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गुड़ा फाटक आरओबी निर्माण की प्रगति देखने पहुंची सांसद- कलेक्टर : पीडब्लूडी और रेलवे को दिए गति बढ़ाने के निर्देश

गुड़ा फाटक आरओबी निर्माण की प्रगति देखने पहुंची सांसद- कलेक्टर : पीडब्लूडी और रेलवे को दिए गति बढ़ाने के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज: 30 जून,2026

सागर :  गुड़ा फाटक रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के लिए आज  सांसद श्रीमती लता वानखेड़े एवं कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने प्रशासनिक अमले के साथ निर्माण स्थल का दौरा कर जमीनी प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर एसडीएम श्री अमन मिश्रा सहित ब्रिज, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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निरीक्षण के दौरान यह रेखांकित किया गया कि गुड़ा फाटक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण मकरोनिया और आस-पास के क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके पूर्ण होने से: क्षेत्रवासियों को रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से स्थायी मुक्ति मिलेगी। मकरोनिया की नेशनल हाईवे-44 से सीधी और सुगम कनेक्टिविटी स्थापित होगी। आपातकालीन सेवाओं और भारी वाहनों के आवागमन में समय की बचत होगी।


सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने निरीक्षण के दौरान विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सागर शहर के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक बड़ी कड़ी है। रेलवे और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर तकनीकी अड़चनों का समय पर निराकरण करें, ताकि आम जनता को इस ओवरब्रिज की सुविधा जल्द से जल्द मिल सके।

उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने और कार्य की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने को कहा। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और यातायात को सुचारू रखने के लिए समुचित डायवर्जन प्लान लागू करने के निर्देश दिए गए।




प्रोजेक्ट के एप्रोच रोड (पहुंच मार्ग) के निर्माण में आ रही भू-अर्जन संबंधी तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने राजस्व अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम श्री अमन मिश्रा को निर्देशित किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत 'धारा 19' की वैधानिक कार्रवाई को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, ताकि लोक निर्माण विभाग को निर्माण कार्य आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक क्लीयरेंस मिल सके।

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Sagar Crime: जुआ फड़ चलाने वाला आरोपी गिरफ्तार : स्वास्थ्य केंद्र का वार्ड बॉय निकला आरोपी : पत्नी गांव की सरपंच

Sagar Crime: जुआ फड़ चलाने वाला आरोपी गिरफ्तार : स्वास्थ्य केंद्र का वार्ड बॉय निकला आरोपी : पत्नी गांव की सरपंच


तीनबत्ती न्यूज: 30 जून,2026

सागर। जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरखी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अवैध जुआ संचालन के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी अंकुष उर्फ प्रताप सिंह चौहान को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल, सागर भेज दिया गया।

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पुलिस के अनुसार, 25 जून 2026 की रात आगरा रोड स्थित गौशाला के पीछे थाना सुरखी क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित जुआ पर विशेष टीम ने दबिश दी थी। इस दौरान कई जुआरियों को मौके से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जुआ संचालन का मुख्य आरोपी अंकुष उर्फ प्रताप सिंह चौहान (25 वर्ष), निवासी ग्राम बरकोटी, थाना गौरझामर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था।

लगातार तलाश और मुखबिर की सूचना के साथ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 29 जून 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ग्राम बरकोटी में स्वास्थ्य केंद्र पर वार्ड बॉय के पद पर कार्यरत है, जबकि उसकी पत्नी ग्राम पंचायत बरकोटी कला की निर्वाचित सरपंच हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई उसकी कथित आपराधिक गतिविधियों के आधार पर की गई है।

सराहनीय भूमिका:

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सत्यव्रत धाकड़, सहायक उप निरीक्षक सुरेन्द्र सिंह धुर्वे, आरक्षक विकास एवं आरक्षक कामता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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सागर कोर्ट का बड़ा फैसला: फर्जी प्रवेश पत्र बनाकर दूसरे की जगह परीक्षा दिलाने वाले स्कूल प्राचार्य और 3 अन्य आरोपियों को सजा

सागर कोर्ट का बड़ा फैसला: फर्जी प्रवेश पत्र बनाकर दूसरे की जगह परीक्षा दिलाने वाले स्कूल प्राचार्य और 3 अन्य आरोपियों को सजा



तीनबत्ती न्यूज: 30 जून, 2026

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले की अदालत ने परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले एक गिरोह को सख्त सजा सुनाई है। माननीय षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश श्री दिलीप सिंह परमार की अदालत ने ठाकुर उदयभान मेमोरियल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलहरा के प्राचार्य सहित चार आरोपियों को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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क्या है पूरा मामला?

