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अनुशासनहीनता, अमर्यादित व्यवहार और FIR के बाद सांदीपनि विद्यालय शिक्षक निलंबित: सागर संभागीय संयुक्त संचालक का बड़ा आदेश

अनुशासनहीनता, अमर्यादित व्यवहार और FIR के बाद सांदीपनि विद्यालय शिक्षक निलंबित: सागर संभागीय संयुक्त संचालक का बड़ा आदेश


तीनबत्ती न्यूज: 18 अगस्त, 2026

सागर :शासकीय सांदीपनि महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक–1, सागर में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक आदित्य कुमार पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। लोक शिक्षण सागर संभाग के संयुक्त संचालक (एस.पी. सिंह बिसेन) द्वारा 17 अगस्त 2026 को इस संबंध में औपचारिक निलंबन आदेश जारी किया गया।

बिना अनुमति वीडियो बनाना और अमर्यादित आचरण

प्राप्त आदेश के अनुसार, शिक्षक आदित्य कुमार पांडे पर आरोप है कि वे अध्यापन के दौरान छात्राओं का वीडियो बनाकर बिना अनुमति के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट करते थे। इसके अतिरिक्त, प्राचार्य के साथ पारिवारिक विवाद के चलते स्कूल परिसर में आए दिन अनुशासनहीनता और विवाद की स्थिति निर्मित करते थे। छात्राओं, अभिभावकों तथा साथी शिक्षकों ने भी उनके खिलाफ कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं।



समीक्षा बैठक में की अमर्यादित बयानबाजी

लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल की टीम (सहायक संचालक रंजन शर्मा के नेतृत्व में) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षक देरी से पहुंचे। सामाजिक विज्ञान का परीक्षा परिणाम कम आने पर जब उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने प्राचार्य के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। जांच में उनके ऊपर लगे सभी आरोप सही पाए गए।

छेड़छाड़ और BNS की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज

शिक्षक पर गोपालगंज थाना (सागर) में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 74, 75, 15(1)(i), 296(A) के तहत छेड़छाड़ का मामला दर्ज (FIR क्रमांक-266, दिनांक 10-06-2026) किया गया है। 20 जुलाई 2026 को माननीय JMFC न्यायालय सागर में इसका चालान भी प्रस्तुत किया जा चुका है।

निलंबन अवधि में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय रहेगा मुख्यालय

मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय 'कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सागर जिला-सागर' नियत किया गया है।  नियम अनुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।

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सागर में पुलिसकर्मियों के परिवारों को 40 लाख के बीमा चेक, SBI ने दिया लाभ,

विशेष पुलिस सैलरी पैकेज : स्टेट बैंक सागर ने पुलिस कर्मियों के परिवारों को प्रदान किए 40 लाख रुपये के बीमा चेक



तीनबत्ती न्यूज: 18 अगस्त, 2026

सागर। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए संचालित विशेष पुलिस सैलरी पैकेज के तहत मुफ्त जीवन बीमा सुविधा का लाभ पुलिस कर्मियों के परिजनों को दिलाया गया। 10वीं बटालियन मकरोनिया के चार पुलिसकर्मियों के निधन के बाद भारतीय स्टेट बैंक की विभिन्न शाखाओं और पुलिस विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए बीमा राशि स्वीकृत कराई गई।

इसी क्रम में मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया की उपस्थिति में स्वर्गीय पुलिसकर्मियों के परिजनों को सांकेतिक बीमा चेक प्रदान किए गए।

इनको मिली बीमा राशि

बीमा योजना के अंतर्गत श्रीमती काजल गौतम, पत्नी स्वर्गीय श्री प्रहलाद गौतम (आरक्षक), श्रीमती रुक्मणी, पत्नी स्वर्गीय श्री श्रीनिवास सिंह (उप निरीक्षक), श्रीमती मुन्नी बाई, पत्नी स्वर्गीय श्री मनसुखलाल (प्रधान आरक्षक) तथा श्रीमती विमला देवी, पत्नी स्वर्गीय श्री करण बहादुर (प्रधान आरक्षक) को भारतीय स्टेट बैंक द्वारा 10-10 लाख रुपये, कुल 40 लाख रुपये की बीमा राशि प्रदान की गई।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बैंक अधिकारियों की उपस्थिति में परिजनों को चेक सौंपे। पुलिस विभाग और बैंक की संयुक्त कार्रवाई से मृत पुलिसकर्मियों के परिवारों को समय पर बीमा योजना का लाभ मिल सका।

कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक की ओर से आशु साहू, मुख्य प्रबंधक सिविल लाइंस शाखा, अजय तिवारी, शाखा प्रबंधक मकरोनिया शाखा एवं पंकज श्रीवास्तव, शाखा प्रबंधक यूनिवर्सिटी शाखा उपस्थित रहे। वहीं पुलिस विभाग की ओर से सूरजमल राजौरिया, उप सेनानी एवं संतोष कुमार, कार्यवाहक उप निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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सीहोर में फर्जी ट्रेडिंग ऐप कॉल सेंटर का भंडाफोड़, कटनी में ₹2.10 लाख की साइबर ठगी

सीहोर में फर्जी ट्रेडिंग ऐप का कॉल सेंटर पकड़ा, कटनी में चोरी के मोबाइल से ₹2.10 लाख की साइबर ठगी


तीनबत्ती न्यूज: 18 अगस्त ,2026

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीहोर और कटनी में दो अलग-अलग मामलों का खुलासा किया है। पुलिस ने दोनों मामलों में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सीहोर में पुलिस ने ‘FX Trade’ नाम के फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। वहीं कटनी में चोरी किए गए मोबाइल फोन के जरिए बैंक खातों से 2 लाख 10 हजार रुपये निकालने वाले झारखंड निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

यह भी पढ़ें: सागर पुलिस ने खोला फर्जी फर्म और म्यूल बैंक खातों का नेटवर्क, 5.50 करोड़ के ट्रांजेक्शन का खुलासा


सीहोर में छह महीने से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर

सीहोर कोतवाली पुलिस ने शिकायत के बाद तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सतीश मेवाड़ा शीतल बिहार कॉलोनी, सीहोर में पिछले करीब छह महीने से फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था।

कॉल सेंटर में छह कर्मचारी लोगों को शेयर बाजार और ट्रेडिंग में कम समय में भारी मुनाफे का लालच देकर ‘FX Trade’ ऐप के माध्यम से निवेश करवाते थे। जांच में अब तक 20 लाख रुपये से अधिक के फर्जी निवेश की जानकारी सामने आई है।

ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों द्वारा म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। लोन दिलाने के नाम पर लोगों से बैंक खाते, ATM कार्ड, पासबुक और लिंक सिम हासिल कर उनमें ठगी की रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद ATM से रकम निकाल ली जाती थी।

NCRP पर जांच के दौरान इन बैंक खातों से देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें जुड़ी मिलीं, जिससे नेटवर्क के अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होने की जानकारी सामने आई।


पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 5 कंप्यूटर सिस्टम, 1 लैपटॉप, 5 कीपैड मोबाइल, 5 स्मार्टफोन, पासबुक, चेकबुक, FX Trade आईडी कार्ड और सिम कार्ड जब्त किए हैं।


कटनी में चोरी के मोबाइल से बैंक खातों पर निशाना

दूसरी कार्रवाई कटनी जिले के बाकल थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने मोबाइल चोरी कर बैंक खातों से रकम निकालने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक फरियादी का मोबाइल बाकल बाजार से चोरी होने के बाद उसके बचत खाते और KCC खाते से अलग-अलग तारीखों में कुल 2 लाख 10 हजार रुपये निकाल लिए गए।

