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MP Board Exam Time Table 2027: 10वीं-12वीं परीक्षा की समय-सारणी जारी, 17 फरवरी से परीक्षाएं

MP Board Exam Time Table 2027: 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा की समय-सारणी जारी


तीनबत्ती न्यूज: 13 अगस्त ,2026

भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने वर्ष 2027 की कक्षा 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाओं की आधिकारिक समय-सारणी जारी कर दी है। जारी कार्यक्रम के अनुसार दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही पाली में आयोजित की जाएंगी। परीक्षाएं नियमित एवं स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए होंगी।


कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी 2027 से शुरू होकर 19 मार्च 2027 तक चलेंगी। वहीं कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 24 फरवरी 2027 से प्रारंभ होकर 18 मार्च 2027 को समाप्त होंगी।

कक्षा 12वीं का परीक्षा कार्यक्रम

12वीं की पहली परीक्षा 17 फरवरी को बायोटेक्नोलॉजी, गायन वादन तथा तबला पखावज विषयों की होगी। इसके बाद 18 फरवरी को उर्दू एवं मराठी, 20 फरवरी को संस्कृत, 22 फरवरी को NSQF के समस्त विषय, शारीरिक शिक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परीक्षा होगी।

23 फरवरी को हिंदी, 24 फरवरी को ड्राइंग एंड डिजाइनिंग, 25 फरवरी को मनोविज्ञान और 26 फरवरी को अंग्रेजी की परीक्षा होगी। 1 मार्च को इनफॉर्मेटिक प्रैक्टिसेस तथा 3 मार्च को समाज शास्त्र की परीक्षा निर्धारित है।

4 मार्च को भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, एनिमल हस्बैंड्री मिल्क ट्रेड, विज्ञान के तत्व तथा भारतीय कला का इतिहास विषयों की परीक्षा होगी। 8 मार्च को बायोलॉजी और 11 मार्च को राजनीति शास्त्र की परीक्षा होगी।

13 मार्च को रसायन शास्त्र, इतिहास, व्यवसाय अध्ययन सहित विभिन्न विषयों की परीक्षा होगी। 16 मार्च को गणित, 17 मार्च को कृषि, होम साइंस एवं एकाउंटेंसी तथा 19 मार्च को भूगोल, क्रॉप प्रोडक्शन, स्टिल लाइफ एंड डिजाइन एवं शरीर रचना क्रिया-विज्ञान एवं स्वास्थ्य विषयों की परीक्षा होगी।



कक्षा 10वीं का परीक्षा कार्यक्रम


कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 24 फरवरी 2027 से शुरू होंगी। पहले दिन मराठी, गुजराती, पंजाबी और सिंधी की परीक्षा होगी। इसी दिन मूक-बधिर तथा दृष्टिहीन विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, गायन वादन, तबला पखावज एवं कंप्यूटर विषयों की विशेष परीक्षा भी निर्धारित है।

25 फरवरी को NSQF के समस्त विषय एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परीक्षा होगी। 27 फरवरी को उर्दू, 2 मार्च को हिंदी, 5 मार्च को गणित (स्टैंडर्ड/बेसिक), 9 मार्च को अंग्रेजी और 12 मार्च को संस्कृत की परीक्षा होगी।

इसके बाद 15 मार्च को विज्ञान तथा 18 मार्च को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

परीक्षा का समय और महत्वपूर्ण निर्देश

मंडल द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होंगी। विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर परीक्षा प्रारंभ होने से निर्धारित समय पूर्व पहुंचना होगा। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से पहले अपने प्रवेश पत्र और मंडल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी अवश्य जांच लें।

MP Board Exam Time Table 2027 की पूरी जानकारी ऊपर जारी आधिकारिक समय-सारणी में देखी जा सकती है।

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एमपी में एनालॉग पनीर पर लगेगा बैन, सीएम मोहन यादव का फैसला

एमपी में एनालॉग पनीर पर लगेगा बैन, सीएम मोहन यादव ने दिए खाद्य सुरक्षा के सख्त निर्देश


तीनबत्ती न्यूज: 12 अगस्त, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री और उत्पादन पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सीएम डॉ. मोहन ने एमपी में बैन किया एनालॉग पनीर

मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर बैन लग गया है। इस तरह का पनीर बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्य में प्राकृतिक पनीर को ही प्रोत्साहित करेंगे। एनालॉग पनीर की बिक्री जैसी गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को मीडिया से कहा कि हमने ये निर्णय किया है कि मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री को हतोत्साहित करेंगे। इस पर प्रतिबंध लगाएंगे। देश के अन्य राज्यों में भी इस पर प्रतिबंध लगाया गया है। हमारे यहां प्राकृतिक दूध के उत्पाद हैं हम प्राकृतिक पनीर बनाएंगे। हम इन उत्पादों के बलबूते पर राज्य की पहचान बनाएंगे। 

बिल्कुल बढ़ावा नहीं देंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम दूध का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में आगे चल रहे हैं। एनालॉग पनीर की बिक्री जैसी गतिविधियों को हम बढ़ावा नहीं देंगे।सरकार के अनुसार बाजार में दूध से बने पारंपरिक पनीर के स्थान पर सस्ते एनालॉग पनीर का इस्तेमाल बढ़ रहा है। एनालॉग पनीर में दूध के अलावा वनस्पति तेल, मिल्क पाउडर, प्रोटीन, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।

होटल, मिठाई दुकानों और डेयरी में होगी जांच

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें होटल, मिठाई की दुकानों, डेयरी, रेस्टोरेंट और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स में जांच अभियान चला सकती हैं। जांच के दौरान एनालॉग पनीर पाए जाने पर नमूने लिए जाएंगे और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की लेबलिंग और उपभोक्ता जागरूकता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।


क्या होता है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर को आम तौर पर असली पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है। यह पारंपरिक तरीके से केवल दूध को फाड़कर तैयार किए गए पनीर से अलग होता है।

इसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री में वनस्पति या पाम ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, सोया प्रोटीन, केसिन, स्टार्च, इमल्सीफायर और स्टेबलाइजर जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। खाद्य उद्योग में इसका इस्तेमाल कुछ फास्ट फूड, फ्रोजन फूड और अन्य तैयार खाद्य पदार्थों में किया जाता है।

असली पनीर और एनालॉग पनीर में अंतर

असली पनीर: दूध से तैयार किया जाता है और इसमें दूध से मिलने वाला प्रोटीन, वसा और कैल्शियम प्रमुख पोषक तत्व होते हैं।

एनालॉग पनीर: दूध के अलावा अन्य वसा और खाद्य सामग्री से तैयार किया जा सकता है। इसकी पोषण संरचना इस्तेमाल की गई सामग्री पर निर्भर करती है।

उपभोक्ताओं को पैकेट पर दिए गए लेबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए। यदि किसी उत्पाद पर “Paneer Analogue”, “Imitation Paneer” या इसी तरह की जानकारी लिखी हो तो उसे पारंपरिक दूध से बने पनीर से अलग समझना चाहिए।


उपभोक्ताओं को क्या सावधानी रखनी चाहिए?


