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ऑटो रिक्शा के खिलाफ सघन चेकिंग, 30 वाहनों से 1.41 लाख जुर्माना वसूला

ऑटो रिक्शा के खिलाफ सघन चेकिंग, 30 वाहनों से 1.41 लाख जुर्माना वसूला

• बिना परमिट, फिटनेस और लाइसेंस के चल रहे 5 ऑटो रिक्शा जब्त



तीनबत्ती न्यूज: 6 अक्टूबर 2026

सागर। परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर एवं कलेक्टर सागर के निर्देश पर यात्री बसों, स्कूल बसों और ऑटो रिक्शा के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में परिवहन विभाग की टीम ने शहरी क्षेत्र में ऑटो रिक्शा वाहनों की जांच की।

पूर्व में की गई कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए 30 यात्री बस, स्कूल बस एवं अन्य वाहनों से 1 लाख 41 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। जुर्माना जमा होने के बाद इन वाहनों को मुक्त कर दिया गया।

जांच के दौरान यात्री एवं स्कूल बसों में सुरक्षा संबंधी कई कमियां भी सामने आई थीं। इनमें पीछे के कांच पर लोहे की जाली लगी होना, फर्स्ट एड बॉक्स का उपलब्ध नहीं होना, निर्धारित मानक के अग्निशमन यंत्र नहीं होना, वाहन के आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होना, आपातकालीन द्वार पर सीट लगी होना, आपातकालीन द्वार का ठीक से नहीं खुलना तथा रिमोल्ड टायर लगे होना जैसी अनियमितताएं शामिल थीं।

बिना परमिट और फिटनेस के चल रहे 5 ऑटो जब्त

6 अक्टूबर को शहरी क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान 5 ऑटो रिक्शा नियम विरुद्ध संचालित पाए गए। जांच में इन वाहनों के पास परमिट और फिटनेस नहीं पाए गए, जबकि वाहन चालकों के पास आवश्यक ड्राइविंग लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं था। सभी 5 ऑटो रिक्शा को जब्त कर परिवहन कार्यालय परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया है।

चेकिंग के दौरान कुछ वाहन चालकों ने रास्ता बदलकर जांच से बचने का प्रयास भी किया, लेकिन जांच दल ने उन्हें जांच के दायरे में लिया। नियमों में कमी पाए जाने पर संबंधित वाहनों के खिलाफ जब्ती की कार्रवाई की गई।

दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने वाहन स्वामियों एवं चालकों को निर्देश दिए हैं कि वाहन संचालन के दौरान बीमा, फिटनेस, परमिट, पंजीयन कार्ड, हैवी ड्राइविंग लाइसेंस, टैक्स प्रमाण पत्र और प्रदूषण प्रमाण पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य रूप से साथ रखें।

दस्तावेजों में कमी पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1991 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्री वाहनों और ऑटो रिक्शा की यह चेकिंग कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

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मेयर ने सागर कमिश्नर से भेंट कर निगमायुक्त के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की • निगमायुक्त ने महापौर परिषद के जनहितैषी निर्णयों को लंबित रखते हुए समय-सीमा में पालन नहीं किया महापौर

मेयर ने सागर कमिश्नर से भेंट कर निगमायुक्त के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की

• निगमायुक्त ने महापौर परिषद के जनहितैषी निर्णयों को लंबित रखते हुए समय-सीमा में पालन नहीं किया:  महापौर


तीनबत्ती न्यूज: 06 सितम्बर, 2026

सागर: महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने मंगलवार को संभागायुक्त  दिलीप कुमार से भेंट कर नगर निगम सागर के निगमायुक्त राजकुमार खत्री की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। महापौर ने संभागायुक्त को पत्र सौंपते हुए महापौर परिषद (मेयर-इन-काउंसिल) द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण एवं जनहितैषी निर्णयों को लंबित रखने, निर्धारित समय-सीमा में उनका अनुपालन नहीं किए जाने तथा निगम हित एवं जनहित के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने का आरोप लगाते हुए निगमायुक्त के विरुद्ध शासन स्तर पर कार्रवाई की मांग की।

यह भी पढ़ें: पूर्व निर्णयों पर कार्रवाई नहीं होने से निगमायुक्त की कार्यप्रणाली पर महापौर परिषद नाराज : शासन को भेजा जाएगा पत्र : मेयर संगीता तिवारी • महापौर परिषद के निर्णयों की लगातार हो रही अवहेलना, जनचौपाल में भी नहीं पहुंचे निगमायुक्त