​शासन की ओर से पैरवी करने वाले अपर लोक अभियोजक हरिशंकर विश्वकर्मा ने बताया कि यह घटना 12 फरवरी 2024 की है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलहरा के केंद्राध्यक्ष विजय कुमार पचौरी द्वारा हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) की परीक्षा के दौरान भौतिक, अर्थशास्त्र तथा पशुपालन विषय की परीक्षा के समय परीक्षा कक्षों का औचक निरीक्षण किया जा रहा था।

​निरीक्षण के दौरान परीक्षा केंद्र क्रमांक 241064 के कक्ष क्रमांक 18 में छात्र अंश राजपूत (पिता कृष्णा सिंह राजपूत) और कक्ष क्रमांक 17 में छात्र पवन लोधी (पिता बालकृष्ण लोधी) की उपस्थिति और फोटो संदिग्ध पाई गई।

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​जब ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों द्वारा सघन जांच की गई, तो एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ:

  • ​छात्र अंश राजपूत की जगह एक अन्य विधि का उल्लंघनकर्ता बालक (नाबालिग) परीक्षा दे रहा था।
  • ​छात्र पवन लोधी की जगह भूपेन्द्र यादव (निवासी ग्राम गढ़ी, पोस्ट गढ़ी गैरतगंज, जिला रायसेन) परीक्षा देते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

फर्जी आधार कार्ड और एडमिट कार्ड का हुआ था इस्तेमाल

​जांच में सामने आया कि दोनों फर्जी परीक्षार्थियों के पास जो प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) थे, उन पर असली छात्रों की जगह इन फर्जी व्यक्तियों की फोटो चपकी हुई थी। इतना ही नहीं, परीक्षा दे रहे नाबालिग बालक के पास से जो आधार कार्ड मिला, वह अंश राजपूत के नाम पर था लेकिन उस पर फोटो नाबालिग बालक की लगी हुई थी।

​कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों फर्जी परीक्षार्थियों ने लिखित में स्वघोषणा पत्र देकर स्वीकार किया कि वे क्रमशः अंश राजपूत और पवन लोधी के स्थान पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे。

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प्राचार्य की मिलीभगत से रचा गया था स्वांग

​मामले की जांच में यह बात भी साफ हो गई कि इन फर्जी प्रवेश पत्रों पर ठाकुर उदयभान मेमोरियल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलहरा के स्कूल प्रिंसिपल कृष्णा सिंह राजपूत उर्फ किस्सू मासाब के सील और हस्ताक्षर मौजूद थे। यानी पूरी जालसाजी में स्कूल के प्राचार्य खुद शामिल थे। केंद्राध्यक्ष की रिपोर्ट पर थाना सुरखी में अपराध क्रमांक 76/24 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।

अदालत ने सुनाई ये सजा

​न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपियों को आईपीसी की धारा 467, 468, 471, 420, 419, 120बी और 3/4 म.प्र. मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम के तहत दोषी ठहराया।

​अदालत ने निम्नलिखित सजा का ऐलान किया:

  • सभी आरोपियों (कृष्णा सिंह राजपूत, अंश राजपूत, भूपेन्द्र यादव और पवन लोधी) को 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास
  • ​मुख्य आरोपी प्राचार्य कृष्णा सिंह राजपूत उर्फ किस्सू मासाब पर 5,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
  • ​अन्य आरोपी अंश राजपूत, पवन लोधी और भूपेन्द्र यादव पर 6-6 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
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स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्था देख बिफरीं कलेक्टर पाल : स्थायी बिजली कनेक्शन, सफाई और व्यवस्थित ओपीडी संचालन के दिए निर्देश

स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्था देख बिफरीं कलेक्टर पाल :  स्थायी बिजली कनेक्शन, सफाई और व्यवस्थित ओपीडी संचालन के दिए निर्देश


