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मूंग-उड़द खरीदी केंद्र में अव्यवस्थाएं, जिम्मेदार अमला नदारद: पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने उठाए सवाल

मूंग-उड़द खरीदी केंद्र की कांग्रेसजनों ने जानी हकीकत, जिम्मेदार अमला मिला नदारद


तीनबत्ती न्यूज:08 अगस्त, 2026

सागर। कृषि उपज मंडी समिति परिसर में रबी सीजन वर्ष 2026-27 के लिए मूंग एवं उड़द उपार्जन हेतु बनाए गए मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के खरीदी केंद्र का शनिवार तड़के मध्यप्रदेश शासन के पूर्व कृषि एवं सहकारिता मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कांग्रेसजनों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान खरीदी केंद्र पर कई अव्यवस्थाएं सामने आईं।

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निरीक्षण के दौरान केंद्र पर सर्वेयर के अलावा प्रबंधक सहित अन्य जिम्मेदार अमला मौजूद नहीं मिला। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र का संचालन शासन के नियमों और निर्देशों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है।

भवन में जगह-जगह टपक रहा था पानी

निरीक्षण के दौरान खरीदी केंद्र के भवन में जगह-जगह से पानी टपकता मिला। भवन में रखा सामान भी पानी से भीग रहा था। इसके अलावा खरीदी से संबंधित रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से संधारित नहीं मिला।



मौके पर मिली अव्यवस्थाओं को लेकर पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने अनुविभागीय अधिकारी सागर रोहित वर्मा सहित नागरिक आपूर्ति निगम और कृषि विभाग के अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को खरीदी केंद्र के संचालन में सामने आई अनियमितताओं और किसानों को हो रही संभावित परेशानियों से अवगत कराया।

चौधरी ने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर खरीदी केंद्र का संचालन नियमानुसार कराने तथा किसानों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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'शासन-प्रशासन के दावों की खुली पोल'

पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि मूंग-उड़द खरीदी केंद्रों के नियमों के अनुसार संचालन को लेकर प्रशासनिक अमला गंभीर नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि विपणन संघ के खरीदी केंद्र पर जिम्मेदार अमले की गैरमौजूदगी और सामने आई अव्यवस्थाओं ने शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है।



उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों पर अन्नदाता किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। शासन-प्रशासन को सभी खरीदी केंद्रों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित करना चाहिए। केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं, जिम्मेदार अमले की मौजूदगी और किसानों की उपज की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि खरीदी केंद्रों पर लापरवाही जारी रही और किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी।

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इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पं. रवि उमाहिया, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष संदीप चौधरी, पूर्व सरपंच हरप्रसाद अहिरवार, कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष अरविन्द पंथी, युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजा सिंह बुंदेला, युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राहुल कुशवाहा, इंजीनियर सत्यम सिंह सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।

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रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के प्रभाव पर संसद में सरकार का जवाब: जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया • राज्यसभा में सांसद रजनीश अग्रवाल के प्रश्न पर आया जवाब: 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती के दायरे में

रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के प्रभाव पर संसद में सरकार का जवाब: जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया

• राज्यसभा में सांसद रजनीश  अग्रवाल के प्रश्न पर आया जवाब: 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती के दायरे में



तीनबत्ती न्यूज: 08 अगस्त, 2026

नई दिल्ली। कृषि योग्य भूमि पर रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग के प्रभाव को लेकर राज्यसभा में भाजपा सांसद रजनीश कुमार अग्रवाल द्वारा पूछे गए प्रश्न पर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने बताया कि इस संबंध में मंत्रालय द्वारा कोई अध्ययन नहीं कराया गया है। हालांकि, सरकार ने मिट्टी की गुणवत्ता और संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को जागरूक करने और वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देने की जानकारी दी।