पनीर खरीदते समय पैकेट पर उत्पाद की सामग्री, लेबल और निर्माता की जानकारी जरूर देखें। खुले में बिकने वाले पनीर की गुणवत्ता को लेकर भी उपभोक्ताओं को सावधानी बरतनी चाहिए।

सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।



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सागर-विदिशा में सड़क नेटवर्क को मिलेगी रफ्तार, NHAI मुख्यालय में सांसद लता वानखेड़े की समीक्षा

सागर-विदिशा लोकसभा क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को मिलेगी नई रफ्तार, NHAI मुख्यालय में सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने की समीक्षा



तीनबत्ती न्यूज : 10 अगस्त 2026

सागर। सागर लोकसभा क्षेत्र की सड़क एवं परिवहन कनेक्टिविटी को मजबूत करने और क्षेत्र में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने नई दिल्ली स्थित NHAI मुख्यालय, द्वारका में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

बैठक में NHAI के सदस्य (प्रोजेक्ट्स) विपिनेश शर्मा के साथ मध्य प्रदेश, विशेषकर सागर एवं विदिशा लोकसभा क्षेत्र में चल रही, प्रस्तावित और आगामी सड़क परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद ने परियोजनाओं की प्रगति, निर्माण की गति, समय-सीमा और क्षेत्र की भविष्य की जरूरतों को लेकर अधिकारियों से चर्चा की।

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सागर बाईपास और रिंग रोड को प्राथमिकता

सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने सागर शहर को भारी यातायात के दबाव से राहत देने के लिए नए सागर बाईपास की आवश्यकता को प्रमुखता से रखा। उन्होंने बाईपास से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाकर इसे शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया।

बैठक में सागर रिंग रोड-1 तथा बेरखेड़ी–रानीपुरा मार्ग को भी महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया। इन परियोजनाओं को तेजी से पूर्ण कराने तथा आगामी 6 से 8 माह में बेरखेड़ी–रानीपुरा मार्ग को चालू करने की दिशा में कार्य करने पर चर्चा हुई।

सागर–भोपाल फोरलेन पर भी हुई चर्चा

बैठक में सागर–भोपाल फोरलेन परियोजना को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। सांसद ने परियोजना का कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सागर–भोपाल फोरलेन के पूर्ण होने से दोनों शहरों के बीच आवागमन सुगम होगा और सागर की आर्थिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के माध्यम से सागर–भोपाल यात्रा का समय लगभग ढाई घंटे तक लाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

सिरोंज, शमशाबाद और कुरवाई को बेहतर हाईवे कनेक्टिविटी

बैठक में सिरोंज, शमशाबाद और कुरवाई क्षेत्र में नई हाईवे कनेक्टिविटी विकसित करने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही बीना रिंग रोड को लेकर भी सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया।

सांसद ने कहा कि सागर लोकसभा क्षेत्र में एक साथ कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र मजबूत राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ेगा।

NHLML चेयरमैन से भी की मुलाकात

NHAI मुख्यालय में सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) के चेयरमैन आलोक दीपांकर से भी मुलाकात की।

इस दौरान NHLML से संबंधित परियोजनाओं और सागर-विदिशा क्षेत्र में भविष्य की संभावित कनेक्टिविटी एवं लॉजिस्टिक्स से जुड़े विकास कार्यों पर चर्चा हुई। सागर को लॉजिस्टिक्स एवं परिवहन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

‘सागर को बड़ा रोड एवं कनेक्टिविटी हब बनाना प्राथमिकता’

सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि सागर को मध्य प्रदेश के बड़े रोड एवं कनेक्टिविटी हब के रूप में विकसित करना प्राथमिकता है। सागर बाईपास, रिंग रोड, बेरखेड़ी–रानीपुरा, सागर–भोपाल फोरलेन सहित महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समयबद्ध गति देने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि निर्धारित समय-सीमा में धरातल पर दिखाई दें।

सांसद ने कहा कि मजबूत सड़क कनेक्टिविटी से सागर के साथ-साथ बीना, सिरोंज, शमशाबाद, कुरवाई और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग, रोजगार एवं पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत कनेक्टिविटी के माध्यम से सागर को मध्य भारत के प्रमुख कनेक्टिविटी केंद्रों में शामिल करने का लक्ष्य है।

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मध्यप्रदेश पुलिस में 27,534 पदोन्नति, CM मोहन यादव ने बांटे नियुक्ति पत्र

पुलिस की पदोन्नति पर जवानों ने जताया सीएम डॉ. मोहन यादव का आभार, मुख्यमंत्री बोले- सरकार आपके परिवार के लिए सबकुछ करेगी


तीनबत्ती न्यूज:10 अगस्त 2026

सागर। मध्यप्रदेश पुलिस में लंबे समय से लंबित पदोन्नति और नई भर्तियों को लेकर भोपाल के रवींद्र भवन में सोमवार को आभार प्रदर्शन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवीन भर्ती में चयनित पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए और पदोन्नत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बैज लगाए।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस की खाकी वर्दी प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के विश्वास, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभाएं, सरकार उनके परिवार के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने चंबल अंचल से दस्यु समस्या खत्म करने और प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को उनकी सेवाओं और उपलब्धियों के लिए बधाई दी।

पुलिस के 58 संवर्गों में 27,534 को पदोन्नति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27,534 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया लागू होने में समय लगने के कारण करीब 20 हजार पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त भी हो गए।उन्होंने बताया कि 30 रक्षित निरीक्षकों को उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदोन्नति मिली है।

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खंडवा में बनेगी नई पुलिस बटालियन


मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि खंडवा जिले में नई पुलिस बटालियन की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के रूप में तीन नई बटालियन बनाई जाएंगी। इनमें अति पिछड़े वर्गों के साथ बैगा, भारिया और सहरिया वर्ग की कंपनियां शामिल होंगी।



दो साल में पूरी होगी लंबित पुलिस भर्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14,704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एएसएल की भर्ती प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है।वर्ष 2026 में विभिन्न पदों पर 9,751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। सरकार का प्रयास है कि आगामी दो वर्षों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के लंबित पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाए।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है।

नक्सलवाद के खिलाफ हॉक फोर्स की अहम भूमिका

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस सभी चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने में पुलिस की हॉक फोर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उन्होंने बताया कि हॉक फोर्स में 325 पद और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पदों पर भर्ती की गई है। पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक नई नियुक्तियां हुई हैं।

डीजीपी ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना है। नई भर्ती के बाद प्रशिक्षण प्राप्त पुलिस बल सिंहस्थ ड्यूटी के लिए उपलब्ध रहेगा।

पदोन्नति से बढ़ा पुलिसकर्मियों का मनोबल

कार्यक्रम में पदोन्नत डीएसपी दीपिका शिंदे ने कहा कि कई पुलिसकर्मी दो दशक से सेवा दे रहे हैं और उनकी पदोन्नति उनके परिवार के सपनों से भी जुड़ी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्णय को पुलिसकर्मियों के लिए सम्मान बताया।

निरीक्षक रीना चौहान ने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से उनके परिवार के तीन सदस्यों को इसका लाभ मिला है। प्रशिक्षु डीएसपी विनय कुमार डहरवाल ने भी पुलिस सेवा के प्रति अपने संकल्प को व्यक्त किया।नवीन भर्ती में चयनित आस्था शर्मा ने कहा कि बचपन से खाकी वर्दी पहनना उनका सपना था और शादी तथा बच्चों के बाद पुलिस विभाग में चयन होना उनके लिए गौरव की बात है।

ये रहे शामिल

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला, स्पेशल डीजी सीआईडी पंकज श्रीवास्तव, आईजी एडमिन हरिनारायणचारी मिश्र सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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अगले दो महीने में प्रारंभ होगी भोपाल से शारजाह तक डायरेक्ट इंटरनेशनल फ्लाइट : सीएम डॉ. यादव • अगले दस साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाएंगे : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री नायडू • मध्यप्रदेश में जल्द ही बनेंगे पांच नए एयरपोर्ट: चार नई सीधी उड़ानों का हुआ शुभारंभ

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखा


तीनबत्ती न्यूज: 09 अगस्त ,2026

भोपाल: मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में रविवार को एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू के साथ मध्यप्रदेश में चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर इनका शुभारंभ किया। भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता सीधी हवाई सेवाओं से प्रदेश के विंध्य और महाकौशल अंचल को राजधानी भोपाल तथा पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता एवं पटना से सीधा हवाई संपर्क मिला है। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने भोपाल से रीवा तक जाने वाली अलायन्स एयर की नवप्रारंभ फ्लाइट के यात्रियों को बोर्डिंग पास भी वितरित किए। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल से रीवा की इसी फ्लाइट में बैठकर रीवा के लिए रवाना हुए।

