15 दिवसीय निःशुल्क चित्रकला कार्यशाला "रंगों की पाठशाला" का भव्य समापन
तीनबत्ती न्यूज: 11 जून,2026
सागर। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों की रचनात्मकता को नई दिशा देने के उद्देश्य से 26 मई से 10 जून तक आयोजित 15 दिवसीय निःशुल्क चित्रकला कार्यशाला "रंगों की पाठशाला" का समापन समारोह विधायक शैलेंद्र जैन के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यशाला के समापन अवसर पर विद्यालय का हॉल बच्चों द्वारा बनाई गई लगभग 700 चित्रकृतियों से सजा नजर आया। मंच के सामने से लेकर दीवारों तक हर ओर बच्चों की कल्पनाशीलता और सृजनात्मकता की झलक दिखाई दे रही थी।
रंग के साथी ग्रुप द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में 125 बच्चों ने सहभागिता कर चित्रकला की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन समारोह में बच्चों ने मंच पर आकर अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार इस कार्यशाला ने उनकी कला को निखारने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया।
प्रतिभागी तन्वी ठाकुर ने कहा कि यह कार्यशाला उनके लिए अत्यंत उपयोगी रही। उन्होंने बताया कि चित्रकार असरार सर और अंशिता मैम ने चित्रकला के मूलभूत सिद्धांत बहुत सरल और सहज तरीके से समझाए। छोटी-छोटी आकृतियों से बड़े चित्र बनाना, रंगों का संयोजन तथा चित्रों में जीवंतता लाना उन्होंने इसी कार्यशाला में सीखा। तन्वी ने बच्चों के लिए इस तरह की पहल करने पर विधायक श्री जैन का आभार व्यक्त किया।
वहीं आध्या रूसिया ने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश को सार्थक बनाने वाली इस कार्यशाला के लिए वह सबसे पहले विधायक श्री शैलेंद्र जैन का धन्यवाद करना चाहेंगी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में उन्हें शेडिंग, चारकोल पेंसिल से चित्र बनाना तथा रंगों के विभिन्न प्रयोग सीखने का अवसर मिला। उन्होंने आग्रह किया कि भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए ताकि अधिक से अधिक बच्चों को लाभ मिल सके।
अपने संबोधन में विधायक श्री शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि जब रंग के साथी ग्रुप के चित्रकार असरार खान ने उन्हें इस कार्यशाला का प्रस्ताव दिया तो उन्होंने तत्काल इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में बच्चों और उनके अभिभावकों की बड़ी संख्या में सहभागिता यह दर्शाती है कि समाज बच्चों के समग्र विकास के प्रति सजग है। उन्होंने कहा कि बच्चों का विकास केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें खेल, कला, साहित्य और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी भागीदारी करनी चाहिए। समाज, परिवार, शिक्षक और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि बच्चों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले वर्षों में इस कार्यशाला को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा।समापन समारोह के दौरान बच्चों द्वारा बनाई गई चित्रकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे अभिभावकों एवं अतिथियों ने बड़ी रुचि से देखा और बच्चों की प्रतिभा की सराहना की। कार्यशाला के दौरान "मोबाइल के दुष्परिणाम" विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया था, जिसमें बच्चों ने अत्यधिक स्क्रीन टाइम और मोबाइल उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों को अपनी कलाकृतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच बच्चों को पेंटिंग किट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा कार्यशाला में नियमित उपस्थिति, उत्कृष्ट अभ्यास और बेहतर प्रदर्शन करने वाले दस बच्चों को विशेष पुरस्कार दिए गए। सभी प्रतिभागी बच्चों को विधायक श्री जैन द्वारा प्रमाण-पत्र एवं कला सामग्री किट प्रदान की गई।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंजना चतुर्वेदी ने किया। कार्यशाला के सफल आयोजन में अंजू मिश्रा, रूही आढ़्या, कार्तिक साहू एवं चाहत साहू का विशेष सहयोग रहा। समापन समारोह में वैशाली वैद्य, मनीष मिश्रा, डॉ. अशफाक सिद्दीकी सहित बड़ी संख्या में अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विधायक श्री शैलेंद्र कुमार जैन ने शहीद प्रदीप कुमार लारिया के भाई प्रमोद कुमार लारिया द्वारा भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर पर रचित गीत का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने गीत को सुना और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत इस रचना की सराहना की।






