तीनबत्ती न्यूज:  30 जून 2026
सागर: दावों और जमीनी हकीकत का अंतर भांपने के लिए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल बिना किसी पूर्व सूचना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चितौरा का औचक निरीक्षण करने पहुंची। जैसे ही कलेक्टर अस्पताल परिसर में दाखिल हुईं, वहां की अव्यवस्थाएं और प्रशासनिक लापरवाही की देख नाराजगी जताई। अव्यवस्थाएं देख कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। अस्पताल में परमानेंट बिजली कनेक्शन न होने की बात सामने आते ही कलेक्टर ने बिजली विभाग और स्वास्थ्य अमले को तत्काल तलब किया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अस्पताल अंधेरे या जनरेटर के भरोसे नहीं चल सकता, तत्काल वैध बिजली कनेक्शन करवाकर रिपोर्ट सौंपें। उन्होंने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को निर्देश दिए कि अति व्यवस्थाएं ठीक करायें।

ओपीडी रजिस्टर और स्टाफ़ की जांच: 
निरीक्षण के दौरान उन्होंने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति तथा ओपीडी संख्या का भी बारीकी से परीक्षण किया।  उन्होंने अधिकारियों को  हिदायत दी कि शासकीय अस्पताल गरीब मरीजों की  उम्मीद है। यहां बिजली, पानी और सफाई जैसी बुनियादी चीजों के लिए अगर मरीज तरस रहा है, तो यह आपकी अक्षमता है, इसे अतिशीघ्र सुधारें।

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जल गंगा संवर्धन अभियान बना जनआंदोलन : आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प : गोविन्द राजपूत

जल गंगा संवर्धन अभियान बना जनआंदोलन : आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प : गोविन्द राजपूत


तीनबत्ती न्यूज: 30 जून, 2026

सागर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सोमवार को सुरखी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गुरैया में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री श्री राजपूत ने ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक व्यापक जनआंदोलन है। जिले में तालाबों, कुओं, बावड़ियों एवं अन्य जल स्रोतों के संरक्षण, साफ-सफाई, गहरीकरण, वर्षा जल संचयन, वृक्षारोपण तथा जनजागरूकता जैसे कार्य बड़े पैमाने पर किए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

इस अवसर पर उन्होंने जिले में अभियान के अंतर्गत निर्धारित 34,703 लक्ष्यों के विरुद्ध 90,685 गतिविधियों का सफल क्रियान्वयन कर 261 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि लक्ष्य से 261 प्रतिशत अधिक उपलब्धि प्राप्त करना पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। इसके लिए उन्होंने कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), नगर परिषद एवं नगरीय निकायों के अधिकारियों, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं तथा आम नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से यह अभियान एक जनआंदोलन का स्वरूप ले सका है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश वाचन किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

निटर्री से अगरा मार्ग के लिए ₹4 करोड़ की लागत से रोड मंजूर की गई है, जिससे अब लंबे रास्ते और घूमकर जाने की मजबूरी खत्म होगी।, शासकीय हाई स्कूल के लिए ₹20 लाख की राशि और स्कूल भवन मरम्मत के लिए ₹5 लाख स्वीकृत किए गए हैं। गाँव में शादियों और मांगलिक कार्यों के लिए ₹25 लाख की लागत से मंगल भवन के निर्माण की घोषणा की गई।