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लिखित जवाब में बताया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत अधिसूचित किए जाने से पहले उर्वरकों की जैव-प्रभावकारिता और विषाक्तता का परीक्षण किया जाता है। इन परीक्षणों की समीक्षा केंद्रीय उर्वरक समिति के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा की जाती है।

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26.26 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाए/वितरित

सरकार के अनुसार, मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना सहित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मृदा उर्वरता में सुधार के लिए संतुलित एवं एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।

वर्ष 2014-15 से अब तक 26.26 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाए/वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए देशभर में 1,30,627 किसानों को प्रशिक्षण, 7.17 लाख प्रदर्शन तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों को लेकर 7,425 किसान मेले/अभियान आयोजित किए गए हैं।

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कीटनाशकों के उपयोग पर भी नियामक व्यवस्था

सरकार ने बताया कि कीटनाशक अधिनियम, 1968 की धारा 5 के तहत गठित पंजीकरण समिति कीटनाशकों की प्रभावकारिता के साथ-साथ मानव, पशु और पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनका पंजीकरण करती है। स्वीकृत लेबल और सूचना पत्र के अनुसार उपयोग किए जाने वाले पंजीकृत कीटनाशकों से नुकसान की संभावना नहीं होने की बात सरकार ने कही है। इनके निरंतर उपयोग के संबंध में समय-समय पर तकनीकी समीक्षा भी की जाती है।

जैविक और प्राकृतिक खेती को मिल रहा बढ़ावा

जवाब में सरकार ने बताया कि एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सरकार ने जैविक खाद, फसल अवशेष, जैव उर्वरक और अन्य जैविक इनपुट के साथ रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जोर दिया है। साथ ही उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत जैविक उर्वरक, जैव-उर्वरक, सल्फर लेपित यूरिया, जैविक कार्बन संवर्धक और नैनो उर्वरक को अधिसूचित किया गया है।

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18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती के दायरे में

सरकार के अनुसार, वर्ष 2015-16 से परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के माध्यम से जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के अंतर्गत लाया गया है और 33.63 लाख किसानों को इसका लाभ मिला है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट (MOVCDNER) के तहत 2.36 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती में लाया गया है और 2.74 लाख किसानों को लाभ मिला है।

प्राकृतिक खेती मिशन को भी मंजूरी

केंद्र सरकार ने 25 नवंबर 2024 को रासायनिक मुक्त और ऑन-फार्म इनपुट के उपयोग के जरिए प्रकृति आधारित कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन (NMNF) को मंजूरी दी थी। जवाब के अनुसार, अब तक 23.13 लाख किसान पंजीकृत हो चुके हैं और 11.44 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्राकृतिक खेती के अंतर्गत कवर किया गया है।


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खिमलासा में अवैध सोयाबीन बीज बिक्री पर बड़ी कार्रवाई, बाहुबली जैन के खिलाफ FIR दर्ज

खिमलासा में अवैध सोयाबीन बीज बिक्री का भंडाफोड़, कृषि विभाग ने दर्ज कराई FIR


तीनबत्ती न्यूज:  08 जुलाई 2026

सागर:  सागर जिले के खिमलासा में अवैध रूप से सोयाबीन बीज बेचने के मामले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। किसानों की शिकायत पर कृषि और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने जांच की, जिसमें बिना लाइसेंस बीज बिक्री की पुष्टि हुई।

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कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश और उपसंचालक कृषि राजेश त्रिपाठी के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में खिमलासा स्थित शांति ऑटो पार्ट्स दुकान के संचालक बाहुबली जैन उर्फ संते जैन (सराफ) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

किसानों की शिकायत पर हुई कार्रवाई

किसानों ने लिखित शिकायत में बताया था कि बाहुबली जैन द्वारा अवैध रूप से सोयाबीन बीज बेचा जा रहा है। शिकायत मिलते ही कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने दुकान और गोदाम का निरीक्षण किया।

