सागर: दशकों पुराने पट्टों पर उठा विवाद, ग्रामीणों ने की भू-स्वामी हक की मांग
तीनबत्ती न्यूज: 03 नवंबर, 2026
सागर। सागर जिले के ग्राम बहेरिया गदगद के दर्जनों निवासियों ने आज अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी जमीनों पर भू-स्वामी अधिकार दर्ज करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस भूमि पर वे पिछले करीब 50 वर्षों से रह रहे हैं, उसे अब तकनीकी शिक्षा विभाग (शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज) के नाम पर दर्ज कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
ज्ञापन के अनुसार, लगभग 50 ग्रामीण आवेदकों ने बताया कि उनके पूर्वजों को वर्ष 1975-76 में तत्कालीन नायब तहसीलदार द्वारा 'ग्रामीण आवास योजना' के तहत आवासीय भूखंड आवंटित किए गए थे। तब से वे इन जमीनों पर मकान बनाकर रह रहे हैं और उनके पास इसके पट्टे भी मौजूद हैं।
विवाद की वजह
ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि पहले 'शासकीय मद' में दर्ज थी। लेकिन वर्ष 2021-22 में इसे शासकीय तकनीकी शिक्षा विभाग (शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, सागर) के नाम पर दर्ज कर दिया गया है।
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस बदलाव से पहले उन्हें न तो कोई सूचना दी गई और ना ही उनकी बात सुनने का कोई अवसर दिया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
ग्रामीणों की मांग
ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि चूंकि वे लंबे समय से यहां रह रहे हैं और उनके पास आवंटन के दस्तावेज हैं, इसलिए मध्य प्रदेश दखलकार अधिनियम और 'स्वामित्व योजना' के प्रावधानों के तहत उन्हें इन भूखंडों का भू-स्वामी अधिकार दिया जाए और राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज किए जाएं।
ज्ञापन देने वालों में कंचन चड़ार, रामदास पटेल, शिवलाल पटेल, गयाप्रसाद शर्मा, रामकली पटेल, संतोष रैकवार और राहुल रैकवार सहित कई अन्य ग्रामीण शामिल हैं।







0 comments:
एक टिप्पणी भेजें