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45 साल के भरोसे को मिला नया रूप, बुंदेलखंड में सांची की नई ब्रांड पहचान का अनावरण
45 साल के भरोसे को मिला नया रूप, बुंदेलखंड में सांची की नई ब्रांड पहचान का अनावरण
• नई पैकेजिंग में परंपरा और आधुनिकता का संगम; अप्रैल-अगस्त में दूध संग्रह 29.8% बढ़ा
तीनबत्ती न्यूज: , 9 सितंबर 2026
सागर: मध्यप्रदेश के प्रतिष्ठित सहकारी डेयरी ब्रांड ‘सांची’ ने अपनी 45 वर्षों की विश्वसनीय विरासत को आधुनिक स्वरूप देते हुए बुंदेलखंड में अपनी नई ब्रांड पहचान और री-डिजाइन की गई पैकेजिंग का अनावरण किया। सिग्नेचर हॉल, होटल दीपाली, बुंदेलखंड में आयोजित रीब्रांडिंग समारोह में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के रीजनल हेड, वेस्ट जोन, श्री वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक श्री जयदेव बिस्वास, बुंदेलखंड दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संजय कुमार यादव तथा मध्यप्रदेश वित्त विभाग की संयुक्त संचालक सुश्री हेमलता पटेल सहित अन्य अधिकारी, वितरक एवं रिटेलर्स उपस्थित रहे।
नई ब्रांड पहचान के तहत सांची के दूध एवं अन्य दुग्ध उत्पादों की पैकेजिंग में आधुनिक रंगों, एकरूप लेआउट और आकर्षक डिजाइन को शामिल किया गया है। नई पैकेजिंग में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक एवं ग्रामीण विरासत से प्रेरित गोंड कला के तत्वों को भी प्रमुखता दी गई है। नई पहचान का उद्देश्य सांची की 45 वर्षों से अर्जित विश्वसनीयता को बरकरार रखते हुए इसे बदलते बाजार और आधुनिक उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं के अनुरूप नई पहचान देना है।
सांची मजबूत पहचान
मुख्य अतिथि श्री वी. श्रीनिवास, रीजनल हेड, वेस्ट जोन, NDDB ने कहा, “सांची मध्यप्रदेश की सहकारी डेयरी व्यवस्था की मजबूत पहचान है और पिछले 45 वर्षों में इसने उपभोक्ताओं का विश्वास अर्जित किया है। नई ब्रांड पहचान इस विरासत को आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नई पैकेजिंग में आधुनिक डिजाइन के साथ मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी स्थान दिया गया है। इससे सांची को नई पीढ़ी के उपभोक्ताओं के बीच और मजबूत पहचान बनाने में मदद मिलेगी।”
एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक श्री जयदेव बिस्वास ने कहा, “सांची की रीब्रांडिंग केवल पैकेजिंग और डिजाइन में बदलाव नहीं है, बल्कि यह बदलते समय के साथ आगे बढ़ने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 45 वर्षों से उपभोक्ताओं का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हमारा प्रयास है कि इस भरोसे को बनाए रखते हुए सांची को आधुनिक उपभोक्ता की पसंद और बाजार की नई संभावनाओं के अनुरूप और मजबूत बनाया जाए। नई ब्रांड पहचान से सांची के उत्पादों की बाजार में दृश्यता और बिक्री को बढ़ावा मिलेगा।”
बुंदेलखंड दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संजय कुमार यादव ने कहा, “बुंदेलखंड दुग्ध संघ के लिए सांची की नई ब्रांड पहचान एक महत्वपूर्ण पहल है। नई पैकेजिंग से सांची के उत्पादों को बाजार में एकरूपता और बेहतर पहचान मिलेगी। हमारा प्रयास है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ दुग्ध उत्पादक किसानों को भी मजबूत बाजार उपलब्ध कराया जाए। नई ब्रांडिंग से सांची के प्रति उपभोक्ताओं का जुड़ाव और मजबूत होगा तथा उत्पादों की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।”
मध्यप्रदेश वित्त विभाग की संयुक्त संचालक सुश्री हेमलता पटेल ने कहा, “सांची मध्यप्रदेश की सहकारी भावना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से गहराई से जुड़ा ब्रांड है। इसकी नई पहचान परंपरा और आधुनिकता के बीच बेहतर संतुलन प्रस्तुत करती है। मुझे विश्वास है कि नया स्वरूप सांची को बदलते बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ उपभोक्ताओं और दुग्ध उत्पादक किसानों के बीच इसके जुड़ाव को और मजबूत करेगा।”
पांच महीनों में दूध संग्रह में करीब 30 प्रतिशत वृद्धि
