किसानों के साथ 'क्रूर विश्वासघात' के खिलाफ 9 अप्रैल को कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन : जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर कार्यालयों का घेराव
तीनबत्ती न्यूज: 07अप्रैल, 2026
सागर: मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर आगामी 9 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों की बदहाली और सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करेंगे। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आवाहन पर जिला कांग्रेस कमेटी शहर और ग्रामीण के संयुक्त प्रावधान में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। प्रदेश कांग्रेस द्वारा अधिकृत पूर्व विधायक सुनील जैन, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा,जिला शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेश जाटव,पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी, जिला संगठन मंत्री ग्रामीण आशीष ज्योतिषी जिला संगठन मंत्री शहर रामकुमार पचौरी कांग्रेस नेता अमित रामजी दुबे, प्रवक्ता कमलेश तिवारी ने पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।
पूर्व विधायक सुनील जैन ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर किसानों को बिचौलियों के हवाले करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ₹2700 का वादा और ₹40 का मज़ाक:* किया जा रहा। विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने ₹2700 प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का लोकलुभावन वादा किया था, लेकिन सत्ता में आते ही सरकार ने मात्र ₹40 का बोनस देकर किसानों के साथ 'ऊंट के मुंह में जीरा' वाला व्यवहार किया है। पड़ोसी राज्य राजस्थान में ₹150 बोनस दिया जा रहा है, जबकि मध्यप्रदेश का किसान अपने हक के लिए भटक रहा है।
जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा ने कहा खरीदी में जानबूझकर देरी की जा रहीं है, यह बिचौलियों को लाभ पहुँचाने की साजिश:है * सरकार ने खरीदी की तारीखों को तीन बार आगे बढ़ाया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में 10 अप्रैल और अन्य संभागों में 15 अप्रैल से खरीदी का निर्णय केवल इसलिए लिया गया है ताकि किसान घबराकर अपनी फसल कम दामों में व्यापारियों को बेच दे। केंद्र ने 160 लाख टन पंजीकरण के मुकाबले केवल 78 लाख टन खरीदी की सीमा तय कर किसानों की कमर तोड़ दी है।
वारदाने की कमी
पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि बारदाने' की कमी का हास्यास्पद बहाना बना रहीं है सरकार :* सरकार जूट बैग (बारदाने) की कमी के लिए ईरान-इजरायल युद्ध का बहाना बना रही है। सुनील जैन ने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा जूट उत्पादक है। संकट युद्ध से नहीं, बल्कि सरकार की अकर्मण्यता से है; 10 करोड़ बारदानों की जरूरत थी, लेकिन सरकार ने समय पर केवल 2.60 करोड़ के लिए आवेदन किया ।
ओलावृष्टि से तबाही और मुआवजे का अभाव:
1 अप्रैल को हुई भीषण ओलावृष्टि से सीहोर, विदिशा सहित 17 जिलों में फसलें बर्बाद हो गईं। मंडियों में हजारों क्विंटल गेहूं खुले में भीग गया। CAG की रिपोर्ट बताती है कि किसानों के लिए निर्धारित 50% राशि सरकार ने खर्च ही नहीं की, जबकि प्रदेश में कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की आत्महत्या के आंकड़े (दो साल में 1,229 किसान) डरावने हैं।
पत्रकार वार्ता में निम्न बिंदुओं पर भी चर्चाएं की गई जिसमें
कांग्रेस की प्रमुख मांगें: तत्काल सर्वे एवं मुआवजा, ओलावृष्टि से हुए नुकसान के लिए ₹50,000 प्रति हेक्टेयर की दर से तत्काल राहत राशि दी जाए।
वादा निभाओ: गेहूं की खरीदी तुरंत शुरू कर ₹2700 प्रति क्विंटल का चुनावी वादा पूरा किया जाए।
ब्याज माफी : खरीदी में देरी के कारण जो किसान 31 मार्च तक कर्ज नहीं चुका पाए और डिफॉल्टर हो गए, उनका दंडात्मक ब्याज माफ किया जाए।
चेतावनी और अल्टीमेटम:
प्रदेश कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि मंडियों में बारदाने के पुख्ता इंतजाम और तुरंत खरीदी शुरू नहीं की गई, तो कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेशभर में उग्र प्रदर्शन करेंगे और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल निवास के समक्ष उपवास पर बैठेंगे।
इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष हेमराज रजक, आनंद हेला, महेश अहिरवार आदि उपस्थित थे।







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