महापौर द्वारा सौंपे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि श्री राजकुमार खत्री नगर पालिक निगम सागर में लगभग ढाई वर्ष से निगमायुक्त के पद पर पदस्थ हैं। पत्र के अनुसार, उनके कार्यकाल के दौरान महापौर परिषद द्वारा जनहित एवं निगम हित में लिए गए महत्वपूर्ण प्रस्तावों को लंबित रखा जा रहा है। बैठकों में लिए गए निर्णयों के संबंध में भी निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित प्रतिवेदन एवं अनुपालन की जानकारी महापौर परिषद को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। महापौर ने कहा कि इससे शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं, जनहित एवं विकास कार्यों की प्रगति, वित्तीय अनुशासन तथा नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

महापौर परिषद द्वारा पूर्व की बैठकों में लिए गए लंबित निर्णयों की समीक्षा के लिए 30 सितंबर 2026 को बैठक आयोजित की गई थी। महापौर के अनुसार, बैठक में लंबित विषयों पर बिंदुवार विस्तृत चर्चा की गई, लेकिन कई प्रकरणों में निगमायुक्त द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि महापौर परिषद द्वारा समय-समय पर पारित निर्णयों एवं दिए गए निर्देशों के बावजूद निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। अनेक महत्वपूर्ण प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने तथा समीक्षा के बाद भी निर्णयों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित नहीं किए जाने पर महापौर एवं महापौर परिषद ने गंभीर असंतोष व्यक्त किया है।

महापौर परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 4, दिनांक 30 सितंबर 2026 में निगमायुक्त की कार्यप्रणाली के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध प्रस्ताव पारित किए जाने का भी पत्र में उल्लेख किया गया है।

कार्यवाई की रखी मांग

महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने संभागायुक्त से अनुरोध किया है कि नगर पालिक निगम सागर में जनहित एवं निगम हित से जुड़े कार्यों की गति बनाए रखने तथा महापौर परिषद के निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के लिए निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री की कार्यप्रणाली को दृष्टिगत रखते हुए उनके विरुद्ध शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कराई जाए तथा उनका तत्काल प्रभाव से अन्यत्र स्थानांतरण किए जाने की कार्रवाई की जाए। 

ये रहे शामिल

इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं महापौर प्रतिनिधि डॉ सुशील तिवारी,एम आई सी सदस्य अनूप उर्मिल, रुपेश यादव, राजकुमार पटेल, धमेंद्र खटीक,पार्षद प्रतिनिधि नरेश यादव, सोमेश जड़िया, शैलेष जैन, प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट रिशांक तिवारी उपस्थित थे।

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Sagar News: उपस्थिति लगाकर विद्यालय से गायब मिले शिक्षक: नोटिस के साथ अतिथि शिक्षक का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश

उपस्थिति लगाकर विद्यालय से गायब मिले शिक्षक: नोटिस के साथ अतिथि शिक्षक का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज: 6 अक्टूबर 2026

सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन ने मंगलवार को मालथौन विकासखंड के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति दर्ज करने के बाद विद्यालय से अनुपस्थित मिले शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा बिना सूचना अनुपस्थित अतिथि शिक्षक का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।



जिला शिक्षा अधिकारी ने पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोंगर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रजवास, शासकीय एकीकृत हाईस्कूल पाली, शासकीय प्राथमिक शाला पाली, शासकीय प्राथमिक-माध्यमिक शाला परसोन, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोड़ा, शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला रोड़ा और शासकीय माध्यमिक विद्यालय पथरिया बामन का निरीक्षण किया।


उपस्थिति दर्ज कर विद्यालय से अनुपस्थित मिले शिक्षक


निरीक्षण के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रजवास के प्राथमिक शिक्षक मुकेश तिवारी तथा शासकीय माध्यमिक विद्यालय पथरिया बामन के अनिल जैन उपस्थिति दर्ज करने के बाद विद्यालय में अनुपस्थित पाए गए। दोनों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

इसी प्रकार शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला रोड़ा के प्राथमिक शिक्षक रामेश्वर प्रसाद कुर्मी और अविनाश कुमार दुबे भी हस्ताक्षर करने के बाद विद्यालय में अनुपस्थित मिले। दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।


