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सागर EOW ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से टेंडर लेने पर दो के खिलाफ दर्ज किया केस

फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से टेंडर हासिल करने का मामला : EOW सागर ने दो के खिलाफ दर्ज किया अपराध


तीनबत्ती न्यूज: 30 अक्टूबर, 2026

सागर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) इकाई सागर ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र का उपयोग कर सरकारी विभाग में टेंडर हासिल करने के मामले में दो आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। जांच में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शासन के साथ धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है।

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यह था मामला

ईओडब्ल्यू को इस संबंध में जिला दमोह निवासी आवेदक रोहित बरौलिया ने शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत की जांच के बाद ठेकेदार लखन लाल कुर्मी, निवासी ग्राम सीतानगर, जिला दमोह और फर्म जय मां अम्बे कंस्ट्रक्शन, सीतानगर दमोह के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।

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जांच में सामने आया कि फर्म जय मां अम्बे कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर लखन प्रसाद कुर्मी ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री, खंड छतरपुर के नाम से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार कराया था। इसमें हैंडपंप की गिरी हुई फंसी पाइपलाइन निकालने का कार्य करने का अनुभव दर्शाया गया था।

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इस कूटरचित अनुभव प्रमाण पत्र का उपयोग लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, खंड निवाड़ी में दो टेंडर प्राप्त करने के लिए किया गया। जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाने और शासन के साथ धोखाधड़ी किए जाने की पुष्टि होने पर ईओडब्ल्यू ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 336(2) एवं 340(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

ईओडब्ल्यू के अनुसार मामले को विवेचना में लिया गया है। जांच के दौरान अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आने पर उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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सागर में चिकित्सा अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा, डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के बीच हुआ एमओयू

सागर में चिकित्सा अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा, डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के बीच हुआ एमओयू


तीनबत्ती न्यूज: 30 अक्टूबर 2026

सागर। बुंदेलखंड क्षेत्र में चिकित्सा अनुसंधान, उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर के बीच शोध, प्रशिक्षण एवं परामर्श सेवाओं के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते के तहत दोनों संस्थान अपनी विशेषज्ञता, आधुनिक शोध प्रयोगशालाओं और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का संयुक्त उपयोग करेंगे। इसका प्रमुख उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रचलित बीमारियों के कारणों, उनके आनुवंशिक एवं आणविक आधार तथा बेहतर निदान और उपचार की संभावनाओं पर शोध करना है।

बीमारियों के कारणों पर होगा आधुनिक शोध

एमओयू के माध्यम से चिकित्सा विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, आनुवंशिकी, जीनोमिक्स, फार्मेसी और आणविक जीव विज्ञान जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शोध को प्रोत्साहन मिलेगा। डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय में उपलब्ध आधुनिक शोध प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिक उपकरणों के साथ बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की चिकित्सकीय विशेषज्ञता, मरीजों के नमूनों और चिकित्सा संबंधी जानकारियों का समन्वय किया जाएगा। इससे प्रयोगशाला आधारित शोध को वास्तविक चिकित्सा समस्याओं से जोड़ने में मदद मिलेगी। सभी शोध कार्य संबंधित नैतिक एवं नियामक नियमों के अनुरूप किए जाएंगे।

नई दवाओं और उपचार पद्धतियों की संभावनाएं तलाशेंगे विशेषज्ञ


बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. पी. एस. ठाकुर ने कहा कि यह एमओयू केवल वैज्ञानिक ज्ञान के सृजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्र में प्रचलित बीमारियों के लिए नई दवाओं, उपचार पद्धतियों और बेहतर चिकित्सा विकल्पों की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में उपलब्ध आधुनिक इंटीग्रेटिव जीनोमिक्स सुविधाएं बीमारियों के आनुवंशिक एवं आणविक स्तर पर अध्ययन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

कुलपति ने बताया मील का पत्थर

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नागेश दुबे ने इस एमओयू को बुंदेलखंड में चिकित्सा अनुसंधान एवं वैज्ञानिक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि और मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि दो प्रमुख शैक्षणिक एवं चिकित्सा संस्थानों के एक साथ आने से क्षेत्र में शोध और नवाचार का नया वातावरण तैयार होगा। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में स्थापित आधुनिक शोध सुविधा एमडीआरयू (MDRU) विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और प्राध्यापकों के संयुक्त शोध एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिलेगा प्रशिक्षण


विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एस. पी. उपाध्याय ने कहा कि शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों के बीच आपसी सहयोग और समन्वय वर्तमान समय की आवश्यकता है। इस पहल से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान और शोध संबंधी कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।

एमओयू के अंतर्गत स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी विद्यार्थियों, मेडिकल इंटर्न, शोधार्थियों और प्राध्यापकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, संगोष्ठियां और संयुक्त शोध परियोजनाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही, दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों एवं विशेषज्ञों के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

बायोमार्कर्स और शीघ्र निदान पर भी होगा अध्ययन


इस सहयोग के तहत मरीजों से प्राप्त चिकित्सकीय जानकारी और आधुनिक आणविक एवं आनुवंशिक तकनीकों के माध्यम से बीमारियों के कारणों, उनकी प्रकृति तथा संभावित जैविक संकेतकों (बायोमार्कर्स) का अध्ययन किया जाएगा।


इससे भविष्य में बीमारियों की शीघ्र पहचान, बेहतर निदान और बुंदेलखंड क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप उपचार पद्धतियों के विकास के नए रास्ते खुल सकते हैं।


इन विशेषज्ञों ने जताई प्रतिबद्धता


एमओयू के विश्वविद्यालय समन्वयक प्रो. यू. के. पाटिल, जैव प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्ष एवं अनुसंधान एवं विकास निदेशक प्रो. श्वेता यादव तथा बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की एमडीआरयू समन्वयक प्रो. श्वेता भटनागर एवं डॉ. शशि मार्को, सदस्य सचिव, इंस्टीट्यूशनल एथिकल कमेटी ने इस सहयोग को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डॉ. सी. पी. उपाध्याय, डॉ. दीक्षी अंगिरा, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की डॉ. नीतू मिश्रा सहित विश्वविद्यालय एवं मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों के अनेक प्राध्यापक और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।


इस एमओयू से बुंदेलखंड में चिकित्सा विज्ञान और आधुनिक जैविक अनुसंधान के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। साथ ही, क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान तलाशने और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।



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नवागत कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने संभाली सागर की कमान, मालथौन में जनविश्वास शिविर में सुनीं समस्याएं, SDM कार्यालय का किया औचक निरीक्षण

नवागत कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने संभाली सागर की कमान, मालथौन में जनविश्वास शिविर में सुनीं समस्याएं, SDM कार्यालय का किया औचक निरीक्षण



तीनबत्ती न्यूज: 30 अक्टूबर 2026

सागर। सागर जिले के नवागत कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विधिवत पदभार ग्रहण किया। 2014 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी श्री यादव इसके पूर्व मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल में प्रबंध संचालक के पद पर पदस्थ थे।

पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया तथा जिले की प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनहितकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और शासकीय कार्यों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।


पहलवान बब्बा मंदिर में किए दर्शन

पदभार ग्रहण करने के बाद नवागत कलेक्टर श्री यादव पहलवान बाबा मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर जिले की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

मालथौन जनविश्वास शिविर में सुनीं आमजन की समस्याएं

कार्यभार ग्रहण करने के बाद कलेक्टर श्री यादव मालथौन पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान 2026 के अंतर्गत बस स्टैंड परिसर में आयोजित खंड स्तरीय शिविर में शामिल हुए। उन्होंने आमजनों से व्यक्तिगत रूप से आवेदन प्राप्त किए और उनकी समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि जनविश्वास शिविर की विशेषता यह है कि शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आमजन की समस्याओं के आवेदन लेकर उनका समाधान एक ही स्थान पर किया जाता है। इससे प्रशासन की कार्यकुशलता बढ़ती है और आम नागरिकों को राहत मिलती है।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों में जो समस्याएं तत्काल निराकृत हो सकती हैं, उनका निराकरण उसी दिन किया जाए। अन्य आवेदनों का निराकरण 7 से 15 दिवस की समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए।

राजस्व प्रकरणों की होगी नियमित मॉनिटरिंग

कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि राजस्व विभाग के सभी प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। विकासखंड स्तर पर लंबित प्रकरणों का निराकरण कर पेंडेंसी शून्य की जाए। उन्होंने अधिकारियों को आवेदनों का विधिवत संधारण करने, पोर्टल पर अपलोड करने और निराकृत आवेदनों की जानकारी आगामी समय-सीमा बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने किसानों को ई-टोकन के माध्यम से खाद वितरण की व्यवस्था की जानकारी भी दी। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई।