पांच नए एयरपोर्ट मिले


चार नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ अवसर पर राजा भोज विमानतल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार का “ऐतिहासिक दिन” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज मध्यप्रदेश के विकास और नागरिक सुविधाओं को नए पंख लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपालवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अगले दो महीने के भीतर भोपाल से शारजाह तक सीधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा प्रारंभ कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए तेजी से काम कर रही है। बीते तीन साल में ही प्रदेश में रीवा, सतना और दतिया के रूप में तीन नए एयरपोर्ट प्रारंभ हो गए हैं। उज्जैन और शिवपुरी में भी नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट्स बनाने की मंजूरी दे दी है। इसमें सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो साल में ही दस से अधिक रूट पर हवाई सेवाएं प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हवाई कनेक्टिविटी का लाभ प्रदेश के सभी अंचलों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में ही एयर एम्बुलेंस सर्विस प्रारंभ हुई है। राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई हेली सेवा प्रतिदिन चल रही हैं और इसमें पच्चयानवें प्रतिशत आकोपेंसी दर्ज की गई है।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय प्रदेश में हवाई सेवाएं सीमित थीं और सुविधाएं नगण्य थीं, लेकिन आज एक साथ चार नई उड़ानों का शुरू होना बदलते मध्यप्रदेश और बदलते भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं का सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में सामने आएगा। भोपाल-रीवा के बीच सप्ताह में चार दिन, जबकि भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता के बीच सप्ताह में तीन दिन उड़ानें संचालित होंगी। वर्तमान में इन शहरों के बीच सड़क अथवा रेल मार्ग से यात्रा में कई घंटे तक लगते हैं, जबकि सीधी हवाई सेवा से यही दूरी महज दो से ढाई घंटे में ही तय की जा सकेगी।

दस महीनों में बढी सुविधाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का हृदय स्थल होने के साथ विभिन्न राज्यों की कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि इन सीधी उड़ानों के प्रारंभ होने से उद्योगपतियों, व्यापारियों और पर्यटकों के समय तथा धन दोनों की बचत होगी। साथ ही रीवा और जबलपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों का कोलकाता से सीधा जुड़ाव स्थानीय उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए बड़े बाजारों के द्वार भी खोलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच महज दस महीनों में प्रदेश में आठ नए हवाई मार्गों पर सेवाएं शुरू हुई हैं, जिनमें इंदौर-अबूधाबी अंतर्राष्ट्रीय उड़ान भी शामिल है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं का विस्तार केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को गति देने वाला आधारभूत ढांचा है। मध्यप्रदेश की ‘नागर विमानन नीति 2025’ के अंतर्गत राज्य सरकार हवाई सेवाओं को समर्थन दे रही है। किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए इंदौर, भोपाल और जबलपुर एयरपोर्ट को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया है। वहीं विमानन क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए कोर्स फीस का 60 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से प्रांरभ हुई सीधी हवाई सेवाएं “विकसित मध्यप्रदेश” की आधारभूत संरचना को और भी मजबूत करेगी।


2036 तक हवाई सेवाओं के विकास-विस्तार पर 29 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी केंद्र सरकार




केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सिविल एविएशन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2016 में ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के संकल्प के साथ छोटे शहरों और आम नागरिकों तक हवाई सेवाओं की पहुंच बढ़ाई गई। पिछले वर्षों में देश में करीब 90 नए एयरपोर्ट विकसित हुए हैं और विमानों के बेड़े और हवाई यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। एयरपोर्ट के आसपास रियल एस्टेट, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती हैं और रोजगार के अवसर सृजित होते हैं।


केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिविल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हुआ है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में सुविधाओं के विस्तार के साथ सतना, दतिया और रीवा में नए एयरपोर्ट विकसित किए गए हैं। कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश की सिविल एविएशन पॉलिसी प्रभावी है और देश की राज्यों की विमानन नीतियों में इसे सर्वश्रेष्ठ नीतियों में माना जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप इंदौर से अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी और रीवा-कोलकाता, रीवा-पटना, जबलपुर-कोलकाता और भोपाल-रीवा जैसे नए हवाई मार्ग शुरू हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य शहरों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। प्रदेश की लगभग दस हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट में परिवर्तित करने और कुछ शहरों में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। श्री नायडू ने कहा कि ‘उड़ान’ योजना को अगले दस वर्षों के लिए विस्तारित किया गया है और इसके लिए केंद्र सरकार ने लगभग 29 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे नए एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को गति मिलेगी। ‘उड़ान’ योजना, मध्यप्रदेश की एविएशन पॉलिसी और प्रदेशवासियों के सहयोग से मध्यप्रदेश को सिविल एविएशन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।



केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने कहा कि सिविल एविएशन क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसरों का महत्वपूर्ण क्षेत्र बन रहा है।नए एयरपोर्ट और बढ़ती विमानन गतिविधियों से रोजगार की संभावनाएं और बढ़ेंगी।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का विजन हर 150 किलोमीटर पर एक एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलिपोर्ट विकसित करने का है। केंद्र सरकार इस दिशा में मध्यप्रदेश को पूरा सहयोग देगी। आज प्रारंभ हो रही नई हवाई सेवाएं एक नई शुरुआत हैं और आने वाले समय में प्रदेश को और अधिक शहरों एवं गंतव्यों से हवाई सेवाओं के माध्यम से जोड़ा जाएगा।


उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए दूरदर्शी स्टेट एविएशन पॉलिसी- 2025 तैयार की गई है। इसके माध्यम से प्रदेश के छोटे शहरों को प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य तेजी से हो रहा है। विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र के लिए नई हवाई सेवाओं का विस्तार विकास की नई संभावनाओं को गति देगा। रीवा से दिल्ली, इंदौर और रायपुर की सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं तथा अब रीवा को भोपाल और कोलकाता से जोड़ने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सुदृढ़ होगी। सिंगरौली देश के प्रमुख पावर हब में शामिल है। क्षेत्र में तीन राष्ट्रीय उद्यान तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकूट भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़ी महत्वपूर्ण पवित्र भूमि है। हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से इन संभावनाओं को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि एटीआर-72 जैसे विमानों के संचालन के लिए वित्तीय सहयोग की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच से स्टेट एविएशन पॉलिसी तैयार की गई, जिसकी विमानन क्षेत्र में सराहना हो रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि रीवा-भोपाल हवाई सेवा का किराया लगभग 2,700 रुपये तथा डायनेमिक फेयर में अधिकतम 3,500 रुपये निर्धारित किया गया है। रीवा-कोलकाता सेवा के किराये की कैपिंग लगभग 5,300 रुपये रखी गई है। इससे हवाई यात्रा आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ होगी।उन्होंने कहा कि भोपाल से पटना होते हुए कोलकाता, भोपाल से रीवा तथा अन्य शहरों के लिए कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से विशेषकर विंध्य क्षेत्र को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य निरंतर आगे बढ़ेगा।


केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष 2016 से ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 शहरों और दूर-दराज के क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 4 जुलाई को ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना का शुभारंभ किया है। आगामी दस वर्षों में इस योजना से छोटे शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ने को नई गति मिलेगी। केंद्रीय सचिव श्री सिन्हा ने कहा कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध एयरस्ट्रिप्स को चिन्हित कर एयरपोर्ट विकसित करने और हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय राज्य सरकार के साथ समन्वय से कार्य करेंगे। मध्यप्रदेश में एयरस्ट्रिप और टर्मिनल उपलब्ध होने के बावजूद जहां विमानों की सीमित संख्या के कारण सेवाएं प्रारंभ नहीं हो पाई हैं, ऐसे क्षेत्रों को भी ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना के माध्यम से कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अलायंस एयर के माध्यम से नई हवाई सेवाओं की शुरुआत हो रही है। इंडिगो, अलायंस एयर, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया सहित विभिन्न एयरलाइंस द्वारा नए विमानों के ऑर्डर दिए गए हैं, जिससे भविष्य में हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं मजबूत होंगी। ‘उड़ान’ योजना के बाद फ्लाई 91, स्टार एयर सहित क्षेत्रीय एयरलाइंस का विस्तार भी हुआ है। मध्यप्रदेश ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र की भौगोलिक आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। केंद्र सरकार, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, अलायंस एयर और अन्य एयरलाइंस के सहयोग से प्रदेश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।