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जांच के दौरान आरोपी के पास बीज विक्रय से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं मिले। गोदाम से बीज अंकित खाली बोरियां और बिखरे हुए सोयाबीन के दाने भी मिले, जिससे अवैध बीज बिक्री की पुष्टि हुई।

16 किसानों ने की खरीद की पुष्टि

निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद 16 किसानों ने बाहुबली जैन से बीज खरीदने की पुष्टि की। कुछ किसानों ने ऑनलाइन भुगतान के स्क्रीनशॉट और भुगतान पावती भी अधिकारियों को सौंपी। आरोपी ने भी किसानों को सोयाबीन बेचने की बात स्वीकार की।

उन्नत किस्म बताकर बेचा गया महंगा बीज

किसानों के अनुसार, आरोपी ने जेएस-2303, एम-85 और पीएस-1569 प्रजाति का उन्नत बीज बताकर 10 हजार से 12 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से बीज बेचा था। 25 जून से 1 जुलाई के बीच खरीदे गए इस बीज की बुवाई के 6-7 दिन बाद भी अंकुरण नहीं होने पर किसानों ने कृषि विभाग में शिकायत दर्ज कराई।

इन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर

विस्तृत जांच के बाद बिना वैध लाइसेंस सोयाबीन को बीज के रूप में पैक कर बेचने के मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318(4), आवश्यक वस्तु अधिनियम और बीज नियंत्रण आदेश के तहत खिमलासा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

किसानों से की गई अपील

उपसंचालक कृषि राजेश त्रिपाठी ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही पक्का बिल लेकर बीज खरीदें और बुवाई से पहले अंकुरण परीक्षण अवश्य करें। उन्होंने कहा कि कृषि आदानों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर विभाग आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखेगा।


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सागर: कृत्रिम गर्भाधान लक्ष्य पूरा नहीं करने पर सख्ती, शून्य प्रदर्शन पर निलंबन के निर्देश

सागर: कृत्रिम गर्भाधान लक्ष्य पूरा नहीं करने पर सख्ती, शून्य प्रदर्शन पर निलंबन और वेतन रोकने के निर्देश

▪️कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश, पशुपालकों से जीवंत संपर्क और वैक्सीनेशन अभियान तेज करने पर जोर

तीनबत्ती न्यूज:  08 जुलाई 2026।

सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक में कृत्रिम गर्भाधान, वैक्सीनेशन और शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पशुधन की नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में कृत्रिम गर्भाधान सबसे महत्वपूर्ण कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान कृत्रिम गर्भाधान के लक्ष्य में कमजोर प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने शून्य प्रदर्शन करने वाले विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं 30 प्रतिशत से कम प्रदर्शन करने वाले पशु चिकित्सा अधिकारियों और सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों का आगामी वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने 10 प्रतिशत से कम प्रदर्शन करने वाले सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों तथा एक अंकीय प्रदर्शन करने वाले विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सभी अधिकारियों को दफ्तरों से बाहर निकलकर सीधे पशुपालकों से संपर्क बनाए रखने और पिछले तीन महीनों के लंबित लक्ष्यों के साथ आगामी तिमाही के लक्ष्यों को भी समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की समीक्षा

कलेक्टर ने पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की समीक्षा करते हुए बैंकों से समन्वय स्थापित कर सभी लंबित प्रकरणों और स्वीकृत कार्यों को एक माह के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी कारणों से निरस्त मामलों को पुनः प्रक्रिया में लाकर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाया जाए।

गौशालाओं में चारा प्रबंधन और टीकाकरण पर जोर

कलेक्टर ने जिले की गौशालाओं में चारे-भूसे के बेहतर प्रबंधन के लिए आवश्यकता अनुसार स्ट्रॉ रीपर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही पशुओं को संक्रामक एवं घातक बीमारियों से बचाने के लिए जिलेभर में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चलाने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, उप संचालक पशुपालन डॉ. डी.डी. चढार, डॉ. जगदीश बाविसटाले सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


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