विभिन्न विभागों के समन्वय से बदली ग्राम पंचायतों की तस्वीर

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले में जल संरक्षण की दिशा में हुए कार्यों के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि भले ही इस अभियान का औपचारिक समापन हो रहा है, परंतु पानी बचाने और जल स्रोतों को सहेजने का हमारा कर्तव्य कभी समाप्त नहीं होता। कलेक्टर ने बताया कि पानी रोकने का यह महाअभियान मुख्य रूप से मार्च से जून तक निरंतर चलाया गया, जिसके तहत मनरेगा के माध्यम से 8.5 हजार से ज्यादा कार्य सफलतापूर्वक किए गए हैं। इस अभियान में विभिन्न विभागों ने मिलकर सामूहिक प्रयास किए हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत गुरैया के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यहाँ जल संरचना के तहत अमृत सरोवर का बहुत अच्छा निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण एवं संवर्धन के अतिरिक्त अन्य विभागों के समन्वित प्रयास भी रंग लाए हैं। कृषि विभाग द्वारा बलराम तालाब और उद्यानिकी विभाग द्वारा माइक्रो इरिगेशन (सूक्ष्म सिंचाई) को बढ़ावा दिया गया है ताकि ऐसी खेती की जा सके जिसमें पानी कम लगे। वन विभाग द्वारा कंटूर ट्रेंच बनाकर जंगली क्षेत्रों में वर्षा के पानी को रोकने का सराहनीय कार्य किया गया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी द्वारा वॉटर सैंपलिंग का कार्य किया गया। इसी प्रकार हैंडपंपों के पास जल संचयन के लिए सोक पिट बनाए गए हैं।

ये रहे शामिल

इस अवसर पर डाॅ. वीरेन्द्र पाठक, नर्वदासिंह खोना वाले, सरवन सिंह, अरुण गौतम, राकेश राजपूत, भोलेराजा, रमेश चढ़ार, गोकल सिह, अमर सिंह, अजबसिह सरपंच, महेन्द्र सिंह, बुन्देलसिंह बंसिया मंडल अध्यक्ष, दिनेश मिश्रा, कौशल चैबे, रामराज लोधी, शिवराज सिंह, सुवोध दुवे, कमलेश पांडे, ब्रजभान सिंह, सुरेश साहू, रामबाबू तिवारी, कुंवर सिंह यादव भिलैया, गन्नी अहिरवार, बाबूसिंह राजपूत, महेन्द्र राय, अनुविभागीय अधिकारी, जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, महिला बाल विकास अधिकारी भरत सिंह ठाकुर सहित सभी प्रशासनिक जिला अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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सागर: कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई; अवैध और नकली सोयाबीन बीज भंडारण पर FIR दर्ज ▪️बंद हो चुकी दालमिल के नाम का मिला दुरुपयोग

सागर: कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई; अवैध और नकली सोयाबीन बीज भंडारण पर FIR दर्ज

▪️बंद हो चुकी दालमिल के नाम का मिला दुरुपयोग


​तीनबत्ती न्यूज:  30 जून 2026

सागर: सागर जिला प्रशासन और कृषि विभाग की टीम ने नकली व अवैध बीज विक्रेताओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के सख्त निर्देश पर जरूआखेड़ा स्थित 'आलोक ट्रेडर्स' पर छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध व नकली सोयाबीन बीज का भंडारण और पैकिंग पकड़ी गई है। इस मामले में प्रोपराइटर आलोक जैन के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर मामले को विवेचना में ले लिया गया है।



संयुक्त टीम ने मारा छापा, मिला संदिग्ध माल

​अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री अमन मिश्रा और उप संचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी के मार्गदर्शन में कृषि एवं राजस्व विभाग के संयुक्त दल ने 29 जून 2026 को जरूआखेड़ा में इस कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि यहाँ अवैध रूप से सोयाबीन बीज का व्यापार चल रहा है।

​औचक निरीक्षण के दौरान गोदाम से निम्नलिखित सामग्रियां जब्त की गईं:

  • 29 बैग सोयाबीन बीज: मशीन द्वारा पैक की गई 40-40 किलोग्राम की बोरियां, जिन पर 'अन्नपूर्णा ब्रांड दाल मिल, ललितपुर' छपा हुआ था।
  • 116 खाली बोरियां: ब्रांडेड नाम वाली नई और खाली बोरियां, जिनका इस्तेमाल अवैध पैकिंग के लिए किया जाना था।
  • 100 जूट की बोरियां: करीब 50-50 किलोग्राम की बोरियों में भरा सोयाबीन का कच्चा माल।

​इस पूरे मामले में बीज गुण नियंत्रण आदेश के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।



बंद हो चुकी ललितपुर की 'अन्नपूर्णा दाल मिल' के नाम का दुरुपयोग

​जांच में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जब्त की गई बोरियों पर 'अन्नपूर्णा ब्रांड दाल मिल, ललितपुर' लिखा हुआ था और एक मोबाइल नंबर दर्ज था। जब अधिकारियों ने उस नंबर पर संपर्क किया, तो वह ललितपुर के श्री अमित जैन का निकला।