अपर मुख्य सचिव, विमानन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन में मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बीते एक साल में प्रदेश के सात शहरों से नई हवाई सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश की विमानन नीति के अंतर्गत इंदौर से अबू धाबी के लिए अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा भी प्रारंभ की गई है। श्री शुक्ला ने बताया कि इसी क्रम में आज से चार नई हवाई सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं।


चार नए हवाई मार्गों से मजबूत होगी प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी


आज शुभारंभ होने वाली चारों नई हवाई सेवाएं मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत वित्त पोषित हैं। सभी घरेलू हवाई मार्गों पर प्रत्येक राउंड ट्रिप के लिए राज्य शासन द्वारा 10 लाख रुपये तक की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) सहायता दी जाएगी। इन चारों सेवाओं का संचालन अलायंस एयर द्वारा किया जाएगा। भोपाल-रीवा हवाई सेवा सप्ताह में चार दिन मंगलवार, गुरुवार, शनिवार एवं रविवार को, भोपाल-पटना सेवा सोमवार, बुधवार एवं रविवार को तथा रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता हवाई सेवाएं मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को संचालित होंगी। भोपाल-पटना सीधी हवाई सेवा से मध्यप्रदेश की राजधानी बिहार की राजधानी पटना से जुड़ेगी, जबकि भोपाल-रीवा सेवा से प्रदेश की राजधानी की विंध्य क्षेत्र से सीधी हवाई कनेक्टिविटी स्थापित होगी। रीवा और जबलपुर से कोलकाता की सीधी कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। चारों नवीन हवाई सेवाओं से पर्यटन, व्यापार एवं शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।


सीधी हवाई सेवाओं से यात्रा का समय होगा कम


सीधी हवाई कनेक्टिविटी से यात्रियों के यात्रा समय में कमी आएगी। भोपाल-रीवा की यात्रा में जहां रेल मार्ग से लगभग 10 घंटे लगते हैं, वहीं हवाई यात्रा से यह समय लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा। भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता की यात्रा में रेल मार्ग से लगभग 22 घंटे की तुलना में हवाई यात्रा लगभग 2 घंटे में पूरी होगी। जबलपुर-कोलकाता की यात्रा भी रेल मार्ग के लगभग 22 घंटे की तुलना में लगभग 2.5 घंटे में पूरी होगी। इस प्रकार भोपाल-रीवा मार्ग पर लगभग 8.5 घंटे, भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता मार्ग पर लगभग 20-20 घंटे और जबलपुर-कोलकाता मार्ग पर लगभग 19.5 घंटे की समय बचत होगी।


किफायती किराए से यात्रियों को मिलेगा लाभ


सीधी हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में इन रूट्स पर हवाई यात्रा का किराया लगभग 8 से 10 हजार रुपये होता था तथा यात्रियों को दिल्ली जाकर फ्लाइट बदलनी पड़ती थी। नवीन सीधी सेवाओं से किराया कम होकर लगभग 3,200 से 4,500 रुपये के बीच रहेगा। भोपाल-रीवा का किराया लगभग 3,500 रुपये, भोपाल-पटना 4,500 रुपये, रीवा-कोलकाता 3,200 रुपये और जबलपुर-कोलकाता 4,500 रुपये रहेगा। नवीन चार रूट्स के प्रारंभ होने से प्रदेश की विमानन नीति में एयरलाइंस के विश्वास को भी बल मिला है।

ये रहे शामिल

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, आयुक्त विमानन विभाग श्री चंद्रमौली शुक्ला, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मेंबर (प्लानिंग) श्री अनिल कुमार गुप्ता, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक, पश्चिमी क्षेत्र श्री एच. पुल्ला, अलायंस एयर के अध्यक्ष श्री अमित कुमार, अलायंस एयर के सीईओ श्री राजर्षि सेन, अलायंस एयर के डिप्टी सीसीओ श्री विनीत भल्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं भोपाल से रीवा फ्लाइट में जाने वाले यात्रीगण उपस्थित थे।

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अनुशासनहीनता के आरोप में प्राचार्य निलंबित : छात्राओं ने की थी शिकायत: प्राचार्य करते थे बालिका टायलेट का उपयोग : सागर कमिश्नर अनिल सुचारी ने की कार्रवाई

छतरपुर : ईशानगर स्कूल के प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति निलंबित, अनुशासनहीनता के आरोपों पर संभागायुक्त ने की कार्रवाई


तीनबत्ती न्यूज : 09 अगस्त 2026

सागर । सागर संभागायुक्त  अनिल सुचारी ने छतरपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ईशानगर के प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति को अनुशासनहीनता के आरोपों पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई छतरपुर कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव और जांच प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद की गई। स्कूल की छात्राओं और कर्मचारियों ने प्राचार्य की शिकायत की थी।

प्राचार्य श्री प्रजापति के विरुद्ध प्राप्त शिकायत की जांच जिला शिक्षा अधिकारी छतरपुर द्वारा गठित जांच समिति से कराई गई थी। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, सागर संभाग के 15 जुलाई 2026 को छतरपुर प्रवास के दौरान भी प्राचार्य के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई थी।

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जांच में सामने आए गंभीर आरोप

जांच प्रतिवेदन के अनुसार विद्यालय में पुरुष टॉयलेट उपलब्ध होने के बावजूद प्राचार्य द्वारा बालिका टॉयलेट का उपयोग किया जाना पाया गया। इसके अलावा संस्था में पदस्थ महिला कर्मचारियों को परेशान करने और मानसिक प्रताड़ना देने के आरोपों से जुड़े तथ्य भी जांच में सामने आए।

जांच में अन्य कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, कर्मचारियों का अकारण वेतन रोकने तथा शासकीय योजनाओं की मुखालफत करने संबंधी तथ्य भी पाए गए।

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प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए गए प्राचार्य

छतरपुर कलेक्टर से प्राप्त प्रस्ताव और जांच प्रतिवेदन के अवलोकन के बाद संभागायुक्त श्री अनिल सुचारी ने श्री बसंत लाल प्रजापति को प्रथम दृष्ट्या दोषी पाया। उनके कृत्यों को पदीय दायित्वों के निर्वहन में स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता का द्योतक माना गया।

संभागायुक्त ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के प्रावधानों का उल्लंघन माना है।

तत्काल प्रभाव से निलंबन

मामले में संभागायुक्त ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ईशानगर, जिला छतरपुर के प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

निलंबन अवधि के दौरान श्री प्रजापति का मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला छतरपुर निर्धारित किया गया है।

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मूंग-उड़द खरीदी केंद्र में अव्यवस्थाएं, जिम्मेदार अमला नदारद: पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने उठाए सवाल

मूंग-उड़द खरीदी केंद्र की कांग्रेसजनों ने जानी हकीकत, जिम्मेदार अमला मिला नदारद


तीनबत्ती न्यूज:08 अगस्त, 2026

सागर। कृषि उपज मंडी समिति परिसर में रबी सीजन वर्ष 2026-27 के लिए मूंग एवं उड़द उपार्जन हेतु बनाए गए मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के खरीदी केंद्र का शनिवार तड़के मध्यप्रदेश शासन के पूर्व कृषि एवं सहकारिता मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कांग्रेसजनों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान खरीदी केंद्र पर कई अव्यवस्थाएं सामने आईं।