महिला स्व-सहायता समूहों को 1.35 करोड़ की स्वीकृति

जनविश्वास शिविर में कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए। शारदा, कृष्णा एवं जागृति स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों को 1 करोड़ 35 लाख रुपये का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।

इसके अलावा लक्ष्मी अहिरवार को लाड़ली लक्ष्मी योजना, बाबू बंजारा की माता को संबल योजना के तहत सहायता राशि, सुखलाल अहिरवार को मुख्यमंत्री संबल योजना के अंतर्गत 2 लाख रुपये की सहायता का पत्र तथा किसान कल्याण खंगार को रोटावेटर खरीदने के लिए अनुदान पत्र प्रदान किया गया।

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कृषकों से किया संवाद

शिविर में कृषक संवाद के दौरान बरोदिया गोसाई निवासी बद्री प्रसाद कुर्मी, बरोदिया कला निवासी राकेश कुमार जैन एवं कृषक प्रदीप मालवीय ने अपनी उन्नत खेती के अनुभव साझा किए तथा कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी।

एसडीएम कार्यालय का किया औचक निरीक्षण

मालथौन प्रवास के दौरान कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव ने अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने कार्यालय के विभिन्न अनुभागों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया तथा रिकॉर्ड रूम, न्यायालयीन प्रकरणों की फाइलों और जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति देखी।


उन्होंने लंबित मामलों का समय-सीमा में निराकरण करने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। कार्यालयीन कार्यों में अनुशासन, स्वच्छता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री जगदीश कुमार गोमे, संयुक्त कलेक्टर श्री रवीश श्रीवास्तव, मालथौन एसडीएम सुश्री मोना दांगी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन भी शामिल हुए।

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सागर के नए SP संजीव सिंहा ने संभाला पदभार, तीन दशक का पुलिस सेवा अनुभव

सागर के नए SP संजीव सिंहा ने संभाला पदभार

• तीन दशक से अधिक का पुलिस सेवा अनुभव, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भी निभा चुके हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी




तीनबत्ती न्यूज: 30 अक्टूबर 2026

सागर। मध्यप्रदेश शासन के आदेश के पालन में IPS संजीव सिंहा ने शुक्रवार को सागर जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार ग्रहण किया। इसके पूर्व वे 14वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (SAF), ग्वालियर में सेजोनानी के पद पर पदस्थ थे और पुलिस अधीक्षक ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। इसके पहले अनुराग सुजानिया एसपी थे। उनका ट्रांसफर हो गया। 

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डीएसपी से शुरू की पुलिस सेवा

श्री संजीव सिंहा ने 1 जुलाई 1996 को मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं प्रारंभ की थीं। वर्ष 2016 में वे भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नत हुए। तीन दशक से अधिक के सेवाकाल में उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों और महत्वपूर्ण पुलिस इकाइयों में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नक्सल गतिविधियों की निगरानी, भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई और पुलिस बल के नेतृत्व की जिम्मेदारियां निभाईं।




विभिन्न जिलों में निभाईं चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां

श्री सिंहा ने उज्जैन, इंदौर, होशंगाबाद, बिलासपुर, अलीराजपुर, मंडला, सिंगरौली, धार, डिंडोरी और गुना सहित विभिन्न स्थानों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। अलीराजपुर में गोधरा घटना के बाद उत्पन्न सांप्रदायिक तनावपूर्ण परिस्थितियों को नियंत्रित करने तथा नर्मदा बचाओ आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मंडला में उन्होंने कान्हा राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार की रोकथाम के लिए WWF के साथ समन्वय किया। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों की निगरानी में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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लाइबेरिया में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन का अनुभव

श्री सिंहा के सेवाकाल में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, लाइबेरिया में उनकी पदस्थापना भी महत्वपूर्ण रही। वहां उन्होंने डिप्टी ऑपरेशंस कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्य करते हुए 29 में से 19 संयुक्त राष्ट्र पुलिस स्टेशनों और 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पुलिस अधिकारियों के कार्यों के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संभाली।

उन्होंने लाइबेरिया की राष्ट्रीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय कर आधुनिक पुलिसिंग पद्धतियों को लागू करने में योगदान दिया। उनके कार्यों की संयुक्त राष्ट्र पुलिस प्रमुख द्वारा सराहना भी की गई।