जांच में सामने आया कि आरोपी ऐसे मोबाइल फोन चोरी करते थे जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था। इसके बाद मोबाइल में UPI PIN सेट कर बैंक खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी।

पूछताछ में आरोपियों ने 14 मोबाइल फोन चोरी करना स्वीकार किया है। गिरोह द्वारा कटनी के अलावा जबलपुर, सिहोरा, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी वारदात किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस की आमजन से अपील

मध्यप्रदेश पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन, नौकरी, लोन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक या बैंक से लिंक मोबाइल सिम किसी अन्य व्यक्ति को न दें।

साथ ही WhatsApp या Telegram से मिले अनजान लिंक के जरिए ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड न करें और असामान्य मुनाफे का लालच देने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें।साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in

पर शिकायत दर्ज करें।


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मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: नमन मिशन को मंजूरी, लाड़ली बहना के लिए ₹1.14 लाख करोड़

मध्यप्रदेश में नर्मदा संरक्षण से लेकर लाड़ली बहना तक बड़े फैसले, मंत्रि-परिषद ने दी करीब ₹1.46 लाख करोड़ की मंजूरी



तीनबत्ती न्यूज:18 अगस्त 2026
सागर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के विकास, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में आगामी वर्षों में प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं के निरंतर संचालन सहित विभिन्न योजनाओं के लिए लगभग 1 लाख 46 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।

बैठक का प्रमुख निर्णय जीवनदायिनी माँ नर्मदा के संरक्षण, पुनर्जीवन और दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए 'निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)' के गठन की स्वीकृति रहा।

नमन मिशन के जरिए होगा नर्मदा का वैज्ञानिक प्रबंधन

मंत्रि-परिषद ने नर्मदा नदी और उसके जलग्रहण क्षेत्र के संरक्षण के लिए नमन मिशन को स्वायत्त संस्था के रूप में गठित करने की मंजूरी दी है। मिशन को मध्यप्रदेश सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1973 के तहत पंजीकृत किया जाएगा।

मिशन की सर्वोच्च साधारण सभा के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री उपाध्यक्ष तथा 19 सहभागी विभागों के मंत्री सदस्य होंगे। नदी विज्ञान, जल विज्ञान, पर्यावरण, जैव विविधता और सामुदायिक प्रबंधन के विशेषज्ञों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

मिशन की प्रशासनिक कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे। संचालन के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। IISER, IIT, IRMA, NIH, IIFM, ICAR और NEERI जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों को भी मिशन से जोड़ा जाएगा।

नर्मदा संरक्षण के लिए राज्य अनुदान से प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये तथा CAMPA निधि से भी प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये के उपयोग का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त CSR, केंद्रीय सहायता और PPP मॉडल से भी संसाधन जुटाए जाएंगे।

मिशन की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट AI, डेटा एनालिटिक्स, GIS, रिमोट सेंसिंग, डिसीजन सपोर्ट सिस्टम और जलवायु परिवर्तन मॉडलिंग जैसी तकनीकों के माध्यम से नदी के स्वास्थ्य का वैज्ञानिक मूल्यांकन करेगी।

लाड़ली बहना योजना के लिए ₹1,14,365 करोड़

मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के निरंतर संचालन के लिए 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। योजना के तहत वर्तमान में लगभग 1.27 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं और पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए ₹16,326.47 करोड़

मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 16,326.47 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। योजना से अब तक लगभग 50.99 लाख बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं।

मातृ वंदना योजना के लिए ₹2,137.65 करोड़

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 2,137.65 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रथम प्रसव पर निर्धारित शर्तों के अनुसार कुल 5 हजार रुपये तथा द्वितीय प्रसव पर बालिका जन्म होने की स्थिति में 6 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹11,835.35 करोड़

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन और सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 11,835.35 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें उप स्वास्थ्य केन्द्र योजना के लिए ₹4,742.45 करोड़, स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण के लिए ₹518.93 करोड़, अस्पताल एवं औषधालय भवन निर्माण के लिए ₹3,219.22 करोड़ और आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के लिए ₹3,354.75 करोड़ शामिल हैं।

कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए ₹870.16 करोड़

कृषि शिक्षा, अनुसंधान और कृषि विस्तार गतिविधियों के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इसमें जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर की स्ववित्तीय पेंशन योजना के लिए ₹310.23 करोड़, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर की ब्लॉक ग्रांट योजना के लिए ₹469.93 करोड़ और कृषि अधोसंरचना विकास योजना के लिए ₹90 करोड़ शामिल हैं।

विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र के लिए ₹734 करोड़

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमता निर्माण के लिए 734 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सरकार के अनुसार पिछले 20 वर्षों में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं क्षमता निर्माण के लिए बजट में लगभग 150 गुना वृद्धि हुई है।
अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए ₹201.28 करोड़, निर्देशन एवं प्रशासन के लिए ₹119.04 करोड़, विज्ञान के प्रसार के लिए ₹172.52 करोड़ और मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम की गतिविधियों के लिए ₹241.16 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

सड़क विकास निगम में 35 नए पद

मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में पूर्व स्वीकृत 288 पदों के अतिरिक्त 35 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। पूर्व से स्वीकृत 7 पदों की निरंतरता भी 18 सितंबर 2031 तक रखी जाएगी। इससे लगभग ₹4.12 करोड़ का वार्षिक वित्तीय भार संभावित है, जिसकी पूर्ति निगम अपने स्रोतों से करेगा।

मंत्रि-परिषद के इन फैसलों से नर्मदा संरक्षण, महिला कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान एवं तकनीकी विकास तथा आधारभूत संरचना को आगामी वर्षों में गति देने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए हैं।
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भूपेन्द्र सिंह की शिकायत पर पटियाला हाउस कोर्ट का आदेश, अभिषेक जैन को 11 सितंबर को उपस्थित होने के निर्देश

दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट ने पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह की शिकायत पर अभिषेक जैन को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया



तीनबत्ती न्यूज: 17 अगस्त, 2026

सागर। पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह द्वारा की गई शिकायत के न्यायालयीन प्रकरण में सुनवाई करते हुए न्यायालय जेएमएफसी-02, पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली ने प्रस्तावित आरोपी अभिषेक जैन को प्रस्तावित आरोपी को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।

यह भी पढ़ेंसोशल मीडिया पर अप्रमाणित , सनसनीखेज दावों से पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने पर हाईकोर्ट सख्त • मानहानिकारक पोस्ट और वीडियो हटाने के निर्देश

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी-02 पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली श्री अनिमेष कुमार के समक्ष प्रकरण क्रमांक 34 Ct Cases / 1017/2026 भूपेन्द्र सिंह बनाम अभिषेक जैन की 14/8/2026 की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता भूपेन्द्र सिंह स्वयं अपने अधिवक्ता श्री मुकेश कुमार के साथ न्यायालय में उपस्थित हुए।


शिकायतकर्ता का साक्षी के रूप में परीक्षण पूर्ण कर उन्हें कार्यवाही से मुक्त कर दिया गया। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता के अनुरोध पर समन जारी करने से पूर्व साक्ष्य की कार्यवाही समाप्त मानी गई। समन जारी करने के प्रश्न पर शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता के तर्क सुने गए। तत्पश्चात् प्रकरण में 11 सितंबर, 2026 की बुवाई हेतु तारीख निर्धारित करते हुए प्रस्तावित आरोपी अभिषेक जैन को न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

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पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने जनसुनवाई में सुनीं समस्याएं, अधिकारियों के माध्यम से कराया निराकरण

पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने जनसुनवाई में सुनीं समस्याएं, अधिकारियों के माध्यम से कराया निराकरण