बुंदेलखंड दुग्ध संघ के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान दूध संग्रह में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 29.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल-अगस्त 2025 के दौरान जहां इन पांच महीनों का कुल दैनिक औसत संग्रह 2,66,270 किलोग्राम रहा, वहीं अप्रैल-अगस्त 2026 में यह बढ़कर 3,45,623 किलोग्राम हो गया।
आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 में दूध संग्रह 56,613 किलोग्राम प्रतिदिन था, जो अप्रैल 2026 में बढ़कर 77,077 किलोग्राम हो गया। इसी तरह मई में यह 43,468 किलोग्राम से बढ़कर 63,120 किलोग्राम, जून में 43,092 से बढ़कर 58,944 किलोग्राम, जुलाई में 56,322 से बढ़कर 63,751 किलोग्राम तथा अगस्त में 66,775 से बढ़कर 82,731 किलोग्राम प्रतिदिन हो गया।
दूध संग्रह में लगातार हो रही वृद्धि क्षेत्र में सहकारी डेयरी व्यवस्था के विस्तार तथा दुग्ध उत्पादकों के बढ़ते जुड़ाव का संकेत है। यह वृद्धि सांची के लिए बढ़ते कच्चे माल के आधार और बाजार में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की संभावनाओं को भी दर्शाती है।
सांची की नई ब्रांड पहचान के तहत दूध की विभिन्न श्रेणियों के साथ दही, पनीर, छाछ, मठ्ठा, चाय तथा अन्य दुग्ध उत्पादों को भी एकरूप और आधुनिक पैकेजिंग प्रदान की गई है। इसका उद्देश्य सांची के विभिन्न उत्पादों को बाजार में आसानी से पहचान योग्य बनाना तथा उपभोक्ताओं के बीच ब्रांड की दृश्यता और आकर्षण को बढ़ाना है।
नई पैकेजिंग में मध्यप्रदेश की कला और ग्रामीण जीवन से जुड़े तत्वों को शामिल किया गया है। गोंड कला से प्रेरित डिजाइन सांची की स्थानीय जड़ों को आधुनिक ब्रांडिंग के साथ जोड़ता है। इस तरह नई पहचान में परंपरा, आधुनिकता, गुणवत्ता और सहकारिता का समन्वय दिखाई देता है।
रीब्रांडिंग का उद्देश्य केवल उत्पादों का स्वरूप बदलना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के साथ सांची के जुड़ाव को और मजबूत करना तथा आधुनिक बाजार में इसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाना है। एकरूप पैकेजिंग से उपभोक्ताओं को सांची के विभिन्न उत्पादों की पहचान करने में आसानी होगी और पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो के लिए एक मजबूत एवं सुसंगत ब्रांड पहचान विकसित होगी।
सहकारी डेयरी व्यवस्था के केंद्र में दुग्ध उत्पादक किसान हैं। किसानों से दूध का संग्रह, उचित मूल्य और समय पर भुगतान, पशु चिकित्सा सुविधाएं, संतुलित पशु आहार की जानकारी तथा वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए जाते हैं।
सांची के दूध एवं दुग्ध उत्पाद निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार कर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जाते हैं। नई ब्रांड पहचान के साथ सांची अपनी 45 वर्ष पुरानी विश्वसनीयता को आधुनिक उपभोक्ता अनुभव से जोड़ते हुए नए बाजारों और नई पीढ़ी के उपभोक्ताओं तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
‘स्वाद, सेहत, सांची’ के मूल संदेश के साथ नई ब्रांड पहचान सांची की समृद्ध विरासत को आधुनिक स्वरूप देने और इसे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
कमिश्नर दिलीप कुमार ने संभाला पदभार : बीएमसी में पहुंचे बंडा हादसे के पीड़ितों का जाना हालचाल
कमिश्नर दिलीप कुमार ने संभाला पदभार : बीएमसी में पहुंचे बंडा हादसे केपीड़ितों का जाना हालचाल
तीनबत्ती न्यूज, 09 सितंबर 2026
सागर । सागर संभाग के नवागत कमिश्नर दिलीप कुमार ने बुधवार को कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण कर लिया। पूर्व कमिश्नर अनिल सुचारी ने उन्हें पदभार सौंपा।
पदभार ग्रहण करने से पहले दिलीप कुमार आयुक्त उद्योग, मध्यप्रदेश, भोपाल तथा प्रबंध संचालक, लघु उद्योग निगम मध्यप्रदेश, भोपाल के पद का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
पदभार ग्रहण करने के बाद कमिश्नर दिलीप कुमार ने कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात की और संभाग में संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं विभागीय कार्यों की जानकारी ली।