लोकायुक्त में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई

मार्च 2017 से मई 2022 तक विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त संगठन में पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ रहते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ट्रैप और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में कार्रवाई की। सतना नगर निगम आयुक्त से संबंधित 12 लाख रुपये की रिश्वत के ट्रैप प्रकरण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

गुना पुलिस अधीक्षक के रूप में उन्होंने हनुमान टेकरी डकैती प्रकरण में पुलिस टीम का नेतृत्व किया और 12 किलोग्राम चांदी की बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कर्फ्यू से लेकर सिंहस्थ तक कुशल नेतृत्व

सिंगरौली में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में तीन दिवसीय कर्फ्यू के दौरान उन्होंने पुलिस बल का प्रभावी नेतृत्व किया और शासकीय संपत्ति एवं अन्य संसाधनों को न्यूनतम नुकसान सुनिश्चित किया। कबाड़, कोयला और डीजल चोरी जैसी गतिविधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की।

राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) की द्वितीय वाहिनी के प्रथम सेनानी के रूप में उन्होंने नई वाहिनी की स्थापना में योगदान दिया। धार में भोजशाला क्षेत्र में रंगपंचमी का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए विभिन्न धार्मिक समूहों के साथ संवाद और समन्वय स्थापित किया।

वर्ष 2016 में उज्जैन सिंहस्थ के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा सिंहस्थ ज्योति पदक से सम्मानित किया गया।

अपराध नियंत्रण और जनोन्मुखी पुलिसिंग पर रहेगा जोर

पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार संभालने के बाद श्री संजीव सिंहा के सामने जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने, अपराधों की रोकथाम एवं नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, आमजन की शिकायतों के त्वरित निराकरण तथा पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।


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सागर संभाग में पहली बार PIT-NDPS Act के तहत कार्रवाई: कमिश्नर दिलीप कुमार ने, दो मादक पदार्थ तस्करों को निरुद्ध किया

सागर संभाग में पहली बार PIT-NDPS Act के तहत निरोधात्मक कार्रवाई

कमिश्नर दिलीप कुमार ने दो आरोपियों के खिलाफ जारी किया निरोध आदेश, केंद्रीय जेल भोपाल भेजे गए




तीनबत्ती न्यूज : 30 अक्टूबर 2026

सागर। सागर संभाग में अवैध मादक पदार्थों के व्यापार और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने पहली बार स्वापक और मन:प्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम, 1988 (PIT-NDPS Act) की धारा 3(1) के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की है। कमिश्नर सागर संभाग  दिलीप कुमार ने मादक पदार्थों के अवैध व्यापार एवं तस्करी से संबंधित गतिविधियों के आधार पर दो व्यक्तियों के विरुद्ध निरोध आदेश जारी किए हैं।

जारी आदेश के अनुसार राजेश साहू, पिता कालू साहू, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम देवढोंगरा, थाना पटेरा, जिला दमोह के विरुद्ध एक वर्ष की अवधि तथा कमलेश उपाध्याय, पिता कृपा शंकर उपाध्याय, उम्र 60 वर्ष, निवासी ग्राम कुंजी, थाना हिंडोरिया, जिला दमोह के विरुद्ध छह माह की अवधि का निरोध आदेश पारित किया गया है। दोनों को केंद्रीय जेल भोपाल में निरुद्ध किया गया है।

सामान्य आपराधिक कार्रवाई से आगे निरोधात्मक कदम

प्रशासन के अनुसार, जहां उपलब्ध अभिलेखों और परिस्थितियों से यह संतोष हो कि किसी व्यक्ति की गतिविधियां मादक पदार्थों के अवैध व्यापार को बढ़ावा दे रही हैं और ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक के लिए निरोधात्मक कार्रवाई आवश्यक है, वहां PIT-NDPS Act के वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

सागर संभाग में इस कानून के तहत पहली बार की गई यह कार्रवाई मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन के कड़े रुख को दर्शाती है।

मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

कमिश्नर दिलीप कुमार ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और व्यापार से जुड़े तत्वों के विरुद्ध प्रशासन की नीति जीरो टॉलरेंस की है। युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए पुलिस और प्रशासन द्वारा उपलब्ध सभी वैधानिक प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

जहां कानून की शर्तें पूरी होंगी, वहां सामान्य आपराधिक प्रकरण के साथ PIT-NDPS Act सहित अन्य लागू कानूनों के तहत निरोधात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश

