खिमलासा में अवैध सोयाबीन बीज बिक्री का भंडाफोड़, कृषि विभाग ने दर्ज कराई FIR
तीनबत्ती न्यूज: 08 जुलाई 2026
सागर: सागर जिले के खिमलासा में अवैध रूप से सोयाबीन बीज बेचने के मामले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। किसानों की शिकायत पर कृषि और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने जांच की, जिसमें बिना लाइसेंस बीज बिक्री की पुष्टि हुई।
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कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश और उपसंचालक कृषि राजेश त्रिपाठी के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में खिमलासा स्थित शांति ऑटो पार्ट्स दुकान के संचालक बाहुबली जैन उर्फ संते जैन (सराफ) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
किसानों की शिकायत पर हुई कार्रवाई
किसानों ने लिखित शिकायत में बताया था कि बाहुबली जैन द्वारा अवैध रूप से सोयाबीन बीज बेचा जा रहा है। शिकायत मिलते ही कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने दुकान और गोदाम का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान आरोपी के पास बीज विक्रय से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं मिले। गोदाम से बीज अंकित खाली बोरियां और बिखरे हुए सोयाबीन के दाने भी मिले, जिससे अवैध बीज बिक्री की पुष्टि हुई।
16 किसानों ने की खरीद की पुष्टि
निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद 16 किसानों ने बाहुबली जैन से बीज खरीदने की पुष्टि की। कुछ किसानों ने ऑनलाइन भुगतान के स्क्रीनशॉट और भुगतान पावती भी अधिकारियों को सौंपी। आरोपी ने भी किसानों को सोयाबीन बेचने की बात स्वीकार की।
उन्नत किस्म बताकर बेचा गया महंगा बीज
किसानों के अनुसार, आरोपी ने जेएस-2303, एम-85 और पीएस-1569 प्रजाति का उन्नत बीज बताकर 10 हजार से 12 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से बीज बेचा था। 25 जून से 1 जुलाई के बीच खरीदे गए इस बीज की बुवाई के 6-7 दिन बाद भी अंकुरण नहीं होने पर किसानों ने कृषि विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
इन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर
विस्तृत जांच के बाद बिना वैध लाइसेंस सोयाबीन को बीज के रूप में पैक कर बेचने के मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318(4), आवश्यक वस्तु अधिनियम और बीज नियंत्रण आदेश के तहत खिमलासा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
किसानों से की गई अपील
उपसंचालक कृषि राजेश त्रिपाठी ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही पक्का बिल लेकर बीज खरीदें और बुवाई से पहले अंकुरण परीक्षण अवश्य करें। उन्होंने कहा कि कृषि आदानों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर विभाग आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखेगा।