कमिश्नर ने कहा कि शासन की योजनाओं से संबंधित किसी भी व्यक्ति को यदि कोई समस्या है तो वह प्रत्येक सोमवार एवं मंगलवार को कार्यालयीन समय में कमिश्नर कार्यालय में संपर्क कर सकता है। उन्होंने आमजन की समस्याओं के निराकरण को लेकर अधिकारियों से आवश्यक जानकारी भी ली।
नवागत कमिश्नर दिलीप कुमार पहुंचे बीएमसी, भर्ती पीड़ितों का जाना हाल
बंडा में हुए अवैध जहरीली शराब हादसे के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नवागत संभागायुक्त श्री दिलीप कुमार ने पदभार संभालते ही सीधे बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर भर्ती पीड़ितों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
कमिश्नर श्री दिलीप कुमार ने अस्पताल के वार्डों में जाकर भर्ती एक-एक मरीज की स्थिति देखी। उन्होंने पीड़ितों और उनके परिजनों से सीधी बातचीत कर मिल रहे इलाज का फीडबैक लिया और उन्हें आश्वस्त किया कि प्रशासन उनके बेहतर इलाज और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी प्रभावित मरीजों के बेहतर और त्वरित उपचार के लिए आवश्यक निर्देश दिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, बीएमसी के प्रभारी डीन डॉ. अमर गंगवानी, अधीक्षक डॉ. राजेश जैन सहित डॉ. सौरभ जैन भी मौजूद रहे।
सागर जहरीली शराब कांड: CM मोहन यादव सख्त, दोषी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई• मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बीएमसी के वार्डों में जाकर जाना बंडा के पीड़ितों का हाल
सागर जहरीली शराब कांड पर CM मोहन यादव सख्त, बोले- दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर होगी कठोर कार्रवाई
• बंडा हादसे पर मुख्यमंत्री ने जताया दुख, बीएमसी पहुंचकर पीड़ितों का जाना हाल; बोले- निर्दोष न फंसे, अफवाह फैलाने वालों पर भी होगी कार्रवाई
तीनबत्ती न्यूज: 9 सितंबर 2026
सागर: मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में अवैध जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को सागर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर नीचे से लेकर ऊपर तक पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
बंडा क्षेत्र में शनिवार रविवार को जहरीली शराब पीने से 26 लोगों की मौत हो गई। जबकि 50 से अधिक पीड़ितों अस्पताल भर्ती है। कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार 15 लोगों की मौत हुई है। इस कांड से पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा है। प्रदेशभर में अवैध शराब कि पकड़ाधकड़ी चल रही है।
अवैध शराब के खिलाफ पूरे क्षेत्र में जांच अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जिले के साथ-साथ आसपास और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी गहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी संदिग्ध गतिविधि की आशंका हो, वहां तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने अवैध जहरीली शराब बनाने और बेचने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को भी जब्त करने के निर्देश दिए, ताकि दोबारा ऐसी गतिविधियों को अंजाम नहीं दिया जा सके।
'दोषी पर कार्रवाई हो, निर्दोष न फंसे'
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्रवाई निष्पक्षता और विवेकशीलता के साथ की जाए। अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति को कार्रवाई में नहीं फंसाया जाए।उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और असामाजिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्ती
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए अनावश्यक अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शांति और सौहार्द बिगाड़ने की मंशा से अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
'प्रशासन को फ्री हैंड दिया है'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में अवैध शराब के मामलों में कठोर कानून का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत हत्या से लेकर आजीवन कारावास और फांसी तक की सजा का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को कार्रवाई के लिए फ्री हैंड दिया गया है और जहां भी जरूरत महसूस हो, वहां कठोर कार्रवाई की जाए। अवैध अतिक्रमण या अवैध शराब का नेटवर्क चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया, ताकि दूसरे राज्यों से अवैध शराब की आपूर्ति पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