शासकीय माध्यमिक विद्यालय पथरिया बामन की अतिथि शिक्षक कीर्ति नामदेव भी बिना सूचना के अनुपस्थित पाई गईं। जिला शिक्षा अधिकारी ने उनका एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।


समय पर खुलें और बंद हों विद्यालय


जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि सभी विद्यालय निर्धारित समय पर खुलें और बंद हों। शिक्षक समय पर विद्यालय पहुंचें और ई-अटेंडेंस दर्ज करने के बाद विद्यालय में ही मौजूद रहें। उपस्थिति दर्ज करने के बाद विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कोई भी विद्यार्थी शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। विद्यालयों में उपलब्ध नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें और साइकिलें पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाएं। यदि पाठ्य पुस्तकें अथवा साइकिलें अतिरिक्त बची हैं तो उन्हें तत्काल विकासखंड शिक्षा अधिकारी के समक्ष वापस करने की कार्रवाई की जाए।


निर्माणाधीन भवन का भी किया निरीक्षण


शासकीय हाईस्कूल पाली के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भवन का निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।


पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोंगर के निरीक्षण के दौरान विद्यालय भवन निर्माण में आ रही हाईटेंशन लाइन और अतिक्रमण से संबंधित जानकारी ली गई। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र के माध्यम से जानकारी भेजी गई है।


रोड़ा स्कूल परिसर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई


शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोड़ा के निरीक्षण के दौरान प्राचार्य द्वारा विद्यालय परिसर में अतिक्रमण की जानकारी दी गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने राजस्व अधिकारियों से चर्चा कर अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।

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सीएम डॉ.मोहन यादव 7 अक्टूबर को सागर में : वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को करेंगे विमुक्त

सीएम डॉ.मोहन यादव 7 अक्टूबर को सागर में : वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को करेंगे विमुक्त

तीनबत्ती न्यूज:  6 अक्टूबर 2026।

सागर : वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन अवसर पर सागर और बुंदेलखंड के लिए वन्यजीव संरक्षण का एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अक्टूबर को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में कूनो राष्ट्रीय उद्यान से लाए गए दो चीतों को विमुक्त करेंगे। इसके साथ ही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश में चीतों का तीसरा आवास बन जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अक्टूबर को सागर जिले के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे दोपहर 12 बजे भोपाल स्थित स्टेट हैंगर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर दोपहर 12:55 बजे रहली विधानसभा क्षेत्र के मोहली हेलीपैड पहुंचेंगे। यहां से दोपहर 1:20 बजे कार द्वारा वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री यहां चीतों को विमुक्त करने के साथ स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। स्थानीय कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2:45 बजे कार से मोहली हेलीपैड पहुंचेंगे और दोपहर 2:50 बजे हेलीकॉप्टर से भोपाल के लिए रवाना होंगे।

439 हेक्टेयर क्षेत्र में चीतों के लिए विशेष व्यवस्थाएं

कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य के बाद वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को मध्यप्रदेश में चीतों के तीसरे आवास के रूप में विकसित किया गया है। चीतों की सुरक्षा और अनुकूलन के लिए लगभग 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। आधुनिक बाड़ों (बोमा) और अन्य सुविधाओं से युक्त सुरक्षित आवास तैयार किया गया है।

वन विभाग द्वारा चीतों की सुरक्षा, नियमित निगरानी और स्वास्थ्य देखभाल की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही क्षेत्र में मौजूद अन्य वन्यजीवों के लिए भी सुरक्षित और अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया गया है।


सागर और बुंदेलखंड में बढ़ेगा वन्यजीव पर्यटन

चीतों की मौजूदगी से सागर और बुंदेलखंड में वन्यजीव पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटकों के पहुंचने से होटल, रिसॉर्ट, होम-स्टे, परिवहन, गाइड, वाहन चालक, छोटे व्यवसाय और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व


वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, जिसे नौरादेही टाइगर रिजर्व के नाम से भी जाना जाता है, सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में लगभग 2,339 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है।


वर्ष 1997 में स्थापित इस क्षेत्र को नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य के साथ एकीकृत करने के बाद 20 सितंबर 2023 को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया। यह क्षेत्र बाघ, तेंदुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय और भालू सहित अनेक वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। संकटग्रस्त भारतीय गिद्ध प्रजातियों के संरक्षण की दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है।


