Editor: Vinod Arya | 94244 37885
CM Mohan Yadav लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
CM Mohan Yadav लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

स्लीमनाबाद टनल का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव, 1450 गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभ

कटनी की स्लीमनाबाद टनल का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निरीक्षण किया। 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई, विंध्य-महाकौशल को मिलेगा बड़ा लाभ।

•सीएम डॉ. मोहन यादव ने देखा इंजीनियरिंग का चमत्कार, स्लीमनाबाद टनल से बदलेगी विंध्य-महाकौशल की तस्वीर


तीनबत्ती न्यूज: 17 जुलाई, 2026

भोपाल/कटनी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कटनी जिले में देश की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में शामिल स्लीमनाबाद टनल का निरीक्षण किया। लगभग 12 किलोमीटर लंबी यह टनल नर्मदा के जल को गुरुत्वाकर्षण के माध्यम से सोन नदी बेसिन तक पहुंचाएगी। इसके शुरू होने से कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना सहित करीब 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने इसे मध्यप्रदेश का "इंजीनियरिंग मार्वल" बताते हुए कहा कि यह परियोजना विंध्य और महाकौशल क्षेत्र की खेती, पेयजल और आर्थिक विकास की दिशा बदल देगी। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद इंजीनियरों, तकनीशियनों और श्रमिकों ने इस असंभव माने जाने वाले कार्य को संभव बनाया।



उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में परियोजना कई कठिनाइयों से घिर गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे पूरा करने का संकल्प नहीं छोड़ा। अब यह परियोजना अंतिम चरण में है और जल्द ही किसानों को इसका लाभ मिलने लगेगा।

हर मिनट 25 हजार लीटर पानी बना सबसे बड़ी चुनौती

टनल निर्माण के दौरान इंजीनियरों को बेहद कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। मार्बल, लाइमस्टोन और डोलोमाइट की कठोर चट्टानों के बीच खुदाई के दौरान प्रति मिनट लगभग 25 हजार लीटर पानी का रिसाव हो रहा था। कई स्थानों पर जमीन धंसने की स्थिति भी बनी।

निर्माण में लगी अमेरिकी मशीन क्षतिग्रस्त होने के बाद जर्मनी से अत्याधुनिक हेरेनकनेक्ट मशीन मंगाई गई। विशेष ग्राउटिंग तकनीक के जरिए जल रिसाव को नियंत्रित कर निर्माण कार्य पूरा किया गया।

100 साल तक सुरक्षित रहेगी टनल

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 11.952 किलोमीटर लंबी और 10.14 मीटर व्यास वाली यह टनल इतनी मजबूत बनाई गई है कि भीषण भूकंप का भी इस पर असर नहीं होगा। विशेषज्ञों के अनुसार इसका डिजाइन कम से कम 100 वर्षों तक सुरक्षित रहेगा।



बिना बिजली के पहुंचेगा नर्मदा का पानी

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नर्मदा का पानी बिना किसी पंप और बिजली के केवल गुरुत्वाकर्षण के सहारे सोन नदी बेसिन तक पहुंचेगा। इससे सिंचाई की लागत भी कम होगी।

किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी रबी सीजन में लगभग एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन नहीं बेचने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले समय में यह क्षेत्र कृषि उत्पादन में पंजाब और हरियाणा जैसी पहचान बना सकता है।

1610 करोड़ रुपये से अधिक की लागत

वर्ष 2008 में शुरू हुई इस परियोजना की प्रारंभिक लागत 799 करोड़ रुपये थी, लेकिन कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों और आधुनिक तकनीक के उपयोग के कारण लागत बढ़कर 1610.47 करोड़ रुपये हो गई। वर्तमान में परियोजना का 96.66 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

किन जिलों को मिलेगा लाभ

परियोजना से कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना जिले के लगभग 1450 गांव लाभान्वित होंगे। कुल 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

— डेस्क ,तीनबत्ती न्यूज

Share:

भारत टेक्स-2026: सीएम डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को दिया मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता, बोले- यहां सबकुछ उपलब्ध

भारत टेक्स-2026: सीएम डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को दिया मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता, बोले- हमारे राज्य में आपके लिए सबकुछ उपलब्ध


तीनबत्ती न्यूज: 16 जुलाई, 2026

भोपाल/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स-2026 में देश-विदेश के उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए देश के सबसे बेहतर राज्यों में शामिल है तथा यहां उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध हैं।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रमुख टेक्सटाइल निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैश्विक ब्रांड्स के साथ राउंड टेबल बैठक और वन-टू-वन मीटिंग कर राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों, टेक्सटाइल क्षेत्र की संभावनाओं और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास की नई गति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की नई बयार बह रही है। उन्होंने कुंभ मेले का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह कुंभ के दौरान एक विशेष वातावरण बनता है, उसी तरह भारत टेक्स-2026 में वस्त्र उद्योग का उत्साह और ऊर्जा देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आयोजन और अधिक प्रभावशाली एवं व्यापक हुआ है।

पीएम मित्र पार्क से मिलेगा बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी जा चुकी है। इस परियोजना से लगभग तीन लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि मालवा-निमाड़ क्षेत्र के छह लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे खेत से लेकर फैक्ट्री और वैश्विक बाजार तक वस्त्र उद्योग की पूरी श्रृंखला मजबूत होगी।

मध्यप्रदेश में सबसे सस्ती बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में उद्योगों के लिए सबसे सस्ती बिजली मध्यप्रदेश में उपलब्ध है। राज्य में जल विद्युत, सौर ऊर्जा और पंप स्टोरेज परियोजनाओं के कारण ऊर्जा की पर्याप्त उपलब्धता है, जिससे उद्योगों के संचालन की लागत कम होती है और निवेशकों को प्रतिस्पर्धी माहौल मिलता है।



महेश्वरी और चंदेरी साड़ी हमारी पहचान

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का वस्त्र उद्योग ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा हुआ है। राजा विक्रमादित्य के समय से लेकर महारानी अहिल्याबाई होल्कर तक वस्त्र परंपरा को बढ़ावा मिला। महेश्वरी और चंदेरी साड़ियां आज देश-दुनिया में मध्यप्रदेश की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वस्त्र संस्कृति देश की आर्थिक मजबूती का आधार है।

डेढ़ साल में 5500 करोड़ रुपये की सब्सिडी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगपतियों से किए गए सभी वादे पूरे किए हैं। मई 2026 तक की सभी लंबित सब्सिडी राशि डीबीटी के माध्यम से उद्योगों को हस्तांतरित कर दी गई है। पिछले डेढ़ वर्ष में लगभग 5,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी उद्योगों को प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों के लिए भरोसेमंद साझेदार है और निवेशकों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के निवेशकों से मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने का आग्रह करते हुए कहा कि "एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वह यहीं का होकर रह जाता है।"


Share:

www.Teenbattinews.com

Archive