तीनबत्ती न्यूज: 17 अगस्त, 2026

खुरई। पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने सोमवार को खुरई में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से उनके निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने खुरई तहसील एवं मिड वे रिट्रीट का निरीक्षण भी किया।

जनसुनवाई में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि श्रावण मास के सोमवार और नाग पंचमी के अवसर पर पूरे नगर में धार्मिक वातावरण है। जगह-जगह श्रद्धालु भगवान शिव की उपासना कर रहे हैं और शिवलिंग निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सोमवार की तरह इस सोमवार भी जनसुनवाई के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता क्षेत्र में जाकर लोगों से आवेदन प्राप्त करेंगे और प्रत्येक आवेदन के आधार पर संबंधित व्यक्ति को बुलाकर यहीं समस्या का निराकरण कराया जाएगा, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से इंतजार न करना पड़े।



स्वागत में फूल-माला की जगह स्टेशनरी देने की अपील

श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि उन्होंने करीब 8-9 माह से स्वागत में फूल-माला और पुष्पगुच्छ स्वीकार नहीं करने का संकल्प लिया है। स्वागत के दौरान मिलने वाली उपयोगी सामग्री को जरूरतमंद परिवारों और स्कूली बच्चों तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले एक माह में लगभग 5 हजार बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल, छाते सहित अन्य सामग्री वितरित की गई है। उन्होंने कहा कि इस सामग्री से बच्चों को पढ़ाई में मदद मिलेगी और उनका भविष्य बेहतर बनाने में सहयोग मिलेगा।

विधायक ने लोगों से अपील की कि स्वागत के लिए प्लास्टिक की सामग्री न दें। उन्होंने कहा कि एक कॉपी या पेन देकर भी स्वागत किया जा सकता है और चंदन-रोली से तिलक लगाकर भी सम्मान किया जा सकता है। उन्होंने शॉल के स्थान पर कॉपी, किताब, पेन, पेंसिल एवं अन्य स्टेशनरी सामग्री देने की अपील की, ताकि क्षेत्र के जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई में सहायता मिल सके।


उपयोगी सामग्री से किया स्वागत

विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान स्थानीय लोगों ने श्री भूपेन्द्र सिंह का स्टेशनरी सामग्री, छातों एवं अन्य उपयोगी वस्तुओं से स्वागत किया। कपड़ा व्यापारी संघ द्वारा लगभग 5 हजार रुपये मूल्य के वस्त्र भेंट किए गए, जिन्हें जरूरतमंद लोगों को वितरित किया जाएगा।


इस अवसर पर कुशवाहा समाज खुरई द्वारा आयोजित दो दिवसीय अखंड रामायण एवं शिवस्वरूप रुद्री निर्माण कार्यक्रम में भी श्री भूपेन्द्र सिंह शामिल हुए। जनसुनवाई एवं विभिन्न कार्यक्रमों में अधिकारी, जनप्रतिनिधि, भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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सीएम डॉ. मोहन यादव का ताबड़तोड़ एक्शन : 1 तहसीलदार, 2 पटवारी समेत 7 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित • सीएम डॉ यादव जन विश्वास अभियान के तहत पहुंचे बड़वानी

सीएम डॉ. मोहन यादव का ताबड़तोड़ एक्शन : 1 तहसीलदार, 2 पटवारी समेत 7 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित

• सीएम डॉ यादव जन विश्वास अभियान के तहत पहुंचे बड़वानी




तीनबत्ती न्यूज: 14 अगस्त, 2026

बड़वानी/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत बड़वानी में आयोजित जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम में आमजन की शिकायतें सुनीं। प्रकरणों के निराकरण में लंबे समय तक लापरवाही और देरी सामने आने पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए एक तत्कालीन तहसीलदार, दो पटवारी, दो सीएमओ, एक सहायक यंत्री और एक तत्कालीन सीईओ समेत सात अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इंदौर एसके सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय-सीमा में मिलना चाहिए। शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा, लेकिन लापरवाही करने वालों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई भी होगी।



छह साल तक लंबित रहा नामांतरण, तहसीलदार और दो पटवारी निलंबित

राजपुर तहसील के शिकायतकर्ता अजय-लाल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पंजीयन एवं भुगतान से संबंधित शिकायत के साथ अपने पिता की मृत्यु के बाद नामांतरण में हुई देरी की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में पिता की मृत्यु के बाद नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन प्रक्रिया वर्ष 2022 में पूरी हुई।


नामांतरण में करीब छह वर्ष की देरी को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अवधि में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार, वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर जिला धार, तथा मामले में दोषी पाए गए पटवारी मांगीलाल नरगांवे और ललित बोरसे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।


पीएम आवास की किश्त में देरी पर दो सीएमओ और सहायक यंत्री पर कार्रवाई


प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के मामले में शिकायतकर्ता रुपेश शर्मा ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में आवेदन किया था। वर्ष 2022 में जियो टैगिंग और वर्ष 2023 में किश्त जारी करने की प्रक्रिया हुई, लेकिन प्राथमिकता सूची में नाम नीचे होने के कारण समय पर राशि नहीं मिल सकी। मकान बनने के बाद उन्हें 10 अगस्त को पहली किश्त प्राप्त हुई।


मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राही को समय पर आवास निर्माण की राशि नहीं मिलने को गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने संबंधित अवधि में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी मायाराम सोलंकी, जगदीश धाकड़ और सहायक यंत्री राजू डावर को निलंबित करने के निर्देश दिए। इसी मामले में संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इंदौर एसके सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।



संबल योजना की सहायता में देरी पर तत्कालीन सीईओ निलंबित


पानसेमल के शिकायतकर्ता हरि निमवा ठाकुर ने संबल योजना के तहत अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता राशि में देरी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल 2019 को सहायता राशि के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन लंबे समय तक भुगतान नहीं हुआ।


जांच में यह भी सामने आया कि प्राथमिकता सूची में नीचे नाम वाले कुछ हितग्राहियों को पहले लाभ मिला। इस तरह के कुल 16 प्रकरण सामने आए। मुख्यमंत्री ने मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अवधि में पदस्थ जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर को निलंबित करने के निर्देश दिए।


बाल आशीर्वाद योजना में देरी की जांच के निर्देश


सेंधवा विकासखंड से संबंधित महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रकरण में मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता मोहसिन मंसूरी और लाभार्थी मोहम्मद कैफ मंसूरी से चर्चा की। बताया गया कि मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया समय पर पूरी कर ली गई थी, लेकिन बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान में देरी हुई। बजट मिलने के बाद नौ माह की राशि का एकमुश्त भुगतान किया गया।


मुख्यमंत्री ने भुगतान में देरी के कारणों की जांच कराने के निर्देश दिए।


पशु बीमा राशि में दो साल की देरी पर भी जांच


पशुपालन एवं डेयरी विभाग के पशु बीमा प्रकरण में शिकायतकर्ता भाव सिंह मुवाक्य और लाभार्थी हरी जगन मेहता से भी मुख्यमंत्री ने जानकारी ली। बताया गया कि पशु की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम और आवेदन की प्रक्रिया दो दिन के भीतर पूरी कर दी गई थी, लेकिन बीमा कंपनी में तकनीकी समस्या के कारण भुगतान में देरी हुई।


लगातार प्रयासों के बाद बीमा राशि का भुगतान किया गया। संपूर्ण प्रक्रिया में दो वर्ष से अधिक समय लगने पर मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनी की उदासीनता तथा भोपाल स्तर पर संभावित त्रुटि की जांच कराने के निर्देश दिए। जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।


हर शिकायत का समय-सीमा में हो समाधान


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को अपने अधिकारों और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए उसका समय-सीमा में निराकरण किया जाए।


