बुंदेलखंड की वीरधरा पर थमेगा नहीं विकास का कारवांः माता-पिता के नाम पर शिक्षा का मंदिर बनाना हमारी संस्कृति की पहचान : सीएम डॉ मोहन यादव
▪️राहतगढ़ और जैसीनगर को मिली आधुनिक ग्रंथालय की सौगात
तीनबत्ती न्यूज: 11 मार्च 2026
सागर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर प्रवास के दौरान बुंदेलखंड की वीर भूमि को नमन करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए लगातार कार्य करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है। यह बात सीएम डॉ यादव ने सागर के जेरई में ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी के उदघाटन और रोजगार मेला को संबोधित करते हुए व्यक्त की ।
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सीएम डॉ मोहन यादव पहुंचे सागर में ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी के उदघाटन और रोजगार मेला में।
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मुख्यमंत्री ने महाराजा छत्रसाल और चंदेल राजाओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि बुंदेलखंड महावीरों की धरती है। ‘‘छत्ता तेरे राज में धक-धक धरती होय‘‘ की पंक्तियों के साथ उन्होंने महाराजा छत्रसाल के स्वाधीनता संघर्ष और संस्कृति संरक्षण के संकल्प को दोहराया। कठिन चुनौतियों के बीच भी इस धरा ने अपनी पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा को पीढ़ियों के निर्माण का आधार बताया
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का मंदिर बनाकर पीढ़ियों तक योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके सुपुत्रों द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में स्थापित शैक्षणिक संस्थान की सराहना करते हुए कहा, माता-पिता का आशीर्वाद ही विकास की असली पूंजी है।
डॉ. हरीसिंह गौर के त्याग और सागर विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने यहाँ रानी अवंती बाई लोधी विश्वविद्यालय की स्थापना कर शिक्षा के नए द्वार खोले हैं।बुंदेलखंड के आर्थिक और ढांचागत विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दिनों क्षेत्र के विकास के लिए बुन्देलखंड कैबिनेट के माध्यम से 27 हजार करोड़ रुपये के कार्यों की मंजूरी दी गई। अंत में उन्होंने कहा कि विकास का यह कारवां निरंतर जारी रहेगा ताकि बुंदेलखंड का युवा आत्मनिर्भर और सशक्त बन सके। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा हमारे बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आप खूब पढ़ें, भविष्य के सपने बुनें और अपनी सफलता से देश को आगे बढ़ाने में योगदान दें।श्री आकाश सिंह राजपूत द्वारा आयोजित 6 माह लंबी क्रिकेट प्रतियोगिता (10,000 खिलाड़ी) को उन्होंने अद्भुत बताया।
राहतगढ़ जैसीनगर में पुस्तकालय
उन्होंने राहतगढ़ और जैसीनगर में भव्य और आधुनिक पुस्तकालय (ग्रंथालय) खोले जाने को घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे शीघ्र ही देवरी और नरयावली पहुँचकर नए विकास कार्यों को गति देगे। अभी हाल ही में भारत की टीम ने क्रिकेट की सबसे बड़ी ट्रॉफी जीत कर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में हमारे खिलाड़ी नाम रोशन कर रहे हैं।
सागर के विकास में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का योगदान अविस्मरणीय मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस दिन को सागर के लिए ऐतिहासिक बताते हुए विकास के कई महत्वपूर्ण पड़ावों को रेखांकित किया। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि आज का दिन बेहद सौभाग्यशाली है। उन्होंने याद दिलाया कि ज्ञानवीर विश्वविद्यालय की फाइल पर डॉ. मोहन यादव ने तभी हस्ताक्षर कर इसकी शुरुआत कराई थी, जब वे प्रदेश के शिक्षा मंत्री थे।
सागर अब उन चुनिंदा शहरों में शामिल है जहाँ केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ-साथ राजकीय विश्वविद्यालय (स्टेट यूनिवर्सिटी) और मेडिकल कॉलेज की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशेष धन्यवाद किया।कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री राजपूत ने क्षेत्रीय विकास की कड़ी में मुख्यमंत्री के समक्ष सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ एवं जैसीनगर में आधुनिक पुस्तकालय (लाईब्रेरी) खोलने की मांग रखी जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल स्वीकृति दी और मंच से घोषणा की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री आदित्य सिंह राजपूत ने स्वागत भाषण देते हुए विश्वविद्यालय के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं जिला के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, रहली विधायक गोपाल भार्गव, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह, सागर विधायक शैलेन्द्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, देवरी विधायक ब्रज बिहारी पटेरिया, बण्डा विधायक श्री वीरेंद्र सिंह लोधी,बीना विधायक श्रीमति निर्मला सप्रे, जि.