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निरीक्षण के दौरान केंद्र पर सर्वेयर के अलावा प्रबंधक सहित अन्य जिम्मेदार अमला मौजूद नहीं मिला। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र का संचालन शासन के नियमों और निर्देशों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है।

भवन में जगह-जगह टपक रहा था पानी

निरीक्षण के दौरान खरीदी केंद्र के भवन में जगह-जगह से पानी टपकता मिला। भवन में रखा सामान भी पानी से भीग रहा था। इसके अलावा खरीदी से संबंधित रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से संधारित नहीं मिला।



मौके पर मिली अव्यवस्थाओं को लेकर पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने अनुविभागीय अधिकारी सागर रोहित वर्मा सहित नागरिक आपूर्ति निगम और कृषि विभाग के अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को खरीदी केंद्र के संचालन में सामने आई अनियमितताओं और किसानों को हो रही संभावित परेशानियों से अवगत कराया।

चौधरी ने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर खरीदी केंद्र का संचालन नियमानुसार कराने तथा किसानों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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'शासन-प्रशासन के दावों की खुली पोल'

पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि मूंग-उड़द खरीदी केंद्रों के नियमों के अनुसार संचालन को लेकर प्रशासनिक अमला गंभीर नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि विपणन संघ के खरीदी केंद्र पर जिम्मेदार अमले की गैरमौजूदगी और सामने आई अव्यवस्थाओं ने शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है।



उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों पर अन्नदाता किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। शासन-प्रशासन को सभी खरीदी केंद्रों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित करना चाहिए। केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं, जिम्मेदार अमले की मौजूदगी और किसानों की उपज की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि खरीदी केंद्रों पर लापरवाही जारी रही और किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी।

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इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पं. रवि उमाहिया, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष संदीप चौधरी, पूर्व सरपंच हरप्रसाद अहिरवार, कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष अरविन्द पंथी, युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजा सिंह बुंदेला, युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राहुल कुशवाहा, इंजीनियर सत्यम सिंह सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।

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महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ निलंबित, नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में सागर संभागायुक्त की बड़ी कार्रवाई

महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ निलंबित, नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में सागर संभागायुक्त की बड़ी कार्रवाई



तीनबत्ती न्यूज: 6 अगस्त 2026

सागर। सागर संभाग के संभागायुक्त अनिल सुचारी ने छतरपुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) दिनेश कुमार दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर आंगनवाड़ी में नियुक्ति के नाम पर ₹2 लाख रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं।

संभागायुक्त कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, कलेक्टर छतरपुर द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में बताया गया कि सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार पत्रों में एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश कुमार दीक्षित कथित रूप से पैसों के लेन-देन की बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।

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वायरल हुआ था वीडियो

छतरपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पदों पर भर्ती चल रही थी। इस दौरान नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी गई। यह शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू की।जांच में सामने आया कि आरोप सही थे। अधिकारी दिनेश दीक्षित इस पूरे मामले में सीधे शामिल पाए गए। उन पर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगा।


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जांच के दौरान एक और बड़ी बात सामने आई। जिन कैंडिडेट्स ने रिश्वत नहीं दी, उनकी नियुक्ति रोक दी गई। ये उम्मीदवार मेरिट लिस्ट में सबसे ऊपर थे।इनके दस्तावेजों में भी हेरफेर किया गया। इसके बदले कम मेरिट वाले कैंडिडेट्स को मौका दिया गया।

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कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल का सेंट्रलाइज किचन में औचक निरीक्षण: 83 स्कूलों के 6,540 बच्चों के मिड-डे मील की गुणवत्ता परखी, दिए सख्त निर्देश

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कमिश्नर ने किया सस्पेंड

प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए संभागायुक्त ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन माना और मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई करते हुए तत्काल निलंबन के आदेश जारी किए।

निलंबन अवधि के दौरान श्री दीक्षित का मुख्यालय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग, सागर संभाग निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) प्रदान किया जाएगा।


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सागर संभाग के स्कूलों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान, 17 सितंबर को मनाया जाएगा जनजागृति संकल्प दिवस • वैचारिक स्वच्छता अभियान को मिली सफलता

वैचारिक स्वच्छता अभियान की सफलता:: सागर संभाग के सभी स्कूलों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान, प्रतिदिन दिलाई जाएगी गाली न देने की शपथ

• 17 सितंबर को मनाया जाएगा 'नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस', संयुक्त शिक्षा संचालक ने जारी किए आदेश


डॉ. वंदना गुप्ता – वैचारिक स्वच्छता अभियान की संस्थापक एवं 'नो एब्यूज' अभियान की प्रेरक



तीनबत्ती न्यूज: 02 अगस्त, 2026

सागर। वर्ष 2018 से डॉ. वंदना गुप्ता द्वारा संचालित 'वैचारिक स्वच्छता अभियान' को बड़ी प्रशासनिक मान्यता मिली है।समाज से "माँ-बहन-बेटी की गालियों" जैसी अमर्यादित एवं महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली भाषा को समाप्त कर सम्मानजनक एवं संस्कारित संवाद की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान को संज्ञान में लेते हुए संयुक्त शिक्षा संचालक, लोक शिक्षण सागर संभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब संभाग के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 'नो एब्यूज' (No Abuse) जनजागरण अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य समाज में प्रचलित माँ, बहन और बेटी से संबंधित अपमानजनक गालियों के प्रयोग को रोकना तथा सम्मानजनक एवं संस्कारित भाषा के उपयोग को बढ़ावा देना है।

यह रहा आदेश

सागर संभाग के स्कूलों में 'नो एब्यूज' अभियान के लिए संयुक्त शिक्षा संचालक का आदेश

जारी आदेश के अनुसार संभाग के सभी विद्यालयों में प्रमुख स्थानों पर "No Abuse" अथवा "माँ, बहन, बेटी की गालियाँ बंद हों" संदेश वाले बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद सभी विद्यार्थी एवं शिक्षक सामूहिक रूप से यह संकल्प लेंगे कि वे जीवन में कभी भी माँ, बहन और बेटी से संबंधित गालियों का प्रयोग नहीं करेंगे।

17 सितंबर को होगा विशेष आयोजन

आदेश में निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को "नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस" के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर विद्यालयों में भाषण, निबंध, पोस्टर निर्माण, वाद-विवाद, समूह चर्चा, शपथ ग्रहण एवं अन्य जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों में सम्मानजनक भाषा, नारी सम्मान और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित हो सके।

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शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की पहल

आदेश में कहा गया है कि समाज में महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा का बढ़ता प्रयोग चिंता का विषय है। इससे न केवल महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचती है, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण एवं सामाजिक वातावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए विद्यालय स्तर से ही सम्मानजनक संवाद और सकारात्मक संस्कार विकसित करने की आवश्यकता है।

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सभी अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रतिलिपि

संयुक्त शिक्षा संचालक द्वारा जारी आदेश की प्रतिलिपि सागर संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयकों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, जनशिक्षा केंद्रों, संभागायुक्त, सभी कलेक्टरों तथा प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

डॉ. वंदना गुप्ता ने जताया आभार

वैचारिक स्वच्छता अभियान की संस्थापक डॉ. वंदना गुप्ता ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए संयुक्त शिक्षा संचालक एवं शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों से चल रहे जनजागरण, सामाजिक सहयोग और सतत प्रयासों का परिणाम है। उनके अनुसार यह निर्णय मध्यप्रदेश में सम्मानजनक भाषा, नारी सम्मान और संस्कारित सामाजिक वातावरण के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा तथा भविष्य में इस अभियान को पूरे प्रदेश और देश में विस्तार देने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