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करना तथा आमजन की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। योजनाओं के क्रियान्वयन और शिकायतों के निराकरण में लापरवाही या अनावश्यक विलंब मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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BSNL @26: स्वदेशी 4जी नेटवर्क के साथ नए युग में प्रवेश, स्वतंत्रता दिवस पर ग्राहकों के लिए कई ऑफर : एक रुपए में प्री पेड सिम • ग्लोबल सैटेलाइट फोन सेवा सागर में भी शुरू होगी 15 अगस्त से

BSNL @26: स्वदेशी 4जी नेटवर्क के साथ नए युग में प्रवेश, स्वतंत्रता दिवस पर ग्राहकों के लिए कई ऑफर : एक रुपए में प्री पेड सिम

• ग्लोबल सैटेलाइट फोन सेवा  सागर में भी शुरू होगी 15 अगस्त से


तीनबत्ती न्यूज: 14 अगस्त ,2026

सागर। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) अपने 26वें स्थापना वर्ष के अवसर पर स्वदेशी 4जी नेटवर्क के विस्तार के साथ दूरसंचार के नए युग में प्रवेश कर रहा है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में बीएसएनएल सागर ने अपने उपभोक्ताओं के लिए विभिन्न प्लान, ऑफर और नई सेवाओं की जानकारी दी। इनकी जानकारी BSNL के प्रधान महाप्रबंधक मार्केटिंग  आर.के. श्रीवास्तव ने मीडिया से चर्चा में दी। उन्होंने बताया कि अब उपभोक्ताओं को सेटेलाइट फोन सुविधा भी 15 अगस्त से शुरू की जा रही है। यह बड़ा कदम है। इस मौके आर सी साहू और श्री कांजली सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे 

एक रुपए में सिम

प्रधान महाप्रबंधक श्री श्रीवास्तव ने बताया कि बीएसएनएल की ओर से उपभोक्ताओं के लिए ‘रुपये 1–फ्रीडम 2.0 ऑफर’ पेश किया गया है। प्रमोशनल स्कीम के तहत जीएसएम प्रीपेड मोबाइल सेवा मात्र 1 रुपये में उपलब्ध होगी। यह ऑफर 12 अगस्त से 12 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा। इसके तहत 24 दिनों की वैधता के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग, प्रतिदिन 1 जीबी डेटा और प्रतिदिन 100 एसएमएस का लाभ मिलेगा।

बीएसएनएल फ्री एंटरटेनमेंट टीवी

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीएसएनएल मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए सेल्फ केयर ऐप पर मुफ्त एंटरटेनमेंट टीवी सेवा भी शुरू की गई है। इसके माध्यम से उपभोक्ता लाइव टीवी चैनल, फिल्में, वेब सीरीज, म्यूजिक कंटेंट सर्विस और धार्मिक कंटेंट सहित विभिन्न श्रेणियों के कंटेंट देख सकेंगे।

2399 रुपये के रिचार्ज पर अतिरिक्त 47 दिन की वैधता

उन्होंने बताया कि बीएसएनएल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए विशेष ऑफर की भी घोषणा की है। 2399 रुपये के रिचार्ज पर ग्राहकों को अतिरिक्त 47 दिनों की वैधता मिलेगी। इससे कुल वैधता 412 दिन हो जाएगी। यह ऑफर 12 अगस्त से 12 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा।


1111 रुपये का एफटीटीएच प्लान

बीएसएनएल ने 1111 रुपये का एफटीटीएच प्लान भी बताया, जिसमें ग्राहकों को 200 एमबीपीएस की हाई-स्पीड पर 5000 जीबी तक डेटा उपलब्ध होगा। एक ही कनेक्शन में 27 ओटीटी प्लेटफॉर्म, 5000 जीबी डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग तथा डुअल-बैंड वाई-फाई ओएनटी की सुविधा उपलब्ध है।


ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 259 रुपये का प्लान

ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए 259 रुपये का रूरल एंट्री प्लान भी उपलब्ध है। इसके तहत भारतनेट उद्यमी ग्राहकों को प्रतिमाह 700 जीबी तक डेटा, 25 एमबीपीएस की गति से ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान की जाएगी।

कठिन परिस्थितियों के लिए ग्लोबल सैटेलाइट फोन सेवा

बीएसएनएल ने अपनी ग्लोबल सैटेलाइट फोन सर्विस और विशेष रूप से कठिन परिस्थितियों में उपयोग किए जा सकने वाले सैटेलाइट हैंडसेट को व्यावसायिक रूप से लॉन्च किया है। यह सेवा इनमारसैट सैटेलाइट नेटवर्क के माध्यम से काम करती है और स्पेस-टू-ग्राउंड डेटा गेटवे बनाती है। इसके जरिए स्थानीय मोबाइल टावरों का इस्तेमाल किए बिना सीधे कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे कही भी फोन सेवा का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए करीब एक लाख 12 हजार रुपए का खर्चा है। इसमें उपभोक्ता का पुलिस वेरिफिकेशन से लेकर अन्य दस्तावेजों के आधार पर  यह सुविधा मिलेगी।

पर्यावरण एवं कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हैंडसेट को हेवी-ड्यूटी फिजिकल चेसिस के साथ तैयार किया गया है। इसमें IP65 वाटर/डस्ट रेजिस्टेंस और IK04 स्ट्रक्चरल इम्पैक्ट प्रोटेक्शन जैसी सुविधाएं दी गई हैं।


सागर बिजनेस एरिया में 4जी नेटवर्क की स्थिति

श्रीवास्तव ने बताया कि सागर बिजनेस एरिया में बीएसएनएल के 98 4जी ‘सैचुरेशन साइट’ कार्यरत हैं। इनमें सागर में 33, छतरपुर में 31, दमोह में 11, नरसिंहपुर में 6 और विदिशा में 17 साइट शामिल हैं।

इसके अलावा 4जी में कुल 859 बीटीएस, 3जी में 181 तथा 2जी में 395 बीटीएस कार्यरत हैं। वहीं 4जी बीटीएस (प्लान) की संख्या 396 बताई गई।

बीएसएनएल अधिकारियों के अनुसार, स्वदेशी 4जी नेटवर्क के विस्तार और नई डिजिटल सेवाओं के जरिए कंपनी का लक्ष्य देशभर में किफायती, भरोसेमंद और व्यापक दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराना है। 

फाल्ट सुधारने में आगे 

उन्होंने बताया कि फोन सुविधाएं बाधित नही हो।इसके लिए लगातार मानीटरिंग और सुधार कार्य किए जा रहे है। अब करीब 24 घंटे में सुविधा बहाल की जा रही है। पूरे प्रदेश में सागर दूसरे स्थान पर है। 

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MP Board Exam Time Table 2027: 10वीं-12वीं परीक्षा की समय-सारणी जारी, 17 फरवरी से परीक्षाएं

MP Board Exam Time Table 2027: 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा की समय-सारणी जारी


तीनबत्ती न्यूज: 13 अगस्त ,2026

भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने वर्ष 2027 की कक्षा 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाओं की आधिकारिक समय-सारणी जारी कर दी है। जारी कार्यक्रम के अनुसार दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही पाली में आयोजित की जाएंगी। परीक्षाएं नियमित एवं स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए होंगी।


कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी 2027 से शुरू होकर 19 मार्च 2027 तक चलेंगी। वहीं कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 24 फरवरी 2027 से प्रारंभ होकर 18 मार्च 2027 को समाप्त होंगी।

कक्षा 12वीं का परीक्षा कार्यक्रम

12वीं की पहली परीक्षा 17 फरवरी को बायोटेक्नोलॉजी, गायन वादन तथा तबला पखावज विषयों की होगी। इसके बाद 18 फरवरी को उर्दू एवं मराठी, 20 फरवरी को संस्कृत, 22 फरवरी को NSQF के समस्त विषय, शारीरिक शिक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परीक्षा होगी।