प्रशासन ने कहा है कि मादक पदार्थों का अवैध कारोबार करने वालों के लिए सागर संभाग में कोई स्थान नहीं है। ऐसे तत्वों के विरुद्ध कानून के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। समाज की सुरक्षा और युवा पीढ़ी को नशे से बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

संभाग प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों के अवैध व्यापार या तस्करी से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें, ताकि समय पर प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जा सके।

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बुंदेलखंड मेडिकल कालेज सागर में प्रथम तल पर नया दवा वितरण केंद्र शुरू, मरीजों को मिलेगी राहत

बीएमसी सागर की नई पहल: अब प्रथम तल पर ही मिलेंगी दवाएं, नया दवा वितरण केंद्र शुरू

• स्त्री रोग, शिशु रोग, मेडिसिन, श्वसन रोग और त्वचा रोग के मरीजों को मिलेगी राहत


तीनबत्ती न्यूज: 28 अक्टूबर 2026

सागर। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), सागर में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रथम तल पर नवीन दवा वितरण केंद्र शुरू किया गया है। इस पहल से अस्पताल के विभिन्न विभागों में उपचार कराने वाले मरीजों को दवाइयां लेने के लिए अनावश्यक रूप से इधर-उधर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।


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मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मरीजों और उनके परिजनों को दवाइयां प्राप्त करने के लिए कई बार दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता था। प्रथम तल पर ही दवा वितरण केंद्र शुरू होने से इस परेशानी को कम करने के साथ मरीजों के समय और भागदौड़ की बचत होगी।

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इन विभागों के मरीजों को मिलेगा लाभ

डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से मरीजों की जरूरतों के अनुसार सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।


उन्होंने बताया कि नवीन दवा वितरण केंद्र से स्त्री रोग, शिशु रोग, मेडिसिन, श्वसन रोग तथा डर्मेटोलॉजी (त्वचा रोग) विभाग में उपचार कराने वाले मरीजों को विशेष सुविधा मिलेगी। मरीजों को उपचार के बाद दवाइयां प्राप्त करने में आसानी होगी और अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी।

मरीजों की सुविधा के लिए लगातार प्रयास

अधीक्षक डॉ. राजेश जैन ने बताया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों की सुविधा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रथम तल पर दवा वितरण केंद्र शुरू होने से मरीजों और उनके परिजनों को दवाइयां प्राप्त करने में सहूलियत होगी तथा अस्पताल की व्यवस्थाएं और अधिक सुविधाजनक बनेंगी।

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बीएमसी प्रशासन की इस पहल से मरीजों को उपचार के दौरान दवाइयां आसानी से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही अस्पताल में मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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विधायक प्रदीप लारिया ने CM डॉ यादव से की मुलाकात: किसानों और सड़कों समेत विकास कार्यों पर चर्चा • जिला चिकित्सालय को बीएमसी में मर्ज करने के स्थान पर शासकीय शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने का सुझाव

विधायक प्रदीप लारिया ने CM डॉ यादव से की मुलाकात:  किसानों और सड़कों समेत विकास कार्यों पर चर्चा

• जिला चिकित्सालय को बीएमसी में मर्ज करने के स्थान पर शासकीय शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने का सुझाव


तीनबत्ती न्यूज:, 28 अक्टूबर 2026

सागर। नरयावली विधायक इंजी. प्रदीप लारिया ने बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट कर विधानसभा क्षेत्र के किसानों के हितों, सिंचाई, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं और सड़क निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। विधायक ने संबंधित कार्यों के लिए आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान कर शीघ्र कार्यवाही का अनुरोध किया।

विधायक लारिया ने रबी फसल के मद्देनजर किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने जल स्तर कम रहने की स्थिति को देखते हुए किसानों को अस्थायी विद्युत कनेक्शन पर सुविधा शुल्क में राहत देने का विषय भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।

कड़ान सिंचाई परियोजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन की स्वीकृति का आग्रह

विधायक ने निर्माणाधीन कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन को सक्षम समिति से स्वीकृति दिलाकर शीघ्र क्रियान्वयन कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने से इससे लाभान्वित होने वाले गांवों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा और किसानों को इसका लाभ मिलेगा।

इन सड़कों के निर्माण और मजबूतीकरण की मांग

क्षेत्र में सड़क संपर्क और आवागमन सुविधाओं के विस्तार के लिए विधायक ने विभिन्न सड़क निर्माण, मजबूतीकरण एवं प्रशासनिक स्वीकृति से जुड़े प्रस्तावों पर कार्रवाई का आग्रह किया। इनमें—