नशा मुक्ति अभियान में समाज की भागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब और अन्य नशे से होने वाले नुकसान को देखते हुए पूरे प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान को गति देने की जरूरत है। इसमें धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि बंडा की घटना में एक ही परिवार के कई सदस्यों के प्रभावित होने की घटनाएं बेहद कष्टकारी हैं। ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए सरकार के साथ समाज को भी मिलकर प्रयास करना होगा।
बीएमसी पहुंचकर पीड़ितों से मिले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर बंडा के जहरीली शराब मामले में उपचाररत मरीजों का हाल जाना। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने चिकित्सकों को मरीजों का सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने और आवश्यक दवाओं, जांच तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था 24 घंटे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मरीज की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और चिकित्सकों से उपचार की प्रगति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रत्येक मरीज के पास जाकर उनके स्वास्थ्य की स्थिति देखी। पीड़ितों के परिजनों से पूछा ’’परिवार में कौन-कौन है? चिंता मत करिए, सरकार हर स्थिति में आपके साथ खड़ी है।’’ मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार और सांत्वना भरे शब्दों से पीड़ित परिवारों की आंखों में आस और ढांढस साफ नजर आया।
पुलिस-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की बैठक
इसके बाद मुख्यमंत्री ने बीएमसी सभागार में जनप्रतिनिधियों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था एवं घटना से जुड़े मामलों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह मजबूत रहे और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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सीएम मोहन यादव, बोले—दोषियों को ऐसा सबक सिखाएंगे कि दोबारा ऐसी घटना न हो
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सीएम डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर बंडा में जहरीली शराब पीने से बीमार हुए लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल में भर्ती पीड़ितों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और इलाज की व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों एवं चिकित्सकों से जानकारी ली।पीड़ितों से मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में अवैध शराब की रोकथाम के लिए सख्त कानून है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस मामले में पूरी तरह फ्री हैंड दिया गया है और अवैध शराब के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सरकार सख्ती से कार्रवाई करेगी। दोषियों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। डॉ. यादव ने कहा कि अवैध शराब के नेटवर्क को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष से भी अपील करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार के साथ सहयोग करें और इस लड़ाई में साथ निभाएं।
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। मामले की जांच जारी है और सरकार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
ये रहे शामिल
बैठक में दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी, रहली विधायक गोपाल भार्गव, खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह, सागर विधायक शैलेंद्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी, बीना विधायक निर्मला सप्रे, देवरी विधायक ब्रज बिहारी पटेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, महापौर संगीता तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा कमिश्नर दिलीप कुमार, डीआईजी एसएस चौहान, कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, प्रभारी डीन डॉ. अमर गंगवानी, अधीक्षक डॉ. राजेश जैन, डॉ. सौरभ जैन सहित पुलिस, प्रशासन और मेडिकल स्टाफ के अधिकारी उपस्थित रहे।