23 फरवरी को हिंदी, 24 फरवरी को ड्राइंग एंड डिजाइनिंग, 25 फरवरी को मनोविज्ञान और 26 फरवरी को अंग्रेजी की परीक्षा होगी। 1 मार्च को इनफॉर्मेटिक प्रैक्टिसेस तथा 3 मार्च को समाज शास्त्र की परीक्षा निर्धारित है।

4 मार्च को भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, एनिमल हस्बैंड्री मिल्क ट्रेड, विज्ञान के तत्व तथा भारतीय कला का इतिहास विषयों की परीक्षा होगी। 8 मार्च को बायोलॉजी और 11 मार्च को राजनीति शास्त्र की परीक्षा होगी।

13 मार्च को रसायन शास्त्र, इतिहास, व्यवसाय अध्ययन सहित विभिन्न विषयों की परीक्षा होगी। 16 मार्च को गणित, 17 मार्च को कृषि, होम साइंस एवं एकाउंटेंसी तथा 19 मार्च को भूगोल, क्रॉप प्रोडक्शन, स्टिल लाइफ एंड डिजाइन एवं शरीर रचना क्रिया-विज्ञान एवं स्वास्थ्य विषयों की परीक्षा होगी।



कक्षा 10वीं का परीक्षा कार्यक्रम


कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 24 फरवरी 2027 से शुरू होंगी। पहले दिन मराठी, गुजराती, पंजाबी और सिंधी की परीक्षा होगी। इसी दिन मूक-बधिर तथा दृष्टिहीन विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, गायन वादन, तबला पखावज एवं कंप्यूटर विषयों की विशेष परीक्षा भी निर्धारित है।

25 फरवरी को NSQF के समस्त विषय एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परीक्षा होगी। 27 फरवरी को उर्दू, 2 मार्च को हिंदी, 5 मार्च को गणित (स्टैंडर्ड/बेसिक), 9 मार्च को अंग्रेजी और 12 मार्च को संस्कृत की परीक्षा होगी।

इसके बाद 15 मार्च को विज्ञान तथा 18 मार्च को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

परीक्षा का समय और महत्वपूर्ण निर्देश

मंडल द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होंगी। विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर परीक्षा प्रारंभ होने से निर्धारित समय पूर्व पहुंचना होगा। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से पहले अपने प्रवेश पत्र और मंडल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी अवश्य जांच लें।

MP Board Exam Time Table 2027 की पूरी जानकारी ऊपर जारी आधिकारिक समय-सारणी में देखी जा सकती है।

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सीएम डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा, पाल-गड़रिया समाज का बोर्ड जल्द होगा गठित

सीएम डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा, जल्द गठित होगा पाल-गड़रिया समाज का बोर्ड


तीनबत्ती न्यूज| 13 अगस्त 2026

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर स्मृति समारोह में बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जल्द ही पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड का गठन किया जाएगा, ताकि समाज के लोगों को समुचित प्रतिनिधित्व और कल्याणकारी योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सके।

कार्यक्रम का आयोजन लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 231वीं पुण्यतिथि के अवसर पर किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और लोकमाता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।



लोकमाता के सुशासन को किया याद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर मालवा की ऐसी महान शासिका थीं, जिनके योगदान से मध्यप्रदेश और देश गौरवान्वित होता है। उन्होंने अपने शासनकाल में सुशासन, न्याय, सेवा और जनकल्याण के नए प्रतिमान स्थापित किए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेकर सेवा, सुशासन, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। सरकार द्वारा राजवाड़ा में कैबिनेट बैठक आयोजित कर लोकमाता को स्मरण किया जाना भी इसी भावना का प्रतीक है।

पाल-गड़रिया समाज के लिए बोर्ड का गठन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मूलमंत्र के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पाल-गड़रिया समाज गोपाल कृष्ण के वंशज हैं और समाज के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार शीघ्र ही पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड का गठन करेगी, जिससे समाज के लोगों को समुचित प्रतिनिधित्व मिल सकेगा। सरकार समाज के सुख-दुख और कल्याण के लिए सदैव तत्पर है।

दूध उत्पादन और पशुपालन को मिलेगा बढ़ावा


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के लिए दूध उत्पादन और पशुपालन को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि पशुपालन से जुड़े परिवारों की आय बढ़े और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके।



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एमपी में एनालॉग पनीर पर लगेगा बैन, सीएम मोहन यादव का फैसला

एमपी में एनालॉग पनीर पर लगेगा बैन, सीएम मोहन यादव ने दिए खाद्य सुरक्षा के सख्त निर्देश


तीनबत्ती न्यूज: 12 अगस्त, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री और उत्पादन पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सीएम डॉ. मोहन ने एमपी में बैन किया एनालॉग पनीर

मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर बैन लग गया है। इस तरह का पनीर बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्य में प्राकृतिक पनीर को ही प्रोत्साहित करेंगे। एनालॉग पनीर की बिक्री जैसी गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को मीडिया से कहा कि हमने ये निर्णय किया है कि मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री को हतोत्साहित करेंगे। इस पर प्रतिबंध लगाएंगे। देश के अन्य राज्यों में भी इस पर प्रतिबंध लगाया गया है। हमारे यहां प्राकृतिक दूध के उत्पाद हैं हम प्राकृतिक पनीर बनाएंगे। हम इन उत्पादों के बलबूते पर राज्य की पहचान बनाएंगे। 

बिल्कुल बढ़ावा नहीं देंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम दूध का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में आगे चल रहे हैं। एनालॉग पनीर की बिक्री जैसी गतिविधियों को हम बढ़ावा नहीं देंगे।सरकार के अनुसार बाजार में दूध से बने पारंपरिक पनीर के स्थान पर सस्ते एनालॉग पनीर का इस्तेमाल बढ़ रहा है। एनालॉग पनीर में दूध के अलावा वनस्पति तेल, मिल्क पाउडर, प्रोटीन, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।

होटल, मिठाई दुकानों और डेयरी में होगी जांच

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें होटल, मिठाई की दुकानों, डेयरी, रेस्टोरेंट और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स में जांच अभियान चला सकती हैं। जांच के दौरान एनालॉग पनीर पाए जाने पर नमूने लिए जाएंगे और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की लेबलिंग और उपभोक्ता जागरूकता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।


क्या होता है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर को आम तौर पर असली पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है। यह पारंपरिक तरीके से केवल दूध को फाड़कर तैयार किए गए पनीर से अलग होता है।

इसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री में वनस्पति या पाम ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, सोया प्रोटीन, केसिन, स्टार्च, इमल्सीफायर और स्टेबलाइजर जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। खाद्य उद्योग में इसका इस्तेमाल कुछ फास्ट फूड, फ्रोजन फूड और अन्य तैयार खाद्य पदार्थों में किया जाता है।

असली पनीर और एनालॉग पनीर में अंतर

असली पनीर: दूध से तैयार किया जाता है और इसमें दूध से मिलने वाला प्रोटीन, वसा और कैल्शियम प्रमुख पोषक तत्व होते हैं।

एनालॉग पनीर: दूध के अलावा अन्य वसा और खाद्य सामग्री से तैयार किया जा सकता है। इसकी पोषण संरचना इस्तेमाल की गई सामग्री पर निर्भर करती है।

उपभोक्ताओं को पैकेट पर दिए गए लेबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए। यदि किसी उत्पाद पर “Paneer Analogue”, “Imitation Paneer” या इसी तरह की जानकारी लिखी हो तो उसे पारंपरिक दूध से बने पनीर से अलग समझना चाहिए।


उपभोक्ताओं को क्या सावधानी रखनी चाहिए?


