव्वल बनाने का जज्बा दिखाई दे रहा है सागर के रहवासी अब आगे आकर शहर की सफाई में सहयोग कर रहे हैं। शहर को स्वच्छ सुंदर व सुरक्षित बनाने में नागरिकों की सहभागिता बढ़ रही है। कटरा सहित अन्य क्षेत्रों में लगे पौधों को हरा भरा बनाएं रखने के लिए निगम प्रशासन के साथ ही नागरिकों द्वारा भी पानी सींचने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। कचरा कलेक्शन बिलों का भुगतान भी नागरिकों द्वारा किया जा रहा है। इससे सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा और सागर स्वच्छता में प्रथम रैंक हासिक करेगा।

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अंधविश्वास की भेंट चढ़ते-चढ़ते बची महिला : बीएमसी के आईसीयू में मिला पुनर्जन्म ▪️15 दिन कोमा में रहने और 5 बार डायलिसिस के बाद महिला और बच्चा दोनों स्वस्थ

अंधविश्वास की भेंट चढ़ते-चढ़ते बची महिला : बीएमसी के आईसीयू में मिला पुनर्जन्म

▪️15 दिन कोमा में रहने और 5 बार डायलिसिस के बाद महिला और बच्चा दोनों स्वस्थ


तीनबत्ती न्यूज: 18 मार्च 2026 

सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया और आईसीयू विभाग ने एक बार फिर चिकित्सा जगत में अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की है। खुरई क्षेत्र के एक ग्रामीण गांव की गर्भवती महिला, जो गंभीर स्थिति और अंधविश्वास के कारण जीवन-मौत के बीच जूझ रही थी, उसे बीएमसी के डॉक्टरों ने चमत्कारिक रिकवरी देते हुए नई जिंदगी दी है।

अंधविश्वास ने बिगाड़ा था मामला

आईसीयू प्रभारी प्रो. डॉ. सर्वेश जैन ने बताया कि उक्त महिला गर्भावस्था के दौरान अचेत हो गई थी। परिजनों ने जागरूकता के अभाव में डॉक्टरी सलाह लेने के बजाय तंत्र-मंत्र का सहारा लिया, जिससे कीमती समय बर्बाद हुआ। स्थिति बिगड़ने पर मरीज को 20 फरवरी को अचेत अवस्था (कोमा) में बीएमसी अस्पताल लाया गया।

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बुंदेलखंड को मिले सागर से पुणे व नागपुर के लिए सीधा रेल संपर्क : सांसद डॉ. लता वानखेड़े की लोकसभा में बड़ी मांग

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कोमा की स्थिति में ही भर्ती होने के दो दिन बाद महिला ने आईसीयू में ही सामान्य प्रसव के माध्यम से बच्चे को जन्म दिया, जिसे तुरंत गहन चिकित्सा इकाई (नर्सरी) में शिफ्ट किया गया। डॉ. जैन ने बताया कि महिला लगातार 15 दिनों तक कोमा में रही। इस दौरान उसकी 5 बार डायलिसिस की गई और 5 एफएफपी (FFP) लगाए गए। डॉक्टरों के अथक प्रयासों से अब महिला पूरी तरह सामान्य है और जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।

टीम वर्क से मिली सफलता

कंसल्टेंट इंचार्ज डॉ. अजय सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. अजमल, डॉ. ट्विंकल और डॉ. हिमानी ने मरीज की निरंतर सेवा और निगरानी की, जिसके परिणामस्वरूप यह सफल रिकवरी संभव हो सकी।

इस उपलब्धि पर डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने एनेस्थीसिया विभाग को बधाई दी। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों के प्रति नकारात्मकता फैलाने से आम आदमी का विश्वास डगमगाता है, जिससे वे आर्थिक तंगी के बावजूद निजी अस्पतालों की ओर रुख करते हैं। डॉ. ठाकुर ने कहा, सरकारी अस्पताल उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। यदि समाज में इनके प्रति सकारात्मक बदलाव को स्थान मिलेगा, तो चिकित्सकों और स्टाफ का मनोबल बढ़ेगा और अधिक से अधिक गरीब मरीज इन निःशुल्क सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।


मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान का लक्ष्य प्रत्येक मरीज को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है और यह मामला बीएमसी की कार्यकुशलता का जीवंत प्रमाण है।

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