अर्तराष्ट्रीय अपराधशास्त्रीय कॉन्फ्रेंस में डॉ गौर विवि विद्यार्थियों ने डिजीटल टेक्नोलॉजी एण्ड ए.आई. रिलेटेड क्राइम केन्द्रित शोध पत्रों का किया प्रस्तुतीकरण
तीनबत्ती न्यूज : 14 मार्च ,2026
सागर: रिथिकिंग द ऑकीटेक्चर आफ सिक्यूरिटी ऑफ द स्टेट एण्ड गवर्नेस क्रिमिनलाइजेशन" विषय पर केन्द्रित सातवी इन्टरनेशनल एवं 46 वीं नेशनल ऑल इण्डिया क्रिमिनालॉजी कांफ्रेस का आयोजन डी.वाय. पाटिल यर्निवसिटी, नवी मुम्बई, मुम्बई में आई.एस.सी. मद्रास के संयुक्त तत्वाधान में विगत सप्ताह किया गया। उक्त क्रॉफ्रेंस में डॉ. मुकेश कुमार चौरसिया, सहायक प्राध्यापक, डिपार्टमेंट आफ क्रिमिनोलॉजी एण्ड फारेंसिक सांईस, डॉ. हरीसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय सागर ने "गवर्नेस एल्गोरिदमिक पुलिसिंग एवं टेक-मीडिएटेड क्रिमिनलाइजेशन' विषय पर तकनीकी सत्र की अध्यक्षता की। इस तकनीकी सत्र में अध्यक्षता करने हेतु डॉ. चौरसिया, वाईस चेयरमेन, आई.एस.सी. को डी.वाय. पाटिल यर्निवसिटी, मुम्बई द्वारा सम्मानित किया गया।
तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कॉफ्रेंस में डॉ. चौरसिया के मार्गदर्शन में तैयार किए गए 8 शोध पत्रों को प्रस्तुतीकरण किया गया। शोध पत्रों के प्रस्तुतीकरण में मास्टर्स स्टूडेंटस क्रमशः मानसी मार्टिन तेजस्वी राय ने इनबिजीबल विक्टिम इन डिजीटल स्पेस, सोशल मीडिया, साईबर क्राइम एण्ड द क्रिमिनलाइजेशन आफ ऑनलाईन हार्म, सत्यम रजक चेदुपाका वाम्शी ने डिजीटल हार्म्स एण्ड टेक्नोलॉजी फेशिलेटेंड अवयूज, बैचलर स्टूडेंटस गरिमा करनानी ने पीनल पापुलिजम एण्ड द मीडिया एज पनिशर फार्म द एस.एस.आर. केस टू इनफ्लूएशर आऊटरेज, खुशी सलूजा ने क्रिमिनोलॉजीकल थ्योरी एंड कंटेपररी कंट्रोल मेकेनिजम, मोही केशरवानी ने सायकोलॉजी बिहेवियर एंड डिजीटल इनवायरमेंट, शमा फातिमा सिद्धीकी ने पीनल पापुलिजम फॉर वोट बैंक पॉलिटिक्स बाय पॉलिटिशियनस, प्रार्थना दया, राशि सिंह ने साईबर साइकोलॉजी एंड क्रिमिनल बेहेवियर इन ऑनलाईन स्पेस ए क्रिमिनोलॉजीकल वैष्णवी घोषी, भूमि त्रिपाठी ने पीनल पापुलिजम एंड द स्टेट सिक्यूरिटी विषय पर शोध पत्रों का प्रस्तुतीकरण किया। शोध पत्रों के प्रस्तुतीकरण उपरांत तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत किए गए।
प्रश्नों का डॉ. चौरसिया एवं शोधकर्ताओं द्वारा समाधान किया गया। कॉफ्रॉ मास्टर्स एवं बैचलर स्टूडेन्स द्वारा शोधपत्रों का प्रस्तुतीकरण विषय विशेषज्ञों में सराहानापूर्ण चर्चा का विषय रहा।
शोध पत्रो के प्रस्तुतीकरण में देश की सुरक्षा, शासन, डिजीटल टेक्नोलॉजी, मीडिया प्रभाव एवं अपराधिक न्याय व्यवस्था के बीच संबंधों को समझने में अंर्तविषयी शोध की बढ़ती आवश्यकता को रेखांकित किया गया। शोध पत्रों के निष्कर्षों द्वारा इन तथ्यों की आवश्यकता स्पष्ट की गई कि महिला वर्ग को तकनीकी आधारित अपराधों से बचाव हेतु डिजीटल फ्रांड चेट जीपीटी एवं ए.आई. तकनीक के ज्ञान की समयपरक नितांत आवश्यकता है।
सभी ने दी बधाई
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. वॉय. एस. ठाकुर, प्रो. देवाशीष बोस, डीन, स्कूल ऑफ एप्लाएड सांइसेज, प्रो. ममता पटेल, हेड आफ द डिपार्टमेन्ट, विभाग से फैकल्टी मेम्बर डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. विवेक मेहता. डॉ. वंदना विनायक, डॉ.एम.एस. कर्णा, एवं एडवोकेट विनोद चौरसिया व शोधार्थियों, विद्यार्थियों, स्टाफ व शुभचितंको द्वारा शुभकामनाएँ एवं बधाईयों प्रेषित की है।










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