पं.अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, महापौर, नगर निगम सागर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी, ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी श्री आदित्य राजपूत, श्री श्याम तिवारी, श्री गौरव सिरोठिया, श्री गौरव रणदिवे, लोकेंद्र पाराशर प्रभारी, श्री हरवंश सिंह राठौर, श्री नारायण प्रसाद कबीर पंथी, श्रीमती सविता सिंह राजपूत, श्री आकाश सिंह राजपूत, संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना, कलेक्टर श्री संदीप जी आर, पुलिस अधीक्षक श्री विकास शाहवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने लिया बुंदेली स्वाद का आनंद, बोले- बुंदेली व्यंजन स्वादिष्ट भी और पाचक भी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुंदेलखंड के पारंपरिक खान-पान संस्कृति की सराहना करते हुए इसे सेहत के लिए भी उत्तम बताया है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बुंदेलखंड के पारंपरिक मोटे अनाज (Millets) से बने व्यंजनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ज्वार, बाजरा, मक्का की रोटी न केवल ऊर्जा प्रदान करती है, बल्कि हमारी प्राचीन आहार पद्धति का गौरव भी है।
थाली में परोसा गया बुंदेलखंड का वैभव
मुख्यमंत्री की थाली में बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजन शामिल थे। इनमें मुख्य रूप से मेथी और चने की भाजी, कड़ी पकौड़ा, दही बड़े, पारंपरिक स्वाद के साथ बिजोरे, कचरिया, बरी की सब्जी और प्रसिद्ध महेरी, खीचला, पापड़, मंगोड़ी और गुजराती नमकीन, चिरौंजी की बर्फी, आम-नींबू का अचार और ताजगी से भरपूर आम का पना शामिल थे। उन्होंने कहा कि बुंदेली व्यंजन केवल स्वाद में ही बेमिसाल नहीं हैं, बल्कि यह पाचन की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है। ज्वार-बाजरा जैसे मोटे अनाज स्वास्थ्य का आधार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देना ’’वोकल फॉर लोकल’’ के संकल्प को मजबूत करता है। बुंदेलखंड के ये व्यंजन इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मेहमाननवाजी का प्रतीक हैं।
बुंदेली कलाकारों एवं वाद्य यंत्र की प्रस्तुति की मुख्यमंत्री ने की सराहना, गले लगा थपथपाई पीठ
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सागर जिले के प्रवास के दौरान बुंदेली संस्कृति की जीवंत प्रस्तुति ने सभी का ध्यान खींच लिया। स्थानीय बुंदेली कलाकारों एवं पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मनमोहक प्रस्तुति के साथ मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। कलाकारों ने राई, बधाई एवं अन्य लोक गीतों की प्रस्तुतियां दीं, जिसमें ढोलक, नगड़िया, बांसुरी, मंजीरा और अन्य पारंपरिक बुंदेली वाद्य यंत्रों की धुनें गूंज उठी। मनमोहक प्रस्तुतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मन मोह लिया। उन्होंने कलाकारों को गले लगाया और उनकी पीठ थपथपाकर सराहना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जेरई में हेलीपैड पर हुआ आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित उपमुख्यमंत्री एवं जिला के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला, उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार का सागर जिले के ग्राम जेरई स्थित हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, रहली विधायक श्री गोपाल भार्गव, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह, सागर विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया, देवरी विधायक श्री ब्रज बिहारी पटेरिया, बण्डा विधायक श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी,बीना विधायक श्रीमति निर्मला सप्रे, जि.पं.अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी श्री आदित्य राजपूत, श्री श्याम तिवारी, श्री गौरव सिरोठिया, संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना, कलेक्टर श्री संदीप जी आर, पुलिस अधीक्षक श्री विकास शाहवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद थे।
मेधावी छात्राओं को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने ज्ञानवीर विश्वविद्यालय की लोकार्पण के अवसर पर ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच के माध्यम से मेडल पहनाकर सम्मानित किया ज्ञानवीर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्री आदित्य सिंह राजपूत ने बताया कि विश्वविद्यालय की मेधावी छात्राओं को आज मुख्यमंत्री के द्वारा सम्मानित किया गया जिन विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया जिसमें आयुषी अग्रवाल, अनुजा गर्ग, ताईबा खान को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया।
ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी परिसर जेरई में वृहद रोजगार मेले का आयोजन : 1306 आवेदकों का प्राथमिक चयन

















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