नेत्रदान और देहदान से सागर के दो परिवारों ने पेश की मिसाल, बीएमसी में 13वां देहदान संपन्न
तीनबत्ती न्यूज, 8 सितंबर 2026
सागर। बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (बीएमसी) सागर में नेत्रदान और देहदान के दो अनुकरणीय मामले सामने आए हैं। शोक की घड़ी में दो परिवारों ने मानवीय संवेदना और समाजसेवा का परिचय देते हुए नेत्रदान एवं देहदान का निर्णय लिया। एक ओर बाहुबली कॉलोनी निवासी 90 वर्षीय शांति बाई जैन के निधन के बाद परिजनों ने नेत्रदान कराया, वहीं दूसरी ओर गोपालगंज निवासी 62 वर्षीय स्व. अनीता जैन का पार्थिव शरीर चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के लिए बीएमसी को समर्पित किया गया।
शांति बाई जैन के निधन के बाद हुआ नेत्रदान
बाहुबली कॉलोनी स्थित शांति सदन निवासी श्रीमती शांति बाई जैन का 3 सितंबर 2026 को उनके निवास पर निधन हो गया था। निधन के बाद परिजनों ने डॉ. आजाद जैन के माध्यम से बीएमसी के नेत्र रोग विभाग से संपर्क किया। विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे के निर्देशन में आई बैंक की टीम तत्काल उनके निवास पर पहुंची। आवश्यक जांच और परिजनों की सहमति के बाद सावधानीपूर्वक कॉर्निया सुरक्षित प्राप्त किया गया। जांच के बाद कॉर्निया को सुरक्षित रूप से आई बैंक में रखा गया।
डॉ. प्रवीण खरे ने इस पुनीत कार्य के लिए दिवंगत के परिजनों जिनेंद्र जैन, नरेंद्र जैन, मनोज जैन, देवेंद्र जैन एवं रामवती जैन के प्रति आभार व्यक्त किया। नेत्रदान की प्रक्रिया में डॉ. नीलम, डॉ. शिवानी, डॉ. सौम्या, डॉ. हर्षिता, नर्सिंग स्टाफ राम-लखन एवं पैरामेडिकल स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अनीता जैन का देहदान, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सम्मान
इसी क्रम में 8 सितंबर को गोपालगंज निवासी स्व. श्रीमती अनीता जैन के निधन के बाद उनके परिजनों ने उनका पार्थिव शरीर चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के लिए बीएमसी के एनाटॉमी विभाग को समर्पित किया।
महाविद्यालय प्रशासन ने परिजनों की इच्छा के अनुरूप पार्थिव शरीर को ससम्मान स्वीकार किया। शासकीय दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की गई। बीएमसी में यह 13वां देहदान था। देहदान के अवसर पर पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया।
स्व. अनीता जैन के परिवार में उनके पति सुनील जैन तथा पुत्र अकलंक जैन एवं निकलंक जैन हैं। परिवार का निवास 170/2, गोपालगंज, सागर में है।
विधायक ने परिजनों के निर्णय की सराहना की
इस अवसर पर विधायक शैलेंद्र जैन, बीएमसी के प्रभारी अधिष्ठाता डॉ. अमर गंगवानी, अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजेश जैन, डॉ. सौरभ जैन, एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ शंकर रॉय सहित विभाग के अधिकारी एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
विधायक शैलेंद्र जैन ने अनीता जैन के परिजनों द्वारा लिए गए देहदान के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। उन्होंने परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।
बीएमसी प्रबंधन ने भी दोनों परिवारों के इस मानवीय और समाजोपयोगी योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। नेत्रदान और देहदान जैसे निर्णय न केवल जरूरतमंदों के जीवन में रोशनी ला सकते हैं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।








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