अमानक शराब पर जिला प्रशासन का कड़ा रुख: गांव-गांव चलेगा सर्वे और जन-जागरूकता अभियान : घर-घर पहुंचेगा प्रशासनिक अमला : कलेक्टर प्रतिभा पाल
तीनबत्ती न्यूज, 8 सितंबर 2026
सागर:जिले में अवैध एवं अमानक/जहरीली शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई करने तथा गांव-गांव मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
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कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राजस्व, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और पुलिस सहित मैदानी अमले को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री जगदीश गोमे, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, बंडा एसडीएम श्री संजय जैन, जनपद सीईओ सुश्री शिवानी कौरव सहित अन्य अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी मौजूद रहे।
तीन स्तरों पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने अवैध एवं अमानक शराब की रोकथाम के लिए सर्वे, जन-चौपाल और सख्त कानूनी कार्रवाई पर आधारित त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की है।
घर-घर पहुंचेगी संयुक्त टीम:
पटवारी, पंचायत सचिव, आशा/एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और कोटवार की संयुक्त टीमें गांवों में डोर-टू-डोर सर्वे करेंगी। शराब के आदी व्यक्तियों की पहचान कर उनसे संवाद किया जाएगा और नशा छोड़ने के लिए समझाइश दी जाएगी।
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संदिग्ध लोगों की होगी स्वास्थ्य स्क्रीनिंग
अमानक या जहरीली शराब के सेवन से संभावित दुष्प्रभावों को देखते हुए गांव-गांव संदिग्ध लक्षण वाले लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को ऐसे मामलों में तत्काल चिकित्सकीय जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार अमानक या विषैली शराब के सेवन के लक्षण सामान्यतः 24 से 36 घंटे के भीतर सामने आ सकते हैं। इसके मद्देनजर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। संदिग्ध लक्षण पाए जाने पर मरीज को तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
हर परिवार से एक सदस्य जन-चौपाल में होगा शामिल
जन-जागरूकता के लिए गांवों में आज से विशेष जन-चौपाल आयोजित की जाएंगी। प्रशासन द्वारा प्रत्येक परिवार की सूची तैयार कर कम से कम एक सदस्य की जन-चौपाल में सहभागिता सुनिश्चित करने की कार्ययोजना बनाई गई है। चौपालों के माध्यम से अवैध और जहरीली शराब के दुष्परिणामों तथा नशे से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
अवैध शराब मिलने पर मौके पर ही होगी कार्रवाई
जांच के दौरान कहीं भी अवैध या अमानक शराब मिलने पर उसे जब्त कर मौके पर ही विनष्ट किया जाएगा। वहीं अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री में शामिल लोगों एवं नेटवर्क की नामजद सूची तैयार कर तहसीलदार, एसडीएम और पुलिस प्रशासन को सौंपी जाएगी, ताकि संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने एसडीएम और मैदानी अमले को अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राउंड प्रेजेंस बढ़ाने और मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशामुक्ति अभियान और जनस्वास्थ्य सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग का अमला आपसी समन्वय से अभियान को प्रभावी बनाने में जुटेगा।







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