सागर विधानसभा विजन डॉक्यूमेंट: विधायक शैलेंद्र जैन ने अधिकारियों के साथ की बैठक
सागर विधानसभा के विजन डॉक्यूमेंट को लेकर विधायक शैलेंद्र जैन ने ली अधिकारियों की बैठक
• भविष्य की विकास योजनाओं पर हुआ मंथन: कला-संस्कृति, पर्यटन और प्राचीन धरोहरों के संरक्षण पर भी रहेगा फोकस
| तीनबत्ती न्यूज:08 सितम्बर, 2026 |
सागर। सागर विधानसभा क्षेत्र के समग्र और सुनियोजित विकास के लिए तैयार किए जा रहे विजन डॉक्यूमेंट को लेकर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने एसडीएम कार्यालय में विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आगामी विकास कार्ययोजना को लेकर व्यापक चर्चा की गई और अधिकारियों से उनके विभागों से संबंधित सुझाव एवं प्रस्ताव लिए गए।
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विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट सागर की भविष्य की आवश्यकताओं, जनअपेक्षाओं और ऐतिहासिक पहचान को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने को कहा, जिनका लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और सागर को विकास की नई दिशा मिले।
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आधुनिक विकास के साथ विरासत संरक्षण पर जोर
विधायक जैन ने कहा कि विकास की कार्ययोजना में आधुनिक अधोसंरचना के साथ-साथ कला, संस्कृति और पर्यटन को भी प्रमुखता दी जानी चाहिए। सागर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए प्राचीन संरचनाओं, ऐतिहासिक स्थलों, जल स्रोतों तथा अखाड़ों के संरक्षण एवं निर्माण से जुड़े कार्यों को भी विजन डॉक्यूमेंट में शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि सागर की प्राचीन धरोहर, जल स्रोत और सांस्कृतिक परंपराएं शहर की पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करते हुए सागर को एक आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भी ठोस कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।
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मूलभूत सुविधाओं के प्रस्तावों पर भी चर्चा
बैठक में सड़क, नाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, यातायात, स्वच्छता सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों पर चर्चा हुई। विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों में से जनहित के सर्वाधिक आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, एसडीएम रोहित वर्मा, तहसीलदार संदीप तिवारी, राहुल गौड़, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, नगर निगम उपायुक्त बघेल, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ यशवंत नामदेव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
बीना में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 72 लीटर अवैध शराब और कट्टा-कारतूस जब्त • ललितपुर से सस्ती शराब लाकर बीना में खपाने वाला आरोपी गिरफ्तार, 21 प्रकरण दर्ज
बीना में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 72 लीटर अवैध शराब और कट्टा-कारतूस जब्त
• ललितपुर से सस्ती शराब लाकर बीना में खपाने वाला आरोपी गिरफ्तार, 21 प्रकरण दर्ज
तीनबत्ती न्यूज: 8 सितंबर 2026
सागर: अवैध शराब और हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बीना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापामार कार्रवाई करते हुए 21 प्रकरण दर्ज किए हैं। कार्रवाई के दौरान करीब 72 लीटर अवैध शराब, एक देशी कट्टा, 11 जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई। जब्त माल-मशरूका की कुल कीमत करीब 72,480 रुपये बताई गई है।
ललितपुर से शराब लाकर बीना में बेचता था आरोपी
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान मुख्तार पिता सुल्तान खां निवासी कालूखेड़ी, बीना को अवैध शराब और कारतूस के साथ पकड़ा गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से कम कीमत में शराब लाकर बीना क्षेत्र में अवैध रूप से बिक्री करता था।
