विधायक शैलेन्द्र जैन ने महापौर , निगमायुक्त के साथ वृक्षारोपण, जलप्रदाय और सीवरेज परियोजनाओं की समीक्षा की
सागर : नगर निगम सभाकक्ष में विधायक शैलेन्द्र जैन, महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी, निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, एमआईसी सदस्यों, पार्षदों एवं अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति में वृक्षारोपण, टाटा एवं सीवरेज परियोजना सहित अन्य विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विधायक द्वारा एक जुलाई से प्रारंभ होने वाले व्यापक वृक्षारोपण अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई। निर्णय लिया गया कि गत वर्षों में लगाए गए पौधों की वर्तमान स्थिति का आंकलन करने के बाद प्रत्येक वार्ड विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। पौधारोपण में बरगद, पीपल, कदम, जामुन, नीम एवं गुलमोहर जैसे छायादार, औषधीय और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्षों को प्राथमिकता दी जाए। यह भी तय किया गया कि सड़क किनारे एक ही प्रजाति के पौधे पंक्तिवार लगाए जाएं, ताकि सौंदर्य और रखरखाव में एकरूपता बनी रहे। शहर के सभी श्मशान घाटों में भी पौधारोपण किया जाए। बैठक में विधायक ने कहा कि शहर के श्मशान घाटों पर ही मृत्यु प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने पर भी चर्चा हुई, जिससे नागरिकों को सुविधा मिल सके।
टाटा सीवरेज पर जताई आपत्ति
पार्षदों ने टाटा प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कंपनी ने पुरानी पाइपलाइन हटाए बिना नई लाइन को उसी से जोड़ दिया, जिससे कई तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हुईं। ऐसे उपभोक्ताओं को भी जलकर का बिल मिलने की शिकायत सामने आई, जिनके कनेक्शन अब तक लाइन से नहीं जुड़े हैं। निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने कहा कि टाटा प्रोजेक्ट द्वारा संचालन मद में लगभग 16 करोड़ रुपये की देनदारी लंबित है, जिसका संचालन एमपीयूडीसी के माध्यम से हो रहा है। जबकि बिजली बिल का भुगतान पहले से ही निगम द्वारा किया जा रहा है इसलिए जलप्रदाय व्यवस्था का संचालन टाटा प्रोजेक्ट से वापस लेकर पूर्व की तरह नगर निगम जलप्रदाय विभाग के द्वारा किया जाए। बैठक में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। निगमायुक्त ने कहा कि जिन भवनों के नक्शे स्वीकृत किए जाएंगे, उनमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था अनिवार्य होगी। शासकीय भवनों, स्कूलों और कॉलेजों में भी वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करने की कार्रवाई की जाएगी। जिन भवन स्वामियों के नक्शे पहले से स्वीकृत हैं लेकिन उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य पूरा नहीं किया है, उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
निगमायुक्त ने सीवर प्रोजेक्ट के संबंध में जानकारी दी गई कि सीवर के शहर में 60 हजार घरेलू कनेक्शन किए जाना थे मगर अभी तक 30 हजार कनेक्शन किए गए हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि निगमायुक्त द्वारा प्रतिदिन किए जा रहे सीवर कनेक्शनों की समीक्षा की जाएगी।
ये रहे शामिल
बैठक में एम आई सी सदस्य शैलेन्द्र ठाकुर, अनूप उर्मिल, धमेंद्र खटीक, रुपेश यादव,सुश्री मेघा दुबे, श्रीमती संगीता शैलेष जैन, पार्षद डॉ याकृति जड़िया, श्रीमती अनीता रामू ठेकेदार, वैदेही पुरोहित, श्रीमती पूजा सोनी, रुबी कृष्ण कुमार पटेल, हेमंत यादव, रीतेश तिवारी,भरत माते ,सूरज घोसी, प्रहलाद पटेल, उपायुक्त एस एस बघेल,प्रभारी कार्यपालन यंत्री संजय तिवारी, उपयंत्री आयुष शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


