चीता पुनर्स्थापना अभियान को मिला नया विस्तार


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाए गए चीतों को विमुक्त कर भारत में चीता पुनर्स्थापना अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से भी चीते भारत लाए गए। अब इस अभियान का विस्तार मध्यप्रदेश के अन्य उपयुक्त वन क्षेत्रों तक किया जा रहा है।

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों की विमुक्ति इसी व्यापक संरक्षण अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है।


देश में चीतों की संख्या बढ़कर 60


5 अक्टूबर 2026 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। इसके साथ देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है, जिनमें 41 भारत में जन्मे चीते शामिल हैं।

7 अक्टूबर को कूनो से नर चीता थोलो और मादा चीता CCB-3 को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व लाया जाएगा। इनके स्थानांतरण के बाद कूनो में 54 चीते रहेंगे।

वर्तमान में गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में दक्षिण अफ्रीकी मूल के नर चीते प्रभास और पावक तथा मादा चीते धीरा और सितंबर 2026 में बोत्सवाना से लाकर विमुक्त की गई मादा राधा मौजूद हैं।

दो चीतों की विमुक्ति के साथ वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापना अभियान का नया केंद्र बनेगा। इससे न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी, बल्कि सागर और पूरे बुंदेलखंड में पर्यटन एवं स्थानीय रोजगार की संभावनाओं को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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सागर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रदीप पाण्डेय 'हरिश्वती' बने अंतरराष्ट्रीय सर्वधर्म परिषद के राष्ट्रीय सलाहकार

सागर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रदीप पाण्डेय 'हरिश्वती' बने अंतरराष्ट्रीय सर्वधर्म परिषद के राष्ट्रीय सलाहकार 


तीनबत्ती न्यूज: 6 अक्टूबर 2026

सागर। सागर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं समाजसेवी डॉ. प्रदीप पाण्डेय 'हरिश्वती' को अंतरराष्ट्रीय सर्वधर्म परिषद (International Council of Religions) का राष्ट्रीय सलाहकार मनोनीत किया गया है। परिषद के शासी निकाय एवं केंद्रीय कार्यकारी बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के बाद केंद्रीय सचिवालय, नई दिल्ली से उनकी नियुक्ति का विधिवत आदेश जारी किया गया है।

परिषद द्वारा जारी आदेश में डॉ. पाण्डेय को समाज सेवा, लोक कल्याण, सांप्रदायिक सौहार्द और उनके दीर्घ अनुभव को देखते हुए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने का उल्लेख किया गया है। नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष के लिए प्रभावी रहेगी।

शांति और सद्भाव अभियानों का करेंगे नेतृत्व

डॉ. पाण्डेय को संबंधित राज्यों के संभागों, मंडलों और जनपदों में परिषद की गतिविधियों, शांति अभियानों तथा संस्थागत कार्यक्रमों के नेतृत्व और पर्यवेक्षण के व्यापक कार्यकारी अधिकार दिए गए हैं। उनके मार्गदर्शन में राष्ट्र, प्रदेश और जिला स्तर पर सर्वधर्म शांति एवं सद्भाव समितियों के गठन के साथ सामाजिक सुरक्षा, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, युवा एवं महिला सहभागिता तथा प्रशासनिक समन्वय से जुड़े विभिन्न मानवीय अभियानों को गति देने की योजना है।


साहित्यिक और सामाजिक क्षेत्र में हर्ष

डॉ. प्रदीप पाण्डेय की नियुक्ति पर सागर सहित देश-प्रदेश के साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

बधाई देने वालों में श्यामलम के अध्यक्ष उमाकांत मिश्र, श्रुतिमुद्रा की डॉ. कविता शुक्ला, साहित्य सरस्वती मंच के संयोजक राधाकृष्ण व्यास, मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन सागर से पुष्पेंद्र दुबे, डॉ. श्याम मनोहर सिरोठिया, देववाणी संस्था के अध्यक्ष पूरन सिंह राजपूत, हिंदी उर्दू साहित्यकार मंच के अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण चौरसिया, तुलसी साहित्य संघ के अध्यक्ष अरुण दुबे, मध्यप्रदेश प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष वृंदावन राय 'सरल', मध्यप्रदेश लेखक संघ के अध्यक्ष पी.आर. मलैया, बज्मे अजार से एम. शरीफ, मणिदेव ठाकुर, अमित आठ्या, कसक फाउंडेशन से सुरजीत सिंह, श्यामलम से आर.के. तिवारी, महबूब खान, शाहजाद, हेमंत दुबे लम्बरदार, एन. पुरुषोत्तम सेन, मनोज सोनी 'रहवर', सरस्वती वाचनालय एवं पुस्तकालय से जी.एल. छत्रसाल सहित शेखर आहूजा, राहुल पाठक, शोयेब कुरैशी, राजा ठाकुर, हर्षित जैन, राधिका साहू, निमित बलैया, सौम्या आहूजा, पंकज वर्मा, विशाल रजक, अमन पवार, गौरव सोनी और बिपिन पटेल शामिल हैं। नियुक्ति संबंधी जानकारी वरिष्ठ साहित्यकार अमित आठ्या ने दी।