पनीर खरीदते समय पैकेट पर उत्पाद की सामग्री, लेबल और निर्माता की जानकारी जरूर देखें। खुले में बिकने वाले पनीर की गुणवत्ता को लेकर भी उपभोक्ताओं को सावधानी बरतनी चाहिए।

सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।



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सागर में एयरपोर्ट की तैयारी तेज, 10 उन्नत एयर स्ट्रिप्स में शामिल

सागर में एयरपोर्ट की तैयारी तेज, 10 उन्नत एयर स्ट्रिप्स में शामिल



तीनबत्ती न्यूज: 10 अगस्त, 2026

सागर। सागर में एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद बढ़ी है। विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश की 10 उन्नत एयर स्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसमें सागर भी शामिल है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू के भोपाल प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने और उन्नत एयर स्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में विकसित करने को लेकर चर्चा हुई। प्रस्तावित सूची में सागर के अलावा सिंगरौली, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं।

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वर्तमान हवाई पट्टी का विस्तार मुश्किल

विधायक जैन के अनुसार सागर की वर्तमान हवाई पट्टी के आसपास पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण इसका एयरपोर्ट के रूप में विस्तार कठिन है। इसी वजह से नए एयरपोर्ट के लिए वैकल्पिक और पर्याप्त भूमि की तलाश की जा रही है।उन्होंने बताया कि विमानन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला से भी इस संबंध में चर्चा की गई है। पर्याप्त भूमि उपलब्ध होते ही सागर में एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

विधायक जैन ने कहा कि सागर में आधुनिक एयरपोर्ट बनने से व्यापार, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा और निवेश को नई गति मिलेगी। बुंदेलखंड के महत्वपूर्ण केंद्र सागर को देश के प्रमुख शहरों से बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलने से क्षेत्र के आर्थिक और रोजगार विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से सागर में एयरपोर्ट के विकास के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। पर्याप्त भूमि की उपलब्धता इस परियोजना को आगे बढ़ाने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होगी।


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मध्यप्रदेश पुलिस में 27,534 पदोन्नति, CM मोहन यादव ने बांटे नियुक्ति पत्र

पुलिस की पदोन्नति पर जवानों ने जताया सीएम डॉ. मोहन यादव का आभार, मुख्यमंत्री बोले- सरकार आपके परिवार के लिए सबकुछ करेगी


तीनबत्ती न्यूज:10 अगस्त 2026

सागर। मध्यप्रदेश पुलिस में लंबे समय से लंबित पदोन्नति और नई भर्तियों को लेकर भोपाल के रवींद्र भवन में सोमवार को आभार प्रदर्शन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवीन भर्ती में चयनित पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए और पदोन्नत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बैज लगाए।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस की खाकी वर्दी प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के विश्वास, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभाएं, सरकार उनके परिवार के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने चंबल अंचल से दस्यु समस्या खत्म करने और प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को उनकी सेवाओं और उपलब्धियों के लिए बधाई दी।

पुलिस के 58 संवर्गों में 27,534 को पदोन्नति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27,534 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया लागू होने में समय लगने के कारण करीब 20 हजार पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त भी हो गए।उन्होंने बताया कि 30 रक्षित निरीक्षकों को उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदोन्नति मिली है।

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खंडवा में बनेगी नई पुलिस बटालियन


मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि खंडवा जिले में नई पुलिस बटालियन की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के रूप में तीन नई बटालियन बनाई जाएंगी। इनमें अति पिछड़े वर्गों के साथ बैगा, भारिया और सहरिया वर्ग की कंपनियां शामिल होंगी।



दो साल में पूरी होगी लंबित पुलिस भर्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14,704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एएसएल की भर्ती प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है।वर्ष 2026 में विभिन्न पदों पर 9,751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। सरकार का प्रयास है कि आगामी दो वर्षों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के लंबित पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाए।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है।

नक्सलवाद के खिलाफ हॉक फोर्स की अहम भूमिका

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस सभी चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने में पुलिस की हॉक फोर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उन्होंने बताया कि हॉक फोर्स में 325 पद और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पदों पर भर्ती की गई है। पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक नई नियुक्तियां हुई हैं।

डीजीपी ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना है। नई भर्ती के बाद प्रशिक्षण प्राप्त पुलिस बल सिंहस्थ ड्यूटी के लिए उपलब्ध रहेगा।

पदोन्नति से बढ़ा पुलिसकर्मियों का मनोबल

कार्यक्रम में पदोन्नत डीएसपी दीपिका शिंदे ने कहा कि कई पुलिसकर्मी दो दशक से सेवा दे रहे हैं और उनकी पदोन्नति उनके परिवार के सपनों से भी जुड़ी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्णय को पुलिसकर्मियों के लिए सम्मान बताया।

निरीक्षक रीना चौहान ने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से उनके परिवार के तीन सदस्यों को इसका लाभ मिला है। प्रशिक्षु डीएसपी विनय कुमार डहरवाल ने भी पुलिस सेवा के प्रति अपने संकल्प को व्यक्त किया।नवीन भर्ती में चयनित आस्था शर्मा ने कहा कि बचपन से खाकी वर्दी पहनना उनका सपना था और शादी तथा बच्चों के बाद पुलिस विभाग में चयन होना उनके लिए गौरव की बात है।

ये रहे शामिल

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला, स्पेशल डीजी सीआईडी पंकज श्रीवास्तव, आईजी एडमिन हरिनारायणचारी मिश्र सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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अगले दो महीने में प्रारंभ होगी भोपाल से शारजाह तक डायरेक्ट इंटरनेशनल फ्लाइट : सीएम डॉ. यादव • अगले दस साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाएंगे : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री नायडू • मध्यप्रदेश में जल्द ही बनेंगे पांच नए एयरपोर्ट: चार नई सीधी उड़ानों का हुआ शुभारंभ

अगले दो महीने में प्रारंभ होगी भोपाल से शारजाह तक डायरेक्ट इंटरनेशनल फ्लाइट : सीएम डॉ. यादव

• अगले दस साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाएंगे : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री नायडू

• मध्यप्रदेश में जल्द ही बनेंगे पांच नए एयरपोर्ट: चार नई सीधी उड़ानों का हुआ शुभारंभ



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखा


तीनबत्ती न्यूज: 09 अगस्त ,2026

भोपाल: मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में रविवार को एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू के साथ मध्यप्रदेश में चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर इनका शुभारंभ किया। भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता सीधी हवाई सेवाओं से प्रदेश के विंध्य और महाकौशल अंचल को राजधानी भोपाल तथा पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता एवं पटना से सीधा हवाई संपर्क मिला है। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने भोपाल से रीवा तक जाने वाली अलायन्स एयर की नवप्रारंभ फ्लाइट के यात्रियों को बोर्डिंग पास भी वितरित किए। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल से रीवा की इसी फ्लाइट में बैठकर रीवा के लिए रवाना हुए।