आरोपी के कब्जे से ललितपुर (उप्र) की दबंग 28 यूपी मेड लिकर मसाला की 13 पाव टेट्रा पैक, कुल 2.6 लीटर शराब, 10 जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई।
इसी कार्रवाई में अभय पाल पिता कुंदन लाल पाल, उम्र 24 वर्ष, निवासी शिवाजी वार्ड बीना के कब्जे से एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल एक देशी कट्टा और 11 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
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अवैध शराब के खिलाफ 21 प्रकरण दर्ज
बीना पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध शराब रखने और बिक्री करने वालों के खिलाफ कुल 21 प्रकरण पंजीबद्ध किए। पुलिस के मुताबिक बट्टा उर्फ हिम्मत रजक, सुनील तिवारी, हरिशंकर अहिरवार, रुपेश अहिरवार, आशीष कुमार अहिरवार, मनीष रैकवार, रिक्की कोहली, संतोष अहिरवार, सुजल सिसोदिया, धनीराम अहिरवार, राजकुमार, राशिद खान, राजाबाबू चौहान, प्रीति लोधी, रामअवतार पुरोहित, सत्यम उर्फ प्रशांत शर्मा, योगेश राजपूत, शैलेन्द्र लोधी और मोतीलाल अहिरवार सहित अन्य आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई।
अवैध शराब के मामलों में धारा 34(1) आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। वहीं अवैध हथियार और कारतूस बरामदगी के मामलों में धारा 25(1-बी), 27 एवं 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
यह हुई कार्रवाई
- कुल प्रकरण: 21
- अवैध शराब: करीब 72 लीटर
- देशी कट्टा: 1
- जिंदा कारतूस: 11
- मोटरसाइकिल: 1
- जब्त माल-मशरूका: करीब 72,480 रुपये
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया एवं नरेंद्र सोलंकी के निर्देशन तथा एसडीओपी बीना के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप यादव और पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस ने बताया कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के साथ ही अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सागर : भाजपा महिला मोर्चा की जिला कार्यकारिणी की घोषणा, जानें किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी
सागर : भाजपा महिला मोर्चा की जिला कार्यकारिणी की घोषणा, जानें किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी
तीनबत्ती न्यूज: 08 सितम्बर, 2026
सागर: भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा जिला सागर ने अपनी नई जिला कार्यकारिणी एवं मंडल अध्यक्षों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह घोषणा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अश्विनी परांजपे के निर्देशानुसार तथा सागर संभाग प्रभारी गौरव रणदिवे, जिला प्रभारी लोकेंद्र पराशर एवं भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी की सहमति से महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मेघा दुबे द्वारा जारी की गई है।
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भाजपा महिला मोर्चा सागर ने घोषित किए 26 मंडल अध्यक्ष, देखें पूरी सूची
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नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में संगठन को मजबूती देने के लिए विभिन्न पदों पर दायित्व सौंपे गए हैं:
उपाध्यक्ष:
- श्रीमती वैशाली सोनी
- श्रीमती उमा रजक
- श्रीमती शिक्षा विश्वकर्मा
- श्रीमती अंतरा कुशवाहा
- श्रीमती रशमी कुशवाहा
महामंत्री:
- श्रीमती शारदा कोरी
- श्रीमती रशमी सोनी
मंत्री:
- श्रीमती शषि कुशवाहा
- श्रीमती कल्पना चौरसिया
- श्रीमती मोनिका प्रजापति
- श्रीमती गीता राजौरिया
- श्रीमती सपना दुबे
कोषाध्यक्ष एवं सह-कोषाध्यक्ष:
- श्रीमती शोभा सराफ (कोषाध्यक्ष)
- श्रीमती प्रियंका तिवारी (सह-कोषाध्यक्ष)
मीडिया एवं सोशल मीडिया प्रभार:
- सुश्री जयश्री रैकवार (मीडिया प्रभारी)
- श्रीमती रंजना विश्वकर्मा (सह-मीडिया प्रभारी)
- श्रीमती भारती राय (सोशल मीडिया प्रभारी)
- श्रीमती विनीता केशरवानी (सह-सोशल मीडिया प्रभारी)
कार्यालय एवं अन्य प्रमुख दायित्व:
- सुश्री सुदर्शनी शुक्ला (कार्यालय मंत्री)