  • भापेल–जैसीनगर तिगड्डा से पाटन मार्ग तक 1 किमी सड़क निर्माण।
  • खुरई मार्ग एनएच-14 से नगना ढोंगा–बरोदिया सड़क का मजबूतीकरण।
  • मदनपुरा–खिरिया नीखर मार्ग पर 2 किमी सड़क निर्माण।
  • मझगुवां अहीर में सीसी सड़क।
  • ग्राम सुआतला से मसानझिरी की ओर सीसी सड़क।
  • रिछावर–टीलाखेड़ी सड़क।
  • मुहली से बड़कुआ–बहेरिया–बामोरा–पटकुई सड़क।
  • मुख्य मार्ग पेट्रोल पंप–डुगांसरा सड़क।
  • पुरानी सदर–जिंदा (सेमराबाग) सड़क।

इसके अलावा सेमराहाट–बरोदिया गुसाईं सड़क मार्ग की प्रशासनिक स्वीकृति के लिए स्थायी वित्तीय समिति से अनुमोदन कराने का अनुरोध भी विधायक ने मुख्यमंत्री से किया।

सागर में स्वास्थ्य सुविधा को लेकर भी रखा प्रस्ताव

स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में विधायक प्रदीप लारिया ने जिला चिकित्सालय सागर को बीएमसी में मर्ज करने के स्थान पर शासकीय शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सिविल अस्पताल) स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने सागर के समीप उपयुक्त स्थान पर इस स्वास्थ्य सुविधा की स्थापना का विषय भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।

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सागर में IG इरशाद वली का चार थानों का भ्रमण, लंबित अपराधों के निराकरण और बीट प्रणाली मजबूत करने के निर्देश

सागर में IG इरशाद वली का चार थानों का भ्रमण, लंबित अपराधों के निराकरण और बीट प्रणाली मजबूत करने के निर्देश



तीनबत्ती न्यूज: 28 अक्टूवर, 2026

सागर। पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने, अपराधों पर नियंत्रण और आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक सागर रेंज श्री इरशाद वली ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के साथ जिले के चार थानों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने थाना मकरोनिया, थाना कैंट, थाना बहेरिया और थाना सानोधा में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सीधा संवाद कर कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

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भ्रमण के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारियों के साथ पुलिसकर्मियों के शासकीय कार्यों, कार्य परिस्थितियों और समस्याओं के संबंध में चर्चा की। उन्होंने पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना और उनके व्यक्तिगत एवं कार्य संबंधी अनुभव भी सुने। साथ ही सभी को तनावमुक्त रहकर पूर्ण ईमानदारी, निष्ठा, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।

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बीट प्रणाली को प्रभावी बनाने पर जोर

पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली ने पुलिसिंग की बुनियादी इकाई बीट प्रणाली को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि बीट में तैनात पुलिसकर्मी अपने निर्धारित क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, संवेदनशील स्थानों, अपराधियों, असामाजिक तत्वों और स्थानीय समस्याओं की पूरी जानकारी रखें।


उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ निरंतर संपर्क और संवाद बनाए रखना चाहिए, ताकि छोटी-छोटी समस्याओं का समय रहते समाधान हो सके। इससे अपराधों की रोकथाम के साथ ही जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।

बीट स्तर पर नियमित क्षेत्र भ्रमण, सूचनाओं का प्रभावी संकलन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय को भी सफल पुलिसिंग का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।

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लंबित अपराधों की विवेचना में तेजी लाने के निर्देश

थानों के भ्रमण के दौरान लंबित अपराधों के त्वरित निराकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस महानिरीक्षक ने विवेचकों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें और प्रत्येक मामले में प्रभावी विवेचना, साक्ष्यों का संकलन तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने अनावश्यक देरी से बचते हुए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विवेचना करने पर जोर दिया। इसके साथ ही अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।


पुलिसकर्मियों का मनोबल और कल्याण भी महत्वपूर्ण

पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिसकर्मियों को प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा में कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी, धैर्य और जनसेवा की भावना अत्यंत महत्वपूर्ण है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखते हुए टीम भावना के साथ कार्य करना चाहिए।

उन्होंने तनावमुक्त और सकारात्मक कार्य वातावरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ती है और आम नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। थाना सानोधा के भ्रमण के दौरान एसडीओपी रहली सुश्री पूजा शर्मा भी उपस्थित रहीं।


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