फर्जीवाड़े का खुलासा: श्री अमित जैन ने टीम को बताया कि उनकी अन्नपूर्णा दाल मिल का व्यापार 5 साल पहले ही पूरी तरह बंद हो चुका है। आरोपी आलोक जैन द्वारा उनके पुराने प्रतिष्ठान के नाम और मोबाइल नंबर का अवैध रूप से दुरुपयोग किया जा रहा था। असली मालिक ने प्रशासन से इस धोखाधड़ी पर कठोरतम कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।


कार्रवाई में शामिल रहे अधिकारी

​इस महत्वपूर्ण छापामार कार्रवाई के दौरान कृषि विभाग और प्रशासन के प्रमुख अधिकारी  एम. के. प्रजापति (परियोजना संचालक, आत्म, अनिल राय (अनुविभागीय अधिकारी, कृषि, अंकित रावत (सहायक संचालक, कृषि)​श्री जे. एल. विश्वकर्मा,श्री भूपेंद्र राजपूत (तकनीकी सहायक, एम सागर) शामिल रहे।

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विधायक शैलेन्द्र जैन ने महापौर , निगमायुक्त के साथ वृक्षारोपण, जलप्रदाय और सीवरेज परियोजनाओं की समीक्षा की

विधायक शैलेन्द्र जैन ने महापौर , निगमायुक्त के साथ वृक्षारोपण, जलप्रदाय और सीवरेज परियोजनाओं की समीक्षा की



सागर :  नगर निगम सभाकक्ष में विधायक शैलेन्द्र जैन, महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी, निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, एमआईसी सदस्यों, पार्षदों एवं अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति में वृक्षारोपण, टाटा  एवं सीवरेज परियोजना सहित अन्य विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।


बैठक में  विधायक  द्वारा एक जुलाई से प्रारंभ होने वाले व्यापक वृक्षारोपण अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई। निर्णय लिया गया कि गत वर्षों में लगाए गए पौधों की वर्तमान स्थिति का आंकलन करने के बाद प्रत्येक वार्ड विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। पौधारोपण में बरगद, पीपल, कदम, जामुन, नीम एवं गुलमोहर जैसे छायादार, औषधीय और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्षों को प्राथमिकता दी जाए। यह भी तय किया गया कि सड़क किनारे एक ही प्रजाति के पौधे पंक्तिवार लगाए जाएं, ताकि सौंदर्य और रखरखाव में एकरूपता बनी रहे। शहर के सभी श्मशान घाटों में भी पौधारोपण किया जाए। बैठक में विधायक ने कहा कि शहर के श्मशान घाटों पर ही मृत्यु प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने पर भी चर्चा हुई, जिससे नागरिकों को सुविधा मिल सके।

टाटा सीवरेज पर जताई आपत्ति

पार्षदों ने टाटा प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कंपनी ने पुरानी पाइपलाइन हटाए बिना नई लाइन को उसी से जोड़ दिया, जिससे कई तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हुईं। ऐसे उपभोक्ताओं को भी जलकर का बिल मिलने की शिकायत सामने आई, जिनके कनेक्शन अब तक लाइन से नहीं जुड़े हैं।  निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने कहा कि टाटा प्रोजेक्ट द्वारा संचालन मद में लगभग 16 करोड़ रुपये की देनदारी लंबित है, जिसका संचालन एमपीयूडीसी के माध्यम से हो रहा है।  जबकि बिजली बिल का भुगतान पहले से ही निगम द्वारा किया जा रहा है  इसलिए जलप्रदाय व्यवस्था का संचालन टाटा प्रोजेक्ट से वापस लेकर पूर्व की तरह नगर निगम जलप्रदाय विभाग के द्वारा  किया जाए। बैठक में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। निगमायुक्त ने कहा कि जिन भवनों के नक्शे स्वीकृत किए जाएंगे, उनमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था अनिवार्य होगी। शासकीय भवनों, स्कूलों और कॉलेजों में भी वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करने की कार्रवाई की जाएगी। जिन भवन स्वामियों के नक्शे पहले से स्वीकृत हैं लेकिन उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य पूरा नहीं किया है, उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