- सुश्री अंजलि रैकवार (सह-कार्यालय मंत्री)
- श्रीमती अंकिता किंग (नीति शोध प्रभारी) एवं श्रीमती करूणा ठाकुर (सह-नीति शोध प्रभारी)
- डॉ. प्रीती शर्मा (प्रशिक्षण प्रभारी) एवं श्रीमती मनोरमा उपाध्याय (सह-प्रशिक्षण प्रभारी)
- श्रीमती कीर्ति साहू ('मन की बात' प्रभारी) एवं श्रीमती यशोदा विश्वकर्मा (सह 'मन की बात' प्रभारी)
- श्रीमती पूजा श्रीवास्तव (लाभार्थी प्रमुख) एवं श्रीमती ज्योति नामदेव (सह-लाभार्थी प्रमुख)
घोषणा के बाद जिलाध्यक्ष मेघा दुबे और भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं।
अमानक शराब पर जिला प्रशासन का कड़ा रुख: गांव-गांव चलेगा सर्वे और जन-जागरूकता अभियान : घर-घर पहुंचेगा प्रशासनिक अमला : कलेक्टर प्रतिभा पाल
अमानक शराब पर जिला प्रशासन का कड़ा रुख: गांव-गांव चलेगा सर्वे और जन-जागरूकता अभियान : घर-घर पहुंचेगा प्रशासनिक अमला : कलेक्टर प्रतिभा पाल
तीनबत्ती न्यूज, 8 सितंबर 2026
सागर:जिले में अवैध एवं अमानक/जहरीली शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई करने तथा गांव-गांव मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
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कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राजस्व, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और पुलिस सहित मैदानी अमले को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री जगदीश गोमे, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, बंडा एसडीएम श्री संजय जैन, जनपद सीईओ सुश्री शिवानी कौरव सहित अन्य अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी मौजूद रहे।
तीन स्तरों पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने अवैध एवं अमानक शराब की रोकथाम के लिए सर्वे, जन-चौपाल और सख्त कानूनी कार्रवाई पर आधारित त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की है।
घर-घर पहुंचेगी संयुक्त टीम:
पटवारी, पंचायत सचिव, आशा/एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और कोटवार की संयुक्त टीमें गांवों में डोर-टू-डोर सर्वे करेंगी। शराब के आदी व्यक्तियों की पहचान कर उनसे संवाद किया जाएगा और नशा छोड़ने के लिए समझाइश दी जाएगी।
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संदिग्ध लोगों की होगी स्वास्थ्य स्क्रीनिंग
अमानक या जहरीली शराब के सेवन से संभावित दुष्प्रभावों को देखते हुए गांव-गांव संदिग्ध लक्षण वाले लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को ऐसे मामलों में तत्काल चिकित्सकीय जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार अमानक या विषैली शराब के सेवन के लक्षण सामान्यतः 24 से 36 घंटे के भीतर सामने आ सकते हैं। इसके मद्देनजर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। संदिग्ध लक्षण पाए जाने पर मरीज को तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
हर परिवार से एक सदस्य जन-चौपाल में होगा शामिल
जन-जागरूकता के लिए गांवों में आज से विशेष जन-चौपाल आयोजित की जाएंगी। प्रशासन द्वारा प्रत्येक परिवार की सूची तैयार कर कम से कम एक सदस्य की जन-चौपाल में सहभागिता सुनिश्चित करने की कार्ययोजना बनाई गई है। चौपालों के माध्यम से अवैध और जहरीली शराब के दुष्परिणामों तथा नशे से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
अवैध शराब मिलने पर मौके पर ही होगी कार्रवाई
जांच के दौरान कहीं भी अवैध या अमानक शराब मिलने पर उसे जब्त कर मौके पर ही विनष्ट किया जाएगा। वहीं अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री में शामिल लोगों एवं नेटवर्क की नामजद सूची तैयार कर तहसीलदार, एसडीएम और पुलिस प्रशासन को सौंपी जाएगी, ताकि संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने एसडीएम और मैदानी अमले को अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राउंड प्रेजेंस बढ़ाने और मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशामुक्ति अभियान और जनस्वास्थ्य सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग का अमला आपसी समन्वय से अभियान को प्रभावी बनाने में जुटेगा।




