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वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व सागर में 7 अक्टूबर को दो चीते छोड़ेंगे सीएम डॉ मोहन यादव

7 अक्टूबर को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व सागर में दो चीतों की दस्तक: सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे रिलीज

• चीतों के आगमन से वन्यजीव पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान : गोविंद सिंह राजपूत

तीनबत्ती न्यूज: 5 अक्टूबर 2026

सागर। वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन अवसर पर सागर और बुंदेलखंड के लिए एक ऐतिहासिक अवसर आने वाला है। 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को रिलीज करेंगे। चीतों के आगमन से क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों का आना सागर सहित पूरे बुंदेलखंड के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि चीतों की मौजूदगी से क्षेत्र की जैव विविधता को मजबूती मिलेगी और सागर को वन्यजीव पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिल सकती है।

439 हेक्टेयर क्षेत्र में चीतों के लिए विशेष व्यवस्था

मंत्री राजपूत ने बताया कि चीतों की सुरक्षा और अनुकूल वातावरण के लिए रिजर्व क्षेत्र में लगभग 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं और सुरक्षित स्थान विकसित किए गए हैं। वन विभाग द्वारा चीतों की सुरक्षा, निगरानी और स्वास्थ्य की नियमित व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह केवल चीतों को बसाने की योजना नहीं है, बल्कि सागर और बुंदेलखंड में पर्यटन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने का अवसर भी है।


पर्यटन बढ़ा तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर

गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि चीतों को देखने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटकों के सागर आने की संभावना है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, रिसॉर्ट, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय गाइड, वाहन चालकों, छोटे व्यवसायों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को रोजगार एवं आय के नए अवसर मिल सकते हैं।उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

7 अक्टूबर को होंगे पुरस्कार वितरण सहित अन्य कार्यक्रम

वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व पहुंचेंगे और दो चीतों को रिलीज करेंगे। इस अवसर पर वन्यजीव संरक्षण एवं संबंधित गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।



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कलेक्टर प्रतिभा पाल का बड़ा एक्शन: लापरवाही पर पेनल्टी : तहसीलदार, टीबी अधिकारी सहित कई अफसरों का वेतन रोकने के निर्देश •JSY योजना में लापरवाही: एकाउंट मैनेजर की सेवा समाप्ति के निर्देश

समय सीमा बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल सख्त : लापरवाही पर वेतन रोकने और पेनल्टी के निर्देश

• जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में देरी पर एकाउंट मैनेजर की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज:05 अक्टूबर, 2026

सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में सोमवार को समय सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, जनशिकायतों, स्वास्थ्य सेवाओं, भू-अर्जन एवं राजस्व मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। कार्य में लापरवाही और अनावश्यक रूप से प्रकरण लंबित रखने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।


कलेक्टर ने कहा कि जन विश्वास अभियान शुरू होने से पहले सभी लंबित शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित कर उन्हें बंद कराया जाए। बिना उचित कारण शिकायतें लंबित पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए गए। एमपीईबी, सामाजिक न्याय विभाग तथा योजना एवं सांख्यिकी विभाग से संबंधित लंबित शिकायतों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

100 दिन से लंबित भू-अर्जन प्रकरणों पर सख्ती

बैठक में बंडा, खुरई, बीना सहित अन्य क्षेत्रों में 100 दिनों से अधिक समय से लंबित भू-अर्जन एवं पट्टे से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इन मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।

बिना उचित कारण भू-अर्जन प्रकरण लंबित रखने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एडीएम को इन मामलों की समीक्षा करने को कहा गया। बंडा तहसीलदार द्वारा भू-अर्जन प्रकरणों में समय पर कार्रवाई नहीं करने पर आगामी आदेश तक वेतन रोकने और नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