पांच नए एयरपोर्ट मिले


चार नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ अवसर पर राजा भोज विमानतल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार का “ऐतिहासिक दिन” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज मध्यप्रदेश के विकास और नागरिक सुविधाओं को नए पंख लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपालवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अगले दो महीने के भीतर भोपाल से शारजाह तक सीधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा प्रारंभ कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए तेजी से काम कर रही है। बीते तीन साल में ही प्रदेश में रीवा, सतना और दतिया के रूप में तीन नए एयरपोर्ट प्रारंभ हो गए हैं। उज्जैन और शिवपुरी में भी नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट्स बनाने की मंजूरी दे दी है। इसमें सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो साल में ही दस से अधिक रूट पर हवाई सेवाएं प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हवाई कनेक्टिविटी का लाभ प्रदेश के सभी अंचलों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में ही एयर एम्बुलेंस सर्विस प्रारंभ हुई है। राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई हेली सेवा प्रतिदिन चल रही हैं और इसमें पच्चयानवें प्रतिशत आकोपेंसी दर्ज की गई है।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय प्रदेश में हवाई सेवाएं सीमित थीं और सुविधाएं नगण्य थीं, लेकिन आज एक साथ चार नई उड़ानों का शुरू होना बदलते मध्यप्रदेश और बदलते भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं का सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में सामने आएगा। भोपाल-रीवा के बीच सप्ताह में चार दिन, जबकि भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता के बीच सप्ताह में तीन दिन उड़ानें संचालित होंगी। वर्तमान में इन शहरों के बीच सड़क अथवा रेल मार्ग से यात्रा में कई घंटे तक लगते हैं, जबकि सीधी हवाई सेवा से यही दूरी महज दो से ढाई घंटे में ही तय की जा सकेगी।

दस महीनों में बढी सुविधाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का हृदय स्थल होने के साथ विभिन्न राज्यों की कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि इन सीधी उड़ानों के प्रारंभ होने से उद्योगपतियों, व्यापारियों और पर्यटकों के समय तथा धन दोनों की बचत होगी। साथ ही रीवा और जबलपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों का कोलकाता से सीधा जुड़ाव स्थानीय उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए बड़े बाजारों के द्वार भी खोलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच महज दस महीनों में प्रदेश में आठ नए हवाई मार्गों पर सेवाएं शुरू हुई हैं, जिनमें इंदौर-अबूधाबी अंतर्राष्ट्रीय उड़ान भी शामिल है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं का विस्तार केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को गति देने वाला आधारभूत ढांचा है। मध्यप्रदेश की ‘नागर विमानन नीति 2025’ के अंतर्गत राज्य सरकार हवाई सेवाओं को समर्थन दे रही है। किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए इंदौर, भोपाल और जबलपुर एयरपोर्ट को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया है। वहीं विमानन क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए कोर्स फीस का 60 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से प्रांरभ हुई सीधी हवाई सेवाएं “विकसित मध्यप्रदेश” की आधारभूत संरचना को और भी मजबूत करेगी।


2036 तक हवाई सेवाओं के विकास-विस्तार पर 29 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी केंद्र सरकार




केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सिविल एविएशन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2016 में ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के संकल्प के साथ छोटे शहरों और आम नागरिकों तक हवाई सेवाओं की पहुंच बढ़ाई गई। पिछले वर्षों में देश में करीब 90 नए एयरपोर्ट विकसित हुए हैं और विमानों के बेड़े और हवाई यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। एयरपोर्ट के आसपास रियल एस्टेट, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती हैं और रोजगार के अवसर सृजित होते हैं।


केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिविल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हुआ है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में सुविधाओं के विस्तार के साथ सतना, दतिया और रीवा में नए एयरपोर्ट विकसित किए गए हैं। कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश की सिविल एविएशन पॉलिसी प्रभावी है और देश की राज्यों की विमानन नीतियों में इसे सर्वश्रेष्ठ नीतियों में माना जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप इंदौर से अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी और रीवा-कोलकाता, रीवा-पटना, जबलपुर-कोलकाता और भोपाल-रीवा जैसे नए हवाई मार्ग शुरू हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य शहरों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। प्रदेश की लगभग दस हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट में परिवर्तित करने और कुछ शहरों में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। श्री नायडू ने कहा कि ‘उड़ान’ योजना को अगले दस वर्षों के लिए विस्तारित किया गया है और इसके लिए केंद्र सरकार ने लगभग 29 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे नए एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को गति मिलेगी। ‘उड़ान’ योजना, मध्यप्रदेश की एविएशन पॉलिसी और प्रदेशवासियों के सहयोग से मध्यप्रदेश को सिविल एविएशन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।



केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने कहा कि सिविल एविएशन क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसरों का महत्वपूर्ण क्षेत्र बन रहा है।नए एयरपोर्ट और बढ़ती विमानन गतिविधियों से रोजगार की संभावनाएं और बढ़ेंगी।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का विजन हर 150 किलोमीटर पर एक एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलिपोर्ट विकसित करने का है। केंद्र सरकार इस दिशा में मध्यप्रदेश को पूरा सहयोग देगी। आज प्रारंभ हो रही नई हवाई सेवाएं एक नई शुरुआत हैं और आने वाले समय में प्रदेश को और अधिक शहरों एवं गंतव्यों से हवाई सेवाओं के माध्यम से जोड़ा जाएगा।


उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए दूरदर्शी स्टेट एविएशन पॉलिसी- 2025 तैयार की गई है। इसके माध्यम से प्रदेश के छोटे शहरों को प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य तेजी से हो रहा है। विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र के लिए नई हवाई सेवाओं का विस्तार विकास की नई संभावनाओं को गति देगा। रीवा से दिल्ली, इंदौर और रायपुर की सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं तथा अब रीवा को भोपाल और कोलकाता से जोड़ने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सुदृढ़ होगी। सिंगरौली देश के प्रमुख पावर हब में शामिल है। क्षेत्र में तीन राष्ट्रीय उद्यान तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकूट भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़ी महत्वपूर्ण पवित्र भूमि है। हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से इन संभावनाओं को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि एटीआर-72 जैसे विमानों के संचालन के लिए वित्तीय सहयोग की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच से स्टेट एविएशन पॉलिसी तैयार की गई, जिसकी विमानन क्षेत्र में सराहना हो रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि रीवा-भोपाल हवाई सेवा का किराया लगभग 2,700 रुपये तथा डायनेमिक फेयर में अधिकतम 3,500 रुपये निर्धारित किया गया है। रीवा-कोलकाता सेवा के किराये की कैपिंग लगभग 5,300 रुपये रखी गई है। इससे हवाई यात्रा आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ होगी।उन्होंने कहा कि भोपाल से पटना होते हुए कोलकाता, भोपाल से रीवा तथा अन्य शहरों के लिए कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से विशेषकर विंध्य क्षेत्र को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य निरंतर आगे बढ़ेगा।


केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष 2016 से ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 शहरों और दूर-दराज के क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 4 जुलाई को ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना का शुभारंभ किया है। आगामी दस वर्षों में इस योजना से छोटे शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ने को नई गति मिलेगी। केंद्रीय सचिव श्री सिन्हा ने कहा कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध एयरस्ट्रिप्स को चिन्हित कर एयरपोर्ट विकसित करने और हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय राज्य सरकार के साथ समन्वय से कार्य करेंगे। मध्यप्रदेश में एयरस्ट्रिप और टर्मिनल उपलब्ध होने के बावजूद जहां विमानों की सीमित संख्या के कारण सेवाएं प्रारंभ नहीं हो पाई हैं, ऐसे क्षेत्रों को भी ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना के माध्यम से कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अलायंस एयर के माध्यम से नई हवाई सेवाओं की शुरुआत हो रही है। इंडिगो, अलायंस एयर, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया सहित विभिन्न एयरलाइंस द्वारा नए विमानों के ऑर्डर दिए गए हैं, जिससे भविष्य में हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं मजबूत होंगी। ‘उड़ान’ योजना के बाद फ्लाई 91, स्टार एयर सहित क्षेत्रीय एयरलाइंस का विस्तार भी हुआ है। मध्यप्रदेश ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र की भौगोलिक आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। केंद्र सरकार, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, अलायंस एयर और अन्य एयरलाइंस के सहयोग से प्रदेश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।