निगमायुक्त ने सीवर प्रोजेक्ट के संबंध में जानकारी दी गई  कि  सीवर के शहर में 60 हजार घरेलू कनेक्शन किए जाना थे मगर अभी तक 30 हजार कनेक्शन किए गए हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि निगमायुक्त द्वारा  प्रतिदिन किए जा रहे सीवर कनेक्शनों की समीक्षा की जाएगी।

ये रहे शामिल

बैठक में एम आई सी सदस्य शैलेन्द्र ठाकुर, अनूप उर्मिल, धमेंद्र खटीक, रुपेश यादव,सुश्री मेघा दुबे, श्रीमती संगीता शैलेष जैन, पार्षद डॉ याकृति जड़िया, श्रीमती अनीता रामू ठेकेदार, वैदेही पुरोहित, श्रीमती पूजा सोनी, रुबी कृष्ण कुमार पटेल, हेमंत यादव, रीतेश तिवारी,भरत माते ,सूरज घोसी, प्रहलाद पटेल, उपायुक्त एस एस बघेल,प्रभारी कार्यपालन यंत्री संजय तिवारी, उपयंत्री आयुष शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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गलत इलाज: मासूम की आंखों की गई रोशनी और झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से युवती की हुई मौत : अब होगी जांच : CMHO ने किया डाक्टरों का जांच दल गठित

गलत इलाज: मासूम की आंखों की गई रोशनी और झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से युवती की हुई मौत : अब होगी जांच : CMHO ने किया डाक्टरों का जांच दल गठित



तीनबत्ती न्यूज; 29 जून 2026

सागर: सागर जिले केसिविल अस्पताल बण्डा में इलाज के दौरान डेढ़ साल के मासूम की आंखों की रोशनी जाने एवं बण्डा तहसील अंतर्गत विनायका थाना क्षेत्र के चक्रभारती में झोलाछाप डॉक्टर प्रिंस वाला के उपचार के बाद 19 वर्षीय युवती की मृत्यु होने संबंधी घटनाओं की सूक्ष्मता से जांच हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के आदेशानुसार जांच दल का गठन किया गया है।

जांच दल में शामिल अधिकारी

डॉ अदिति दुबे नेत्ररोग विशेषज्ञ इन्द्रा नेत्र चिकित्सालय सागर। (अध्यक्ष) अशोक कुमार नेत्र सहायक इन्द्रा नेत्र चिकित्सालय। (सदस्य) और  बालाराम अहिरवार बी.ई.ई. सिविल अस्पताल बण्डा जिला सागर। (सदस्य) बनाए हुए है।  उक्त दल को दो दिवस में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

मासूम की गई रोशनी
परिजनों के अनुसार, डॉक्टर ने बच्चे को एक आई ड्रॉप, पैरासिटामोल सिरप, एक इंजेक्शन और अन्य दवाइयां दीं। दवा देने के बाद वे करीब तीन से चार घंटे तक अस्पताल में ही रुके रहे, लेकिन बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ। उनका आरोप है कि ड्रॉप डालने के बाद बच्चे की आंखों में जलन शुरू हो गई। इसके बाद बच्चे को सागर रेफर किया गया। सागर में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बच्चे को भोपाल एम्स ले जाने की सलाह दी। परिजन बच्चे को इलाज के लिए भोपाल एम्स लेकर पहुंचे। उनका कहना है कि वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि इलाज में लापरवाही के कारण बच्चे की आंखों की रोशनी गई।

आई ड्रॉप की जगह नोजल ड्रॉप देने का आरोप

बच्चे के पिता का दावा है कि जिस ड्रॉप को उन्होंने बच्चे की आंखों में डाला, वह आई ड्रॉप नहीं बल्कि नोजल ड्रॉप (नॉर्मल सलाइन) था। उनका कहना है कि डॉक्टर की पर्ची के आधार पर ही अस्पताल के दवा काउंटर से यह ड्रॉप मिला था। आरोप है कि इसे डालने के बाद ही बच्चे की आंखों में जलन शुरू हुई और उसकी रोशनी चली गई।



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