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बंडा नगरीय निकाय के कार्यों की जांच के लिए समिति गठित

बंडा नगरीय निकाय में हुए निर्माण कार्यों, नगरीय प्रशासन विभाग की विभिन्न योजनाओं के संचालन एवं क्रियान्वयन तथा हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने से संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। समिति को 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में लापरवाही पर वेतन रोकने के निर्देश

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कार्य में लापरवाही पाए जाने पर जिला टीबी अधिकारी डॉ. कुरैशी का आगामी आदेश तक वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार संबंधित मामलों में खुरई और बीना बीएमओ का वेतन भी होल्ड रखने के निर्देश कलेक्टर ने दिए।

जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में देरी पर होगी कार्रवाई

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जननी सुरक्षा योजना (JSY) के भुगतान की समीक्षा में हितग्राहियों को राशि समय पर नहीं मिलने का मामला सामने आया। कलेक्टर ने भुगतान में देरी और लापरवाही पर संबंधित एकाउंट मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी कर सेवा से पृथक करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जननी सुरक्षा योजना की राशि समय पर हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंचाना संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी की सीधी जिम्मेदारी है। भुगतान में अनावश्यक देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।


50 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर जताई नाराजगी

बैठक में 50 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

राजस्व एवं भू-अर्जन से संबंधित मामलों के निराकरण के लिए शिविर आयोजित कर नामांतरण, बंटवारा और खाता सुधार के कार्य पूर्ण कराने को कहा गया। सागर शहर के वेस्टर्न बायपास के लिए आवश्यक भूमि का कब्जा शीघ्र दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित एसडीएम को दिए गए।

भूमि आवंटन और स्वामित्व योजना के कार्य समय पर करने के निर्देश

कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि भूमि आवंटन के प्रकरण बिना वजह लंबित नहीं रखे जाएं। स्वामित्व योजना से संबंधित सभी कार्य एमपी ई-सेवा पोर्टल के माध्यम से निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा गया।


नामांतरण, कब्जा और बेदखली से संबंधित प्रकरणों में भी बिना विलंब कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कब्जे से जुड़े मामलों में एसडीएम को स्वयं फील्ड पर जाकर राजस्व अमले से सत्यापन कराने को कहा गया।


कलेक्टर ने निर्देश दिए कि राजस्व अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर पंचनामा तैयार करें तथा प्रभावित अथवा संबंधित पक्ष की उपस्थिति में ही सीमांकन की कार्रवाई पूरी की जाए।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ  जगदीश गोमे, नगर निगम आयुक्त  राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट शैलेश द्विवेदी सहित जिले के सभी एसडीएम और विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

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सांसद रजनीश अग्रवाल ने डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर में स्थायी कुलपति की नियुक्ति की मांग उठाई : केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र

सांसद रजनीश अग्रवाल ने डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर में स्थायी कुलपति की नियुक्ति की मांग उठाई : केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र


तीनबत्ती न्यूज: 05 अक्टूबर, 2026

सागर। राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी से पत्र भेजकर डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में स्थायी कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ कराने का आग्रह किया है। 

उल्लेखनीय है डॉ गौर केंद्रीय विवि सागर में पिछले एक साल से अधिक समय से स्थायी कुलपति की नियुक्ति नहीं हुई है। पिछले हफ्ते प्रो नागेश दुबे को प्रभारी कुलपति बनाया गया है। 

सांसद श्री अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से स्थायी कुलपति का पद रिक्त होने के कारण विश्वविद्यालय की प्रशासनिक एवं अकादमिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं तथा भविष्य की दृष्टि से बनाई जाने वाली योजनाओं में भी शिथिलता आ रही है।

उन्होंने कहा कि डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय मध्य भारत एवं बुंदेलखंड क्षेत्र के उच्च शिक्षा जगत का एक प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय है। यह संस्थान क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध एवं नवाचार के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्र के शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


राज्यसभा सांसद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि विश्वविद्यालय में कुलपति चयन की आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ कराने की कृपा की जाए, ताकि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें और विद्यार्थियों को इसका समुचित लाभ प्राप्त हो।

श्री अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण उच्च शिक्षा संस्थान के दीर्घकालिक विकास, अकादमिक उत्कृष्टता और विद्यार्थियों के हित में स्थायी नेतृत्व का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक पहल करेगा।

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