मुख्य बिंदु

  • सागर संभाग के सभी विद्यालयों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान।
  • स्कूलों में "No Abuse" संदेश वाले बोर्ड लगाए जाएंगे।
  • प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद विद्यार्थी और शिक्षक लेंगे गाली न देने का संकल्प।
  • हर वर्ष 17 सितंबर को मनाया जाएगा 'नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस'।
  • भाषण, निबंध, पोस्टर, वाद-विवाद और जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित।
  • अभियान को वैचारिक स्वच्छता और नारी सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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सीएम डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ में कृषि सखियों से किया संवाद, प्राकृतिक खेती से बढ़ी किसानों की आय

झाबुआ में कृषि सखियों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बोले- प्राकृतिक खेती से बढ़ रही किसानों की आय


तीनबत्ती न्यूज: 31 जुलाई, 2026

झाबुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को झाबुआ जिले के दौरे के दौरान प्राकृतिक खेती अपनाने वाली कृषि सखियों और प्रगतिशील किसानों से संवाद कर उनके अनुभव जाने। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल लोगों की सेहत के लिए लाभकारी है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का भी प्रभावी माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि क्षेत्र में नए अवसर पैदा हुए हैं और कृषि कल्याण वर्ष के तहत किसानों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

कृषि सखी संगीता डामोर की सराहना

मुख्यमंत्री ने मेघनगर विकासखंड के ग्राम देवीगढ़ की कृषि सखी संगीता डामोर से प्राकृतिक खेती को लेकर चर्चा की। संगीता ने बताया कि उन्होंने पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया है और वर्तमान में अपने गांव सहित आसपास के 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दे रही हैं। वे बीजामृत, जीवामृत और नीमास्त्र जैसे प्राकृतिक आदानों के उपयोग की जानकारी किसानों तक पहुंचा रही हैं।

उन्होंने बताया कि लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती करते हुए बेहतर फसल प्रबंधन अपनाने से गेहूं का उत्पादन 35 क्विंटल से बढ़कर 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया है, जिससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।



प्रगतिशील किसान विमल भाबोर ने साझा किए अनुभव

मुख्यमंत्री ने झाबुआ विकासखंड के ग्राम खेड़ी निवासी प्रगतिशील किसान विमल भाबोर से भी संवाद किया। भाबोर ने बताया कि उनके पास 25 बीघा कृषि भूमि है और वे खेती के साथ पशुपालन भी करते हैं। वे पिछले पांच वर्षों से जैविक खेती तथा दो वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं।

उन्होंने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत अपने खेत पर जैव संसाधन केंद्र (बीआरसी) स्थापित किया है, जहां जीवामृत, बीजामृत सहित अन्य प्राकृतिक आदान तैयार किए जाते हैं। इनका उपयोग वे स्वयं करने के साथ अन्य किसानों को भी उपलब्ध कराते हैं।

प्राकृतिक खेती से बढ़ी आय, मिला आत्मनिर्भर बनने का अवसर

विमल भाबोर ने बताया कि पहले खेती से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार रुपये का लाभ मिलता था, जबकि प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद उनकी वार्षिक आय बढ़कर 1 लाख से 1.50 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

इसके अलावा मार्च से जून 2026 के दौरान जैव संसाधन केंद्र, नर्सरी, प्राकृतिक सब्जियों एवं फलों तथा वर्मी कम्पोस्ट से भी उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अन्य किसानों को भी इस दिशा में प्रेरित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी कृषि सखियों और किसान बहनों को आगामी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं भी दीं।


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नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री का निरीक्षण: संजय ड्राइव ब्रिज डिवाइडर पर होगा फैसला, एलीवेटेड कॉरिडोर की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री का निरीक्षण: संजय ड्राइव ब्रिज डिवाइडर पर होगा फैसला, एलीवेटेड कॉरिडोर की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज, 25 जुलाई, 2026 

सागर। नगर निगम आयुक्त एवं सागर स्मार्ट सिटी के कार्यकारी निदेशक राजकुमार खत्री ने शनिवार को शहर के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सड़क सुरक्षा, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने संजय ड्राइव रोड स्थित ब्रिज के डिवाइडर के संबंध में सड़क सुरक्षा समिति से अभिमत लेकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही एलीवेटेड कॉरिडोर पर अंतिम छोर तक सुरक्षा जालियां लगाने और शहर में विशेष स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने संजय ड्राइव रोड ब्रिज की ड्राइंग और डिजाइन का अवलोकन करते हुए इंजीनियरों से तकनीकी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ब्रिज निर्माण के समय बनाए गए डिवाइडर और सुरक्षा दीवार की वर्तमान उपयोगिता का सड़क सुरक्षा समिति के माध्यम से परीक्षण कराया जाए। यदि तकनीकी रूप से संभव हो और ब्रिज की संरचना पर कोई प्रभाव न पड़े, तो डिवाइडर हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

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नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री का निरीक्षण: संजय ड्राइव ब्रिज डिवाइडर पर होगा फैसला, एलीवेटेड कॉरिडोर की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

स्वच्छता अभियान में चौराहों पर विशेष ध्यान

आयुक्त ने चैतन्य हॉस्पिटल तिराहा सहित कई प्रमुख स्थानों का निरीक्षण कर सफाई मित्रों को निर्देश दिए कि "सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ" अभियान के तहत शहर के चौराहों, तिराहों, सड़कों और नालियों की नियमित एवं प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल निकासी के लिए नालों और नालियों की सफाई प्राथमिकता से की जाए, ताकि जलभराव की स्थिति न बने।

महाराणा प्रताप प्रतिमा स्थल होगा आकर्षक

सिटी स्टेडियम के सामने स्थापित होने वाली लगभग 20 फीट ऊंची वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया गया। आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रतिमा का फाउंडेशन ऐसा बनाया जाए जिससे वह दूर से ही स्पष्ट दिखाई दे। साथ ही प्रतिमा स्थल के आसपास लैंडस्केपिंग कर इसे आकर्षक स्वरूप दिया जाए।

एलीवेटेड कॉरिडोर पर बढ़ेगी सुरक्षा

निरीक्षण के दौरान एलीवेटेड कॉरिडोर पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि सुरक्षा जालियों को अंतिम छोर तक लगाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या दुर्घटना की संभावना समाप्त हो सके।


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सीएम डॉ. मोहन यादव के फैसले के बाद एमपी में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट: हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना, 3 महीने में मामलों के निपटारे का लक्ष्य

सीएम डॉ. मोहन यादव के फैसले के बाद एमपी में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट: हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना, 3 महीने में मामलों के निपटारे का लक्ष्य



तीनबत्ती न्यूज: 25 जुलाई, 2026

जबलपुर/भोपाल, 25 जुलाई 2026। सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक, प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन), अनुचित साधनों के प्रयोग और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश में चार विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चार फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा के बाद मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय नामित करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहल किए जाने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने तत्काल निर्णय लेते हुए चार विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्णयों को लागू करने में मध्यप्रदेश हमेशा अग्रणी रहा है।

हाईकोर्ट ने फास्टट्रैक कोर्ट के लिए किया नामित 

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया की पहल पर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीशों को विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय के रूप में नामित किया गया है।

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सीएम डॉ. मोहन यादव ने की घोषणा : MP में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे....