अपर मुख्य सचिव, विमानन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन में मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बीते एक साल में प्रदेश के सात शहरों से नई हवाई सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश की विमानन नीति के अंतर्गत इंदौर से अबू धाबी के लिए अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा भी प्रारंभ की गई है। श्री शुक्ला ने बताया कि इसी क्रम में आज से चार नई हवाई सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं।


चार नए हवाई मार्गों से मजबूत होगी प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी


आज शुभारंभ होने वाली चारों नई हवाई सेवाएं मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत वित्त पोषित हैं। सभी घरेलू हवाई मार्गों पर प्रत्येक राउंड ट्रिप के लिए राज्य शासन द्वारा 10 लाख रुपये तक की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) सहायता दी जाएगी। इन चारों सेवाओं का संचालन अलायंस एयर द्वारा किया जाएगा। भोपाल-रीवा हवाई सेवा सप्ताह में चार दिन मंगलवार, गुरुवार, शनिवार एवं रविवार को, भोपाल-पटना सेवा सोमवार, बुधवार एवं रविवार को तथा रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता हवाई सेवाएं मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को संचालित होंगी। भोपाल-पटना सीधी हवाई सेवा से मध्यप्रदेश की राजधानी बिहार की राजधानी पटना से जुड़ेगी, जबकि भोपाल-रीवा सेवा से प्रदेश की राजधानी की विंध्य क्षेत्र से सीधी हवाई कनेक्टिविटी स्थापित होगी। रीवा और जबलपुर से कोलकाता की सीधी कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। चारों नवीन हवाई सेवाओं से पर्यटन, व्यापार एवं शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।


सीधी हवाई सेवाओं से यात्रा का समय होगा कम


सीधी हवाई कनेक्टिविटी से यात्रियों के यात्रा समय में कमी आएगी। भोपाल-रीवा की यात्रा में जहां रेल मार्ग से लगभग 10 घंटे लगते हैं, वहीं हवाई यात्रा से यह समय लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा। भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता की यात्रा में रेल मार्ग से लगभग 22 घंटे की तुलना में हवाई यात्रा लगभग 2 घंटे में पूरी होगी। जबलपुर-कोलकाता की यात्रा भी रेल मार्ग के लगभग 22 घंटे की तुलना में लगभग 2.5 घंटे में पूरी होगी। इस प्रकार भोपाल-रीवा मार्ग पर लगभग 8.5 घंटे, भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता मार्ग पर लगभग 20-20 घंटे और जबलपुर-कोलकाता मार्ग पर लगभग 19.5 घंटे की समय बचत होगी।


किफायती किराए से यात्रियों को मिलेगा लाभ


सीधी हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में इन रूट्स पर हवाई यात्रा का किराया लगभग 8 से 10 हजार रुपये होता था तथा यात्रियों को दिल्ली जाकर फ्लाइट बदलनी पड़ती थी। नवीन सीधी सेवाओं से किराया कम होकर लगभग 3,200 से 4,500 रुपये के बीच रहेगा। भोपाल-रीवा का किराया लगभग 3,500 रुपये, भोपाल-पटना 4,500 रुपये, रीवा-कोलकाता 3,200 रुपये और जबलपुर-कोलकाता 4,500 रुपये रहेगा। नवीन चार रूट्स के प्रारंभ होने से प्रदेश की विमानन नीति में एयरलाइंस के विश्वास को भी बल मिला है।

ये रहे शामिल

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, आयुक्त विमानन विभाग श्री चंद्रमौली शुक्ला, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मेंबर (प्लानिंग) श्री अनिल कुमार गुप्ता, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक, पश्चिमी क्षेत्र श्री एच. पुल्ला, अलायंस एयर के अध्यक्ष श्री अमित कुमार, अलायंस एयर के सीईओ श्री राजर्षि सेन, अलायंस एयर के डिप्टी सीसीओ श्री विनीत भल्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं भोपाल से रीवा फ्लाइट में जाने वाले यात्रीगण उपस्थित थे।

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10वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (SAF), सागर की QRF कंपनी दमोह स्थित प्रसिद्ध बांदकपुर मंदिर में कानून-व्यवस्था की ड्यूटी संभालने के लिए रवाना हो रही थी। जैसे ही जवानों की गाड़ियां मकरोनिया-गुड़ा रेलवे फाटक के पास पहुंचीं, उन्होंने देखा कि एक भारी मालवाहक ट्रक ट्रैक के बीचों-बीच फंसा हुआ है। चालक उसे चालू करने की नाकाम कोशिश कर रहा था और ट्रैक पर ट्रेन के आने का खतरा सिर पर मंडरा रहा था।

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खतरे और समय की कमी को भांपते हुए QRF के जवानों ने एक सेकंड भी जाया नहीं किया। भारी-भरकम और सामान से लदे ट्रक को हटाना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन जवानों ने मोर्चा संभाला और सामूहिक ताकत से ट्रक को धक्का लगाना शुरू कर दिया।

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तीनबत्ती न्यूज: 09 अगस्त, 2026

मुरैना। मध्य प्रदेश सागर : मध्यप्रदेश में  सरकारी शिक्षा व्यवस्था भाड़े पर है। ताजा मामला मुरैना जिले से सामने आया है। मुरैना जिले में शिक्षा व्यवस्था की एक बेहद गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। शनिवार, 8 अगस्त को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) बीएस इंदौलिया ने कैलारस विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल का औचक निरीक्षण किया, जहां बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं।

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सागर में भी थे किराए के शिक्षक पढ़ने क्लिक करे

सागर में स्कूल में किराए पर पढ़ाई कराने वाले शिक्षको और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर एक्शन ▪️डीईओ ,डीपीसी, बीईओ, संकुल प्राचार्य को कारण बताओं नोटिस ▪️तीन जन शिक्षक , पांच शिक्षक निलंबित ▪️अपने स्थान पर अन्य किराए के शिक्षक को नियुक्त करने का मामला

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SAGAR: सरकारी स्कूलों में भाड़े के शिक्षक रखने वाले पांच शिक्षक सेवा से बर्खास्त : कलेक्टर ने की कार्यवाही

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SAGAR : भाड़े पर शिक्षक मामले में एक बीआरसी और दो विकासखंड शिक्षा अधिकारी को कमिश्नर सागर ने किया सस्पेंड ▪️तीन जन शिक्षक और पांच शिक्षक पहले हो चुके है सस्पेंड

हाजिरी लगाकर गायब होते थे हेडमास्टर

निरीक्षण के दौरान स्कूल के हेडमास्टर अमर लाल रावत गैरहाजिर मिले। जांच में सामने आया कि हेडमास्टर साहब स्कूल में केवल अपनी हाजिरी (अटेंडेंस) लगाने आते थे और उसके बाद वहां से चले जाते थे।


(डीईओ के साथ प्राईवेट शिक्षक)

4,500 रुपये में किराए पर रखी थी प्राइवेट शिक्षिका

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार हेडमास्टर को बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रतिमाह 65 हजार रुपये का वेतन मिलता है। हालांकि, उन्होंने खुद पढ़ाने के बजाय बच्चों को पढ़ाने के लिए एक निजी महिला शिक्षिका को रखा हुआ था, जिसे वे अपने पास से महज 4,500 रुपये महीना देते थे।

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स्कूल पर नहीं लगा था साइन बोर्ड

निरीक्षण में DEO को स्कूल भवन पर कोई साइन बोर्ड भी नहीं लगा मिला। स्थिति यह थी कि बाहर से देखकर यह पहचान पाना भी मुश्किल था कि उस भवन में कोई शासकीय प्राथमिक स्कूल संचालित हो रहा है।

DEO ने बनाया वीडियो, कारण बताओ नोटिस जारी

जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया ने मौके की स्थिति का खुद वीडियो बनाया और मामले को गंभीरता से लेते हुए हेडमास्टर अमर लाल रावत को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है।

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