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इन शहरों में होंगे विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट

  • भोपाल: श्री प्रवीण पटेल (18वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)
  • इंदौर: डॉ. (श्रीमती) शुभ्रा सिंह (26वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)
  • ग्वालियर: श्री विशाल अखण्ड (8वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)
  • जबलपुर: श्री आनंद कुमार सेहलाम (27वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)

ये न्यायालय लोक परीक्षाएँ (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के अंतर्गत दर्ज मामलों के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रावधानों से जुड़े अपराधों की भी सुनवाई करेंगे। इनका क्षेत्राधिकार संबंधित संभागों और निर्धारित जिलों तक रहेगा।

तीन महीने में फैसला सुनाने का प्रयास

उच्च न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि चार्जशीट दाखिल होने की तारीख से तीन माह के भीतर मामलों का विचारण पूरा कर निर्णय सुनाने का हरसंभव प्रयास किया जाए, ताकि परीक्षा संबंधी अपराधों का शीघ्र निस्तारण हो सके।

सीएम बोले- युवाओं के भविष्य की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसी पर एहसान नहीं कर रही, बल्कि यह उसकी जिम्मेदारी है कि छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस सरकार की तुलना में प्रदेश में अधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित किए हैं, जिससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

नई व्यवस्था से प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी से जुड़े मामलों का त्वरित निपटारा होने की उम्मीद है। इससे भर्ती परीक्षाओं और सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।


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सागर पंजीयक निधि जैन मामला: हाईकोर्ट ने वित्त विभाग के प्रमुख सचिव को भेजा अवमानना नोटिस

सागर पंजीयक निधि जैन मामला: हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव को थमाया अवमानना नोटिस



तीनबत्ती न्यूज: 21 जुलाई, 2026

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य पीठ, जबलपुर ने सागर जिले में पदस्थ वरिष्ठ जिला पंजीयक एवं कलेक्टर स्टाम्प निधि जैन से जुड़े मामले में अपने पूर्व आदेश का पालन नहीं किए जाने पर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य शासन के प्रमुख सचिव (वित्त विभाग) को नोटिस जारी किया है।


*याचिकाकर्ता अधिवक्ता मयंक प्रजापति* ने न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया कि इससे पूर्व हाईकोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिया था कि निधि जैन के विरुद्ध प्रस्तुत शिकायत एवं उपलब्ध जांच प्रतिवेदन पर विधि अनुसार विचार करते हुए छह सप्ताह के भीतर निर्णय लेकर याचिकाकर्ता को उससे अवगत कराया जाए। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद न तो कोई निर्णय लिया गया और न ही न्यायालय के आदेश का पालन किया गया।


याचिकाकर्ता ने बताया कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण उन्हें हाईकोर्ट के समक्ष अवमानना याचिका दायर करनी पड़ी। याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव, वित्त विभाग को नोटिस जारी किया है तथा पूर्व आदेश के अनुपालन के संबंध में उचित कार्रवाई कर जवाब/अनुपालन प्रतिवेदन (Compliance Report) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।


गौरतलब है कि मूल याचिका में यह आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन जिला पंजीयक, जबलपुर एवं वर्तमान वरिष्ठ जिला पंजीयक, सागर निधि जैन द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी माता के नाम क्रय की गई संपत्ति के पंजीयन में अनियमितता की गई थी। इस संबंध में पूर्व में उच्चस्तरीय जांच भी कराई गई थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की मांग करते हुए प्रमुख सचिव को शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत पर कार्रवाई न होने के कारण हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई थी, जिसमें न्यायालय ने छह सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का आदेश पारित किया था।


*विभागीय कार्रवाई पर टिकी सबकी निगाहें* 

अब न्यायालय के आदेश का निर्धारित अवधि में पालन नहीं होने पर दायर अवमानना याचिका में हाईकोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद इस मामले में विभागीय कार्रवाई और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले अनुपालन प्रतिवेदन पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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सागर खेल परिसर भवन का होगा रिनोवेशन, 3.94 करोड़ से होगा कायाकल्प : विधायक शैलेन्द्र जैन

सागर खेल परिसर भवन के रिनोवेशन को मिली मंजूरी, 3.94 करोड़ से होगा कायाकल्प

विधानसभा में मंत्री विश्वास सारंग ने विधायक शैलेन्द्र जैन के प्रश्न पर दी जानकारी, जल्द पूरी होगी निविदा प्रक्रिया


तीनबत्ती न्यूज : 21जुलाई, 2026

सागर। सागर के खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। इसशहर के खेल परिसर भवन के रिनोवेशन एवं मरम्मत कार्य को शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने विधानसभा में सागर विधायक श्री शैलेन्द्र कुमार जैन द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में बताया कि खेल परिसर भवन के कायाकल्प के लिए तैयार किए गए 3.94 करोड़ रुपए के प्राक्कलन को सक्षम समिति से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है।

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस कार्य की निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश भवन विकास निगम, भोपाल को बनाया गया है। एजेंसी द्वारा खेल परिसर भवन के रिनोवेशन कार्य के लिए ई-निविदा 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशन के लिए भेजी गई थी, जिसका प्रकाशन 11 अप्रैल 2026 को किया गया।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में खेल परिसर में स्थित पुराने भवन के ध्वस्तीकरण के लिए कलेक्टर स्तर से अनुमोदन की प्रक्रिया चल रही है। पुराने भवन के ध्वस्तीकरण के बाद निविदा प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।

खिलाड़ियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

विधायक  शैलेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि सागर के खेल परिसर भवन के रिनोवेशन से खिलाड़ियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे शहर में खेल गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि सागर में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बेहतर सुविधाएं मिलने से जिले के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।

खेल परिसर रिनोवेशन प्रोजेक्ट की मुख्य बातें

  • खेल परिसर भवन के लिए 3.94 करोड़ रुपए स्वीकृत
  • रिनोवेशन एवं मरम्मत कार्य को मिली मंजूरी
  • मध्यप्रदेश भवन विकास निगम करेगा निर्माण कार्य
  • पुराने भवन के ध्वस्तीकरण के बाद शुरू होगी आगे की प्रक्रिया
  • खिलाड़ियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं


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मध्यप्रदेश UCC विधेयक 2026 विधानसभा में पारित, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद होगा लागू

मध्यप्रदेश विधानसभा में UCC विधेयक पारित, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद होगा लागू


तीनबत्ती न्यूज: 21जुलाई, 2026

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा ने सोमवार को 'मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक, 2026' ध्वनि मत से पारित कर दिया। अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह प्रदेश में कानून के रूप में लागू होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे मध्यप्रदेश के इतिहास का महत्वपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि यह कानून समानता, सामाजिक न्याय और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार संवैधानिक मूल्यों और समान अधिकारों के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

महिलाओं को समान अधिकार देने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून लागू होने के बाद विवाह, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण सहित विभिन्न नागरिक मामलों में समान प्रावधान लागू होंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है।

लिव-इन संबंधों पर भी होंगे प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। उनके अनुसार निर्धारित आयु से संबंधित नियमों के उल्लंघन अथवा कानून के दुरुपयोग की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू होगा कानून

विधानसभा से पारित होने के बाद अब विधेयक राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसे अधिसूचित कर पूरे मध्यप्रदेश में लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया

डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मध्यप्रदेश के इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यह कानून समान न्याय, समान अधिकार, नारी सशक्तिकरण और संवैधानिक मूल्यों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।


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मध्यप्रदेश के 13 नगर निगमों में एल्डरमैन नामित, इंदौर ,सागर-भोपाल समेत पूरी सूची जारी

मध्यप्रदेश शासन ने 13 नगर पालिक निगमों में एल्डरमैन नियुक्त किए :  देखें सूची


तीनबत्ती न्यूज: 20 जुलाई, 2026

भोपाल | मध्यप्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा राज्य के 13 प्रमुख नगर पालिक निगमों में नए पार्षदों को नामांकित किया गया है। यह आदेश 19 जुलाई 2026 को जारी किया गया, जो मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 9 की उपधारा (1) के खण्ड (ग) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जारी हुआ है। हालांकि नगरीय निकायों का कार्यकाल अगले साल जुलाई में खत्म हो जायेगा। सरकार ने आखिरी साल में एल्डरमैनो की नियुक्ति की है। 

विभागीय आदेश के अनुसार, ये नामांकन वर्तमान परिषद के कार्यकाल या राज्य शासन के आगामी आदेशों तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेंगे। शासन ने 13 नगर निगमों में विभिन्न वार्डों के लिए पार्षदों की नियुक्ति की है।

यहाँ नामांकित पार्षदों की पूरी सूची शहरवार दी गई है:

1. नगर पालिक निगम मुरैना

  • श्रीमती ऊषा बांदिल (वार्ड 23)
  • श्री राजेन्द्र राठौर (वार्ड 02)
  • श्री अरविन्द भदौरिया (वार्ड 42)
  • श्री दिनेश शर्मा (वार्ड 13)
  • श्रीमती निधि गुप्ता (वार्ड 05)
  • श्री सोनेराम प्रजापति (वार्ड 07)
  • श्री वृन्दावन लाल (वार्ड 13)
  • श्री महावीर कोरी (वार्ड 28)

2. नगर पालिक निगम सागर

  • श्री महेश जैन (वार्ड 06)
  • श्री धर्मेन्द्र रजक (वार्ड 42)
  • श्री जुगल प्रजापति (वार्ड 37)
  • श्री सुबोध पाराशर (वार्ड 46)
  • श्री विवेक सोडिया (वार्ड 24)
  • श्री राजेन्द्र ठाकुर (वार्ड 10)
  • श्रीमती आशालता सिलाकारी (वार्ड 40)
  • श्री अभिषेक (अंकु) चौरसिया (वार्ड 46)

3. नगर पालिक निगम रीवा

  • श्री सत्यप्रकाश सचदेवा (वार्ड 33)
  • श्री राजेन्द्र शुक्ला (वार्ड 04)
  • श्रीमती सरस्वती गुप्ता (वार्ड 19)
  • श्री मनोज पटेल (वार्ड 12)
  • श्री राजकुमार जायसवाल (वार्ड 14)
  • श्री प्रकाश सोनी (वार्ड 37)
  • श्री बुद्धसेन नापित (वार्ड 41)
  • श्री ज्ञानेन्द्र सिंह (वार्ड 37)

4. नगर पालिक निगम सतना

  • श्रीमती चन्द्रशखी डोहर (वार्ड 12)
  • श्री हर्ष जैसवाल (वार्ड 43)
  • श्री सौरभ नायक (वार्ड 07)
  • श्री सुनील सेनानी (वार्ड 21)
  • श्री समर बहादुर सिंह (वार्ड 06)
  • श्री निधि गोपाल गुप्ता (वार्ड 44)
  • श्री कमलेश दाहिया (वार्ड 27)
  • श्री शास्त्री शैलेष कुमार तिवारी (वार्ड 04)

5. नगर पालिक निगम सिंगरौली

  • श्री कालिका गुप्ता (वार्ड 08)
  • श्रीमती किरण सोनी (वार्ड 41)
  • श्री गिरजा पाण्डेय (वार्ड 31)
  • श्री मान प्रसाद पाल (वार्ड 45)
  • श्री सम्पत्त शाह (वार्ड 30)
  • श्रीमती किरण सागर खैरवार (वार्ड 08)
  • श्री नीरज सिंह परिहार (वार्ड 30)
  • श्री हरिदास गुप्ता (वार्ड 40)

6. नगर पालिक निगम कटनी

  • श्री वेंकटेश मिश्रा (वार्ड 21)
  • श्रीमती शोभा कुरील (वार्ड 29)
  • श्री प्रमोद तिवारी (वार्ड 23)
  • श्री अम्बरीष वर्मा अंबू (वार्ड 17)
  • श्री आशुतोष शुक्ला (वार्ड 13)
  • श्री नरेश अग्रवाल (वार्ड 15)
  • श्री अभिषेक शर्मा (वार्ड 15)
  • श्री अनुराग त्रिसोलिया (वार्ड 03)

7. नगर पालिक निगम छिंदवाड़ा

  • श्री आलोक साहू (वार्ड 26)
  • श्रीमती माया बंदेवार (वार्ड 42)
  • श्री जितेन्द्र शाह (वार्ड 04)
  • श्री दिनेश यादव (वार्ड 08)
  • श्री मोरेश्वर हिवसे (वार्ड 33)
  • श्री चंचलेश साहू (वार्ड 29)
  • श्री ओम चौरसिया (वार्ड 04)
  • श्री अरविन्द राजपूत (वार्ड 23)

8. नगर पालिक निगम भोपाल

  • श्री श्याम विजयवर्गीय (वार्ड 06)
  • श्री महेश तिवारी (वार्ड 84)
  • श्री सुनील द्विवेदी (वार्ड 57)
  • श्री प्रदीप लोधी (नहर भोपाल)
  • श्री लीलाधर यादव (वार्ड 27)
  • श्री प्रमोद पोलघंटरवार (वार्ड 46)
  • श्री राजेश साहू (जहांगीराबाद भोपाल)
  • श्री रवि गोयल (वार्ड 49)
  • श्री दीपक सक्सेना (पीरगेट भोपाल)
  • श्री विनोद चौरसिया (वार्ड 18, 14)
  • श्री डी.के सक्सेना (पंजाबी बाग भोपाल)
  • श्री विजय सिंह (करौंद, भोपाल)

9. नगर पालिक निगम खण्डवा

  • श्रीमती शारदा तांदलें (वार्ड 06)
  • श्री तजेन्द्र बाथम (वार्ड 43)
  • श्री स्वर्णजीत सिंह चड्ढा (वार्ड 24)
  • श्री मंगलेश तोमर (वार्ड 16)
  • डॉ. शिवशंकर गुर्जर (वार्ड 48)
  • श्री लोकेन्द्र सिंह गौड़ (वार्ड 27)
  • श्री महेश चौधरी (वार्ड 43)
  • श्री रमाकांत पांडे (वार्ड 08)

10. नगर पालिक निगम बुरहानपुर

  • श्री हीरालाल बडगुजर (वार्ड 01)
  • श्री बलराज नावानी (वार्ड 40)
  • श्रीमती उमा कपूर (वार्ड 11)
  • श्री शिवकुमार पासी (वार्ड 08)
  • श्री रुद्रेश्वर ऐंडोले (वार्ड 44)
  • श्री चिंतामण महाजन (वार्ड 38)
  • श्री विपुल कानगो (वार्ड 11)
  • श्री विजय शेवाडे (लालबाग बुरहानपुर)

11. नगर पालिक निगम उज्जैन

  • श्री मुकेश मालवीय (उज्जैन)
  • श्री अशोक देवडा (उज्जैन)
  • श्री मनीष खण्डेलवाल (उज्जैन)
  • श्री अरविन्द्र उपाध्याय (उज्जैन)
  • श्री मुकेश चौधरी (उज्जैन)
  • श्री धर्मेन्द्र बरुआ (उज्जैन)
  • श्री शैलेन्द्र यादव (उज्जैन)
  • श्री मधुकर राव (उज्जैन)

12. नगर पालिक निगम देवास

  • श्री राजेश यादव (वार्ड 34)
  • श्री अर्जुन चौधरी (वार्ड 44, 04)
  • श्रीमती प्रिया शर्मा (वार्ड 03)
  • श्री चेतन योगी (वार्ड 13)
  • श्री हरीश देवलीया (वार्ड 34)
  • श्री दिनेश सांखला (वार्ड 23)
  • श्री संतोष वर्मा (वार्ड 24)
  • श्री सचिन सोनी (वार्ड 37)

13. नगर पालिक निगम रतलाम

  • श्री मंगल लोढ़ा (वार्ड 26)
  • श्री राकेश परमार (वार्ड 29)
  • श्रीमती पूजा बोहरा (वार्ड 49)
  • श्री दिनेश मिश्रा (राकेश मिश्रा) (वार्ड 03)
  • श्री हेमंत राहोरी (वार्ड 23)
  • श्री प्रभु नेका (वार्ड 15)
  • श्री गोपाल शर्मा (वार्ड 26)
  • श्री नारायण सांकला (वार्ड 09)









यह आदेश मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार प्रमोद कुमार शुक्ला, उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा हस्ताक्षरित है।

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